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Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

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अपडेट 33

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कोई 2 घंटे बाद हम पिक्निक स्पॉट पहुचे जो की एक घने जंगल के बीच मे था यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती थी चारो तरफ से बड़े बड़े पेड़ो से घिरे हुए एक झरना (वॉटर फॉल) था जिसके नीचे एक पूल था जिसमे सभी सैलानी नहाने का मज़ा लेते थे और यहाँ फोरेस्ट वालो की तरफ से किराए पर चलने वाले बहुत से कॉटेज भी थे और दो तीन रेस्टौरेंट भी थे साथ ही यहाँ चोरी छिपे बियर और दूसरी शराब भी मिल जाती थी कुल मिला कर ये एक बेहतरीन स्पॉट था मैं तो यहाँ की खूबसूरती मे सब कुछ भूल सा गया लगता था

"तो चलो दोस्तो आज की पिक्निक को शुरू करे और यादगार बनाए" निशा हम सभी को देखती हुई बोली

हम सभी ने हुर्रे...बोल कर ताली बजाई

"लेकिन इसके पहले निशा और सोनू को टेस्ट देना होगा" निशा बोली

"कैसा टेस्ट" उसके बाय्फ्रेंड ने पूछा तो निशा ने उसे सब कुछ बता दिया और बोली "तो निशा तुम तैयार हो"

"हाँ......" दीदी ने जवाब दिया

"तो क्या करवाया जाए तुम दोनो से......" बोल कर निशा

कुछ देर सोचती रही और फिर बोली "हाँ....चलो

सोनू तुम निशा को किस करते हुए इसके बूब्स दबाओ"

ये सुन कर सभी लड़किया और लड़के चिल्लाते हुए ताली बजाने लगे और मैं दीदी की तरफ देख कर मुस्कुराने लगा

"अरे सोच क्या रहे हो तुम दोनो चलो शुरू हो जाओ" निशा फिर बोली लेकिन मैं अपनी जगह से नही हिला

"मुझे तो तेरी बात सही लगती है निशा की कहीं सच मे ही तो ये दोनो भाई बहन नही है" टीना बोली

टीना की बात सुनकर भी दीदी या मैने कुछ नही किया

"निशा आख़िरी बार बोल रही हूँ साबित करो की तुम दोनो भाई बहन नही हो या फिर वापस जाओ या हमसे दूर रहो" निशा ने वॉर्निंग दी

और अब दीदी से रहा नही गया और चल कर मेरे पास आ गयी और मेरा चेहरा पकड़ कर अपने काँपते होंठ मेरे होंठो पर रख दिए अब मेरी तो जैसी लॉटरी लग गई थी मैं भी उसका साथ देने लगा और फिर उत्तेजना मे आके मैने पूरा होल्ड अपने हाथों मे लिया और और ज़ोर ज़ोर से दीदी के होंठ चूस्ते हुए मैने अपना एक हाथ उसकी चुचि पर रखा और उसे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा

ग्रूप के सभी लोगो ने हमारे चारो तरफ एक घेरा सा बना लिया था और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सिटी बजा कर हमारा होसाला बढ़ा रहे थे

मैं और दीदी भी अब सभी को भूल कर अपने पहले हॉट किस का मज़ा ले रहे थे और मेरे बूब्स दबाने से दीदी भी अब फुल मस्ती मे आ गई थी उसने अपना एक हाथ नीचे लाया और मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी और उसके ऐसा करते ही सारे ग्रूप का शोर और बढ़ गया और तालिया भी तेज हो गई लेकिन हम दोनो रुके नही और लगे ही रहे

"बस बस.....बहुत हो गया कहीं यही अंदर बाहर करना चालू मत कर देना हम मान गये की तुम भाई बहन नही बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड ही हो" निशा बोली और जैसे हम होश मे आए और अलग हो गये
 
दीदी के साथ हॉट किस और उसके लंड मसलने से मेरे पैंट मे इस वक्त एक बड़ा सा तंबू बना हुआ था जिस पर इस वक्त निशा और टीना की खुखार निगाहे लगी हुई थी

"क्या बात है निशा दीदी ध्यान कहाँ है तुम्हारा" मैं अपने लंड के उपर हाथ रखते हुए बोला

मेरे ऐसा करने से निशा सकपकई और बोली "दीदी......?

वॉट दीदी, मैं तुम्हारी बहन नही हो जो मुझे दीदी कह रहे हो"

"लेकिन मैं तो हर लड़की को दीदी ही बोलता हूँ क्योंकि दीदी बना कर चो......सेक्स करने मे जो मज़ा है वो वैसे नही है, है ना टीना दीदी" मैं टीना को देखते हुए बोला

"अरे सीधा सीधा बोल ना मेरे भाई की दीदी बना कर चोदने मे जो मज़ा है वो वैसे नही है और अगर तू मुझे चोदने वाली दीदी बनाना चाहता है तो मैं भी तेरी बहन बनने को तैयार हूँ क्योंकि तेरे लंड पर मेरा दिल आ गया है जो पैंट के अंदर से ही इतना भयानक लग रहा है तो नंगा कैसा दिखता होगा लेकिन अभी तो कुछ नही हो सकता क्योंकि आज के लिए मेरा बाय्फ्रेंड मेरे साथ है" टीना अपने बाय्फ्रेंड की बाँह पकड़ कर बोली

"ये कैसी लॅंग्वेज बोल रही है तू टीना" दीदी चुदाई और लंड जैसे शब्द सुन कर हैरत से बोली

"तू पागल है क्या निशा, यहाँ हम सभी अपने बाय्फ्रेंड के साथ सिर्फ़ मस्ती करने आती है और जब हम यहाँ होती है तो ऐसी गंदी भाषा मे ही बात करती है तुझे पसंद ना हो तो तू मत करना, अब चल निशा आगे क्या करना है बता मेरे मुँह और चूत मे तो बहुत खुजली हो रही है मैं जल्दी से जल्दी पवन का लंड चूस कर उससे अपनी चूत चटवाना चाहती हूँ" टीना बोली

और उसकी बात सुन कर दीदी ने अपना माथा पीट लिया और मेरी तरफ देखा तो मैने मुस्कुराते हुए उसे आँख मार दी

"ओके दोस्तो तो अब पिक्निक स्टार्ट होती है पहले हम सभी थोड़ा नाश्ता कर लेते है फिर उसके बाद कुछ टाइम फॉल मे मस्ती करेंगे फिर जिसे भी चूसना चुसवाना या चोद ना चूदवाना हो वो मेरे साथ चले क्योंकि इन सब काम के लिए इस जंगल मे सही जगह कहाँ है मैं जानती हूँ और जिसे ये सब नही करना है वो यही अपनी गान्ड मरवाए" टीना ने आगे का प्रोग्राम बताया और उसकी बात सुन कर सभी लोग हँस दिए

