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प्यार था या धोखा

अध्याय 18

नोट-अब स्टोरी कोई कैरेक्टर नही सीधे राइटर कहेगा

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अपने केट फाइट का नाम तो सुना होगा,दो बिल्लियों की लड़ाई,सबसे ज्यादा मजा देखने वाले को ही आता है,वही हाल अब जिम का था,कभी पूर्वी ज्यादा एक्सपोज़ करती तो कभी सपना,और दोनों में वंहा बैठे मर्दों की चांदी हो रही थी…

सबसे ज्यादा मजा आ था रोहन को ..

“लगता है शादी के बाद तुम थोड़ी सी भर गई हो “

रोहन ने पूर्वी को जलाने के लिए कहा,पूर्वी दर्पण में अपने कर्व को देखने लगी

“क्या सचमे ,कहा से “

रोहन ने आंखों से ही उसके कूल्हों को देखा,पूर्वी ने उसे घुरा लेकिन अगले ही पल उसके होठो में मुस्कान आ गई ..

गौरव थोड़ी दूर ही खड़ा हुआ उनकी बात सुन रहा था,और वो बेखबर थे..

“देखा लैला मजनू की क्या जोड़ी है ,है ना..”

सपना की आवाज से गौरव का ध्यान उसकी ओर गया..

“सच बताओ गौरव तुम्हे जलन नही होती “

सपना के सवाल का उसके पास कोई भी जवाब नही था,और अगर होता भी तो वह उसे जवाब देना मुनासिब नही समझता …

वो फिर से अपने वर्क में लग गया,ये जानबूझ कर किया गया था या अनजाने में ये तो उसे नही पता लेकिन हा गौरव और पूर्वी का वर्कआउट प्लान अलग अलग था,जैसे जिस दिन गौरव को चेस्ट में काम करना था उस दिन पूर्वी को बाइसेप्स ट्राइसेप्स और फोरआर्म पर ,इस बात से गौरव थोड़ा तो झुंझला गया था..

जिस मशीन को गौरव यूज़ कर रहा था सपना भी उसे यूज़ कर रही थी …

“हमारा वर्कआउट प्लान एक ही है ,तुम मेरे साथ ही वर्कआउट करोगे,और रोहन पूर्वी के साथ “

सपना मुस्कुरा रही थी..

“ये क्या बेहूदगी है ..”

गौरव प्लान चेंज करवाने के लिए काउंटर की तरफ बढ़ा ,लेकिन सपना ने उसका हाथ पकड़कर रोक दिया ,

“अब ये मत कहना की तुम्हे अपनी बीवी पर भरोसा नही है …”

उसने एक व्यंग मारा..

“शायद पूर्वी को तो यही लगेगा की तुम्हे उसपर भरोसा नही है इसलिए तुम प्लान चेंज करवा रहे हो ..”

आख़िर वो उसके सवाल का क्या जवाब देता..

“ऐसी कोई बात नही है बस मैं पूर्वी के साथ वर्कआउट करना चाहता हु “

सपना खिलखिलाकर हँस पड़ी

“अब मैं इतनी भी बुरी तो नही,अरे थोड़ा मजा उन्हें भी करने दो और थोडा तुम भी करो”

गौरव सच में झुंझला गया था

“मैं यंहा मजे करने नही आया हु “

वो गुस्से में पूर्वी और रोहन की तरह बढ़ा..

इधर

“इसे ऐसे नही मेरी जान थोड़ा स्ट्रेट पकड़ो “

रोहन पूर्वी के कमर को पकड़े हुए उसे एक वर्कआउट करवा रहा था,गौरव उसे देखकर थोड़े ही दूर में रुक गया,उसे ये सब देखकर गुस्सा तो बेहद आ रहा था लेकिन यंहा भीड़ में कर भी क्या सकता था..

“यार रोहन ये कैसा प्लान तैयार किया है ,गौरव जी कहा है “

“वो सपना के साथ वर्कआउट कर रहे है “

पूर्वी अचानक से खड़ी हो गई

“वाट,तुम पागल हो क्या “

तभी उसकी नजर गौरव पर पड़ी उसने खुद को सम्हाल और उसकी ओर मुस्कुरा कर देखने लगी ,गौरव को इतना तो समझ आ चुका था की जो भी हो रहा है उसमें सपना का कोई हाथ नही है …

रोहन भी अब गौरव को देख चुका था

“कम आन यार तुम लोग भी इससे हमारे बीच थोड़ी अंडरस्टैंडिंग बनेगी ,ऐसे भी दिन भर तो हम साथ रहते ही है “

रोहन ने एक सफाई दी

“इसलिए तो मैं कह रही हु की मेरा और गौरव का प्लान एक साथ रखो,हम दोनों तो दिन भर साथ रहते ही है अब यंहा भी तुम्हे साथ मस्ती करनी है “

साथ मस्ती करनी है ...ये बात गौरव के दिमाग में घूम गई इसका मतलब क्या हुआ,एक साफ सा मलतब तो ये था की वो काम के दौरान भी मस्ती करते है ,क्या वैसी ही मस्ती जो ये यंहा कर रहे है ,यू कमर को झुना और यू पूर्वी के कूल्हे को सरेआम देखना ..

गौरव का गाला थोडा सुख गया वो थोडा नर्वस हो चुका था..

“तुम कुछ क्यो नही बोल रहे हो गौरव “

पूर्वी ने अब बात गौरव के ऊपर पटक दिया ..

गौरव थोड़ा हड़बड़ाया वो अब भी अपनी दुनिया में खोया हुआ था..

“क्या ..क्या बोलूं मैं जैसा इन्हें ठीक लगे,ऐसे भी इंस्ट्रक्टर तो यंही है “

गौरव जैसे अनजाने में ही बोल गया था

“देखा एक तुम्हारे पति देव है और एक तुम हो जो इनपर ही शक करती हो “

रोहन ने पूर्वी पर एक जोक मार दिया

“मैंने कब शक किया “

वो भी चौकी

“और नही तो क्या,तुम ये नही चाहती की गौरव सपना के साथ वर्कआउट करे इसलिए ऐसा बोल रही हो है ना,सपना से इतना डर या फिर गौरव पर भरोसा नही है”

उसकी बात सुनकर पूर्वी ने एक बार गौरव की ओर देखा,गौरव भी दंग था क्योकि ऐसी ही कुछ बात अभी अभी सपना ने उससे कही थी ..साले दोनों का सुर एक ही है ..गौरव ने अपने ही मन में सोचा..

“ऐसी कोई भी बात नही है समझे,ना ही मैं सपना से डरती हु ना ही मुझे गौरव पर कोई शक है ,मुझे इनपर अपनी जान से भी ज्यादा भरोसा है “

पूर्वी ने ऐसे कहा जैसे वो जवाब नही क्यो सफाई दे रही हो ..

और रोहन हँस पड़ा

“झूठी कही की अगर ऐसा है तो यही प्लान चलने दो क्या प्रॉब्लम है “

अब पूर्वी भी चुप थी वो अब गौरव को देख रही थी इस उम्मीद से की गौरव कुछ बोलेगा ,लेकिन गौरव बोलता भी क्या की उसे पूर्वी पर शक है ,और वो नही चाहता की वो रोहन के साथ वर्कआउट करे...नही ये तो नही बोल सकता था

“यार वो सब ठीक है लेकिन सच कहु तो मैं सपना के साथ थोड़ा अनकम्फेर्टेबल हु “

गौरव ने अपनी बात रखी

“अरे यही तो मौका है अपनी दूरियों को कम करने का,वरना उसके साथ काम कैसे कर पाओगे ..”

रोहन झट से बोल गया ,गौरव का तो नही पता लेकिन पूर्वी उसके आंखों में नाचते हुए शैतान को जरूर देख पा रही थी , पूर्वी को लगा की रोहन असल में उसके ऊपर चांस मारने के लिए ये सब कर रहा है…

“ठीक है ओके एक सप्ताह देखते है,लेकिन अगर अगले सप्ताह सही नही लगा तो ..”गौरव ठंडे स्वर ने कह गया

“बिल्कुल कोई प्रॉब्लम नही तुम लोग जब बोलो प्लान चेंज कर देंगे ..”

रोहन की बात से गौरव को थोड़ी शांति मिली,समझने वाली बात ये थी की सपना की किसी को कोई भी परवाह ही नही थी ,पूर्वी सोच रही थी की इस प्लान के चलते कही रोहन उसपर ट्राय ना मारे और गौरव सोच रहा था की इस प्लान के चलते कही रोहन पूर्वी पर ट्राय ना मारे,मलतब दोनों ही एक ही बात को सोच रहे थे,सपना क्या करेगी इसकी किसी को फिक्र ही नही थी ….

क्यो...…??

क्योकि पूर्वी को गौरव पर पूरा भरोसा था ..

यही बात आखिर रोहन ने पूर्वी से पूछ ली

“तुम सोच रही हो की इस प्लान के चलते मैं तुम्हारे करीब आने की सोच रहा हु...है ना ,ऐसे तुम सही सोच रही हो .”

रोहन मुस्कुरा रहा था,पूर्वी ने एक मुक्का उसके पेट में दे मारा

“जानती हु तेरी नियत को ,बेचारे गौरव जी को उस चुड़ैल के साथ फंसा दिया “

रोहन थोड़ा जोरो से हंसा लेकिन फिर गंभीर भी हो गया,पूर्वी उसके चहरे के बदलते हुए रंग को देख रही थी

“मुझे लगता है की गौरव को भी इसी चीज से प्रॉब्लम है की कही मैं तुम्हारे करीब ना आ जाऊ”

उसने कांच से गौरव की ओर देखा वो सच में नजर बचा बचा कर उन्हें ही देख रहा था..

पूर्वी कुछ भी नही बोली

“ये सच है ना की तू तो गौरव पर पूरा भरोसा करती है,उस लड़की के साथ रहने पर भी कंफर्टेबल है जिसे तू बिल्कुल उसके पास नही देखना चाहती लेकिन गौरव...गौरव तुझपर शक करता है ..”

रोहन की बात से पूर्वी ने उसे गुस्से से घुरा तो जरूर लेकिन कही ना कही उसे ये सही लग रहा था…

“उसे ये परवाह नही है की उसके साथ सपना है उसे ये परवाह है की तेरे साथ मैं हु “

रोहन ने ठंडे स्वर में कहा

“रोहन तू ज्यादा बोल रहा है ..”पूर्वी ने अपना गुस्सा दिखा ही दिया

“ह्म्म्म मेरी बात पर क्यो यकीन करने लगी,घर जाकर देखना जब वो तुझसे यही सब सवाल पूछेगा ...चल आज तेरा पहला दिन है तो इतना काफी है वरना जकड़ आ जाएगा “

वो पसीना पोछते हुए वंहा से निकल गया था ,वही पूर्वी अभी भी उस सोच में डूबी हुई थी क्या सच में गौरव उसे कुछ कहेगा …??

*************

इधर

“क्यो सर अपनी बीवी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ देखकर मजा आ रहा है “

सपना की इस बात से गौरव गुस्से में लाल हो गया था,वो कांच के जरिये रोहन और पूर्वी को बाते करता हुआ देख रहा था..

“तुम अपनी बकवास बंद करो वरना यही उठाकर मारूंगा ..”

उसने अपने हाथो में पकड़ा हुआ डंबल सपना को दिखाया

सपना उसकी हरकत से जोरो से हँस पड़ी क्योकि उसने गौरव को ऐसी बात करते कभी नही सुना था ,वो तो अभी तक एक सीधे साधे आदमी की छबि लेकर बैठा था..

“इसे कहते है हॉट वाइफ का बेचारा पति..”

सपना आगे को जाने लगी लेकिन फिर अचानक से पीछे मुड़ी

“ऐसे सर एक सलाह देना चाह रही हु,घर जाकर ये गुस्सा पूर्वी पर मत दिखना उसे पसंद नही आएगा की कोई उसके बॉयफ्रेंड के बारे में गलत कहे ..”

“पूर्वी मेरी बातों को समझती है ..”

गौरव ने उसे घृणा की दृष्टि से देखा

“ओह तो आजमा कर देख लेना की आखिर पूर्वी क्या उत्तर देती है ..”

सपना के होठो में कमीनी सी मुस्कान खिली और वो आगे निकल गई ...

 


अध्याय 19

घर जाते वक्त पूर्वी और गौरव दोनों ही चुप चाप थे ,दोनों ही अपने किसी काल्पनिक दुनिया में खोए से लग रहे थे..

घर जाते ही पूर्वी बेडरूम में घुसने लगी लेकिन तभी उसे गौरव की आवाज आयी ..

“तुम्हे ऐसे शो ऑफ नही करना चाहिए ,आखिर अब तुम मेरी बीवी हो ..”

गौरव की बात सुनकर पूर्वी आश्चर्य से उसे देखने लगी..

“शो ऑफ ..??? कहना क्या चाह रहे हो आप “

पूर्वी बेडरूम में ना जाकर फिर से ड्राइंगरूम कम हाल में आ गई

“यही की तुम मेरी बीवी हो और मुझे ये सब पसंद नही की तुम उन लोगो के सामने ऐसे कपड़े पहनो “

गौरव बोल तो रहा था लेकिन फिर भी वो पूर्वी से नजर नही मिला रहा था वही पूर्वी की निगाह आश्चर्य से उसके ऊपर ही टिकी हुई थी ..

“कैसे कपड़े गौरव...क्या वंहा साड़ी पहन कर जाऊंगी “

पूर्वी का ऐसा जवाब आएगा ये तो गौरव ने भी नही सोचा था,उसने अपना सर उठाकर पूर्वी को देखने लगा

“मैं ये तो नही कह रहा की साड़ी पहनो लेकिन जिस्म की नुमाइश करना कहा तक सही है …”

पूर्वी को ना जाने क्या हुआ वो आश्चर्य से हँस पड़ी

“जिस्म की नुमाइश..? आप ये क्या बोल रहे है आपको पता भी है ..??आपको लगता है की मैं वंहा अपने जिस्म की नुमाइश कर रही थी,”

गौरव उसकी बात सुनकर चुप ही था लेकिन वो अब भी पूर्वी से नजर नही मिला था जैसे वो उससे बहुत गुस्सा हो ..

“गौरव जी मेरे शरीर में अगर कटाव है तो वो तो दिखेंगे ही ना,और शादी से पहले भी तो मैं ऐसे ही कपड़े पहनकर जिम जाया करती थी “

“शादी से पहले की बात और थी पूर्वी लेकिन अब ..तुम मेरी बीवी हो और कोई दूसरा मर्द तुम्हे ..”

