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मैं और मेरा परिवार

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494

मैं रुकसाना के उपर गिर गया.

पर ये रज़िया अभी तक बाथरूम से बाहर क्यू नही आई.

नाम लेते ही रज़िया बाथरूम से बाहर आ गयी.

रज़िया इतनी फ्रेश दिख रही थी कि कोई कह नही सकता था कि उसकी थोड़ी देर पहले चुदाई हुई है.

1 घंटे से बाथरूम मे थी पता नही ऐसा क्या किया जो इतनी फ्रेश दिख रही है.

मैं ने रुकसाना की चूत से लंड बाहर निकाला और रुकसाना के बाजू मे लेट गया.

रज़िया-तुम दोनो का हो गया.

अवी-हां, तुम इतनी देर बाथरूम क्या कर रही थी.

रुकसाना-मेरी मदद करने भी नही आई. पता है कितना दर्द हुआ था.

रज़िया-तू भी तो नही आई थी मेरे वक्त

रुकसाना-मुझे सज़ा मिली थी सिर्फ़ देखने की

रज़िया-हाँ. मैं भूल गयी थी.

अवी-ये बता बाथरूम मे क्या कर रही थी

रज़िया-तुम भूल गये

अवी-क्या?

रज़िया-तुम ने कहा था कि ,हम ने कहा था कि रात भर सोने नही देंगे. रुकसाना के बाद फिर से मेरा नंबर आएगा और मुझे दर्द हो रहा था जिस की वजह से मैने देर तक गरम पानी से सिकाई की

अवी-रात भर सोने नही देंगे वो तो ऐसे ही कहा था.

रुकसाना-पगली है तू, पहली चुदाई के बाद एक 2 दिन रुकना पड़ता है.

अवी-और हाँ मुझे सोना ज़रूरी है,सुबह उठ कर पूजा करनी होती है

रुकसाना-पगली कही की

रज़िया-मेरी मेहनत बर्बाद हो गयी.

अवी-बर्बाद नही हुई. ज़्यादा देर गरम पानी से सिकाई करने से कल तुम्हें ज़्यादा दर्द नही होगा.

रुकसाना-चल मुझे मदद कर

रज़िया-हाँ चल

अवी-रूको

रुकसाना-क्या हुआ

अवी-तुम ने चुदाई करते हुए कहा था कि तुम सिर्फ़ 10 दिन के लिए मेले मे आए हो

रुकसाना-हाँ,

रज़िया- हमारे पास सिर्फ़ 10 दिन है मज़ा करने के लिए

अवी-(10 दिन मे तो इनकी चुदाई हो जाएगी. और 10 दिन के बाद दूसरो की चुदाई कर सकता हू)

रुकसाना-10 दिन पूरा मज़ा करेंगे,क्यू रज़िया

रज़िया-हाँ

अवी-(कल तो रणजीतसिंघ भी किसी को भेज ने वाला है चुदाई करने के लिए) 10 दिन नही सिर्फ़ 5 दिन

रुकसाना-5 दिन

रज़िया-सिर्फ़ 5 दिन क्यू

अवी-क्यू कि तुम्हें आराम करने के लिए कुछ समय चाहिए कि नही

रज़िया-हाँ, हमे आराम तो करना पड़ेगा.

अवी-और रोज रोज बाहर रहोगी तो तुम्हारी फॅमिली को पता चल जाएगा.

रुकसाना-ये भी सही

रज़िया-फिर मज़ा कैसे करेंगे

अवी-देखो कल तुम आराम करो फिर उसके बाद आ जाना. 1 दिन का आराम फिर चुदाई

रुकसाना-ऐसा करने से तो चुदाई के समय हम पूरे जोश मे रहेंगे

रज़िया-हाँ, तो हमे परसो आना होगा.

अवी-(दोनो को एक साथ लिया तो मेरी नींद पूरी कैसे होगी)हमे नही. तुम दोनो मे से कोई एक आना

रुकसाना-एक

रज़िया-एक क्यू?

अवी-मुझे भी तो आराम चाहिए

रुकसाना-ये भी सही है.

रज़िया-तो एक दिन रुकसाना और उसके दूसरे दिन मैं

अवी-नही, एक दिन रुकसाना उसके दूसरे दिन आराम फिर नेक्स्ट दिन रज़िया फिर एक दिन आराम उसके बाद रुकसाना

रुकसाना-अगर मैं ने जिस दिन किया उसके नेक्स्ट दिन तो सिर्फ़ मुझे आराम करना पड़ेगा. रज़िया तो ठीक रहेगी.

रज़िया-हाँ मुझे आराम क्यू चाहिए

अवी-क्यू कि तुम मेला भी देखो नही तो मेले मे आने का फ़ायदा क्या और हाँ फॅमिली के साथ मेला देखने से तुम्हारी फॅमिली को ज़्यादा शक नही होगा.क्यू कि रात मे गायब रहना और दिन भर आराम करना शक हो सकता है

रुकसाना-ये भी सही है

रज़िया-तो हमारे पास 5 दिन है. जिस मे हम मज़ा करेंगे

अवी-हाँ

रुकसाना-ये सब तो हो गया. रज़िया चलो ना बाथरूम मे

रज़िया-हाँ चलो

अवी-रज़िया

रज़िया-हाँ

अवी-मैं सो रहा हू क्या तुम मेरे सोने के बाद लंड को साफ कर दोगि

रज़िया-कर दूँगी. तुम सो जाओ

रुकसाना और रज़िया बाथरूम मे चली गयी और मैं सो गया.

मेरे सोने के बाद रज़िया ने लंड को साफ किया. और रुकसाना के साथ नंगी मेरे साथ सो गयी.

पहला दिन मेले का बहुत लंबा था. बहुत कुछ हुआ.

रुकसाना और रज़िया की चुदाई, शीला से बातें, शोभा से हल्की मुलाकात, सविता 50 50 चान्स, ठकुराइन का गुस्सा,फॅमिली का प्यार

 


495

2न्ड डे

सुबह 5.30 बजे मेरी नींद खुल गयी.

अलार्म तो 5.00 बजे का लगाया था.

ये क्या हो गया. मैं तो गया काम से

पर ये अलार्म क्यू नही बजा.मैं ने रेकॉर्डिंग करने पे मोबाइल छुपा दिया था.

मैं ने मोबाइल देखा. इसकी बॅटरी तो ख़तम हो गयी. 2 घंटे की चुदाई रेकॉर्डिंग करेगा तो ये बंद तो होगा ही.

पता नही कितनी रेकॉर्डिंग हुई.

ये सब छोड़ पहले तय्यार हो जाता हू. मैं ने मोबाइल को चार्ज करने पर लगा दिया और बाथरूम मे जाकर 5 मिनिट मे फ्रेश हो गया.

मोबाइल की चार्जिंग शुरू होते ही मैं ने मोबाइल स्टार्ट किया.

मोबाइल स्टार्ट होते ही छोटी चाची का कॉल आ गया.

अवी-हेलो

सी चाची-अवी कब से कॉल कर रही हू और ये मोबाइल क्यू बंद करके रखा था.कही तुम सो तो नही रहे थे

अवी-चाची मैं बाथरूम मे था और मोबाइल की चार्जिंग ख़तम हो गयी थी.

सी चाची-वो जाने दे ये बता तय्यार हुआ कि नही. और घर कब आ रहा है .सब इंतज़ार कर रहे है

अवी-चाची आप मंदिर जाइए मैं सीधा मंदिर आता हू

सी चाची-हुआ क्या है

अवी-कुछ नही. अगर अब घर आया तो मंदिर मे जाने के लिए देर हो जाएगी.

सी चाची-ठीक है. पर हम से पहले मंदिर मे चले जाना नही तो सुमन दीदी गुस्सा हो जाएगी

अवी-ठीक है. मैं फोन रखता हू

चाची के साथ बात करने के बाद मैं ने कपड़े पहनना शुरू किया.

ये रुकसाना और रज़िया का क्या करूँ. ये दोनो तो नंगी सो रही है.अगर इनको उठाया तो इनको फ्रेश होने मे टाइम लग जाएगा.

क्या करू, पहले इनको उठा देता हू. और इनको बोल देता हू कि फ्रेश होकर घर3 को लॉक कर चाबी खिड़की मे रख कर चली जाएँ

अवी-रज़िया उठो

रज़िया-सोने दो ना अम्मी

अवी-अम्मी की बच्ची रुक तुझे अभी उठाता हू. और मैं ने 2 उंगली एक झटके मे रज़िया की चूत मे डाल दी

रज़िया-आअहह अम्मी

अवी-अम्मी नही अवी

रज़िया-तो वो सपना नही हक़ीकत थी

अवी-हाँ

रज़िया-ये ऐसे क्यू उठाया. और तय्यार हो कर कहाँ जा रहे हो

अवी-मंदिर जा रहा हू .तुम अलमारी से कपड़े पहन कर चाबी खिड़की मे रख कर चली जाना

रज़िया-ठीक है.

और मैं मोबाइल लेकर बाइक की स्पीड बढ़ा कर मंदिर की तरफ निकल पड़ा.

चाची कार से आ रही थी. उनको समय लगेगा. क्यू कि लोग इतने है कि पूछो मत

मैं बाइक से मंदिर मे चाची से पहले पहोच गया.

ठाकुर की फॅमिली भी आ चुकी थी.मेरे आने के बाद चाची भी मंदिर आ गयी.

चाची के मंदिर आते ही मैं ने सब के पैर छू कर आशीर्वाद लिया. चाची ,चाचा और बुआ खुश हो गयी. नेहा बुआ के पैर छूने से नेहा बुआ भी खुश हो गयी.

फिर पूजा शुरू हो गयी. आज 1 घंटे मे पूजा ख़तम हो गयी.

आज मुझे और रणजीतसिंघ को अकेले पूजा करनी थी. कल का पहला दिन था तो जोड़ी मे पूजा करनी पड़ती है. मेरी शादी ना होने से कोई भी मेरे साथ पूजा कर सकता था.

पूजा ख़तम होते ही ठाकुर की फॅमिली हमारे साथ बातें करके चली गयी.

हम भी अपने घर चले गये. घर जाते समय छोटी चाची मेरी बाइक पर बैठ गयी. शायद उनको मुझ से बात करनी थी.