ऐसी गंदी लॅंग्वेज सुन कर शरम के मारे दीदी का चेहरा लाल पड़ गया था वो नज़रे चुरा चुरा कर मेरी तरफ देख रही थी और मैं मस्त होकर इन लड़कियो की नंगी नंगी बाते सुन रहा था

फिर सभी लोगो ने नाश्ता किया और एक कॉटेज बुक करके अपने कपड़े चेंज करके फॉल के पास आ गये सभी लोग अपने अपने पार्ट्नर के साथ थे और थोड़ी दूरी बना कर चल रहे थे

"सोनू मुझे सू सू आई है" दीदी चलते हुए धीरे से बोली

"तो क्या प्राब्लम है चारो तरफ घना जंगल है कहीं भी झाड़ी के पीछे कर लो" मैं बोला

"ठीक है उधर चल..."वो एक तरफ इशारा करते हुए बोली और हम उधर जाने लगे

"ओये.....उधर चुदाई के लिए ठीक जगह नही है

थोड़ा वेट करो फिर हम चल ही रहे है" टीना हमे एक साइड जाते हुए देख कर बोली

उसकी बात सुनकर दीदी एक बार फिर शर्मा गई जबकि मैने मुस्कुरा कर उसे अपनी छोटी उंगली दिखा दी

"ओह्ह्ह्हतभी तो मैं कहूँ की इस बहन जी मे इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी" टीना बोली और ज़ोर से हँसने लगी

"बहन जी होगी तू, अभी तूने मुझे किस करते हुए नही देखा क्या" टीना की बात सुन कर दीदी गुस्से से बोली

"उसमे क्या खास बात है वो तो कोई भी कर सकता है सच तो तब मालूम पड़ेगा जब चूसने चूसने या चुदवाने का नंबर आएगा" टीना बोली

"देख लेंगे तब भी" दीदी बोली और आगे बढ़ गयी टीना ने मुझे देखा और थम्सअप का इशारा किया और मैं दीदी के पीछे हो लिया

थोड़ी दूर जाकर एक झाड़ी के पास दीदी रुकी और मुझे वहीं ठहरने को कहा और झाड़ी के पीछे जाकर पेशाब करने लगी अब मैं ऐसा मौका कहाँ छोड़ने वाला था मैने चुपचाप झाँक कर देखा तो वहाँ के दिलकश नज़ारे ने मेरे लंड को झटका मारने के लिए मजबूर कर दिया

मूत-ते हुए दीदी की गोरी चिकनी बड़ी गान्ड मेरी आँखो के सामने थी मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर जाकर उसे सहलाने लगा था अब मैं सोच रहा था की मुझे आगे बढ़ना ही होगा क्योंकि दीदी तो कुछ करने वाली है नही वरना आज का इतना हसीन मौका हाथ से निकल जाएगा

खैर दीदी पेशाब करके वापस आ गयी और हम फॉल की तरफ बढ़ने लगे चलते चलते मैने दीदी को अपने से चिपका लिया दीदी ने भी अपना हाथ मेरी कमर मे डाल दिया तो मैने अपना हाथ उसकी गान्ड पर रख दिया

मेरा हाथ अपनी गान्ड पर लगते ही दीदी ने मेरी तरफ घूर कर देखा

"सुबह तुमने ही कहा था की आज मुझे पूरी छूट है" मैं जल्दी से बोला

मेरी बात सुनकर दीदी मुस्कुराइ और फिर सामने देख कर चलने लगी अब मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैं उसकी गान्ड सहलाने लगा, क्या मस्त एहसास था उसकी मांसल गुदाज गान्ड को सहलाने का
 
"वैसे दीदी क्या मस्त चिकनी और गोरी गान्ड है तुम्हारी"मैं उसकी गान्ड को दबाते हुए बोला

"कैसे गंदे वर्ड बोल रहा है तू, और तूने कब देखी मेरी वो" दीदी मुझे डाँटते हुए बोली

"अब जब हम यहाँ मस्ती करने ही आए है तो बुरा क्यों मानती हो तुम्हारी सभी सहेलिया ही तो ऐसे बोल रही है और अब तुम्हे भी बोलना ही पड़ेगा वरना वो फिर तुम्हे बहनजी कहेगी" मैं दीदी को उकसाते हुए बोला क्योंकि मैं समझ गया था की उसे बहनजी शब्द से चिढ़ है

"हूंम्म....तेरी बात सही है लेकिन तूने बताया नही की तूने मेरी वो कब देखी" दीदी कुछ सोच कर बोली

"वो नही गान्ड बोलो तो आदत पड़ जाएगी वरना बन जाना फिर बहनजी" मैं बोला

"हाँ वो ही.....कब देखी तूने मेरी गान्ड" अब वो खुलते हुए बोली

"ये हुई ना बात....तो सुनो जब तुम मूत रही थी ना तब देखी" मैं उसके मुँह से गंदे शब्द सुनकर मस्त होते हुए बोला

"क्या....ऐसे भी कोई अपनी बहन की वो....ई मीन गान्ड देखता है क्या" वो बोली

"अरे सिर्फ़ देखी ही तो है मारी तो नही" मैं उसे छेड़ते हुए बोला मेरे हाथ अभी भी उसकी गान्ड को मसल रहे थे

"हे राम......अब तू मेरी गान्ड मारने के बारे मे भी सोचने लगा, लगता है मैने ग़लती कर दी इस पिक्निक पर आकर" वो अपना सिर ठोकते हुए बोली

"किसी ना किसी से तो मर्वानी ही पड़ेगी तो अपने भाई से मरवाने मे क्या तकलीफ़ है तुम्हे" कहते हुए मैने अपनी एक उंगली कपड़ो के उपर से ही उसकी गान्ड के छेद मे घुसा दी

"हककक......" दीदी के मुँह से निकला और वो छिटक कर मुझसे दूर हो गई और मुझे आँख दिखाने लगी

लेकिन तब तक हम फॉल पर पहुच चुके थे और वहाँ का नज़ारा बहुत ही सेक्सी था

बहुत से लड़के लड़की अधनंगे होकर फॉल के नीचे मस्ती कर रहे थे और वहीं निशा अपने बाय्फ्रेंड के साथ पूल मे मज़े कर रही थी

जबकि टीना अपने बाय्फ्रेंड के साथ पूरी भीगी हुई किस मे डूबी हुई थी

ये सारे नज़ारे देख कर मेरा लंड फटने को हो रहा था मैने दीदी की तरफ देखा तो वो भी इन्ही नज़ारो मे खोई हुई थी

"क्या इरादा है मस्ती करे या यूँ ही भाई बहन बने खड़े रहे" मैं दीदी का हाथ पकड़ कर बोला

"मस्ती तो मैं भी करना चाहती हूँ लेकिन कहीं मस्ती मे मस्त हो कर हम अपने रिश्ते की दीवारो को ना गिरा दे" दीदी मेरा हाथ दबाते हुए गंभीरता से बोली

"तुम टेन्षन मत लो उपर उपर से करने से कुछ नही होता और मैं वादा करता हूँ की जब तक तुम नही कहोगी मैं तुम्हारे साथ चुदाई नही करूँगा" मैं मस्ती मे बोला

