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बेलगाम लंड 9
ये जवानी भी बड़ी अजीब होती है ? कभी बहुत मज़ा देती है तो कभी बहुत परेशान भी करती है। एक दिन मैं
जब सवेरे उठी तो मेरे अंदर वासना सवार हो गयी। मेरे पूरे बदन में आग लगी गयी। मेरी चूत कुलबुलाने लगी और चूंचियां तन कर खड़ी हो गयी। मेरे अंदर एकदम से लण्ड पकड़ने की इच्छा पैदा हो गयी। मैं सोंचने लगी की इस समय कौन भोसड़ी वाला मुझे अपना लण्ड पकड़ायेगा ? लेकिन जाने क्यों मैं लण्ड के लिए तड़प उठी । अचानक मेरे मन में पीटर सर का ख्याल आ गया। पीटर मेरे कॉलेज के सबसे हैंडसम, स्मार्ट और पॉपुलर प्रोफ़ेसर है । मैं उनसे घुल मिल गयी हूँ। उनसे खुल कर बातें करती हूँ, कभी कभी मजाक भी करती हूँ और कभी एक साथ बैठ कर दारू भी पीती हूँ। बस मैं उठी और कार निकाल कर सीधे उसके घर पहुँच गयी। दरवाजा खटखटाते ही उसने खोला और बोला वाओ, गोगी तुम इतने सवेरे कोई ख़ास बात है क्या ? मैंने मुस्कराकर कहा हां सर ख़ास बात है पर खतरे वाली बात नहीं है. मोहब्बत वाली बात है। मैं उसके बगल में सोफ़ा पर बैठ गयी।
मेरा नाम गोगी है। मैं २२ साल की एक खूबसूरत क्रिश्चियन लड़की हूँ। मेरी आँखें बड़ी बड़ी है, चेहरा गोल है रंग एकदम गोरा है, चूंचियां बड़ी बड़ी और सुडौल है, जांघे मोटी मोटी है उसके बीच में छोटी छोटी झांटों वाली सेक्सी चूत है, चूतड़ उभरे हुए है और उसके बीच में एक मस्त गांड है। कद मेरा ५’ ५” है। मैं चलती हूँ तो मेरी चूंचियां हिलती है और पीछे से मेरी गांड मटकती है। लड़के मुझे आगे पीछे दोनों तरफ से देखते है . दारू तो मैं बचपन से पीती आ रही हूँ। मेरे घर में दारू पीने और डांस करने की पूरी छूट है। मेरी मॉम भी दारू पीती है। मैं सिगरेट भी पीती हूँ। कॉलेज में लड़कियों के साथ खूब गालियां भी बकती हूँ। मुझे गालियां देने में बड़ा मज़ा आता है मैं खूब एन्जॉय भी करती हूँ। धीरे धीरे मैं लड़कों को गालियां देने लगी। उन्हें गालियां सुनाने लगी तो लड़के भी खूब एन्जॉय करने लगे और मेरे आगे पीछे घूमने लगे। फिर मुझे एक दिन मालूम हुआ की लड़के मेरे मुंह से “लण्ड” सुनना ज्यादा पसंद करते है। तब से मैं लण्ड की गालियां मुंह से निकालने लगी। मेरे मुंह से फ़टाफ़ट लण्ड, लौड़ा, लांड सब निकलने लगा और लड़के खूब तालियां बजा बजा कर मज़ा करने लगे।
मैं पीटर सर से भी कभी कभी गालियों से भी बात कर लेती थी। मैंने एक दिन बड़े प्यार से कहा था भोसड़ी के सर किसी दिन मैं तेरी झांटें नहीं, तेरा लण्ड उखाड़ लूंगी ? सर, बड़ी जोर से हंस पड़े थे ।
सर ने मेरे कान में कहा :- क्या उखाड़ लोगी तुम मेरा ? ज़रा एक बात फिर कहो ?
