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मम्मी मुँह फाडे नीरा की तरफ़ देखे जा रही थी उनको अहसास होगया था कि वो अब कुछ नही कर सकती ..,और उनकी ये हालत देख कर हम सभी मुस्कुराए जा रहे थे.
मम्मी--कहाँ जाना है....
और हम सभी एक साथ...हुर्र्रेयययी... चिल्ला देते है.....
हम सभी ने ऋषिकेश जाने का फाइनल किया. हम सभी ने आज रात को ही निकलने का प्लान बनाया, अभी दिन के 2 बजे थे और फिर भाभी और रूही शॉपिंग के लिए निकल गयी, में मेरे लेपटॉप पर वहाँ रुकने के लिए बुकिंग करने लगा
मम्मी और नीरा ज़रूरी सामान की पॅकिंग कर रही थी और साथ ही साथ नीरा को बातें भी सुनाए जा रही थी.
मम्मी--तुझे शर्म नही आई मुझे बेवकूफ़ बनाते हुए...मुझे तो बनाया जो बनाया तूने तेरे पापा को भी बेवकूफ़ बनाया???
नीरा--ऊओहू मम्मी अगर में ऐसा नही करती तो ना आप कभी घर से निकल पाती और ना ही कभी हम इस तरह से पिक्निक पर जा पाते, सोचो कितना मज़ा आएगा वहाँ हम सब को.
मम्मी--मुझे बहलाने की कोशिश मत कर तेरी माँ हूँ में...पता नही हर बार तेरे झाँसे में कैसे आ जाती हूँ में.
नीरा--आप खूब सारा प्यार जो करती हो मुझ से. आपकी इतनी लाडली हूँ तो आप तो मेरी बात मनोगी ही.
मम्मी--हाँ मेरी बच्ची लाडली तो तुम हम सब की है जान है तू मेरे घर की....तभी गुस्से मे....मुझे फिर फसा लिया तूने अपने जादू में,बोल देती हूँ तुझे ये मीठी मीठी बातो में मुझे फसाने की कोशिश मत किया कर.
नीरा---क्या मम्मी हर समय मुझ पर गुस्सा करती रहती हो...कभी थोड़ा प्यार से भी बात कर लिया करो...आपकी बातो से ऐसा लगता है जैसे में मंदिर में मिली थी आपको.
मम्मी--गुस्से से चुप हो जा वरना मेरा हाथ उठ जाएगा तुझ पर ...तुझे इतना प्यार दिया और तो बदले में ये सिला दे रही है मेरी ममता का.
मम्मी की आँखो में अचानक से आँसू छल्छला आए थे.
नीरा--मम्मी सौरी माफ़ कर दो मुझे में तो आपका अच्छा बेटा हूँ ना...मेरी बात का बुरा लगा मेरी प्यारी मम्मा को.
और नीरा कस कर गले से लगा लेती है मम्मी को .
मम्मी --बस बस काफ़ी नौटंकी हो गयी तेरी अब चुपचाप सामान पॅक करवा नही तो बाहर जाकर वो बिल्ली वाला नाटक देख(डॉरेमन).
नीरा इस बार बिल्कुल शांत हो कर मम्मी के साथ पॅकिंग करवाने लग जाती है.
उधर भाभी और रूही भी आजाती है ...वो लोग सारा सामान अच्छे से पॅक कर के रख देती है.
में--मम्मी ऊओ मम्मी वहाँ होटेल में बुकिंग हो गयी है अब चलने की तैयारी करो हमे जल्दी निकलना होगा खाना हम बाहर ही कहीं खा लेंगे.
मम्मी--ठीक है सामान गाड़ी में भरो फिर बैठे बैठे क्या टाइम पास कर रहे हो तुम सब.
और हम सब मम्मी की ये बात सुनकर खिलखिला के हंस देते है.
सारा सामान गाड़ी में भरने के बाद में सब से आगे ड्राइविंग सीट पर मेरे पास वाली सीट पर नीरा पीछे वाली सीट पर भाभी मम्मी और रूही बैठ गये मम्मी उन दोनो के बीच में बैठी थी.
