तब बाजी के मुँह से- “आअह्ह... मादरचोद हरामी क्या करता है? दर्द हो रहा है आग लगी हुई है मेरी गाण्ड में...”
बाजी की गाण्ड बहुत ज्यादा टाइट और गरम थी, जिसकी वजह से मुझे इतना मजा आ रहा था कि बस बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मैं कुछ देर तक बाजी को आराम-आराम से गाण्ड में चोदता रहा, तो बाजी की गलियां भी धीरेधीरे थम गईं।
तब नीचे से अंकल ने भी अपना लण्ड हिलाना शुरू कर दिया, जिससे मुझे इतना ज्यादा मजा आना शुरू हो गया कि बयान से बाहर था। क्योंकी एक तो बाजी की गाण्ड टाइट थी, ऊपर से बाजी की फुद्दी में भी जब अंकल का लण्ड मूव करता तो दुहरा मजा आता, क्योंकी हमारे लण्ड ऐसा लगता था कि आपस में रगड़ खा रहे हों।
हमारी इस हरकत से बाजी रोने लगी और साथ ही बोली- “भाईई प्लीज़... बाहर निकल लो बहुत दर्द हो रहा है। साथ में जलन भी हो रही है... अंकल प्लीज़... भाई को मना करोऽs आआह्ह... अम्मी जीई बचा लोओ ऊऊह्ह... भाई मैं मर जाऊँगी हाईई भाईई मत करो प्लीज़.. आआईईई हरामियों मैं मर जाऊँगी...” की आवाज करने लगी और रोने लगी।
लेकिन बाजी के इस तरह रोने और गिड़गिड़ाने से मुझे और भी मजा आ रहा था। लगभग इस तरह मैंने और अंकल ने मेरी बहन को कोई 15 मिनट तक चोदा होगा कि अंकल के लण्ड ने पानी निकाल दिया जिससे अंकल
का लण्ड नरम होकर बाहर निकल गया।
तब मेरा लण्ड जरा आसानी और आराम से फरी बाजी की गाण्ड में अंदर-बाहर होने लगा, तो बाजी के मुँह से भी- “आआईयईई सन्नी प्लीज़्ज़.. अब फुद्दी में डाल लो, बहुत जलन हो रही है ऊऊहह... मेरा भाई प्लीज़... अब बस करो...”
और इसके साथ ही जैसे ही मेरा लण्ड फरी की गाण्ड में घुसता, फरी अपनी गाण्ड को थोड़ा टाइट कर लेती और ज्यों ही बाहर को खींचता तो ढीली कर देती। जिससे मैं पागल हो गया और तेज झटके मारने लगा। फरी फिर से रोने लगी, लेकिन अब मैं कुछ नहीं सुन रहा था बस लगातार दो-तीन मिनट तक झटका मारने के बाद बाजी की ही गाण्ड में फारिघ हो गया, और फिर अपना लण्ड निकालकर देखा तो बाजी की गाण्ड पे बाजी की पोटी और खून भी लगा हुआ था, जिसे मैंने कपड़े से साफ किया और साइड में लेट गया।
थोड़ी देर तक हम तीनों ऐसे ही पड़े रहे। फिर अंकल उठे और नंगे ही बाथरूम में जा घुसे। उनके जाते ही बाजी फरी ने मेरी तरफ गुस्सा भरी नजरों से देखा और बोली- “भाई ये क्या हो गया था तुम्हें? आज पागल तो नहीं हो गये थे तुम? अगर मुझे कुछ हो जाता तो?”