मैं चाची को बाइक पर बिठा कर घर की तरफ जाने लगा.

सी चाची-अवी

अवी-जी चाची

सी चाची-तुम्हें पता है मैं तुम्हारे बाइक पर क्यू बैठी हू

अवी-हा. आपको मुझ से बात करनी है

सी चाची-तू तो मुझे समझ ने लगा है

अवी-आपका पति हू ,आपको मैं नही समझूंगा तो कौन समझेगा

सी चाची-पति, अभी के लिए बेटा बन जा.

अवी-माँ आप को क्या बात करनी थी

सी चाची-तू नही सुधरेगा. और मेरी बात सुनकर हँसने लगी.

अवी-क्या माँ , आप भी मुझे पे हँस रही है

सी चाची-सॉरी बेटा और हँसने लगी.

अवी-बोलिए ना क्या बात करनी है.

सी चाची-तुम्हें क्या बताऊ मैं अवी कल मैं किस मुसीबत मे फँसी थी.

अवी-क्यू क्या हुआ था.

सी चाची-कल रानी और कोमल ने तेरे साथ पूजा की थी ना

अवी-हाँ

सी चाची-तुम्हारी नेहा बुआ ने पूछा था कि रानी ने तुम्हारे साथ पूजा क्यू की

अवी-मुझे तो इस बात ने परेशान किया है कि कोमल ने मेरे साथ पूजा क्यू की

सी चाची-कोमल को जाने दे ,पर रानी ने क्यू तुम्हारे साथ पूजा की उस का जवाब देते देते मैं थक गयी थी.

अवी-आपने क्या बताया

सी चाची-थोड़ी इधर उधर की बातें बता दी.

अवी-फिर ठीक है. ये बात रानी को पता है

सी चाची-नही, और उसे बताना भी नही चाहिए.

अवी-तो आपने संभाल लिया

सी चाची-हाँ, अपने बेटे के लिए संभालना तो था

अवी-मेरी प्यारी माँ

सी चाची-अब मुझे ये बता कि आज तू देर से उठा ना

अवी-हाँ

सी चाची-क्या किया रात भर,कही रणजीतसिंघ के साथ पार्टी तो नही की

अवी-रणजीतसिंघ तो हवेली चलने को बोल रहा था. कल तो खुद 2 लड़कियाँ...एक काम करता हू आपको एक साथ पूरे मेले के बारे मे बता दूँगा.ऐसे रोज बताने मे टाइम लगेगा.

सी चाची-एक साथ, ठीक है पर कुछ ज़्यादा ज़रूरी हो तो मुझे बता देना

अवी-(मोना वाली बात चाची को मेले के बाद बताउन्गा) ऐसी बात होगी तो सब से पहले आपको बताउन्गा.

सी चाची-चल जल्दी घर मुझे बाथरूम जाना है

अवी-बस 2 मिनिट

और मैं छोटी चाची के साथ घर आ गया. आज सभी मेरे घर आ गये.

 


496

पूरी फॅमिली एक साथ बैठ कर नाश्ता कर रही थी.

रानी स्वेता दीदी, सीतल दीदी,पूनम दीदी के साथ जल्दी घुल मिल गयी. साथ मे कविता और लीना भी रानी के साथ ज़्यादा रहने लगी.

रानी मेरी बहनों के साथ मिल कर बातें करते हुए नाश्ता कर रही थी. राज भी उनके साथ था. राजेश(लीना का भाई) अपने मोबाइल के साथ टाइम पास करते हुए नाश्ता कर रहा था.

मैं अपने कमरे मे जाकर सब से पहले अपने कपड़े बदले . धोती को निकाल कर जीन्स पहन लिया. धोती धोने के लिए डाल दी .चाची ने मुझे हर दिन के लिए नयी धोती दी ताकि मंदिर मे रोज नयी धोती पहनु

मैं चाची और बुआ के साथ बैठ कर नाश्ता कर रहा था.

मैं चुप चाप नाश्ता कर रहा था कि पूजा बुआ मुझे इशारा कर रही थी.

मुझे इशारा करके रशोई घर मे चली गयी.

मैं भी दुबारा नाश्ता करने के बहाने रशोई घर मे चला गया.

मैं रशोई घर मे जाते ही शॉक्ड हो गया.

पूजा बुआ साड़ी के अंदर हाथ डाल कर चूत खुजा रही थी.

अवी-बुआ आप ये क्या कर रही हो. कोई इधर आ गया तो

पूजा बुआ-अवी चूत मे बहुत खुजली हो रही है. कुछ करना

अवी-मैं क्या करू. मैं कुछ नही कर सकता. सब लोग यही है.

पूजा बुआ-कुछ कर ना अवी. आज चुदाई करने का बहुत मन हो रहा है

अवी-यहाँ कैसे करेंगे

पूजा बुआ-तू कही पर भी कर, पर मेरी खुजली ख़तम कर फिर मैं तुझे एक इनाम दूँगी.

अवी-इनाम

पूजा बुआ-हाँ, वो तुझे मेरे और राकेश के रिश्ते के बारे मे पता है ना.

अवी-हाँ

पूजा बुआ-उसकी बहन के साथ तुझे चुदाई करनी थी ना.


अवी-मुझे रखेश की बहन के साथ, मुझे तो ऐसा कुछ याद नही है.

पूजा बुआ-तू कह रहा था कि जैसे रखेश ने मेरी चुदाई की वैसे तुम्हें उसकी बहन की चुदाई करके बदला लेना है

अवी-हाँ याद आया.तो क्या राकेश की बहन आ गयी.

पूजा बुआ-आने वाली है. उसे तेरे लिए तय्यार कर दूँगी पर पहले मेरी खुजली का कुछ कर ना

अवी-यही करते है. आप एक काम करो साड़ी उपर कर के झुक जाओ मैं बाहर देख कर आता हू(बुआ भी ना ,बुआ की खुजली का पता है मुझे, बुआ चुदाई के बिना नही रह सकती)

पूजा बुआ-जल्दी करना

मैं रशोई घर से बाहर आ गया .और छोटी चाची को अपने पास बुलाया.

अवी-चाची आपकी मदद चाहिए

सी चाची-क्या करना है

अवी-आप बस किसी को रशोई घर मे आने मत देना. मैं पूजा बुआ की चुदाई कर रहा हू.

सी चाची-तू पागल हो गया है. यहाँ पर सब लोग है.

अवी-पूजा बुआ चुदाई के लिए पागल हो गयी है.

सी चाची-जल्दी करना ,बस 10 मिनिट

अवी-10 मिनिट मे पूजा बुआ का पानी निकाल दूँगा.चाहे मेरा ना निकले

सी चाची-जा जल्दी

मैं रशोई घर मे आ गया.

पूजा बुआ साड़ी उपर करके झुकी हुई थी.

पूजा बुआ ने अपनी पैंटी निकाल कर मुँह के पास पकड़ी थी.

अवी-बुआ बस 10 मिनिट

पूजा बुआ-10 मिनिट नही मेरा पानी निकलने तक

मैं ने ज़िप और बटन खोल कर लंड निकाल लिया.

लंड आधा खड़ा था. बुआ ने अचानक चुदाई करने की बात कही उनको मना नही कर सखता था .और लंड को खड़े होने मे टाइम तो लगेंगा.

हमारे पास उतना टाइम नही था ,मैं ने ऐसे ही आधे खड़े लंड को पूजा बुआ के पीछे जाकर चूत मे डाल दिया.

पूजा की चूत मेरे लंड को पहले भी ले चुकी थी.उसने मेरे लंड पहचान लिया .

मेरा आधा खड़ा 4 इंच लंड आराम से पूजा बुआ की चूत मे चला गया.

पूजा बुआ-तेरा लंड छोटा हो गया क्या

अवी-आपने इतनी जल्दी मे करने को कहा कि लंड पूरा खड़ा नही हुआ.

पूजा बुआ-अंदर जाते ही खड़ा हो जाएगा. चल अब निकाल मेरा पानी

लंड चूत मे जाते फूलने लगा. लंड तो चूत की गर्मी महसूस होते अपना फन उठाने लगा.

पहले तो उतने लंड से बुआ की चूत मारने लगा.जिसे बुआ की चूत का वार्मप हो गया.

बुआ की गंद को देख कर और चूत का मज़ा लेने के लिए लंड पूरा खड़ा हो गया.

लंड पूरा खड़ा होते ही बाहर निकाल कर एक झटके पूरा अंदर डाल कर धक्के मारने लगा.

घर मे सब के होते हुए बुआ की चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था.

बुआ चिल्ला नही सकती थी और मैं धीरे चुदाई नही कर सकता था.क्यू कि कोई अंदर आ गया तो प्राब्लम हो जाएगी.

बुआ ने अपनी पैंटी मुँह मे डाल दी और मुझे जोरदार धक्के मारने को कहा

बुआ की खुजली मिटाना मेरा फ़र्ज़ था.

और मैं अपना काम पूरा मन लगा कर करने लगा.

बुआ की विशाल गंद को देखते हुए चूत मारने लगा.

मैं ने पूजा को गेट की तरफ झुका कर धक्के मारने लगा. अगर कोई आए तो हम सम्भल जाए.

एक डर के साथ चुदाई करने मे अलग मज़ा आता है.

कभी कभी इस तरह की चुदाई करने मे भी मज़ा आता है.

हमेशा आराम से किस, बूब्स और चूत के साथ खेलने के बाद चुदाई करता था.

पर आज साड़ी उपर करके बिना लंड खड़े किए डायरेक्ट चूत मारने मे नया एक्सपीरियेन्स मिल रहा था.

ऐसी चुदाई मुझे पसंद नही है. पर पूजा बुआ के लिए करना पड़ रहा था.और इसका मैं पूरा मज़ा लेने लगा.

कुछ भी हो, खाने मे 5स्टार का खाना मिले या किसी तापरी का खाना मिले ,पेट दोनो से भरता था. बस दोनो का मज़ा लेना आया चाहिए.

मैं पूजा बुआ की चूत मे बस धक्के मार रहा था,ना किस, और ना सकिंग

ना बुआ के बूब्स दबा सकता था क्यू कि बूब्स दबाने से कपड़े खराब हो सकते थे.लेकिन बुआ के लिए इतना करना पड़ा.