मम्मी--कहाँ जाना है....
और हम सभी एक साथ...हुर्र्रेयययी... चिल्ला देते है.....
हम सभी ने ऋषिकेश जाने का फाइनल किया. हम सभी ने आज रात को ही निकलने का प्लान बनाया, अभी दिन के 2 बजे थे और फिर भाभी और रूही शॉपिंग के लिए निकल गयी, में मेरे लेपटॉप पर वहाँ रुकने के लिए बुकिंग करने लगा
मम्मी और नीरा ज़रूरी सामान की पॅकिंग कर रही थी और साथ ही साथ नीरा को बातें भी सुनाए जा रही थी.
मम्मी--तुझे शर्म नही आई मुझे बेवकूफ़ बनाते हुए...मुझे तो बनाया जो बनाया तूने तेरे पापा को भी बेवकूफ़ बनाया???
नीरा--ऊओहू मम्मी अगर में ऐसा नही करती तो ना आप कभी घर से निकल पाती और ना ही कभी हम इस तरह से पिक्निक पर जा पाते, सोचो कितना मज़ा आएगा वहाँ हम सब को.
मम्मी--मुझे बहलाने की कोशिश मत कर तेरी माँ हूँ में...पता नही हर बार तेरे झाँसे में कैसे आ जाती हूँ में.
नीरा--आप खूब सारा प्यार जो करती हो मुझ से. आपकी इतनी लाडली हूँ तो आप तो मेरी बात मनोगी ही.
मम्मी--हाँ मेरी बच्ची लाडली तो तुम हम सब की है जान है तू मेरे घर की....तभी गुस्से मे....मुझे फिर फसा लिया तूने अपने जादू में,बोल देती हूँ तुझे ये मीठी मीठी बातो में मुझे फसाने की कोशिश मत किया कर.
नीरा---क्या मम्मी हर समय मुझ पर गुस्सा करती रहती हो...कभी थोड़ा प्यार से भी बात कर लिया करो...आपकी बातो से ऐसा लगता है जैसे में मंदिर में मिली थी आपको.
मम्मी--गुस्से से चुप हो जा वरना मेरा हाथ उठ जाएगा तुझ पर ...तुझे इतना प्यार दिया और तो बदले में ये सिला दे रही है मेरी ममता का.
मम्मी की आँखो में अचानक से आँसू छल्छला आए थे.
नीरा--मम्मी सौरी माफ़ कर दो मुझे में तो आपका अच्छा बेटा हूँ ना...मेरी बात का बुरा लगा मेरी प्यारी मम्मा को.
और नीरा कस कर गले से लगा लेती है मम्मी को .
मम्मी --बस बस काफ़ी नौटंकी हो गयी तेरी अब चुपचाप सामान पॅक करवा नही तो बाहर जाकर वो बिल्ली वाला नाटक देख(डॉरेमन).
नीरा इस बार बिल्कुल शांत हो कर मम्मी के साथ पॅकिंग करवाने लग जाती है.
उधर भाभी और रूही भी आजाती है ...वो लोग सारा सामान अच्छे से पॅक कर के रख देती है.
में--मम्मी ऊओ मम्मी वहाँ होटेल में बुकिंग हो गयी है अब चलने की तैयारी करो हमे जल्दी निकलना होगा खाना हम बाहर ही कहीं खा लेंगे.
मम्मी--ठीक है सामान गाड़ी में भरो फिर बैठे बैठे क्या टाइम पास कर रहे हो तुम सब.
और हम सब मम्मी की ये बात सुनकर खिलखिला के हंस देते है.
सारा सामान गाड़ी में भरने के बाद में सब से आगे ड्राइविंग सीट पर मेरे पास वाली सीट पर नीरा पीछे वाली सीट पर भाभी मम्मी और रूही बैठ गये मम्मी उन दोनो के बीच में बैठी थी.