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बेलगाम लंड

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मेरी सास तो मेरे से ज्यादा मेरी चूत का ख्याल रखती है। उसके हाथ में जब भी कोई लण्ड आता है तो वह मेरी बुर में जरूर जाता है ? मैं भी अपनी सास से ज्यादा सास के भोसड़ा का ख्याल रखती हूँ। मुझे जब कोई लण्ड मिलता तो मैं उसे सास के भोसड़ा में जरूर पेलती हूँ। हम तीनो मिलजुल कर रहती है मिलजुल कर चुदवाती है और ऐय्यासी करती है। आपस में जब भी थोड़ी बहुत तकरार होती है तो मज़ा आता है।

बस दूसरे ही दिन सासू ने दो मर्द बुला लिया एक तो मेरा खालू असलम जिसका लण्ड मैं कई बार पकड़ चुकी हूँ और चुदवा भी चुकी हूँ ? और दूसरा निदा का खालू अज़मल ? निदा भी अपने खालू से चुदवा चुकी है। सासू ने कहा :-

बहू का खालू असलम मेरी बेटी चोदेगा और मेरी बेटी का खालू अज़मल मेरी बहू चोदेगा ?

तुम दोनों के लिए एक दूसरे के खालू के लण्ड नये है इसलिए तुम्हे चुदवाने में मज़ा आएगा ?

तुम दोनों अपने अपने कपडे उतार कर सामने आ जाओ ? मैंने और निदा ने वैसा ही किया। हम दोनों नंगी नगी सासू के सामने आ गयी। तब सासू बोली अब ये दोनों मर्द तुम लोगों के सामने सिर्फ एक तौलिया लपेट कर खड़े होंगे ? मैं दोनों लण्ड पकड़ चुकी हूँ। दोनों से चुदवा चुकी हूँ। दोनों लण्ड बराबर के है ? ये नीचे से मादर चोद बिलकुल नंगे है। मैं जब १,२,३ बोलूंगी तब तुम तौलिया खींच कर लण्ड पकड़ लेना और फिर चूमने चाटने के बाद चुदाना शुरू कर देना ? जो सबसे पहले लण्ड अपनी चूत में भून कर निकलेगी वह जीत जाएगी ? मैं नंगी खड़ी थी मेरे सामने खड़ा था अज़मल। मेरे बगल में निदा नंगी खड़ी थी उसके बगल में असलम। जैसे ही सासू ने कहा १,२,३ वैसे ही मैंने तौलिया खींच ली तो लौड़ा टन्ना कर मेरे सामने आ गया मैं फ़ौरन घुटनो के बल बैठ गयी और लण्ड चूमने लगी। निदा ने भी ठीक ऐसा ही किया। लण्ड तो इतना मस्त था की मुझे मज़ा आ गया। मैं उस प्यार लुटाने लगी उसे पुचकारने लगी। धीरे धीरे प्यार से गाली भी सुनाने लगी। निदा भी बुर बड़ी खाई खेली हुई लड़की है। जाने कितने लण्ड अपनी बुर में भून चुकी है। तब मैंने लण्ड मुंह में भर लिया। मैं बुर चुदाने के पहले ही अपना मुंह चुदवाने लगी। वह भी मुंह को बुर समझ कर चोदने लगा।

लण्ड जितना ज्यादा जोश में आएगा उतनी ही जल्दी झड़ेगा

मैं लण्ड का जोश बढ़ाने का सारा उपाय कर रही थी। फिर मुंह से निकाला लौड़ा अपनी चूत में भक्क से घुसा लिया और बोली ले भोसड़ी के अब चोद अपनी बहू की बुर ? तेरा लौड़ा साला बड़ा सायना है . बुर चोदने में बड़ा माहिर है न तो फिर क्या चोद ? मैं देखती हूँ तेरी गांड में कितना दम है ? उधर निदा भी बोल रही थी असलम तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा साले। चोद ले न मेरी बुर अपनी बीवी समझ के मादर चोद ? पूरा लौड़ा घुसा के चोदो मेरे राजा ? रंडी की तरह चोदो मेरी चूत ? वह गांड से जोर लगाने लगी। इधर मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और वह पूरा लौड़ा बार बार निकाल कर घुसेड़ने लगा। मेरा मज़ा दूना होता जा रहा था। मेरी चूत और मस्ती में आती जा रही थी।

हम दोनों का कम्पटीसन जोरो पर चल रहा था। इतने में निदा लण्ड पे बैठ कर चुदवाने लगी। लेकिन मैं वहीँ रही बल्कि उसी तरह चुदवाती रही। वह भी गचागच फ़चाफ़च चोदने मे जुटा था। अचानक उसके मुंह से निकला अब मैं अंदर ही झड़ जाऊंगा, बहू ? मैं कहा झड़ जा भोसड़ी के ? तेरी माँ की चूत ? बिना झड़े निकालना नहीं लौड़ा नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी ? मेरी बात का असर हुआ और वह और जोर से जल्दी जल्दी चोदने लगा। फिर बोला आ, ओहो, आ हाय हां हां लो आ अब मैं निकल गया हां रे वाओ ? इतने में उधर से भी आवाज़ आयी लो मैं भी बुर में ही निकल गया बहन चोद ? मैंने भुना हुआ लौड़ा अपनी बुर से निकाला और सासू को दिखाया। उधर से निदा ने भी भुना हुआ लण्ड अपनी चूत से निकाला और अपनी माँ को दिखाया ? सासू ने कहा यार तुम दोनों ने एक साथ भून डाला लण्ड ? अभी तो दोनों बराबर हो ? अब मैं देखती हूँ की किसका लण्ड ज्यादा भुना ? वह दोनों लण्ड पकड़ कर देखने लगी। उसे लगा की अज़मल का लौड़ा ज्यादा भून गया है एक दम भुना हुआ बैगन रहा है। वह बोली हाय बहू तेरी चूत कुछ ज्यादा ही भून डाला है लण्ड इसलिए तू थोड़ा आगे है मेरी बेटी से ? निदा तूने भी खूब भूना है लण्ड लेकिन एक कदम पीछे रह गयी है तू ? वह बोली कोई बात नहीं अम्मी अगली बार मैं भाभी की गांड मार दूँगी ?

एक दिन मेरी सास तन तनाती हुए आयी और मेरे सामने बैठ गयी.

वह बोली – मेरी बुर चोदी बहू आजकल तू ज्यादा ही चालाक हो गयी है ? बड़ी स्वार्थी हो गयी है तू बहन चोद ?

मैंने कहा – कुछ मुंह से बोलेगी भी, की बस गालियां ही देती जाएगी मादर चोद, सासू ?

कल तूने दो दो लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और मुझे पूंछा तक नहीं ? गांड भी मरवाई तूने बहन चोद ? मेरी बेटी को भी नहीं पूंछा तूने ? दोनों लण्ड का मज़ा अकेले अकेले ही लेती रही तू माँ की लौड़ी ?

 
पूंछती कैसे सासू जी, निदा तो बुर चोदी घर पर थी नहीं। मैंने फोन लगाया और कहा आजा यार चुदवा ले मेरे साथ तो वह बोली भाभी तुम्ही चुदाओ मैं यहाँ अपनी दोस्त के यहाँ अपनी गांड मरा रही हूँ ? और तू भोसड़ी वाली दूसरे कमरे में मियां अज़ीम से अपना भोसड़ा चुदवा रही थी। मैं गयी थी तेरे कमरे तक लेकिन जब तेरी बुर में लण्ड देखा तो चली आयी ?

