S
StoryPublisher
Guest
मम्मी पापा के चेहरे की खुशी देखकर राज और डॉली को घबराहट
होने लगी थी ...
और जेसे ही पंकज राज को अपनी खुशी के बारे में बताता है ...
पंकज... राज बेटा लड़के की जितनी तारीफ की जाय उतनी कम है..बस इतना समझ लो हमे लड़का एक ही नज़र में भा गया..
अपनी डॉली की जोड़ी उसके साथ खूब जमेगी ...
राज खामोशी से अपने पापा की बाते सुन रहा था ..
मगर डॉली को ये बाते अपने दिल में तीर की तरह चुभ रही थी ...
पंकज ...बेटा फोटो में बिल्कुल पता ही नही चल रहा था लड़के की पर्सनॅलिटी केसी है ..
ज्योति तो उस लड़के को देखते ही जीजू बोलने लगी थी ...
ज्योति ... हा भैया लड़का किसी हीरो से कम नही लग रहा था...
एक दम सलमान ख़ान जैसी बॉडी थी..
उनके साथ दीदी की जोड़ी खूब जमेगी ...
ये सब सुनकर डॉली का खून उबलने लगता है ..दिल ऐसा करता है अभी.सबको अपनी शादी के बारे में बता दूँ..
इसीलिए डॉली अपने भाई की आँखो में घूर कर देखती है ..
राज दीदी खामोश रहने का इशारा करता है ...
मगर अगले पल पंकज एक और झटका दे देता है ...
पंकज... मेंने अगले सनडे उनको अपने घर बुलाया है..दोनो एक दूसरे को देख लेंगे और लगे हाथ दोनो की एंगेज्मेंट भी कर देंगे ...
ये सुनकर डॉली के सीने में गुबार सा उठने लगता है. डॉली से अब एक पल भी बैठना मुश्किल हो रहा था..
राज की नज़र भी बार बार अपनी दीदी की तरफ जा रही थी ..
डॉली अपने लिए राज के सिवा किसी को सोच भी नही सकती थी ..
इसीलिए डॉली बिना कुछ कहे वहाँ से उठकर अपने रूम में चली जाती है ...
डॉली को ऐसे बिना कुछ कहे जाते हुए देखकर सुषमा पंकज से कहती है ..
सुषमा... ये डॉली एक दम उठ कर क्यूँ चली गई ...
पंकज मुस्कुराते हुए सुषमा से कहता है ....
पंकज... एंगेज्मेंट की खबर सुनकर शरमा गई होगी ...
मगर राज जानता था दीदी ऐसे क्यूँ चली गई .. राज भी उठकर दीदी के रूम में चला जाता है ...
डॉली बिस्तर पर बैठी फफक फफक कर रो रही थी ...
राज आगे बढ़कर अपनी दीदी का चेहरा ऊपर करते हुए ...
राज .. दीदी ऐसे नही रोया करते सब ठीक हो जायेगा .. इतनी सी बात पर देखो क्या हॉल बना लिया तुमने ....
डॉली रोते हुए ...
डॉली... भाई पापा मेरी सगाई की बात कर रहे है ...मुझे ऐसा लग रहा था ..जेसे मेरे जिस्म से जान निकालकर किसी और के हवाले करने की बात कर रहे हो ...
भाई में तुम्हारे बिना एक पल जी नही पाउन्गी मर जाउन्गी भाई..
मुझे कही दूर ले जाओ...
राज अपनी दीदी के आँसू को पोछते हुए
राज... दीदी में भी तुम्हारे बिना कैसे जी सकता हूँ.हमारे पास अभी पूरा हफ़्ता बाकी है देखना कुछ ना कुछ रास्ता ज़रूर निकल जायेगा..
बस दीदी आप ऐसे रोया ना करो मेरी जान निकल जाती है..
राज की बातो से डॉली को थोड़ा होसला मिलता है..
राज ... चलो दीदी एक बार मुस्कुरा कर दिखाओ ...
डॉली रिलॅक्स सी होकर राज की तरफ हल्का सा मुस्कुरा देती है ..
राज दीदी को अपने सीने से लगा लेता है ...
राज .. ये हुई ना बात ..आई लव यू दीदी..
डॉली... लव यू टू राज ...
तभी दोनो को ज्योति के आने की आहट होती है.. राज थोड़ा सा अपनी दीदी से अलग हो जाता है ....
