500
मोना की चूत मे पानी डाल दिया. और फिर कॉंडम निकाल कर फेक दिया.और मोना के साथ बेड पर लेट गया
थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये
अवी-मोना,तुम्हारी चूत का जवाब नही,
मोना-तुम्हारे लंड का भी जवाब नही
मोना-तुम मेरा काम करने वाले हो ना
अवी-तुम टेन्षन मत लो मैं तुम्हारा काम कर दूँगा. पर थोड़ा रूको,मुझे एक प्लान बनाने दो
मोना-बनाओ प्लान पर मेला ख़तम होने से पहले पूरा करना है
अवी-हो जाएगा. चलो अब
फिर मोना ने कपड़े पहन लिए और अपने घर चली गयी.
कैसे मोना का काम करूँ, कल सोचता हू ,आज चाची को मेले मे लेकर जाना है.
मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.
फिर कमेरे मे जो मोना की रेकॉर्डिंग बन गयी थी उसे लॅपटॉप मे सेव किया और कॅमरा लेकर घर की तरफ चला गया.
जैसे चाची ने सब को बताया था कि 5.00 बजे हम सब मेला देखने जाने वाले है. सब आधा घंटा पहले तय्यारी करके घर आ गये.
आज पूरी फॅमिली मेला देखने जाने वाली थी.
चाची, बुआ, बहनें,भाई, चाचा, और मैं ,हम सब साथ मे मेला देखने जाने वाले थे.
छोटी चाची ने आज रति को अपने साथ मेले मे चलने को कहा.
बच्चों को देखने के लिए रति को अपने साथ ले लिया.
ब चाची-बच्चों को जाने देते,हम क्या करेंगे मेले मे जाकर
पूजा बुआ-मैं भी यही कह रही हू
सी चाची-दीदी बस आज के लिए जाते है
नेहा बुआ-एक दिन मे ऐसा क्या होगा, मेला तो बच्चों के लिए
कोमल-मम्मी चलिए ना, मज़ा आएगा.
अवी-मेला सब के लिए,
ब चाची-पर
सी चाची-चलो ना दीदी, अवी इतने प्यार से ले जा रहा है,हमे चलना चाहिए
म चाची-कोई आए या ना आए मैं तो अवी के साथ जा रही हू
नीता बुआ-मैं भी जा रही हू
सी चाची-और मैं
पूजा-चलो सुमन हम भी चलते है, बच्चों को मज़ा करते हुए ,उनके चेहरे की खुशी देखने के लिए चलते है.
ब चाची-ठीक है,
सी चाची-ये हुई ना बात
चाचा-तुम सब जाओ मैं अपने दोस्तो के साथ जा रहा हू
सी चाची-आप से किसी ने पूछा , चुप चाप चलिए हमारे साथ,जब देखो तब दोस्त दोस्त करते रहते है.
छोटी चाची के बोलने से चाचा को हमारे साथ आना पड़ा.
पूजा बुआ-ज्योति दीदी, तुम भी चलो ,तुम अकेली कहाँ रहोगी,सर दर्द की गोली खा लो और चलो हमारे साथ
ज्योति बुआ-ठीक है.मैं भी चलती हू.
ज्योति बुआ आना नही चाहती थी . चलो सब तय्यार हो गये.
हम कार से मेले की तरफ निकल पड़े, मैं बाइक पर राज के साथ कार के पीछे पीछे जाने लगा.
हम मेले मे पहोच गये.
चाची और बुआ मेले मे भीड़, बड़े बड़े झूले ,दुकान, रंग बी रेंजिंग लाइटिंग, शोर शराबा, लोगो की चहल पहल देख कर दंग रह गयी.
ब चाची-इस बार तो बहुत बड़ा मेला जमाया है.
पूजा बुआ-हाँ, पर इतने लोगो के बीच हम ठीक से मेले को देख नही पाएँगे
सी चाची-दीदी अवी है हमारे साथ, वो सब संभाल लेगा क्यू अवी
अवी-जी चाची, मैं अभी 3 4 लड़को को बुलाता हूँ वो हमारे लिए मेले को देखने लायक जगह बना देंगे
मैं ने 5 6 लड़को को बुला लिया .और उनको हमारे आगे पीछे और साइड से चलते हुए जगह बनाने को कहा.