गौरव कुछ बोले उससे पहले ही पूर्वी बोल उठी

“एक मिनट एक मिनट क्या मतलब है दूसरे मर्द से ..आप रोहन की बात तो नही कर रहे है ना …”

पूर्वी को रोहन की बात याद आ गई वही गौरव को सपना की …

दोनों की बाते सही होती हुई दिखाई दे रही थी …

“मैं रोहन की बात नही कर रहा हु पूर्वी ...लेकिन फिर भी हा वो भी तो दूसरा मर्द है ना “

इस बार गौरव का सर उठा हुआ था और वो सीधे पूर्वी की आंखों में झांक रहा था..

“वो मेरा सबसे अच्छा दोस्त है ,ये आपको भी पता है ,और साथ ही वो मेरा बॉयफ्रेंड भी रह चुका है ये भी आपको पता है ,और वो क्या मेरे कर्व देखेगा,मैं खुद उसके सामने नंगी हो चुकी हु और ये भी आपको पता है …”

पूर्वी को गौरव पर पहली बार इतना गुस्सा आया था ,वो क्या बोल रही थी ये उसे भी नही पता था..लेकिन उसकी बात से गौरव और भी भड़क उठा था ..

“नंगी देख चुका है इसका मतलब ये तो नही की अब भी उसके सामने नंगी हो जाओगी “

गौरव पहली बार पूर्वी से इतने जोरो से बात की थी ,इस बार पूर्वी फफक कर रो पड़ी …

“आप मेरे बारे में ये सोचते हो मैंने सोचा भी नही था,आपको लगता है की मैं अपने जिस्म की नुमाइश करती हु क्योकि मुझे मर्दों को आकर्षित करना है,खासकर रोहन को ..और आप ये सोचते हो की मैं उसके सामने अब भी नंगी हो जाऊंगी ...शेम ऑन यु गौरव..”

वो रोती हुई बेडरूम में भागी और दरवाजा बंद कर लिया ..

गौरव अब भी कन्फ्यूज था की बात कहा से कहा चली गई थी ,उसके बोलने का ये मतलब तो नही था…

पूर्वी सीधे ऑफिस के लिए निकल गई उसने गौरव से कोई बात नही की वही गौरव ने भी कुछ बोलना सही नही समझा ,उसने अपनी घड़ी देखी और सीधे कालेज चला गया …

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“तो अपने पूर्वी से सवाल कर ही दिया,आपकी शादी का पहला झगड़ा “

गौरव के लेब में घुसते ही पहला सवाल किया उसके होठो में हल्की सी मुस्कान थी ,जिसका जवाब देना गौरव ने सही नही समझा ..

वो जाकर अपना काम करने लगा ..

“रोहन ने बताया की पूर्वी आज उदास है ,मुझे समझ आ गया की क्या हुआ होगा “

गौरव को कोई जवाब देता नही देखकर सपना बोली

“इट्स नाट योर मेटर..इससे दूर ही रहो…”

गौरव ने सीधा सा जवाब दिया ..

सपना मुस्कुराने लगी ..

“शाम को जब वो आये तो उससे माफी मांग लेना”

इस बार गौरव ने सपना को देखा वो अब भी मुस्कुरा रही थी

“मैं किस गलती की माफी मांगूंगा उससे “

सपना गौरव के पास गई और अपना हाथ उसकी छाती पर रख दिया

“गलती किसी की भी ,लेकिन लड़कियों को ये अच्छा लगता है की उनका पति उससे माफी मांगे,अगर आप उससे मांफी मांगेंगे तो यकीन मानिए ,वो भी आपसे माफी मांगेगी ...और उसके बाद जो होगा उसके लिए आप कल मुझे धन्यवाद बोल सकते है ..”

सपना की बात से गौरव उसे आश्चर्य से देखने लगा

“क्या होगा ..और तुम्हे हमारे रिश्ते की कब से इतनी चिंता हो गई ??”

सपना थोड़ी हंसी

“मैं कभी नही चाहती की आपका रिश्ता पूर्वी से टूटे….”

वो गौरव के और भी पास आ चुकी थी ,गौरव को उसकी सांस अपने चहरे में महसूस हो रही थी,सपना के बोलना जारी रखा

“मैं बस ये चाहती हु की हम भी थोडा मजे ले ले “

उसकी इस हरकत से गौरव बुरी तरह से घबरा गया और तुरंत ही उससे दूर हो गया ..

उसकी इस हरकत और घबराहट को देखकर सपना जोरो से हँस पड़ी ..

“यकीन मानिए सर ,आज माफी मांग लेना ,चलिए अब काम करते है ..”

सपना मुस्कुराते हुए पास रखी फाइल उठा लेती है ..

***********

इधर

“ह्म्म्म तो मेरी बात सच हो गई क्यो ?”

पूर्वी को उदास देखकर रोहन उसके केबिन में आ जाता है

उसे देखते ही पूर्वी अपने आंसू पोछने लगी

“उस कमीने ने तो मेरी जान को रुला दिया “

रोहन,पूर्वी के चेयर के पास आकर डेस्क में बैठ जाता है और पूर्वी के आंखों से गिरते हुए आंसू को अपने हाथो से साफ करता है …

“मैंने सोचा नही था की गौरव मेरे बारे में ये सब सोचते है “

पूर्वी फिर से सुबकने लगी थी ,रोहन उसके पास जाकर उसके सर को अपने गोद में रख लेता है और उसके बालो को सहलाता है ..

“साले सारे मर्द होते ही ऐसे है ,अपनी बीवी को खुश नही देख सकते ,और वो साला बुड्ढा इतनी हॉट वाइफ मिली है कुछ तो इज्जत करनी चाहिए “

इस बार पूर्वी ने रोहन को गुस्से से देखा लेकिन उसके होठो में मुस्कान थी

“वो मेरे पति है कोई बुड्ढे नही “

हल्के गुस्से के बावजूद रोहन की बात से पूर्वी के होठो में हल्की सी मुस्कान बिखर गई थी ..

“बुड्ढा है इसलिए तो अपनी जवान बीवी पर शक करता है ,यार पूर्वी सच बताना बिस्तर में तो खत्म ही हो जाता होगा ना,इस उम्र में वो भी इतनी हॉट बीवी के साथ ..”

रोहन बोल कर हँसने लगा वही पूर्वी उसे मारने लगी

“यु…...कुछ भी बोलता रहता है ..”

थोड़ी देर में ही दोनों चुप हो गए

“यार पहली बार हमारी ऐसी लड़ाई हुई है,उन्होंने कभी मुझसे ऐसे बात नही की बहुत गुस्से में लग रहे थे..”

पूर्वी फिर से उदास सी हो गई

रोहन ने एक गहरी सांस ली

“यार तुम्हे सॉरी बोल देना चाहिए “

पूर्वी ने एक बार आश्चर्य से रोहन को देखा

“बिना गलती के सॉरी कैसे बोल दु ..”

पूर्वी बोल तो रही थी लेकिन धीमे आवाज में

“अरे यार ये पति होते ही ऐसे है ,लेकिन यकीन मानो अगर तुम उसे पहले सॉरी बोलीगी तो वो भी तुम्हे सॉरी बोलेगा,और उसके बाद जो होगा की काल तुम तुझे थैंक्स बोलोगी “

गौरव की बात सुनकर पूर्वी के होठो में फिर से मुस्कान आ गई ...रोहन उसके चहरे को घूर रहा था

“ऐसे क्या देख रहा है “

“तू सच में कितनी प्यारी लगती है मुस्कुराते हुए ,साला लकी बास्टर्ड “

पूर्वी ने अपने निचले होठो को अपने दांतो में दबाते हुए रोहन के बाजुओं में एक मुक्का मार दिया ..

“जैसे भी है मेरे पति है”वो मुस्कुराते हुए बोली

“साला यही तो दुख है ..”

दोनों ही मुस्कुरा उठे ……..

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शाम का समय था,गौरव पूर्वी की बेसब्री से राह देख रहा था,दरवाजा खुला और सामने पूर्वी उसे मुस्कुराते हुए दिखी,और अंदर आते ही ..

“आज जो भी हुआ उसके लिए सॉरी “

गौरव की बात सुनकर पूर्वी के होठो की मुस्कुराहट और भी बढ़ गई थी ,वो उसके पास जाकर अपना बेग सोफे में फेक दिया और उसके गले से लग गई

“सॉरी बेबी मैंने भी ना जाने क्या क्या कह दिया ..”

पूर्वी उसके सीने से लग गई,और गौरव ने उसे और भी जोरो से जकड़ लिया,

“आई लव यु पूर्वी ..सबसे ज्यादा किसी भी चीज से ज्यादा ,बस यही डर लगता है की तुम मुझसे बिछड़ ना जाओ”

गौरव ने पूर्वी को ऐसे कस लिया था की वो हिल भी नही सकती थी,जैसे वो उसे किसी भी हाल में खोना नही चाहता ..

“मैं तो हमेशा से आपकी ही हु आप ही शक करते रहते हो..”

पूर्वी सुबक रही थी और उसके आंखों के पानी को गौरव अपने सीने में महसूस कर पा रहा था,उसने पूर्वी का चहरा पर उठाया पूर्वी के होठो में एक मुस्कान खिल गई लेकिन उसके आंखों में पानी अब भी बरकरार था,गौरव ने बेहद ही प्यार से उसके होठो का पानी अपने मुह में भर लिया..पूर्वी ने अपनी आंखे बंद कर ली थी..

“एक बात कहु बुरा तो नही मानोगी “

गौरव उसके गालों में एक किस करने के बाद बोला

“हम्म्म्म”

“आज तुम उन कपड़ो में बहुत ही सेक्सी लग रही थी “

गौरव की बात सुनकर पूर्वी की मुस्कान और भी बढ़ गई लेकिन उसने उसका कोई भी जवाब नही दिया बल्कि गौरव को और भी जोरो से कस लिया ..

“बेबी तुम रोज वैसा ही कपड़ा पहना करो लेकिन …”

पूर्वी ने अपना चहरा गौरव के सीने से उठाकर फिर से उसकी आंखों में देखा

“लेकिन मुझे बहुत जलन सी होती है जब कोई दूसरा तुम्हे घूरता है “

पूर्वी तो इस बार लगभग हँस ही पड़ी ,लेकिन उसने कुछ भी नही कहा और अपने हाथो से गौरव के गालों को मलती रही ..

“ऐसे जान थोड़ा जलना सेहत के लिए अच्छा होता है “पूर्वी की इस बात से गौरव भी मुस्कुरा उठा..

“मतलब तुम ऐसे ही जिम जाओगी “गौरव ने मुस्कुराते हुए कहा ,लेकिन पूर्वी ने फिर से उसे जकड़ लिया

“नही जैसा आप कहे वो पहनूँगी “

पूर्वी और भी जोरो से अपने चहरे को गौरव के सीने में गाड़ने लगी थी …

“ह्म्म्म तो कल से साड़ी में जाना “

गौरव की बात सुनकर पूर्वी ने अपना चहरा उठाया और आश्चर्य से गौरव को देखने लगी गौरव जोरो से हँस पड़ा …

पूर्वी उसे झूठे गुस्से से देख रही थी और देखते ही देखते उसने गौरव का चहरा पकड़कर अपने पास खिंच लिया और उसके होठो में अपने होठो को भर दिया …

“umuuuuuu”

दोनों होठ अब लार से भीग रहे थे,उस गीले अहसास में दोनों ही खोने लगे थे,सांस एक दूसरे से टकराती और गर्म मालूम हो रही थी और कोई भी पीछे हटने को तैयार नही था,गौरव ने भी पूर्वी को पूरी ताकत से जकड़ लिया,उसका हाथ पूर्वी के पीठ पर था लेकिन अब वो कमर के पास पहुच चुका था,दोनों ही एक दूसरे की मदहोशी में खोने को तैयार थी,

जंहा पूर्वी अपने दोनों हाथो से गौरव के सर को पकड़े हुए उसे अपनी ओर खिंच रही थी वही गौरव का हाथ पूर्वी के सलवार सूट के ऊपर से ही उसके नितंबो को सहलाने लगा था,वो नाजुक गद्देदार नितंबो का अहसास उसे और भी उत्तेजित कर रहा था,

“आई लव यु जा...न…”पूर्वी एक सेकंड लिए ही उससे अलग रह पाई और फिर से गौरव के होठो पर टूट पड़ी …

गौरव ने उन मुलायम कूल्हों को और भी जोर से अपनी ओर खिंच लिया था,पूर्वी अपने पैरों को और खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन अभी भी दोनों खड़े ही थे,पूर्वी अपने कमर को हिलाकर गौरव के कमर पर रगड़ने लगी थी,पूर्वी के जांघो के बीच का हिस्सा गौरव के एक जांघ से रगड़ कहा रहा था और उसका कोमल अहसास गौरव को दीवाना बना रहा था,उसने अब देर करना उचित नही समझा और पूर्वी को सोफे पर ही पटक दिया ,पूर्वी अब सोफे पर लेटी हुई थी वही गौरव उसके ऊपर छा गया था…

दोनों के होठ फिर से मिल चुके थे वो एक दूसरे के बदन को भरपूर सहला रहे थे,अपने और भी करीब लाने की कोशिश कर रहे थे..

अब जाकर गौरव ने पूर्वी की चुनरी हटा दी और उसके गले को चूमने लगा,पूर्वी अब उसके सर को पकड़े हुए उस अहसास में डूबने लगी …

“आह ..आउच ..”गौरव पूर्वी के वक्षो को अपने दांतो से काटने लगा था,पूवी उतेजना में सिसकियां लेने लगी थी,गौरव का हाथ अब पूर्वी के सलवार के नाड़े पर जा टिका था,एक ही झटके में वो नाडा खुल गया और देखते ही देखते सलवार पूर्वी के जिस्म से अलग हो चुका था,गौरव ने नीचे हाथ फेरा तो पाया की पूर्वी के जांघो के बीच बहुत सा पानी भ चुका है ,वो पूरी तरह से गीली थी और तैयार थी,वो अपनी उंगलियों की सहायता से पूर्वी की पतली पेंटी को नीचे करने लगा,पूर्वी भी कमर उठकर उसका साथ देने लगी ,इस बार गौरव का सर नीचे जाने लगा था,वो पूर्वी के जांघो के बीच साफ सुधरी सी जगह पर पहुच चुका था जंहा से पूर्वी का काम रस निकल रहा था,उसने देर ना करते हुए उस खारे पानी के झरने पर अपनी जीभ फेर दी ,

“ओओओओओओओओओओओओ गौरव...प्लीज नही “

पूर्वी के मुह से निकले हुए सिसकी ने गौरव को समझा दिया की पूर्वी के ना में ही उसकी हा है ,वो और भी जोश से अपनी जीभ को पूर्वी के योनि में फेरने लगा ,

“आह बेबी मैं मर जाऊंगी ,ओह गौरव मेरी जान ...माय बेबी..”

