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बेलगाम लंड

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बेलगाम लंड 9

ये जवानी भी बड़ी अजीब होती है ? कभी बहुत मज़ा देती है तो कभी बहुत परेशान भी करती है। एक दिन मैं

जब सवेरे उठी तो मेरे अंदर वासना सवार हो गयी। मेरे पूरे बदन में आग लगी गयी। मेरी चूत कुलबुलाने लगी और चूंचियां तन कर खड़ी हो गयी। मेरे अंदर एकदम से लण्ड पकड़ने की इच्छा पैदा हो गयी। मैं सोंचने लगी की इस समय कौन भोसड़ी वाला मुझे अपना लण्ड पकड़ायेगा ? लेकिन जाने क्यों मैं लण्ड के लिए तड़प उठी । अचानक मेरे मन में पीटर सर का ख्याल आ गया। पीटर मेरे कॉलेज के सबसे हैंडसम, स्मार्ट और पॉपुलर प्रोफ़ेसर है । मैं उनसे घुल मिल गयी हूँ। उनसे खुल कर बातें करती हूँ, कभी कभी मजाक भी करती हूँ और कभी एक साथ बैठ कर दारू भी पीती हूँ। बस मैं उठी और कार निकाल कर सीधे उसके घर पहुँच गयी। दरवाजा खटखटाते ही उसने खोला और बोला वाओ, गोगी तुम इतने सवेरे कोई ख़ास बात है क्या ? मैंने मुस्कराकर कहा हां सर ख़ास बात है पर खतरे वाली बात नहीं है. मोहब्बत वाली बात है। मैं उसके बगल में सोफ़ा पर बैठ गयी।

मेरा नाम गोगी है। मैं २२ साल की एक खूबसूरत क्रिश्चियन लड़की हूँ। मेरी आँखें बड़ी बड़ी है, चेहरा गोल है रंग एकदम गोरा है, चूंचियां बड़ी बड़ी और सुडौल है, जांघे मोटी मोटी है उसके बीच में छोटी छोटी झांटों वाली सेक्सी चूत है, चूतड़ उभरे हुए है और उसके बीच में एक मस्त गांड है। कद मेरा ५’ ५” है। मैं चलती हूँ तो मेरी चूंचियां हिलती है और पीछे से मेरी गांड मटकती है। लड़के मुझे आगे पीछे दोनों तरफ से देखते है . दारू तो मैं बचपन से पीती आ रही हूँ। मेरे घर में दारू पीने और डांस करने की पूरी छूट है। मेरी मॉम भी दारू पीती है। मैं सिगरेट भी पीती हूँ। कॉलेज में लड़कियों के साथ खूब गालियां भी बकती हूँ। मुझे गालियां देने में बड़ा मज़ा आता है मैं खूब एन्जॉय भी करती हूँ। धीरे धीरे मैं लड़कों को गालियां देने लगी। उन्हें गालियां सुनाने लगी तो लड़के भी खूब एन्जॉय करने लगे और मेरे आगे पीछे घूमने लगे। फिर मुझे एक दिन मालूम हुआ की लड़के मेरे मुंह से “लण्ड” सुनना ज्यादा पसंद करते है। तब से मैं लण्ड की गालियां मुंह से निकालने लगी। मेरे मुंह से फ़टाफ़ट लण्ड, लौड़ा, लांड सब निकलने लगा और लड़के खूब तालियां बजा बजा कर मज़ा करने लगे।

मैं पीटर सर से भी कभी कभी गालियों से भी बात कर लेती थी। मैंने एक दिन बड़े प्यार से कहा था भोसड़ी के सर किसी दिन मैं तेरी झांटें नहीं, तेरा लण्ड उखाड़ लूंगी ? सर, बड़ी जोर से हंस पड़े थे ।

सर ने मेरे कान में कहा :- क्या उखाड़ लोगी तुम मेरा ? ज़रा एक बात फिर कहो ?

मैंने कहा – तेरा लण्ड, लण्ड और लण्ड ? (मैं जान गयी थी सर मेरे मुंह से लण्ड सुनना चाहते है)

बस उसी दिन से मैं उसके और नजदीक आ गयी। इसके अलावा भी उसने मुझे कई बार लड़कों को गालियां देते हुए सुना है और एन्जॉय किया है। कॉलेज में जब मैं लड़कों की गांड मारती हूँ और उनकी माँ चोदती हूँ। तो मुझे सुनने के लिए एक बड़ी सी भीड़ लग जाती है।

मेरे कॉलेज में एक मोनिका मेम भी है वह भी क्रिश्चियन है। एक दिन उसने मुझे बुला कर पूंछा गोगी तू बहन चोद यहाँ लड़कों की माँ चोदती रहती है कभी अपनी माँ चुदवाई है तूने ? मैंने हंस कर कहा हां मेम मैं अपनी भी चुदवाती हूँ। मैंने कई बार अपनी मॉम को कई लोगों से चुद्वाते हुए देखा है ? वह बोली नहीं ऐसे नहीं ? यह बता क्या कभी तूने कोई लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेला है ? मैंने जबाब दिया नहीं मेम अभी तक तो नहीं पेला ? उसने कहा किसी दिन मेरे घर आकर लण्ड पहले मेरे भोसड़ा में पेलो तब तुझे अपनी माँ का भोसड़ा चुदाना आ जायगा ? मैं बड़ी खुश हो गयी और सोंचने लगी की किसका लण्ड पेलूँ मैं मेम के भोसड़ा में ?

कल रात में मैं यही सोंच रही थी और आज सवेरे जब उठी तो लण्ड के लिए तड़पने लगी तभी मुझे पीटर अंकल का ख्याल आया और मैं यहाँ चली आई। सर, एक लुंगी पहने हुए थे। ऊपर कुछ भी नहीं ? मैं उसकी चौड़ी छाती और छाती के बाल बार बार देख रही थी। मुझे मर्दों की छाती बड़ी अच्छी लगती है। मुझे यह नहीं मालूम था की उसने लुंगी के नीचे कुछ पहना है की नहीं।

वह बोला :- गोगी, तुम बैठो मैं तुम्हे गरमागरम चाय पिलाता हूँ।

मैंने कहा :- चाय नहीं भोसड़ी के सर, मैं तेरा गरमागरम लण्ड पियूंगी ?

ऐसा कह कर मैंने उसकी लुंगी के अंदर हाथ घुसेड़ दिया ? जैसे आप लोग लण्ड चूत में घुसेड़ देते है। मेरा हाथ सीधे लण्ड से टकरा गया। मैं बोल पड़ी वाओ, तेरा लण्ड तो मादर चोद पहले से ही खड़ा है, सर ? उसने कहा गोगी लण्ड सवेरे सवेरे सबका खड़ा रहता है। मैंने बड़ी बेशर्मी से लुंगी खोल कर फेंक दी। वह भी जोश में था कुछ बोला नहीं और मेरी चूंची मसलने लगा।

एक एक करके मेरे कपडे उतार दिया, पहले मेरी टॉप फिर मेरी ब्रा और फिर मेरी जींस। मैं मादर चोद हो गयी बिलकुल नंगी। मैं होना भी चाहती थी उसके आगे नंगी ? मैं तो नंगी होने के लिए ही आयी थी और उसे नंगा करने आयी थी। लुंगी खुलते ही वह भोसड़ी का पूरा नंगा हो गया मेरे सामने ? फिर वह मुझे अपने बेड रूम ले गया। मैं उसके ऊपर चढ़ बैठी और चूत उसके मुंह के ऊपर रख दी। मैं झुक कर उसका लण्ड अपने मुंह में घुसा कर चूसने लगी। मुझे तो बहुत मज़ा आने लगा।

थोड़ी देर में मैं घूम गयी और चूत में घुसा लिया लण्ड । मेरा मुंह उसके मुंह के सामने था। मैं लण्ड पर बैठी थी और फिर उचक उचक कर चोदने लगी उसका लण्ड ?

मैंने पूंछा :- कितनी लड़कियां भोसड़ी वाली चुदवाती है तुमसे, पीटर राजा ?

वह बोला :- सीमा, नमिता और गौरी तीनो लड़कियां खूब चुदवाती है। सना तो उससे आगे है। वह खुद भी चुदवाती है और अपनी माँ भी चुदवाती है मुझसे ?

वाओ, बड़ी हरामजादी है बहन की लौड़ी ? पहली बार कब चुदवाया उसने अपनी माँ ?

 
अभी पिछले हफ्ते वह आई और बोली सर, आज मेरे सामने मेरी माँ चोदो ? मैं अपनी माँ चुदाने आई हूँ। मैंने कहा यार तेरी माँ तैयार है न की तुम जबरदस्ती कर रही हो ? वह बोली नहीं सर, जब मैंने तेरे लण्ड की तारीफ की तो मेरी अम्मी का भोसड़ा साला गरम हो गया। वह खुद बोली किसी दिन अपने सर का लण्ड मेरे भोसड़ा में भी पेलो सना। बस मैं आज अपनी माँ का भोसड़ा लेकर आई हूँ तेरे पास ? प्लीज चोदो न मेरी माँ, सर ? उस दिन मैंने पहली बार चोदा उसकी माँ का भोसड़ा ? उसके बाद तो दो बार और चोद चुका हूँ।

कभी कॉलेज की किसी मेम को चोदा है तूने ?