2 लड़के डंडा लेकर हमारे आगे आ गये. 2 लड़के पीछे, एक लेफ्ट साइड मे और एक राइट साइड मे होकर हमे प्रोटेक्ट करते हुए चलने लगे.
स्वेता दीदी-ये अच्छा किया ,नही तो आवारा लड़के भीड़ का फ़ायदा उठाते है.
नेहा बुआ-चलो एक काम तो ठीक किया ,नही तो हमे डाल रहा था इतने लोगो के बीच मे
नीता बुआ-नेहा तू मेले का मज़ा ले,
फिर हम सब मेले मे घूमने लगे.
मेले मे घूमने मे आसानी होने लगी.
मुझे गाओं और शहर और कॉलेज के पहचानने वाले आवाज़ दे रहे थे.पर आज मैं किसी की आवाज़ नही सुन रहा था.
मैं अपनी फॅमिली को लेकर पहले कल वाले झूले पर चला गया.
कविता,लीना-यहाँ तो कल बैठ थे
पूनम दीदी- आज सब के साथ बैठेंगे,मज़ा आएगा
म चाची-यहाँ पर तो लंबी लाइन लगी है.
सी चाची-दीदी अवी है ना
मैं झूले वाले के पास गया. और उसे समझा दिया कि झूले मे सिर्फ़ हम लोग बैठेंगे, उसे धीरे घुमाना, ज़्यादा देर तक घुमाना, और मैं जब इशारा करूँ रोक देना.
झूले वाला मेरी बात समझ गया.
अवी-चलिए हो गया
चाचा-तुम जाओ मैं यही रुकता हू
सी चाची-आपको यहीं रुकने के लिए लाया गया है.
सब हँसने लगे.
राज ने मेरे पॉकेट मे हाथ डाल दिया .और कॅमरा बाहर निकाल लिया.
राज-भैया कॅमरा,
सीतल दीदी-कॅमरा. फोटो निकालते है, झूले के सामने
मैं ने कॅमरा एक लड़के के पास दिया और हम सब अलग अलग अंदाज़ मे खड़े होकर फोटो निकालने लगे.
पूरी फॅमिली की एक साथ एक फोटो निकाल ली.
फोटो निकालने के बाद सब झूले के पास चले गये.
सी चाची-दीदी बच्चों को अवी के चाचा और रति के पास दे दीजिए. वो थोड़ी देर संभाल लेंगे
ब चाची-तू पागल हो गयी है, तुझे कुछ समझता है कि नही, अगर बच्चों को कुछ हो गया तो,कैसी माँ है तू, कितनी भीड़ है,मैं इसी लिए आना नही चाहती थी ,मैं रुकती हू तुम जाओ,
बड़ी चाची, चाचा,रति नीचे बच्चों के साथ रुक गये, और हम सब झूले मे बैठने लगे
सी चाची- अवी, दीदी की बात सही,हमे मेले मे नही आना चाहिए था, ये सब जल्दी ख़तम करके घर जाते है.
अवी-मुझे भी यही लग रहा है.इस झूले के बाद, हम नाश्ता करके चले जाएँगे. 25 30 मिनिट मे हम घर होंगे
सी चाची-अवी तुम बैठो ,मेरा मन नही हो रहा झूले मे बैठने का
अवी- 2 मिनिट के लिए
सी चाची- नही अवी ,तुम जाओ मैं यही रुकती हू
और छोटी चाची बड़ी चाची के पास चली गयी.
ब चाची-तुम वापस आ गयी
सी चाची-हमे मेले मे नही आना चाहिए था.
ब चाची-मैं हूँ ना बच्चों को देखने के लिए तू जा
सी चाची-दीदी और शर्मिंदा मत कीजिए
ब चाची-देख अगर तू झूले मे नही बैठी ना, तो मैं तुझ से कभी बात नही करूँगी.