"तू नही सुधरेगा.......चल अब हम भी पूल मे चलते है" वो मुझे चपत लगेट हुए बोली

और उसके बाद हम दोनो ही अपने कपड़े उतार चुके थे मैं सिर्फ़ अंडर वेर मे था जबकि दीदी एक छोटी सी ब्रा और नाम मात्रा की पैंटी जो आगे से सिर्फ़ उसकी चूत को कवर कर रही थी और पीछे से उसकी डोरी गान्ड मे घुसी हुई थी मे खड़े थे

दीदी को इस रूप मे देख कर मेरा लंड पूरी तरह से टन गया था और मेरी अंडर वेर फाड़ कर बाहर आने को हो रहा था जिसे दीदी देख चुकी थी

"देख तो अपनी बहन को देख कर तेरा लंड कैसा बंबू बन गया है" वो मेरे लंड को निहारती हुई बोली

"क्या....क्या कहा तूने 'लंड'" मैं हैरत से बोला

"अब जब बहनजी नही बनना है तो बोलना ही पड़ेगा, अब चल" वो शर्मा कर बोली और मेरा हाथ पकड़े कर आगे बढ़ गयी

हम फॉल की नीचे आ गये थे और उपर से गिरते पानी का मज़ा ले रहे थे लेकिन थे दूर ही

"ऊ....बहनजी क्या अकेले खड़ी है तेरी जगह मैं होती तो इतने अच्छे महॉल का मज़ा सोनू के लंड से अपनी चूत को घिस लेती" तभी पास आते हुए टीना बोली

और उसकी बात सुन कर मैने दीदी को अपनी तरफ खींचा और उसे गले से लगा लिया

मेरे ऐसा करते ही दीदी शर्मा गयी और उसने अपनी बाँहे मेरे गले मे डालते हुए मुँह फेर लिया अब मैं उसकी गर्दन को चूमते हुए अपनी गरम सांसो से उसे उत्तेजित करने लगा और वो भी आँहे भरने लगी मेरे हाथ उसके बूब्स को सहलाने लगे थे और वो भी मुझसे ऐसे चिपक रही थी जैसे मुझमे समा जाना चाहती हो

"ओये....मैने सिर्फ़ चिपक ने को कहा था लेकिन तुम लोग तो खुले आम चुदाई की तैयारी करने लगे, ज़रा आस पास भी तो देख लो कितने लोग है यहाँ" टीना जो पास ही खड़ी थी मेरी गान्ड पर हाथ फिराते हुए बोली

और उसकी बात सुनकर जैसे हम दोनो होश मे आए और अलग हो गये

ये देख कर टीना हँसने लगी और फिर हम सभी एक दूसरे पर पानी उछाल कर मज़ा लेने लगे और एक दूसरे छेड़ने लगे इस दौरान दो तीन बार टीना ने छुप कर मेरा लंड पकड़ा जैसे वो अंदाज़ा लगाना चाहती हो की उसके बाय्फ्रेंड के और मेरे लंड मे से कौन सा अच्छा है और फिर हम ऐसे ही मस्ती करते रहे और इस सेक्सी पिक्निक का मज़ा लेने लगे..........
 
अपडेट 34

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लगभग एक घंटे तक फॉल मे मस्ती करने के बाद निशा ने सभी को अपने पास बुलाया सभी लोग घेरा बना कर उसके पास खड़े हो गये थे

"तो दोस्तो सुखी सुखी मस्ती बहुत हो गई, मैं जानती हूँ की अब तक सभी लड़को के लंड खड़े खड़े दर्द करने लगे होगे और सभी लड़कियो की चूत पानी बहा बहा कर खुजली करने लगी होगी तो अब जिसको भी अपने लंड और चूत की आग ठंडी करना हो वो हाथ खड़ा करे" निशा सबको सुनाती हुई बोली

और उसकी बात सुनकर सभी लड़कियो ने हाथ खड़े कर दिए सिर्फ़ दीदी के हाथ ही नीचे थे

"बहनजी" टीना के मुँह से निकला

"क्यों निशा क्या बात है तुझे अपने बाय्फ्रेंड से मस्ती नही करनी क्या" निशा ने पूछा

"वो क्या है ना की अभी हमारी रिलेशन्षिप नयी नयी है इसलिए इसके साथ मैं इतनी जल्दी इतना आगे नही बढ़ सकती" दीदी ने जवाब दिया

"तो तुझे चुदाई करने को कौन बोल रहा है, थोड़ा चूसा चाटी ही कर लेना" टीना बोली

"मैं अभी इसके लिए भी तैयार नही हूँ" दीदी बोली

"ओके तो फिर कोई ज़बरदस्ती नही है तुम लोग यहीं रूको, सो गाइस लेट'स गो" निशा बोली

"एक मिनिट रूको निशा, क्या यार निशा अपनी ज़िद से बेचारे सोनू की पिक्निक क्यों खराब कर रही हो, सारे ग्रूप मे यही सबसे हॅंडसम लड़का है और बेचारा ये ही रह जाएगा मज़ा करने से प्लीज़ चल ना हमारे साथ" टीना ने खुशमाद की

"ये माइंड नही करेगा मैं इसे पहले ही समझा चुकी हूँ" दीदी बोली

"ओके तो तू कुछ मत करना वहाँ, लेकिन साथ चलने मे क्या बुराई है यदि मेरा मूड बन गया तो मैं ही इसे वहाँ मज़े दे दूँगी" टीना बोली

"तू मज़े देगी इसे और तेरा बाय्फ्रेंड देखते रहेगा" दीदी ने पूछा

"मेरे बाय्फ्रेंड को इससे कोई फरक नही पड़ेगा क्योंकि हमने शादी थोड़े ही करनी है हम तो बस मज़े करने के लिए साथ मे है, क्यों डियर" कहते हुए टीना ने अपने बाय्फ्रेंड से पूछा

"ये सही कह रही है मुझे कोई फरक नही पड़ता और थ्रीसम मे तो और भी मज़ा आएगा" टीना का बाय्फ्रेंड बोला

"लेकिन मैं अपने बाय्फ्रेंड को किसी के साथ शेर नही कर सकती तुम लोग जाओ और मज़े करो" दीदी ने जैसे अपना फ़ैसाला सुनाया

"साली पक्की बहनजी है तू, तू कभी भी अपने गाओं के गँवार पन को छोड़ कर मॉडर्न नही बन सकती, सॉरी सोनू लेकिन तुमने अपने लिए ग़लत लड़की चुनी ली है चल निशा" टीना बोली

और फिर वो लोग अपने कपड़े पहन कर एक तरफ जाने लगे और इधर टीना की बात सुनकर दीदी के झान्टो मे आग लग गयी और उसका चेहरा गुस्से से लाल पड़ गया और वो अपने गुस्से को कंट्रोल करने के लिए ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगी

"क्या यार दी, तुम खुद तो कुछ करना नही चाहती और वो बेचारी टीना मुझे मज़े करवाने वाली थी तो उसे भी मना कर दिया मेरा तो सारा मज़ा ही खराब कर दिया तूने" इन लोगो के जाने के कोई 2 मिनिट बाद मैं बोल पड़ा
 
"कैसी बात कर रहा है तू, क्या तू किसी के साथ भी सेक्स कर लेगा" दीदी बोली

"तो उससे क्या फरक पड़ता है क्या वो लड़की नही है या फिर क्या वो कोई चान्स वाली रंडी है जो मुझे उसके साथ नही करना चाहिए और फिर तुम तो मुझे अपने रिश्ते की दुहाई देकर कुछ करने नही दे रही और वैसे भी जिससे मेरी शादी होगी वो भी तो कोई दूसरी ही होगी ना फिर क्यों मेरे खड़े लंड पर चोट कर रही हो यार" मैं निराशा से बोला

"लेकिन...लेकिन....मैं तुझे किसी दूसरे के साथ नही देख सकती" दीदी थोड़ा शरमाते और हकलाते हुए बोली

"तुम खुद भी कुछ नही करती और दूसरे के साथ भी नही देती तो क्या मैं ज़िंदगी भर अपने खड़े लंड को पकड़ कर खड़ा रहु" मैं बोला

अब मेरी बात सुनकर दीदी सोच मे पड़ गई और चुप हो गई

"तू सही कह रहा है ठीक है तू जा और मज़े कर मैं यहीं रुकती हूँ" आख़िर मे दीदी बोली

"नही मैं अकेला नही जाउन्गा, टीना या किसी और लड़की को चोदने से ज़्यादा मज़ा मुझे तुम्हारे साथ उपर उपर से ही आजाएगा प्लीज़ चलो ना हम उपर उपर से ही कर लेंगे" मैं उसे मनाते हुए बोला

"उपर उपर से क्या मतलब है तेरा" उसने पूछा

"मतलब तुम मेरा लंड चूस लेना और मैं तुम्हारी चूत चाट लूँगा मैं भी खुश और तुम भी खुश और इसके बाद फिर कभी भी टीना तुम्हे बहनजी नही बोल पाएगी" मैं बोला

"लेकिन उसके लिए तो मुझे तेरे सामने नंगी होना पड़ेगा, ना बाबा ना मुझे बहुत शरम आएगी" कुछ देर सोचने के बाद दीदी बोली

"तो क्या हुआ बचपन मे भी तो हम एक दूसरे को नंगा देख ही चुके है प्लीज़ दीदी चल ना मेरी बहुत इच्छा है तेरी चूत देखने की और वैसे भी कभी ना कभी तो तुझे किसी के सामने नंगा होना ही पड़ेगा तो सबसे पहले ये मौका मुझे देकर एक एहसान ही कर दे मुझ पर" कहते हुए मैने उसकी गान्ड को मसलते हुए उसकी चुचि दबा दी

मेरी इस हरकत से वो थोड़ी गरम हो गई उसकी आँखो मे लाल डोरे तैरने लगे थे

"ठीक है मैं तैयार हूँ लेकिन जो तूने कहा है सिर्फ़ उतना ही होगा आगे कुछ नही" दीदी बोली

"अरे ऐसे क्या बोल रही है सीधे शब्दो मे बोल ना" मैं उसकी गान्ड के छेद मे उंगली घुसेड़ने की कोशिश करते हुए बोला

"बहुत बदमाश है तू मेरे मुँह से गंदा वर्ड सुन-ना चाहता है ना तो सुन वहाँ मैं सिर्फ़ तेरा लंड चुसुन्गी और तू मेरी सिर्फ़ मेरी चूत लेकिन चुदाई जैसा कुछ नही होगा समझा" दीदी मेरा लंड दबाते हुए बोली

"ओके....अभी के लिए इतना भी काफ़ी है बाकी बाद मे देख लेंगे" मैं भी उसकी चुचि ज़ोर से भींचते हुए बोला

"बाद मे देख लेंगे का क्या मतलब, क्या तू सच मे मुझे यानी अपनी सग़ी बहन को चोदना चाहता है" दीदी मुझे देखते हुए बोली

"तेरे जैसे लड़की को चोदने के लिए तो मैं कुछ भी कर सकता हूँ मेरी जान" मैं बोला

"लेकिन शायद तेरी किस्मत मे ये नही लिखा है मेरे प्यारे भाई" दीदी मुस्कुराते हुए बोली

"तू उसकी चिंता मत कर वो मैं खुद ही लिख लूँगा अब चल उन्हे गये बहुत देर हो गई है" मैं बोला और अपने कपड़े पहन लिए

जब तक दीदी भी कपड़े पहन चुकी थी और फिर हम भी उसी तरफ बढ़ने लगे जिधर बाकी सब गये थे

हम दोनो चिपक कर चल रहे थे दीदी की चुचि मेरी बाँह पर दब रही थी जबकि उसका एक हाथ मेरी कमर लिपटा हुआ था जिसे मैने अपने एक हाथ से पकड़ा था और मेरा दूसरा हाथ उसकी गान्ड को सहला रहा था

"वैसे दी अगर वहाँ मैं टीना को चोद ना चाहूँ तो तू मना तो नही करेगी" चलते चलते मैने पूछा

"अभी तो कह रहा था की तुझे मेरे साथ उपर से ही मज़ा आजाएगा और अब टीना को चोदने की बात कर रहा है" दीदी बोली

"वो क्या है ना यार उसके जैसा मस्त माल बार बार नही मिलता ना इसलिए अगर तुम हाँ कह दो तो....." मैं बोला

"ठीक है तू भी क्या याद करेगा.....जा चोद लेना टीना को" दीदी बोली

"थॅंक यू मेरी जान" कहते हुए मैने दीदी के होंठ चूम लिए और कुछ ही देर मे हमे हमारे ग्रूप के लड़के लड़किया दिखाई देने लगे जो जंगल के अंदर बने एक बहुत बड़े खंडहर के अंदर जा रहे थे मैं समझ गया की यही निशा का चुदाई स्पॉट है

और हम भी उधर ही बढ़ गये.......
 