हां मैंडी मेम को चोदा है ? बहुत बढ़िया चुदवाती है ? मुझे उसकी चूत पसंद है और उसे मेरा लण्ड ?

मोनिका मेम की बुर चोदी है कभी तुमने सर ?

नहीं अभी तो नहीं चोदी पर किसी दिन जरूर चोदूंगा क्योंकि वह मुझे बड़ी सेक्सी लगती है बुर चोदी ?

तो आज रात को ही चोद लो उस भोसड़ी वाली की बुर ? एक राज़ की बात दूँ वह भी माँ की लौड़ी तुमसे चुदवाने के लिए तैयार है। बिलकुल रंडी की तरह चुदवायेगी तुमसे ?

तो फिर ठीक है आज ही रात को प्रोग्राम बना लो गोगी ?

ओ के पर अभी तो मुझे चोदो भोसड़ी के सर ? पूरा लण्ड घुसेड़ कर कर चोदो भोसड़ी के ? गचर गचर रंडी की तरह चोदो मुझे ? फाड़ डालो मेरी बुर चोदी बुर ? यह मुझे बहुत परेशान करती है माँ की लौड़ी ?

बस मेरी बात सुनकर पीटर ताव में आ गया और वह भकाभक चोदने लगा मेरी बुर। मैंने पहले कई लड़कों चुदवाया है लेकिन आज जो मज़ा आ रहा है वह पहले कभी नहीं आया। एक तो इसके जैसा लौड़ा पहले कभी नहीं मिला और इतना अनुभवी चोदने वाला नहीं मिला। मैं बोलती जा रही थी – हां माँ का लौड़ा तू तो बहुत बढ़िया बुर चोदता है ? झमाझम चोद लो मेरी चूत ? अभी तुझे मोनिका का भोसड़ा चोदना है ? हां साले कुत्ते, रंडी समझ लो मुझे और चोदो ? कुतिया छिनार समझ लो मुझे और चोदो ? अपनी बीवी समझ लो मुझे भोसड़ी के सर और चोदो ? हाय बजा मज़ा आ रहा है, बेटी चोद सर ? और चोद चोद साले चोद ?

वह बोला हां गोगी मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है चोदने में ? मैं बोली साले पीटर की औलाद , तेरी मां की चूत, तेरी बहन का भोसड़ा, तेरी बिटिया की बुर साले गांडू यहां मेरी चूत फटी जा रही है और तुझे मज़ा आ रहा है ? शर्म नहीं आती तुझे अपनी स्टूडेंट की बुर चोदने में ? अपनी स्टूडेंस्ट की माँ चोदने में ? तू बड़ा हरामजादा है भोसड़ी का ? मेरी प्यारी प्यारी गालियां सुन सुन कर वो और तेजी से चोदने लगा मुझे और मैं यही चाहती थी। जब वह झड़ने वाला था तो लण्ड मैंने मुठ्ठी में ले लिया क्योंकि मैं तो खलास हो चुकी थी। मैंने अपना मुंह फैला दिया और मारने लगी सटासट मुठ्ठ ? तब लण्ड ने उगल दिया सारा वीर्य मेरे मुंह में ? मैं चूसने / चाटने लगी लण्ड ?

दूसरे दिन मैं पीटर सर को लेकर मोनिका मेम के घर पहुँच गयी। वह हमें देख कर बहुत खुश हो गयी और फ़ौरन ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दिया। हम तीनो ने ड्रिंक शुरू कर दिया।

पीटर :- हाय मोनिका आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो ?

मोनिका :- सच कह रहे हो पीटर ? यही बात अगर तुमने पहले कही होती तो मैं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,?

पीटर :- बात पूरी करो न प्लीज ? बीच में क्यों रुक गयी ?

मैंने कहा :- तो मैं तेरा लण्ड खोल कर वहीँ चूसने लगती भोसड़ी के पीटर ? यही कहना चाहती हो न बुर चोदी मोनिका मेम तुम ?

मोनिका :- हां हां यही कहना चाहती हूँ मैं ? गोगी तुमने ठीक ही कहा है ?

मैंने कहा :- तो फिर खुल कर बोलो न तुम लोग ? शर्माने की क्या जरुरत है भोसड़ी वालों ? मोनिका मेम तुम तो बहुत खुली हुई हो फिर आज गांड क्यों फट रही है तेरी ?

मोनिका :- गांड तो तेरे सर की फटेगी जब वो मुझे चोदेगा ? बड़े बड़े लोगों की गांड से पसीना निकला आता है मेरा भोसड़ा चोदने में ? अब मैं देखती हूँ की कितना दम है तेरे इस मादर चोद पीटर के लण्ड में ?

ऐसा कह कर मोनिका मेम ने पीटर के लण्ड पर हाथ रख दिया और बदले में पीटर ने भी अपना हाथ उसकी चूंची पर रख दिया ? मेम से और रुका नहीं गया और उसने सर के सारे कपडे उतार कर फेंक दिया और खड़ा लण्ड लगी। थोड़ी देर में बोली गोगी ये तो बहन चोद बिलकुल थॉमस के लण्ड की तरह है ? लगभग उतना ही बड़ा, उतना ही मोटा, उसी तरह का अंडाकार सुपाड़ा बस फरक यह है की वह काला है और ये गोरा है लण्ड ?

मैंने कहा:- वाओ, मेम तुमने पहले कभी मुझे बताया ही नहीं उसके लण्ड के बारे में ?

वह बोली :- तू भोसड़ी की सारे लण्ड के बारे में एक ही दिन में जान लेगी क्या ? अभी बहुत लण्ड है जिनके बारे मैं तुम्हे धीरे धीरे बताऊँगी ? आज तो मैं तुम्हे सिखाऊंगी की कैसे चुदवाया जाता है माँ का भोसड़ा ?

ऐसा कह कर मेम ने लण्ड मुंह में डाला और चूसने लगीं । मैं उसके पेल्हड़ सहलाने लगी । तब तक मोनिका मेम भी बिलकुल नंगी हो चुकी थी और मैं भी ? मेम ने लण्ड चूसने के बाद अपना पैंतरा बदला। उसने अपना भोसड़ा खोल दिया औरमुझसे कहा गोगी ले अब तू अपने सर का लण्ड पकड़ कर मेरे भोसड़ा के मुंह पर रख दे। मैंने रख दिया। फिर वह बोली और अपने सर की गांड के पीछे जा, मैं चली गयी फिर बोली :-

“अब तू अपनी चूत पीटर की गांड से चपका दे और एक जोर का धक्का मार

जिससे पीटर का लण्ड मेरे भोसड़ा में घुस जाए ? बस बार बार यही करती जा ?

अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर रख और यह समझ ले की तू पीटर की गांड मार रही है

तू उसकी गांड मारेगी तो मेरा भोसड़ा चुदेगा ? बस इसी तरह चोदा और चुदाया जाता है माँ का भोसड़ा”

अब समझ में आया तुझे बुर चोदी गोगी ? मैंने कहा हां मेम मुझे वाकई समझ में आ गया है। मैं उसी तरह चोदने और चुदाने लगी मेम का भोसड़ा इतने में किसी ने बेल बजा दी मेम बोली जा गोगी खोल कर देख कौन है ? खोला तो सामने थॉमस सर खड़े थे। वह बोला अरी गोगी तू यहाँ ? अच्छा ये बता की क्या मोनिका है घर में ? मैंने कहा हां है बुलाती हूँ आप बैठिये। मैंने मेम को बताया तो वह बोली अरे उसे यहीं ले आ मादर चोद को ? मुझसे क्या पर्दा ? रोज़ तो मेरी बुर चाटता है भोसड़ी वाला ?

मैंने उसे अंदर बुला लिया तो मेम बोली गोगी तू इस बेटी चोद के कपडे उतार कर नंगा कर दे और इसका लौड़ा पकड़ कर देख फिर बता मुझे की कैसा है लण्ड ? मैंने वही किया। अब मेरे हाथ में काला लण्ड उछलने लगा । मैंने कहा मेम आपने सही कहा था ये तो बहन चोद पीटर के लण्ड की तरह है ? मैं चाटने लगी थॉमस का लण्ड ? मोनिका बोली गोगी अभी तूने मेरा भोसड़ा चुदवाया है अब मैं तेरी बुर चुदवाऊँगी। इस मादर चोद थॉमस का लण्ड तेरी चूत में पेलूँगी मैं और चोदूंगी तेरी बुर ?

फिर रात भर हम दोनों ने लण्ड अदल बदल कर खूब चुदवाया।

 


बेलगाम लंड 9

बबली – यार कैसे नहीं फटेगी गांड बहन चोद ? वैसे तो हर एक की सुहागरात में एक दुल्हन होती है और उसे चोदने वाला एक दूल्हा ? लेकिन जब किसी की सुहागरात में दुल्हन एक हो और उसे चोदने वाले दूल्हे कई हो तो उस भोसड़ी वाली की गांड फटेगी न ?