सी चाची-दीदी
ब चाची-अब जा जल्दी नही तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.मेरे लिए झूले मे बैठ ,देख तेरी दीदी कह करी है.अब जा
छोटी चाची वापस मेरे पास आ गयी.
सी चाची-अवी जल्दी झूला रुकवा देना .
अवी-जी चाची
पूरा झूला हमारे लिए था. जिस की वजह से हम 2 2 के ग्रूप मे झूले मे बैठ गये. छोटी चाची मेरे साथ बैठ गयी.
छोटी चाची के चेहरे की चमक गायब हो गयी थी. छोटी चाची उदास हो गयी थी. छोटी चाची खुद पे नाराज़ हो गयी थी.
झूला शुरू हो गया. सब मस्ती मे चिल्लाने लगे.
मैं और छोटी चाची चुप चाप बैठी थे.
छोटी चाची नीचे देख रही थी. मैं ने छोटी चाची के हाथो को अपने हाथ मे ले लिया.
और छोटी चाची के चेहरे को उपर उठाया
छोटी चाची की आँखे से आसू निकल रहे थे, छोटी चाची रो रही थी.
छोटी चाची के आँखे मे पानी देख कर मेरी भी आँखे मे पानी आ गया.
सी चाची- अवी मुझ से ये क्या हो गया
अवी-कुछ नही हुआ
सी चाची- मैं मेले मे घूमने के चक्कर मे इतनी...मैं ने ये क्या किया...हमारे बच्चे...एक बार भी मैं ने सोचा नही...कितनी ख़ुदग़र्ज़ बन गयी मैं... बच्चों को दूसरो के पास रख कर... झूले मे बैठ ना चाहती थी... ये मैं ने क्या किया अवी...
अवी-कुछ नही हुआ, आप रोइए मत, बड़ी चाची देखेंगी तो वो भी रो देगी.
सी चाची- ये मैं क्या कर रही थी.पहली बार दीदी ने मुझे कुछ ऐसा कहा है,थोड़े वर्ड मे बहुत कुछ बोल दिया दीदी ने..ये मैं ने क्या किया
अवी-आप बस फॅमिली को एक साथ खुश देखना चाहती थी. आप रोइए मत ,नही तो मैं भी रो दूँगा.
चोथ चाची ने अपने आसू पोछ लिए.
सी चाची- अवी
अवी-हाँ
सी चाची- हम अभी घर जाएँगे ,तुम झूला रोको
अवी-हम ऐसा करेंगे तो सब को ये बात पता चल जाएगी. बस 1 मिनिट रुक जाइए.फिर झूले से उतरते ही हम घर जाएँगे
छोटी चाची आसमान की तरफ देखने लगी. चाँद की तरफ देख रही थी.
छोटी चाची को 1 मिनिट 1 साल के बराबर लग रहा था.छोटी चाची ने मुझे 2 बार पूछा कि कितना टाइम बाकी है.
मैं ने झूले वाले को रोकने का इशारा कर दिया.
झूला हमारे पास रुका. झूला रुकते ही छोटी चाची जल्दी से बॉक्स मे से नीचे उतर गयी.
छोटी चाची इतनी जल्दी झूले से नीचे उतरी कि गिरते गिरते बच गयी.
मुझे चाची को जल्दी घर लेकर जाना होगा.
छोटी चाची के चेहरे की चमक गायब हो गयी थी. उनको कुछ समझ नही रहा था. वो बस घर जाना चाहती थी.
बाकी सब भी उतर गये.
सब खुश थे,सिवाय छोटी चाची और मेरे
सब वापस बड़ी चाची के पास आ गये.
छोटी चाची सब से पहले नीचे आई थी. पर सब से आख़िर मे बड़ी चाची के पास पहुँची.
छोटी चाची को कुछ समझ नही आ रहा था. वो एग्ज़िट गेट से बाहर जाने की बजाय एंट्री गेट से बाहर जा रही थी.
मैं छोटी चाची के पीछे पीछे उनको संभाल ने के लिए जाने लगा.