अपडेट 35

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मैं और दीदी भी हमारे ग्रूप के पीछे पीछे उस खंडहर मे दाखिल हो गये जोकि बहुत बड़ा था

मैं हॉल मे तो कोई भी नही दिखा लेकिन जैसे जैसे हम आगे बढ़ते गये हम दोनो की ही आँखे बड़ी होने लगी और मेरा लंड जोकि पहले से ही दीदी की गान्ड से खेलने के कारण खड़ा हुआ था अब अपने विकराल रूप मे आता जा रहा था और मैं शर्त लगा कर कह सकता हूँ की दीदी की चूत भी इतना रस छोड़ रही होगी की उसकी पैंटी पूरी गीली हो गई होगी क्योंकि सामने का नज़ारा ही कुछ ऐसा था

यहाँ के हर कमरे मे 4-5 जोड़े चुदाई मे लगे हुए थे कुछ पूरे नंगे होकर चुदाई कर रहे थे तो कुछ अधनंगे होकर कुछ खड़े खड़े कर रहे थे तो कुछ लेट कर और कुछ तो डॉगी स्टाइल मे कहीं लड़की लंड चूस रही थी तो कहीं लड़का चूत चाट रहा था लगता था जैसे इस खंडहर को चुदाई के लिए ही वीरान किया गया था हम दोनो की ही धड़कनें बढ़ गई थी और दीदी ने मेरी बाँह को कस कर पकड़ लिया था और ये जायज़ भी था क्योंकि जिस लड़की ने आज तक रियल मे कभी नंगा लंड नही देखा था आज वो इतने सारे नंगे लंड एक साथ चुदाई करते हुए देख रही थी

खैर हम आगे बढ़ते रहे अब हमे हमारे ग्रूप के कपल भी मज़े करते हुए दिखाई देने लगे थे लेकिन हमे तो तलाश टीना और निशा की थी जो अभी तक नज़र नही आए थे और खंडहर के लास्ट मे पहुचते ही वो भी हमे दिखाई दे ही दिए

यहाँ सिर्फ़ टीना और निशा ही अपने बाय्फ्रेंड के साथ थी जहाँ टीना और निशा दोनो ब्रा पैंटी मे थी वहीं दोनो लड़के नंगे हो चुके थे और अपने खड़े लंड को सहला रहे थे दोनो के ही लंड नॉर्मल साइज़ के थे लेकिन मेरे लंड से छोटे और पतले थे

"हेलो...." मैं वहाँ पहुच कर बोला क्योंकि अभी दोनो लड़कियो की पीठ मेरी तरफ थी और वो दोनो हमे देख नही पाई थी

"अरे सोनू तुम यहाँ.........." मुझे देखते ही टीना हैरानी भरी आवाज़ मे खुशी से बोली

"एस....." मैं बोला

"कैसे.....ये बहन जी इतनी जल्दी कैसे मान गई" टीना बोली

"अब छोड़ो भी यार इसे बहन जी कहना, करना तो ये भी सब कुछ चाहती है बस शरम के मारे इसकी हिम्मत नही हो रही थी लेकिन मैने इसे समझाया तो ये मान गई यहाँ आने के लिए लेकिन इसकी शर्त है की ये बस चूसाई ही करेगी चुदाई नही, लेकिन ये इस बात के लिए तैयार है की मैं तुम्हारे साथ भी मज़े कर सकता हूँ" मैने बताया

"ओह्ह्ह्हठीक है पहली बार के लिए चूसाई भी बहुत है, चुदाई के लिए मैं हूँ ना चलो अब तुम भी अपने कपड़े उतारो और लग जाओ मज़े लेने मे" टीना बोली और अपने बाय्फ्रेंड को किस करते हुए उसका लंड पकड़ कर हिलाने लगी जबकि निशा तो अपने बाय्फ्रेंड का लंड मुँह मे भर भी चुकी थी

लेकिन हम दोनो वैसे ही खड़े रहे क्योंकि इस वक्त दीदी की नज़रे निशा पर ही टिकी थी वो बड़े ध्यान से उसे लंड चूस्ते हुए देख रही थी

"अरे....तुम लोग अभी तक वैसे ही हो कपड़े नही उतारे अभी तक" तभी टीना ने पकड़ कर हमे देखा और बोली

"अभी मेडम लंड चूसना सीख रही है जब ये पूरी तरह सीख जाएगी तब करेंगे ना" मैं दीदी की तरफ इशारा करते हुए बोला और टीना भी समझ गई

"लेकिन तू तो अपने कपड़े उतार ही सकता है ना, अरे हाँ....याद आया चल जल्दी से अपना लंड निकाल मुझे देखना है की कितना बड़ा और मोटा है सुबह तो पैंट के उपर से बहुत ही ख़तरनाक लग रहा था" कहते हुए टीना अपने बाय्फ्रेंड को छोड़ कर मेरे पास आ गई और दीदी ने भी अपनी नज़रे निशा से हटा ली और मुझे देखने लगी

और टीना की बात सुनकर मैं अपने कपड़े उतारने लगा जब सिर्फ़ अंडर वेर ही मेरे शरीर पर रह गया तो मैने मुस्कुरा कर दीदी की तरफ देखा जैसे उससे कह रहा हूँ की देख मेरी बहन तेरे भाई का लंड अब मैदान मे आने वाला है जो सिर्फ़ तेरे ही लिए है और मेरी नज़रो को पढ़ते हुए दीदी भी मुस्कुरा दी और मुझे अंडर वेर उतारने का इशारा किया और उसका इशारा मिलते ही मैने एक झटके मे अंडर वेर उतार कर नीचे फेंक दिया
 
मेरा लंड जोकि आज अपने विराट रूप मे था के नंगा होते ही टीना ने अपने खुले मुँह पर हाथ रख लिया उसकी आँखे मेरे बड़े और मोटे लंड को देख कर फॅट सी गई थी जोकि उसके बाय्फ्रेंड के लंड से कोई 2 इंच बड़ा और बहुत मोटा था उधर दीदी की हालत भी कुछ ऐसी ही थी उसकी नज़र भी मेरे लंड से हट नही रही थी

"ओह्ह माइ गॉड.....ये लंड है या मूसल इसके जैसा लंड तो मैने आज तक नही देखा, निशा ज़रा देख तो कितना बड़ा और मोटा लंड है सोनू का जिसकी भी चूत मे जाएगा उसके तो मज़े हो जाएँगे" टीना ज़ोर से बोली और उसकी बात सुनकर निशा भी हमारे पास आ गई और मेरे लंड पर नज़र पड़ते ही उसके भी होश उड़ गये और वो बड़ी हसरत भरी नज़रो से मेरे लंड को देख रही थी

"बड़ी किस्मत वाली है यार निशा तू जो तुझे इतना मस्त लंड मिला है" टीना आह भरते हुए बोली

"हाँ यार सच मे बड़ा मस्त है इसका लंड तो मन कर रहा है अभी मुँह मे भर लू" निशा अपने होंठो पर जीभ फिराते हुए बोली

"चलो चलो अपने बाय्फ्रेंड के पास जाओ ये मेरे लिए है" तभी दीदी बोली

"अरे वाह...अभी तक चुपचाप खड़ी थी और लंड देखते ही हमे भगाने लगी, खैर ये भी सच है की ये लंड तेरे ही लिए है लेकिन याद रखना की आज मैं भी इससे मज़े लूँगी, चल निशा अपनी लुल्लिया टटोलते है" टीना अपने आख़िरी के शब्दो को धीमा करते हुए बोली ताकि उनके बाय्फ्रेंड को सुनाई ना दे और फिर एक बार और मेरे लंड को निहार कर वो दोनो अपने अपने बाय्फ्रेंड के पास चली गई

