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Guest
मेरे बदन मे तनाव पैदा होने लगा, मेरी नसें खिंचने लगी और उनकी उंगली की मेरी चूत मे और लंड की मेरी गंद मे रफ़्तार बढ़ गई. अचानक मैं झाड़ गई. ऐसी झड़ी थी, इतनी ज़ोर से झड़ी थी जैसी पहले कभी नही झड़ी थी. शायद ऐसा चूत और गंद दोनो एक साथ मरवाने की वजह से हुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे मुझे दो मर्दों ने एक साथ चोदा हो. मैने अपने पैर भींच लिए और मेरी गंद का छेद अपने आप ही टाइट हो गया. उनका आधा लंड अभी भी मेरी गंद के अंदर ही था. हम शांत हो गये और मेरी आँखें बंद हुई जा रही थी. मैं अलग तरीके से झड़ने का, पहली बार गंद मरवाने का आनंद ले रही थी और वो भी अपनी सुहाग रात के मौके पर.
उन्होने जब अपना लंड मेरी गंद से बाहर निकाला तो फिर से मेरी गंद मे दर्द हुआ और उन्होने कॉंडम पर खून देख कर कहा – ” ओह डार्लिंग! मैने तो तुम्हारी गंद फाड़ दी. क्या बहुत दर्द हो रहा है?
मैं बोली – नही डियर! ठीक है. दर्द से ज़्यादा मज़ा आया.
उन्होने अपने लंड से कॉंडम उतार कर, बाद मे फेंकने के लिए साइड टेबल के नीचे रखा और टिश्यू पेपर से मेरी गंद साफ की. मेरी गंद के उपर और अंदर एंटिसफटिक क्रीम लगाई. मुझे लग रहा था जैसे मेरी गंद पर सूजन आ गई है. पर ये सब उस मज़े के सामने कुछ नही था जो मैने अपनी कुँवारी गंद अपने पति से सुहाग रात को मरवा कर पाया था.
मैं अब अपने पति के लंड का प्रेम रस अपनी चूत मे निकालने के लिए अपनी दूसरी चुदाई के लिए तय्यार थी.
वो मेरा मूह दूसरी तरफ करके, मेरे पीछे से मेरी चूत मे अपना लंड डाल कर, मेरी चुचियाँ दबाते हुए मुझे चोद रहे थे. उनका लंबा और मोटा प्यारा लंड मेरी चूत को चोद्ने लगा. उनका एक हाथ मेरे नीचे से और दूसरा हाथ उपर से मुझे जकड़े हुए था. मैं पूरी तरह उनकी गिरफ़्त मे थी और चुद्वा रही थी. उनकी कमर और गंद हिल हिल कर उनके लंड को मेरी चूत मे अंदर बाहर कर रहे थे. मैं भी अपनी गंद हिला कर उनका साथ देने लगी. हमेशा की तरह चुदाई का संगीत कमरे मे गूंजने लगा. हमारे सेक्सी बदन आपस मे टकराने लगे, उनका लंबा लंड मेरी गीली रसीली चूत मे अंदर बाहर होने लगा. मैं तो एक बार पहुँच चुकी थी और मुझे लग रहा था जैसे वो भी अपने पहली बार झड़ने के करीब पहुँच रहे थे. मैं खुश थी कि वो हमेशा की तरह जम कर ज़ोर ज़ोर से मेरी चुदाई कर रहे थे. उनका लंबा लंड मेरी चूत की गहराइयों तक जा रहा था और मैं दूसरी बार झड़ने को तय्यार थी. मैने उनको और ज़्यादा मज़ा देने के लिए अपनी चूत भींच ली थी और वो मुझे चोदे जा रहे थे……… चोदे जा रहे थे…… और मैं चुद्वाती जा रही थी. मेरा बदन अकड़ता महसूस करके उन्होने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाना चालू किया और उनके चोद्ने की रफ़्तार बढ़ गई. और और…….मैं…….. झाड़ गई. बहुत ही ज़ोर से झड़ी थी पर मैं जानती थी कि वो बीच मे है, उनके लंड का पानी निकलना बाकी है. मैने उनको बिना रुके चोद्ते रहने को कहा ताकि उनको भी चुदाई का पूरा आनंद आए. मैं भी कोशिश करने लगी उनके लंड से पानी निकालने के लिए. अचानक मैने उनके लंड का सूपड़ा अपनी चूत मे फूलता हुआ महसूस किया और उन्होने चोद्ते चोद्ते मुझे पीछे से ज़ोर से जाकड़ लिया. उन्होने लंड के धक्के बंद किए और उनका लंड मेरी चूत के अंदर गहराई मे था. मैने उनके लंड रस की जोरदार बरसात को अपनी चूत मे महसूस किया. उनके लंड का गरम रस उनके नाचते हुए लंड से निकलकर मेरी चूत के अंदर बरस रहा था. हम दोनो ही चोद कर और चुद्वा कर खुश थे. हम दोनो कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे और चुदाई का मज़ा लेते रहे. उनका लंड मेरी चूत मे आराम कर रहा था. मैने महसूस किया कि उनका लंड मेरी चूत के अंदर नरम हो रहा है. मैं उनका नरम लंड चूसना चाहती थी. मुझे नरम लंड चूसना बहुत अच्छा लगता है. उनका लंड नरम पड़ता मेरी चूत से बाहर आने लगा.
