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मैं और मेरा परिवार

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15थ डे

मैं आराम से सो रहा था कि मुझे रोने की आवाज़ सुनाई दी.

इतनी रात मे कौन रो रहा है .मैं ने मोबाइल मे देखा तो सुबह के 3.00 बज रहे थे.

इतनी सुबह, कुवरसिंघ को होश आया होगा. मैं ने कमरे की लाइट ऑन की.

जैसा सोचा था वैसा ही हुआ ,कुवरसिंघ रो रहा था.

मैं ने रात मे सोने से पहले कुवरसिंघ के हाथ पैर रस्सी से बाँध दिए थे. क्यू की मुझे डर था कही कुवरसिंघ को रात मे होश आया और फिर से स्यूयिसाइड करने की कोशिस ना करे.

मैं उठ कर कुवरसिंघ के पास चला गया .और उसके हाथ पैर खोल दिए.

हाथ पैर आज़ाद होते कुवरसिंघ करवट बदल कर बैठ गया और रोने लगा.

अवी-क्या हुआ ,रो क्यूँ रहे हो

कुवरसिंघ ने जवाब नही दिया ,

कुवरसिंघ की वजह से मैं शाम मे बहुत परेशान हुआ था,अब कुवरसिंघ को उसका हिसाब देना था.

मैं ने कुवरसिंघ के गाल पर कस्के 2 थप्पड़ मारे.

थप्पड़ इतने जोरदार थे कि कुवरसिंघ के होंटो से खून निकल गया.

कुवरसिंघ थप्पड़ खा कर गिर गया पर फिर से रोते हुए बैठ गया.

अवी-अगर दुबारा रोना शुरू किया तो यहाँ से बाहर निकाल दूँगा.

कुवरसिंघ ने मेरी तरफ देखा और फुसफुसाकर रोने लगा.

अवी-अब बताओ क्या हुआ ,रो क्यूँ रहे हो

कुवरसिंघ-मैं खुद पे रो रहा हूँ. मैं ना जी सकता हूँ और मर भी नही पाया

एक और थप्पड़ कुवरसिंघ के गाल पर मारा

अवी-मादरचोद मरना है तो बाहर जाके मर ,यहाँ नही.एक तो मदद करो और मुझे बर्बाद करने के लिए छोड़ रहे थे.

कुवरसिंघ मेरे गुस्से को देख कर शॉक्ड हुआ.

अवी-तू खुद को समझता क्या है. अगर तू मर जाता तो मुझे जैल हो जाती ,मदद करो और जैल भी जाओ

कुवरसिंघ ने अपनी मुन्डी नीचे की

अवी-नीचे क्या देख रहा है. मेरी तरफ देख

कुवरसिंघ फिर से रोने लगा.

अवी-अब बता क्या हुआ ,क्यू मरना चाहता है.

कुवरसिंघ-मरूं नही तो क्या करू,मेरी बीवी के साथ ....और रोने लगा.

अवी-वो तेरी वजह से हुआ है ,तेरे दोस्त तेरी बीवी ,मुझे क्यूँ फसा रहा है. बिना वजह मुझे जैल जाना पड़ता ,एक तो मदद करो और जैल भी जाओ

कुवरसिंघ-तो मैं क्या करता, मुझे कुछ समझ नही आ रहा था

अवी-तो ये कैसे समझ मे आ गया कि स्यूयिसाइड करना चाहिए

कुवरसिंघ-उसके सिवा दूसरा रास्ता नही था.

अवी-रास्ते बहुत होते है बस ढूँढने पड़ते है. जिस औरत ने तुझे बचाने के लिए अपनी इज़्ज़त दाँव पे लगा दी उसके बारे मे तो सोचते, अगर उसे पता चलता कि तुम मर गये हो तो वो जीते जी मर जाती.तुम्हारे बेटे क्या होता ये नही सोचा.

कुवरसिंघ-वो ...

अवी-तुम्हारी बीवी ने तुम्हे बचाने के लिए अपनी इज़्ज़त की परवाह नही की, उसे पता है कि तुम कैसे इंसान हो फिर भी उसने सिर्फ़ तुम्हारे बारे मे सोचा ,और तुम पहले भी अपने बारे मे सोचते थे और अब भी ऐसा ही कर रहे हो ,तुम्हे तो थूकने का दिल कर रहा है.

