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Guest
"अब जब आपने हुकुम सुना ही दिया है तो हम कॉन होते है कुछ कहने वाले आख़िर सरकार तो आप ही हो ना" पापा बोले और हँसने लगे उनकी बात सुनकर हम सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई
"तो बेटा प्रोग्राम क्या है और कब निकलना है" पापा ने पूछा
"हमे परसो सुबह 8 बजे कॉलेज पहुँच जाना है फिर वहाँ से सभी अपनी अपनी बाइक या स्कूटी से पिक्निक स्पॉट तक जाएँगे चूँकि शहर से वहाँ तक का रोड अच्छा है इसलिए जल्दी ही वहाँ पहुच जाएँगे और फिर शाम के 5 बजे वहाँ से वापस" दीदी ने बताया
"और खाने का क्या इंतज़ाम है, कही ऐसा ना हो के तू मेरे बेटे को भूखा ही रख दे" मम्मी ने पूछा
"ऑफ...ओह्ह्ह...मम्मी आप भी ना, बहुत से रेस्टोरेंट्स है वहाँ" दीदी झुंझलाते हुए बोली
"हाँ......फिर ठीक है, चलो अब मैं खाने की तैयारी करती हूँ" कहने के साथ ही मम्मी उठ गयी और पापा भी बाहर चल दिए जबकि मैं दोनो बहनों के साथ गप्पे लड़ाने लगा लेकिन डॉली के चेहरे पर अभी भी टेन्षन सॉफ दिखाई दे रहा था थोड़ी ही देर बाद मेरा फोन बजा मैने देखा वो गुड्डू का कॉल था मैं भी कॉल अटेंड करते हुए बाहर को निकल गया
(इधर मेरे बाहर निकलने के बाद)
जैसे ही मैं बाहर निकला डॉली झट से दीदी से बोली "जहाँ तक मैं समझ रही हूँ ये तुम्हारी वोही बाय्फ्रेंड वाली स्पेशल पिक्निक है जिसके बारे मे तुमने मुझे बताया था, है ना"
"हां....." दीदी टीवी देखते बोली
"तो फिर तुम सोनू को क्यों ले जा रही हो" डॉली ने पूछा
"अब यार मेरा कोई बाय्फ्रेंड तो है नही और मेरा बहुत मन है उस पिक्निक मे जाने का इसलिए सोनू ही सही" दीदी बोली
"लेकिन आज सोनू तुम्हारे कॉलेज भी जा चुका है और तेरी सहेलिया भी उससे मिल चुकी है फिर" डॉली बोली
"लेकिन वो थोड़े ही ना जानती है कि सोनू मेरा भाई है मैने तो उन्हे ये बताया है कि सोनू मेरा बाय्फ्रेंड है" दीदी हँसते हुए बोली
"क्या....तुमने ऐसा किया" डॉली हैरत से बोली
"उस पिक्निक मे जाने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार थी फिर ये तो मामूली बात है" दीदी ने बताया
"लेकिन अब क्या करोगी, जैसा तुमने मुझे उस पिक्निक के बारे मे बताया था उस हिसाब से तो तुम फँस गई हो अब" डॉली बोली
"वो कैसे...." दीदी ने पूछा
"जब वहाँ तुम्हारी सभी सहेलिया वहाँ अपने बाय्फ्रेंड के साथ चिपकेगी, चुम्माचाटी करेगी और पता नही क्या क्या करेगी तब तुम क्या करोगी" डॉली बोली
"देख यार उन्हे दिखाने के लिए मैं भी सोनू से चिपकी रहूंगी और एक आध किस भी हो गया तो क्या फरक पड़ता है" दीदी ने जवाब दिया
"क्या...तुम अपने भाई के साथ ही किस करोगी" डॉली उसका जवाब सुनकर हक्का बक्का हो गई थी
