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अंजाने में बहन ने ही चुदवाया पूरा परिवार complete

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मेरी बात सुनकर बाजी ने मुझे एक मुक्का मारा पेट में और बोली- “हाँ हाँ जैसे तुम तो बस मेरे मजे के लिए ही कर रहे हो ना ये सब?”

बाजी की बात सुनकर मैं हँस दिया और बाजी को अपनी तरफ खींचकर एक किस की और बोला- “नहीं बाजी, मजा तो हम दोनों ही करेंगे और फिर हम एक दूसरे से लिपट के सो गये...”

अगली सुबह मैं उठा और नहाने के लिए बाथरूम का दरवाजा खोला तो मुझे सामने ही निदा नजर आई जो कि हमारे रूम का दरवाजा खोलने के लिए अपना हाथ बढ़ा ही रही थी। लेकिन क्योंकी मैंने दरवाजा खोल दिया था तो निदा मुझे देखकर मुश्कुराते हुये बोली- “बैंक्स भैया, आप कितना ख्याल रखते हो हमारा?”

मैंने निदा की बात का जवाब दिए बिना बोला- अगर तुमने अभी नहाना नहीं है तो बाहर निकलो, मुझे नहाना

निदा मुश्कुराती हुई बाथरूम से हमारे रूम में आ गई और बाजी के पास जाकर बैठ गई। मैं नहाने के लिए बाथरूम में घुस गया और जब नहाकर बाहर निकला तो फरी बाजी और निदा दोनों ही बेड से नीचे बैठी बातें कर रही थीं। लेकिन मेरे रूम में आते ही दोनों खामोश हो गईं और अब मेरी तरफ देखने लगीं। लेकिन निदा की स्माइल कुछ शरारती सी थी।

मैंने बाजी की तरफ देखते हुये कहा- “चलो यार, अब तुम लोग भी नहा लो 8:00 बज रहे हैं। अभी तक नाश्ता भी नहीं किया है हम लोगों ने...”

बाजी ने कहा- “भाई आप जाओ नाश्ता ले आओ, तब तक हम लोग भी तैयार हो जायेंगे...”

मैंने कपड़े चेंज किए और बाजार से नाश्ते लाने चल दिया। मुझे काफी दूर से नाश्ता लाना पड़ा, जिसमें मुझे 9:00 बजे से ऊपर का टाइम हो गया था। जब मैं घर वापिस आया तो सब लोग नहा धो के फ्रेश हो चुके थे। जिसके बाद सबने मिलकर खाना खाया।

नाश्ता खतम करते ही निदा ने कहा- “अम्मी क्या ख्याल है अब निकलें?”

अम्मी ने हाँ में सिर हिला दिया। अम्मी जैसे ही तैयार होने के लिए उठी तो बाजी ने अम्मी से कहा- “आप दोनों चली जाओ, मैं नहीं जा रही चेयर लिफ्ट में आपके साथ...”

अम्मी ने हैरानी से फरी की तरफ देखा और बोली- क्यों अब तुम्हें क्या मसला है?

बाजी ने रोनी सी सूरत बनाकर अम्मी से कहा- “रात से मेरा पेट खराब है इसीलिए मना कर रही हैं। क्योंकी अगर बाहर जाने के बाद फिर से दर्द उठा तो मुझे वहाँ कोई जगह भी नहीं मिलेगी। आप निदा के साथ चली जाओ मैं फिर किसी दिन घूम आऊँगी...”

 
अम्मी ने ओके कहा और अपने रूम में चली गई। निदा थोड़ी ही देर में तैयार होकर बाहर आ गई तो उसे देखते ही मैंने दिल में कहा- “साली क्या किसी यार को दिखाने जा रही है अपने आपको या अम्मी के साथ घूमने के लिए जा रही है कामीनी...”