छोटी चाची एंट्री गेट से बाहर निकल रही थी. वहाँ पर लंबी लाइन लगी हुई थी. छोटी चाची लोगो को धक्के देते हुए बाहर जा रही थी.
छोटी चाची को ऐसा लग रहा था कि लोग उनको घर जाने से रोक रहे है जिस से छोटी चाची उनको धक्का देते हुए बाहर जा रही थी
धक्के देते हुए छोटी चाची जब बाहर निकली तो उनके हालत और खराब हो गयी.
मैं ने चाची को वही पर एक दुकान जो हमारे गाओं का था, वही पर बैठा दिया. और सीमा चाची को बुलाने चला गया.
सब मेले का मज़ा लेते हुए बातें कर रहे थे.
मैं ने सीमा चाची का हाथ पकड़ कर अपने साथ चलने को कहा.
मैं सीमा चाची को छोटी चाची के पास लेकर आ गया.
सीमा चाची ने छोटी चाची की हालत देखते ही ,छोटी चाची के पास बैठ कर गले लगा लिया.
म चाची-अवी क्या हुआ
अवी-वो मैं आपको बाद मे बताउन्गा ,हमे अभी घर जाना होगा.
म चाची- पर हुआ क्या है
अवी-छोटी चाची ने एक छोटी सी बात को बड़ा समझ लिया. और दिल पे ले लिया.
म चाची-वो ठीक है,वो सब घर जाकर देखेंगे. पर हम सब को क्या कहेंगे
अवी-कुछ सोचते हुए ,रुकिये
मैं ने दुकान से एक प्लेट सब्जी ली और थोड़ी से सब्जी सीमा चाची के उपर और थोड़ी छोटी चाची के उपर डाल दी.
म चाची- ये क्या किया
अवी-अब आप बोल देना कि झूले मे बैठने से छोटी चाची को चक्कर आ गया. और छोटी चाची ने उल्टी कर ली. और आपके कपड़े भी खराब हो गये
म चाची- समझ गयी चलो
हम छोटी चाची को लेकर बड़ी चाची के पास आ गये
नीता बुआ ने सब से पहले हमारी तरफ देखा.
नीता बुआ-ये क्या हुआ मीना को
नीता बुआ की बात सुनकर सब हमारी तरफ देखने लगे.
ब चाची- क्या हुआ मीना को
म चाची- झूले मे बैठने से मीना को चक्कर आ गया. और मीना ने उल्टी कर ली.
अवी-हमे छोटी चाची को घर लेकर जाना होगा. और सीमा चाची के कपड़े भी खराब हो गये
ब चाची-हाँ चलो जल्दी घर,
कविता-इतनी जल्दी अभी तो आए है.
राज-मुझे मेला देखना है
पूजा बुआ-राज चुप चाप घर चलो
चाचा-इसको क्यू डाट रही हो, बच्चों को मेला देखना है तो मैं ठीक देता हू, तुम घर जाओ
नीता बुआ-पूजा दीदी आप चली जाइए मैं बच्चों के साथ रुकती हू,
ज्योति बुआ-हाँ पूजा तुम जाओ मैं हू यहाँ पर
मुझे चाचा की बात सुनकर गुस्सा आया ,अपनी बीवी की हालत देखते हुए भी मेले मे रुक रहे है.
ब चाची-चलो हम चलते है
राज ,कविता एट्सेटरा के साथ चाचा,नीता बुआ, ज्योति बुआ रुक गयी .
और बड़ी चाची,पूजा बुआ, नेहा बुआ,बचो को लेकर हमारे साथ घर आ गयी.
मैं चाची के साथ कार मे बैठ कर घर आ गया.
छोटी चाची घर आने तक बेहोश हो गयी.
हम ने छोटी चाची को उनके कमरे मे सुला दिया
छोटी चाची के कपड़े बदल दिए.
हम सब वही बैठ गये. पूजा बुआ और नेहा बुआ 1 घंटे तक वही बैठ रही फिर बड़ी चाची ने उनको घर भेज दिया.
सीमा चाची अमित सुमित और परी को देखने लगी. मैं और बड़ी चाची छोटी चाची को देखने लगे
थोड़ी देर बाद छोटी चाची को होश आ गया.छोटी चाची उठ कर बैठ गयी.