अरे बहू, लण्ड क्या हमेशा मेरी बुर में पड़ा रहता ? उसके बाद तो मुझे बुला सकती थी तू ? मैं एक घंटे के बाद चुदवा लेती उन दोनों से ?

उन दोनों को सलमा की माँ चोदने जाना था। इसलिए जल्दी जल्दी मुझे चोद कर चले गये ?

तो मैं एक बार तो उनके लण्ड देख लेती ? तू तो जानती है की मुहे लण्ड देखने और पकड़ने का उतना ही शौक है जितना की चुदवाने का ? लेकिन अब मैं समझ गयी हूँ की तू बड़ी चालाक हो गयी है। तुझे मेरे भोसड़ा से जलन होने लगी है ?

मैं तेरे भोसड़ा से क्यों जलूँगी ? क्या मेरे पास चूत नहीं है ? झूंठ मूठ के इल्जाम मत लगाया कर मुझे पर नहीं तो मैं ,,,,,,,,,,,,,, ?

नहीं तो क्या तू मेरी माँ चोद देगी, बहू ? मेरी गांड मारेगी तू ?

हां तेरी गांड में घुसा दूँगी लण्ड ? जब गांड फटेगी तेरी तब पता चलेगा तुझे, सासू ?

मुझे कुछ नहीं पता चलेगा जाने कितने लण्ड मेरी गांड में घुस चुके है ? तू संभाल कर रख अपनी गांड ?

मेरी गांड तो संभली हुई है सासू जी। पर कल मैं तेरी गांड में ठोंकूंगी बड़े बड़े लण्ड ?

तब तक पीछे से एक आवाज़ आयी लण्ड तो मैं बड़े बड़े ठोंकूंगी तुम दोनों की गांड में ?

मैंने देखा की नज़मा आ गयी उसने सारी बातें सुन ली थी वह बोली :- अरे अम्मी तुम चुप रहो और भाभी तुम भी चुप हो जाओ ? मैं देखूँगी किसकी गांड कितनी संभली हुई है ? किसकी गांड में कितना दम है ? कल मैं खुद दोनों की गांड में घुसाऊँगी लण्ड ? तब देखूँगी मैं की किसकी गांड कितना मोटा लण्ड बर्दास्त करती है और कितनी देर तक ? कल तुम दोनों के बीच होगा गांड मराने का कम्पटीसन ?

निदा दूसरे दिन दो लड़के लेकर घर आ गयी। अपनी अम्मी से मुझसे भी। वह बोली हाय भाभी ये है अली और अमजद। दोनों एक ही कॉलेज के लड़के है मैं इन्हे तुम दोनों की गांड मारने के लिए ले आयी हूँ हालाँकि मैंने इनके लण्ड अभी तक नहीं देखा है ?

सासू बोली :- अरी भोसड़ी की निदा अगर तूने लण्ड नहीं देखा अभी तक तो हमारी गांड कैसे मरवाएगी ?

मैंने कहा :- हां बात तो सही है तुम्हे तो दोनों के लण्ड वहीँ पकड़ कर देख चाहिए। जांचने परखने के बाद लाना था लण्ड ?

निदा बोली :- तो मैं अभी यहीं तुम लोगों से सामने ही जांच परख लेती हूँ। लेकिन डिसीजन मेरा होगा की मैं इनसे तुम्हारी गांड मरवाऊं की न मरवाऊं ?

मैंने कहा :- हां मंजूर है देखो इन भोसड़ी वालों के खोल कर लण्ड ?

 
निदा ने जैसे उन दोनों को नंगा करके उनके लण्ड पकड़ कर हिलाया तो दोनों लौड़े साले टन टना कर खड़े होने लगे। लण्ड तो बड़े लम्बे चौड़े निकले मैंने सोंचा की गागर ये गांड मरेंगे तो गांड जरूर फट जाएगी ? ये साले भोसड़ा चोदने वाले लण्ड है ? खैर निदा बोली भाभी बताओ किससे मरवाओगी अपनी गांड ? मैंने कहा यार तू कोई भी पेल दे लण्ड मैं घबराती नहीं ? हा तू अपनी बुर चोदी अपनी माँ से पूंछ ले ? सास बोली निदा तुम जो चाहो करो। कोई भी लौड़ा पेल दो मेरी गांड में ? निदा ने अली का लण्ड अपनी माँ की गांड में टिका दिया और अमजद का लण्ड मेरी गांड में ?

फिर वह बोली १,२,३ बस लौड़ा घुसने लगा हम दोनों की गांड में ? अमजद का लण्ड बड़ा मोटा था वह साला मेरी गांड में घुस ही नहीं रहा था। तब तक उधर अली सासू की गांड मारने लगा था। जैसे तैसे लण्ड मेरी गांड में घुसा तो मैं चिल्ला पड़ी उई माँ फट गयी मेरी गांड ? अब क्या होगा निदा ? तूने मेरी गांड फड़वा दी भोसड़ी की निदा ? इतना मोटा लण्ड लेकर क्यों आई मेरी गांड मारने ? मैं किसी दिन इससे मोटा लण्ड तेरी गांड में पेलूँगी ? अमजद ने दो तीन बार ही लण्ड पेला और निकाला तो मैंने कहा यार मैं मर जाऊँगी निदा ? मैं हार गयी यार ? तू यह भी लौड़ा अपनी माँ की गांड में पेल दे ? निदा ने ताली बजा कर कहा अम्मी तुम यह कम्पटीसन जीत गयी हो ? तेरी भोसड़ी की बहू हार गयी ? सास बड़े गुमान से बोली बहू बुर चोदी मुझसे क्या जीतेगी ?

दो दिन बाद सासू ने कहा :- कौन कितनी जल्दी मुठ्ठ मार के लण्ड पी लेती है ? मेरी बहू की मेरी बेटी ?

इसके लिए मैं दो पंजाबी लड़के लाई हूँ एक पम्मी और दूसरा सम्मी ? इनके लण्ड समूचे है कटे नहीं है ? समूचे लण्ड का मुठ्ठ मारने में ज्यादा मज़ा आता है। दोनों लण्ड करीब करीब बराबर है। मैं दोनों लण्ड पीकर देख चुकी हूँ और इनसे अपना भोसड़ा चुदवाकर भी देख चुकी हुँ. मुझे तो खूब पसंद आये लण्ड ? अब तुम दोनों एक एक लण्ड पीकर दिखाओ ? मैं दो पर्ची में इनके नाम लिखती हूँ और तुम लोग एक एक पर्ची उठा लो। जिसमे जिसका नाम होगा वह उसका लण्ड पियेगी ? निदा ने जो पर्ची उठायी उसमे पम्मी का नाम लिखा था ? तब तक सास ने दोनों लण्ड खोल कर नंगा कर दिया मैंने सम्मी का लण्ड पकड़ लिया और निदा ने पम्मी का लण्ड ?