बुआ भी बिना कोई आवाज़ किए चुदाई का मज़ा ले रही थी.

बाहर छोटी चाची पहरेदारी कर रही थी और इधर मैं बुआ की चुदाई कर रहा था.

क्यू ना पूजा बुआ से ज्योति बुआ के बारे मे पूछ लू. चुदाई करने के बाद पूछ लूँगा.

इतने दिनो बाद पूजा बुआ की चुदाई कर रहा था. मन कर रहा था कि आराम से मज़े लेते हुए पूजा बुआ की चूत मे धक्के मारु पर ये जगह सही नही थी

पूजा बुआ ने कितना पानी जमा करके रखा है जो निकलने का नाम नही ले रहा.

पर मेरा लंड अच्छे अच्छों का पानी निकालने की क़ाबलियत रखता है.

मैं पूरी ताक़त लगा कर पूजा बुआ की चुदाई कर रहा था.

10 मिनिट हो भी गये पर पूजा का पानी नही निकला.

इतने जोरदार धक्के मारने के बाद भी बुआ का पानी नही निकला.

इस लिए पूजा बुआ अभी के अभी चुदाई करना चाहती थी.

इतनी खुजली जो मेरा लंड भी कम पड़ रहा था.

पर मैं हार मान ने वालो मे से नही था. मैं फिर से जोरदार धक्के मारने लगा.

मेरी मेहनत रंग लाई. एक जोरदार धक्के ने पूजा बुआ का दम तोड़ दिया.

पूजा बुआ ने ढेर सारा पानी छोड़ा. इतना पानी देख कर मैं समझ गया कि पूजा बुआ की क्या हालत हो रही होगी.

पूजा बुआ का पानी तो निकल गया पर मेरा अभी तक नही हुआ. मेरा पानी निकालने के लिए और टाइम चाहिए था .जो यहाँ पर संभव नही था.

मैं ने पूजा बुआ की चूत से लंड बाहर निकाल लिया. और अपने अंडरवेर मे डाल कर जीन्स उपर कर ली.

बुआ ने मुँह मे से पैंटी निकाल कर ,उसी पैंटी से चूत साफ की. और अपने कपड़े ठीक किए.

पूजा बुआ-अवी तू नही होता तो मेरा क्या होता

अवी-जब तक मैं हूँ तब तक आप को टेन्षन लेने की ज़रूरत नही. कुछ भी परेशानी हो मुझे बता देना

पूजा बुआ-चल हॉल मे

अवी-बुआ आप से एक बात पूछनी थी

पूजा बुआ-पूछ ना

अवी-आप मुझे सच बताना

पूजा बुआ-मैं तुझे सब सच बताउन्गी. पहले पूछ तो क्या पूछना है

अवी-ये ज्योति बुआ कैसी औरत है

पूजा बुआ-ज्योति दीदी के बारे मे क्यू पूछ रहा था . कही उनके साथ चुदाई करना तो नही चाहता

अवी-नही, बस ऐसे ही पूछ रहा हू.

पूजा बुआ-क्या जान ना चाहता है ज्योति दीदी के बारे मे

अवी-उनका नेचर ,

पूजा बुआ-ज्योति दीदी लालची औरत है. उनको बस पैसे चाहिए . पर उनकी किस्मत खराब है जो उनको कम सल्लेरी वाला पति मिला.

अवी-फिर उनका घर कैसे चलता है.

पूजा बुआ-स्वेता और सीतल ज्योति दीदी के घर रहती है तो ज्योति दीदी को हम पैसे देते है पर ये बात पूनम के पापा को नही पता. ज्योति दीदी वो सारे पैसे खुद रखती है. लालची औरत है. पैसे देने के बाद भी पैसो के पीछे भागती है.और वो घर मेरा है.पहले मैं वही रहती थी फिर यहाँ रहने आई तो ज्योति बुआ को वो घर रहने के लिए दिया.

अवी-(अच्छा हुआ मैं चाचा को ज्योति बुआ से दूर रखता हू) फिर तो मेले मे वो कुछ भी कर सकती है. यहाँ तो पैसे वाले लोग है.

पूजा बुआ-इसी लिए तो मैं उनको अकेला नही छोड़ती हू. बिना वजह हमारी बदनामी हो जाएगी

अवी-(ये तो और भी अच्छा हुआ. चाचा और ज्योति बुआ कुछ नही कर पाएगे) वैसे ये राकेश की बहन है कहा.

पूजा बुआ-अपने भाई के घर आई है.तुझे कब चाहिए बोल सिर्फ़

अवी-(राकेश की बहन तो घर का माल है जब चाहू उठा सकता हू. अभी मेले का मज़ा लेता हू)मेले के बाद हो सकता है

पूजा बुआ-हाँ, मेले के बाद वो 1 महीना रुकेंगी अपने भाई के घर, मेले के बाद जब तू कहेगा तब उसे एक दिन के लिए मेरे घर बुला लूँगी. तब तक स्वेता सीतल और ज्योति दीदी चली जाएगी.

अवी-ठीक है मेले के बाद पर उसकी चुदाई करने से पहले एक बार आपकी चुदाई करूँगा.

पूजा बुआ-तुझे जो करना है कर, मैं नही रोकूंगी तुझे

अवी-पूरी रात प्यार से करना चाहता हू

पूजा बुआ-मैं भी तो वैसे ही करना चाहती हू

सी चाची-क्या बातें हो रही है.

अवी-कुछ नही चाची ,बस मेले के बारे मे बात हो रही है.

पूजा बुआ-चल मीना तुझ से बात करनी है

पूजा बुआ छोटी चाची को लेकर चली गयी.

पूजा बुआ का तो हो गया. मेरा लंड तो खड़ा है. मैं ने जीन्स के उपर से लंड को हाथ लगाया.

लंड आधा बैठ चुका था. पर हल्का दर्द हो रहा था. थोड़ी देर बाद वो भी चला जाएगा. पर मूठ नही मारूँगा

 
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पूजा बुआ की चुदाई करने के बाद मैं वापस हॉल मे आ गया.

और अपने मोबाइल को चार्जिंग पर लगा कर कल की रेकॉर्डिंग देखने लगा.

रेकॉर्डिंग लंबी थी जिस की वजह से फॉर्वर्ड करके देखने लगा.

रज़िया की रेकॉर्डिंग पूरी थी पर रुकसाना की रिकॉर्डिंग आधी थी. बॅटरी ख़तम होने की वजह से रेकॉर्डिंग नही हो पाई.

और ये क्या मेमोरी कार्ड भी फुल हो गया. ऐसे काम तो नही चलेगा. वीडियो रखने के लिए कुछ तो चाहिए, हार्ड डिस्क या लॅपटॉप. लॅपटॉप मे रख सकता हू

पर लॅपटॉप किस का लूँ. स्वेता दीदी का वो तो सब लोग इस्तेमाल करते है, कोमल का वो रिसकी है. फिर किस का ,रानी के पास भी तो लॅपटॉप है. उसकी का लेता हू. जब वापस दूँगा तो वीडियो डेलीट कर दूँगा.

और रेकॉर्डिंग के लिए कॅमरा चाहिए. पर कॅमरा लेने के लिए पैसे तो है पर वो पैसे पूरे मेले मे इस्तेमाल करने है.

पर फॅमिली के साथ मेले मे फोटो भी तो निकालने होगे.

कॅमरा खरीद लेता हू. और मोना का काम जल्दी करूँगा जिस से मुझे 15 लाख मिल जाएँगे.

मैं प्लॅनिंग कर रहा था कि स्वेता दीदी ने मुझे आवाज़ दी.

स्वेता दीदी-अवी इधर आना

अवी-आया दीदी

मैं अपनी बहनों के पास चला गया.

स्वेता दीदी-वहाँ कहाँ खड़े रह रहे हो बीच मे खड़े रहो

ये क्या करवाने वाली है.

स्वेता दीदी,सीतल दीदी,पूनम दीदी, कविता, लीना, कोमल, रानी और राज सब सर्कल मे बैठ थे. और मुझे बीच मे खड़ा कर दिया.

स्वेता दीदी-राजेश तुम भी आओ

राजेश-दीदी सर मे दर्द कर रहा है, मैं घर जाकर आराम करना चाहता हू.

स्वेता दीदी-ठीक है.

राजेश घर चला गया. राजेश के घर जाने से नीता बुआ उदास हो गयी.

स्वेता दीदी-तुम्हें पता है अवी हम ने तुम्हें बीच मे खड़ा क्यूँ किया

अवी-क्यूँ किया

सीतल दीदी-क्यू कि तुम्हें हलाल करना है

पूनम दीदी-पूरा हलाल करना है

और सब हँसने लगे.

स्वेता दीदी-तुम हमारे भाई हो

कविता दीदी-सब से बड़े भाई

लीना दीदी-राज,राजेश,अमित सुमित मे सब से बड़े

अवी-हाँ, (ये करना क्या चाहते है)

चाची और बुआ भी हमारी तरफ देखने लगे. और हमारे पास आ कर बैठ गये.

म चाची-क्या करवा रही हो अवी से

स्वेता दीदी-मामी आप बस देखिए, हम भाई बहन के बीच मे मत बोलिए.

म चाची-अवी आज तू गया काम से

ब चाची-स्वेता अवी को ज़्यादा परेशान मत करना

स्वेता दीदी-मामी ,हम क्या अपने भाई को परेशान भी नही कर सकती

सी चाची-तुम्हारा भाई है जो करना है करो. हम तो बस देखने आए है

अवी-मुझे क्या दिन भर खड़ा रखोगे,

सीतल दीदी-हम सब ने डिसाइड किया है कि तुम हमारी एक ख्वाहिश पूरी करो.और मेला ख़तम होने तक पूरी हो जानी चाहिए

अवी-हाँ बोलो क्या ख्वाहिश है तुम लोगो की

कोमल -पूनम दीदी सब से बड़ी है तो पहले वो शुरू करेगी

पूनम दीदी-अवी तुम्हें याद है तुम ने मुझे प्रॉमिस किया था कि चाची की प्रेग्नेन्सी के बाद मुझे शॉपिंग करवाओगे.