सुनीता – हां यार कह तो बिलकुल सही रही है बहन चोद ? लेकिन कुछ ज़रा खुल कर बता न ? तभी तो मज़ा आएगा ?

बबली – अच्छा तू माँ की लौड़ी मेरी गाड़ फटने की कहानी सुनकर मज़ा लेगी ?

सुनीता देखो बुर चोदी सुनीता, गांड सबकी फटती है। मेरी भी फटी थी गांड ? और आज भी जब कब फटती रहती है गांड ? लेकिन किसी की गांड बहन चोद उसकी सुहागरात में ही फट जाए तो वह मजेदार बात है न ?

बबली – हा है तूने तो अपनी सुहागरात में एक ही लण्ड पेला होगा अपनी चूत में तो एक लण्ड से गांड क्या फटेगी ससुरी ?

सुनीता – तो क्या तूने कई लण्ड पेले थे अपनी चूत में उस दिन भोसड़ी वाली, बबली ?

बबली – हां यार हां उस दिन मेरे हसबैंड ने जब एक एक करके मेरे सारे कपडे उतारे और मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया तो मैं बहुत गरम हो गयी ? मैं लण्ड के तड़पने लगी। मैंने भी फ़टाफ़ट उसे नंगा किया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मैं उसका लण्ड चारों तरफ से घुमा घुमा कर देख रही थी। मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे ? मैं चुदाने के लिए बेताब हो रही थी। तभी अचानक मैंने अपना सर ऊपर उठाया तो देखा की मेरी आँखों के सामने ३/४ लण्ड और टन टना रहे है। एक से एक बढ़िया लण्ड ? मोटे मोटे और लम्बे चौड़े लण्ड ? मेरा तो मन ख़ुशी से झूम उठा। मैं सोंचने लगी की मैं तो एक लण्ड के लिए तरस रही थी यहाँ तो हर तरफ लण्ड ही लण्ड दिखाई पड़ रहे है ? लेकिन जैसे ही मन में दूसरा ख़याल आया की ये सब के सब बहन चोद मेरी बुर चोदने आये है तो मेरी गांड फट गयी ? मेरा दिल धक धक करने लगा की मैं कैसे इतने लोगों से चुदवाऊँगी ? मेरी तो चूत एक ही दिन में बन जाएगी भोसड़ा ? तब तक मेरा हसबैंड बोला ये सब मेरे दोस्त है, बबली ?

सुनीता – हाय दईया, तो इसका मतलब तेरे हसबैंड ने पहले ही दिन से अपनी बीवी चुदवाना शुरू कर दिया ?

बबली – हां सुनीता मैं तो पहले ही दिन से गैर मर्दों से चुदवाने लगी। मैंने अपने हसबैंड से पूंछा की क्या इतने सारे लोग मुझे एक साथ चोदेंगें तो वह बोला अरे नहीं यार देखो ये साले सब भोसड़ी के पिए हुए है। दारू में बिलकुल धुत्त है तू इनका लण्ड पकड़ हिलाना शुरू कर दे तो आधे तो साले बहुत जल्दी ही झड़ जाएंगे ? मैंने उसकी बात मान ली ? इतने में वे सब मस्ती से कुछ न कुछ बोलने लगे। एक बोला – भाभी मेरा भी लौड़ा पकड़ लो न प्लीज ? मैंने कहा आ भोसड़ी के मैं सबसे पहले तेरे लण्ड की माँ चोदती हूँ। मेरे मुंह से गालियां सुनकर सबके सब लड़के और जोश में आ गए ? सबके लण्ड और टन्ना उठे ? मैं समझ गयी की जो लण्ड जितना ज्यादा ताव में आएगा वो उतनी ही जल्दी झड़ेगा ? मैं उसका लण्ड पकड़ कर चूम चूम कर मुठ्ठ मारने लगी। वो मादर चोद बिना चोदे ही मेरी चूंचियों पर झड़ गया ? दूसरा बोला – हाय भाभी मेरे लण्ड को अपनी चूत में घुसा लो न प्लीज ? मैंने कहा तू माँ का लौड़ा इधर आ और अपना लौड़ा मेरी चूत में पीछे से घुसा दे और चोदना शुरू कर जैसे तू अपनी भाभी की बुर चोदता है। वह आया और लण्ड घुसाकर चोदने लगा फिर पूंछा भाभी तुम्हे कैसे मालूम की मैं अपनी भाभी की बुर चोदता हूँ। मैंने कहा मेरे प्यारे देवर ये बात तो तेरे लण्ड में लिखी है जो मैंने पढ़ लिया ? सब लोग हंस पड़े ?

सुनीता – यार तेरी ये सेक्सी और मस्त मस्त बातें सुन कर मैं भी चुदासी हो गयी हूँ।

बबली – तू चिंता न कर कहो तो मैं अभी तेरी चूत में २/३ लण्ड घुसा दूँ ?

सुनीता – नहीं यार, अभी नहीं ? अभी तो तू अपनी पूरी कहानी सुना दे मुझे ? मुझे तो सुनने में ज्यादा मज़ा आ रहा है।

 
बबली – तो सुन आगे क्या क्या हुआ ? तीसरा बोला – आज पूरा मौक़ा है भाभी ? आज मैं तेरी चूत खूब जम कर चोदूंगा जैसे तेरा हसबैंड मेरी बीवी चोदता है। उसकी बात सुनकर मेरा माथा ठनका लेकिन मैने उसे मजाक में लेते हुए कहा आ न भोसड़ी का तू मुझे अपनी बीवी की तरह चोद ले, रंडी की तरह चोद ले मुझे, अपनी पड़ोसन की तरह चोद साले अपनी साली की तरह चोद ले ? मैं देखती हूँ तेरी गांड में कितना दम है ? वो जब नजदीक आया तो मेरी नज़र लण्ड पर पड़ी ? लण्ड मुझे पसंद आ गया मैं मस्ती में आ गयी और मन बना लिया की मैं इससे अच्छी तरह चुदवा लेती हूँ। मैं लण्ड पकड़ कर चाटने लगी, सुपाड़ा पूरा मुंह में घुसा कर चूसने लगी। मैं जान गयी की ये लौड़ा मेरी चूत की चटनी बना सकता है। मैं उसके पेल्हड़ भी सहला रही थी। मैंने जोश में थी और बोली आज तू पूरा लौड़ा घुसा घुसा कर चोद ? मेरी बातें सुन कर वह भकाभक चोदने लगा धक्के पे धक्का लगाने लगा, लेकिन १०/१२ धक्कों में ही मेरी चूत के बाहर उगल के चला गया ? अब आया चौथा लौड़ा ? वह आते ही बोला भाभी मैं गांड भी मारता हूँ। मैंने कहा तो मार ले न मेरी गांड ? और अगर तूने ठीक से नहीं मारी मेरी गांड तो फिर मैं मारूंगी तेरी गांड ? बोल साले गांडू राजा पहले तू मेरी बुर चोदेगा की गांड मारेगा ? वह बोला भाभी बुर तो साले सभी चोदते है ? गांड बहुत कम लोग मारते है। आज तो मैं तेरी गांड ही मारूंगा और बुर किसी और दिन चोदूंगा ? मैंने कहा देखो मेरे प्यारे गांडू राजा आज तू चाहे मेरी बुर चोद ले और चाहे मेरी गांड मार ले ? आज के बाद तुझे मैं न अपनी बुर छूने दूँगी मैं और न गांड ? वह बोला तो ठीक है भाभी आज पहले चूत चोद लेता हूँ और फिर गांड में लण्ड घुसा के निकल जाऊंगा ? बस उसने लण्ड मेरी बुर में घुसा दिया और चोदने लगा ? उसे मज़ा आने लगा और मुझे भी ? उसकी स्पीड बढती गयी और मैं भी गांड उठा उठा के चुदवाती गयी। उसने स्पीड और तेज की फिर और तेज की और तब बोला अरे भाभी लो मैं तो निकल गया ? उसने मेरी चूंचियों पर ही सारा माल उगल दिया।

सुनीता – हाय रे इसका मतलब तूने खूब मज़ा लूटा ?

बबली – हां यार क्यों न लूटूँ ? जब मेरे हसबैंड ने कह दिया की तुम्हे सबसे चुदवाना है तो फिर डर किस बात का ?

सुनीता – पर अभी तक तो तूने बुर चोदी बबली अपने मियां से चुदवाया ही नहीं ?

बबली – तो तेरी माँ क्यों चुदी जा रही है भोसड़ी की, सुनीता ? सुन न आगे ?

सुनीता – हां सुना माँ की लौड़ी ?

बबली – जब चारों लण्ड चारों खाने चित्त हो गये तब मैं उठी और अपने हसबैंड का लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी। मैंने लण्ड चूमते हुए पूंछा अब कोई और तो नहीं है बहन चोद चोदने वाला ? उसने कहा हां है न एक आदमी और तुम्हे चोदने वाला ? मैं इधर उधर देखने लगी लेकिन मुझे वहां कोई और नज़र नहीं आया। मैं बोली तो कहाँ है वो भोसड़ी वाला ? वह मुस्कराकर बोला मैं हूँ न भोसड़ी वाला ? मैं भी तो चोदूंगा तेरी बुर बबली ? मैं बड़ी जोर से खिलखिलाकर हंस पड़ी और उसका लौड़ा चाटने लगी। फिर मैंने बड़े इत्मीनान से अपने हसबैंड से चुदवाया।

 
सुनीता – अच्छा ये बता की इन पाँचों लण्ड में सबसे बढ़िया लण्ड तुझे किसका लगा ?