सासू ने जैसे १,२,३ कहा हमने मुठ्ठ मारना शुरू कर दिया। मुझे तो वाकई मुठ्ठ मारने में बड़ा मज़ा आ रहा था। निदा भी बोली हाय अम्मी समूचे लण्ड का मुठ्ठ मारने में अच्छा लग रहा है ? हम दोनों अपने अपने मुंह खोल कर सटासट मुठ्ठ मारने में जुटी थी। दोनों लण्ड खूब टन टनाते जा रहे थे सुपाड़े फूलते जा रहे थे। मुझे लगा मेरा लण्ड पहले उगल देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहली पिचकारी पम्मी के लण्ड से निकली दूसरी पिचकारी सम्मी के लण्ड से तीसरी निदा के लण्ड से चौथी मेरे लण्ड से और फिर ,,,,,,,,,? मतलब यह की निदा जीत गयी। सासू बोली वाओ, निदा माँ की लौड़ी जीत गयी।

इस तरह मैं बुर चुदवाने में, सासू गांड मराने में और निदा लण्ड पीने में जीत गयी ?

सासू बोली – अब मैं इन दोनों से अपनी बेटी और बहू की बुर चुदवाऊँगी।

मैंने कहा – उसके बाद मैं तेरी गांड में घुसा दूँगी लण्ड, सासू जी ?

 
इतवार का दिन था। मैं सवेरे उठी और तैयार होने लगी। मैंने एक छोटा सा बिना ब्रा के टॉप पहन लिया जिससे मेरी आधी से अधिक चूंचियां बाहर झाँकने लगीं और नीचे बिना पैंटी के एक लो वेस्ट की जींस पहन ली। जींस इतनी लो थी की अगर एक इंच और नीचे हो जाए तो मेरी झांटें साफ़ साफ़ दिखने लगेगीं। मैं जैसे ही जाने लगी वैसे ही मॉम ने टोक दिया बोलीं आज तो छुट्टी का दिन है, कहाँ जा रही है तू भोसड़ी की लूसी ? सुनकर बड़ा गुस्सा आया मुझे की मॉम मुझे जाते समय क्यों टोंक दिया ? फिर मैंने भी गुस्से में जबाब दिया – माँ चुदाने जा रही हूँ, अपनी ? वह बोली क्या कह रही तू भोसड़ी की ? बिना माँ के तू माँ का भोसड़ा चुदायेगी बुर चोदी ?

तब मैंने बताया की आज ‘लण्ड’ की दावत है मॉम। मैं उसी में जा रही हूँ। उसने पूंछा, वाओ, ये लण्ड की दावत क्या होती है ? मैंने कहा जैसे शराब की दावत यानी ड्रिंक्स पार्टी में शराब पी जाती है वैसे ही लण्ड की दावत में लण्ड पिये जातें है मॉम ? तो मैं लण्ड पीने जा रही हूँ। मॉम ने कहा अच्छा तो क्या सिर्फ लण्ड पीने के बाद दावत खत्म जो जाती है ? आगे कुछ नहीं होता ? मैंने बताया अरे मॉम यह भी कोई पूंछने की बात है ? अब तुम ही बताओ की लण्ड पीने के बाद कोई भोसड़ी वाली लड़की बिना चुदाये रह सकती है क्या ? अरे लण्ड पकड़ते ही उसकी चूत मेंआग लग जाती है और जब लण्ड मुंह में लेती है तो चूत की आग तो और धधकने लगती है। उसके बाद बिना चुदवाये वह एक मिनट भी नहीं रह सकती ? मॉम बोली तो इसका मतलब तू बुर चोदी चुदवा कर ही घर वापस आएगी ? मैंने कहा अब यह सब उस भोसड़ी वाली आरती मेम पर निर्भर करता है की उसने कैसा प्लान बनाया है ? जैसा वह कहेगी वैसा ही होगा मॉम ?

मैं घर से निकल पड़ी और आरती मेम के घर आ गयी। आरती मेम मेरे कॉलेज की प्रोफ़ेसर हैं। लेकिन वह बहुत हरामी लड़की है। लड़कों को फ़टाफ़ट पटा लेती है और फिर उनके लण्ड पकड़ती है। पकड़ने के बाद मस्ती से अपनी बुर चुदवाती है। उसने इस खेल में कुछ लड़कियां भी शामिल कर लीं है। मैं उनमे से एक हूँ। आरती मेम बड़ी खूबसूरत है और सेक्सी बदन वाली हैं। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां और बड़े बड़े चूतड़ देख कर लड़के भोसड़ी के आगे पीछे घूमने लगतें हैं। आरती मेम बस इसी का फायदा उठातीं है। जब भी कोई लड़का उसके घर आता है तो मादर चोद अपना लौड़ा पकड़ा कर ही जाता है। आरती मेम बिना लौड़ा पकड़े किसी की बात सुनती ही नहीं। कहती है की पहले अपना लौड़ा पकड़ाओ फिर अपनी बात बताओ। लड़के भी बहन लौड़ा पकड़ाने के चक्कर में कुछ न कुछ पूंछने चले ही आतें हैं।

वो कहते है न कि खूबसूरत लड़कियां बद्चलन होती है तो यह बात बिलकुल सही है। एक आरती को देख लो, एक मुझे देख लो और एक मेरी मॉम को देख लो। हम तीनो बहुत खूबसूरत हैं और तीन की तीनो मादर चोद बड़ी बदचलन, छिनार और बेशरम हैं। तीनो बुर चोदी चुदवाने के लिए किसी के भी सामने अपनी चूत खोल देतीं हैं।

इतने में आरती ने कहा देखो भोसड़ी वालों और भोसड़ी वालियों, माँ का लौड़ों और माँ की लौडियों, आज हम सब लोग लण्ड पीने के लिए इकठ्ठा हुए हैं। यहाँ चार लड़कियां है मैं आरती, लूसी,शमा और रोली ? उधर आठ लड़के हैं भोसड़ी के – राका, जग्गू, विकी, डैनी,असलम, रज़ा संजू और टोनी। ये सब मादर चोद अपने ही कॉलेज के लड़के हैं और हम लोग भी अपने ही कॉलेज की लड़कियाँ है। मैं बुर चोदी आरती हूँ तुम लोग मेरे बारे में जानती ही हो। ये शमा है। मैंने सुना है शमा की तू अपनी माँ चुदवाती है ? शमा बोली हां तुमने ठीक सुना है। मैं अपनी अम्मी से पूरी तरह और बुरी तरह खुली हुई हूँ।

एक दिन मैंने अपनी अम्मी को अपना भोसड़ा चुदवाते हुए देख लिया था। चोदने वाले आदमी को मैं नहीं जानती थी। अम्मी ने जब मुझे देखा तो बोली भोसड़ी की शमा तू अब बच्ची नहीं है। तू माँ की लौड़ी बड़ी हो गयी है। २१ साल है तू। इधर आ और पकड़ भोसड़ी की रफ़ी अंकल का लण्ड ? अम्मी ने लण्ड मुझे पकड़ा दिया और फिर उसने मेरे कपड़े भी उतार दिया। वह तो नंगी थी ही मुझे भी नंगी कर दिया। फिर अम्मी ने लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया मैं लण्ड चूसने लगी। अम्मी बोली शमा तेरी माँ का भोसड़ा मज़ा आ रहा है न तुझे लण्ड चूसने में ? मैंने कहा हां अम्मी आ रहा है। तब तक उसने मेरी चूत सहलाना शुरू कर दिया। अम्मी इतनी मस्त हो गयी की उसने लण्ड मेरी बुर में घुसेड़ दिया। मेरा वह पहला दिन था जब कोई लण्ड मेरी बुर में घुसा था। चुदाने के बाद मैंने कहा भोसड़ी की अम्मी तू तो बड़ी हरामजादी निकली। तेरी बिटिया की बुर बहन चोद ? बस उसी दिन से मैं माँ चुदाने लगी।