अवी-मैं तो भूल गया ,

पूनम दीदी-तुम्हें मुझे मेला ख़तम होने से पहले शॉपिंग करवानी होगी.

अवी-(मोना का काम जल्दी करना होगा) ठीक है बहुत सारी शॉपिंग कर्वाउन्गा. सभी को कर्वाउन्गा.

सब खुश हो गयी.

सीतल दीदी-ये हुई ना बात ,स्वेता दीदी आपका नंबर

स्वेता दीदी-क्या मांगू समझ नही आ रहा.

सीतल दीदी-क्या दीदी ये आपका प्लान था और आप खुद सोच मे पड़ गयी

स्वेता दीदी-क्या मांगू , अवी तो मुझसे छोटा है

सीतल दीदी-दीदी स्कूटी माँग लो

पूजा बुआ-गुस्से से सीतल

अवी-ठीक है स्वेता दीदी को स्कूटी दूँगा

पूजा-अवी

अवी-बुआ आप टेन्षन मत लो ,बहन अपने भाई से गिफ्ट नही माँगेगी तो किस से माँगेगी

सीतल दीदी-अब मेरी बारी. मुझे नेक्लेस चाहिए

पूजा बुआ-सीतल तेरी ज़ुबान ज़्यादा चल रही है

अवी-(सीतल दीदी के साथ सब को कुछ ना कुछ देना होगा.हो जाएगा)ठीक है ,नेक्स्ट कोमल

कोमल-मुझे मुझे मुझे जो भी तुम्हें अच्छा लगेगा वो दे देना

अवी-ये तो सब से मुश्किल गिफ्ट होगा. पर कुछ सोचेंगे इसके बारे मे

कविता-मुझे मोबाइल चाहिए अच्छा वाला

लीना-मुझे लॅपटॉप चाहिए

और मोबाइल चाहिए

कविता-मुझे भी लॅपटॉप और मोबाइल चाहिए

नीता बुआ-इन दोनो को कुछ मत देना

अवी-कविता और लीना का गिफ्ट 10थ क्लास की एग्ज़ॅम के बाद दूँगा.

अवी-अब कौन बचा

राज-मुझे मोबाइल तो नही मिलेगा, मुझे साइकल और कॅमरा, और वीडियो गेम और एक साल तक के लिए पतंग चाहिए

राज की बात सुनकर सब हँसने लगे

अवी-राज को साइकल और कॅमरा दूँगा.(रानी रह गयी)

अवी-कौन बाकी है

सी चाची-रानी तुम भी कुछ माँग लो

कोमल-रानी तुम भी माँग लो.

सीतल दीदी-हमारा भाई है ना नही कहेगा.

रानी-मैं क्या मांगू, शॉपिंग के लिए चाची और बुआ को भी साथ ले चलना. उनको भी शॉपिंग करवाना

रानी की बात सुनकर सब रानी की तरफ देखने लगे. सब ने अपने लिए कुछ ना कुछ माँगा. पर रानी ने चाची के लिए गिफ्ट माँग कर मेरा दिल जीत लिया.

पूजा बुआ-हो गया होगा तुम सब का तो चलो खाना बनाते है.आज सब यही पर खाना खाएँगे .

बुआ और चाची रशोई घर मे चली गयी.मेरी बहनें अमित सुमित और परी के साथ खेलने लगी.

राज मेरे साथ मस्ती करने लगा.

 
498

सब को हाँ तो बोल दिया .पर मोना का काम नही हुआ तो इनको गिफ्ट कैसे दूँगा. इन के गिफ्ट लेने के लिए तो बहुत पैसे चाहिए. जल्दी मोना के लिए कुछ सोचना होगा.

पर पहले फॅमिली टाइम .

बुआ और चाची ने खाना बना लिया. ज्योति बुआ मेहमान थी तो वो बस आराम से बैठी थी.थोड़ी देर बैठने के बाद ज्योति खाना बन ने तक पूजा बुआ के घर जाकर आराम करने लगी.

खाना बन ने मे 1 घंटा बाकी था तो चाचा भी अपने दोस्त के पास जाने को बोल कर चले गये.

मैं थोड़ी देर राज के साथ खेलने के बाद कोमल और रानी के पास चला गया.

अवी-रानी कोमल एक मिनिट इधर आना(रानी के साथ कोमल को बुलाना ज़रूरी था.)

रानी और कोमल मेरे कमरे मे आ गयी.

कोमल-क्या हुआ. ऐसे क्यू बुलाया

अवी-तुम दोनो से एक काम था

कोमल-हाँ बोलो ,

अवी-मुझे एक लॅपटॉप चाहिए

कोमल-तो खरीद लो ना, सब को गिफ्ट दे रहे हो अपने लिए भी एक खरीद लो

अवी-खरीद लूँगा पर मुझे अभी चाहिए था

कोमल-मेरा ले लो

अवी-मुझे एक महीने के लिए चाहिए

कोमल-एक महीना, फिर मैं पढ़ाई कैसे करूँगी. मुझे तो तुम्हारी भी पढ़ाई करनी पड़ती है.

रानी-मेरा ले लो ,मैं कोमल का लॅपटॉप इस्तेमाल कर लूँगी.

कोमल-हाँ ,तुम रानी का रख लो,एक तो तुम पढ़ाई नही करते ,क्लास मे नही आते ,मुझे तुम्हारी पढ़ाई भी करनी पड़ती है और तुम्हारे प्रॅक्टिकल भी लिखने पड़ते है. तुम समझ रहे हो ना

अवी-पता है मुझे ,अगर तुम नही होती तो मेरा कुछ नही होता.

और मैं ने कोमल के गाल पर किस किया.

किस करते ही कोमल खुश हो गयी. पर रानी मेरी तरफ देखने लगी.

अवी-चलो लॅपटॉप लेकर आते है.

कोमल-हाँ चलो

मैं कोमल और रानी के साथ लॅपटॉप लेने के लिए कोमल के घर मे चला गया.

कोमल और रानी मेरी दोनो तरफ होके बातें करते हुए चल रही थी.

फिर हम ने कोमल के घर जाकर लॅपटॉप ले लिया.

लॅपटॉप कोमल के कमरे मे था. लॅपटॉप लेकर हम हॉल मे आए थे कि रानी ने रुकने को कहा

रानी-लॅपटॉप का चार्जर तो कमरे मे रह गया.कोमल लेकर आना ज़रा

कोमल-तू भी तो जा सकती है

रानी-मेरे हाथ मे लॅपटॉप है

कोमल-कहाँ पर है

रानी-बोर्ड पे लगा होगा

कोमल अपने कमरे मे चली गयी.

रानी-तुम ने कोमल को किस किया और मुझे

अवी-तुम्हें मेले मे करूँगा.मेले मे छुप कर तुम्हें किस करने मे अच्छा लगता है.

रानी-तुम बुद्धू हो. और रानी ने मुझे एक छोटा सा किस किया.

रानी-यहाँ करोगे तो मैं मेले मे किस करने के लिए मना थोड़े ही करूँगी.

कोमल-ये लो चारजर, अब चले

अवी-हाँ चलो

कोमल-रूको

अवी-क्या हुआ

कोमल-तुम ने बताया नही कि तुम्हें लॅपटॉप क्यू चाहिए

अवी-खेत के घर3 मे बोर हो जाता हू इस लिए टाइम पास करने के लिए लॅपटॉप चाहिए.अब चले

फिर मैं कोमल और रानी के साथ घर आ गया.

हमारे आने तक खाना तय्यार हो गया.

चाचा भी आ गये.चाचा के आने के 5 मिनिट बाद ज्योति बुआ आ गयी.

फिर हम सब ने खाना खा लिया, फॅमिली के साथ बैठ कर खाना खाने मे जो खुशी मिलती है वो 5स्टार होटेल मे खाना खाने पर भी नही मिलती.

खाना खाते हुए भी हम सब ने खूब मस्ती की.

रानी और कोमल ने हम सब को खाना खिलाया. रानी ने कोमल को साथ लेकर अच्छा किया.

रानी और कोमल खाना भी खा रही थी और हमे खाना भी परोस रही थी.

आज तो खाना पेट भरके के खा लिया.

खाना खाने के बाद सब सोने के लिए अपने अपने घर चले गये.

चाची ने सब को बताया कि हम सब 5.00 बजे मेला देखने जाएँगे. तब तक सब आराम करो

मैं अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.

मैं ने रणजीतसिंघ को सुबह फोन करके बता दिया कि आज मेले का काम वो देख ले. रणजीतसिंघ ने हाँ बोल दिया. मेले का काम देखने से रणजीतसिंघ को अपने लिए शिकार ढूँढ ने मे आसानी होगी.

खाना खाने के बाद मैं आराम कर रहा था कि बड़ी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

ब चाची-तेरे पास इतने पैसे कहाँ से आए

अवी-कैसे पैसे

ब चाची-तू ने सब को इतने मह्न्गे गिफ्ट देने का प्रॉमिस किया. वो गिफ्ट लेने के लिए इतने पैसे कहाँ से आए.

अवी-मेरे पास पैसे नही है.

ब चाची-फिर तूने प्रॉमिस कैसे किया .कहीं तू जुआ तो नही खेलने लगा.

अवी-चाची जो बात आप को पसंद नही वो मैं कैसे करूँगा.

ब चाची-कहीं तूने मेले के काम मे करप्षन तो नही किया.

अवी-क्या मैं ऐसा कर सकता हू

ब चाची-फिर तेरे पास पैसे आए कहाँ से

अवी-आप बैठिए मेरे पास

ब चाची-तू पहले बता देख मुझे अजीब अजीब ख़याल आ रहे है

अवी-मेरी बहनें आज कितनी खुश है. अगर मैं उनको मना कर देता तो उनको कितना बुरा लगता. मैं ने उनको खुश रखने के लिए हाँ बोल दिया.

ब चाची-अगर ऐसा है तो उनको गिफ्ट नही मिलेंगे तो कितना बुरा लगेगा.

अवी-भगवान ने चाहा तो उनको गिफ्ट भी मिल जाएँगे. आप परेशान मत हो. मैं कोई बुरा काम नही करूँगा. और अगर मुझे मेले तक पैसे नही मिले गिफ्ट लेने के लिए तो आप से माँग लूँगा. आप देंगी ना.

