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Guest
एक दिन रात में मैंने देखा की मामू जान के कमरे की लाईट बिलकुल बंद है लेकिन बाहर बाथ रूम की लाईट धीमी धीमी जल रही है। उसी बहुत हलकी सी लाईट कमरे में जा रही है। उस लाईट में किसी का चेहरा भी ठीक से दिखाई नहीं देता था। मैं बिना किसी संकोच के कमरे में घुस गयी यह जान कर की मामू भोसड़ी का अपनी बीवी चोद रहा होगा ? मैं चाहती थी की मामी भी यह जान जाएँ की मैं मामू से चुदवाती हूँ। मैं अपने दोस्तों के लण्ड मामी की बुर में पेलना चाहती थी। मैं कमरे में घुसी तो देखा की एक आदमी मामी की बुर चोदने में लगा हुआ है। मैं थोड़ी देर तक छिप कर खड़ी रही फिर मामी जब घूमी तो लौड़ा उसकी चूत से बाहर आ गया। मामी ने उसे पोंछा और हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी। बस उसी समय आगे बढ़ी और लौड़ा उसके हाथ से छीन लिया ? मैंने कहा भोसड़ी की मामी जान बुर चोदी मुझे भी अपने मियां का लौड़ा पकड़ाओ न ? मेरी भी चूत में पेलो अपने मियां का लण्ड ? तब मामी बोली हाय अल्ला, माहिरा यह मेरा मियां का लण्ड नहीं है यार ? देखो तो कौन है, बहन चोद ? किसका लण्ड तूने पकड़ लिया भोसड़ी वाली ? इतने में मामी ने एक हलकी सी लाईट जला दी। मैं यह देख कर दंग रह गयी की वह मेरा अब्बू था। मेरे मुंह से निकला वाओ, अब्बू, तुम मामी जान की बुर चोद रहे हो ? तुम मामू जान की बीवी चोद रहे हो ? लण्ड मेरे हाथ में ही था।
वह बोला :- नहीं माहिरा, तेरी मामी जान ने ही मेरा लण्ड पकड़ लिया तो फिर मैं क्या करता ? वो तो खुद मुझसे चुदवाने लगी।
मैंने कहा :- लण्ड तो मैंने भी तेरा पकड़ लिया अब्बू जान तो अब क्या करोगे तुम ? क्या तुम मुझे भी ,,,,,,,,,,?
अब्बू मुस्कराकर बोला :- वही करूंगा जो मैंने तेरी मामी जान के साथ किया है माहिरा ? मैं तो यह सुनकर दंग रह गयी। लेकिन न मैं लौड़ा छोड़ रही थी और न अब्बू लौड़ा छुड़ा रहा था।
मैंने कहा :- देखो, अब्बू मैं तो बड़ी बेशरम हो गयी हूँ।
अब्बू बोला :- देख माहिरा बेशरम तो मैं पहले से ही हूँ।
तब तक मामी जान बोली :- भोसड़ी की माहिरा अब तुझे रुकने की कोई जरुरत नहीं है। एक बात नोट कर ले माँ की लौड़ी हरामजादी माहिरा ? अब जब तूने लौड़ा हाथ में ले ही लिया है तो इसे अपनी चूत में घुसा ले और चुदवा ले अपनी बुर ?
मैंने कहा :- तो क्या मैं अब्बू से चुदवा लूँ मामी जान ?
वह बोली :- देख माहिरा, मुझे तेरी अम्मी ने ही बताया है की जब चूत में आग लगी हो बहन चोद, तो फिर नाता रिस्ता नहीं देखा जाता बस चूत की आग लण्ड से बुझाई जाती है। जैसे मोहल्ले में किसी के घर में आग लगी हो तो फिर सब लोग अपना अपना पानी डाल कर आग बुझातें हैं पहले ? उस समय यह नहीं देखा जाता की घर किसका है और पानी किसका है ?