 
आरती बोली लूसी को तो मैं जानती हूँ की वह अपनी माँ चुदवाती है। रोली तू बता क्या तू भी अपनी माँ चुदवाती है भोसड़ी की ? रोली ने बताया नहीं यार मेरी माँ नहीं है , मैं मौसी के साथ रहती हूँ। हां मैं मौसी के भोसड़ा में लण्ड पेलती हूँ और मौसी भी बुर चोदी मेरी चूत में लण्ड घुसेड़ती है। एक दिन मैं अपने ही घर में अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड चूस रही थी। मैं समझी की मौसी घर पर नहीं हैं जब की वह ऊपर छत पर थीं। मौसी एकदम से मेरे कमरे में आ गयीं और बोली भोसड़ी की रोली तू अकेले अकेले ही लौड़ा चूस रही है। तेरी मौसी क्या झांटें उखाड़ेगी अपनी तेरे सामने ? ला इधर मैं भी चूसूंगी लण्ड। मौसी ने लण्ड मेरे हाथ से छीन लिया और चूसने लगी। मुझे भी मस्ती आ गयी और मैंने उसके कपड़े उतार कर उसे भी नंगी कर दिया। फिर मैंने उसकी चूत में पेल दिया लण्ड और कहा मौसी बुर चोदी तू पहले चुदवा ले मैं बाद में चुदवाऊँगी।

आरती ने कहा अब बची मैं। मैं यहाँ अकेली रहती हूँ। मेरे दो ही शौक है पहला अपने कॉलेज की लड़कियां चुदवाना और दूसरा लण्ड से बेपनाह मोहब्बत करना ? मैं सबके लण्ड से प्यार करती हूँ। लण्ड चाहे छोटा हो या बड़ा, मोटा हो या पतला, काला हो या गोरा, सीधा हो या टेढ़ा, देशी हो या विदशी, कटा हो या समूचा, झांट वाला हो या बिना झांट वाला, मैं सभी तरह के लण्ड से प्यार करती हूँ। मैंने जिस दिन कॉलेज ज्वाइन किया था उसी दिन यह ठान लिया था की मैं यहाँ के सभी लड़कों के लण्ड पकड़ूंगी उन्हें अपनी चूत में पेलूँगी और लड़कियों की भी बुर में घुसेड़ूँगी लण्ड। मुझे ग्रुप में चुदाना और चुदवाना दोनों ही बड़ाअच्छा लगता है। आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही है। मैं कई लड़कों के लण्ड पकड़ चुकी हूँ। सबके लण्ड का साइज़ मेरी डायरी में नोट है। आज जो लण्ड हमारे सामने आने वाले हैं वो सब नये हैं। मैंने इन मादर चोदों के लण्ड कभी नहीं पकड़ा और न ही कभी देखा। ये सब तुम लड़कियों के लिए भी नये हैं। इसलिए मज़ा ज्यादा आएगा। इन लड़कों ने भी तुम में से किसी को नंगी आज तक नहीं देखा ? इसलिए इन्हे भी मज़ा आएगा।

आरती ने कहा अरी रोली सब लड़कियां तो मुझे बड़ी तेज लग रहीं है लेकिन तू तो बिलकुल सीधी सादी लग रही है। मुझे लगता है की तुझे बुर चुदाना तो दूर गाली देना भी नहीं आता होगा ? वह बोली कौन कहती है बुर चोदी भोसड़ी वाली मैं उसकी चोदूंगी माँ का भोसड़ा, फाड़ डालूंगी उसकी गांड ? उखाड़ लूंगी उस मादर चोद की झांटें ? बताओ न मुझे वह है कौन माँ की लौड़ी उसकी बहन का लण्ड ? उसकी माँ की चूत, उसकी गांड में घुसेड़ दूँगी हाथ भर का लण्ड , गांडू कहीं की ? आरती बोली हाय दईया तू तो गाली देने में हम सबकी नानी है बहन चोद ? तू तो मेरी गांड मार देगी।

अब तुम सब लोग सबसे पहले मदिरा का सेवन करो। मदिरा पी कर मस्त हो जाओ। लेकिन मदिरा पीने के लिए तुम सबको पहले अपने अपने कपड़े उतार कर फेंकने होंगें। जी हाँ लड़कियां सब हो जायें बिलकुल नंगी और लड़के भी मादर चोद हो जायें नंगे . सब एक दूसरे को नंगी नंगा देख कर शराब पियो तो ज्यादा मज़ा आयेगा। हां पीते समय तुम एक दूसरे के बदन को छू कर ,उन पर हाथ फिरा कर, पकड़ कर ,हिला कर और जैसे चाहें वैसे मज़ा लें लेकिन किसी को कोई चोट न लगे ? आरती की आज्ञा का तुरंत पालन सबने किया। सबने अपने कपड़े खोल कर फेंक दिया और सब लोग हो गए नंगी और नंगा। सबकी निगाहें एक दूसरे के नंगे बदन पर पड़ने लगीं। सब लोग दूसरे को नंगी नंगा देख कर मज़ा लेने लगे। आरती सबसे पहले नंगी हुई फिर मैं और फिर सब लोग। यह एक ऐसा सीन था जो पहले किसी ने कभी देखा न था। इतने सारे लण्ड एक साथ और इतनी सारी बुर एक साथ किसी ने पहले नहीं देखा।

 
कोई लड़कों के लण्ड देख रही थी, कोई लण्ड का सुपाड़ा, कोई पेल्हड़ देख रही थी तो कोई झांटें देखने में लगी थी। कोई लड़कियों की चूंचियां देखने का मज़ा ले रहा था। कोई लड़कियों की गांड का शौक़ीन निकला तो कोई अपने निगाहें चूत पर जमाये हुए था। कोई किसी की सूरत पर टिका हुआ था तो कोई चूतड़ों पर नज़रें गड़ाये हुए थे। सभी मस्ती की गाड़ी पर सवार हो गये। वासना का भूत सब पर चढ़ने लगा। इतने में सबने शराब पीना शुरू कर दिया। शराब के साथ लोग सिगरेट भी पीने लगे। हम चारों लड़कियां सिगरेट धकाधक पीने लगीं। वैसे भी आजकल लड़कों से ज्यादा लड़कियां सिगरेट पीतीं हैं।

दारू जब पेट में गयी तो नशा चढ़ने लगा। लोग थोड़ा थोड़ा झूमने लगे। लड़कों के लण्ड खड़े हो गये तो लड़कियों की चूंचियां तन गयीं। लड़कियों के हाथ लण्ड पकड़ने के लिए बढ़ने लगे और लड़को के हाथ लड़कियों की चूंचियों पर और उनकी चूत पर चलने लगे । एक एक लड़की दो दो लड़को के लण्ड पकड़ने लगी। चूमने लगी और चूसने लगी लण्ड। कुछ लोगों की उंगलियां झांटों पर भी चलने लगीं। लड़कियां शराब में लण्ड डुबो डुबो कर चाटने लगीं। लड़के भी शराब चूत पर गिरा गिरा कर चाटने लगे। चूंचियों पर दारू गिरा कर चाटने का मज़ा लड़के लेने लगे। चारों तरफ मस्ती ही मस्ती छा गयी।

