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चाची के साथ कुछ वक्त बिताने के बाद मेले मे जाने का समय हो गया.
पूरी गॅंग मेले मे जाने को तैयार थी.
सब सज धज के तैयार थे,राज अपने कमेरे से जब देखो तब फोटो निकाल रहा था.
मेरे तैयार होते सब कार मे जाकर बैठ गये.
अवी-तो आज क्या करने का प्रोग्राम बनाया है.
स्वेता दीदी-मेले मे बादमे जाएँगे पहले मंदिर चलते है,
अवी-मंदिर, मंदिर किस लिए
कोमल-दर्शन करने
अवी-ठीक से बताओ
पूनम दीदी-आज वॉक करके मेले का मज़ा लेने का प्लान बनाया है
अवी-वॉक करके
कविता लीना राज- हमे कोई प्राब्लम नही है, हम वॉक कर लेंगे
अवी-पहले ये बताओ पूरा प्लान क्या है,
सीतल-पहले मंदिर, फिर वॉक करके हमारे आम के बगीचे मे जाएँगे, फिर वापस मेले मे होकर मंदिर आ जाएँगे
अवी-ये तो लंबा टूर है, तुम सब एक बार सोच लो
एक साथ-सोच लिया है.
अवी-चलो फिर
हम मंदिर मे आ गये, भगवान के दर्शन करने के बाद हम वॉक करते हुए आम के बगीचे मे जाने लगे.
अभी भी भगवान के दर्शन और दूसरी पूजा करने के लिए लोग लाइन मे लगे हुए थे.
सीतल दीदी-इतनी लंबी लाइन,अच्छा है हमे लाइन मे नही लगना पड़ता है.
पूनम दीदी-हाँ, लंबी लाइन देख कर मेरी हालत खराब हो रही है, अगर लाइन मे लगाना पड़ता तो मेरा क्या होता.
स्वेता दीदी-तुम दोनो को कुछ पता नही है, मंदिर या मेले मे जाना हो तो लाइन मे लग कर जाने मे एक अलग आनंद मिलता है.
रानी-सही कहा दीदी ने
कोमल-लाइन मे लगना पड़ता तो भी हमे ज़्यादा प्राब्लम नही होती
सीतल दीदी-वो क्यूँ?
कोमल-क्यू कि हमारे पास अवी है,
रानी-क्यू कि हमारे पास अवी है.
कोमल और रानी ने एक साथ बोल पड़ी.
स्वेता दीदी-ये तुम दोनो ने सही कहा, अवी जैसा भाई मिलने के लिए नसीब अच्छा होना पड़ता है.
कविता-आ गया आम का बगीचा.
खेतो मे इस समय कम लोग थे. और आम के बगीचे मे भी ज़्यादा लोग नही थे.
बगीचे मे एक तरफ लोगो ने टाय्लेट बना कर रखा था. जिस से मैं सब को दूसरी तरफ ले गया.
कविता- यहाँ कितनी ठंड है.
अवी-यहाँ आकर तुम सब को क्या मिला, अभी तो आम भी नही लगे है,
सीतल दीदी-हम तो बस पूनम दीदी, रानी और विद्या को आम का बगीचा दिखाने लाए है.
अवी-तुम देखो, मैं यही बैठ ता हूँ,
राजेश-मैं भी,
राज-मैं फोटो निकालता हूँ
सीतल दीदी-राज तुम ने तो बढ़िया आइडिया दिया. हम यहाँ पर फोटो निकालते है.
और इसी के साथ फोटो निकालने का प्रोग्राम शुरू हो गया.
सिंगल फोटो, ड्युयल फोटो, ग्रूप फोटो ,अलग अलग पोज़ मे ,इस पेड़ के नीचे ,किसी पेड़ पर चढ़ कर फोटो निकाल रहे थे.
राजेश और मैं पेड़ के नीचे बैठे कर देख रहे थे.
फिर स्वेता दीदी मुझे और राजेश को भी अपने साथ फोटो निकालने ले गयी.
हम भी ग्रूप मे शामिल हो गये,
पहले हम ने ग्रूप मे फोटो निकाले और फिर सब ने मेरे साथ ड्युयल फोटो निकाले
लास्ट मे कोमल और रानी रह गयी. जब कोमल की बारी आई तो मैं ने कोमल की कमर मे हाथ डाल कर फोटो निकाला जिस से रानी के साथ फोटो निकालते हुए मैं बिना झिझके फोटो निकाल सकता था.
जब मेरा हाथ रानी की कमर को टच हुआ तो रानी शॉक्ड हो कर मेरी तरफ देखने लगी. और फोटो क्लिक हो गया.
स्वेता दीदी-रानी ठीक से खड़ी रहो,
और राज ने फिर से फोटो निकाल ली, फोटो निकालते ही रानी और मैं जल्दी से दूर हो गये.ताकि ज़्यादा ड्रामा ना हो.
फोटो निकालने के बाद हम मेले की तरफ जाने लगे, सब आगे आगे चल रहे थे और मैं स्वेता दीदी के साथ पीछे चल रहा था
स्वेता दीदी-अवी
अवी-हाँ दीदी
स्वेता दीदी-तेरी और रानी की जोड़ी अच्छी लग रही थी
अवी-रानी, कुछ भी क्या दीदी
स्वेता दीदी-सच मे तुम दोनो एक दूसरे के लिए पर्फेक्ट दिख रहे थे.मेरी बात मान कर रानी को प्रपोज़ कर दे, तेरे लिए रानी पर्फेक्ट रहेंगी.
अवी-कहाँ से कहाँ तक सोच लिया आपने, मैं सिंगल ही ठीक हू
स्वेता दीदी-तुम समझ नही रहे हो ,जब गर्लफ्रेंड बनाने का मन हो तो पहले रानी के बारे मे सोचना
अवी-ठीक है, जब प्रपोज़ करूँगा तो आपको बता दूँगा, पर आपको भी मेरी बात मान नी होगी.
स्वेता दीदी-क्या करना होगा बोल
अवी-आपको अपने बर्तडे के दिन मेरे साथ वोड्का पीनी होगी
(रोहन के बर्तडे के दिन स्वेता दीदी के साथ वोड्का पीने के बाद चुदाई की थी)
स्वेता दीदी-वोड्का?
अवी-हाँ वोड्का
मेरी बात का मतलब समझते ही स्वेता दीदी मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागने लगी
और मैं खुद को बचाने के लिए भागने लगा.
स्वेता दीदी-तुझे मेरे हाथ से कोई नही बचा सकता.
स्वेता दीदी के साथ बाकी सब भी मेरे पीछे भागने लगे
भागते भागते हम मेले मे आ गये.
राज-दीदी आप भैया के पीछे भाग क्यूँ रही थी.
दीदी ने बात बदल दी
स्वेता दीदी-अवी के पीछे भागने से देखो हम कितनी जल्दी मेले मे पहुँच गये.
कोमल-पहुँच तो गये पर अब थोड़ा आराम करते है.
अवी-जूस पीते है,
और सब की मेजॉरिटी से हम गन्ने का जूस पीने लगे.
फिर आज मेले मे सिर्फ़ घूमना हुआ. इसमे भी मस्ती करते हुए भरपूर मज़ा किया.
विद्या भी मेरे फॅमिली का हिस्सा बनकर खुश हो गयी. उसे अपनी फॅमिली वापस मिल गयी.
मेले मे घूमने के बाद हम सब घर चले गये, फिर खाना खाने के बाद मैं घर3 चला गया.