निदा के बाद अम्मी भी तैयार होकर बाहर आ गई तो फरी उठकर बाथरूम की तरफ चल दी।

अम्मी ने कहा- सन्नी आज अगर तुम यहाँ ही रहो अपनी बहन के साथ तो अच्छा है जरा उसका ख्याल रखना।

मैंने अम्मी की तरफ देखकर मुश्कुराते हुये कहा- अम्मी आप कोई टेन्शन नहीं लो। अगर जरूरत हुई तो मैं बाजी को डाक्टर के पास भी ले जाऊँगा।

अम्मी ने हाँ में ही सिर हिलाया और निदा को लेकर घर से निकल गई।

अम्मी और निदा के जाते ही मैं भी रूम में गया और बाजी को जो कि बाथरूम में थी बोला- “यार अम्मी निकल गई हैं, अब तुम भी तैयार होकर निकल आओ...”

बाजी ने दरवाजा खोला और बोली- “यार भाई मैं बस अभी 5 मिनट में आ रही हूँ तैयार होकर, तुम भी तब तक तैयार हो जाओ...”

बाजी सचमुच 5 मिनट में तैयार हो गई और फिर हम दोनों घर को लाक करके बाजार की तरफ जाने लगे। उस वक़्त बाजी के चेहरे पे एक अजीब से खुशी भी नजर आ रही थी मुझे। हम घर से अभी कुछ ही आगे निकले थे कि बाजी ने कहा- “भाई क्या इरादा है, क्या करना है?”

मैंने कहा- “यार यहाँ हमारी तरह कई लोग आए हुये हैं घूमने के लिए, उनमें से ही किसी ना किसी को ले चलेंगे साथ..."

बाजी- पागल हो गये हो क्या? वो क्या समझेगा मुझे?

मैं- यार बाजी, वो आपको ज्यादा से ज्यादा कोई गश्ती ही समझेगा ना... तो क्या फर्क पड़ता है? लोगों को समझने दें, वो कौन सा हमारे जानने वाले होंगे? बस टाइम पास और मजा ही तो करना है।

बाजी- नहीं भाई, ये तरीका ठीक नहीं है। कोई भी मसला बन सकता है?

मैं- यार कुछ नहीं होगा। तुम घबराओ मत। मैं हूँ ना तुम्हारे साथ। ये मेरा सिर दर्द है तुम्हारा नहीं।

हम ये बातें ही कर रहे थे कि बाजी एक साइड पे होकर बैठ गई और बोली- “भाई थोड़ा बैठ जाते हैं यहाँ...”

मैंने देखा कि वहाँ कुछ लड़के जो कि एक 4-5 लड़कों का यूप था, बाजी को ही ताड़ने में लगे हुये थे। मैंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया और बाजी की तरफ देखा जो कि किसी तरफ देख रही थी। मैंने बाजी की नजर का पीछा किया तो वहाँ एक स्मार्ट सा लड़का खड़ा बाजी की तरफ देखकर मुश्कुरा रहा था।

मैंने बाजी की तरफ देखकर हल्का सा खाँसी किया तो बाजी ने भी मेरी तरफ देखा और मुश्कुरा दी। मैं समझ गया कि बाजी का दिल किस तरफ झुक रहा है, तो मैंने बाजी को हाँ में सिर हिला दिया।

 
कुछ देर बाद जब वो लड़के जो बाजी को ही ताड़ रहे थे वहाँ से चले गये, तो मैंने बाजी से कहा- “आप उस लड़के को अपने पीछे आने का इशारा करो, और अगर वो आ गया तो आप घर की तरफ चल देना। ओके?”

बाजी ने हाँ में सिर हिला दिया तो मैं वहाँ से उठा और एक साइड पे जाने लगा तो बाजी ने थोड़ी देर बाद उस लड़के को अपनी तरफ आने का इशारा किया और उठकर घर की तरफ चल दी। मैं अब करीबी दुकान के पीछे खड़ा हुआ सब देख रहा था। कुछ देर तक वो लड़का इधर-उधर देखता रहा, लेकिन जब मैं उसे कहीं दिखाई नहीं दिया तो उसने थोड़ी हिम्मत की और बाजी के पीछे कुछ फासला रखकर चलने लगा।

तो मैं भी उसके पीछे चलने लगा। थोड़ी दूर आने के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और उस लड़के के पास पहुँच गया और बोला- “क्या हाल है भाई?”

वो लड़का एकदम से उछल पड़ा और इससे पहले के कुछ करता मैं बोल पड़ा- “घबराओ नहीं यार, मैं तुम्हारा दोस्त बन सकता हूँ और वो भी जिसके पीछे तुम जा रहे हो...”