तब तक हम सबकी चूत गरम हो गयी थी। अब हम बड़ी देर तक इंतज़ार नहीं कर सकतीं थीं। मैंने राका का लौड़ा अपनी चूत में पेला और चुदवाने लगी। साथ ही साथ जग्गू का लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी। आरती भोसड़ी की विकी से चुदवाने लगी और डैनी का लण्ड चाटने लगी। उसी के सामने शमा बुर चोदी संजू का लौड़ा तो मुंह में घुसेड़ा और टोनी का लौड़ा अपनी बुर में ? रोली ने असलम का लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत में घुसाया और रज़ा का लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी। इस तरह हम चारों लड़कियों ने दो दो लण्ड का मज़ा लूटने लगी। थोड़ी देर में में चूत वाला लौड़ा मुंह में घुस गया और मुंह वाला लौड़ा चूत में ?

रात भर हम चारों लड़कियां लण्ड अदल कर मस्ती से चुदवातीं रहीं।

 
बेलगाम लण्ड 13

सुनीता ने कहा :- अरे यार ममता तू भी भोसड़ी की यहाँ आ गयी चुदवाने ? यह तो “वाइफ स्वैपिंग” की पार्टी है यार ? यहाँ लोग एक दूसरे की बीवी चोदने आते हैं। और अक्सर वो लोग आतें हैं जो अपनी बीवी चोद चोद कर या तो बोर हो जातें है भोसड़ी वाले या फिर थक जातें हैं ? अब तुम ही बताओ की कोई एक बीवी कब तक चोदता रहेगा ? उसे किसी और की बीवी चोदने का मौक़ा मिले तो मज़ा आये ? इसलिए मरद दूसरों की बीवियां चोदने का मौक़ा ढूंढा करता है। दूसरी तरफ बीवी भी बिचारी रोज़ रोज़ एक ही लण्ड से कब तक चुदवाती रहे। वह भी कई लण्ड का मज़ा लेना चाहती है। इस तरह कुछ लोगों ने मिलकर ‘वाइफ स्वैपिंग’ करना शुरू कर दिया। बीवी अदल बदल कर चोदना शुरू कर दिया। “तुम मेरी बीवी चोदो मैं तेरी बीवी चोदूँ” “मेरी बीवी तेरा लण्ड तेरी बीवी मेरा लण्ड” के तर्ज़ पर काम होने लगा। बीवियां भी इसमें इंटरेस्ट लेने लगीं तो धीरे धीरे दायरा बढ़ता चला गया. बीवियां भी पराये मर्दों से चुदवाने का मज़ा लेने लगी । इसके बाद कई लोगों ने ‘वाइफ स्वैपिंग’ क्लब बना लिया। इस शहर में जाने कितने इस तरह के क्लब बने हुए हैं। और एक दिन में जाने कितने लोग एक दूसरे की बीवियां चोदतें हैं ? अब तू बता की तू भोसड़ी की इतनी जल्दी कैसे इस क्लब में चली आई ? मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है की तू यहाँ पराये मर्दों से चोदवाने आ गयी है, बहन चोद ? तेरी शादी तो अभी एक महीने पहले ही हुई है।

मैंने जबाब दिया :- तो क्या हुआ पराये मर्दों से चुदवाने के लिए क्या कोई समय सीमा बनायीं गयी है ? अरे मैं तो शादी के तुरंत बाद ही आने वाली थी। लेकिन करती क्या मेरा husband ही विदेश चला गया था। किस तरह एक महीना काटा और जब वह वापस आया तो मैं भी यहाँ आने लगी।

वाओ, तू तो बड़ी तेज निकली यार। तूने तो बहुत जल्दी अपने पति को मना लिया ?

अरे उसे भी तो परायी बीवियां चोदने की बड़ी जल्दी थी। तब मैंने कहा चल तू भी चोद ले परायी बीवियों की बुर और मैं भी चोद लूँ पराये मर्दों के लण्ड ?

तो फिर तेरा मियां कहाँ है यार ? मिलवाओ न मुझे उससे ?

जो मुझे चोदे वही मेरा मियां है।

यार क्यों पहेलियाँ बुझा रही है माँ की लौड़ी ? ठीक से बताती क्यों नहीं ?

यार देखो मैं यहाँ सबसे चुदवाने आयीं हूँ। जितने लोग यहाँ हैं मैं सबसे चुदवाने आई हूँ इसलिए ये सब मेरे मियां हैं। तेरा मियां भी भोसड़ी का मेरा मियां है, सुनीता क्योंकि वह भी मुझे चोदेगा।

अब तुम पहले अपने मियां का लण्ड मुझे पकड़ाओ तो मैं अपने मियां का लण्ड तुम्हें पकड़ा दूँ ?

मैंने कहा यार एक बात है। देख हम तुम दोनों दोस्त है और हम कभी भी एक दूसरे के मियां से चुदवा सकतीं हैं। यह क्लब तो शनिवार और इतवार को ही खुलता है। आज इतवार है। आज हम लोग यहाँ के लोगों से चुदवा लें तो बेहतर होगा। कल मैं तेरे घर आऊँगी तेरे मियां से चुदवाने ?

तो फिर अपने मियां को भी साथ लाना भोसड़ी की ममता क्योंकि मैं उससे चुदवाऊँगी।

मैंने कहा यार सुनीता देखो न मेरे कितने सारे मियां भोसड़ी के यहाँ अपना अपना लौड़ा खड़ा किये घूम रहें हैं। मैं इन सबसे चुदवाऊँगी। तुम भी इन सबसे चुदवाओ। कल तेरे घर में भी होगी चोदा चोदी। तब तक मेरी नज़र एक मस्त काले लण्ड पर पड़ी. बस मैं उसी तरफ नंगी नंगी चल पड़ी। मुझे काले लण्ड बहुत खूबसूरत लगतें हैं। बहुत दिन हो गये काला लण्ड चूसे हुए ? कॉलेज के दिनों में एक काले लड़के का काला चूसा था। वह मेरी ही क्लास में पढता था।मैं लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मेरे बगल में सुनीता भी एक मोटा लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी। फिर हम दोनों एक दूसरे के सामने लण्ड चूसने लगी. मेरा मियां मादर चोद दूसरे कोने में किसी की बीवी चोद रहा था। मैं उसे देख कर और उत्तेजित हो गयी. मैंने फिर अपनी चूत फैलाकर काला लण्ड घुसेड़ लिया। मैं भी अपनी गांड उठा उठा कर एक रंडी की तरह भकाभक चुदवाने लगी।

मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं दूसरी बीवियों की चुदाई भी देख रही थी। मेरा यह पहला मौक़ा था जब मैं इतनी बीवियों के साथ सामूहिक चुदाई करवा रही थी। मेरी नज़र बहन चोद सबके लण्ड पर टिकी थी। मैंने देखा की किसी का लण्ड चूत में घुसा है, किसी का लण्ड किसी की बीवी के मुंह में ? कोई चूंची चोद रहा है, कोई किसी की बीवी की गांड मार रहा है। कोई किसी की बीवी की बुर चोद रहा है। कोई किसी के मरद का लण्ड हिला हिला कर चाट रही है। कोई किसी का लण्ड पी रही है। कोई लण्ड का मुठ्ठ मार रही है। कोई पेल्हड़ चाट रही है। कोई दो दो लण्ड चूस रही है तो कोई एक लण्ड दो दो बीवियां बारी बारी से मिलकर चूस रही हैं। कोई झांटों पर उंगलियां फिरा रही है तो कोई मर्दों के चूतड़ सहला रही है.