उन्होने जब अपना लंड मेरी गंद से बाहर निकाला तो फिर से मेरी गंद मे दर्द हुआ और उन्होने कॉंडम पर खून देख कर कहा – ” ओह डार्लिंग! मैने तो तुम्हारी गंद फाड़ दी. क्या बहुत दर्द हो रहा है?
मैं बोली – नही डियर! ठीक है. दर्द से ज़्यादा मज़ा आया.
उन्होने अपने लंड से कॉंडम उतार कर, बाद मे फेंकने के लिए साइड टेबल के नीचे रखा और टिश्यू पेपर से मेरी गंद साफ की. मेरी गंद के उपर और अंदर एंटिसफटिक क्रीम लगाई. मुझे लग रहा था जैसे मेरी गंद पर सूजन आ गई है. पर ये सब उस मज़े के सामने कुछ नही था जो मैने अपनी कुँवारी गंद अपने पति से सुहाग रात को मरवा कर पाया था.
मैं अब अपने पति के लंड का प्रेम रस अपनी चूत मे निकालने के लिए अपनी दूसरी चुदाई के लिए तय्यार थी.
वो मेरा मूह दूसरी तरफ करके, मेरे पीछे से मेरी चूत मे अपना लंड डाल कर, मेरी चुचियाँ दबाते हुए मुझे चोद रहे थे. उनका लंबा और मोटा प्यारा लंड मेरी चूत को चोद्ने लगा. उनका एक हाथ मेरे नीचे से और दूसरा हाथ उपर से मुझे जकड़े हुए था. मैं पूरी तरह उनकी गिरफ़्त मे थी और चुद्वा रही थी. उनकी कमर और गंद हिल हिल कर उनके लंड को मेरी चूत मे अंदर बाहर कर रहे थे. मैं भी अपनी गंद हिला कर उनका साथ देने लगी. हमेशा की तरह चुदाई का संगीत कमरे मे गूंजने लगा. हमारे सेक्सी बदन आपस मे टकराने लगे, उनका लंबा लंड मेरी गीली रसीली चूत मे अंदर बाहर होने लगा. मैं तो एक बार पहुँच चुकी थी और मुझे लग रहा था जैसे वो भी अपने पहली बार झड़ने के करीब पहुँच रहे थे. मैं खुश थी कि वो हमेशा की तरह जम कर ज़ोर ज़ोर से मेरी चुदाई कर रहे थे. उनका लंबा लंड मेरी चूत की गहराइयों तक जा रहा था और मैं दूसरी बार झड़ने को तय्यार थी. मैने उनको और ज़्यादा मज़ा देने के लिए अपनी चूत भींच ली थी और वो मुझे चोदे जा रहे थे……… चोदे जा रहे थे…… और मैं चुद्वाती जा रही थी. मेरा बदन अकड़ता महसूस करके उन्होने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाना चालू किया और उनके चोद्ने की रफ़्तार बढ़ गई. और और…….मैं…….. झाड़ गई. बहुत ही ज़ोर से झड़ी थी पर मैं जानती थी कि वो बीच मे है, उनके लंड का पानी निकलना बाकी है. मैने उनको बिना रुके चोद्ते रहने को कहा ताकि उनको भी चुदाई का पूरा आनंद आए. मैं भी कोशिश करने लगी उनके लंड से पानी निकालने के लिए. अचानक मैने उनके लंड का सूपड़ा अपनी चूत मे फूलता हुआ महसूस किया और उन्होने चोद्ते चोद्ते मुझे पीछे से ज़ोर से जाकड़ लिया. उन्होने लंड के धक्के बंद किए और उनका लंड मेरी चूत के अंदर गहराई मे था. मैने उनके लंड रस की जोरदार बरसात को अपनी चूत मे महसूस किया. उनके लंड का गरम रस उनके नाचते हुए लंड से निकलकर मेरी चूत के अंदर बरस रहा था. हम दोनो ही चोद कर और चुद्वा कर खुश थे. हम दोनो कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे और चुदाई का मज़ा लेते रहे. उनका लंड मेरी चूत मे आराम कर रहा था. मैने महसूस किया कि उनका लंड मेरी चूत के अंदर नरम हो रहा है. मैं उनका नरम लंड चूसना चाहती थी. मुझे नरम लंड चूसना बहुत अच्छा लगता है. उनका लंड नरम पड़ता मेरी चूत से बाहर आने लगा.