पूर्वी ने पूरी ताकत से गौरव का सर पकड़ रखा था वो उसे और भी ज्यादा दबा रही थी..

“बेबी प्लीज् कम इनसाइड मि “आखिर पूर्वी ने कह ही दिया

गौरव कैसे अपनी प्यारी पत्नी की इस इच्छा को ठुकरा सकता था उसने जल्दी से अपनी पेंट उतारकर फेक दी और अपने लिंग को सीधे ही पूर्वी की गीली चिपचिपी योनि में डाल दिया

“आह बेबी आई लव यु..”इस बार दोनों ही एक साथ बोल उठे थे,कमर चलने लगी थी और सिसकियों से कमरा गूंजने लगा था,गौरव पूर्वी के सूट में हाथ डालकर उसके सुडौल वक्षो से खेलने लगा था ,कमरे में फच फच की आवाज गूंज रही थी और गौरव किसी पिस्टन की तरह अपने कमर को हिला रहा था,आज तो पूर्वी भी आश्चर्य में थी की आखिर गौरव को हुआ क्या है वो आज झड़ने का नाम ही नही ले रहा था और पूर्वी भी किसी स्वर्ग में चली गई थी,वो आंखे बंद किये अपने प्यार को अपने अंदर बाहर होता हुआ महसूस कर रही थी,चमड़ी के घिसन से मिलने वाले सुख से भी ज्यादा प्यार में खो जाने का सुख दोनों के भीतर भर गया था……

“आई एम कमिंग बेबी”

गौरव जैसे दहाड़ा और थोड़ी ही देर में दोनों ही शांत होकर ऐसे ही एक दूसरे से लिपटे पड़े रहे ……

इस तूफान में गौरव और पूर्वी दोनों ही भूल गए थे की उन्होंने दरवाजा बंद ही नही किया है और कोई दरवाजे में खड़ा हुआ उन्हें देख रहा है…………...

 


अध्याय 20

जब वासना का तूफान थम जाए तब ही आसपास की कुछ सुध आती है, गौरव और पूर्वी को भी अभी अभी सुध आया था ,पूर्वी बिजली की फुर्ती से खड़ी हुई और पास पड़े कपड़ो को उठाते हुए सीधे अपने कमरे में भागी,गौरव की भी नजर उसपर थी,वो भी अपने अंगों को छुपाने की असफल प्रयास करता रहा और जल्दी से नीचे पड़े कपड़ो को उठता हुआ अंदर भागा,उसके अंदर जाते तक पूर्वी जैसे तैसे अपने कपड़ो को पहन कर तुरंत ही बाहर आयी थी,

वो दौड़ते हुए दरवाजे के पास पहुची ..

“अरे मेडम रुकिए ना”

मालती में गेट तक जा चुकी थी,वो मुस्कुराते हुए पलटी

“मुझे माफ करना शायद मैं गलत समय में आ गई “

“नही नही ,हम ही बेरखबर हो गए थे,माफी तो हमे मांगनी चाहिए,आइए ना अंदर “

पूर्वी के आग्रह पर मालती फिर से पलट कर उसके ओर आने लगी तब तक गौरव भी अपने कपड़े पहन कर बाहर आ चुका था,असल में जब मालती आयी थी तो ये दोनों अपने प्रेम लीला में व्यस्त थे,और मालती की आंखे इन दोनों पर ही जम गई लेकिन जैसे ही उनका तूफान शांत हुआ और पूर्वी और मालती की नजर मिली पूर्वी के साथ साथ मालती भी हड़बड़ा गई ,वो तुरंत वंहा से जाने लगी लेकिन पूवी ने वापस आकर उस फिर से रोक लिया …

“कम से कम गेट तो बंद कर लिया करो “

मालती ने पूवी को छेड़ा जिसका जवाब पूर्वी ने केवल मुस्कुराते हुए शर्मा कर रह गई ..

मालती कमरे में आ चुकी थी और सोफे में बैठ गई थी ,पूर्वी उसके लिए पानी लेने गई थी तभी गौरव भी प्रगट हुए…

ना ही गौरव ने कुछ कहा ना ही मालती ने..बस मालती की आंखों में गौरव ने अपने लिए एक गुस्सा देखा

पूर्वी पानी लेकर आ चुकी थी और सभी शांत थे ,

“असल में गौरव तुम्हे ये फाइल देनी थी ,आज नही दे पाई सोचा की कल ऑफिस में दूंगी लेकिन फिर सोचा की घर ही चलु पूर्वी से मिले भी बहुत दिन हो चुके है …

मालती की बात से पूर्वी बहुत ही खुश हो गई लेकिन गौरव के चहरे में कोई भी एक्सप्रेसन नही आया

“अच्छा किया मेडम आप आ गई इसी बहाने हमारी मुलाकात तो हो गई …”पूर्वी ने आभार भरे शब्दो में कहा

“हा लेकिन समय गलत हो गया अगले बार काल करके आऊंगी “

मालती की बात से पूर्वी का चहरा लाल हो गया था वो अपना सर झुककर बैठ गई ,वही मालती ने फिर से गौरव को देखा,अभी अभी कुछ देर पहले आया हुआ मुस्कान अचानक से मालती के चहरे से हट चुका था और उसकी आंखों में एक नाराजगी और गुस्सा देखकर गौरव सहम गया ……….

*********

उसी रात

पूर्वी के पिता के घर रोहन ,पूर्वी के पिता कपूर साहब और सपना बैठे हुए ड्रिंक कर रहे थे,कपूर साहब अब नशे में थे…

“उस मादरचोद को मैं नही छोडूंगा …”

कपूर साहब ने कहा ,फिर अचानक से उसे सपना का ख्याल आया

“ओह सॉरी बेटा वो मुह से निकल गया “

“कोई बात नही अंकल ,लेकिन आखिर गौरव पर इतना गुस्सा क्यो ,माना की वो गरीब है लेकिन टैलेंटेड है ,पूर्वी को खुश रखेगा और आपकी इतनी प्रोपर्टी है उसे सम्हालने बोलिये …”

कपूर साहब का चहरा और भी उतर गया

“बेटा सोचा था की पूर्वी की शादी धूमधाम से करवाऊंगा,रोहन से उसकी शादी करवाऊंगा,तेरे बाप को जलाऊंगा ,लेकिन ...लेकिन तेरा बाप अब मुझपर हंसता होगा की मेरा दामाद फटीचर है “

उन्होंने एक और घुट जल्दी से पी लिया

“नही अंकल असल में उन्हें भी बेहद दुख है इस बात का की पूर्वी इस हालत में है ,जैसे अपने कभी मुझमें और पूर्वी में कोई भेद नही किया वैसे ही मेरे पिता भी उसे मेरे जैसा ही प्यार करते है,शायद मुझसे भी ज्यादा,आखिर वो उनके सबसे बड़े दुशमन की बेटी जो है “

सपना की बात पर कपूर साहब खिलखिलाकर हँस पड़े,

“सही कहा बेटी ये तो मैं भी मानता हु की लखानी भी पूर्वी को बहुत प्यार करता है ..”

लेकिन थोड़े देर बाद उनका चहरा फिर से दुख से घिर गया,और उनका रुख रोहन की ओर गया

“इस साले के कारण आज मेरी बेटी उस फटीचर से बंधी हुई है ,तूने ओबराय का नाम डूबा दिया ,एक तेरा बाप था जिस लड़की पर हाथ रख देता वो उसकी जिंदगी भर गुलाम बन जाती और एक तू है साले ..एक लड़की को सम्हाल नही पाया “

कपूर की बात सुनकर रोहन हल्के से मुस्कुराया

“अब छोड़िए भी अंकल जो हो गया वो हो गया लेकिन गौरव को अब आपका बिजनेस सम्हालने के लिए बोलिये ,कब तक उस फटीचर से जॉब में सड़ता रहेगा ,हमारी पूर्वी बेचारी को उस घर में इस हालत में देखा नही जाता ..”

कपूर भी उसकी बात में सर हिलाता है

“ये पता नही क्या आत्मसम्मान की बात करती है पूर्वी मुझे तो कुछ भी समझ नही आता ,उस साले को अपनी वो जॉब प्यारी है पता नही क्या कर लेगा इतने पैसों में ..”

कपूर साहब का मूड फिर से बिगड़ गया ,सपना उठकर उसके पास गई और उसके कंधे में अपना हाथ रखा

“अंकल फिक्र मत कीजिये मैं और रोहन पूर्वी को फिर से आपके पास लाएंगे इस घर में लाएंगे ,हम उसी काम में लगे हुए है “

सपना की बात सुनकर कपूर खुसी से मानो झूम गया..

“तुम दोनों पूर्वी के सच्चे दोस्त हो ,तुम्हे जो अच्छा लगता है वो करो बेटा,और अगर किसी चीज की जरूरत पड़े तो मुझसे बोलने में कोई भी हिचक नही रखना “

कपूर की आंखों में जैसे अभी अभी आशा के कुछ दिए जले थे

“हम्म अंकल एक बात पूछनी थी “

“हा बोलो “

“आप मालती को जानते हो ,वो जो केमेस्ट्री डिपार्टमेंट की HOD है ..”

सपना की बात सुनकर कपूर बहुत देर तक सोच में डूब गया …

“नही बेटा शायद एक बार मिला था उससे तुम लोगो ने जो फंक्सन किया था ना कालेज में वंहा तुमने उससे मिलवाया था,लेकिन क्यो??”

“कुछ नही बस ऐसे ही ,मुझे लगा की आप उसे जानते होंगे “

कपूर की आंखे थोड़ी बड़ी हो गई लेकिन रोहन को पता था की सपना ऐसा क्यो बोल रही है

“नही तो बेटा क्या बात है ..”

“असल में मैंने पापा और ओबेरॉय अंकल(रोहन के पापा) को भी पूछा लेकिन उन्हें कोई नही जानता सभी बस उसी दिन मालती से मिले थे लेकिन ….”

लेकिन क्या बेटा

“हमे उसके घर से ये तस्वीर मिली है “

सपना ने वो तस्वीर कपूर को दिखाई जो उसने उस दिन मालती के घर से खिंची थी …

कपूर की भी आंखे चौड़ी हो गई

“ये तो हमारी फैमली फ़ोटो है ,इसमें सभी है मैं लखानी और ओबेरॉय और तुम लोग और तुम्हारी मम्मी लोग भी है ...ये तो बहुत पुरानी फ़ोटो है बेटा जब ओबेरॉय ने गोवा में नया फॉर्महाउस खरीदा था,याद है हम सब वंहा गए थे ,”

“हा अंकल याद है इतनी पुरानी फ़ोटो मालती के पास क्या कर रही है वही मेरा पहला प्रश्न है जबकि कोई उसे पहले से नही जानता..”

“और वो फार्मूला”

अचानक से रोहन बोल उठा,जिससे कपूर चौक कर सपना को देखने लगा

“कौन सा फार्मूला बेटी “

“कुछ नही अंकल वो बस गौरव के रिसर्च की कुछ कॉपी थी ,वो मेरे टेंशन की वजह नही है लेकिन ये फोटो...मुझे समझ नही आ रहा है”

“मुझे भी कुछ समझ नही आ रहा है बेटी फिर भी मैं लखानी और ओबराय से एक बार इस बारे में बात जरूर करूंगा ,लेकिन तुम लोग ऐसा वैसा कुछ मत कर जाना जिससे कोई लफड़ा हो जाए,तुम इस लफड़े में मत पड़ो,तुम गौरव और पूर्वी पर ध्यान दो ओके “

“ओके अंकल अब हम चलते है “

सपना ने मुस्कुराते हुए कहा……..

****

कपूर के घर से निकल कर सपना और रोहन कार में बैठे ही थे की सपना बोल पड़ी

“जब तुझसे कहा गया था की अपना मुह मत खोलना तो फार्मूले की बात अंकल के सामने करने की क्या जरूरत थी”

रोहन को अपनी गलती का अहसास हुआ

“बस यार मुह से निकल गया ऐसे है क्या उनमें “

“वो जो भी है वो तेरे दिमाग के बाहर है ,अब तू अपना दिमाग मत लगाया कर,बस अब इन तीनो दोस्तो के ऊपर नजर रखना है उसका कुछ इंतजाम कर,पता नही मुझे ये जरूर लगता है की तीनो कुछ तो जानते है जो वो हमसे छुपा रहे है ,पहले तो कोई भी मालती को नही जानता लेकिन जैसे ही उनके सामने ये फ़ोटो आता है वो ऐसे चौक जाते है जैसे कोई बड़ी बात हो गई हो ,और फिर हमसे कहते है की कोई लफड़े में मत पड़ो पूर्वी और गौरव पर ध्यान दो ...आखिर क्यो..”

सपना सब कुछ एक ही सांस में बोल गई जैसे खुद से बात कर रही हो

“इसमें क्यो वाली क्या बात है यार “रोहन ने बेफिक्री से कहा

“अबे साले तीनो ने एक ही चीज कही …”

रोहन आश्चर्य से सपना को देखने लगा

“क्या ऐसा कह दिया की तू पैनिक हो रही है “

“तीनो ने कहा की इस लफड़े में मत पड़ो और ये भी कहा की वो एक दूसरे से बात करेंगे “

“तो इसमें क्या “रोहन को कुछ भी समझ नही आ रहा था..

सपना ने गुस्से से रोहन को घुरा

“अबे चूतिये यही की ये फ़ोटो एक लफड़ा है ...और ये तीनो को पता है ,हमारी फैमली फ़ोटो किसी के पास से मिलती है और तीनो हमे ये बोलते है की इसमें मत पड़ो ये एक लफड़ा है मतलब ये की कुछ तो लफड़ा है ,इस फ़ोटो से जुड़ा हुआ जो ये लोग नही बता रहे है..”

इस बार रोहन को कुछ समझ आया

“क्या करना चाहिए”

“ये फोन में तो बात नही करेंगे शायद कही मिलेंगे,एक आदमी इनके पीछे लगा पता कर की तीनो कहा मिलने वाले है ,और जंहा ये मिलने वाले है वंहा कोई रिकॉर्डर जैसी चीज लगवा ताकि हमे भी पता चले की आखिर इन तीनो दोस्तो ने जवानी में क्या ऐसा गुल खिला दिया की अब भी उससे डरे हुए है “

रोहन बस सहमति में सर हिलाता है ……….

 


अध्याय 21

सुबह जिम में

“तो कैसी रही कल की रात “

रोहन पूर्वी को मुस्कुराते हुए देख रहा था,

पूर्वी के चहरे में हल्की सी शर्म और होठो में हल्की सी मुस्कान खिल गई .