लड़का- मैं कब किसी के पीछे जा रहा हूँ?

मैं- यार मेरा नाम सन्नी है अगर तुम भी अपना नाम बता दो तो आसानी रहेगी बात करने में।

लड़का- मेरा नाम विक्की है। लेकिन तुम क्या बात करना चाहते हो मेरे साथ?

मैं- यार मैं थरी-सम करना चाहता हूँ, क्या तुम उसमें मेरा साथ दोगे?

विक्की हँसते हुये- “देखो सन्नीजी, यहाँ इस तरह तुम मुझे उल्लू नहीं बना सकते समझे? माना कि मैं यहाँ घूमने आया हूँ, लुटने नहीं..."

मैं- “यार अगर तुम्हें यकीन नहीं है तो जाओ जहाँ जाना है, मुझे कोई और मिल जाएगा। अगर दिल मान जाए तो आ जाना, वो सामने मेरा घर है.." और साथ ही अपने घर की तरफ इशारा कर दिया, जहाँ फरी दरवाजे में ही खड़ी हमारी तरफ देख रही थी।

विक्की फरी की तरफ देखकर बोला- क्या तुम सच में थरी-सम करना चाहते हो?

मैं- हाँ... और बाकी अगर तुम चाहो तो? वरना कुछ और इंतजाम करना होगा मुझे।

विक्की- लेकिन मैं ही क्यों, कोई और नहीं मिला तुम्हें?

मैं- अब तुम ही सबसे पहले अकेले नजर आए, जो उसे उल्लू की तरह भूखी निगाहों से खा जाने की कोशिश कर रहे थे, तो मैंने सोचा कि तुम्हें ही साथ मिला लिया जाए। इसलिए तुमसे बात की है।

 
विक्की- ठीक है सन्नीजी मैं तैयार हैं। लेकिन अगर लूटना चाहते हो तो अभी से बता देता हूँ कि मेरे पास से तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा।

मैं- यार चल तो सही, मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए।

मेरी बात सुनकर विक्की ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर फरी की तरफ देखते हुये बोला- “तो चलो अब जो होगा देखा जाएगा...”

मैं उसकी बात सुनकर हँस दिया और उसका हाथ पकड़कर घर की तरफ चल दिया, तो फरी दरवाजा खुला छोड़कर अंदर चली गई हमें आता देखकर। मैं विक्की को अपने साथ लेकर घर में आया तो वो काफी झिझक रहा था लेकिन बोला कुछ नहीं।

मैंने दरवाजा लाक किया और अपने रूम की तरफ चल दिया विक्की को साथ लिए हुये और जब हम रूम में इन हुये तो देखा कि फरी बाजी रूम में नहीं थी। लेकिन बाथरूम की लाइट को जलता देखकर मैं समझ गया कि बाजी बाथरूम में थी, तो मैंने विक्की को बेड पे बैठने का बोला और बाथरूम में गया तो देखा कि बाजी वहाँ खामोश खड़ी हुई हैं।

मैंने बाजी से कहा- “अब क्या हुआ, यहाँ क्यों खड़ी हो?”

बाजी ने कहा- “भाई बड़ी घबराहट हो रही है मुझे। क्या ये सब ठीक है? कहीं कुछ उल्टा सीधा हुये गया तो क्या होगा?

मैंने बाजी को होसला दिया और साथ ही बाजी की शर्ट भी ऊपर करने लगा। बाजी ने कहा- भाई एक बार और सोच लो?

मैंने कहा- यार तुम बस इतना बताओ की तू मजा लेना चाहती हो या नहीं?

बाजी ने कहा- भाई मैं मजा तो लेना चाहती हैं, लेकिन बदनामी का भी तो डर लगा रहेगा ना?

मैंने कहा- “बाजी कुछ नहीं होगा। ये हमें नहीं जानता है आज ही आया है, थोड़ा मजा करेगा आपके साथ और चला जाएगा। फिर जिंदगी में इसके साथ हमारी मुलाकात मुश्किल से ही होगी..” और इतना बोलकर मैंने बाजी की शर्ट उतार दी और बोला- “चलो जल्दी से अपनी पैंट भी निकालो...”