ब चाची-तेरा प्रॉमिस टूटने नही दूँगी. पर कुछ ग़लत काम मत करना.

अवी-नही करूँगा.

ब चाची-चल सो जा

बड़ी चाची अपने कमरे मे चली गयी. मैं सोने वाला था कि सीमा चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

म चाची-अवी तुझे पैसे चाहिए

अवी-पैसे

म चाची-सब के लिए गिफ्ट लेने के लिए पैसे तो चाहिए ना.

अवी-चाची एक भाई ने अपनी बहनों को गिफ्ट देने का प्रॉमिस किया है.अगर आप से पैसे माँग कर उनको गिफ्ट दिया तो मुझे क्या अच्छा लगेगा .

म चाची-पर तेरे पास इतने पैसे है

अवी-अभी तो नही है पर कुछ ना कुछ करना पड़ेगा.

म चाची-अगर पैसे चाहिए होगे तो मुझ से माँग लेना .मैं तुम्हारे चाचा से माँग लूँगी

अवी-पैसे चाहिए होगे तो आप से माँग लूँगा.

म चाची-माँगना ज़रूर. चल सो जा अब

सीमा चाची अपने कमरे मे चली गयी. बड़ी चाची आई, सीमा चाची आई. मतलब छोटी चाची भी आएगी.

नाम लिया और छोटी चाची आ गयी.

सी चाची-तूने इतनी बड़ी बात मुझ से छुपाई. तेरे पास इतने पैसे है और तूने मुझे बताया नही.

अवी-मेरे पास बस 50,000 है. वो भी ज़ोया और सारा ने जो दिए थे उन पैसों मे से बचे है.

सी चाची-फिर तू अपनी बहनों के गिफ्ट कैसे देगा.

अवी-मेरी बहनें है, मैं संभाल लूँगा.

सी चाची-मैं कुछ मदद करूँ

अवी-आप कब तक मदद करती रहेंगी मुझे भी तो कुछ करने दीजिए

सी चाची-क्या करने वाले है

अवी-कुछ ना कुछ तो करूँगा ज़रूर

सी चाची-अगर कुछ चाहिए होगा तो माँग लेना. और मुझे बताना कि कहाँ से इतने पैसे लाएगा.

अवी-आप बस बड़ी चाची को संभाल लेना. और मेले मे मैं जो करूँगा वो आप को मेले के बाद बता दूँगा.

सी चाची-दीदी को मैं संभाल लूँगी.चल अब सो जा

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी.

अब कोई नही आएगा.पर टाइम क्या हुआ

2.00 बज गये. अब सो कर क्या करूँगा. मेले मे जाकर आता हू और शहर भी जाना है. समान लेने के लिए

 


499

मैं चाची को बता कर मेले की तरफ चला गया. मेला शुरू होने मे 1 घंटा बाकी था.

मैं मंदिर मे चला गया. लोग अभी भी भगवान के दर्शन कर रहे थे

मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया.

अवी-कैसा चल रहा है

रणजीतसिंघ-अरे तुम ,अब तक तो ठीक चल रहा है.

अवी-ये काम देखना बहुत मुश्किल होता है. फॅमिली के साथ रहूं या मेले पे नज़र रखू

रणजीतसिंघ-इसका हल मैं ने ढूँढ लिया है

अवी-क्या?

रणजीतसिंघ-मैं ने अपनी सेक्रेटरी और मेनेज़र को इस काम पे लगा दिया है.

अवी-ये तो अच्छा हुआ. हम अपनी फॅमिली के साथ रह कर मेला का मज़ा ले सकते है

रणजीतसिंघ-वो तो है. पर ये बता कल क्या किया.

अवी-क्या किया, मैं समझा नही

रणजीतसिंघ-किसी की चुदाई की या सिर्फ़ सोते रहे

अवी-सो ने के सिवा क्या कर सकता था

रणजीतसिंघ-तुम्हें कह रहा हूँ हवेली चलो मज़ा करते है.

अवी-हवेली , यहाँ नही हो सकता

रणजीतसिंघ-यहाँ पर ,फिर तुम्हें अकेले मज़ा करना पड़ेगा.

अवी-अकेले

रणजीतसिंघ-मेरा मतलब है किसी लड़की के साथ अकेले मज़ा करना होगा.

अवी-लड़की कहाँ है

रणजीतसिंघ-मैं भेजता हू, पर तुम्हें अकेले उसके साथ मज़ा करना होगा

अवी-अगर साथ मे करते

रणजीतसिंघ-मैं यहाँ आ नही सकता और तुम हवेली आना नही चाहते

अवी-कुछ तो करना पड़ेगा

रणजीतसिंघ-एक बार हवेली आ जाओ, बहुत मज़ा आएगा.

अवी-एक दिन ज़रूर आउन्गा.तब साथ मे करेंगे

रणजीतसिंघ-कभी भी आना, मेले मे या मेले के बाद ,तुम्हे ऐसा मज़ा कर्वाउन्गा कि तुम बार बार करने के लिए बोलोंगे

अवी-फिर तो आना पड़ेगा. मेले के बाद ठीक रहेगा.

रणजीतसिंघ-मेले के बाद ,फिर तो तुम एक गिफ्ट दूँगा. जो तुम्हें पसंद आएगा.

अवी-मेले के बाद पक्का

रणजीतसिंघ-चलो अब मैं चलता हू. हवेली जाना है.

अवी-मुझे शहर जाना है. मेले मे मिलते है

रणजीतसिंघ आज लड़की भेजने वाला है. उसके साथ मज़ा करूँगा.

फिर मैं रानी का लॅपटॉप अपने साथ लेकर शहर चला गया.

शहर जाकर मैं ने हीटर, अलार्म . ,कॅमरा ,लॉक और ज़रूरत का समान खरीद लिया.

समान लेकर घर3 आ गया.

रज़िया ने चाबी खिड़की मे रखी थी. मैं घर3 के अंदर जाकर समान अपनी अपनी जगह पर रख दिया.

कॅमरा के लिए कमरे मे एक अच्छी जगह ढूँढ ली. फिर कल की रेकॉर्डिंग रानी के लॅपटॉप मे रख दी.

और थोड़ी देर आराम करने वाला था कि किसी ने गेट खटखटाया.

अब कौन आया.

मैं ने गेट खोला. सामने मोना खड़ी थी.

अवी-मोना तुम.आओ अंदर

मोना अंदर आ गयी

मोना-कहाँ थे तुम ,सुबह से तुम्हें ढूँढ रही हू

अवी-मुझे,किस लिए

मोना-तुम ने कहा था ना कि कुवरसिंघ का काम करने मे मेरी मदद करोगे. क्या हुआ उसका

अवी-तुम तो घोड़े पे बैठी रहती हो. वो ठाकुर है उसके लिए आराम से प्लान बनाउन्गा

मोना-तुम मेरी मदद करने वाले हो या ऐसे ही टाइम पास कर रहे हो. अगर टाइम पास कर रहे हो तो रहने दो ,मैं खुद कुछ सोच लूँगी.

अवी-मेरी बात ध्यान से सुनो, मेरी मदद के बिना तुम ठाकुर का कुछ नही कर सकती.

मोना-तो कुछ सोचो ना,

अवी-सोचता हू ,पर तुम यहाँ क्यू आई

मोना-अभी बताया ना

अवी-मेरा मतलब है, जब तक मैं ना बुलाऊ मेरे पास मत आना. कुवरसिंघ को लगना नही चाहिए कि हम मिले हुए है.

मोना-फिर मैं तुम से बात कैसे करूँगी.

अवी-मोबाइल किस लिए लिया तुम ने

मोना-अरे हाँ, वो क्या है ना मोबाइल अभी खरीदा है, ज़्यादा इस्तेमाल नही करती.

अवी-आज से शुरू करो

मोना-ठीक है. अब चलती हू

अवी-रूको, बहुत दिन हो गये तुम्हारी गंद मारे हुए . आज तुम्हारी गंद मारता हू बाद मे चली जाना,

मोना-इस वक्त

अवी-हाँ,सुबह एक औरत की अधूरी चुदाई की थी. उसका पानी निकल गया था. पर मेरा नही. चलो एक आधे घंटे की चुदाई करते है

मोना-जल्दी करना.

अवी-तुम कपड़े निकालो मैं पेशाब करके आता हू

मोना अपने कपड़े निकालने लगी. और मैं बाथरूम मे चला गया.

 


499ए

मैं बाथरूम से बाहर आ गया.

मोना ने अपने कपड़े निकाल लिए थे.

मोना नंगी बेड पर ले कर मेरा इंतज़ार कर रही थी

मैं ने मोना को नंगा देखते ही अपने कपड़े निकाल दिए.

और मोना के पास चला गया.

मेरे कपड़े निकालने तक मोना अपनी चूत को मसल्ति रही.

मैं बेड पर आते ही मोना के बूब्स चूस ने लगा. और एक हाथ से मोना की चूत को उपर से सहलाने लगा.

बूब्स चूसने से मोना के मुँह से हलकी सी आवाज़ भी आ रही थी आआााआअ ऊऊऊऔहह बस ऐसे ही करो मेरे जान आआईईई करो ना

शायद मोना अपने मालिक को उतेज़ित करने के लिए आवाज़े निकालती होगी.

मैं ने भी मोना के बूब्स को तेज़ी से चूस ना शुरू कर दिया .

मोना ने अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और दबाने लगी .

मैं ने थोड़ी देर उसके बूब्स चूसे और फिर नीचे की तरफ आया .

और मोना की चूत को देखने लगा.

मोना की चूत पहले की तरह थी. मतलब उसका पति और मालिक ठीक से चुदाई नही करते.

मोना तो बहुत लंड ले चुकी है. इसकी चूत चूसने मे मज़ा नही आएगा.

चलो इसको अपना लंड चूसने को कहता हू

मैं ने अपना लंड मोना की हाथ मे दिया.

मोना मेरे मोटे लंड को हाथ मे लेकर खेलने लगी.