“थैंक्स यार सच में उन्होंने भी मुझे सॉरी कहा”

“मैंने कहा था ना मेरा बात मानेगी तो फायदे में रहेगी “

रोहन की बात से दोनों ही मुस्कुरा उठे…

****

“तो कैसी रही कल रात “

सपना ने गौरव को मुस्कुराते हुए कहा ..

सपना की बात सुनकर गौरव के होठो में मुस्कान आ गई,

“ओहो आप मुझे देखकर मुस्कुरा रहे हो ,मतलब मेरी बात सच हो गई “

सपना ने चहकते हुए कहा ,गौरव की मुस्कान और भी बड़ी हो गई थी ..

“हा उसने भी मुझे सॉरी कहा,शायद मेरी ही गलती थी,anyway थैंक्स ...तुम्हारे सलाह के लिए “

गौरव आज सपना से इतने प्यार से बात कर रहा था की सपना को जैसे यकीन ही नही हुआ ,उसने ऐसे ही मुह बनाया..

“वाओ अचानक से आपकी जुबान कितनी मीठी कैसे हो गई मेरे लिए ,क्या चूस लिया था कल रात …”

सपना खिलखिला कर हँस पड़ी,वही गौरव को जैसे ही उसकी बात का मतलब समझ आया उसकी मुस्कान फिर से गायब हो गई …

“तुम नही सुधार सकती ..आज क्या करना है “

वो इधर उधर देखने लगा …..

***********

“सारा जोर यही लगा दोगे तो पूर्वी के ऊपर क्या लगाओगे”

गौरव को बेंचप्रेस करते देखकर सपना ने एक कुटिल मुस्कान के साथ कहा ...गौरव ज्यादा वजन के साथ बेंचप्रेस करने की कोशिश कर रहा था…

“तुम कभी सीधी बात क्यो नही कर सकती “

गौरव उसपर झल्लाया

“अरे सीधी बात करने के लिए तो बीवी है ना,गर्लफ्रैंड से तो ऐसी ही बाते करते है “

सपना हँसने लगी

“तुम मेरी gf नही हो “

गौरव लेटा हुआ बेंचप्रेस कर रहा था और अब भी लेट हुआ था,सपना सीधे उसके जांघो में बैठ गई ..

“तो बना लो ना “

गौरव को सपना के कूल्हों का अहसास अपने जांघो पर हो रहा था,वो उसके ऊपर झुक गई थी जिससे उसके स्पोर्ट इनर से उसके मम्मे साफ साफ बाहर झलकने लगे थे,गौरव की आंखे एक बार के लिए उसके उरोजों पर ही टिक गई ,फिर उसे आभास हुआ की वो कैसी स्तिथि में है ,उसने तुरंत ही आसपास देखा,पूर्वी दूर थी और नजरो से बाहर थी और बाकियों को उनके बर्ताव से कोई फर्क नही पड़ रहा था,

“ये क्या कर रही हो हटो यंहा से “

गौरव उठने को हुआ लेकिन सपना अभी भी उसके जांघो पर ही बैठी थी,उसके उठने का नतीजा ये था की दोनों के चहरे एक दूसरे के करीब आ चुके थे,गौरव का सीना सपना के उरोजों से सट गया था,उसके पसीने में भीगी हुई परफ्यूम की खुशबू से गौरव के नथुने भर गए..

अब सपना गौरव की गोदी में था और इस मादक माहौल से उत्तेजित हुआ उसका लिंग सपना के जांघो के बीच टकरा गया,गौरव के अंदर दहसत की एक लहर दौड़ गई ,क्योकि वो नही चाहता था की सपना को उसकी उत्तेजना की कोई भी भनक लगे,और दूसरा डर उसे पूर्वी का था अगर वो उसे इस हालत में देख लेती तो क्या होता…

“हटो यंहा से “

गौरव ने जोरो से कहने की कोशिश तो की थी लेकिन लोक लाज के कारण उसकी आवाज धीरे ही आयी,उसकी आवाज आदेशात्मक कम और प्रार्थनात्मक ज्यादा थी…

“मैं नही हटने वाली कर लो जो करना है “

सपना के इठलाते हुए कहा,उसकी सांस तक गौरव के चहरे से टकरा रही थी वही आसपास के लोगो का ध्यान भी अनायास ही उनकी तरफ जाने लगा था..

“प्लीज् “गौरव ने कांपते हुए स्वर में कहा

सपना खिलखिलाते हुए उसके ऊपर से उठ गई और गौरव ने चैन की सांस ली ,ना जाने उसे इतना डर क्यो लग रहा था जबकि गलती तो सपना की थी……..

क्या सच में ,उसने खुद से पूछा..

तेरे जांघो के बीच जो खड़ा हुआ था क्या वो भी सपना की गलती थी…

बस इसका जवाब गौरव के पास नही था और वही उसके डर का कारण भी था,उसे वो दिन याद आया जब वो सपना से सबसे ज्यादा डरा था,जब सपना ने अपने कपड़े उसके सामने खोल दिए थे….क्या सच में वो सपना से डरा था..??

नही ये डर था उसके अंदर उबलते हुए उत्तेजना का और वो डर था की कही वो सामने ना आ जाए,कही वो अपना आपा आ खो दे ..

गौरव की मनोदशा को मानो सपना समझ चुकी थी क्योकि उसे देखकर वो मुस्कुरा रही थी ,जिससे गौरव के शरीर में एक कंपन सी हो गई….

“इसीलिए मैं तुमसे नफरत करता हु,मैंने तो सोचा था की तुम मेरे और पूर्वी के रिश्ते के मजबूत करने में मेरी मदद कर रही हो लेकिन …..लेकिन नही तुम आज भी वही सपना हो जो मुझे मेरी पूर्वी से दूर करना चाहती हो …”

गौरव ने नफरत से उसे देखा लेकिन सपना पर मानो इसका कोई प्रभाव नही पड़ा हो…

“सर आप ना तो कल मुझे समझे थे ना ही आज समझ पाए हो,मैं आपको पूर्वी से अलग नही करना चाहती मैं तो बस आपको अपने पास लाना चाहती हु ...कैसे मर्द हो घरवाली प्यार करने वाली मिल चुकी है ,बाहर वाली भी सबकुछ करने को तैयार है लेकिन फिर भी डरते हो …”

वो फिर से हँसी लेकिन उसकी हंसी से गौरव के चहरे में बस नफरत का भाव आकर रह गया और वो उठाकर दूसरी ओर जाने लगा….

**********

इधर

“बला की खूबसूरत है यार,यार रोहन हमे भी तो मिला इस बला से “

पूर्वी का ध्यान अनायास ही उस ओर खिंच गया जिस ओर से ये आवाज आयी थी,रोहन के साथ खड़ा एक शख्स पूर्वी को ही घूरे जा रहा था,पूर्वी की नजर अचानक ही उससे मिल गई,वो कोई

6 फुट 5 इंच की हाइट वाला बिल्कुल बॉडी बिल्डर जैसा शख्स था, रोहन से भी लंबा था, रोहन उसके सामने बच्चा लग रहा था,वो जैसे कोई दानव हो पूर्वी तो उसे देखकर ही सहम सी गई ,फिर अचानक उसकी नजर उसके बाजू में बैठे शख्स पर गई जिसकी ओर रोहन देख रहा था,एक 6 फुट का लेकिन सामान्य शरीर का बेहद ही हेंडसम सा लड़का ,उम्र लगभग रोहन के उम्र जितनी थी थी,और ऐसा लग रहा था जैसे रोहन का अच्छा दोस्त है …

दिखने में जैसे रणवीर कपूर,चहरे से ही मासूमियत टपक रही थी,लेकिन एक शरारत भी ...पूर्वी अब कन्फ्यूज थी की आखिर ये आवाज थी किसी उस दनाव जैसे इंसान की या इस स्मार्ट छोकरे की …

तभी रोहन ने मुस्कुराते हुए उस स्मार्ट लड़के से कहा

“ये कोई बला नही है रफीक ये मेरी पुरानी दोस्त है पूर्वी “

“रफीक नही रफीक भाई “

एक गरजती हुई आवाज आयी और रोहन उस दानव को देखने लगा..

तभी रफीक बोल उठा

“अबे ये मेरे दोस्त है बे बल्ला तुझे कितनी बार समझाया है की दोस्तो के लिए मैं सिर्फ रफीक हु ,कम ऑन रोहन इसकी बातों का बुरा मत मानना”

रोहन भी रफीक की बात सुनकर मुस्करा उठा,

“इस मांस के टुकड़े में दिमाग होता तो शायद बुरा मानता..”रोहन की बात से दोनों ही हँस पड़े लेकिन बल्ला गुस्से से रोहन को देखा फिर भी चुप रहा ..

रोहन ,रफीक के साथ पूर्वी के पास पहुचा जो की उन्हें ही देख रही थी

“रफीक ये पूर्वी है मेरी बचपन की दोस्त और ये है …”

रोहन आगे कहता उससे पहले ही पूर्वी बोल पड़ी

“रफीक भाई ,अभी अभी सुना,क्यो अब तो ठीक है ना”

पूर्वी ने बल्ला को देखा जो की हल्क की तरह गुस्से से उनलोगों को देख रहा था..

रोहन और पूर्वी इस बात पे हँस पड़े

“अरे आप तो भाई मत बोलिये…”

“क्यो आखिर ??”पूर्वी ने इतराते हुए कहा

“फकत यू रिश्तों के बोझ में न उलझा दो हमे,रिश्ता नही हम दोस्ती करने आये है “

रफीक बड़े ही शायराना अंदाज में कहा

“ओह लेकिन दोस्ती भी तो एक रिश्ता ही है ,ऐसे आप शायर भी है “

“मुझे लगता है की दोस्ती में रिश्तों वाली कोई बंदिश नही होती,ऐसे ये शायरी हमारे अब्बू के एक बिजनेस पार्टनर ने अम्मी के लिए कही थी जब अम्मी ने उन्हें भाई कहा था”

पूर्वी और रोहन ने आश्चर्य से उसे देखा

“तो आपके अब्बू ने क्या जवाब दिया “पूर्वी ने उत्सुक होकर उससे पूछा…

“जवाब क्या देना बल्ला ने उसका गला काट दिया और क्या “

इस बार पूर्वी और रोहन दोनों के ही चाहे में अपार आश्चर्य था...दोनों कभी रफीक को देखते तो कभी बल्ला को तो कभी एक दूसरे को ..

“कोई शेख साहब के सामने अम्मी से बतमीजी करे तो अंजाम तो यही होना था..”

बल्ला बोल उठा

“शेख साहब ??”

पूर्वी ने फिर आश्चर्य से कहा

“जी हा हमारे अब्बू दुबई के शेख है ,और बल्ला हमारे परिवार का पुराना वफादार है …”

“लेकिन आप तो इतनी अच्छी हिंदी बोलते है “

रफीक का खिला हुआ चहरा थोड़ा मुरझा गया

“असल में मेरी अम्मी का परिवार मुम्बई से ताल्लुक रखता है ,मैं तब 18 साल का था जब मेरे अब्बू की मौत हुई,अम्मी ने अब्बा के पुराने दोस्त शेख साहब से निकाह कर लिया और मेरे और बल्ला के साथ दुबई में जा बसी,मेरी अम्मी शेख साहब की तीसरी बीवी है लेकिन उन्होंने हमे बहुत प्यार दिया,अब मैं भारत फिर से आया हु अपने बिजनेस को सम्हालने और शेख साहब के बिजनेस को यंहा फैलाने के लिए और ये मेरा बचपन का दोस्त कम बॉडीगार्ड कम भाई बल्ला है …”

पूर्वी को रफीक की आंखों में बल्ला के लिए अपार स्नेह दिखा,वही बल्ला की आंखे ही बता रही थी की वो रफीक के लिए जान दे भी सकता है और जान ले भी सकता है ……..

“अब छोड़िए इन बातों को मैं यंहा नया हु तो आपलोगो की जिम्मेदारी है मुझे शहर दिखाने की “

रफीक की आवज में एक गजब का अपनत्व था ,लेकिन उसकी इस बात पर पूर्वी ने एक बार रोहन को देखा..जैसे कह रही हो ये कहा फंसा दिया ..

रोहन बस मुस्करा रहा था

“बिल्कुल रफीक ...भाई”

उसने बल्ला को देखते हुए कहा और तीनो फिर से हँस पड़े …

**************

“अरे ये कौन था ???”

रफीक को जाता हुआ देखकर गौरव ने पूर्वी से पूछा,वो अभी अभी सपना से चिढ़कर पूर्वी और रोहन की तरफ़ ही आया था..

“अभी अभी आया है दुबई से किसी बिजनेस के सिलसिले में ,रफीक नाम है इसका “

रोहन की बात से गौरव के चहरे में थोड़ी हैरानी आ गई

“क्या हुआ आप इतने हैरान क्यो लग रहे हो”पूर्वी गौरव के आये हुए भाव को समझ नही पा रही थी..

“कुछ नही ये आदमी मुझे कल केमेस्ट्री डिपार्टमेंट में दिखा था,सपना से बात करते हुए ..”

गौरव की बात सुनकर अब पूर्वी और रोहित दोनों ही चौके …

“सपना से ???”

पूर्वी के मुह से अनायास ही निकल गया

“क्या पता हो सकता है शेख साहब लखानी अंकल के दोस्त हो “

रोहन ने अपनी ओर से कहा

“शेख साहब ??अब ये कौन है “गौरव फिर से कन्फ्यूज था

“रफीक के अब्बू …”

रोहन की बात सुनकर अचानक ही गौरव का चहरा कुछ गंभीर हो गया..

“क्या हुआ आपको “पूर्वी भी उसकी ऐसी हालत देखकर थोड़ी सहम गई

“कुछ नही कुछ नही चलो घर चलते है “

गौरव जल्दी से वंहा से निकला,पूर्वी रोहन की तरफ घूमी और रोहन ने बस कंधा उचकया जैसे कह रहा हो की मुझे क्या पता…

लेकिन रोहन के दिमाग में अब भी कई सवाल चल रहे थे,आखिर रफीक को सपना कैसे जानती है और शेख का नाम सुनकर अचानक गौरव को क्या हो गया…??

**********

 
अध्याय 22

“तुम रफीक को कैसे जानती हो ?? गौरव बोल रहा था की उसने कालेज में तुम्हे उससे बात करते देखा “

पूर्वी और गौरव के जाने के बाद रोहन सीधे सपना के पास पहुचा था जो अब भी एक्सरसाइज कर रही थी..