बबली – अपने मियां का लण्ड ? हां यार बड़ा मस्ताना लौड़ा है मेरे पति का ? कहो तो एक दिन पेल दू तेरी चूत में सुनीता ?

सुनीता – हाय दईया, कितना मज़ा आएगा तेरे पति से चुदवाने में ? तूने तो मेरे मुंह की बात छीन ली बबली। तेरी बात सुनकर मेरे रोंगटे क्या मेरी झांटें भी खड़ी हो गयी है। बोल किस दिन चुदवायेगी तू मेरी बुर अपने मियां से ?

बबली – जिस दिन तू चुदवायेगी मेरी बुर अपने मियां से ?

बस फिर हम दोनों खूब खिलखिला कर हंसी ? सुनीता का फोन आ गया और वह चली गयी। दूसरे दिन जैसे ही आई तो मैंने पूंछा क्या हुआ तू चली क्यों गयी कल ? वह बोली यार मेरे बहनोई आ गया था और घर पर कोई नहीं था। चाभी मेरे पास थी। वह बाहर की खड़ा तो मैं फ़ौरन गयी और दरवाजा खोल कर उसे बैठाया ?

सुनीता – अच्छा कल की कहानी तो पूरी कर, बबली ?

बबली – मैं अपनी कहानी बाद में पूरी करूंगी तो पहले अपनी कहानी बता ? कल यहाँ से जाकर तूने क्या किया ?

सुनीता – झांटें उखाड़ी मैंने कल अपनी, बहन चोद ? तुझे क्या तो बता न आगे क्या हुआ ?

बबली – बहनोई के सामने उखाड़ी अपनी झांटें तूने ? या फिर उसकी उखाड़ लीं झांटें ?

सुनीता – तू मानेगी नहीं बुर चोदी, बबली ? चल शुरू हो जा ?

बबली – अभी तो तुझे शुरू होना पडेगा नहीं मैं चोदूंगी तेरी माँ भोसड़ी की ? तेरे चेहरे पर लिखा है की कल कुछ हुआ ? साफ़ साफ बता ? सुनीता – अच्छा बाबा सुनाती हूँ :- तू तो जानती है की कल कितनी जोर से पानी बरस रहा था ? मैं जब यहाँ से गयी तो देखा की मेरा बहनोई बिलकुल भीगा हुआ है। मैंने जल्दी से दरवाजा खोला और उसे एक तौलिया देकर बाथ रूम जाने को कहा। वह अपने सारे कपडे खोल कर सिर्फ एक तौलिया लपेटे हुए बाहर आ गया। मैं तेरी कहानी सुनकर चुदासी तो हो ही गयी थी। मेरी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने जब उसे बाथ रूम से नंगे बदन आते हुए देखा तो मेरी चूत में आग लग गयी। मेरी नियत ख़राब हो गयी। मेरा दिल उस पर आ गया। मैं हाथ बढाकर उसकी तौलिया खींचने ही वाली थी की वह बोला भाभी मैं बड़ी देर से आपका इंतज़ार कर रहा था। अगर मोबाइल न होता तो मैं अभी बाहर भीगता ही रहता ? मुझे थोड़ी ठंड लग रही है, प्लीज एक कप चाय बना दो। मैं चाय बनाने लगी और उसे एक लुंगी के साथ एक शाल दे दी ओढने को। वह ड्राइंग रूम में बैठ गया और मैं फिर चाय लेकर आ गयी। मैंने भी सिर्फ पेटीकोट पहना हुआ था। ऊपर कुछ नहीं। मेरी चूंचियां बिलकुल नंगी थी। हां एक चुन्नी जरूर ओढ़ ली थी। मैंने झुककर उसके सामने चाय रखी तो उसकी निगाह मेरी चूंचियों पर पड़ गयी। उसकी ललचाई आँखों को मैं भांप गयी। मैं भी उसी के साथ चाय पीने लगी। मैं बार बार अपनी चुन्नी नीचे गिरा देती थी और फिर संभाल लेती थी। एक बार मेरे मुंह से निकला उँ हुं बार बार बुर चोदी नीचे गिर जाती है ? तो वह मुस्कराकर बोला तो इसे उत्त्तर कर रख दो न भाभी ? मैं बोली वाओ, तो तुम मुझे नंगी देखना चाहते हो. भोसड़ी के ? वह बोला नहीं भाभी तेरी प्यारी प्यारी गालियां सुनना चाहता हूँ । मैंने कहा अच्छा तो क्या गालियां सुनकर तेरा लण्ड खड़ा होने लगता है ( मैंने जानबूझ कर लण्ड की गाली निकाली) वह तुरंत बोला अरे भाभी पता नहीं क्या क्या होने लगता है यहाँ ? बस मैं तो इसी के इंतज़ार में थी। मैं भी जोश में आ गयी और उठ कर उसकी लुंगी में हाथ डाल कर लण्ड पकड़ते हुए कहा वाओ, ये तो वाकई खड़ा है यार ? इतने में मेरी चुन्नी फिर गिर पड़ी पर मैंने इस बार उसे नहीं उठाया। वह मेरी नंगी चूंचियां देखता रहा। मैंने कहा अबे मादर चोद पकड़ कर देखो न मेरी चूंची। उसकी हिम्मत खुली और उसने दबोच लिया अपने दोनों हाथों से मेरी चूंचियां। मसलने लगा मेरी चूंचियां और मैं उसका लण्ड हिला हिला कर मस्ती करने लगी। लण्ड मुझे अच्छा लगा और मैं उसे प्रेम से चाटने लगी।

बबली – ये तो बता सुनीता रानी, उसने तेरी चूत चाटी की नहीं ?

सुनीता – अरे यार खूब मस्ती से चाटी उसने मेरी चूत और तभी तो फिर मैं अपने आप को रोक नहीं पायी और उसका लौड़ा घुसेड़ लिया अपनी बुर में। वह जितनी मस्ती से चोदने लगा मैं उतनी ही मस्ती से चुदवाने लगी। यार बबली उसका ८” का लौड़ा मोटा भी है और सख्त भी। मेरी चूत के चारों तरफ से चिपक कर आने जाने लगा। मैं मस्ती में सराबोर हो गयी ?

बबली – तो फिर रात में कितनी बार चोदा उस भोसड़ी वाले ने तुझे ?

सुनीता – रात में तो उसने दो बार ही चोदा लेकिन सुबह उठते ही एक बार और घुसा दिया अपना लण्ड मेरी चूत में। फिर तो मै चुदवाकर ही उठी बिस्तर से ? अरे हां यार तू तो बहन चोद बड़ी चालाक है। मेरी कहानी तो सुन ली अब सूना न अपनी कहानी ?

बबली – मेरी कौन सी कहानी ? मैं तो सूना चुकी हूँ।

सुनीता – अरे वही सुहागरात वाली कहानी जब तेरी गांड फट गयी थी इतने ज्यादा लण्ड देख कर ? उस रात के बाद क्या हुआ?

 
बबली – अच्छा सुन अब आगे और क्या हुआ ? मैंने तो पहले उन चारों मादर चोदों के लण्ड का सड़का मार मार कर खलास कर दिया फिर बाद में अपने हसबैंड से मस्ती से चुदवाया। ऐसा करते करते मैं थक चुकी थी तो मुझे सवेरे करीब ६ बजे नींद आ गयी और मैं सो गयी। फिर दोपहर में १ बजे उठी और फिर नहाया धोया। मेरे पति का भी यही हाल था। शाम को उसने कहा चलो आज मैं तुम्हे इसी होटल में चाय पिलाता हूँ। उसकी बात सुनकर मैं तैयार होने लगी ?

बबली अपनी कहानी सुना ही रही थी इतने में सुनीता की भाभी गरिमा आ गयी और बोली अरी सुनीता मैं जाने कब से तुझे ढूंढ रही हूँ। तू यहाँ बैठे बैठे अपनी माँ चुदा रही है क्या, बुर चोदी ? सुनीता बोली – अरे भाभी मैं अपने दोस्त बबली से बातें कर रही हूँ। वह बोली – अच्छा सुन मेरा जीजा आया है बोल मेरे जीजा से चुदवायेगी तू ? बड़ा मस्त लौड़ा है उसका ? वह बोली – तो फिर भाभी तुमने उससे चुदवाया की नहीं ? वह बोली – हां चुदवाया न ? मैंने तो रात भर चुदवाया और फिर उससे पूंछा जीजा तुम मेरी नन्द की बुर लोगे ? वह बोला अरे वाह ? नेकी और पूंछ पूंछ ? हां बिलकुल लूंगा गरिमा। जब तेरी बुर लिया है तो उसकी भी बुर लूंगा ? तो मेरा जीजा तो तैयार है तुझे चोदने के लिए ? सुनीता बोली – भाभी जब वो भोसड़ी का तैयार है तो मैं कहाँ पीछे हटने वाली हूँ ? आज रात को देख लूंगी तेरे जीजा के लण्ड में कितना दम है, तुम तो रहोगी न भाभी ? वह बोली – हां हां बिलकुल रहूँगी। मैं ही तो पेलूँगी लण्ड तेरी चूत में सुनीता ? तू बातें करने के बाद मेरे पास आना पहले मैं तेरी झांटें बना दूँगी फिर तेरी बुर चुदवाऊँगी ?