लोग बड़ी सेक्सी बातें भी कर रहें हैं और प्यारी प्यारी गालियां भी दी रहीं हैं। सब लोग सारी दुनियां छोड़ कर चोदा चोदी में मशगूल हैं। कुछ बातें आप भी सुनिए :-

 
हाय मेरे राजा, तुम तो मेरे मियां से बढ़िया चोद रहे हो यार — तेरा लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है यार — खूब भकाभक चोदो मुझे — तेरा सुपाड़ा बड़ा सेक्सी है यार — ये तेरी बीवी की बुर है इसे खूब हचक के चोदो — मेरी बीवी की बुर चोदो यार — भोसड़ी के पूरा पेल दो लण्ड — भाभी पहले तेरी चूंचियां चोदूंगा — तेरी गांड मारने बड़ा मज़ा आ रहा है — तेरी बहन की चूत साले तू तो बड़ा चोदू है — हाय दईया, तू तो मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा — वाओ, इतना बड़ा लौड़ा घुसेड़ोगे मेरी चूत में — तेरी बुर बड़ी टाईट है बहन चोद — तेरी बिटिया की बुर साले गाड़ उठा उठा के चोदो मुझे — तू लण्ड बहुत बढ़िया चूसती है — मेरा मियां तेरी बीवी चोद रहा है — मेरे लण्ड का मुठ्ठ मार दो भाभी — तू पिछले हफ्ते क्यों नहीं आया मैं तेरे लण्ड का इंतज़ार कर रही थी — यार दोनों लण्ड एक साथ पेल दो मेरी चूत में — तेरी बीवी कहीं और चुदा रही है — तू मुझे धकाधक चोद — भोसड़ी के कभी मेरे घर भी आया करो मुझे चोदने — तेरी बिना झांट की चूत बड़ी सेक्सी है, भाभी — मुझे पराये मर्दों के लण्ड बहुत अच्छे लगतें हैं — हाय रे, एक लण्ड मेरी गांड में ठोंक दो — तेरी बीवी भी इसी तरह चुदवाती है — मेरी सहेली की भी बुर चोदो यार — मैं तो हमेशा गैर मर्दों से चुदवाती हूँ — मुंह में लो न मेरा लण्ड — मेरे मियां का लण्ड पेलो अपनी बुर में — तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा — तेरी चूत बड़ी मक्खन जैसी है ,,,,,,,,,,,,,,?

इतने में मेरी निगाह रूपाांति पर पड़ी. वह भी बुर चोदी नंगी थी और मैं भी नंगी । मैंने कहा हाय आंटी तुम यहाँ भी आती हो चुदवाने। वह बोली हाय ममता देख भोसड़ी की जब किसी औरत को पराये मरद से चुदवाने की आदत पड़ जाती है तो फिर वह ज़िन्दगी भर पराये मर्दों से ही चुदवाती है कोई माने चाहे न मारे ? मैंने कहा वाओ, तो फिर याहन अंकल भी होंगें आंटी। वह बोली हां बिलकुल हैं कहीं किसी की बीवी चोद रहा होगा। मैंने कहा मैं भी चुदवाऊँगी अंकल से आज ही इसी हाल में ? वह बोली हां जरूर चुदवाओ कहो तो मैं बुला दूँ उसे ? मैंने कह नहीं नहीं आंटी मैं उसे ढूंढ लूंगी। मैं उसे पहचानती हूँ और आज उसका लण्ड भी पहचान जाऊँगी।

तब तक आंटी बोलीं अरी ममता सुन मेरी बेटी दिव्या भी यहीं है भोसड़ी वाली। उसे भी मेरी तरह गैर मर्दों से चुदवाने की आदत है । वह भी कही चुदवा रही होगी, माँ की लौड़ी ? मैंने कहा तो फिर उसका पति भी होगा न आंटी ? वह बोली हां बिलकुल है वह तो परायी बीवियां चोदने का बड़ा शौक़ीन है ममता। मैंने कहा हाय दईया तब तो मैं उससे भी चुदवाऊँगी ? खूब मज़ा लूंगी। आंटी ने कहा हां बिलकुल चुदवाओ यार, उसका लौड़ा बड़ा मोटा है और शानदार है ? मैंने कहा वाओ, आंटी तो क्या तुम उससे चुदवाती हो ? वह बोली और नहीं तो क्या ? मेरी बेटी ने एक दिन उसका लण्ड मुझे पकड़ा दिया था। और फिर कहा आज मैं अपनी माँ चुदवाऊँगी। फिर मैं भी बुरी तरह खुल गयी उससे ? मैं भी लण्ड पेलती हूँ उसकी चूत में ? बड़ा मज़ा आता है।

मैंने कहा द्देखो आंटी अब तो तेरा मियां मेरा मियां है और तेरी बेटी का मियां भी मेरा मियां है ? मैं इन दोनों मादर चोदों से चुदवाऊँगी। हां मैं तेरी बेटी को पहचानती हूँ पर उसके पति को नहीं। कहाँ है आंटी उसका लौड़ा ? इतने में मैं थोड़ा आगे बढ़ गयी तो मेरे सामने उसकी बेटी दिव्या आ गयी। मैंने जब उसे नंगी देखा तो कहा वाओ, कितनी खूबसूरत है तू दिव्या ? तू तो बड़ी मस्त जवान हो गयी है। वह बोली हां दीदी पर तुम भी कम नहीं हो ? मैंने कहा यार तेरी चूचियाँ तो बहुत बड़ी बड़ी हो गयीं है ? वह बोली अरे यार जब से पराये मर्दों से चुदवाने लगी हूँ और जबसे मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाने लगी हूँ तबसे मेरी बुर चोदी चूंचियां दुगुनी तिगुनी हो गयीं है। मैंने कहा यार दिव्या तू बहुत सुन्दर है और सुन्दर हैं ये तेरी चूंचियां ? मैं अगर लड़का होती तो तेरी चूंचियों में लौड़ा पहले पेलती बाद में चूत में ?

 
वह बोली अरे दीदी यही तो हो रहा है यहां, बहन चोद ? जो भी मेरे सामने आता है वह सबसे पहले लौड़ा मेरी चूंचियों में पेल देता है और बाद में मेरी बुर चोदता है। मैंने कहा बता दिव्या तेरा भोसड़ी का मरद कहाँ है ? उसने बताया देखो वो उस कोने में एक सांवली बीवी की बुर चोद रहा है वही है मेरा मरद अंकित ? मैंने कहा अब मैं जा रही हूँ उसे अपना मियां बनाने ? दिव्या बोली दीदी क्या मतलब ? मैंने कहा देख भोसड़ी की दिव्या मेरा कहना है की जो मुझे चोदे वही मेरा मियां है। अब तेरा मियां मुझे चोदेगा तो वह मेरा मियां बन जायेगा ? वह बोली तो सुन ममता बुर चोदी मैं भी जा रही हूँ तेरे मियां को अपना मियां बनाने ? मैं भी उसका लौड़ा पेलूँगी अपनी चूत में ? बस फिर क्या वह मेरे मियां से चुदवाने लगी और मैं उसके मियां से ?