“रफीक ...तुम उसे कैसे जानते हो “

सपना ने सवाल के बदले सवाल किया

“अरे यार वो यही वर्कआउट करने आता है ..”

“ओह तो वो भी यंहा आता है “

“तुमने जवाब नही दिया सपना की तुम उसे कैसे जानती हो “

“यार वो एक केमिकल फेक्ट्री डाल रहा है ,और इसी सिलसिले में मैं उससे मिली थी,उसने मुझे जॉब आफर किया है “

सपना के चहरे पर मुस्कान थी और रोहन को उसकी बात पर यकीन नही हो रहा था ..

“सपना तुम मुझसे कुछ छिपा रही हो है ना,तुमने अभी तक मुझे उन फार्मूला के बारे में कुछ सही सही नही बताया,हर बार बात को घुमा देती हो ,और गौरव को जब पता चला की वो दुबई के किसी शेख का बेटा है तो उसका चहरा भी थोड़ा गंभीर हो गया था,आखिर साला चल क्या रहा है “

रोहन झुंझला गया,लेकिन सपना अब भी मुस्कुरा रही थी,वो रोहन के पास आयी और उसके गालों को अपने हाथो से खिंचने लगी

“ओ मेरा बच्चा..कितना क्यूट लगता है तू गुस्से में “

सपना की बात सुनकर रोहन और भी गुस्से में आ गया और पैर पटकता हुआ वंहा से निकल गया ,उसे देखकर सपना के होठो की मुस्कान और भी गहरा गई थी ………..

**************

“दुबई वाले शेख का बेटा हमारे डिपार्टमेंट में क्या कर रहा था वो भी सपना के साथ “

गौरव गुस्से में था और मालती के सामने खड़ा था..

“अरे मुझे क्या पता ??”

मालती ने बेतकलुफी के साथ जवाब दिया

“वो आपकी स्कोलर है ना,तो आपको नही पता होगा तो किसे पता होगा…”

“वो काम तुम्हारे साथ करती है गौरव ,और तुम इतनी छोटी सी बात पर इतना भड़क क्यो रहे हो...क्या हो गया अगर सपना किसी से बात कर रही थी,और यंहा कई लोग आते जाते रहते है “

मालती की नजर अब गौरव के ऊपर टिक गई थी..

“कही यह वही शेख तो नही जिसने कविता को …”

मालती की नजर अचानक ही गौरव के ऊपर टिक गई

“तुम पागल हो गए क्या गौरव कुछ भी बोले जा रहे हो,अरे होगा कोई पूछ लो सपना से ,इतना सोचने की क्या जरूरत है …”

“लेकिन…..”

“लेकिन वेकिंन कुछ नही जाओ यंहा से मुझे और भी काम है,ज्यादा सोचकर अपना टेंसन मत बढ़ाओ वरना अपनी बीवी के साथ रंगरलियां कैसे मनाओगे…”

मालती की बातों में एक व्यंग था ,गौरव बिना कुछ बोले और मालती को देखे बिना ही वंहा से निकल गया…..

***********

गौरव सपना के पास पहुच कर इस बारे में बात करता है और सपना उसे वही स्टोरी सुना देती है जो उसने रोहन को सुनाई थी और रोहन की तरह उसे भी सपना की बात पर भरोसा नही होता…

लेकिन मानने के अलावा गौरव के पास कोई रास्ता भी तो नही था……..

************

“क्या हुआ जी इतने टेंशन में क्यो लग रहे हो…”

गौरव जब से कालेज से आया था वो थोड़े टेंसन में लग रहा था,सुबह जिम से आने के बाद वो ना जाने किन ख्याबो में खोया हुआ था,यही बात पूवी को सताए जा रही थी की आखिर उसे हो क्या गया है …..

“कुछ नही बस तबियत ठीक नही लग रही ,मैं आराम करना चाहता हु पूर्वी “

पूर्वी गौरव के चहरे को ध्यान से देखने लगी ..

“ऐसे क्या देख रही हो …”

“आप मुझसे कुछ छिपा रहे है..??”

“नही तो ..”

“मुझे क्या समझ कर रखा है आपने,इतनी बड़ी टेंशन से गुजर रहे हो कम से कम अब तो बता दो “

गौरव चौका ,उसके चौकाने की वजह थी पूर्वी द्वारा बोले गए शब्द ‘अब तो बता दो ‘

गौरव कोई समझ नही आया की आखिर पूर्वी ने ऐसा क्यो कहा था..

“मतलब क्या है तुम्हारा “

“क्या जो टेंशन हो वो मुझे बता सकते हो ना,मैं आपकी पत्नी हु ..”

“ये नही जो तुमने कहा ..तुमने कहा की अब तो बता दो ,इसका मतलब क्या है ??”

गौरव के चहरे में कन्फ्यूजन था,वही पूर्वी मुस्कुराने लगी थी..

“मतलब ये की आप कभी मुझे अपनी टेंशन नही बताते ,”

“तुमने कब मुझे टेंशन में देख लिया..”

पूर्वी मुस्कुराते हुए उसके गले से लग जाती है

“जानते हो आप मुझसे झूठ नही बोल सकते ,लेकिन आप कोशिश जरूर अच्छी कर लेते हो ,मैं जानती हु की कब आप मुझसे झूठ बोल रहे हो और कब सच लेकिन फिर भी मैं चुप रहती हु क्योकि मुझे आपपर भरोसा है …”

गौरव को समझ ही नही आ रहा था की कब उसने पूर्वी से कोई झूठ बोला था …

“क्या बोल रही हो पूर्वी मैंने कब तुमसे झूठ बोला “

जवाब में पूर्वी खिलखिला उठी….

“अरे कुछ तो बोलो ,मैंने सच में आज तक तुमसे कुछ भी छुपाया “

गौरव की बात सुनकर अचानक ही पूर्वी के चहरे में आयी हुई हंसी गायब हो गई वो थोड़ी सीरियस हो गई ..

“पहला झूठ ये था की आप और मालती मेडम के बीच में कोई जिस्मानी रिश्ता नही था,अपने मुझसे कहा था की आप एक वर्जिन है,ये जानते हुए भी की आप दोनों के बीच रिश्ता है मैंने आपसे शादी की क्योकि मुझे भरोसा था की आप मुझसे प्यार करने लगे हो,दूसरा झूठ की अपने मुझसे कहा था की आप सपना से दूर ही रहना चाहते हो लेकिन आप ने जानबूझकर सपना को अपना पार्टनर बनाया,मालती के दिमाग में ये डाला की आप सपना से कितनी नफरत करते हो और सपना को मालती के और पास जाने में मदद की ताकि वो सपना को आपकी प्रोजेक्ट पार्टनर बनाने में मदद करे ...क्यो…”

“पागल हो गई हो क्या पूर्वी ये क्या बके जा रही हो ..”

गौरव झल्लाया लेकिन पूर्वी मुस्कुरा रही थी ..

“मैं जानती हु क्यो ,क्योकि वो फार्मूले जो कभी कविता ने लिखे थे वो मालती के पास थे जो मालती आपको नही दे रही थी लेकिन सपना दे सकती थी ,आप जानते थे की सपना के पास उसकी एक कापी है ..है ना…”

पूर्वी की बात सुनकर गौरव का चहरा पीला पड़ गया था,उसकी जैसे सांस ही रुक गई ..

“और आज ये तीसरा झूठ आप मुझसे बोल रहे हो की आपकी तबियत खराब है ...रफीक को देखकर जैसे आपकी सांस ही रुक गई थी ,आखिर क्यो ???वो शेख कौन था जिसने कविता को गायब कर दिया और क्यो ?? आखिर उस फार्मूले में ऐसा है क्या जिसने इतना बखेड़ा खड़ा कर दिया ??? और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात इन सबसे रोहन ,सपना और मेरे परिवार का क्या रिश्ता है ???”

पूर्वी की बात सुनकर गौरव पास ही पड़े सोफे में धड़ाम से गिर पड़ा

“तुम्हे ये सब कैसे पता??? आखिर कैसे ?”

पूर्वी की मुस्कान एक हंसी में तब्दील हो गई थी ,वो हल्के से हंसी

“आप भूल गए की मैं किसकी शागिर्द हु ..”

गौरव ने पूर्वी के ध्यान से देखा ,और अचानक उसके दिमाग में एक नाम गुंजा जो धीरे से उसके होठो तक आ ही गया

“ओह डॉ चूतिया…तो उसने जासूसी की है हमारी “

गौरव पूर्वी के चहरे को ध्यान से देखने लगा ..पूर्वी उसे देखकर मुस्कुरा रही थी ..

“जब इतना कुछ पता है तो बाकी चीजे भी पता लगा लो,तुम्हारे साथ तुम्हारे गुरुदेव जो है “

इसबार वो खिलखिलाकर हँस पड़ी

“आप डॉ से इतना चिढ़ते क्यो है ?”

“उसने तुम्हे कभी नही बताया की मैं उससे क्यो चिढ़ता हु “

“बताया था लेकिन अब पुरानी बातों का कोई मलतब नही रह जाता ,वो आज भी आपको अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते है “

पूर्वी की बात सुनकर अचानक से ही गौरव के चहरे का भाव बदलने लगा था,उसका सर झुक गया था ,वो अपने आंखों में आये हुए आंसुओ को छिपाने की कोशिश कर रहा था,पूर्वी उसके पास उसके बाजू में जाकर बैठ गई और उसका सर सहलाने लगी ..

उसने गौरव के सर को अपने सीने से लगा लिया …

“अब समय आ गया है गौरव डॉ को आपकी जरूरत है ,आखिर कविता आपका पहला प्यार थी,कविता के लिए उनका साथ दो कब तक वो इस लड़ाई को अकेले लड़ेंगे ..”

गौरव पूर्वी के सीने में सुबकने लगा था..

“उसने मुझसे मेरा पहला प्यार छीना था,मेरी कविता को मुझसे छीना था,और आज मेरी पत्नी को भी अपनी ओर कर लिया ...साला चूतिया ..”

गौरव की बात से पूर्वी खिलखिलाकर हँस पड़ी,गौरव भी उसके सीने से अलग हुआ उसके चहरे में अब थोड़ी सी मुस्कान थी…

“मैंने कभी नही सोचा था की डॉ तुम्हे इन सब के बारे में बताएगा..अगर पता होता तो कभी तुम्हे उसकी क्लास अटेंड करने नही देता “

पूर्वी के चहरे में एक मुस्कान आ गई

“उन्होंने बताया क्योकि वो आज भी आपसे बहुत प्यार करते है ,और वो जानते है की कविता के गायब होने से आपको भी उतना ही दुख हुआ जितना की उन्हें और अब वो नही चाहते की पुरानी बातों के कारण अब आपपर या मुझपर फिर से कोई मुसीबत आ जाए .”

गौरव ने बड़े ही प्यार से पूर्वी के गालों को सहलाया

“तुम्हे ये सब कबसे पता है “

“कुछ चीजे शादी के पहले से और कुछ अभी अभी कुछ दिनों से “

“ओह तो मालती मेडम के बारे में आप शादी से पहले से ही जानती थी ??”

“हा बिल्कुल डॉ ने साफ साफ बता दिया था “

गौरव आश्चर्य से पूर्वी को देखता रहा

“तो फिर तुमने कुछ कहा क्यो “

पूर्वी हँसने लगी फिर सीरियस होकर कहा

“क्योकि डॉ ने मुझसे कहा था की कुछ भी डिसीजन लेने से पहले पता तो कर लो की आखिर वो तुमसे सच में प्यार करता है की वैसे ही धोखा दे रहा है जैसे मालती को इतने दिनों से दे रहा है,मैं जानती हु की अपने मालती से प्यार का नाटक क्यो किया था,अपने अपनी सालों की इच्छा को सिर्फ मेरे कारण कुर्बान कर दिया ,सालों की मेहनत को सिर्फ मेरे प्यार के लिए बर्बाद कर दिया,मुझसे शादी कर ली ,अपना पहला प्यार भूलकर मुझसे प्यार किया “

पूर्वी की आंखों में भी आंसू आ चुके थे ,गौरव ने पूरी ताकत से उसे अपने सीने से लगा लिया …

“तो क्या पता लगा तुम्हे ये प्यार था की धोखा ..”

गौरव ने हल्के से उसके कानो में कहा ,और पूर्वी ने कोई जवाब ना देते हुए अब उसके होठो में अपने होठो को डाल दिया …………...

 


अध्याय 23

“तो डॉ तूने फिर से मेरे प्यार को फंसा लिया “

गौरव और पूर्वी अभी डॉ चूतिया के केबिन में बैठे हुए थे,गौरव की बात सुनकर डॉ जोर से हँस पड़ा..

“भाई अब तो ये तेरा प्यार ही नही बल्कि तुम्हारी बीबी भी है ...मैं इसे क्या फ़साउंगा ..”

गौरव और पूर्वी के चहरे में एक मुस्कान आ गई ,लेकिन फिर गौरव गंभीर हो चुका था..

“देख यार सालों से हम दोनों ने एक दूसरे से अच्छे से बात नही की है ,हम दोनों ही एक दूसरे को कविता का गुनहगार मानते आ रहे है ,लेकिन तू भी जानता है और मैं भी उसका असली गुनहगार कोई और नही बल्कि वो शेख है ,और अब हमारे पास ये मौका है की हम उस शेख से बदला ले …”

गौरव की बात सुनकर डॉ के चहरे में मुस्कान आ गई ..

“शेख से बदला ???..वो मेरे ऊपर छोड़ दे ,और रफीक को पूर्वी और सपना के ऊपर ,बाकी उस फार्मूले का क्या हुआ ,उसपर कोई काम हुआ की नही “

गौरव ने एक बार डॉ को ऐसे देखा जैसे की डॉ उसका पुराना दुशमन हो …

“क्या मतलब है की रफीक को पूर्वी और सपना के ऊपर छोड़ दु,और सपना ,सपना भी तेरी शागिर्द है क्या..??”

गौरव लाल हो गया था जैसे उसे किसी बुरे का अंदेशा हो ,वो डॉ को सालों से जानता था और ये भी की वो कितना कमीना है ..

जवाब में डॉ ने मुस्कुराते हुए पूर्वी की ओर देखा

“तुमने बताया नही क्या की सपना भी मेरी शागिर्द है जैसे तुम हो ,भई क्लास तो मैंने दोनों की ही ली है ना..”

गौरव पूर्वी को देखने लगा..

“अरे आप गलत समझ रहे है,हा सपना भी इनकी शागिर्द है लेकिन सपना को नही पता की मैं भी डॉ से इस बारे में बात करती हु,या कोई सलाह लेती हु…आप उसकी फिक्र मत करो हम मिलकर कुछ कर लेंगे,आप तो उस फार्मूले पर ध्यान दो ..”