ऐसा कह कर वह चली गयी ? बबली बोली हाय सुनीता तेरी भाभी तो बड़ी मस्त है, तेरी चूत का बड़ा ख्याल रखती है ? वह बोली मैं भी तो उस भोसड़ी वाली की चूत का ख्याल रखती हूँ। मेरे बॉय फ्रेंड्स जब जब आतें है तब तब मेरी भाभी की बुर चोद कर जाते है। अच्छा अब तो बता आगे क्या हुआ ? तू अपनी कहानी सुना ? बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे ?

बबली सुनाने लगी :- मेरा हसबैंड शाम को उसी होटल के बड़े कमरे में ले गया। मैंने देखा की वहां वही चारों लड़के बैठे जो मुझे रात में चोदने आये थे। उनके साथ बैठी तीन मस्त जवान लड़कियां ? उन की मांग में सिन्दूर देख कर मैं समझ गयी की ये किसी की बीवियां है। तब तक मेरा पति बोला बबली देखो ये चारों है मेरे दोस्त और ये है इनकी बीवियां।

बबली ने एक लड़के की तरफ इशारा करके कहा हां ये बोला था मेरा लौड़ा पकड़ लो भाभी ? – उसका मियां बोला अच्छा तो यह है विकी और इसकी बीवी है नीता ? – बबली बोली और इसने कहा था मेरे लण्ड को अपनी चूत में घुसा लो भाभी ? – ये है सनी और इसकी बीवी है रूचि ? बबली फिर बोली और इसने कहा था आज मैं तेरी चूत जम कर चोदूंगा भाभी जैसे तेरा पति मेरी बीवी चोदता है मैं तभी समझ गयी की कुछ दाल में काला है – अच्छा तो वो लड़का है ये बंटी और इसकी बीवी है रेखा – बबली ने आगे बताया की इसने कहा था मैं तो गांड मारता हूँ भाभी – ओ हो, तो ये है असर और इसकी बीवी सारा ? बबली फिर मजाक में मुस्कराकर बोली और बाद में जिसने मुझे खूब धकाधक चोदा वो तुम हो भोसड़ी के रोहित, मेरा हसबैंड ?

इतने में नीता बोली :- अरे बबली भाभी, असल में ये पांचों लोग दोस्त है और इन सबने सबकी बीवियां सुहागरात में चोदी है।

रूचि बोली :- हां भाभी मैं भी इन चारों से अपनी सुहागरात में चुदवा चुकी हूँ। और तब से आज तक बराबर चुदवा रही हूँ।

रेखा बोली :- हम सब बड़ी लकी है की हमें सुहागरात में ही पांच पांच मर्दों से चुदवाने का औका मिला ? और यह सिलसिला आज तक चला आ रहा है। बबली भाभी जब तुम वहां अपने मियां से चुदवा रही थी तो ये चारों यहाँ इसी कमरे में एक दूसरे की बीवी चोद रहे थे।

सारा बोली :- हाय दईया कितना मज़ा आया था मुझे अपनी सुहागरात में जब इन पाँचों के लण्ड मेरी चूत में घुस घुस कर चोद रहे थे। वो मज़ा मैं आजतक नहीं भूली। अब भी मुझे बिना इन लोगो के लण्ड पकडे चैन नहीं मिलता ? रोहित की शादी सबसे बाद में हुई है। तो बबली भाभी आज रात को तुम हम सबके सामने हमारे मर्दों से फिर चुदवाओ ? और हम सब तेरे सामने तेरे मरद से चुदवायेंगी ?

फिर क्या सुनीता रात भर पाँचों बीवियों ने एक दूसरे के हसबैंड से खूब चुदवाया। –

 
बेलगाम लण्ड-10

यहाँ पर मेरा जेठ, मेरे दो देवर, मेरा ससुर, मेरा नंदोई, मेरा खालू ससुर, मेरा मामू ससुर और मेरा मियां सब बैठे हुए है ? मैं तुम सबसे पूंछना चाहती हूँ की मेरी जेठानी की बुर किसने चोदा ? मेरी जेठानी उस दिन अपने मियां के दोस्त के दोनों टांगों के बीच घुटनो के बल बैठ कर अपनी गांड उठाये हुए झुक कर उसका लण्ड चूस रही थी। इतने में किसी ने पीछे से उसकी बुर में लण्ड घुसा दिया ? जेठानी को उसका लण्ड घुसाना अच्छा लगा इसलिए वह चुदवाती रही और कुछ बोली नहीं यह जानते हुए की कोई घर वाला ही होगा ? उसके लण्ड साइज़ भी जेठानी पसंद आया ? चूंकि लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा था इसलिए वह चुपचाप चुदवाती चली गयी। लेकिन वह चोदने वाला भोसड़ी का अचानक अपना लण्ड निकाल कर भाग गया ? जेठानी बिचारी चुदासी ही रह गयी। अब मैं जानना चाहती हूँ की यह हरकत किसने की ? जिसने की हो वह सामने आ जाये ? अगर वह चोदने वाला सख़्श सामने नहीं आता मैं तुम सबका बहन चोद लण्ड जेठानी की बुर में उसी तरह घुसा घुसा कर पता लगाऊंगी की किसने चोदा, समझे सभी भोसड़ी वालों ? और जब इसका पता चल जायेगा तो मैं उस सख्श की मारूंगी सरे आम गांड ? क्योंकि जेठानी की बुर उस लण्ड को जरूर पहचान लेगी ?

इतने में पीछे से एक आवाज़ आयी नहीं छोटी भाभी, इसकी कोई जरुरत नहीं है बड़ी भाभी की बुर में लण्ड मैंने ही पेला था ? मैं जब उस दिन नीचे उतरा तो देखा की भाभी बड़े मजे से किसी का लण्ड चाट रही है ? उसको लण्ड चाटते हुए देख कर और उसकी मस्तानी बुर देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया फिर मैं अपने आपको रोक यही पाया और उसकी बुर पीछे से चोदने लगा ? चूंकि मैं बड़ी भाभी को पहली बार चोद रहा हा और उसकी बुर मुझे बड़ा मज़ा दे रही थी, मैं यह ही समझ गया की भाभी को भी मज़ा आ रहा है, इसलिए मैं जल्दी जल्दी चोदने लगा और फिर एकदम से खलास हो गया ? बस खलास होते मैं भाग खड़ा हुआ ? तो छोटो भाभी, अब तुम जो सज़ा मुझे देना चाहो वो दे दो ? मैंने मुड़ कर देखा तो वह असद था हमारा मुंह बोला देवर जो पड़ोस के घर में रहता है और हमारे घर में घर की तरह आता जाता रहता है ? मैंने कहा असद अगर तू बता देता की मैं चोद रहा हूँ भाभी तो तेरी क्या गांड फट जाती ? तेरी क्या माँ चुद जाती साले ? वह बोला अरे भाभी यह सब बताने का समय कहाँ था ?

लण्ड जब बुर के सामने होता है तो वह न तो बोलता है और न किसी को बोलने देता है, वो तो सीधे घुस जाता है अंदर

मैंने कहा अब तेरी सज़ा यह है की तू मेरी जेठानी की बुर इसी समय सबके सामने चोद कर दिखा ? तेरा लण्ड इतना बढ़िया है की जेठानी को दुबारा चुदाने में ज्यादा मज़ा आएगा ? लेकिन चोदने के पहले मैं तेरा लण्ड पकड़ कर देखूँगी। अचानक मेरा मियां और मेरा देवर किसी काम से बाहर चले गए। बाकी लोग बैठे रहे ? ऐसा कह कर मैंने उसकी लुंगी में हाथ घुसेड़ दिया और उसका लण्ड पकड़ कर अंदर ही अंदर मसलने लगी। वह बोला भाभी तूने तो मेरी लुंगी में हाथ घुसा दिया ? मैं बोली अभी तो मैं लण्ड तेरी गांड में घुसा दूँगी,