दिव्या मेरे मियां को जानती है। वह उसक पास गयी और बोली हाय जीजा लाओ अब मुझे पकड़ाओ अपना लौड़ा ? मैंने देखा वह मेरे पति का लण्ड बड़े प्यार से हिलाने लगी और चूमने लगी। मैंने भी देर नहीं की और उसके पति पहुँच गयी। मैंने लण्ड उस सांवली बीवी से छीन लिया और उसे घुमा घुमा कर देखने लगी। मुझे लगा की वाकई हर पराये मरद का लण्ड बहुत अच्छा लगता है। मैं लण्ड चूसने लगी और वह मेरी चूंची दबाने लगा। तब तक मेरे मियां की बुर चोदना शुरू कर दिया। वह भी मस्ती से चुदवाये जा रही थी। फिर मैंने अंकित का लौड़ा अपनी बुर में पेला और धकाधक चुदवाने लगी। मेरे अगल बगल कई बीवियां चुदवाने में जुटी थी। ऐसा लग रहा था की जैसे की बुर चोदने और चुदाने की कोई बाज़ार लगी है।

तब तक मैंने सुनीता को द्देख लिया। वह बुर चोदी किसी से भकाभक चुदवाये जा रही थी। मेरे देखते देखते वह आदमी सुनीता की चूत पर झड़ गया। सुनीता ने उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटा और फिर बाथ रूम चली गयी। वहां से लौटी तो वह मेरे सामने आ गयी। मैंने पूंछा हाय राम, कितने लोगों से चुदवा चुकी है तू सुनीता ? उसने जबाब दिया यार मैंने अभी अभी अपने पति के दो दोस्तों से चुदवाया है। बड़ा मज़ा आया क्योंकि दोनों के लण्ड मादर चोद बड़े मोटे तगड़े हैं। तू बता ममता तेरी चुदाई कैसी कल रही है। मैंने कहा यार मैं भी दनादन चुदवा रही हूँ। देखो न ये मेरे हाथ में लौड़ा कैसे टन टना रहा है। अभी इसी को पेल कर अपनी बुर चुदवाऊँगी ? उसने कहा जानती हो यह किसका लौड़ा है ममता ? मैंने कहा हां जानती हूँ ? किसी के मियां का ही लौड़ा है न भोसड़ी की सुनीता ? अब मैं इसे अपना मियां बना कर इससे चुदवाने जा रही हूँ।

वह मुस्कराने लगी। मैंने कहा यार तू मेरा मजाक उड़ा रही है ? वह बोली मैं तेरा मजाक नहीं उड़ा रही हूँ मैं तो बता रही हूँ की तू जिससे चुदवाने जा रही है वह मेरा मियां है यार ? उसी का लण्ड तू मुझे दिखा रही है। मैं तो चाहती हूँ की तू मेरा मियां से मेरे सामने चुदवा भोसड़ी की ममता ? मैंने कहा वाओ, तो अभी क्या अपनी माँ चुदा रही थी तू ? पहले ही क्यों नहीं बताया की यह तेरे मियां का लौड़ा है ? अब तो मैं वाकई तेरे आगे ही इसका लण्ड अपनी बुर में पेलूंगी। फिर कुछ ऐसा संयोग बना की हम दोनों एक दूसरे के सामने एक दूसरे के पति से वाकई चुदवाने लगीं। वह भी खुश और मैं भी खुश ? वाइफ स्वैपिंग का असली मज़ा आने लगा मुझे।

इस चुदाई के बाद मैं इधर उधर हाल में घूमने लगी। तब तक किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया। मैंने पीछे मुड़ी तो कहा wow तू रोहित यहाँ ? तो भोसड़ी का यहाँ अपनी बीवी चुदा रहा है ? तेरी शादी हो गयी ? वह भी नंगा था और मैं भी। उसका लण्ड खड़ा था और मेरी चूंचियां तनी थीं। मुझे उसे नंगा देखने में मज़ा आ रहा था। मैंने उसका लण्ड पाकड़ लिया और कहा यार मैंने इसे कभी कॉलेज में नहीं पकड़ा ? लेकिन आज मुझे तेरा लण्ड पकड़ कर बड़ा मज़ा आ रहा है।

अब तू बता की तू बहन चोद यहाँ कैसे आ गया ?

उसने कहा :- एक दिन मेरी बीवी मेरा लण्ड हिलाते हुए बोली मैं आपको एक राज़ की बात बताना चाहती हूँ की आजकल हर बीवी किसी दूसरे मरद से चुदवाना चाहती है और जैस मैंने सुना है की आजकल हर मरद भी दूसरे की बीवी चोदना चाहता है। तो फिर अड़चन किस बात की है ? मैं तो कहती हूँ की तुम खूब मजे से चोदो अपने दोस्तों की बीवियां ? मैं तो बिलकुल मना नहीं करती बल्कि मैं चाहती हूँ की तुम अपने दोस्तों की बीवियां मेरे सामने ही चोदो ? मैं तो यह जानना चाहती हूँ की लोगों की बीवियां किस तरह से अपनी बुर चुदवाती हैं ? अगर वे मुझसे ज्यादा अच्छी तरह से अपनी बुर चुदवातीं है तो मुझे उनसे सीखने का मौका मिलेगा ? और अगर मैं उनसे ज्यादा अच्छी तरह से अपनी बुर चुदवाती हूँ तो उन्हें मुझसे सीखने का मौक़ा मिलेगा ? इसमें हम दोनों का ही फायदा है ? तो फिर ऐसा क्यों न किया जाये ? क्यों न एक दूसरे के पति से चुदवाया जाए ?

मैं अपनी बीवी के इस तर्क से सहमत हो गया। मैंने भी कहा हां यार तुम बिलकुल सही कह रही हो मेरीजान ? मैं भी देखूँगा की लोग दूसरों की बीवी किस तरह चोदतें है ? अगर वे मुझसे ज्यादा अच्छी तरह से बुर चोद लेते हैं तो मैं उनसे सीख लूंगा और अगर मैं उनसे ज्यादा अच्छी तरह से बुर चोद लेता हूँ तो वे मुझसे सीख लेगें ? अब तुम बताओ मेरी जाने मन की इस लाईन पर कैसे आगे बढ़ा जाये ? तब उसने जाने कहाँ से इस क्लब का नाम ढूंढ लिया और फिर हम लोग अयाहन चले आये। अब मैं तुझे अपनी बीवी से मिलवाता हूँ। उसने इशारा किया और अपनी बीवी को बुल लिया। वह बोला यह है मेरी बीवी माया ? और अपनी बीवी से कहा यह है ममता मेरी कॉलेज की दोस्त ?