और मैं ने सच मे कुवरसिंघ के मुँह पर थूक दिया. कुवरसिंघ को गुस्सा आया होगा पर उसे अपनी ग़लती का अहसास भी हुआ.

अवी-वहाँ हवेली मे तुम्हारी बीवी कितनी परेशान है. रणजीतसिंघ तुम्हे ढूँढने मे रात दिन एक कर रहा है, और तुम यहाँ मरने की बात करते हो ,

कुवरसिंघ-मुझे माफ़ कर दो,

अवी-मैं कौन होता हूँ माफ़ करने वाला ,माफी माँगनी है तो अपनी बीवी से माँगो जिसे तुम नौकरानी समझते हो,

माफी माँगनी है तो उस भाई से माँगो जो तुम्हे अपनी जान से ज़्यादा प्यार करता है.

माफी माँगनी है तो उस भाभी से माँगो जिसे तुम मारना चाहते थे वो आज तुम्हारी बीवी को सहारा दे रही.

माफी माँगनी है तो उस लड़की से माँगो जिस का तुम ने कुछ दिन पहले रेप किया था.

कुवरसिंघ फिर से रोने लगा.-तुम ने सही कहा .मैं उन सब से माफी मागुंगा जिसको मैं ने दर्द दिया है.

अवी-ये हुई ना बात ,अब ये रोना बंद करो

कुवरसिंघ ने रोना बंद किया.

अवी-अब जल्दी ठीक हो जाओ फिर माफी माँग लेना. वैसे मोना की मदद करके तुम ने अच्छा किया.

कुवरसिंघ-मैं ठीक तो हो जाउन्गा, पहले मुझे अपनी बीवी से माफी माँगनी है

अवी-मुझे भी ऐसा लगता है. तुम्हारी बीवी की दुआओं से तुम अब तक ज़िंदा हो.

कुवरसिंघ-हाँ, मेरी बीवी की वजह से मैं ज़िंदा हूँ,उसे मैं ने कितने दुख दिए पर वो मुझे अपना भगवान मानती है.

अवी-अब सो जाओ ,कल अपनी बीवी से बात कर लेना

कुवरसिंघ-कल तक मैं रुक नही सकता.जब तक रेशमा से माफी नही मानूँगा तब तक मुझे नींद नही आएगी.

अवी-अभी सही टाइम नही है.

कुवरसिंघ-कुछ नही होता तुम मुझे अपना मोबाइल दो

अवी-मेरा क्यूँ ,तुम्हारा मोबाइल है मेरे पास, लेकिन अपनी बीवी से क्या बात करोगे

कुवरसिंघ-उसे सब कुछ बता दूँगा कि मुझे उसके साथ क्या हुआ वो पता है

अवी-ऐसा मत करना ,वरना वो खुद को गुनहगार समझेंगी.

कुवरसिंघ-तो क्या बोलूं

अवी-बोलना क्या है , बोल देना मैं जब वापस हवेली आउन्गा तो नया ठाकुर बन के आउन्गा जो सिर्फ़ तुम्हारा होगा.और ये भी कहना कि तुम दूसरे शहर गये हो और जल्दी वापस आओगे.

कुवरसिंघ-दो मोबाइल

मैं ने अलमारी से कुवरसिंघ का मोबाइल निकाल लिया. और बॅटरी डाल कर स्विच ऑन करके कुवरसिंघ को दिया.

कुवरसिंघ ने बिना वक्त गँवाए रेशमा को कॉल किया.मैं ने मोबाइल को स्पीकर पे डालने को कहा.

4 5 रिंग हो जाने के बाद रेशमा ने कॉल पिकप किया.

कुवरसिंघ-रेशमा

अपने पति की आवाज़ सुनकर रेशमा के रोने की आवाज़ सुनाई दी.

कुवरसिंघ-रेशमा

रेशमा-आप ठीक हो ना ,आप कहाँ हो,

कुवरसिंघ-मैं ठीक हूँ ,तुम कैसी हो ,हमारा बेटा कैसा है.