ऐसा कह कर मामी मेरे कपडे उतारने लगीं। उधर मैं लण्ड चूसने लगी। , मम्मी ने मेरी चूत में ऊँगली घुसेड़ दी। वह बोली हाय दईया तेरी चूत तो पहले से ही तैयार है माहिरा। फिर मामी ने ही लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और मैं चुदवाने लगी। मैं भूल गयी नाता और रिस्ता। मैंने बस उसी दिन से केवल लण्ड का रिस्ता निभाने लगी। मेरे मन में आया की मेरी खाला की बेटी बुर चोदी इसी लण्ड से चुदवा चुकी है। अब मैं पहले उसकी गांड मारूंगी और फिर चोदूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? इसी तरह मैंने सलमा से भी निपटने का मन बना लिया। मैं सबसे पहले अब्बू का लण्ड सलमा के मुंह में पेलूँगी तब पूँछूँगी बता भोसड़ी की किसका ज्यादा मोटा है लण्ड ? मेरे अब्बू का की तेरे अब्बू का ?
दोस्तों, यह तो हो गयी बात की मैंने कैसे पकड़ा अपने अब्बू का लण्ड ?
वह बोला :- नहीं माहिरा, तेरी मामी जान ने ही मेरा लण्ड पकड़ लिया तो फिर मैं क्या करता ? वो तो खुद मुझसे चुदवाने लगी।
मैंने कहा :- लण्ड तो मैंने भी तेरा पकड़ लिया अब्बू जान तो अब क्या करोगे तुम ? क्या तुम मुझे भी ,,,,,,,,,,?
अब्बू मुस्कराकर बोला :- वही करूंगा जो मैंने तेरी मामी जान के साथ किया है माहिरा ? मैं तो यह सुनकर दंग रह गयी। लेकिन न मैं लौड़ा छोड़ रही थी और न अब्बू लौड़ा छुड़ा रहा था।
मैंने कहा :- देखो, अब्बू मैं तो बड़ी बेशरम हो गयी हूँ।
अब्बू बोला :- देख माहिरा बेशरम तो मैं पहले से ही हूँ।
तब तक मामी जान बोली :- भोसड़ी की माहिरा अब तुझे रुकने की कोई जरुरत नहीं है। एक बात नोट कर ले माँ की लौड़ी हरामजादी माहिरा ? अब जब तूने लौड़ा हाथ में ले ही लिया है तो इसे अपनी चूत में घुसा ले और चुदवा ले अपनी बुर ?
मैंने कहा :- तो क्या मैं अब्बू से चुदवा लूँ मामी जान ?
वह बोली :- देख माहिरा, मुझे तेरी अम्मी ने ही बताया है की जब चूत में आग लगी हो बहन चोद, तो फिर नाता रिस्ता नहीं देखा जाता बस चूत की आग लण्ड से बुझाई जाती है। जैसे मोहल्ले में किसी के घर में आग लगी हो तो फिर सब लोग अपना अपना पानी डाल कर आग बुझातें हैं पहले ? उस समय यह नहीं देखा जाता की घर किसका है और पानी किसका है ?
ऐसा कह कर मामी मेरे कपडे उतारने लगीं। उधर मैं लण्ड चूसने लगी। , मम्मी ने मेरी चूत में ऊँगली घुसेड़ दी। वह बोली हाय दईया तेरी चूत तो पहले से ही तैयार है माहिरा। फिर मामी ने ही लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और मैं चुदवाने लगी। मैं भूल गयी नाता और रिस्ता। मैंने बस उसी दिन से केवल लण्ड का रिस्ता निभाने लगी। मेरे मन में आया की मेरी खाला की बेटी बुर चोदी इसी लण्ड से चुदवा चुकी है। अब मैं पहले उसकी गांड मारूंगी और फिर चोदूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? इसी तरह मैंने सलमा से भी निपटने का मन बना लिया। मैं सबसे पहले अब्बू का लण्ड सलमा के मुंह में पेलूँगी तब पूँछूँगी बता भोसड़ी की किसका ज्यादा मोटा है लण्ड ? मेरे अब्बू का की तेरे अब्बू का ?
दोस्तों, यह तो हो गयी बात की मैंने कैसे पकड़ा अपने अब्बू का लण्ड ?