बाजी ने मेरी तरफ देखा और फिर सिर झुकाकर पैंट भी निकल दी। मैंने बाजी का हाथ पकड़ा और रूम में ले आया। उस वक़्त बाजी सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही थी, तो मैंने बाजी को अपने साथ लेकर बेड पे लिटा दिया और बोला- "आप यहाँ लेट जाओ..."

और विक्की से बोला- “यार अब डर क्यों रहे हो? अभी तक यकीन नहीं आया तुम्हें?”

 
विक्की हँस दिया और बाजी की तरफ देखने लगा, जो कि उस वक़्त अपने एक बाजू के सहारे बेड पे टिक चुकी थी। विक्की फरी बाजी को देखकर अपनी जुबान अपने होंठों पे घुमाने लगा।

मैंने कहा- “चलो भाई, अब तुम भी कपड़ों से बाहर आ जाओ...” और ये बोलकर मैं भी अपने कपड़े उतारने लगा।

विक्की भी खड़ा हो गया और अपने कपड़े उतारने लगा। लेकिन उसकी नजर अब भी फरी बाजी की चूचियों पे ही अटकी हुई थी।

मैंने कपड़े उतारकर फरी से कहा- “यार इस बेचारे को थोड़ा अपनी इन प्यारी सी चूचियों का नजारा ही करवा दो। वरना इससे तो कपड़े भी नहीं उतरेंगे...”

बाजी मेरी बात सुनकर हँस दी और साथ ही उठकर बैठ गई और अपनी ब्रा को थोड़ा सा खींचकर अपनी चूचियां दिखाने लगी।

बाजी की चूचियों को देखते ही विक्की जो कि अपने कपड़े उतार चुका था झट से बाजी की चूचियों की तरफ लपका और उन्हें ब्रा से निकालकर अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दबाने लगा। मैंने भी आगे बढ़कर बाजी। की ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा निकल दी और फिर मैंने विक्की को थोड़ा पीछे हटाया और बाजी की पैंटी को हाथ डाला ही था कि बाजी उल्टी हो गई लेकिन मैंने पैंटी निकाल दी।

मैंने बाजी को ऐसे लेटा देखा तो बोला- “क्या जी, गाण्ड मरवाने का इरादा है? जो उल्टा लेट गई हो...”

बाजी सीधी होकर बैठ गई और बोली- ऐसा सोचना भी नहीं कभी मुझे ये गाण्ड मरवाने वाला मजाक पसंद नहीं है। समझे?

अब मैंने ज्यादा टाइम जाया ना करते हुये बाजी को टाँगों से पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया और बाजी की टाँगों को ऊपर की तरफ उठा दिया तो बाजी की प्यारी सी फुद्दी पूरी तरह से हमारे सामने आ गई। फरी बाजी की फुद्दी पे नजर पड़ते ही मैंने विक्की की तरफ देखा तो उसने भी अपनी नजर फरी की फुद्दी से हटाकर मेरी तरफ देखा। मैं हँसते हुये बाजी की टाँगों को छोड़कर पीछे हट गया और विक्की को इशारे से आगे बढ़ने का बोला।

विक्की खुश हो गया और नीचे ही बैठ गया बाजी की टाँगों के पास, और खुद बेड पे झुक के लेट गया और बाजी की टाँगों को खोलता हुआ अपना सिर बाजी की रानों में ले गया और अपना मुँह मेरी बड़ी बहन की फुद्दी। से लगाकर चूसने लगा।

आप सोचिए कि उस वक्त मुझे कितना मजा आ रहा होगा कि मेरी सगी बड़ी बहन मेरे सामने एक अंजान लड़के से अपनी फुद्दी चुसवा रही थी और मैं पास ही नंगा खड़ा अपना लण्ड सहला रहा था।