सब लोग हंस पड़े।

फिर मैंने लुंगी खोल कर फेंक दी तो लौड़ा टन टनाता हुआ सबके सामने आ गया। मैं बोली वाओ, बाप रे बाप इतना बड़ा लण्ड ? इतना मोटा लण्ड ? तू तो मेरी माँ का भोसड़ा चोद देगा बहन चोद ? अच्छा हां तभी तो मेरी जेठानी को मज़ा आ रहा था चुदवाने में ? जेठानी की चूत खुली हुई थी। मैं उसका लण्ड पकड़ कर उसके पास ले गयी और उसे जेठानी की बुर में घुसा दिया। वह बोली हाय मेरी देवरानी बड़ा बढ़िया लण्ड पेला है तूने मेरी बुर में ? बस वह चुदवाने लगी और मैं आगे बढ़ गयी। मैंने ससुर की लुंगी में हाथ डाल दिया और कहा भोसड़ी के अपनी बहू चुदा रहा है तू माँ का लौड़ा ? मेरी गाली सुनकर उसका लौड़ा फनफनाकर कर खड़ा हो गया और मैंने उसको नंगा कर दिया। उसका लण्ड चाटने लगी मैं ? तब तक मेरी सास आ गयी कमरे में। उसने चोदा चोदी देखी तो उसका भोसड़ा मचल उठा। वह आगे बढ़ी और मेरे नंदोई का लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी।

तब तक मेरी नन्द भी आ गयी । वह बोली हाय मेरी अम्मी तू भोसड़ी की बड़ी हरामजादी है ? मेरे ही मियां का लण्ड पकड़ कर चूस रही है माँ की लौड़ी ? उसकी अम्मी बोली तेरी माँ का भोसड़ा मेरी बेटी ? तू भी तो मेरे मियां का लौड़ा चूसती है बुर चोदी ? नन्द बोली हां हां चुदवा ले मेरे मियां से, मैं जानती हूँ की तुझे उसका लौड़ा बड़ा अच्छा लगता है ? फिर मेरी नन्द घूमी अपने खालू का लण्ड पकड़ लिया। खालू वही बैठा था मादर चोद ? खालू का लौड़ा बाहर निकला तो हम सब देख कर मज़ा लेने लगी।

अब महफ़िल में मैं अपने ससुर से चुदवाने लगी, जेठानी असद से चुदवाने लगी, मेरी सास मेरे नंदोई से चुदवाने लगी और मेरी नन्द अपने खालू से चुदवाने लगी। हम चारों खुल्लम खुल्ला मस्ती से पराये मर्दों के लण्ड का मज़ा लूटने लगी।

ससुर का लण्ड तो मैं पहले पकड़ चुकी थी। लेकिन आज मुझे कुछ ज्यादा ही मोटा लग रहा है और कड़क लग रहा है। मैंने उसके कान में कहा भोसड़ी के आज तेरा लौड़ा पगला गया है क्या बहन चोद ? देखो आज तो बिलकुल लोहे की तरह सख्त हो गया है मोटा भी हो गया है – मैं तेरी जेठानी की बुर देख कर बड़ा मस्त हो रहा हूँ – क्यों क्या इसके पहले उसकी बुर नहीं देखी – नहीं यार नहीं देखा छोटी बहू, हा अँधेरे में जरूर पेला है लौड़ा उसकी बुर में कई बार – तू मादर चोद अँधेरे में खूब चोदता है बुर ऐसा क्यों ? – लण्ड को बुर का दरवाजा अँधेरे में दिख जाता है फिर उजाले की क्या जरुरत है – हा मुझे भी दिखा था तेरा लण्ड पहली बार उस दिन चांदनी रात में छत पर ? — हा हां बिलकुल वो तो बहुत बढ़िया दिन था – मैं ऊपर किसी काम से गयी थी। तब मैंने देखा तू बहन चोद एकदम नंगा अपनी दोनों टांगें फैलाकर लेटा हुआ है और तेरा टन टना रहा है आसमान टाक रहा है तेरा लौड़ा ? मेरी एक नज़र पड़ी तो मेरी चूत बालबाला उठी वह बोली अब मैं यही लण्ड अपने अंदर लूंगी। मेरे बदन में आग लग गयी , मैं भूल गए तू मेरा ससुर है ? मुझे तो, सच बताऊँ, खड़ा लण्ड देख कर कोई नाता रिस्ता याद नहीं रहता ? बस मैं बड़ी बेशरम हो जाती हूँ सीधे सीधे लण्ड पर अटैक कर देती हूँ। वही हुआ उस दिन मैं इ हाथ बढ़ा कर फ़ौरन पकड़ लिया तेरा लण्ड ? तू भी भोसड़ी का उत्तेजित हो गया और मेरी चूंची दबाने लगा ?

 
मैं समझ गयी की आज मेरा ससुर अपनी बहू की बुर चोदेगा ?

और यह भी समझ गयी की आज बहू अपने ससुर का लण्ड अपनी बुर में पेलेगी ?

मुझे तेरा लण्ड पसंद आ गया और तुझे मेरी चूत ? बस तू चोदने लगा मुझे भकाभक और मैं चुदवाने लगी तुमसे भकाभक – हां मेरी छोटी बहू तू तो चुदवाने में बड़ी मस्त है, इतने लण्ड खा कर भी तेरी चूत एकदम टाईट बनी हुई है – हां बिलकुल मेरी चूत चोदने में लोगों की गांड फट जाती है, अभी कल ही तेरा दोस्त जब मुझे चोदने लगा तो उसे अपना लौड़ा घुसेड़ने में ही पसीना आ गया और जब बार बार लण्ड अंदर बाहर करने लगा तो वह खुद ही चिल्लाने लगा बोला हाय रे इतनी टाईट चूत है तेरी की मेरे लण्ड की ऐसी की तैसी हो रही है ? मैंने कहा सीधे सीधे कहो तेरी माँ चुद रही है साले ? वह बोला हां यार माँ तो चुद रही है मेरी लेकिन आज मैं तुझे चोद कर ही जाऊंगा ? बस मादर चोद मेरे खलास होने के पहले ही खुद खलास हो गया भोसड़ी वाला और भाग खड़ा हुआ – लेकिन मैं नहीं भागूंगा छोटी बहू मैं तो तुझे खलास करके ही डैम लूंगा – हां मैं जानती हूँ तुझे और तेरे लण्ड को भी ? तू तो बड़ा हरामी चोदू है गांडू कहीं का ?

बस मैं फिर बड़े जोर जोरे से चुदवाने लगी। उधर मेरी सास अपने दामाद से धकाधक चुदवाये चली जा रही थी और उसके सामने मेरी नन्द बुर चोदी धक्के पे धक्का लगवा रही थी। और मेरी जेठानी तो इतनी मस्त थी चुदवाने में उसे यह ख्याल ही नहीं रहा की अब असद नहीं बल्कि असद का दोस्त उसकी बुर चोद रहा है। मेरी जेठानी भोसड़ी की अक्सर आँख बंद कर के चुदवाती है। थोड़ी देर में जब मेरा ससुर झड़ा तो मैं उसका लण्ड पीने लगी, मेरी नन्द अपने खालू का लण्ड पीने लगी, मेरी सास अपनी बेटी के मियां का लण्ड पीने लगी और जेठानी असद के दोस्त का लण्ड ?

चुदाई के बाद सब लोग नंगे नंगे ही घर भर में घुमते रहे। करीं डेढ़ दो घंटे के बाद फिर महफ़िल जम गयी। इस बार मैं असद के दोस्त का लण्ड सहलाने लगी, जेठानी ने लपक कर अपने ससुर का लण्ड पकड़ लिया, मेरी सास ने अपने जीजा का लण्ड पकड़ लिया और मेरी नन्द अपने मामू का लण्ड हिलाने लगी। , उसका मियां जा और उसी समय उसका मामू आ गया। मुझे मालूम हुआ की उसके मामू का लौड़ा भी बड़ा जबरदस्त है। जब मेरी नन्द उसका लौड़ा हिलाने लगी तो मैं उसे बड़े गौर से देख रही थी। मेरी नन्द अपने मामू से बात करने लगी।

भोसड़ी के मामू इतने दिनों के बाद आया है तू माँ का लौड़ा ? इतने दिनों से कहाँ गांड मरा रहा था तू अपनी ? (मामू बहन चोद मेरी नन्द से सिर्फ दो साल ही बड़ा था )

गांड मरा नहीं था यार ? गांड मार रहा था ?

किसकी गांड मार रहा था तू ?

तेरी नन्द की गांड मार रहा था ? हां मैं तेरी ससुराल पहुँच गया । मेरा मन तेरी सास का भोसड़ा चोदने का था लेकिन वह घर पर नहीं थी और फिर बात बात में ही तेरी नन्द ने मेरा लण्ड पकड़ लिया ? उसने कहा यार पहले मेरी गांड मारो बाद में मेरी बुर चोदना ? मुझे गांड मराने का बड़ा शौक है तो मैं उसकी गांड मारने लगा ?

तो बाद में उसकी बुर चोदी की नहीं तूने ?

हां चोदी न उसकी बुर ? और फिर उसकी अम्मी भी आ गयी तब उसका भी चोदा भोसड़ा ?

मैंने जब तिरछी नज़र से मामू का लौड़ा देखा तो मेरा दिल आ गया उस पर ? लौड़ा साला लंबा चौड़ा था और खड़ा होने पर थोड़ा टेढ़ा हो गया था। मुझे इस तरह के लण्ड बड़े अच्छे लगते है। मैंने सोंच लिया आज इस मामू से रात में खूब चुदवाऊँगी मैं ? तब तक मैंने इधर असद के दोस्त का लण्ड अपनी बुर में घुसा लिया और चुदवाने लगी। वह जब धक्के पे धक्का मार कर चोदने लगा तो मैं जान गयी की वह एक अच्छा बुर चोदने वाला खिलाडी है।

मैंने पूंछा – तुम कबसे असद को जानते हो ?