अब मैं दीदी के एकदम नज़दीक पहुच गया और उसे बाँहो मे भर लिया मेरा नंगा लंड जो सीधा खड़ा हुआ था दीदी की नाभि के पास टकरा रहा था मै अपना मुँह दीदी के कान के पास लाया और धीरे से बोला "क्या सच मे तू इसे चूस पाएगी तुझे गंदा तो नही लगेगा"

"अभी पता नही लेकिन निशा तो बड़े मज़े से चूस रही थी मैं भी एक कोशिश कर के देखती हूँ" कहते हुए दीदी ने मेरे लंड को अपनी मुट्ठी मे जकड लिया

"कोशिश ही कर के देखना कोई ज़बरदस्ती नही है अगर गंदा लगे तो मत करना हमे बस एक बार इन दोनो को तुम्हारे मुँह मे लंड दिखाना ही तो है उसके बाद हम फ्री है, और वैसे भी चूत चाटने वाला काम नही कर सकता" मैं बोला

"लेकिन हम जो इतनी देर से चारो तरफ चुदाई देख कर गरम हुए पड़े है उसका क्या" दीदी मेरे लंड को मसलते हुए मेरे कान की लौ को अपने होंठो से चुभलते हुए बोली

"तुम उसकी चिंता मत करो मैं हम दोनो को ही बहुत अच्छे से ठंडा कर लूँगा और कैसे करना है मैने सोच भी लिया है अब बस तुम भी सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे हो जाओ इन दोनो के जैसे" मैं दीदी के बूब्स दबाता हुए बोला

मेरी बात सुनकर दीदी ने मेरे होंठो पर एक किस किया और अपने कपड़े उतार कर ब्रा पैंटी मे हो गई और घुटनो के बल मेरे सामने बैठ कर मेरे लंड को पकड़ लिया और बड़े ध्यान से उसके गोल लाल लाल चिकने सुपाडे को देखने लगी जिस पर कुछ बूंदे मेरे प्रेकुं की लगी हुई थी फिर उसने अपनी एक उंगली से वो बूंदे सॉफ की और मेरे लंड के सुपाडे को अपनी जीभ से चाट लिया लेकिन शायद फिर भी उसे मेरे प्रेकुं का कुछ स्वाद महसूस हुआ जो शायद उसे अच्छा नही लगा तो उसने उसे ठीक थूक दिया और मेरी तरफ देखा तो मैने उसे लंड मुँह मे लेने को कहा

एक तो मेरा लंड मोटा था और उसने आज तक किसी का भी लंड मुँह मे नही लिया था तो वो जैसे तैसे पूरा मुँह फाड़ कर मेरा लंड अपने मुँह मे भरने लगी और कुछ ही देर मे मेरा बहुत सा लंड उसके मुँह के अंदर था

"टीना...." दीदी के मुँह मे लंड जाते ही मैने टीना को आवाज़ लगाई ताकि वो देख सके की दीदी मेरा लंड चूस रही है
 
मेरी आवाज़ सुनकर टीना और निशा दोनो ने की अपने बाय्फ्रेंड के लंड मुँह से निकाले और हमारी तरफ देखा दीदी के मुँह मे मेरा लंड देख कर टीना ने मुझे थम्सअप का इशारा किया और वो दोनो फिर अपने काम मे लग गयी मैं जानता था की अब वो दोनो दोबारा इधर नही देखने वाली है तो मैं धीरे से बोला "दीदी अब तुम चाहो तो अपने मुँह से लंड निकाल सकती हो, हमारा काम हो गया है"

और जैसे दीदी इसी बात का इंतज़ार कर रही थी उसने झट से मेरा लंड मुँह से निकाला और खड़ी होकर थूकने लगी

"क्यों...टेस्ट अच्छा नही लगा क्या" मैने हँसते हुए पूछा

"अओउक्ककक....." दीदी ने उबकाई ली जैसे उसे उल्टी आ रही हो और बोली "छ्चीए......कितना गंदा था और वहाँ से सुसू की बदबू भी आ रही थी पता नही ये दोनो कैसे कर रही है"

"पहली बार उन्हे भी ऐसा ही हुआ होगा लेकिन अब उन्हे आदत हो गई है धीरे धीरे तुम्हे भी हो जाएगी" मैं उसे छेड़ते हुए बोला

"नो वे.....मैं दोबारा नही करने वाली अब" दीदी बोली

और मैं हँसने लगा तभी मेरी नज़रे टीना और निशा पर गई अब वहाँ चुदाई शुरू हो गई थी जहाँ टीना की चुदाई डॉगी स्टाइल मे हो रही थी वही निशा को शायद खड़े खड़े चुदवाने मे ही मज़ा आरहा था दीदी भी ये सब देख रही थी और अब उसकी साँसे एक बार फिर भारी हो गई थी और उसके बड़े बड़े बूब्स सांसो के साथ उठने गिरने लगे थे अब मुझसे भी सहन नही हो रहा था तो मैं जाकर दीदी के पीछे से चिपक गया मेरा लंड उसकी गान्ड की दरार पे सेट हो गया था और मेरे लेफ्ट हाथ की हथेली उसके लेफ्ट बूब पर ठहर गई थी जबकि अब मैने अपने राइट हॅंड से उसकी पैंटी के उपर से ही उसकी गान्ड के छेद पर अपना लंड सेट कर दिया और अपना वही हाथ सामने से उसकी पैंटी मे डाल कर उसकी चिकनी बिना बालो वाली चूत पर रख कर उसे सहलाने लगा और मेरा दूसरा हाथ दीदी की चुचि को ब्रा के अंदर जाकर मसलने लगा और मेरा लंड उसकी गान्ड मे छेद पर दबाव बनाने लगा

इस तीन तरफ़ा हमले से दीदी मस्त हो गई उसकी आँखे बंद हो गई और वो भी कमर हिला कर मेरा साथ देने लगी

उधर निशा और टीना की धुआधार चुदाई हो रही थी और सारा रूम ठप ठप और फॅक फॅक की आवाज़ से गूँज रहा था जोकि मेरी उत्तेजना को बढ़ाए जा रहा था

अब मैं दीदी की चूत के छेद मे अपनी बीच वाली उंगली अंदर बाहर कर रहा था जोकि थोड़ी ही अंदर जा रही थी और दीदी की चूत अब जैसे झरना बन गई थी और बहुत ज़्यादा पानी बहा रही थी जबकि इधर दीदी की पैंटी से रगड़ने के कारण मेरा लंड दर्द करने लगा था इसलिए अब मैने दीदी की पैंटी खिच कर उसके घुटनो तक कर दी और अपना नंगा लंड उसकी गान्ड से भिड़ा दिया

मेरे ऐसा करते ही दीदी ने अपना एक हाथ पीछे लाकर मेरा लंड पकड़ लिया और बोली "प्लीज़ सोनू चुदाई नही, प्लीज़"

"डोन्‍ट वरी, चुदाई ऐसे नही होती और अगर होती भी है तो तुम जैसी सील पॅक लड़की की ऐसे नही होती वो तो तुम्हारी पैंटी से रगड़ने के कारण मेरा लंड दर्द कर रहा था इसलिए पैंटी नीचे की है" मैं बोला