फिर मैने भी अपने पति अगम को बुला लिया और उन दोनों से मिलवाया। मजे की बात यह थी हम चारों नंगे थे। इतने में उसकी बीवी ने मेरे पति का लण्ड पकड़ लिया तो मैंने रोहित का लण्ड पकड़ लिया। फिर हम दोनों ने एक दूसरे के पति से खूब झमाझम चुदवाया।

दो दिन बाद मैं अपने पति के साथ रूपा आंटी के घर चली गयी। वहां सजल अंकल से मिली। फिर रात हम दोनों ने एक दूसरे के husband से चुदवाया। मुझे अंकल से चुदवाकर बड़ा मज़ा आया।

इस तरह पति अदल बदल कर चुदवाने का मज़ा आज भी मैं बड़े प्यार से लेती हूँ।

 
बेलगाम लण्ड-14

माशा अल्ला बड़ा मोटा हो गया है तेरा लण्ड ? देखो न कितना खूबसूरत लग रहा है मादर चोद ? लण्ड तो बिलकुल तोप जैसा है और सुपाड़ा बिलकुल तोप का गोला जैसा ? जिसकी चूत में घुसेगा तेरा लण्ड अब्बू उसकी तो माँ पहले ही चुद जाएगी भोसड़ी वाली की ? सलमा के अब्बू के लण्ड से भी ज्यादा मोटा है तेरा लण्ड अब्बू। अब जब मैं यह बात सलमा को बताऊँगी तो उसकी चूत में आग लग जाएगी, बहन चोद ? लेकिन दूसरी तरफ उसकी गांड भी जलने लगेगी ? वह तो अभी इसी गुमान में इतराती हुई घूमती है की मेरे अब्बू के जैसा मोटा लण्ड न तो मेरे कुनबे में किसी भोसड़ी वाले का है और न ही मोहल्ले में किसी का ? अब तो उसकी गांड फट जाएगी जब मैं तेरा लण्ड उसे पकड़ाऊँगी। ऐसा कह कर मैं लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी।

अब्बू ने पूंछा :- माहिरा, तुम्हे कैसे मालूम है की सलमा के अब्बू का लण्ड कितना बड़ा है ?

मैंने कहा :- मुझे फरीदा आंटी ने बताया है। उसने सलमा के अब्बू का लण्ड का एक एक इंच नापा है और अपनी डायरी में नोट कर रखा है। वह सबके लण्ड का साइज़ लिख कर रखती है। लण्ड के सुपाड़े का भी साइज़ नाप लेती है वह ? यह उसका शौक है।

अब्बू बोला :- तो क्या तुझे सलमा ने नहीं बताया मेरे लण्ड के बारे में अभी तक ?

मैंने कहा :- तो क्या सलमा तेरा लण्ड चूसती है भोसड़ी वाली ?

अब्बू बोला :- नहीं वह तो नहीं चूसती लेकिन उसकी अम्मी तो बहुत चूसती है मेरा लण्ड ?

मैंने कहा :- हाय रब्बा, तो फिर उसकी अम्मी अपना भोसड़ा भी चुदवाती होगी ?

अब्बू बोला :- हा बिलकुल चुदवाती है और खूब मजे से चुदवाती है।

मैंने कहा :- और किस किस को चोदते हो तुम अब्बू ? मेरी खाला को भी चोदते हो क्या अब्बू ? और मेरी भाभी को भी ,,,,,,,,,,,,,,,,?

अब्बू बोला :- हां हां तेरी भाभी भी चुदवाती है मुझसे और तेरी खाला भी चुदवाती है। उसकी बेटी भी चुदवाती है। खाला की जेठानी और देवरानी भी चुदवातीं हैं मुझसे ?

मैंने कहा :- खाला की बिटिया की बुर ? उसने भी नहीं बताया अभी तक की मैं तेरे अब्बू से चुदवाती हूँ ? उसकी माँ का भोसड़ा अब मैं मारूंगी उसकी गांड ?

मैंने उसके लण्ड पर प्यार से एक थप्पड़ मारा और कहा :- भोसड़ी के लण्ड राजा तू बड़ा हरामी हो गया है ? तू किस किस की बुर चोदता है बहन चोद ? किस किस की माँ चोदता है तू ? किसी किस की बीवी, बहन और बेटी चोदता है तू ? किस किस की बुर में घुस जाता है तू ? हाय दईया कितना मस्त लौड़ा है यार ? मैंने भी फिर खूब मस्ती से ,,,,,,,,,,,,,,,?

मैं माहिरा खान हूँ दोस्तों, मेरी उम्र २८ साल की है मेरी शादी ३ साल पहले हो चुकी है । आज बहुत दिनों के बाद मैं अब्बू का लण्ड चूस रही हूँ। मुझे वाकई महसूस हो रहा है की अब्बू का लण्ड इधर कुछ ज्यादा मोटा हो गया है। मुझे मोटा लण्ड बेहद पसंद है । मुझे क्या यार मोटा लण्ड तो हर बीवी को, हर लड़की को और हर औरत को पसंद है ? जानते हो क्यों ? क्योंकि मोटा लण्ड चूत में चारों तरफ चिपक कर घुसता है। चूत को मालूम हो जाता है की लण्ड घुस रहा है और वही मजेदार होता है। वरना अगर कोई लण्ड चूत में घुसे और मालूम भी न पड़े तो फिर क्या मज़ा ? ऐसे लण्ड से चुदवाने का क्या मज़ा ? ऐसे लण्ड की माँ का भोसड़ा ? मैं ऐसे लण्ड बिलकुल पसंद नहीं करती ?

अब आप सोंच रहीं होंगीं या सोंच रहे होंगें की मैंने अब्बू का लण्ड पकड़ कैसे लिया ? चुदवाने कैसे लगी मैं अब्बू से ? तो मैं आपको सच सच बता रही हूँ की मैंने एक दिन धोखे से पकड़ लिया था अब्बू का लण्ड ? और जब पकड़ लिया तो मुझे बहुत मज़ा आया क्योंकि लौड़ा बड़ा मस्त और मोटा था। उसका सुपाड़ा बिलकुल लाल टमाटर जैसा था। मैं बेशरम हो गयी और बस उसी दिन से मैं खुले आम पकड़ने लगी अब्बू का लण्ड ?

हुआ यह था की मैं एक दिन अपने मामू जान के कमरे में घुस गयी थी। मेरा मामू अनीस अहमद मुझसे सिर्फ ३ साल बड़ा है। मैं उसका लण्ड पकड़ती थी। अब उसका लण्ड कब और कैसे पकड़ लिया इसकी भी एक कहानी है। वह मैं आपको बाद में बताऊँगी। पहले आप सुनो की मैंने अब्बू का लण्ड कब और कैसे पकड़ा ? मुझे अनीस का लण्ड बहुत अच्छा लगता था । मैं उसका लण्ड हिलाती थी, चाटती थी और कभी कभी मुठ्ठ मार पीती थी लण्ड ? धीरे धीरे मैं अपनी चूत में घुसाने लगी उसका लण्ड ? मैं अपने मामू जान से चुदवाने लगी। वह भी मुझे बड़े प्यार से चोदने लगा। मेरी चूंचियां मसलने लगा। उसके ६ महीने के बाद ही मेरी चूंचियां बुर चोदी दूनी हो गयीं थीं। मेरे चूतड़ उभर आये और मेरी गांड मोटी हो गयी। मुझे लण्ड चूसने में और चुदवाने में मज़ा आने लगा। मैंने फिर मुड़ कर नहीं देखा ? आगे ही आगे बढती गयी। मैं धीरे धीरे बेशरम भी होती गयी।

 
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