सी चाची-अवी घर चलो ,मुझे घर जाना है
अवी-चाची हम घर मे है
सी चाची-अवी झूला रोक दो, मुझे घर जाना है, ये मैं ने क्या किया...दीदी ने मुझे पहली बार ऐसा कहा...मैं अच्छी माँ हू...मैं ने ये क्या किया...मुझे घर जाना है...मुझे मेले मे नही जाना
छोटी चाची की बात सुनकर बड़ी चाची समझ गयी कि अंजाने मे उनसे क्या हो गया. उनको पता नही था कि छोटी सी बात को छोटी चाची दिल से लगा लेंगी.
बड़ी चाची तो हमेशा गुस्से मे छोटी चाची को कुछ भी बोल देती है. पर बड़ी चाची को पता था कि छोटी चाची उनको समझती है वो उनकी बात का बुरा नही मानती.पर आज ,
छोटी चाची की बात सुनकर बड़ी चाची के आँखों मे पानी आ गया. बड़ी चाची ने छोटी चाची को गले लगा लिया.
ब चाची-चुप हो जा मीना, तूने कुछ नही किया. मेरी ग़लती है,
सी चाची-रोते हुए दीदी मैं ने जानबूझ कर नही किया.
ब चाची-तूने कुछ नही कहा. तुम सब से अच्छी माँ हो. इसी लिए अवी हम से ज़्यादा तुझसे प्यार करता है .देख तुझे रोता हुए देख कर तेरा बेटा भी रो रहा है.
सी चाची-दीदी मैं ने
ब चाची-मेरी ग़लती है. अपनी दीदी को माफ़ कर दे. भगवान के लिए रोना बंद कर
सी चाची-दीदी मेरी ग़लती है,
ब चाची-तेरी ग़लती है. और मैं ने तुझे माफ़ किया .अब रोना बंद कर
सी चाची-आपने मुझे माफ़ किया
ब चाची-हाँ,
और बड़ी चाची छोटी चाची से अलग हो गयी. और छोटी चाची के आसू पोछने लगी.
ब चाची- अब रोना मत, देख अवी भी रो रहा है.
सी चाची-आप ने मुझे माफ़ किया
ब चाची-हाँ ,अब तू आराम कर, मैं भी तुम्हारे पास आराम करती हू,
सी चाची-आपने मुझे
ब चाची-सो जा चुप चाप नही तो माफ़ नही करूँगी.
बड़ी चाची छोटी चाची को सुलाने लगी.
ब चाची-अवी, सीमा के पास जा,मैं मीना के पास रुकती हू
अवी-जी चाची
और मैं सीमा चाची के पास चला गया. छोटी चाची के साथ जो हुआ वो सीमा चाची को बता दिया.
छोटी चाची हमेशा समझदारी से काम लेती है. पर आज
मैं ने आज यही रुकने का फ़ैसला किया. मैं घर2 नही जाने वाला था.
आज क्या सोचा था और क्या होगा. खूब मज़ा करेंगे ,मस्ती करेंगे, पर सब ग़लत हो गया.
आज मेले मे शीला से मिलना था. रणजीतसिंघ एक लड़की को मेरे पास भेजने वाला था .
मैं यही रुक गया.
9.00 बजे सब मेला देख कर वापस आ गये.चाचा भी आ गये.
सीमा चाची ने खाना बनाया.हम सब ने खाना खा लिया.छोटी चाची और बड़ी चाची ने खाना नही खाया,मैं बड़ी मुश्किल से एक रोटी ही खा सका , छोटी चाची की ऐसी हालत देखने से मुझे बहुत बुरा लग रहा था
छोटी चाची की आँखों मे पहली बार आसू देख कर मेरी क्या हालत हुई होगी ये मैं ही जानता हू
फिर एक बार मैं ने छोटी चाची को देखा वो आराम से सो रही थी. बड़ी चाची भी वही पर सो गयी.
चाचा सीमा चाची के पास सो गये.मैं अपने कमरे मे आकर सो गया.