मैंने कहा – तेरा लण्ड, लण्ड और लण्ड ? (मैं जान गयी थी सर मेरे मुंह से लण्ड सुनना चाहते है)
बस उसी दिन से मैं उसके और नजदीक आ गयी। इसके अलावा भी उसने मुझे कई बार लड़कों को गालियां देते हुए सुना है और एन्जॉय किया है। कॉलेज में जब मैं लड़कों की गांड मारती हूँ और उनकी माँ चोदती हूँ। तो मुझे सुनने के लिए एक बड़ी सी भीड़ लग जाती है।
मेरे कॉलेज में एक मोनिका मेम भी है वह भी क्रिश्चियन है। एक दिन उसने मुझे बुला कर पूंछा गोगी तू बहन चोद यहाँ लड़कों की माँ चोदती रहती है कभी अपनी माँ चुदवाई है तूने ? मैंने हंस कर कहा हां मेम मैं अपनी भी चुदवाती हूँ। मैंने कई बार अपनी मॉम को कई लोगों से चुद्वाते हुए देखा है ? वह बोली नहीं ऐसे नहीं ? यह बता क्या कभी तूने कोई लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेला है ? मैंने जबाब दिया नहीं मेम अभी तक तो नहीं पेला ? उसने कहा किसी दिन मेरे घर आकर लण्ड पहले मेरे भोसड़ा में पेलो तब तुझे अपनी माँ का भोसड़ा चुदाना आ जायगा ? मैं बड़ी खुश हो गयी और सोंचने लगी की किसका लण्ड पेलूँ मैं मेम के भोसड़ा में ?
कल रात में मैं यही सोंच रही थी और आज सवेरे जब उठी तो लण्ड के लिए तड़पने लगी तभी मुझे पीटर अंकल का ख्याल आया और मैं यहाँ चली आई। सर, एक लुंगी पहने हुए थे। ऊपर कुछ भी नहीं ? मैं उसकी चौड़ी छाती और छाती के बाल बार बार देख रही थी। मुझे मर्दों की छाती बड़ी अच्छी लगती है। मुझे यह नहीं मालूम था की उसने लुंगी के नीचे कुछ पहना है की नहीं।
वह बोला :- गोगी, तुम बैठो मैं तुम्हे गरमागरम चाय पिलाता हूँ।
मैंने कहा :- चाय नहीं भोसड़ी के सर, मैं तेरा गरमागरम लण्ड पियूंगी ?
ऐसा कह कर मैंने उसकी लुंगी के अंदर हाथ घुसेड़ दिया ? जैसे आप लोग लण्ड चूत में घुसेड़ देते है। मेरा हाथ सीधे लण्ड से टकरा गया। मैं बोल पड़ी वाओ, तेरा लण्ड तो मादर चोद पहले से ही खड़ा है, सर ? उसने कहा गोगी लण्ड सवेरे सवेरे सबका खड़ा रहता है। मैंने बड़ी बेशर्मी से लुंगी खोल कर फेंक दी। वह भी जोश में था कुछ बोला नहीं और मेरी चूंची मसलने लगा।
एक एक करके मेरे कपडे उतार दिया, पहले मेरी टॉप फिर मेरी ब्रा और फिर मेरी जींस। मैं मादर चोद हो गयी बिलकुल नंगी। मैं होना भी चाहती थी उसके आगे नंगी ? मैं तो नंगी होने के लिए ही आयी थी और उसे नंगा करने आयी थी। लुंगी खुलते ही वह भोसड़ी का पूरा नंगा हो गया मेरे सामने ? फिर वह मुझे अपने बेड रूम ले गया। मैं उसके ऊपर चढ़ बैठी और चूत उसके मुंह के ऊपर रख दी। मैं झुक कर उसका लण्ड अपने मुंह में घुसा कर चूसने लगी। मुझे तो बहुत मज़ा आने लगा।
थोड़ी देर में मैं घूम गयी और चूत में घुसा लिया लण्ड । मेरा मुंह उसके मुंह के सामने था। मैं लण्ड पर बैठी थी और फिर उचक उचक कर चोदने लगी उसका लण्ड ?
मैंने पूंछा :- कितनी लड़कियां भोसड़ी वाली चुदवाती है तुमसे, पीटर राजा ?
वह बोला :- सीमा, नमिता और गौरी तीनो लड़कियां खूब चुदवाती है। सना तो उससे आगे है। वह खुद भी चुदवाती है और अपनी माँ भी चुदवाती है मुझसे ?
वाओ, बड़ी हरामजादी है बहन की लौड़ी ? पहली बार कब चुदवाया उसने अपनी माँ ?