S
StoryPublisher
Guest
शाज़िया नंगी रूम में आती है और उसके साथ साथ दोनो शैतान भी.....कमरे में आ कर अनीस शाज़िया के गीले बालों को पोछने में मदद करता है और साथ ही साथ उसके बाकी शरीर को भी पोछता है.....जबतक जीशान शाज़िया के अलमीरा में से एक साड़ी और एक ब्लाउज और इनको निकालने के बाद दौर कर अपने कमरे से एक रस्सी ले कर आता है.....शाज़िया उसे सवालिया नजरो से देखती है जबकि अनीस मुस्कुराता है....
शाज़िया - मेरी पेटिकोट कहा है और ये रस्सी क्यों लाये हो....
जीशान - तुम बस देखती जाओ माँ....और जबतक काम पूरा नही हो जाता मुह बन्द रखना .....
भइया तुम माँ को नंगी तैयार करो मैं तुम्हारे बाद उसे खूबसूरती में चार चांद लगाऊंगा.....
अनीस शाज़िया के बालों को कंघी से सुलझाने लगता है और उन्हें सुलझाने के बाद उसके बदन को डीओ से खुश्बूदार बना देता है उसके बाद वो उसे उसकी बाहों को उठा कर काँखों में पाउडर लगता है और उसके बाद डियो दुबारा उठा कर उसकी गांड़ और चुत पे भी स्प्रे कर देता है और डियो के ठंडे अहसास से शाज़िया गनगना जाती है |
शाज़िया - क्या करते हो अनीस ये वहा लगाने की चीज थोड़े ही है |
अनीस हस कर रह जाता है और चिल्ला कर कहता है-
जीशान अब जल्दी करो और माँ को कपड़े पहना दो या ऐसे ही ले जाने का इरादा है आर ये कहते हुए शाज़िया की चूची को मुह में भर लेता है .....
शाज़िया उसे कुछ देर चूसने देती है जबतक जीशान उसके लिए कपड़े ले आता है और अनीस जा कर अपने मोबाइल से शाज़िया और जीशान की विडियो बनाने लगता है जीशान शाज़िया की कमर में वो रस्सी बांध देता है और शाज़िया को ब्लाउज पहना देता है वो उसके ब्लाउज की दो बटन्स खुले छोड़ देता है
शाज़िया - ये क्या कर रहा है कमर में रस्सी ब्लाउज के खुले बटन्स ऐसे ले जाओगे मुझे मैं ऐसे नहीं जा रही हु कही
जीशान उसकी कमर को पकड़ कर कहता है की रुको माँ तुम बस देखती रहो और मैंने और अनीस भईया ने क्या कहा है याद है ना |
शाज़िया – हां
जीशान - तो बस
और वो शाज़िया को साडी पहनाने लगता है साडी का एक भाग जिस को पेटीकोट में डालते है वो जीशान उस रस्सी के अंदर डालता है जो साडी को अच्छे से थाम लेता है नीचे गिरने नहीं देता शाज़िया आँखे गोल किए हुए देखती रहती है उसे तैयार करने के बाद दोनों भाई भी तैयार हो जाते है और निकल पड़ते है हॉल की तरफ
ऑटो में शाज़िया उन् दोनों के बीच बैठती है और शाज़िया को बिना पेटीकोट के साड़ी काफी अजीब एहसास दे रहा था मगर साथ ही साथ उसकी चूत भी गीली हो रही थी
ऑटो में उन तीनो के अलावा दो और मर्द आ कर बैठे ड्राईवर के अगल बगल और वो दोनों भी साइड मिरर से शाज़िया को देखने लगते है पूरी की पूरी रंडी लग रही थी ब्लाउज के खुले हुए दो हुक्स और साडी कमर से काफी नीचे वो दोनों को समझते देर ना लगी की ये दोनों लौंडे आज रात के ग्राहक है इस्के वो दोनों उसे पूरी तरह घूरते हुए अपने मंजिल पर पहोच जाते है और ऑटो से उतर कर चले जाते है जाते वक़्त घूम कर उसकी तरफ देखते जरुर है और शाज़िया भी उन दोनों को ही देखते रहती है जिसके बाद शाज़िया गुस्से में जीशान को देखती है और जीशान आँख बचाते हुए उसकी चूची को दबा देता है....
शाज़िया झटके से उसका हाथ हटाती है.......