"लेकिन तेरा लंड.....वो पीछे से मेरी गान्ड पर लगा हुआ है अगर अंदर चला गया तो..." वो डरते हुए बोली

"नही जाएगा....और अगर गया भी तो बस थोड़ा ही जाएगा मैं उसे पूरा अंदर नही डालूँगा बस बाहर से ही रगड़ कर झड़ जाउन्गा" मैने उसे समझाया

"लेकिन अगर अंदर गया तो मुझे बहुत दर्द होगा" वो कुन्मुनाई

"अब बकवास मत कर यार.....बोल दिया ना की ऐसा कुछ नही होगा" मैं बोला और मैने उसकी चूत मे उंगली तेज़ी से चलानी शुरू कर दी और उसकी चुचि को बहुत ज़ोर से मसलते हुए उसकी गान्ड के उपर ज़ोर ज़ोर से लंड रगड़ने लगा और कोशिश करने लगा की मेरा लंड उसकी गान्ड मे ना घुस सके

अभी ऐसा करते कोई दो मिनिट ही हुए थे की दीदी का बदन अकड़ने लगा और उसने अपने एक हाथ से मेरे चुचि दबाते हाथ को कस कर दबा दिया और दूसरे हाथ से खुद ही दूसरी चुचि दबाने लगी और वो भल भल करके झड़ने लगी मेरा पूरा हाथ उसकी चूत के पानी से भर गया और उत्तेजना मे आकर मैने भी एक ज़ोर का धक्का लगाया और मेरा लंड उसकी गान्ड के अंदर थोड़ा सा घुस कर उसके छल्ले मे अटक गया

दीदी के मुँह से एक हल्की सी चीख निकाल गई और मैं अगला धक्का लगता इसके पहले ही मेरा पानी निकलने लगा मैने अपना लंड पीछे खींचा और दीदी की गान्ड से लंड रगड़ते हुए झड़ने लगा मेरे लंड निकाल लेने से दीदी को भी दर्द नही हुआ और वो भी झड़ने का मज़ा लेने लगी

जबकि उधर निशा और टीना का काम पहले ही हो चुका था वो चारो ही उजाड़ खंडहर की फर्श पर ढेर हुए पड़े थे और मैं दीदी की गर्दन पर सिर रखे गहरी गहरी साँसे ले रहा था.......
 
अपडेट 36

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मैं और दीदी कुछ देर बाद अपनी साँसे संभाल चुके थे जबकि वो चारो अभी भी फर्श पर ढेर पड़े हुए थे मैं अभी भी दीदी से पीछे से चिपका हुआ था और मेरे होंठ उसकी गर्दन को चूम रहे थे जबकि मेरे दोनो हाथ उसकी चुचियों से खेल रहे थे और दीदी अपनी आँखे बंद किए हुए दोबारा मज़े ले रही थी

"मैने कहा था ना तुझे की अंदर नही जाना चाहिए, फिर भी तूने अपना लंड मेरी गान्ड मे लगभग घुसेड ही दिया था" दीदी बोली

"सॉरी यार वो पता ही नही चला की कैसे ये हो गया लेकिन फिर भी अंदर तो नही गया था ना बस थोड़ी जगह ही बनाई थी उसने और तुरंत ही मैने उसे बाहर खिच लिया था" मैं बोला

"बच्चू....अगर थोड़ा भी ज़ोर और पड़ता ना तो आज मेरी गान्ड फट ही जानी थी तेरे इस मूसल से" दीदी मेरे लंड को भींचते हुए बोली जो अब फिर तैयार होने लगा था

"तो कौन सा पहाड़ टूट जाता, आज नही तो कल कोई ना कोई इसे फाडेगा ही अच्छा होता अगर ये आज ही फट जाती तो तुम्हारे पति को ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ती" कहते हुए मैने अपनी एक उंगली उसकी गान्ड के छेद मे घुसादी

"हहह...क्या कर रहा है पागल चल बाहर निकाल" कहते हुए दीदी ने मेरा हाथ वहाँ से बता दिया और बोली "देख अब बहुत हो गया जितना आगे हम बढ़ सकते थे बढ़ गये अब आगे नही"

दीदी की बात ख़तम होने तक मैने अपना लंड जो की अब तक खड़ा हो चुका था एक बार फिर दीदी की गान्ड पर सेट कर दिया और एक हल्का सा धक्का मारा जिससे लंड थोड़ा सा फिर दीदी की गान्ड मे घुस गया तो छटपटाती हुई मुझसे छूट कर दूर जाकर खड़ी हो गई और गुस्से से मेरी तरफ देखते हुए अपने कपड़े पहनने लगी

"अरे इतनी जल्दी कपड़े क्यों पहन रही है क्या दोबारा नही करना है" टीना जो अब तक उठ कर बैठ चुकी थी बोली

"मेरा तो हो गया तुम लोगो को करना है तो करो" दीदी बोली

"ठीक है जैसी तेरी मर्ज़ी वैसे अब तो मैं सोनू के साथ कर सकती हूँ ना" टीना उठते हुए बोली उसकी नज़र मेरे खड़े लंड पर पड़ चुकी थी

"मुझे कोई प्राब्लम नही है तुम दोनो जो चाहे कर सकते हो" दीदी बोली अब वो अपने पूरे कपड़े पहन चुकी थी

और फिर टीना जोकि पूरी नंगी थी मेरे पास आ गयी और मैने अब उसे गौर से देखा उसकी चुचिया काफ़ी बड़ी थी लेकिन दीदी से थोड़ी कम ही थी और उसकी गान्ड तो एकदम कमाल थी कुछ ज़्यादा ही बाहर को निकली हुई और बहुत चौड़ी भी थी उसकी गान्ड देख कर मेरा मन हो रहा था की सबसे पहले इसकी गान्ड ही पेल दूँ

टीना मेरे पास आकर घुटनो के बल मेरे सामने बैठ गई और मेरे लंड को देखने लगी

तभी किसी का मोबाइल बजा मैने उस तरफ देखा तो वो निशा के बाय्फ्रेंड का फोन था वो नंगा ही उठा और एक तरफ जाकर बात करने लगा उसकी आवाज़ बहुत ढीली थी तो हमे सुनाई नही दे रहा था की वो क्या बात कर रहा है लेकिन सभी उसे ही देख रहे थे

"यार निशा मुझे तुरंत यहाँ से जाना पड़ेगा मेरे भाई का आक्सिडेंट हो गया है" वो फोन काट कर वापस आते हुएबोला और अपने कपड़े पहनने लगा

"क्या...कब कैसे कहाँ हुआ" निशा ने पूछा तो उसने सब बता दिया अब तक वो अपने कपड़े पहन चुका था

"ओह्ह्ह्हलेकिन अब मैं भी यहाँ क्या करूँगी मैं भी तुम्हारे साथ ही चलती हूँ" निशा बोली