-----------
होने लगी थी ...
और जेसे ही पंकज राज को अपनी खुशी के बारे में बताता है ...
पंकज... राज बेटा लड़के की जितनी तारीफ की जाय उतनी कम है..बस इतना समझ लो हमे लड़का एक ही नज़र में भा गया..
अपनी डॉली की जोड़ी उसके साथ खूब जमेगी ...
राज खामोशी से अपने पापा की बाते सुन रहा था ..
मगर डॉली को ये बाते अपने दिल में तीर की तरह चुभ रही थी ...
पंकज ...बेटा फोटो में बिल्कुल पता ही नही चल रहा था लड़के की पर्सनॅलिटी केसी है ..
ज्योति तो उस लड़के को देखते ही जीजू बोलने लगी थी ...
ज्योति ... हा भैया लड़का किसी हीरो से कम नही लग रहा था...
एक दम सलमान ख़ान जैसी बॉडी थी..
उनके साथ दीदी की जोड़ी खूब जमेगी ...
ये सब सुनकर डॉली का खून उबलने लगता है ..दिल ऐसा करता है अभी.सबको अपनी शादी के बारे में बता दूँ..
इसीलिए डॉली अपने भाई की आँखो में घूर कर देखती है ..
राज दीदी खामोश रहने का इशारा करता है ...
मगर अगले पल पंकज एक और झटका दे देता है ...
पंकज... मेंने अगले सनडे उनको अपने घर बुलाया है..दोनो एक दूसरे को देख लेंगे और लगे हाथ दोनो की एंगेज्मेंट भी कर देंगे ...
ये सुनकर डॉली के सीने में गुबार सा उठने लगता है. डॉली से अब एक पल भी बैठना मुश्किल हो रहा था..
राज की नज़र भी बार बार अपनी दीदी की तरफ जा रही थी ..
डॉली अपने लिए राज के सिवा किसी को सोच भी नही सकती थी ..
इसीलिए डॉली बिना कुछ कहे वहाँ से उठकर अपने रूम में चली जाती है ...
डॉली को ऐसे बिना कुछ कहे जाते हुए देखकर सुषमा पंकज से कहती है ..
सुषमा... ये डॉली एक दम उठ कर क्यूँ चली गई ...
पंकज मुस्कुराते हुए सुषमा से कहता है ....
पंकज... एंगेज्मेंट की खबर सुनकर शरमा गई होगी ...
मगर राज जानता था दीदी ऐसे क्यूँ चली गई .. राज भी उठकर दीदी के रूम में चला जाता है ...
डॉली बिस्तर पर बैठी फफक फफक कर रो रही थी ...
राज आगे बढ़कर अपनी दीदी का चेहरा ऊपर करते हुए ...
राज .. दीदी ऐसे नही रोया करते सब ठीक हो जायेगा .. इतनी सी बात पर देखो क्या हॉल बना लिया तुमने ....
डॉली रोते हुए ...
डॉली... भाई पापा मेरी सगाई की बात कर रहे है ...मुझे ऐसा लग रहा था ..जेसे मेरे जिस्म से जान निकालकर किसी और के हवाले करने की बात कर रहे हो ...
भाई में तुम्हारे बिना एक पल जी नही पाउन्गी मर जाउन्गी भाई..
मुझे कही दूर ले जाओ...
राज अपनी दीदी के आँसू को पोछते हुए
राज... दीदी में भी तुम्हारे बिना कैसे जी सकता हूँ.हमारे पास अभी पूरा हफ़्ता बाकी है देखना कुछ ना कुछ रास्ता ज़रूर निकल जायेगा..
बस दीदी आप ऐसे रोया ना करो मेरी जान निकल जाती है..
राज की बातो से डॉली को थोड़ा होसला मिलता है..
राज ... चलो दीदी एक बार मुस्कुरा कर दिखाओ ...
डॉली रिलॅक्स सी होकर राज की तरफ हल्का सा मुस्कुरा देती है ..
राज दीदी को अपने सीने से लगा लेता है ...
राज .. ये हुई ना बात ..आई लव यू दीदी..
डॉली... लव यू टू राज ...
तभी दोनो को ज्योति के आने की आहट होती है.. राज थोड़ा सा अपनी दीदी से अलग हो जाता है ....
-----------