अनीस इन दोनो की हरकतों को देखते रहता है कुछ ही देर में हॉल पहुच जाते है नाईट शो होने के कारण लोग कम ही थे वो दोनों अन्दर आने के बाद अपनी सीट पर बैठ जाते है और ऑटो की ही तरह शाज़िया उन् दोनों के बीच बैठी होती है.....
शाज़िया - मेरी पेटिकोट कहा है और ये रस्सी क्यों लाये हो....
जीशान - तुम बस देखती जाओ माँ....और जबतक काम पूरा नही हो जाता मुह बन्द रखना .....
भइया तुम माँ को नंगी तैयार करो मैं तुम्हारे बाद उसे खूबसूरती में चार चांद लगाऊंगा.....
अनीस शाज़िया के बालों को कंघी से सुलझाने लगता है और उन्हें सुलझाने के बाद उसके बदन को डीओ से खुश्बूदार बना देता है उसके बाद वो उसे उसकी बाहों को उठा कर काँखों में पाउडर लगता है और उसके बाद डियो दुबारा उठा कर उसकी गांड़ और चुत पे भी स्प्रे कर देता है और डियो के ठंडे अहसास से शाज़िया गनगना जाती है |
शाज़िया - क्या करते हो अनीस ये वहा लगाने की चीज थोड़े ही है |
अनीस हस कर रह जाता है और चिल्ला कर कहता है-
जीशान अब जल्दी करो और माँ को कपड़े पहना दो या ऐसे ही ले जाने का इरादा है आर ये कहते हुए शाज़िया की चूची को मुह में भर लेता है .....
शाज़िया उसे कुछ देर चूसने देती है जबतक जीशान उसके लिए कपड़े ले आता है और अनीस जा कर अपने मोबाइल से शाज़िया और जीशान की विडियो बनाने लगता है जीशान शाज़िया की कमर में वो रस्सी बांध देता है और शाज़िया को ब्लाउज पहना देता है वो उसके ब्लाउज की दो बटन्स खुले छोड़ देता है
शाज़िया - ये क्या कर रहा है कमर में रस्सी ब्लाउज के खुले बटन्स ऐसे ले जाओगे मुझे मैं ऐसे नहीं जा रही हु कही
जीशान उसकी कमर को पकड़ कर कहता है की रुको माँ तुम बस देखती रहो और मैंने और अनीस भईया ने क्या कहा है याद है ना |
शाज़िया – हां
जीशान - तो बस
और वो शाज़िया को साडी पहनाने लगता है साडी का एक भाग जिस को पेटीकोट में डालते है वो जीशान उस रस्सी के अंदर डालता है जो साडी को अच्छे से थाम लेता है नीचे गिरने नहीं देता शाज़िया आँखे गोल किए हुए देखती रहती है उसे तैयार करने के बाद दोनों भाई भी तैयार हो जाते है और निकल पड़ते है हॉल की तरफ
ऑटो में शाज़िया उन् दोनों के बीच बैठती है और शाज़िया को बिना पेटीकोट के साड़ी काफी अजीब एहसास दे रहा था मगर साथ ही साथ उसकी चूत भी गीली हो रही थी
ऑटो में उन तीनो के अलावा दो और मर्द आ कर बैठे ड्राईवर के अगल बगल और वो दोनों भी साइड मिरर से शाज़िया को देखने लगते है पूरी की पूरी रंडी लग रही थी ब्लाउज के खुले हुए दो हुक्स और साडी कमर से काफी नीचे वो दोनों को समझते देर ना लगी की ये दोनों लौंडे आज रात के ग्राहक है इस्के वो दोनों उसे पूरी तरह घूरते हुए अपने मंजिल पर पहोच जाते है और ऑटो से उतर कर चले जाते है जाते वक़्त घूम कर उसकी तरफ देखते जरुर है और शाज़िया भी उन दोनों को ही देखते रहती है जिसके बाद शाज़िया गुस्से में जीशान को देखती है और जीशान आँख बचाते हुए उसकी चूची को दबा देता है....
शाज़िया झटके से उसका हाथ हटाती है.......
अनीस इन दोनो की हरकतों को देखते रहता है कुछ ही देर में हॉल पहुच जाते है नाईट शो होने के कारण लोग कम ही थे वो दोनों अन्दर आने के बाद अपनी सीट पर बैठ जाते है और ऑटो की ही तरह शाज़िया उन् दोनों के बीच बैठी होती है.....