मोना-अवी तुम्हारे लंड जैसा लंड आज तक नही देखा. तुम्हारा बोहोत बड़ा और मोटा है

और मेरे लंड को अपने हाथ से दबातें हुए लंड पर किस किया और फिर लंड को मुँह मे ले कर चूसने लगी

मोना पूरा लंड अंदर ले जाती .और ज़ोर ज़ोर चूसने लगती.

मुझे बोहोत मज़ा आ रहा था.

मोना तेज़ी से मेरे लंड को चूस्ति जा रही थी जैसे लॉलिपोप चूस रही हो.

5 मिनिट तक चूसने के बाद मैं ने लंड उसके मुँह से बाहर निकाल लिया.

और अपने लंड पर कॉंडम लगा लिया. और मोना को मैं ने घोड़ी बना दिया

मोना की चूत ज़्यादा गीली नही हुई थी इस लिए मैं ने मोना की चूत को अपने थूक से गीला किया

और अपना लंड मोना की चूत पर उपेर नीचे करने लगा .

मोना- डाल भी दो अब और इंतजार नही हो रहा मुझ से

मोना की तड़प देख कर मैं ने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और थोड़ा ज़ोर लगाया तो आधा लंड अंदर चला गया

मोना धीरे से चीखने लगी ऊऊऊऊईईईई मर गयी मे तो आआआआअहह्ा हाला की लंड को अंदर जाने मैं ज़्यादा तकलीफ़ नही हुई थी.

इतनी चुदाई कर चुकी है फिर भी उसके शरीर कसा हुआ था.

मैं ने और ज़ोर लगाया तो पूरा लंड मोना की चूत मे चला गया .

फिर मैं ने आधा लंड बाहर निकाला और एक झटके मे फिर से पूरा अंदर डाल दिया और फिर मैं ने आहिस्ता आहिस्ता लंड को हिलाना शुरू कर दिया.

मोना को तो मेरा लंड हमेशा पसंद था. वो मेरे लंड के धक्को का मज़ा लेने लगी.

मोना को बहुत मज़ा आने लगा .मोना ने भी आगे पीछे हिलना शुरू कर दिया जिस से हम दोनो को ही मज़ा आने लगा

फिर मोना कहने लगी और ज़ोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत को और तेज तेज चोदो

मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. और 5 मिनिट के बाद मोना झड गयी.उस की चूत मे से पानी बहने लगा

लेकिन मे अभी झड़ने वाला नही था .

मैं ने मोना को सीधा लिटा दिया और उस की चूत मे लंड डाल दिया

मेरा लंड अब आराम से उस की चूत मे चला गया .मोना को तकलीफ़ नही हुई

मैं झुक कर उस के बूब्स दबा रहा था और अपने लंड को अंदर बाहर भी कर रहा था जिस से उस को मज़ा आ रहा था

फिर मैं ने धक्के मारते हुए उस के बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और मोना की आवाज़े निकलनी लगी ऊओुईईईईईए आआआइईईए. अवी ज़रा ज़ोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा है .

मैं ने अपनी गति बढ़ा दी और मोना फिर झड गयी और

मोना की चूत ने सारा पानी बाहर निकाल दिया.

मैं धक्के मारता रहा.अब कमरे मे चूफ चूफ की आवाज़ आ रही थी ओइईईईईईईईईईईई आआअहह

मैं ने मोना को फिर से घोड़ी बनने के लिए कहा तो मोना घोड़ी बन गयी मैं ने अपना लंड उस की चूत मे डाला और ज़ोर दार धक्के मारना शुरू कर दिए

और अपने दोनो हाथ मोना की गंद पर फेरने लगा .मोना की गंद का छोटा सा छेद देख कर मेरा दिल उस की गंद मारने को करने लगा लेकिन मैं ने फ़ैसला किया कि कुवरसिंघ का हिसाब करने के बाद मोना की गंद मारूँगा.

मैं ज़ोर दार धक्के मारता गया. और अपनी गति बढ़ा दी. और एक दम से मोना की चूत मे कॉंडम के अंदर झड गया

सुबह से जो मेरा माल बाहर निकलना चाहता था वो मोना की चूत मे चला गया.कॉंडम मेरे पानी से भर गया.

 
500

मोना की चूत मे पानी डाल दिया. और फिर कॉंडम निकाल कर फेक दिया.और मोना के साथ बेड पर लेट गया

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये

अवी-मोना,तुम्हारी चूत का जवाब नही,

मोना-तुम्हारे लंड का भी जवाब नही

मोना-तुम मेरा काम करने वाले हो ना

अवी-तुम टेन्षन मत लो मैं तुम्हारा काम कर दूँगा. पर थोड़ा रूको,मुझे एक प्लान बनाने दो

मोना-बनाओ प्लान पर मेला ख़तम होने से पहले पूरा करना है

अवी-हो जाएगा. चलो अब

फिर मोना ने कपड़े पहन लिए और अपने घर चली गयी.

कैसे मोना का काम करूँ, कल सोचता हू ,आज चाची को मेले मे लेकर जाना है.

मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.

फिर कमेरे मे जो मोना की रेकॉर्डिंग बन गयी थी उसे लॅपटॉप मे सेव किया और कॅमरा लेकर घर की तरफ चला गया.

जैसे चाची ने सब को बताया था कि 5.00 बजे हम सब मेला देखने जाने वाले है. सब आधा घंटा पहले तय्यारी करके घर आ गये.

आज पूरी फॅमिली मेला देखने जाने वाली थी.

चाची, बुआ, बहनें,भाई, चाचा, और मैं ,हम सब साथ मे मेला देखने जाने वाले थे.

छोटी चाची ने आज रति को अपने साथ मेले मे चलने को कहा.

बच्चों को देखने के लिए रति को अपने साथ ले लिया.

ब चाची-बच्चों को जाने देते,हम क्या करेंगे मेले मे जाकर

पूजा बुआ-मैं भी यही कह रही हू

सी चाची-दीदी बस आज के लिए जाते है

नेहा बुआ-एक दिन मे ऐसा क्या होगा, मेला तो बच्चों के लिए

कोमल-मम्मी चलिए ना, मज़ा आएगा.

अवी-मेला सब के लिए,

ब चाची-पर

सी चाची-चलो ना दीदी, अवी इतने प्यार से ले जा रहा है,हमे चलना चाहिए

म चाची-कोई आए या ना आए मैं तो अवी के साथ जा रही हू

नीता बुआ-मैं भी जा रही हू

सी चाची-और मैं

पूजा-चलो सुमन हम भी चलते है, बच्चों को मज़ा करते हुए ,उनके चेहरे की खुशी देखने के लिए चलते है.

ब चाची-ठीक है,

सी चाची-ये हुई ना बात

चाचा-तुम सब जाओ मैं अपने दोस्तो के साथ जा रहा हू

सी चाची-आप से किसी ने पूछा , चुप चाप चलिए हमारे साथ,जब देखो तब दोस्त दोस्त करते रहते है.

छोटी चाची के बोलने से चाचा को हमारे साथ आना पड़ा.

पूजा बुआ-ज्योति दीदी, तुम भी चलो ,तुम अकेली कहाँ रहोगी,सर दर्द की गोली खा लो और चलो हमारे साथ

ज्योति बुआ-ठीक है.मैं भी चलती हू.

ज्योति बुआ आना नही चाहती थी . चलो सब तय्यार हो गये.

हम कार से मेले की तरफ निकल पड़े, मैं बाइक पर राज के साथ कार के पीछे पीछे जाने लगा.

हम मेले मे पहोच गये.

चाची और बुआ मेले मे भीड़, बड़े बड़े झूले ,दुकान, रंग बी रेंजिंग लाइटिंग, शोर शराबा, लोगो की चहल पहल देख कर दंग रह गयी.

ब चाची-इस बार तो बहुत बड़ा मेला जमाया है.

पूजा बुआ-हाँ, पर इतने लोगो के बीच हम ठीक से मेले को देख नही पाएँगे

सी चाची-दीदी अवी है हमारे साथ, वो सब संभाल लेगा क्यू अवी

अवी-जी चाची, मैं अभी 3 4 लड़को को बुलाता हूँ वो हमारे लिए मेले को देखने लायक जगह बना देंगे

मैं ने 5 6 लड़को को बुला लिया .और उनको हमारे आगे पीछे और साइड से चलते हुए जगह बनाने को कहा.

2 लड़के डंडा लेकर हमारे आगे आ गये. 2 लड़के पीछे, एक लेफ्ट साइड मे और एक राइट साइड मे होकर हमे प्रोटेक्ट करते हुए चलने लगे.

स्वेता दीदी-ये अच्छा किया ,नही तो आवारा लड़के भीड़ का फ़ायदा उठाते है.

नेहा बुआ-चलो एक काम तो ठीक किया ,नही तो हमे डाल रहा था इतने लोगो के बीच मे

नीता बुआ-नेहा तू मेले का मज़ा ले,

फिर हम सब मेले मे घूमने लगे.

मेले मे घूमने मे आसानी होने लगी.

मुझे गाओं और शहर और कॉलेज के पहचानने वाले आवाज़ दे रहे थे.पर आज मैं किसी की आवाज़ नही सुन रहा था.

मैं अपनी फॅमिली को लेकर पहले कल वाले झूले पर चला गया.

कविता,लीना-यहाँ तो कल बैठ थे

पूनम दीदी- आज सब के साथ बैठेंगे,मज़ा आएगा

म चाची-यहाँ पर तो लंबी लाइन लगी है.

सी चाची-दीदी अवी है ना

मैं झूले वाले के पास गया. और उसे समझा दिया कि झूले मे सिर्फ़ हम लोग बैठेंगे, उसे धीरे घुमाना, ज़्यादा देर तक घुमाना, और मैं जब इशारा करूँ रोक देना.

झूले वाला मेरी बात समझ गया.

अवी-चलिए हो गया

चाचा-तुम जाओ मैं यही रुकता हू

सी चाची-आपको यहीं रुकने के लिए लाया गया है.

सब हँसने लगे.

राज ने मेरे पॉकेट मे हाथ डाल दिया .और कॅमरा बाहर निकाल लिया.

राज-भैया कॅमरा,

सीतल दीदी-कॅमरा. फोटो निकालते है, झूले के सामने

मैं ने कॅमरा एक लड़के के पास दिया और हम सब अलग अलग अंदाज़ मे खड़े होकर फोटो निकालने लगे.