“क्या फार्मूला फार्मूला कर रहे हो तुम दोनों,साला अगर वो मेरे पास होता तो क्या मैं ऐसे …”

अचानक गौरव चुप हो गया और उसका चहरा गंभीर से भी गंभीर हो गया..

“डॉ तू क्या करना चाहता है मुझे नही पता लेकिन एक बात बता देता हु की वो फार्मूला सपना के पास है लेकिन आधा.. उतना ही पार्ट जितना की मालती के पास था,आधा फार्मूला अब भी शेख के पास ही है और हो ना हो रफीक को उसने इसी लिए भेजा है ,वो अब भी उस फार्मूले के खोज में है जिससे असीम पवार मिल सकती है ,शाररिक और मानसिक पावर जिससे दुनिया जीती जा सकती है ,जो दिमाग को 100% तक एक्टिव कर सकती है ,सोचो अगर किसी को वो फार्मूला मिल गया और वो दवाई बना ली गई तो फिर क्या होगा,हम अपने दिमाग का बस 5% ही यूज़ कर पाते है वो भी जो लोग जीनियस होते है ,अगर कोई दिमाग का 100% यूज़ करने लगे तो ???”

“वो वो फ़िल्म है ना लिमिटलेस वैसे ही हो जाएगा,या फिर लूसिया मूवी की तरह पावरफुल हो जाएगा,तो क्या ऐसा हो सकता है की कोई NZT जैसी दवाई बनाई जा सके..?? “अचानक से ही पूर्वी बोल पड़ी..

“बिल्कुल ..”डॉ ने बोलना शुरू किया

“बना सकता नही बना चुकी है ,कविता ने ऐसी दवाई बनाई थी ,जिसके गवाह हम दोनों है ,”डॉ ने बोलते हुए गौरव को देखा

“याद है गौरव उसकी दवाई का क्या असर हुआ था हमारे ऊपर “

डॉ जोरो से हँसने लगा,और पूर्वी आश्चर्य से डॉ और गौरव को देखने लगी..

“आखिर क्या हुआ था उसे खाकर ..”

पूर्वी की उत्सुकता बढ़ रही थी

“छोड़ ना यार क्यो याद दिला रहा है “गौरव थोड़ा नर्वस हो गया

“अरे बताओ ना क्या हुआ था “पूर्वी ने जोर डाला और गौरव बोलने लगा..

“ये बात तब की है जब हम एक स्कोलरशिप के लिए एग्जाम दिला रहे थे,डॉ मैं और कविता...कविता तो पढ़ने में ऑलरेडी इतनी तेज थी की उसे कोई फर्क नही पड़ता था की एग्जाम कितना टफ होने वाला है ,लेकिन मेरी और डॉ की हालत खराब थी ,तो हमने कविता से मदद मांगी और उसने हमे वो टेबलेट दिया...असल में उसने हमारे ऊपर ही उसका पहला एक्सपेरिमेंट किया था.कविता ने पहली बात इसे तैयार किया था और इसमें कई सारी कमियां थी ,लेकिन हमने फिर भी उसे खा लिया ..”

गौरव इतना ही बोलकर चुप हो गया ,लेकिन पूर्वी की उत्सुकता और ही बढ़ गई थी ..

“फिर ,फिर क्या हुआ “

“फिर क्या उस एग्जाम में इंडिया लेवल के तीन टॉपर थे,पहला कविता दूसरा मैं और तीसरा डॉ .”

गौरव इतना ही बोलकर चुप हो गया..

“अरे यार पूरी बात तो बताई ही नही तूने,हमने इंडिया में टॉप किया और तगड़ी स्कोलरशिप भी हासिल की लेकिन सिर्फ 3 दिन की पढ़ाई करके …”डॉ ने आगे बात जोड़ी

“वाओ वो मेडिसिन इतनी पावरफुल है ??”पूर्वी का मुह आश्चर्य से खुल गया था…

“नही पूर्वी उससे भी कही ज्यादा,क्योकि उस समय कविता ने बस एक सेम्पल तैयार किया था जिसमे कई कमियां थी ,उसने बाद में उन कमियों को भी दूर किया और एक नया फार्मूला बनाया कई साल उसने इसपर काम किया था और वही ……..और वही फार्मूला उसका सबसे बड़ा दुशनम साबित हुआ...इस फार्मूले के बारे में कुछ बड़े ही पावरफुल लोगो को पता चल गया और कविता अचानक से ही गायब हो गई,लेकिन फार्मूला के दो हिस्से हो गए थे जिसमे से एक मालती मेडम के हाथो में लगा और दूसरा ..”

“दूसरा कहा गया डॉ”पूर्वी ने पूछा

“दूसरा शेख के पास अभी तो बताया ना गौरव ने “डॉ ने चहरे में एक अजीब सी मुस्कान आ गई जिसे देखकर पूर्वी भी मुस्कुराने लगी..लेकिन गौरव को इसकी कोई भी खबर नही थी ..

“डॉ सपना से बोल की वो फार्मूला मुझे दे दे ,शायद मैं कुछ कर सकता हु …”

“सपना मेरे किसी बात को टालेगी नही लेकिन ..जंहा फार्मूले की बात आएगी वो मुकर जाएगी ,मैं उसे जानता हु लेकिन तू उससे निकलवा सकता है ..”

“मैं कैसे ??”

गौरव चौका ,डॉ ने पूर्वी की ओर देखा

“डॉ मेरे पति को बिगाड़ो मत,”पूर्वी ने लगभग डांटते हुए कहा और जवाब में डॉ हँस पड़ा

“अरे बिगड़ नही रहा हु बस थोड़ा मोड़ा ..तुम बाहर घूम कर क्यो नही आती इससे मुझे अकेले में कुछ बात करनी है ..”

डॉ की बात सुनकर पूर्वी ने गुस्सा वाला मुह बनाया

“अरे रहने दो मैं जानता हु ये क्या कहने वाला है ,तुम यंही बैठो,साले मेरी शादी तुड़वायेगा क्या “

गौरव बोल उठा...लेकिन फिर डॉ ने पूर्वी को बाहर जाने का इशारा किया

“कोई बात नही मुझे डॉ पर भरोसा है ये जो भी करेंगे हमारे भले के लिए ही करेंगे .आप आराम से इनसे बात करिए मैं बाहर घूमकर आती हु…”

पूर्वी ने गौरव के कंधे पर अपना हाथ रखा और बाहर चली गई ..

“तुम्हारी इस हरकत से अब पूर्वी हमेशा मुझपर शक करेगी”

गौरव डॉ के ऊपर भड़क गया ..

“नही करेगी ,और तू भी जानता है की मुझे तुम्हे कुछ भी

समझना नही है ,तू वो कर ही लेगा जो मैं तुझे बोलने वाला हु ,”

“तो पूर्वी को बाहर क्यो भेजा”

“ताकि वो तुझपर यकीन करे,तू समझ नही सकता,अगर मैं उसे बाहर नही भेजता तो शायद वो तुझपर शक करती लेकिन अब हम उसे अपने हिसाब से एक स्टोरी सुना देंगे”

“कैसी स्टोरी “

“बोल देना की तू मुझपर बहुत गुस्सा हुआ की मैंने तुझे सपना को पटाने के लिए कहा और उससे शाररिक संबंध बनाने के लिए कहा ,और तू ऐसा कुछ भी नही करने वाला,और इधर मैं तेरी तारीफ कर दूंगा की तेरा पति तो पत्नीव्रता है उसने मेरी बात को साफ मना कर दिया,वो खुश हो जाएगी और क्या ..”

डॉ ने मुस्कुराकर गौरव से कहा

“लेकिन मैं ऐसा कुछ भी नही करने वाला,मैं सपना से ..”

गौरव आगे और भी कुछ बोलता उससे पहले ही डॉ ने उसे चुप करवा दिया

“बेटा तेरे रग रग से मैं वाकिफ हु ,भूल मत की तेरा बचपन का दोस्त हु मैं ,और ये तो तुझे भी पता है की वो फार्मूला कितना जरूरी है ,गलत हाथो में लगा तो तबाही ही तबाही निश्चित है..”

गौरव सोच में पड़ गया

“लेकिन ..”

गौरव फिर से कुछ बोलने वाला था की डॉ ने उसे चुप करवा दिया

“मैंने पिछले साल तेरा एक आर्टिकल पढा था,जो नेचर मैगजीन में पब्लिश हुआ था”

“तो ..”

“तो तुझे उसी आर्टिकल की वजह से ये फंड मिला जिससे तू अभी रिसर्च कर रहा है ..”

“हा तो क्या ..”

गौरव आशंकित होकर डॉ को देख रहा था..

“तो ये की मैं जानता हु की तू कितना दिमाग वाला है ,तू ऐसा आर्टिकल कभी नही लिख सकता,”

डॉ की बात सुनकर गौरव हड़बड़ा गया

“क्या बक रहा है “

“मैं जानता हु गौरव की कविता की बनाई पहली 50 गोलियों में कुछ तेरे पास अभी भी है ,याद है जो उसने मुझे दिए थे,और जिसे तूने चुराया था “

डॉ की बात सुनकर गौरव बौखला गया

“तुझे क्या लगता है की मैंने वो गोलियां चुराई है ,मेरे पास इतना टेलेंट नही है की मैं ऐसा आर्टिकल लिखूं..”

“मैं तुझपर शक नही करता अगर वो आर्टिकल लिखने के बाद तू 10 दिन के लिए हॉस्पिटल में एडमिट ना हो जाता,तू उल्टियां हो रही थी राइट,दस्त ,उल्टियां और सर में बेहद दर्द ..यही हुआ था जब हम एग्जाम दिलाकर वापस आये थे..”

गौरव का चहरा एकदम पिला पड़ चुका था,

“तूने फिर से वो गोली खाई अपना आर्टिकल खत्म किया और फिर से तुझे वही प्रॉब्लम हो गए जो उसके साइड इफेक्ट थे...मैं तभी समझ गया था की आखिर मेरे पास की गोलियां गई कहा...चल छोड़ मैं इस बारे में पूर्वी को कुछ भी नही बताऊंगा..पूर्वी को क्या किसी को भी नही बताऊंगा,लेकिन …..मुझे वो फार्मूला चाहिए”

डॉ ने बड़े ही दम से कहा

“और आखिर मैं तुझे वो फार्मूला लाकर क्यो दु “

“क्योकि हम तीनो कभी पार्टनर थे..और अब हम दोनों ही बचे है तो हम 50-50 के पार्टनर हुए ना”

गौरव के चहरे में अब शांति थी

“मैं सपना से वो फार्मूला निकलवाऊंगा ओके..लेकिन तू क्या करेगा जो तू पार्टनरशिप मांग रहा है ??”

डॉ हँसने लगा..

“भूल गया की फार्मूला अभी भी कम्प्लीट नही है ,मालती ने सालों कोशिश की लेकिन उसे भी कुछ नही मिला,जरूर शेख ने भी कोशिश की होगी और उसे भी जब कुछ समझ नही आया होगा तो उसने रफीक को भेज दिया,तो मैं रफीक को सम्हालूँगा वो अभी जवान है और हुस्न का कदरदान है ,पूर्वी और सपना उसे आराम से सम्हाल लेंगी ..”

डॉ की बात सुनकर गौरव बौखला गया

“तुम मेरी बीवी को ..”डॉ ने उसे चुप करवा दिया

“याद रख शेख तक पहुचने का ये ही एक रास्ता है ,और तुझे क्या करना है बे,तू अपने लेब में ध्यान दे ना,ऐसे भी मैं पूर्वी और सपना को मना लूंगा,तुझे जो करना है वो ये की तुझे अपनी आंखे और कान पूर्वी के ऊपर से हटा लेने है,वो क्या कर रही है उसपर ध्यान मत देना बस और क्या ..”

गौरव सोच में पड़ गया था..

“तू उससे क्या करवाने वाला है “

“वो मैं देख लूंगा,फार्मूला तेरे लिए कितना जरूरी है ये तू भी जानता है और मैं भी तो …….तो अपना काम करना शुरू कर मेरे काम में दखल मत दे,और फिक्र मत कर मैं ये याद रखूंगा की पूर्वी मेरे दोस्त की पत्नी है …”

इतना बोलकर डॉ थोड़ी देर चुप रहा और फिर बोल उठा

“ऐसे तू दोस्त तो है ना मेरा??”

दोनों की आंखे मिल गई और गौरव ने अपना हाथ आगे किया,दोनों ने हाथ मिलाया और गौरव बाहर चला गया..

********

“आखिर क्या कहा डॉ ने “

बाहर गौरव को पूर्वी मिल गई थी जैसा उसे यकीन था पूर्वी ने वही सवाल किया जो गौरव को अंदाजा था और गौरव ने भी वही उत्तर दिया जो डॉ ने उससे कहा था...गौरव के उत्तर से पूर्वी खुश दिख रही थी ,उसने उसे सीने से लगा लिया

“ये डॉ ना कभी कभी मुझे सही आदमी नही लगते”

गौरव को लगा जैसे पूर्वी ने उसके दिल की बात बोल दी हो

“ह्म्म्म तुम भी बच कर रहना उससे ,साला हमेशा से कमीना है ,जैसे उसने कविता को मुझसे अलग किया कही तुझे भी मुझसे अलग न कर दे “

गौरव ने पूर्वी को बहुत ही जोर से पकड़ लिया..

“फिक्र मत कीजिये हमे कोई भी अलग नही कर सकता,और जब वो इतना ही कमीना है तो हम उसकी मदद क्यो ले ,क्यो ना हम ये सब छोड़ दे “

पूर्वी की बात से गौरव थोड़े देर सोच में पड़ गया

“पूर्वी आखिर छोड़ कर जायेगे कहा,यही हमारी दुनिया है और इसे हमे फेस करना सीखना ही होगा...ऐसे भी मुझे शेख तक पहुचना है जिसने कविता को मुझसे छीना था..”

“ह्म्म्म मैं आपके साथ हु गौरव ..”

गौरव के चहरे में मुस्कान आ गई

“पूर्वी इस चूतिया डॉ से सम्हाल कर रहना ये बस नाम का चूतिया है”

पूर्वी खिलखिला उठी

“आप फिक्र मत करो मेरा नाम पूर्वी है ,पूर्वी कपूर ,कपूर साहब की बेटी हु मैं ऐसे चुतियो को चूतिया बनाना मैंने बचपन में ही सिख लिया था…अब मैं जरा उससे अकेले मिलकर आती हु देखु तो आखिर कैसे मेरे कान भरता है ..”

