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Guest
दीनू--ये सब मेरी वजह से ही हुआ है साहब ना में ऐसा करता और ना उस बच्ची की बद्दुआ मुझे लगती....मेरा जीवन जहन्नुम बन गया....बस हमेशा अफ़सोस करता रहा क्यो मैने इतनी बड़ी ग़लती कर दी....
में--अब वो सुरक्षित है....इसलिए अब पछतावा करना बंद करो....ये कुछ पैसे रखो और अपना कोई काम शुरू करके मेहनत से पैसे कमाओ... क्या तुम मुझे उस हॉस्पिटल का नाम बता सकते हो जहाँ से तुमने उस बच्ची को उठाया था....
दीनू--हाँ साहब....गीतांजलि हॉस्पिटल था वो....उदयपुर मे..
में--आपका बहुत बहुत शुक्रिया....अब में चलता हूँ....और ध्यान रहे ना तुम अब उस लड़की को जानते हो और ना मेरे बारे मे...
दीनू--वो लड़की अब खुश है....ये जानकार मेरे दिल को बहुत बड़ी तस्सली मिली है....मैं किसी से कुछ नही कहूँगा साहब...
उसके बाद में वहाँ से निकल कर फिर से फ्लाइट पकड़कर उदयपुर आ जाता हूँ....
नीरा को फोन करके शमा के साथ घर आने का बोल देता हूँ....और खुद एरपोर्ट से घर की तरफ निकल पड़ता हूँ
में जब घर पहुँचा वहाँ बाहर ही नीरा और शमा भी ऑटो से उतरती हुई मिल गई....मैने अपनी कार की चाभी चौकीदार को दे दी पार्क करने के लिए और उन्दोनो के साथ पैदल ही घर की तरफ बढ़ गया....
शमा अपने चारो तरफ घूम घूम कर बस आँखे फाडे घर को ही देखे जा रही थी....
में--क्या हुआ शमा पसंद आया घर....
शमा--भैया पसंद की बात कर रहे हो....ऐसा घर तो मैने कभी सपने मे भी नही सोचा था....आपका ये घर बड़ा खूबसूरत है....
में--आपका नही....अपना बोलो अब से ये घर जितना हम सब का है उतना ही तुम्हारा भी है....तुम इस घर की छोटी बेटी हो....यहाँ पूरे अधिकार से रहो....
नीरा--जान मुझे माफ़ करना मैं नही चाहती कि अभी किसी को भी हमारी शादी के बारे में पता चले....आप वैसे ही इन दिनो परेशानी से घिरे हुए हो में आपको लोगो के सवालो से और परेशान होता नही देख सकती....
में--माफी माँगने की ज़रूरत नही है नीरा....मैं भी नही चाहता था कि अभी किसी को ऐसा कुछ पता चले....जल्दी ही हम सबके सामने ये खुलासा भी कर देंगे....