पूरी फॅमिली की एक साथ एक फोटो निकाल ली.

फोटो निकालने के बाद सब झूले के पास चले गये.

सी चाची-दीदी बच्चों को अवी के चाचा और रति के पास दे दीजिए. वो थोड़ी देर संभाल लेंगे

ब चाची-तू पागल हो गयी है, तुझे कुछ समझता है कि नही, अगर बच्चों को कुछ हो गया तो,कैसी माँ है तू, कितनी भीड़ है,मैं इसी लिए आना नही चाहती थी ,मैं रुकती हू तुम जाओ,

बड़ी चाची, चाचा,रति नीचे बच्चों के साथ रुक गये, और हम सब झूले मे बैठने लगे

सी चाची- अवी, दीदी की बात सही,हमे मेले मे नही आना चाहिए था, ये सब जल्दी ख़तम करके घर जाते है.

अवी-मुझे भी यही लग रहा है.इस झूले के बाद, हम नाश्ता करके चले जाएँगे. 25 30 मिनिट मे हम घर होंगे

सी चाची-अवी तुम बैठो ,मेरा मन नही हो रहा झूले मे बैठने का

अवी- 2 मिनिट के लिए

सी चाची- नही अवी ,तुम जाओ मैं यही रुकती हू

और छोटी चाची बड़ी चाची के पास चली गयी.

ब चाची-तुम वापस आ गयी

सी चाची-हमे मेले मे नही आना चाहिए था.

ब चाची-मैं हूँ ना बच्चों को देखने के लिए तू जा

सी चाची-दीदी और शर्मिंदा मत कीजिए

ब चाची-देख अगर तू झूले मे नही बैठी ना, तो मैं तुझ से कभी बात नही करूँगी.

सी चाची-दीदी

ब चाची-अब जा जल्दी नही तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.मेरे लिए झूले मे बैठ ,देख तेरी दीदी कह करी है.अब जा

छोटी चाची वापस मेरे पास आ गयी.

सी चाची-अवी जल्दी झूला रुकवा देना .

अवी-जी चाची

पूरा झूला हमारे लिए था. जिस की वजह से हम 2 2 के ग्रूप मे झूले मे बैठ गये. छोटी चाची मेरे साथ बैठ गयी.

छोटी चाची के चेहरे की चमक गायब हो गयी थी. छोटी चाची उदास हो गयी थी. छोटी चाची खुद पे नाराज़ हो गयी थी.

झूला शुरू हो गया. सब मस्ती मे चिल्लाने लगे.

मैं और छोटी चाची चुप चाप बैठी थे.

छोटी चाची नीचे देख रही थी. मैं ने छोटी चाची के हाथो को अपने हाथ मे ले लिया.

और छोटी चाची के चेहरे को उपर उठाया

छोटी चाची की आँखे से आसू निकल रहे थे, छोटी चाची रो रही थी.

छोटी चाची के आँखे मे पानी देख कर मेरी भी आँखे मे पानी आ गया.

सी चाची- अवी मुझ से ये क्या हो गया

अवी-कुछ नही हुआ

सी चाची- मैं मेले मे घूमने के चक्कर मे इतनी...मैं ने ये क्या किया...हमारे बच्चे...एक बार भी मैं ने सोचा नही...कितनी ख़ुदग़र्ज़ बन गयी मैं... बच्चों को दूसरो के पास रख कर... झूले मे बैठ ना चाहती थी... ये मैं ने क्या किया अवी...

अवी-कुछ नही हुआ, आप रोइए मत, बड़ी चाची देखेंगी तो वो भी रो देगी.

सी चाची- ये मैं क्या कर रही थी.पहली बार दीदी ने मुझे कुछ ऐसा कहा है,थोड़े वर्ड मे बहुत कुछ बोल दिया दीदी ने..ये मैं ने क्या किया

अवी-आप बस फॅमिली को एक साथ खुश देखना चाहती थी. आप रोइए मत ,नही तो मैं भी रो दूँगा.

चोथ चाची ने अपने आसू पोछ लिए.

सी चाची- अवी

अवी-हाँ

सी चाची- हम अभी घर जाएँगे ,तुम झूला रोको

अवी-हम ऐसा करेंगे तो सब को ये बात पता चल जाएगी. बस 1 मिनिट रुक जाइए.फिर झूले से उतरते ही हम घर जाएँगे

छोटी चाची आसमान की तरफ देखने लगी. चाँद की तरफ देख रही थी.

छोटी चाची को 1 मिनिट 1 साल के बराबर लग रहा था.छोटी चाची ने मुझे 2 बार पूछा कि कितना टाइम बाकी है.

मैं ने झूले वाले को रोकने का इशारा कर दिया.

झूला हमारे पास रुका. झूला रुकते ही छोटी चाची जल्दी से बॉक्स मे से नीचे उतर गयी.

छोटी चाची इतनी जल्दी झूले से नीचे उतरी कि गिरते गिरते बच गयी.

मुझे चाची को जल्दी घर लेकर जाना होगा.

छोटी चाची के चेहरे की चमक गायब हो गयी थी. उनको कुछ समझ नही रहा था. वो बस घर जाना चाहती थी.

बाकी सब भी उतर गये.

सब खुश थे,सिवाय छोटी चाची और मेरे

सब वापस बड़ी चाची के पास आ गये.

छोटी चाची सब से पहले नीचे आई थी. पर सब से आख़िर मे बड़ी चाची के पास पहुँची.

छोटी चाची को कुछ समझ नही आ रहा था. वो एग्ज़िट गेट से बाहर जाने की बजाय एंट्री गेट से बाहर जा रही थी.

मैं छोटी चाची के पीछे पीछे उनको संभाल ने के लिए जाने लगा.

छोटी चाची एंट्री गेट से बाहर निकल रही थी. वहाँ पर लंबी लाइन लगी हुई थी. छोटी चाची लोगो को धक्के देते हुए बाहर जा रही थी.

छोटी चाची को ऐसा लग रहा था कि लोग उनको घर जाने से रोक रहे है जिस से छोटी चाची उनको धक्का देते हुए बाहर जा रही थी

धक्के देते हुए छोटी चाची जब बाहर निकली तो उनके हालत और खराब हो गयी.

मैं ने चाची को वही पर एक दुकान जो हमारे गाओं का था, वही पर बैठा दिया. और सीमा चाची को बुलाने चला गया.

सब मेले का मज़ा लेते हुए बातें कर रहे थे.

मैं ने सीमा चाची का हाथ पकड़ कर अपने साथ चलने को कहा.

मैं सीमा चाची को छोटी चाची के पास लेकर आ गया.

सीमा चाची ने छोटी चाची की हालत देखते ही ,छोटी चाची के पास बैठ कर गले लगा लिया.

म चाची-अवी क्या हुआ

अवी-वो मैं आपको बाद मे बताउन्गा ,हमे अभी घर जाना होगा.

म चाची- पर हुआ क्या है

अवी-छोटी चाची ने एक छोटी सी बात को बड़ा समझ लिया. और दिल पे ले लिया.

म चाची-वो ठीक है,वो सब घर जाकर देखेंगे. पर हम सब को क्या कहेंगे

अवी-कुछ सोचते हुए ,रुकिये

मैं ने दुकान से एक प्लेट सब्जी ली और थोड़ी से सब्जी सीमा चाची के उपर और थोड़ी छोटी चाची के उपर डाल दी.

म चाची- ये क्या किया

अवी-अब आप बोल देना कि झूले मे बैठने से छोटी चाची को चक्कर आ गया. और छोटी चाची ने उल्टी कर ली. और आपके कपड़े भी खराब हो गये

म चाची- समझ गयी चलो

हम छोटी चाची को लेकर बड़ी चाची के पास आ गये

नीता बुआ ने सब से पहले हमारी तरफ देखा.

नीता बुआ-ये क्या हुआ मीना को

नीता बुआ की बात सुनकर सब हमारी तरफ देखने लगे.

ब चाची- क्या हुआ मीना को

म चाची- झूले मे बैठने से मीना को चक्कर आ गया. और मीना ने उल्टी कर ली.

अवी-हमे छोटी चाची को घर लेकर जाना होगा. और सीमा चाची के कपड़े भी खराब हो गये

ब चाची-हाँ चलो जल्दी घर,

कविता-इतनी जल्दी अभी तो आए है.

राज-मुझे मेला देखना है

पूजा बुआ-राज चुप चाप घर चलो

चाचा-इसको क्यू डाट रही हो, बच्चों को मेला देखना है तो मैं ठीक देता हू, तुम घर जाओ

नीता बुआ-पूजा दीदी आप चली जाइए मैं बच्चों के साथ रुकती हू,

ज्योति बुआ-हाँ पूजा तुम जाओ मैं हू यहाँ पर

मुझे चाचा की बात सुनकर गुस्सा आया ,अपनी बीवी की हालत देखते हुए भी मेले मे रुक रहे है.

ब चाची-चलो हम चलते है

राज ,कविता एट्सेटरा के साथ चाचा,नीता बुआ, ज्योति बुआ रुक गयी .

और बड़ी चाची,पूजा बुआ, नेहा बुआ,बचो को लेकर हमारे साथ घर आ गयी.

मैं चाची के साथ कार मे बैठ कर घर आ गया.

छोटी चाची घर आने तक बेहोश हो गयी.

हम ने छोटी चाची को उनके कमरे मे सुला दिया

छोटी चाची के कपड़े बदल दिए.

हम सब वही बैठ गये. पूजा बुआ और नेहा बुआ 1 घंटे तक वही बैठ रही फिर बड़ी चाची ने उनको घर भेज दिया.

सीमा चाची अमित सुमित और परी को देखने लगी. मैं और बड़ी चाची छोटी चाची को देखने लगे

थोड़ी देर बाद छोटी चाची को होश आ गया.छोटी चाची उठ कर बैठ गयी.