पूर्वी की बात सुनकर गौरव ने चैन की सांस ली और उसे गले लगा कर अपने ऑफिस की ओर चल पड़ा और पूर्वी डॉ की केबिन की ओर…

********

“तो डॉ गौरव तो अपना काम करेंगे लेकिन अब हमे क्या करना है “

“अब हमारा टारगेट है रफीक ,जाकर मिलो उससे ,बाकी तुम समझदार हो की तुम्हे क्या करना है …”

डॉ की बात सुनकर पूर्वी बस मुस्कुराती रह गई …..

 
अध्याय 24

“डॉ गौरव को मेरे और रफीक के ऊपर शक हो रहा है “

सपना थोड़ी टेंशन में दिखी ,वो अभी अभी डॉ चूतिया के केबिन में आयी थी ,

“उसकी फिक्र छोड़ो उसे फार्मूला चाहिए जो तुम्हारे पास है ,तुम तो बस रफीक की फिक्र करो ,और मालती की भी “

“रफीक तो मुझसे ज्यादा पूर्वी में इनरेस्टेड लग रहा है ,और मालती को सम्हालने के लिए तो रोहन को लगा दिया है,लेकिन गौरव ..”

“तुम्हे कुछ समझ आ रहा है की आखिर वो क्या करना चाहता है ,”

“मुझे लगता है की मुझे उसे वो फार्मूले दे देने चाहिए जो की मुझे मालती के पास से मिले थे”

सपना की बात सुनकर डॉ हंसा

“और फिर क्या ??”

“फिर क्या उन्हें जो बनाना है वो बना लेंगे..”

“ह्म्म्म वो तो है लेकिन ..”

“लेकिन क्या “

“तुम्हारे पास जो है वो अधूरा ही है “

“जानती हु की मेरे पास कुछ ही फार्मूले है शायद आधे तो अब भी मालती के पास ही पड़े है इसलिए तो रोहन को मालती के पीछे लगाया है लेकिन पता नही वो उसे पटा भी पायेगा की नही ,मालती बेहद ही होशियार है “

सपना के साथ डॉ ने भी एक गहरी सांस ली..

“रोहन मालती को नही मालती रोहन को पटायेगी ,मैं उसे जानता हु जैसे उसे हमेशा ही लगता था की उसने गौरव को अपने झांसे में लिया है वैसे ही अब उसे लगेगा की उसने रोहन को अपने झांसे में ले लिया है .बस समय दो और रोहन को उसके आस पास ही रखो ..ऐसे तुम्हारे पिता की मीटिंग कब है,कपूर साहब के साथ “

सपना के चहरे में अब थोड़ी शांति थी

“2 दिन बाद”

“ओके ,और एक बात अभी जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नही है ,अभी गौरव को थोड़ी मेहनत करने दो,वो रफीक को देखकर पैनिक में है क्योकि उसे लगता है की रफीक को उसी किसी शेख ने भेजा है फार्मूला हासिल करने के लिए,तो वो अब तुमसे फार्मूला हासिल करने की कोशिश करेगा,लेकिन उसे ये नही पता की तुम्हारे पास भी पूरे फार्मूला नही है,उसके मजे लो ,उसे बहका के रखो वरना वो बाकी के कामो में टांग अड़ायेगा,उसे लगने दो की वो अपने मकसद के बेहद करीब है ,और उसे करीब ही रहने दो कभी पहुचने मत देना..”

डॉ की बात सुनकर सपना के चहरे में मुस्कान खिल गई..

“मतलब मुझे उससे सेक्स नही करना है “

डॉ इस बात पर हँस पड़ा ..

“सेक्स...तुम्हे लगता है की तुमसे सेक्स करना उसका मकसद है ??”

“नही मेरा मतलब है की पहले वो मुझे फसाने के लिए यही करने की कोशिश करेगा “

सपना की बात सुनकर डॉ ने एक गहरी सांस ली

“सपना तुम्हारे पास सच में बहुत तेज दिमाग है लेकिन फिर ही तुम्हारे अंदर एक बचपना अभी भी है,गौरव मेच्योर आदमी है उसके लिए सेक्स के कुछ खास मायने नही है,उसका तरीका कुछ भी हो सकता है शायद वो कुछ भी ना करे,और यही उसका तरीका हो ,तो तम्हे बस कुल रहना है ,समझना है और जो समझ आये वो मुझे बताना”

“तो सेक्स ...क्या मुझे उसके साथ सेक्स करना होगा, अगर वो चाहे तो ..???”

डॉ फिर से खिलखिला उठा

“वो तुम्हारी मर्जी है..बस कुछ भी हो वो उलझा रहे तो हमारे लिए बेहतर है “

सपना ने सहमति में अपना सर हिला दिया..

***********

सपना के जाने के कुछ ही देर बाद रोहन डॉ से मिलने पहुचा …

“तो कैसे चल रही है मालती के साथ “

डॉ के बात से रोहन के चहरे में मुस्कान खिल गई थी

“कुछ खास नही ,वो तो मुझे अभी घास भी नही डाल रही है ..”

“कोई बात नही,बस उसे कुछ ऐसे पटाओ की उसे पता भी नही चले की तुम उसे पटा रहे हो,या ये तरीका अच्छा रहेगा की तुम उसे पटाओ ही मत कुछ ऐसा करो की वो ही तुम्हे पटा ले”

रोहन कुछ आश्चर्य से डॉ को देख रहा था…

“टाइम लगेगा ,फिक्र मत करो ,तुम रफीक के ऊपर ध्यान दो लेकिन किसी न किसी बहाने से मालती से भी मिलते रहो,बाकी उस तक न्यूज़ तो सपना पहुचा ही देगी ,और तुम रफीक के इतने करीबी बन जाओ की मालती को उसतक पहुचने के लिए तुम्हारे करीब आना पड़े..”

“लेकिन वो क्यो रफीक के करीब जाना चाहेगी “

डॉ उसकी बात सुनकर मुस्कुराने लगा

“रोहन तुम जो गेम खेल रहे हो वो खेल का आखरी पड़ाव है ,खेल तो सालों पहले से शुरू हो गया है ….लेकिन अब फैसले की घड़ी है की कौन जीतेगा और कौन हारेगा..”

डॉ ने ये बात ऐसे कही थी जैसे वो खुद ही बात कर रहा हो ..

रोहन को उसकी बात कुछ खास तो समझ नही आई लेकिन उसने हा में सर हिला दिया..

**********

“यार ये डॉ बड़ी अजीब अजीब बाते कर रहा था मेरे तो समझ के बाहर था,खेल का आखरी पड़ाव ,फैसला etc ..”

रोहन और सपना रोहन के एक फ्लेट में बने छोटे से बार में बैठे हुए थे..

सपना गंभीर थी और वोदका को बड़े ही गंभीर ढंग से चुस्कियां ले कर पी रही थी …

“रोहन मुझे कुछ सही नही लग रहा है,पूर्वी डॉ से अकेले में मिलती है,फिर गौरव के साथ मिलती है ,डॉ हमे अलग अलग अपने पास बुलाता है और कहता है की समय लो,जल्दबाजी में कुछ मत करो ,एक आदमी अचानक से हमारी लाइफ में आता है(रफीक) और सबके लिए इतना इम्पोर्टेन्ट हो जाता है,हमारे घर वाले भी कही न कही इन सबमे इन्वॉल्व है ,यार रोहन हम क्या करने निकले थे और ये क्या कर रहे है,पूर्वी को गौरव से ज्यादा डॉ की बात सुन रही है ,हम लोग क्यो उसका कहा मान रहे है,हमे क्या लेना देना की उस फार्मूले में क्या है हम क्यो अपनी ऐयाशियों वाली जिंदगी को छोड़कर इस झमेले में पड़ गए है …”

सपना को इतना गंभीर देख कर रोहन भी थोड़ा गंभीर हो गया उसने तो ये सब सोचा भी नही था..

“हा यार सही कहा,साला ये तो हमारा पैसे उड़ाने और मौज करने की दिन है,बाप ने इतना पैसा हमारे लिए ही तो कमाया है और साला हम इन सब चूतियापे में पड़ गए है ..”

उसने अपने ग्लास में रखे विस्की को एक ही सांस में अंदर धकेल कर फिर से नया पैक बना लिया..

“मुझे तो डॉ पर ही शक होता है ,गौरव तो सीधा साधा ही लगता है लेकिन ये डॉ बड़ा ही टेढ़ा आदमी है,देखा ना उसने पूर्वी को भी मना लिया की वो रफीक के आस पास रहे ,”

सपना फिर गंभीरता से बोली

“हा यार मुझे भी डॉ कुछ समझ नही आता “

रोहन ने फिर से अपना पैक एक ही सांस में खाली कर दिया ,इस बार सपना उसे घूरने लगी

“क्या क्या देख रही है “

सपना के चहरे में गुस्सा था

“साले तुझे समझ क्या आता है,जब देखो हा में हा मिलता रहता है..”

सपना को गुस्से में देखकर रोहन मुस्कुराने लगा..

“ये कहावत सुनी है ...येड़ा बनकर पेड़ा खाना..”रोहन के चहरे की मुस्कान और भी गहरी हो गई

सपना ने सहमति में सर हिलाया

“बस यंहा वही करना होगा,ये सब क्या चल रहा है ये सब तो साला हमारे दिमाग के ऊपर से ही निकल रहा है तो क्यो ना येड़ा बन जाय जाए,जब मौका आएगा तब पेड़ा हम खा के निकल जाएंगे..”

सपना ने पहली बार रोहन के मुह से कुछ ऐसी बात सुनी जिसमे उसे कुछ चालाकी का आभास हुआ ..

“मतलब ..”

“मतलब ये की सब खेल के सेंटर में वो फार्मूला है जिसके बारे में हमे घण्टा कुछ नही पता ,जो पता भी है वो महज एक अनुमान ही है ,तो अभी हम वो करते है जो ये लोग कह रहे है,सबको लगने दो की हम उनके ही साथ है चाहे वो डॉ हो ,गौरव हो ,मालती हो या रफीक, जब फार्मूला मिल जाए तो ले के निकल लेंगे…”

रोहन की बात सुनकर सपना के आंखों में आश्चर्य खिल गया उसने कभी सोचा भी नही था की रोहन कुछ ऐसा सोचेगा ..

“तो तुम्हारा प्लान क्या है ??”

उसने जल्दी से कहा

“कोई प्लान नही यही प्लान है ,प्लान उन्हें बनाने दो न जो इस खेल को खेल रहे है ,हमे तो बस ट्रॉफी से मतलब है ,चाहे कोई भी जीते..”रोहन हँस पड़ा था,सपना जैसे उसकी बातों को समझ गई थी ..

“लेकिन ...कोई भी जीते तो हमे कैसे फायदा होगा..”

“अरे यार हम तो सबके साथ है ना,हम गौरव के साथ भी है,और मालती और रफीक के साथ भी ,और डॉ के साथ भी,हमे क्या करना है की कौन जीतेगा और कौन हारेगा...तू खुद सोच कर देख क्या हम सबके वफादार नही बन सकते...क्या तू गौरव के प्यार में नही पड़ सकती,और डॉ और मालती को ये लगेगा की तू उनके कहने पर नाटक ही कर रही है ,लेकिन गौरव को तो ये लगेगा की उसने तुझे फंसा लिया है ,क्या मैं रफीक का सबसे अच्छा दोस्त नई बन सकता,फिर से डॉ को यही लगेगा की मैं उसके कहने पर ये कर रहा हु,..”

सपना के चहरे में इस बार मुस्कुराहट आ गई

“तू तो बड़ा दिमाग वाला निकल गया बे,यानी हमे डबल क्रॉस करना है “

रोहन हँस पड़ा

“डबल ट्रिपल जितना भी क्रॉस करना पड़े कर देते है ,साला हमारा क्या जायेगा,हो सकता है उस फार्मूले में ही कुछ ऐसा मिल जाए की हमारा फायदा हो और इसके साथ मुझे पूर्वी भी मिल जाए ..”

रोहन का चहरा खिल गया और उसकी बात सुनकर सपना भी जोरो से हँस पड़ी और उसके गालों को खिंचने लगी,

“साले आखिर में तू आ गया ना अपनी औकात में ..”

रोहन को यही सही मौका लगा और वो खड़े होकर सपना के पैरों में बैठ गया,रोहन सपना के मिनी स्कर्ट के नीचे हाथ घुसकर उसके जांघो को सहलाने लगा,सपना उसके इरादों को समझ चुकी थी..उसके होठो में भी मुस्कान आ गई

“यार ...बहुत दिन हो गए ..”

रोहन जैसे मिन्नत कर रहा था..

सपना ने उसके बालो को अपने हाथो में पकड़ कर उसे अपने जांघो के बीच सरका दिया ..

“मुझे भी ………”

**************

“बल्ला गजब की माल है साली इसे ही तेरी भउजाई बनाऊंगा ..”

सपना ने अचानक से उस ओर देखा जिस ओर से ये आवाज आ रही थी और उसकी आंखे फ़टी की फ़टी रह गया क्योकी ये रफीक था…

“कसम से भइया जी क्या गांड है साली के “सपना ने बल्ला की निगाहों का पीछा किया वो दोनों पूर्वी को वर्कआउट करते देख रहे थे,पूर्वी भी बीच बीच में उन्हें देखकर मुस्कुरा रही थी ..

“हमको तो लगता है भैया की ये मछली हमारे जाल में फंस ही जाएगी ..क्या बोलते हो “

बल्ला फिर से बोल उठा और रफीक बस मुस्कुरा दिया,सपना ने अपने को चेंजिंग रूम में छिपा लिया,जंहा वो पहले से मौजूद थी जिससे ये दोनों ही बेखबर थे और रूम के बाहर खड़े हुए बाते कर रहे थे ..

“कसम से एक बार मिल जाए ,साला खटिया ही तोड़ देंगे,पूरा U.P. हिला देंगे ..”

बल्ला के साथ साथ रफीक भी हंसा..वही सपना का चहरा पिला पड़ गया

“ये साली तो सोचती है तुम कोई शेख हो ,तुम्हारे सामने तो खेल के दे देगी ,भैया जी ये तो मोनालिसा से भी जबर माल है,”

दोनों फिर से हँसे

“बस बल्ला नाटक चलने दे ,फिर देख कमरिया लापालाप है,जौनपुर से आजमगढ़ तक नंगी दौड़ाकर चोदूंगा साली को ,शेख बनकर क्या पता ये खजूर ही खाने को मिल जाए “

दोनों फिर से खिलखिलाकर हँसे और पूर्वी की ओर बढ़ गए ..