 
अब मैं बेड पे चढ़कर खड़ा हो गया और फरी को मेरा लण्ड चूसने के लिए बोला। फरी उठ गई और बैठकर मेरा लण्ड चूसने लगी। विक्की ने फरी की गाण्ड को थोड़ा ऊपर उठाया और खुद अपना सिर उसके नीचे घुसा दिया और फरी की फुद्दी चाटने लगा, जिससे अब नजारा कुछ ऐसा हो गया था कि मैं खड़ा हुआ अपनी बहन से । लण्ड चुसवा रहा था और फरी विक्की के मुँह पे अपनी गाण्ड टिकाकर बैठी उससे अपनी फुद्दी चुसवा रही थी और मेरा लण्ड चूस रही थी।

थोड़ी देर तक हम तीनों ऐसे ही चुसाई का मजा लेते रहे। उसके बाद मैंने अपना लण्ड फरी बाजी के मुँह में से निकाल लिया और उसे लेटने को बोला। वो विक्की के ऊपर से हट गई और सीधी होकर लेट गई। मैंने विक्की को बोला- “चल यार पहले तू इस रंडी की बजा, फिर मैं बजाऊँगा...”

विक्की खुश हो गया और फरी को अपनी तरफ खींच लिया और खुद फरी की रानों में बैठ गया और अपना लण्ड मेरी बहन की फुद्दी में घुसा दिया। मैं भी फरी के पास चला गया तो फरी मेरी तरफ देखकर मेरा लण्ड अपने हाथ में पकड़कर सहलाने लगी, और विक्की के लण्ड जो कि अब फरी की फुद्दी में था उससे चुदाई का मजा लेने लगी।

थोड़ी देर तक ऐसे ही विक्की फरी की जम के चुदाई करता रहा और फिर मैंने फरी को अपनी तरफ खींच लिया

और उसे डोगी बनाकर पीछे से अपना लण्ड अपनी बड़ी बहन की फुद्दी में घुसा दिया और चुदाई करने लगा। विक्की फरी के चेहरे के पास आकर लेट गया तो फरी ने उसका लण्ड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और मुझसे चुदने लगी।

अब फरी पूरे जोश में आ चुकी थी और उसने अपनी गाण्ड को भी मेरे लण्ड की तरफ जोर-जोर से दबाना और साथ ही- “आअहह... और जोर से चोदोऊऊ उनम्म्मह... फाड़ डालो मेरी फुद्दी कोऽs ऊऊओह्ह... बहुत मजा आ । रहा है...” की आवाज भी करती जा रही थी और साथ ही साथ विक्की के लण्ड को भी हाथ में पकड़कर हिलाती जा रही थी।

दूसरी तरफ विक्की भी अब काफी ज्यादा गरम हो रहा था तो अचानक उसने फरी को अपनी तरफ खींच लिया

और अपने लण्ड पे बैठने के लिए बोला। फरी ने उसके ऊपर आकर लण्ड को अपने हाथ से पकड़कर अपनी फुद्दी पे सेट किया और एक झटके से विक्की के लण्ड पे बैठ गई, जिससे उसका लण्ड पूरा फरी की फुद्दी में जा घुसा, तो फरी के मुँह से ‘सस्सीईई... आआह्ह...' की आवाज भी निकल गई, और फिर फरी उसके लण्ड पे चढ़ी हुई उछलने लगी।

 
तब मैं भी उनके पास जाकर खड़ा हो गया और अपना लण्ड फरी के करीब कर दिया जिसे फरी मुँह में लेकर चूसने लगी। अब विक्की के साथ-साथ में भी काफी गरम हो चुका था और अपना लण्ड फरी के मुँह में पूरा । घुसाने की कोशिश करने लगा, जिससे फरी को खाँसी भी आने लगी तो फरी ने मुझे पीछे की तरफ धक्का दिया जिससे मेरा लण्ड फरी के मुँह से निकल गया।

फरी विक्की के लण्ड से उठ गई और मेरी तरफ देखा तो मैंने फरी को अपनी तरफ घसीट लिया और अपना लण्ड फरी की फुदी में घुसाकर चुदाई करने लगा। विक्की फरी के पास जा खड़ा हुआ और मूठ लगाने लगा तेजी से, क्योंकी उसका होने वाला था। इधर मेरा काम भी अपने चरम पे था और मैं भी फरी को तेजी से चोदने लगा। जैसे ही मेरा लण्ड पानी छोड़ने लगा फरी ने मेरा लण्ड अपनी फुद्दी से निकाल लिया और उसे अपने हाथ से पकड़कर हिलने लगी, जिससे मेरा सारा पानी फरी के जिश्म पे ही गिरा।

उधर विक्की जो कि पहले ही फरी को और कुछ मुझे भी अपने पानी से गंदा कर चुका था फरी का सिर अपने लण्ड की तरफ घुमाए अपना लण्ड साफ करवा रहा था मेरी बहन से ही फारिघ् होने के बाद मैंने विक्की से कहा- “जाओ सामने बाथरूम में अपने आप साफ कर लो..”