सी चाची-अवी घर चलो ,मुझे घर जाना है

अवी-चाची हम घर मे है

सी चाची-अवी झूला रोक दो, मुझे घर जाना है, ये मैं ने क्या किया...दीदी ने मुझे पहली बार ऐसा कहा...मैं अच्छी माँ हू...मैं ने ये क्या किया...मुझे घर जाना है...मुझे मेले मे नही जाना

छोटी चाची की बात सुनकर बड़ी चाची समझ गयी कि अंजाने मे उनसे क्या हो गया. उनको पता नही था कि छोटी सी बात को छोटी चाची दिल से लगा लेंगी.

बड़ी चाची तो हमेशा गुस्से मे छोटी चाची को कुछ भी बोल देती है. पर बड़ी चाची को पता था कि छोटी चाची उनको समझती है वो उनकी बात का बुरा नही मानती.पर आज ,

छोटी चाची की बात सुनकर बड़ी चाची के आँखों मे पानी आ गया. बड़ी चाची ने छोटी चाची को गले लगा लिया.

ब चाची-चुप हो जा मीना, तूने कुछ नही किया. मेरी ग़लती है,

सी चाची-रोते हुए दीदी मैं ने जानबूझ कर नही किया.

ब चाची-तूने कुछ नही कहा. तुम सब से अच्छी माँ हो. इसी लिए अवी हम से ज़्यादा तुझसे प्यार करता है .देख तुझे रोता हुए देख कर तेरा बेटा भी रो रहा है.

सी चाची-दीदी मैं ने

ब चाची-मेरी ग़लती है. अपनी दीदी को माफ़ कर दे. भगवान के लिए रोना बंद कर

सी चाची-दीदी मेरी ग़लती है,

ब चाची-तेरी ग़लती है. और मैं ने तुझे माफ़ किया .अब रोना बंद कर

सी चाची-आपने मुझे माफ़ किया

ब चाची-हाँ,

और बड़ी चाची छोटी चाची से अलग हो गयी. और छोटी चाची के आसू पोछने लगी.

ब चाची- अब रोना मत, देख अवी भी रो रहा है.

सी चाची-आप ने मुझे माफ़ किया

ब चाची-हाँ ,अब तू आराम कर, मैं भी तुम्हारे पास आराम करती हू,

सी चाची-आपने मुझे

ब चाची-सो जा चुप चाप नही तो माफ़ नही करूँगी.

बड़ी चाची छोटी चाची को सुलाने लगी.

ब चाची-अवी, सीमा के पास जा,मैं मीना के पास रुकती हू

अवी-जी चाची

और मैं सीमा चाची के पास चला गया. छोटी चाची के साथ जो हुआ वो सीमा चाची को बता दिया.

छोटी चाची हमेशा समझदारी से काम लेती है. पर आज

मैं ने आज यही रुकने का फ़ैसला किया. मैं घर2 नही जाने वाला था.

आज क्या सोचा था और क्या होगा. खूब मज़ा करेंगे ,मस्ती करेंगे, पर सब ग़लत हो गया.

आज मेले मे शीला से मिलना था. रणजीतसिंघ एक लड़की को मेरे पास भेजने वाला था .

मैं यही रुक गया.

9.00 बजे सब मेला देख कर वापस आ गये.चाचा भी आ गये.

सीमा चाची ने खाना बनाया.हम सब ने खाना खा लिया.छोटी चाची और बड़ी चाची ने खाना नही खाया,मैं बड़ी मुश्किल से एक रोटी ही खा सका , छोटी चाची की ऐसी हालत देखने से मुझे बहुत बुरा लग रहा था

छोटी चाची की आँखों मे पहली बार आसू देख कर मेरी क्या हालत हुई होगी ये मैं ही जानता हू

फिर एक बार मैं ने छोटी चाची को देखा वो आराम से सो रही थी. बड़ी चाची भी वही पर सो गयी.

चाचा सीमा चाची के पास सो गये.मैं अपने कमरे मे आकर सो गया.

 


501

3र्ड डे

मैं सुबह 5.00 बजे उठ गया. चाची भी उठ गयी.

छोटी चाची फिर से नॉर्मल हो गयी.

मैं सुबह उठ कर सब से पहले छोटी चाची के पास चला गया.

अवी-कैसा हाल है जनाब का

सी चाची-क्या ख़याल है आपका

अवी-आपको कल क्या हुआ था,

सी चाची-कुछ भी तो नही.

अवी-फिर कल पागलो जैसी हरकते क्यू कर रही थी

सी चाची-मैं पागल नही हू

अवी-हर पागल यही कहता है

सी चाची-कहा ना मैं पागल नही हू

अवी-मेरी चाची पागल हो गयी,

सी चाची-रुक तुझे बताती हू मैं क्या हू

और छोटी चाची मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागने लगी. मैं बड़ी चाची के पास चला गया.

अवी-देखो ना चाची, छोटी चाची मुझे मार रही है

ब चाची-मीना अवी को क्यू मार रही हो

सी चाची-दीदी इस ने मुझे पागल कहा

ब चाची-अवी तुम ने मीना को पागल कहा

अवी-मैं नही कहा , छोटी चाची झूठ बोल रही है, और मैं ने छोटी चाची की तरफ देख कर आँखे मारी

सी चाची-मैं झूठ बोल रही हू ,रुक तुझे अभी दिखाती हू

छोटी चाची फिर से मुझे मारने के मेरे पीछे दौड़ने लगी.

ब चाची-मीना तेरा बच्पना कब जाएगा.

सी चाची-अवी को सबक सिखाने के बाद

मैं भागते हुए अपने कमरे मे चला गया.और गेट के पीछे छुप गया. छोटी चाची पीछे पीछे मेरे कमरे मे आ गयी.

छोटी चाची के कमरे मे आते ही मैं ने छोटी चाची को पीछे से पकड़ लिया और चाची को बेड पर गिरा कर चाची के उपर आ गया.

भागने की वजह से हम दोनो की साँसे तेज चल रही थी.

सी चाची-अवी

मैं ने चाची के होंठो पर उंगली रख दी.

अवी-चाची कल जैसा दुबारा मत करना, मैं कितना डर गया था. आपको वैसे देख कर, अगर आपको कुछ हो जाता तो

सी चाची-मुझे कल कुछ समझ नही आ रहा था. वो सब अपने आप हुआ

अवी-पर आपने मुझे तो डरा दिया था. कल मुझे ठीक से नींद नही आई.

सी चाची-तुम मुझ से इतना प्यार करते हो

अवी-अपनी जान से ज़्यादा

मैं ने इतना ही कहा था कि छोटी चाची ने मेरे होंठो पर किस किया.

सी चाची-मैं भी तुम से जान से ज़्यादा प्यार करती हू

अब मेरी बारी थी. मैं भी छोटी चाची के होंठो पे किस किया.

अवी-चाची,

सी चाची-हाँ

अवी-अगर हम थोड़ी देर और ऐसे रहे तो ,मुझे सुहागरात मनानी होगी.

सी चाची-मैं तो तुझे ....आज रानी के साथ मस्ती करेगा.

अवी-वो कैसे

सी चाची-पहले मेरे उपर से उठ फिर बताती हू

मैं चाची के उपर से उठ गया.छोटी चाची खड़ी हो गयी.

अवी-अब बताइए

सी चाची-वो जो बेड है ना

अवी-हाँ

सी चाची-उस पर सो जा ,और सपने मे रानी के साथ मस्ती कर .

और छोटी चाची हँसते हुए भाग ने लगी

अवी-आज मैं आपको नही छोड़ूँगा.

सी चाची-पहले पकड़ के तो देख

मैं छोटी चाची के पीछे भागने लगा.छोटी चाची बड़ी चाची के पीछे छुप गयी.

सी चाची-देखो ना दीदी, अवी मुझे मार रहा है

ब चाची-अब क्या हुआ.

अवी-वो वो

सी चाची-मैं ने आपको पागल कहा इस लिए मुझे मार रहा है.

अवी-हाँ वही

ब चाची-सही तो कहा मीना ने. मैं पागल हू,तुम सब के प्यार मे

मैं ने और छोटी चाची ने बड़ी चाची को गले लगाया.

म चाची-तुम सब मुझे हमेशा भूल जाते हो

ब चाची-तुझे कैसे..

सीमा चाची भी हमारे साथ बड़ी चाची के गले लग गयी.

थोड़ी देर हम ऐसे ही रहे

ब चाची-दिन भर क्या ऐसे ही रहना है, चलो जल्दी तय्यार हो जाओ, हमे मंदिर भी जाना है.

फिर हम सब मंदिर जाने की तय्यारी करने लगे.

थोड़ी देर बाद पूजा बुआ,नीता बुआ, नेहा बुआ, और सब लोग आ गये.

फिर हम मंदिर चले गये.

कल की तरह आज भी 1 घंटे की पूजा थी.

मैं ने और रंजीत सिंग ने पूजा कर ली

हमारी पूजा हो जाने के बाद पंडित जी अपनी पूजा करने लगे. पंडिताइन पंडितजी की मदद कर रही थी.

पूजा हो जाने के बाद लोग भगवान के दर्शन करने लगे.

ठाकुर की फॅमिली हवेली चली गयी. ठकुराइन के आँखे मे मुझे देख कर चिंगारी निकाल रही थी. पर ठकुराइन मेले मे कुछ नही कर सकती थी.वो अपने दाँत पीसते रह गयी. पर मेला हो जाने के बाद मेरी खैर नही. मुझे ठकुराइन से बचने के लिए कुछ सोचना होगा.

कामिनी (रणजीतसिंघ की बीवी) तो काम देवी बनकर आती थी. क्या गंद थी कामिनी की. बस एक बार मिल जाए.

कुवरसिंघ आज भी मंदिर मे नही आया. रेशमा की खूबसूरती देखते ही बन रही थी.

पायल (ठाकुर की बेटी) मुझ से बोलना चाह रही थी. पर बोल नही पा रही थी

ठाकुर की फॅमिली के जाने के बाद, हम सब भी घर चले गये.

मैं ने धोती पहनी थी. मुझे जल्दी कपड़े चेंज करने थे. मैं घर जाना चाहता था कि मुझे याद आया कि मेरी बाइक मेले मे है.

अगर मैं कार से घर गया तो वापस मेले मे कैसे आउन्गा.इस लिए मैं मेले मे जाकर बाइक लेकर घर जाने का फ़ैसला किया.

मैं बाइक लेने के लिए मेले की तरफ चला गया.

 
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