"अरे किस की ही तो बात है मैं कॉन सा उसके साथ सेक्स कर रही हूँ और वैसे भी इन सात सालो ने दूरिया इतनी बढ़ा दी है कि उसके साथ भाई वाली फीलिंग ही नही आती" दी बोली
"लेकिन फिर भी वो अपना भाई है" डॉली बोली
"फ़र्ज़ कर डॉली कि अगर सोनू गाओं आने से पहले कुछ दिन शहर मे रुकता और हमारी उससे पहचान नही होती और मैं यूँ ही उससे अजनाबियो जैसे मिलती और फिर हम दोनो मे कुछ हो जाता तो और वैसे भी वो इतना हॅंडसम है कि कोई भी लड़की उसे मना नही कर सकती, फिर" दीदी बोली
दीदी की बात सुनकर डॉली थोड़ी देर सोचती रही वो असमंजस मे पड़ी हुई थी फिर बोली "वैसे क्या होता या ऐसे क्या होता ये सब मुझे नही पता लेकिन शायद तुम अच्छा नही कर रही हो कल तुम्हारी सहेलियों को मालूम पड़ गया की सोनू और तुम भाई बहन हो तो फिर तुम्हारी हालत क्या होगी" डॉली बोली
अब सोचने की बारी दीदी की थी
"कल का कल से देखा जाएगा अभी तो मुझे उस पिक्निक मे जाना है वैसे मुझे पूरा यकीन है कि उनमे से किसी को कभी भी पता नही चलेगा
कि सोनू मेरा भाई है" आख़िर मे दीदी बोली
दीदी की बात सुनकर डॉली ने हार मानने वाले अंदाज़ मे अपने कंधे झुका लिए और बोली "ठीक है लेकिन ये
याद रखना कि सोनू हमारा भाई है कही ऐसा ना हो कि वहाँ के मस्ती भरे महॉल मे बहक कर तुम सारी हदे तोड़ दो"
"तुझे क्या लगता है कि मैं ऐसा कर सकती हूँ?" दीदी ने पूछा
"नही- नही मुझे पता है कि तुम ऐसा नही कर सकती मैं तो बस बता रही थी" डॉली हड़बड़ाते हुए बोली
और तभी मैं वहाँ आ गया जिससे इन दोनो ने टॉपिक ही चेंज कर लिया और एक बार फिर हम गपशप मे बिज़ी हो गये...........
"तो बेटा प्रोग्राम क्या है और कब निकलना है" पापा ने पूछा
"हमे परसो सुबह 8 बजे कॉलेज पहुँच जाना है फिर वहाँ से सभी अपनी अपनी बाइक या स्कूटी से पिक्निक स्पॉट तक जाएँगे चूँकि शहर से वहाँ तक का रोड अच्छा है इसलिए जल्दी ही वहाँ पहुच जाएँगे और फिर शाम के 5 बजे वहाँ से वापस" दीदी ने बताया
"और खाने का क्या इंतज़ाम है, कही ऐसा ना हो के तू मेरे बेटे को भूखा ही रख दे" मम्मी ने पूछा
"ऑफ...ओह्ह्ह...मम्मी आप भी ना, बहुत से रेस्टोरेंट्स है वहाँ" दीदी झुंझलाते हुए बोली
"हाँ......फिर ठीक है, चलो अब मैं खाने की तैयारी करती हूँ" कहने के साथ ही मम्मी उठ गयी और पापा भी बाहर चल दिए जबकि मैं दोनो बहनों के साथ गप्पे लड़ाने लगा लेकिन डॉली के चेहरे पर अभी भी टेन्षन सॉफ दिखाई दे रहा था थोड़ी ही देर बाद मेरा फोन बजा मैने देखा वो गुड्डू का कॉल था मैं भी कॉल अटेंड करते हुए बाहर को निकल गया
(इधर मेरे बाहर निकलने के बाद)
जैसे ही मैं बाहर निकला डॉली झट से दीदी से बोली "जहाँ तक मैं समझ रही हूँ ये तुम्हारी वोही बाय्फ्रेंड वाली स्पेशल पिक्निक है जिसके बारे मे तुमने मुझे बताया था, है ना"
"हां....." दीदी टीवी देखते बोली
"तो फिर तुम सोनू को क्यों ले जा रही हो" डॉली ने पूछा