सपना चेंजिंग रूम में उनकी बात सुनकर पसीने से पूरी तरह से भीग गई थी ,उसे अपने कानो पर यकीन नही हो रहा था लेकिन उसने खुद ये सब सुना था,ये लोग शेख बनकर खजूर खाने के फिराक में थे और खजूर और कोई नही उसकी बचपन की दोस्त पूर्वी थी…...तो केमिकल फेक्ट्री की बात,क्या ये सब झूठ था???

भाड़ में जाए केमिकल फेक्ट्री इन सालों की तो ...वो यही सोचकर बाहर निकली लेकिन फिर उसके दिमाग में कुछ बाते कौंध गई और वो उसके पैर बस वही रुक गए ………..

 
अध्याय 25

“हमने सुना था की जन्नत में हूर होती है लेकिन इस जहां में भी हमे कोई हूर मिल जाएगी ये तो सोचा न था”

रफीक की बात सुनकर पूर्वी खिलखिला उठी ,उसी समय सपना भी उनके पास पहुच चुकी थी ,पूर्वी किसी समान को पकड़ने के लिए नीचे झुकी और उसके टाइट लोवर के कारण उसके चूतड़ पूरी तरह से उभर कर बाहर को झांकने लगे,उसकी पेंटी की आकृति भी साफ साफ दिखने लगी थी,रफीक जैसे उस दृश्य को देखकर बस उसमें भी खो गया था,सपना की नजर उसकी नजरो का पीछा करते हुए उस दृश्य पर चली गई ,उसने तुरंत आसपास देखा ,ऐसे तो पूर्वी के इस कुछ सेकंड के बर्ताव को देखने वाले कुछ ही लोग थे लेकिन जिसने भी इसे देखा उसकी आंखे बस वही जमी रह गई ,इसमें बल्ला और रोहन भी शामिल थे,जबकि रफीक को देखकर तो ऐसा लग रहा था जैसे उसकी सांस ही रुक गई हो…

पूर्वी के वापस उठने पर सभी की सांस फिर से चलनी शुरू हो गई थी,रफीक ने बल्ला की ओर देखा और एक मुस्कान बिखेर दी जैसे कह रहा हो ‘क्या माल है यार ये ‘

वही बल्ला भी आंखों ही आंखों से मुस्कुराने लगा,लेकिन दोनों की ये हरकते सपना से नही छिप पाई,वो कुछ कहना चाहती ही शायद पूर्वी को रफीक का सच बताना चाहती थी लेकिन वो चुप रही उसके दिमाग में और भी कई सवाल घूम रहे थे जिसका जवाब जानना उसके लिए और भी ज्यादा जरूरी था…

जिम में गौरव किसी से कोई बात किये बिना अपना काम कर रहा था ,उसे देखकर ऐसा लगता जैसे वो किसी सपने में खोया हुआ है ,वो पूरी तरह से दुनिया से बेखबर था,रफीक और रोहन के प्यासी नजरो की उसे कोई भी फिक्र नही थी ना ही वो उधर देख ही रहा था,ये तो सिर्फ सपना ही समझ सकती थी की आखिर उसके दिमाग में क्या चल रहा है ,गौरव इसी पशोपेश में था की आखिर वो सपना से कैसे उस फार्मूले को निकलवाये..वो ज्यादा देर तक वंहा रुका भी नही और पूर्वी को वही छोड़कर घर चला गया..

इधर

रोहन पूर्वी और रफीक को सपना ने भी जॉइन कर लिया था..

“तो सपना जी अपने हमारे आफर के बारे में क्या सोचा “

रफीक सपना की ओर मुड़ता है

“मैंने आपको साफ साफ कहा था की मैं दूसरे प्रोजेक्ट में व्यस्त हु और मुझे समय नही मिल पायेगा”

सपना ने दो टूक जवाब दिया

“चलिए कोई बात नही ,लेकिन जब कभी आप फ्री हो हमारा आफर आपके लिए वही रहेगा”

रफीक बेहद ही नम्रता के साथ बोल रहा था

“बिल्कुल बिल्कुल “सपना ने भी हामी भरी

“तो यार रोहन तुम तो हमे शहर घूमने ले जाने वाले थे,और आप भी अपने वादे से खिलाफत कर रही है पूर्वी जी “

रफीक के शराफत भरे लहजे को सुनकर सपना मन ही मन मुस्कराने लगी ,उसे यकीन हो गया था की जो वो रफीक के बारे में सोच रही थी वो कही ना कही सही हो सकता था,वो तैयारी के साथ आया था..

“बिल्कुल शेख साहब ,क्यो ना आज ही कही बाहर चले क्या कहते हो “

पूर्वी ने रोहन को देखा और रोहन ने भी हा में सर हिला दिया

“अरे पूर्वी जी हमे शेख कहकर क्यो हमे शर्मिंदा कर रही हो ,हम शेख के बेटे है ना की शेख है”

“अरे यार शेख का बेटा भी तो शेख ही हुआ ना,तुम हम गरीबो के साथ टाइम बिता रहे हो यही बहुत है”

रोहन लपक कर बोल उठा,बदले मे रफीक ने थोड़ी नम्रता दिखाई और फिर बल्ला की ओर देखा जो की अब भी आंखों से ही मुस्करा रहा था जैसे कह रहा हो की साले बुरी तरह से फंस गए है ..

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बल्ला के हाथो में एक पिस्तौल थी और उसकी आंखे बिल्कुल लक्ष्य पर टिकी हुई थी ,एक दो तीन ...उसने गोली चला दी और धाय….

“वाओ बल्ला तुम तो गजब के निशानेबाज हो “सपना ने चहक कर कहा,बल्ला के चहरे में मुस्कान खिल गई,वो सपना के साथ उस जंगल के एक हिस्से में अकेला था,पास में बहती हुई नदी का कलरव वातावरण में फैल रहा था,बल्ला का मजबूत शरीर ऊपर से नँगा ही था,उसकी मजबूत भुजाई फड़फड़ा रही थी,वो पसीने से भीगा हुआ था और हांफने के कारण उसकी उभरी हुई मांसल छतिया भी और भी भारी भरकम लग रही थी ,एक बार सपना की नजर उसके जिस्म पर ठहर गई ,वो सच में किसी दानव से कम नही लग रहा था लेकिन फिर भी उसका ये शरीर सपना के यौवन से भरे हुए मन में तरंगे उठाने के लिए काफी था,वो दोनों ही सबसे बहुत दूर आ गए थे,बल्ला का शर्ट नदी के किनारे पड़ा हुए था और एक चिड़िया को मारने के लिए वो बहुत दूर तक भागता रहा था,आखिर वो चिड़िया फड़फड़ाते हुए नीचे गिर गई,सपना भी उसके साथ भाग रही थी और वो भी हांफ रही थी,उसकी स्कर्ट एक कांटे से फंसने के कारण फट चुकी थी,जिससे उसके जांघो का बहुत सा हिस्सा दिखने लगा था,वही पसीने से भीगने के कारण उसकी टीशर्ट भी उसके जिस्म में चिपक गई थी,आदतन या जानबूझकर सपना ने अंदर कोई भी अंतःवस्त्र नही पहने थे और इसी कारण टीशर्ट से उसके बड़े बड़े वक्ष साफ साफ दिख रहे थे,उसके निप्पल उसके काले कलर के टीशर्ट से दिख तो नही रहे थे लेकिन शरीर का हर कटाव ऐसे कपड़ो से चिपक चुका था जैसे दोनों में कोई भेद ही नही रह गया था,बल्ला अपनी तारीफ इस हसीना से सुनकर खुश होने ही वाला था की उसकी नजर सपना पर पड़ गई और जैसे उसकी सांस ही रुक गई हो ,उसने सपना को अपने जिस्म को देखता हुआ पाया,उसने सपना की आंखों में एक लालच देखा जिसे महसूस करके ही उसके जिस्म में एक करेंट सी दौड़ गई थी,वही सपना के जिस्म को देखकर वो खुद को सम्हालने ही वाला था की उसकी नजर नीचे गई जंहा सपना की स्कर्ट फ़टी हुई थी और उसके उजाले जांघो के दर्शन करके बल्ला का बल्ला खड़ा होने लगा था,बल्ला के बल्ले के अकड़न से उसका शार्ट भी थोड़ा उठने लगा था ,सपना का आश्चर्य उस समय और भी बढ़ने लगा जब उसके बल्ला के बल्ले क्यो उठाते हुए देखा,उसे लगा जैसे उसकी ही बल्ले बल्ले हो गई हो ,उसने उस दैत्य शरीर वाले इंसान के लिंग को उठता हुआ देखा,वो कपड़ो की पाबंदी को तोड़ने को आतुर दिख रहा था,ऐसे लगा जैसे बल्ला के जांघो के बीच कोई लोहे का सरिया धीरे धीरे बड़ा हो रहा है,अब वो शायद अपने पूरे आकर में था एक टेंट बन चुका था जो इतना बड़ा था की सपना का मुह खुला का खुला ही रह गया,उसे आभास हुआ की इस दैत्य के पास एक दैत्याकार लिंग भी है जो किसी मूसल से कम कठोर नही लग रहा था,सपना के जांघो के बीच एक अजीब सी हलचल होने लगी ,उसने खुद को सम्हाल और सर उठाकर बल्ला को देखा वो भी उसे ही देख रहा था,ऐसे देख रहा था मानो कोई छोटा और भूखा बच्चा किसी चॉकलेट से बने हुए गुम्बद को देखे ,ऐसे जैसे कोई भूखा कुत्ता किसी मांस के लोथड़े को देखे,लार मानो टपकने के ही कगार में थी,सपना को ये देखकर खुसी हुई की उसने बल्ला का बल्ला खड़ा कर दिया है,अब उसे निचोड़ने की देर थी लेकिन वो अभी सब्र से काम लेना चाहती थी…

“बल्ला चले सब हमारी राह देख रहे होंगे..”

सपना की बात जैसे उसने सुनी ही नही ,सपना ने फिर से दोहराया तो बल्ला हड़बड़ाते हुए इधर उधर देखने लगा..

“अरे सपना जी वो तो खुद में मस्त होंगे हमारी राह कौन देखेगा..”

बात तो सही थी,रोहन और रफीक तो पूर्वी के पीछे हाथ धोकर पड़े थे वंहा सपना और बल्ला को कौन याद करने वाला था,सपना ने भी इसका जवाब मुस्कुरा कर दिया और बिना कुछ बोले नदी की तरफ चल पड़ी,वो निकले तो शहर घूमने थे लेकिन पिकनिक मनाने शहर से बहुत दूर जंगलों में आ गये थे,सपना को बहुत दिनों बाद ऐसी शांति मिल रही थी ,बल्ला भी उसके पीछे पीछे आया ,अब उसके हाथो में तो चिड़िया थी ,उसने पास के घास को जलाकर उसके ऊपर उसे भुनने लगा,सपना नदी के किनारे एक पत्थर में बैठी हुई नदी के सौंदर्य को निहारे जा रही थी.बल्ला भी वही पहुच गया और ना जाने उसे क्या हुआ उसने अपनी अंजली में पानी भरकर सपना की ओर उछाल दिया,सपना की तंद्रा जैसे टूट गई और वो एक बार के लिए ही हड़बड़ा सी गई ,फिर उसे बल्ला की शरारत समझ आयी ,वो हंसती हुई उसे मना करने लगी लेकिन वो नही माना ,सपना भी नदी में उतर गई थी और उसने भी बल्ला की ओर पानी फेकना शुरू कर दिया दोनों खिलखिला रहे थे,सपना सोच भी नही सकती थी की बल्ला जैसा आदमी कभी हँस भी सकता है वो भी इतनी मासूमियत के साथ ,दोनों ही भीग चुके थे सपना के पूरे कपड़े पूरी तरह से भीग चुके थे लेकिन दोनों को ही इसकी फिक्र भी नही थी ,

बल्ला सपना के करीब आ चुका था और उसने उसे किसी बच्चे की तरह उठा लिया और हवा में लहरा दिया,सपना को तो ये यकीन ही नही आ रहा था की कोई इतना ताकतवर कैसे हो सकता है,वो बल्ला के सामने कोई छोटी सी गुड़िया लग रही थी,जिसे बल्ला जैसे चाहता वैसे ही घुमा देता लेकिन सपना को इससे बहुत ही खुसी भी मिल रही थी,उसने कभी किसी के साथ ऐसी मस्ती नही की थी,इतने ताकतवर इंसान के हाथो में वो किसी कठपुतली की तरह थी लेकिन ऐसा बनना भी उसे बहुत ही सुकून दे रहा था ,वो बल्ला की कायल हुए जा रही थी,कहा सपना उसे फसाना चाहती थी और कहा वो खुद ही बल्ला की दीवानी हुए जा रही थी,लेकिन उसने डिसाइड किया था की वो इस पल को पूरे जस्बे के साथ जियेगी ,उसने अपने दिमाग में चल रहे सभी जदोजहद को थोड़ी देर के लिए भूल जाना ही मुनासिब समझा था…

वो खिलखिलाती हुई बल्ला के सीने में आ समाई,बल्ला अब भी उसे हवा में उठाये हुए था,दोनों के बीच कोई बातचीत भी नही हो रही थी ,और उसकी कोई जरूरत भी नही थी ,बल्ला अचानक उसकी आंखों में देखने लगा,उसने सपना को थोड़ा नीचे किया,अब सपना की बांहे बल्ला के गले में फसी हुई थी वही उसकी छतिया बल्ला के सीने से चिपकी हुई थी,दोनों की आंखे मिल चुकी थी लेकिन कोई भी एक शब्द बोलने को राजी नही था,दोनों ही एक दूसरे को देख रहे थे और ये क्या ….सपना ने शर्माकर अपना सर बल्ला के कंधे पर टिका दिया,सपना शरमाई ये तो सपना को भी यकीन नही हो रहा था,लेकिन ये सच था,वही बल्ला ने उसके सर को चूमा ,शायद ये बल्ला को भी यकीन नही हो रहा था की इतनी हसीन लड़की उसके इतने करीब है ,वो कही भी चूम सकता था लेकिन उसके उसके बालो को चूमा ,उसके हाथ कही भी जा सकते थे लेकिन वो उसके कमर से नीचे नही गए,उसके जांघो के बीच अकड़न होनी चाहिए थे लेकिन उसके दिल में एक अजीब सी कसीस उठ रही थी ,बल्ला के लिए और सपना के लिए दोनों के लिए ये बेहद ही नई बात थी,वो कुछ समझ ही नही पाए और सपना जल्दी से नीचे उतर कर जाने लगी ,वही बल्ला बस उसे खड़ा हुआ देख रहा था,उसे अब भी यकीन नही हो रहा था की आखिर उसके साथ ये क्या हो रहा है ……….

 
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