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StoryPublisher
Guest
अपडेट 33
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कोई 2 घंटे बाद हम पिक्निक स्पॉट पहुचे जो की एक घने जंगल के बीच मे था यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती थी चारो तरफ से बड़े बड़े पेड़ो से घिरे हुए एक झरना (वॉटर फॉल) था जिसके नीचे एक पूल था जिसमे सभी सैलानी नहाने का मज़ा लेते थे और यहाँ फोरेस्ट वालो की तरफ से किराए पर चलने वाले बहुत से कॉटेज भी थे और दो तीन रेस्टौरेंट भी थे साथ ही यहाँ चोरी छिपे बियर और दूसरी शराब भी मिल जाती थी कुल मिला कर ये एक बेहतरीन स्पॉट था मैं तो यहाँ की खूबसूरती मे सब कुछ भूल सा गया लगता था
"तो चलो दोस्तो आज की पिक्निक को शुरू करे और यादगार बनाए" निशा हम सभी को देखती हुई बोली
हम सभी ने हुर्रे...बोल कर ताली बजाई
"लेकिन इसके पहले निशा और सोनू को टेस्ट देना होगा" निशा बोली
"कैसा टेस्ट" उसके बाय्फ्रेंड ने पूछा तो निशा ने उसे सब कुछ बता दिया और बोली "तो निशा तुम तैयार हो"
"हाँ......" दीदी ने जवाब दिया
"तो क्या करवाया जाए तुम दोनो से......" बोल कर निशा
कुछ देर सोचती रही और फिर बोली "हाँ....चलो
सोनू तुम निशा को किस करते हुए इसके बूब्स दबाओ"
ये सुन कर सभी लड़किया और लड़के चिल्लाते हुए ताली बजाने लगे और मैं दीदी की तरफ देख कर मुस्कुराने लगा
"अरे सोच क्या रहे हो तुम दोनो चलो शुरू हो जाओ" निशा फिर बोली लेकिन मैं अपनी जगह से नही हिला
"मुझे तो तेरी बात सही लगती है निशा की कहीं सच मे ही तो ये दोनो भाई बहन नही है" टीना बोली
टीना की बात सुनकर भी दीदी या मैने कुछ नही किया
"निशा आख़िरी बार बोल रही हूँ साबित करो की तुम दोनो भाई बहन नही हो या फिर वापस जाओ या हमसे दूर रहो" निशा ने वॉर्निंग दी
और अब दीदी से रहा नही गया और चल कर मेरे पास आ गयी और मेरा चेहरा पकड़ कर अपने काँपते होंठ मेरे होंठो पर रख दिए अब मेरी तो जैसी लॉटरी लग गई थी मैं भी उसका साथ देने लगा और फिर उत्तेजना मे आके मैने पूरा होल्ड अपने हाथों मे लिया और और ज़ोर ज़ोर से दीदी के होंठ चूस्ते हुए मैने अपना एक हाथ उसकी चुचि पर रखा और उसे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा
ग्रूप के सभी लोगो ने हमारे चारो तरफ एक घेरा सा बना लिया था और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सिटी बजा कर हमारा होसाला बढ़ा रहे थे
मैं और दीदी भी अब सभी को भूल कर अपने पहले हॉट किस का मज़ा ले रहे थे और मेरे बूब्स दबाने से दीदी भी अब फुल मस्ती मे आ गई थी उसने अपना एक हाथ नीचे लाया और मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी और उसके ऐसा करते ही सारे ग्रूप का शोर और बढ़ गया और तालिया भी तेज हो गई लेकिन हम दोनो रुके नही और लगे ही रहे
"बस बस.....बहुत हो गया कहीं यही अंदर बाहर करना चालू मत कर देना हम मान गये की तुम भाई बहन नही बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड ही हो" निशा बोली और जैसे हम होश मे आए और अलग हो गये
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कोई 2 घंटे बाद हम पिक्निक स्पॉट पहुचे जो की एक घने जंगल के बीच मे था यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती थी चारो तरफ से बड़े बड़े पेड़ो से घिरे हुए एक झरना (वॉटर फॉल) था जिसके नीचे एक पूल था जिसमे सभी सैलानी नहाने का मज़ा लेते थे और यहाँ फोरेस्ट वालो की तरफ से किराए पर चलने वाले बहुत से कॉटेज भी थे और दो तीन रेस्टौरेंट भी थे साथ ही यहाँ चोरी छिपे बियर और दूसरी शराब भी मिल जाती थी कुल मिला कर ये एक बेहतरीन स्पॉट था मैं तो यहाँ की खूबसूरती मे सब कुछ भूल सा गया लगता था
"तो चलो दोस्तो आज की पिक्निक को शुरू करे और यादगार बनाए" निशा हम सभी को देखती हुई बोली
हम सभी ने हुर्रे...बोल कर ताली बजाई
"लेकिन इसके पहले निशा और सोनू को टेस्ट देना होगा" निशा बोली
"कैसा टेस्ट" उसके बाय्फ्रेंड ने पूछा तो निशा ने उसे सब कुछ बता दिया और बोली "तो निशा तुम तैयार हो"
"हाँ......" दीदी ने जवाब दिया
"तो क्या करवाया जाए तुम दोनो से......" बोल कर निशा
कुछ देर सोचती रही और फिर बोली "हाँ....चलो
सोनू तुम निशा को किस करते हुए इसके बूब्स दबाओ"
ये सुन कर सभी लड़किया और लड़के चिल्लाते हुए ताली बजाने लगे और मैं दीदी की तरफ देख कर मुस्कुराने लगा
"अरे सोच क्या रहे हो तुम दोनो चलो शुरू हो जाओ" निशा फिर बोली लेकिन मैं अपनी जगह से नही हिला
"मुझे तो तेरी बात सही लगती है निशा की कहीं सच मे ही तो ये दोनो भाई बहन नही है" टीना बोली
टीना की बात सुनकर भी दीदी या मैने कुछ नही किया
"निशा आख़िरी बार बोल रही हूँ साबित करो की तुम दोनो भाई बहन नही हो या फिर वापस जाओ या हमसे दूर रहो" निशा ने वॉर्निंग दी
और अब दीदी से रहा नही गया और चल कर मेरे पास आ गयी और मेरा चेहरा पकड़ कर अपने काँपते होंठ मेरे होंठो पर रख दिए अब मेरी तो जैसी लॉटरी लग गई थी मैं भी उसका साथ देने लगा और फिर उत्तेजना मे आके मैने पूरा होल्ड अपने हाथों मे लिया और और ज़ोर ज़ोर से दीदी के होंठ चूस्ते हुए मैने अपना एक हाथ उसकी चुचि पर रखा और उसे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा
ग्रूप के सभी लोगो ने हमारे चारो तरफ एक घेरा सा बना लिया था और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सिटी बजा कर हमारा होसाला बढ़ा रहे थे
मैं और दीदी भी अब सभी को भूल कर अपने पहले हॉट किस का मज़ा ले रहे थे और मेरे बूब्स दबाने से दीदी भी अब फुल मस्ती मे आ गई थी उसने अपना एक हाथ नीचे लाया और मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी और उसके ऐसा करते ही सारे ग्रूप का शोर और बढ़ गया और तालिया भी तेज हो गई लेकिन हम दोनो रुके नही और लगे ही रहे
"बस बस.....बहुत हो गया कहीं यही अंदर बाहर करना चालू मत कर देना हम मान गये की तुम भाई बहन नही बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड ही हो" निशा बोली और जैसे हम होश मे आए और अलग हो गये