"लेकिन मैं अपने शहर तो जा नही रहा और वैसे भी तुम ही इन सबको यहाँ लाई हो तो इन्हे छोड़ कर कैसे जा सकती हो" निशा का बाय्फ्रेंड बोला

"हाँ यार ये बात भी है, ओके तो तुम जाओ मैं वापसी मे किसी के साथ भी अड्जस्ट कर के आ जाउन्गी" निशा बोली

और फिर हम सभी ने उसके भाई के ठीक होने की कामना की और वो निशा को किस करके निकल गया
 
"ओके निशा, अब मैं तो सोनू के मूसल से खेलूँगी और निशा का मूड कुछ करने का है नही तू चाहे तो मेरे बाय्फ्रेंड के साथ मस्ती कर ले" निशा के बाय्फ्रेंड के जाने के बाद टीना बोली

"नही यार अभी मेरा मूड नही है तू ही कर" कहते हुए निशा ने भी अपने कपड़े पहन लिए

"चल निशा हम वापस चलते है फॉल पर" निशा कपड़े पहन कर बोली

"ओके वैसे भी अब यहाँ हमारा क्या काम है, वहीं चलते है और तुम लोग भी निपट कर वहीं आ जाना" दीदी मुझे देखते हुए बोली

"हाँ इतना सब करने के बाद नहाना तो पड़ेगा ही ना" मैं टीना को अपनी बाहों मे भरते हुए बोला

"ज़्यादा नही, ज़्यादा नही वरना......., ओके हम चलते है" दीदी आँख दिखाते हुए बोली और वो दोनो भी चली गई

"तो अब क्या करना है तू अकेली और हम दो है कैसे लेगी दोनो का" टीना का बाय्फ्रेंड बोला जिसका लंड भी अब खड़ा होने लगा था

"तेरे साथ तो कर ही चुकी हूँ अब तो मुझे इस मोटे लंड से चुदवाना है, एक काम करते है मैं सोनू का लंड अपनी चूत मे लूँगी जबकि तेरे लंड को मुँह मे लेकर ठंडा कर दूँगी" टीना बोली

"और गान्ड के बारे मे क्या ख़याल है" मैं टीना की गान्ड की दरार मे उंगली घुमाते हुए बोला

"ना बाबा ना, आज तक मैने वहाँ से नही करवाया है उसके बारे मे तो सोचो भी मत" टीना झुरजुरी लेते हुए बोली

"क्या यार इतनी मस्त गान्ड है और आज तक नही मरवाई, चल आज इसका भी उद्घाटन करवा ही ले" मैं उसकी गान्ड के छेद मे उंगली घुसेड़ने की कोशिश करते हुए बोला

"तुम लड़के लोग गान्ड के पीछे ही क्यों पड़े रहते हो मैने कहा ना मुझे वहाँ से नही करवाना है, चलो अब सीधे सीधे कर लो" टीना अपनी गान्ड का छेद सिकोडते हुए बोली जिससे मेरी उंगली उसकी गान्ड मे नही घुस पाई और वो अब घुटनो के बल मेरे सामने बैठ कर मेरे लंड को पकड़ कर मसलने लगी जिससे मेरा लंड अपने फुल साइज़ मे आ गया

टीना का बाय्फ्रेंड भी ये सब देख कर हमारे पास आकर खड़ा हो गया था अब टीना ने मेरा लंड एक हाथ से पकड़ कर मुँह मे भर लिया था और दूसरे हाथ से अपने बाय्फ्रेंड का लंड मुठियाने लगी थी

रूपा के बाद आज टीना के लंड चूसने से मैं फिर मज़े मे था उसके गरम गरम मुँह मे लंड ऐसा लग रहा था जैसे किसी भट्टी मे हो

थोड़ी देर तक लंड चूसने के बाद टीना खड़ी हो गई और बोली "चलो यार अब सबर नही होता, मुझे ये मूसल मुँह मे नही मेरी चूत मे चाहिए"

मैं भी तो कब से मरे जा रहा हूँ मेरी जान इसे तेरी चूत मे पेलने के लिए" मैं बोला और मैने टीना के होंठो को चूसना शुरू कर दिया जबकि मेरे हाथ उसके बूब्स को मसल रहे थे और टीना अपने एक हाथ से मेरा और दूसरे हाथ से उसके बाय्फ्रेंड का लंड मसल रही थी इस वक्त उसके दोनो हाथो मे लड्डू थे

अब मेरा एक हाथ उसकी मस्त गान्ड का भूगोल नाप रहा था और जल्द ही मेरी एक उंगली उसकी गान्ड के छेद पर थी और जैसे ही उसने ये महसूस किया वो झट से मुझसे अलग हो गई

"तू नही सुधरेगा......चल अब तैयार हो जा मेरी चूत चोदने को" बोलते हुए टीना घोड़ी बन गई और उसने उसके बाय्फ्रेंड को अपने सामने आने का इशारा किया और मैं खुद ही उसके पीछे अपनी पोज़िशन ले चुका था

फिर टीना ने अपनी पानी छोड़ती चूत पर मेरा लंड सेट किया और अपने बाय्फ्रेंड का लंड मुँह मे भर लिया

टीना की चूत की गर्मी पाते ही मेरा लंड फूल कर और ज़्यादा मोटा हो गया और मैने भी टीना की कमर पकड़ कर एक ज़ोर का धक्का लगा दिया और मेरा आधा लंड एक ही बार मे उसकी गीली चूत मे समा गया

"ऑओह्ह्ह्ह्ह्ह माँ......मर गई रे.........साले बहन चोद कोई ऐसे करता है क्या, थोड़ा आराम से करना था ना एक ही बार मे इतना मोटा लंड ठूँस दिया मेरी चूत मे क्या जान लेगा मेरी" दर्द के मारे टीना चिल्लाई

"क्या करू मेरी बहन तेरी चूत है ही इतनी मस्त की मुझसे रहा नही गया, ले और ले" कहते हुए मैने लंड पूरा बाहर खिच कर एक ज़ोर का धक्का और मारा अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत मे था और उसके गर्भाषय को टच कर रहा था

"हाई....रे....मेरे बेरहम भाई......कुछ तो सोच मेरी छोटी सी मुनिया के बारे मे कहीं फट ना जाए" टीना मेरे मोटे लंड को अच्छे से फील करती हुई बोली जो उसकी चूत की दीवारो को पूरी तरह से फैला कर रगड़ ख़ाता हुआ जड़ तक घुसा हुआ था

और फिर जैसे टीना ने अड्जस्ट किया उसने अपनी कमर पीछे धकेल दी और मुझे सिग्नल मिल गया की अब चुदाई शुरू की जाए और मैने धक्के लगाने शुरू कर दिए उधर टीना उसके बाय्फ्रेंड के लंड को चूसने लगी थी

थोड़ी ही देर मे मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा जिससे टीना के मुँह मे उसके बाय्फ्रेंड का लंड आगे पीछे होने लगा जैसे वो उसका मुँह चोद रहा हो
 
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