मैं बचपन से जानता हूँ। हम दोनों साथ साथ पढ़े है खेले है कूदें है

तो फिर साथ साथ लड़कियां भी चोदते होगे ?

हां बिलकुल ? जो लड़की मैं चोदता हूँ वह लड़की असद भी चोदता है और जो लड़की वह चोदता है उसे मैं भी चोदता हूँ ?

तो फिर अपनी अपनी बीवियों के साथ क्या करते हो भोसड़ी के ?

यही करता हूँ यार ? वह मेरी बीवी चोदता है और मैं उसकी बीवी चोदता हूँ।

बीवी के अलावा और किस किस को चोदते हो तुम दोनों ?

वह मेरी बहन चोदता है और में उसकी बहन चोदता हूँ, वह मेरी भाभी चोदता है और मैं उसकी भाभी चोदता हूँ ?

तो तुम दोनों फिर एक दूसरे की माँ भी चोदते होगे ?

हां मैंने एक बार गलती से उसकी माँ चोद ली थी ? मैं समझा की वह मेरी खाला है पर वह थी असद की माँ ? जब लण्ड उसके भोसड में घुसा तब मैंने उसका मुंह देखा और बोला वाओ, आंटी आप ? वह बोली बेटा जब लौड़ा पेल ही दिया है मेरी बुर में तो फिर मजे से चोद लो ? तब मैंने भी मस्ती से चोदा उसकी माँ ? अब उसने मेरी माँ चोदी की नहीं यह मुझे नहीं मालूम ?

अच्छा अब तू मुझे गांड से जोर से लगा के चोद ?

 
मुझे उससे चुदवाने में वाकई बड़ा मज़ा आने लगा लेकिन मेरी नज़र फिर मामू के लण्ड पर पड़ी और मैं मन ही मन उसे सोंच सोंच कर चुदवाने लगी। मेरी सास तो बिलकुल रंडी की तरह से चुदवा रही थी अपने जीजू से ? मैं तो खुद से दुआ करती हूँ की हर बहू को इसी तरह की चुदक्कड़ सास मिले ताकि बहू को खूब सबसे चुदवाने का मौका मिलता रहे ? उसके जीजा का लण्ड तो कये बार मेरी बुर में घुस चुका है। अब तो मेरी बुर चोदी सास खुद लण्ड मेरी बुर में पेल देती है। जेठानी तो ससुर के लण्ड में मगन हो गयी। मुझे मस्ती से बुर चुदवाने वाली जेठानी भी मिल गयी है। मेरे जेठ का भी लौड़ा मुझे बड़ा प्यारा लगता है , मैं तो उससे हर दूसरे दिन चुदवाती हूँ। मेर्री ससुराल का माहौल चोदा चोदी से हमेशा गुलज़ार रहता है। यह तो हर समय किसी न किसी का लण्ड किस न किसी की बुर चोदा ही करता है। एक दो लण्ड एक दो चूत हमेशा खुली रहती है मेरे घर में ?

ऐसे ही एक रात को करीब १० बजे मैं अचानक जेठानी के कमरे में चली गयी। मैंने देखा की जेठानी अपनी चूंचियां खोले हुए बैठी हैं, हां पेटीकोट जरूर पहने है। उसके बगल में एक बड़ा हैंडसम आदमी बैठा है उसकी भी छाती बिलकुल खुली है। घने घने बाल है उसकी छाती पर। उसका पैजामा भी खुला हुआ नीचे पड़ा है और वह बिलकुल नंगा बैठा है। जेठानी हौले हौले उसका लण्ड सहला रही है और लण्ड बिलकुल अज़गर की तरह फूलता जा रहा है। एकदम चिकना बिना झांट का मोटा तगड़ा लण्ड देख कर मेरे मुंह में तो पानी आ गया। मैं ललचा गयी और एकदम से चुदासी हो गयी। मेरा मन हुआ की मैं लौड़ा इसी समय कच्चा चबा जाऊं ? मैं फिर रुकी नहीं और फ़ौरन अंदर कमरे में घुस गयी। मुझे देख कर जेठानी बोली आओ न मेरी बुर चोदी देवरानी ज़रा पकड़ कर देखो इसका लण्ड (वह लण्ड मुझे दिखाती हुई बोली) मैंने कहा हाय रब्बा इतना बड़ा और इतना प्यारा लौड़ा आज मैं पहली बार देख रही हूँ जीजी ? हाय इसका सुपाड़ा तो मेरी जान लिए ले रहा है जीजी ? कौन है ये मादर चोद, जीजी ? पहले क्यों नहीं आया हमें लौड़ा पकड़ाने भोसड़ी का ? जेठानी बोली अरी सुन तो ये है मेरा बहन चोद मामू जान ? मैं अपनी शादी के पहले इसका लौड़ा खूब चूसती थी। मेरी दो सहेलियां भी इसका लण्ड चूसती थी। मैं उन दोनों के मामू के लण्ड चूसती थी इसलिए मैं अपने मामू का लौड़ा उन्हें चुसवाती थी। आज तू इसे चूस कर और चुदवा कर मज़ा ले ले मेरी भोसड़ी की देवरानी। मैंने कहा हाय जीजी तूने तो मेरे मन की बात कह दी है। अच्छा ले तू लौड़ा चाटना शुरू कर मैं ज़रा बाहर होकर आती हूँ। मैं जेठानी के मामू का लण्ड अपने सारे कपडे उतार कर नंगी नंगी चाटने लगी। मामू मेरी चूत चाटने लगा और मेरी चूंची दबाने लगा। मुझे एक नया मज़ा मिलाने लगा।

उसका लौड़ा मेरे लिए बिलकुल नया था। मैं मस्ती में चूर होने लगी। इतने में मेरी नन्द नंगी नगी एक लण्ड हाथ से पकडे हुए मेरे कमरे में आ गयी बोली अरे भाभी अब मुझे पकड़ाओ न बड़ी भाभी के मामू का लण्ड और लो तुम पकड़ो मेरे ससुर का लण्ड ? आज सवेरे ही इसने मेरी माँ का भोसड़ा चोदा है और अब मैं इससे अपनी दोनों भाभियों की बुर चुदवाऊँगी। तुम मेरे ससुर से चुदवाओ मैं मामू से चुदवाती हूँ। मैंने कहा यार थोड़ी देर और रुक जाओ मैं ज़रा ठीक से पी लूँ इसका लण्ड ? फिर मैं तेरे ससुर से चुदवाऊँगी। ऐसा कह कर मैं लण्ड का मुठ्ठ मारने लगी। थोड़ी ही देर में लण्ड ने उगल दिया वीर्य मेरे मुंह में और मैंने अपनी नन्द के सामने ही मामू का लौड़ा खूब चाट चाट कर पिया ?

इतने में जेठानी भी पेटीकोट खोल के एक लण्ड पकडे पकडे कमरे में आ गयी।

उसे देख कर मैं बोल पड़ी – अरे जीजी ये तो माँ का लौड़ा मेरा खालू है ?

वह बोली: – हां तो क्या खालू बुर नहीं चोदता ? उसका लण्ड खड़ा नहीं होता क्या ?

मैं बोली: – नहीं ऐसी बात नहीं जीजी लौड़ा तो इसका बड़ा मस्त है पर यह साला गांडू है जीजी ? यह सबकी गांड मारता है ? इसे गांड मारने का बड़ा शौक है ?

वह बोली: – तो क्या यह बुर नहीं चोदता तेरा खालू ?

मैं बोली :- हां जीजी बुर तो यह अपनी बीवी की भी नहीं चोदता है। ये तो अपनी बीवी की बस गांड मारता है ?

जेठानी बोली : – तो क्या इसकी बीवी बिना चुदाये रहती है ?

मैं बोली :- नहीं जीजी, इसकी बीवी की बुर मेरा अब्बा चोदता है ? इसकी बीवी को मेरे अब्बा का लौड़ा बहुत पसंद है। आये दिन चुदवाया करती है इसकी है बीवी मेरे अब्बा से ? और जब कभी मेरी माँ को गांड मराने की इच्छा होती है तो वह खालू से मरवा लेती है अपनी गांड ?

जेठानी बोली :- चलो आज मैं इससे गांड ही मरवा लेती हूँ।

अब कमरे में मैं नन्द के ससुर से चुदवाने लगी, नन्द जेठानी के मामू से चुदवाने लगी और जेठानी मेरे खालू से गांड मरवाने लगी।

जेठानी झुक कर गांड मरवा रही थी, उसका मुंह ठीक मेरी चूत के पास था जिसमे नन्द के ससुर का लण्ड आ जा रहा था। जेठानी मेरी बुर चुदते हुए बड़ी नजदीकी से देख रही थी। ससुर का लण्ड बार घुसते निकलते देख रही थी। उसने लण्ड चाटना शुरू किया। बीच बीच में लण्ड मेरी बुर से निकाल लेती और फिर चाट लेती ? मुझे भी मज़ा आता नन्द के ससुर को भी और जेठानी को भी। मेरे सामने मेरी नन्द तो रंडी की तरह जेठानी के मामू से चुदवाने में जुटी थी।

मैंने नन्द के ससुर से पूंछा :- भोसड़ी के अंकल तुम तो अपनी बहू की बुर खूब चोदते होगे ?