वो बाथरूम में से साफ होकर आया तो बाजी बाथरूम में चली गई, तो मैंने अपने आपको ऐसे ही कपड़े से साफ किया। तब तक विक्की कपड़े पहन चुका था और फिर मैंने उससे उसका नम्बर लिया और उसे बाहर तक छोड़कर गेट लाक किया और रूम में आया। तब तक फरी भी रूम में आ चुकी थी और रूम सेट कर रही थी।

मैंने फरी को पीछे से पकड़ लिया और बोला- “क्यों जान मजा आया?”

फरी हँस दी और मेरी तरफ मुड़कर बोली- “जिसके तुम्हारे जैसे बहनचोद भाई हों, उसे मजे की क्या कमी हो सकती है?"

फरी की बात पे मैं भी हँस दिया और फिर हम दोनों मिलकर नहाए और बाथरूम में और सो गये।

 
अम्मी और निदा 3:00 बजे के करीब वापिस आये तो साथ में दोपहर का खाना भी लेते आये। हम सबने मिलकर खाना खाया और फिर अम्मी उठकर अपने रूम में आराम करने चली गई। निदा जो कि अब तक बड़ी मासूमियत से बैठी थी अम्मी के जाते ही फरी की तरफ देखकर मुश्कुराने लगी और इशारे करने लगी। बाजी भी उसकी इन हरकतों से हँस दी और निदा को बालों से पकड़कर अपनी रानों में दबा लिया और उसे मारने लगी तो मैं भी हँस दिया।

फरी ने जैसे ही निदा को छोड़ा तो निदा सीधी होकर बैठ गई और मेरी तरफ देखकर बोली- क्यों भाई अब बाजी की तबीयत तो ठीक है ना?

मैं थोड़ा गड़बड़ा गया क्योंकी मुझे निदा से ये उम्मीद नहीं थी कि वो अचानक मुझे भी घसीट लेगी। मैंने कहामऽमुझे क्या पता फरी बाजी से ही पूछो..”



निदा- “आप से पूछ लिया तो क्या हुआ?” और अपनी आँखें नाचते हुये बोली- “वैसे मैंने इसलिए पूछा था कि आप ही बाजी को डाक्टर के पास ले गये होंगे?”

मैं- “हाँ हाँ वो तो मैंने दिखा दिया था डाक्टर को...” इतना बोलते हुये मैंने बाजी की तरफ देखा तो वो भी मुश्कुरा रही थी।

बाजी- अच्छा निदा, अब ज्यादा तंग मत कर सन्नी को और जा जाकर आराम कर ले। तू भी तक गई होगी।

निदा- “ऊओह्ह... हाँ बाजी ठीक है मैं कुछ देर आराम कर लेती हैं। आप भी काफी थकी होंगी आराम कर लेनाआप भी..." और हेहेहेहे करती रूम की तरफ भाग गई।

निदा के जाते ही मैंने बाजी से पूछा- “क्या इसे ये भी पता था कि हम आज किसी और को लाने वाले हैं यहाँ?”

बाजी ने हाँ में सिर हिला दिया और बोली- “उसे हर बात बता चुकी हूँ मैं और रात को अम्मी के सोने के बाद वो हमारे रूम में आ जाएगी। लेकिन तुम उसके साथ कुछ नहीं करोगे समझे?”

मैंने बाजी की बात सुनकर कहा- “लेकिन वो क्या करने आ रही है रात को हमारे पास?"

बाजी ने कहा- वो भी हमारी मस्ती देखना चाहती है और वो भी लिव बताया तो था तुम्हें?”

 
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