"अब यार मेरा कोई बाय्फ्रेंड तो है नही और मेरा बहुत मन है उस पिक्निक मे जाने का इसलिए सोनू ही सही" दीदी बोली
"लेकिन आज सोनू तुम्हारे कॉलेज भी जा चुका है और तेरी सहेलिया भी उससे मिल चुकी है फिर" डॉली बोली
"लेकिन वो थोड़े ही ना जानती है कि सोनू मेरा भाई है मैने तो उन्हे ये बताया है कि सोनू मेरा बाय्फ्रेंड है" दीदी हँसते हुए बोली
"क्या....तुमने ऐसा किया" डॉली हैरत से बोली
"उस पिक्निक मे जाने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार थी फिर ये तो मामूली बात है" दीदी ने बताया
"लेकिन अब क्या करोगी, जैसा तुमने मुझे उस पिक्निक के बारे मे बताया था उस हिसाब से तो तुम फँस गई हो अब" डॉली बोली
"वो कैसे...." दीदी ने पूछा
"जब वहाँ तुम्हारी सभी सहेलिया वहाँ अपने बाय्फ्रेंड के साथ चिपकेगी, चुम्माचाटी करेगी और पता नही क्या क्या करेगी तब तुम क्या करोगी" डॉली बोली
"देख यार उन्हे दिखाने के लिए मैं भी सोनू से चिपकी रहूंगी और एक आध किस भी हो गया तो क्या फरक पड़ता है" दीदी ने जवाब दिया
"क्या...तुम अपने भाई के साथ ही किस करोगी" डॉली उसका जवाब सुनकर हक्का बक्का हो गई थी
"अरे किस की ही तो बात है मैं कॉन सा उसके साथ सेक्स कर रही हूँ और वैसे भी इन सात सालो ने दूरिया इतनी बढ़ा दी है कि उसके साथ भाई वाली फीलिंग ही नही आती" दी बोली
"लेकिन फिर भी वो अपना भाई है" डॉली बोली
"फ़र्ज़ कर डॉली कि अगर सोनू गाओं आने से पहले कुछ दिन शहर मे रुकता और हमारी उससे पहचान नही होती और मैं यूँ ही उससे अजनाबियो जैसे मिलती और फिर हम दोनो मे कुछ हो जाता तो और वैसे भी वो इतना हॅंडसम है कि कोई भी लड़की उसे मना नही कर सकती, फिर" दीदी बोली
दीदी की बात सुनकर डॉली थोड़ी देर सोचती रही वो असमंजस मे पड़ी हुई थी फिर बोली "वैसे क्या होता या ऐसे क्या होता ये सब मुझे नही पता लेकिन शायद तुम अच्छा नही कर रही हो कल तुम्हारी सहेलियों को मालूम पड़ गया की सोनू और तुम भाई बहन हो तो फिर तुम्हारी हालत क्या होगी" डॉली बोली
अब सोचने की बारी दीदी की थी
"कल का कल से देखा जाएगा अभी तो मुझे उस पिक्निक मे जाना है वैसे मुझे पूरा यकीन है कि उनमे से किसी को कभी भी पता नही चलेगा
कि सोनू मेरा भाई है" आख़िर मे दीदी बोली
दीदी की बात सुनकर डॉली ने हार मानने वाले अंदाज़ मे अपने कंधे झुका लिए और बोली "ठीक है लेकिन ये
याद रखना कि सोनू हमारा भाई है कही ऐसा ना हो कि वहाँ के मस्ती भरे महॉल मे बहक कर तुम सारी हदे तोड़ दो"
"तुझे क्या लगता है कि मैं ऐसा कर सकती हूँ?" दीदी ने पूछा
"नही- नही मुझे पता है कि तुम ऐसा नही कर सकती मैं तो बस बता रही थी" डॉली हड़बड़ाते हुए बोली
और तभी मैं वहाँ आ गया जिससे इन दोनो ने टॉपिक ही चेंज कर लिया और एक बार फिर हम गपशप मे बिज़ी हो गये...........