वह बोला :- नहीं मैं खूब नहीं चोदता हूँ, मेरी बहू ही मुझसे खूब चुदवाती है। रात में जब वह मेरा लौड़ा पकड़ लेती है तो मुझे चोदना ही पड़ता है ?

मैंने कहा :- तेरा लौड़ा तेरी बहू ही पकड़ लेती है की कोई और भी ?

वह बोला :- देखो आजकल का रिवाज़ यह है की अगर तुम्हारा लौड़ा मोटा तगड़ा है तो उसे पकड़ने के लिए सभी दौड़ पड़ती है चाहे वह किसी की बहू हो, किसी की बेटी हो, किसी की बीवी हो, या फिर किसी की माँ हो ? सबको इस तरह के लण्ड से चुदवाने की ख्य्वाहिश होती है ? आजकल बहू, बेटियां, बीवियां सभी बड़ी बेशरम और निर्लज्ज हो गयी है उन्हें किसी का लण्ड पकड़ने में कोई झिझक नहीं होती ? अभी कल ही मैं पड़ोस में गया था तो मेरी पड़ोसन ने बात ही बात में मेरे लण्ड का ज़िकर अपनी बेटी से कर दिया ? उसने बस इतना ही कहा की अंकल का लण्ड बड़ा मस्त है ? बस उसकी लड़की मेरे पीछे पड़ गयी और अपनी माँ के सामने ही बोली अंकल मुझे लण्ड पकड़ाओ ? आज मैं तेरा पियूंगी ? बिना लण्ड पिए मैं तुम्हे जाने नहीं दूँगी। तब पड़ोसन ने मुझे आँख मारी और वह लड़की मेरे कपडे खोल कर मेरा लण्ड पीने लगी।

दूसरे दिन जब मैं अपनी सास के कमरे में गयी तो वह अपनी बेटी के देवर से भकाभक चुदवा रही है और उसकी बेटी यानी मेरी नन्द मेरी सास के देवर से चुदवा रही है। मतलब यह की नन्द अपने ही चचा जान से चुदवाने में मस्त हो रही है।

यानी :-

देवर मेरा चूत तुम्हारी – देवर तेरा चूत हमारी

 
बेलगाम लण्ड-11

बहू – मैं बहुत दिनों से तुझे देख रही हूँ, सासू ? तेरी हर बात में टोका टोकी बहुत बढ़ गयी है ? बुरका पहन कर जाती हूँ तो टोक देती है तू बहनचोद और बुरका उतार कर जाती हूँ तो भी टोक देती है तू ? तू आखिर चाहती क्या है ? तू मेरी गांड में हमेशा ऊँगली क्यों करती रहती है ? तेरी गांड में इतनी खुजली क्यों होती है सासू ?

सास – मेरी गांड की खुजली छोडो बहू, आजकल तेरी गांड में ज्यादा ही खुजली होने लगी है। तभी तो जब देखो तब गांड उठा के चल देती है तू ? न पूंछ कर जाती है और न बता कर जाती है तू मादर चोद ? अभी कोई मिलने वाला आ जाये तो मैं क्या जबाब दूँगी, बाबा जी का लण्ड ?

बहू – और जब तू चली जाती है बाहर मुझे बिना बताये तो मैं क्या जबाब दूँगी ? बाबा जी का लण्ड ?

सास – तो तू उसे अपने पास बैठा नहीं सकती ? मेरा थोड़ा इंतज़ार नहीं कर सकती भोसड़ी की ?

बहू – मैं क्यों उसे रोकूँ मैं तो उससे कहती हूँ की तुझे अगर लण्ड भोसड़ा में पेलना है तो इंतज़ार कर मेरी सास के भोसड़ा का ? नहीं तो लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ कर मुझे चोद ले और चोद के चला जा ?

सास – हाय दईया, इसका मतलब जो मुझे चोदने आता है उससे तू माँ की लौड़ी चुदवा लेती है ?

बहू – हां क्यों नहीं ? जिसे तेरे भोसड़ा से ज्यादा मेरी चूत अच्छी लगती है वो तो मुझे ही चोद कर जाएगा ? पका आम सबको अच्छा लगता है सासू जी लेकिन पिल पिला आम किसी को भी अच्छा नहीं लगता ?

सास – अच्छा बुर चोदी तू मेरे भोसड़ा को पिलपिला आम बता रही है तू ? अरे अभी मैं जवान हूँ ? तेरी से दुगुनी चूंचियां है मेरी ? तेरी चूत से सख्त चूत है मेरी ? तेरे से ज्यादा सेक्सी गांड है मेरी ? जो भोसड़ी का एक बार मुझे चोद लेता है वो दुबारा मुझे चोदने आता है तुझे नहीं ? दस दस इंच तक के लण्ड मैं भून कर अपनी बुर से निकाल कर बाहर फेंक देती हूँ ? और तेरी बुर ८” के लण्ड देख कर रोने लगती है, बहू ?

बहू – तेरा भोसड़ा फ़ैल चुका है न ? इसीलिए इतने बड़े बड़े लण्ड गोता लगाते रहते है उसमे ? चूत तो सख्त मेरी है जिसमे लण्ड घुसेड़ने में लोगों की गांड फट जाती है। माथे पर पसीना निकल आता मादर चोदों के ? मेरी चूत चोदना कोई बच्चों का खेल नहीं है समझी हरामजादी सासू ?

यह है सास और बहू दोनों के बीच की तकरार जो अक्सर हर घर में होती है ? हां किसी के यहाँ ज्यादा किसी के यहाँ कम ? किस के यहाँ गाली गलौज के साथ किसी के यहाँ बिना गाली के ? यहाँ सास है मिसेज रमजाना और बहू है मिसेज फ़िरोज़ा ? दोनों खूब खुल कर एक दुसरे को गाली देती है, एक दूसरे की गांड मारती है और एक दूसरे की माँ बहन चोदती है। इनके बीच शर्म लिहाज़ या झिझक नाम की कोई चीज नहीं है। इनके बीच एक और करेक्टर है सास की बेटी नज़मा यानी बहू की नन्द ? इसकी भी शादी हो चुकी है और अक्सर अपने माईके चली आती है। जब सास बहू में तकरार हो रही थी तो बीच में जाने कहाँ से नज़मा कूद पड़ी ?

नज़मा – अरी मेरी माँ की लौड़ी फ़िरोज़ा भाभी तू क्या समझती हैं की तेरी ही चूत में दम है। किसी और की चूत में दम नहीं है ? अरे मेरी भी चूत चोदने में मर्दों का पशीना निकल आता है ? मर्दों की गांड फट के हाथ में आ जाती है मेरी चूत में लण्ड पेलने में ?

बहू – अब तू बुर चोदी आ गयी है अपनी अम्मी की तरफदारी करने ? अगर तेरी चूत में दम है तो आ जा भोसड़ी वाली कर ले मुझसे कम्पटीसन ? ले आ दो बराबर के लण्ड ? एक तू पेलवा ले अपनी चूत में और एक मैं पेल लेती हूँ अपनी चूत में ? फिर देखते हूँ कौन सबसे पहले भून कर निकालती है लण्ड अपनी चूत से ?

नज़मा – हां हां ठीक है मैं तैयार हूँ पर बराबर के लण्ड आएंगे कहाँ से बहन चोद ?

तब तक सास पीछे से बोल पड़ी – मैं लाऊंगी बराबर के लण्ड और मैं ही पेलूँगी तुम दोनों की चूत में लण्ड और फिर मैं ही फैसला दूँगी की कौन जीती कौन हारी ? किसकी चूत में कितना दम है ?

मेरे दोस्तों, मैं आपको बताना चाहूंगी की मैं इस घर की बहू हूँ। मेरा नाम है फ़िरोज़ा। मेरी शादी अभी २ साल पहले हुई थी। मेरे माईके में मुझे चोदने और चुदाने की पूरी आज़ादी है और मैं यही अल्ला से दुआ करती थी की मुझे ऐसी ससुराल मिले जहाँ चोदा चोदी पर कोई रोक टोक न हो ? वहां भी पूरी आज़ादी हो ? अल्ला ने मेरी सुन ली अब मैं अपनी ससुराल में ज्यादा आज़ादी से रह रही हूँ। वहां माईके में मेरी अम्मी मेरा साथ चुदाई में साथ देती है तो यहाँ ससुराल में मेरी सास मेरा साथ देती है। मेरी सास मेरी अम्मी से ज्यादा चुदक्कड़ है। जितना वह खुद चुदवाती है उतना ही वह अपनी बिटिया भी चुदवाती है और उतना ही अपनी बहू भी चुदवाती है। मैंने अल्ला से जितना माँगा था उससे ज्यादा मिला मुझे ?

 
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