रेशमा-यहाँ कुछ ठीक नही है.मुझे आपकी ज़रूरत है.

कुवरसिंघ भी रोने लगा.

रेशमा-क्या हुआ ,आप रो क्यूँ रहे हो

कुवरसिंघ-तुम्हारी याद आ रही है.

रेशमा-आप झूठ बोल रहे हो, मेरा दिल घबरा रहा है ,बताइए ना क्या हुआ.

कुवरसिंघ-कुछ नही ,तुम्हारी याद आ रही है.

रेशमा-फिर झूठ, आप को पहले तो कभी मेरी याद नही आई अब कैसे याद आ रही है.

कुवरसिंघ-रेशमा वो मेरी ग़लती थी. तुम मुझे कितना प्यार करती हो और मैं ने कभी तुम्हारी परवाह नही की, मुझे माफ़ कर देना

रेशमा-ये आप क्या बोल रहे हो, आप माफी क्यू माँग रहे हो

कुवरसिंघ-रेशमा मुझे माफ़ कर दो ,मैं ने तुम्हे बहुत दुख दिया है. और रोने लगा.

रेशमा-आप रो क्यूँ रहे हो ,देखिए मैं ने माफ़ कर दिया प्लीज़ रोना बंद कीजिए ,मेरा दिल घबरा रहा है.अपने बेटे के लिए प्लीज़,

मैं ने कुवरसिंघ को सहारा दिया.

रेशमा-हेलो ,हेलो

कुवरसिंघ-रेशमा

रेशमा-आप कहाँ हो

कुवरसिंघ-मैं वो ,जल्दी वापस आउन्गा.

रेशमा-आप ठीक हो ना

कुवरसिंघ-हाँ, मेरी चिंता मत करो, बस अपना और मेरे बेटे का ख़याल रखना ,मैं जल्दी वापस आउन्गा. सिर्फ़ तुम्हारे लिए वापस आउन्गा.

और कुवरसिंघ ने कॉल कट किया और रोने लगा.

मैं ने कुवरसिंघ का मोबाइल स्विच ऑफ किया.

 


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कुवरसिंघ अपनी बीवी से बात करके रोने लगा.

अवी-अब क्यूँ रो रहे हो

कुवरसिंघ-मैं कितना ग़लत था.

अवी-एक ही बात बार बार कहने की ज़रूरत नही है. पहले अपना मुँह पोछ लो

कुवरसिंघ ने मेरा थूक साफ किया.

अवी-अब सुनो, मुझे लगता है तुम ठीक हो रहे हो

कुवरसिंघ-हाँ,

अवी-अब तुम्हे हॉस्पिटल मे चेकप कराना होगा

कुवरसिंघ-लेकिन ,ऐसे तो सब को पता चल जाएगा

अवी-हम यहाँ नही दूसरे शहर जाएँगे. वहाँ पर मेरी पहचान का डॉक्टर है वो तुम्हारा चेकप कर देगा और किसी को पता नही चलेगा.

कुवरसिंघ-लेकिन

अवी-लेकिन वेकीन छोड़ो पहले अपने सर पर हाथ रखो

कुवरसिंघ ने अपने सर पे हाथ रखा .कुवरसिंघ को पता चला कि उसके बाल गायब है.

कुवरसिंघ-ये क्या किया तुम ने

अवी-मैं ने कहा था स्यूयिसाइड करने को ,अब भुगतो

कुवरसिंघ-मैं बच कैसे गया.

अवी-तुम्हारे सर पे फॅन गिर गया था. जिस से तुम बच गये पर सर पे चोट लगी .और बाल काटने पड़े.

कुवरसिंघ-शायद जब तक मैं अपने पापों को माफी नही माँग लेता मैं मर भी नही सकता

अवी-वो कुछ भी हो पर मैं रिस्क नही ले सकता ,तुम्हे हॉस्पिटल जाना होगा ,

कुवरसिंघ-ठीक है ,

अवी-तो आज रात निकलते है. तुम्हे अड्मिट करके मैं वापस आ जाउन्गा.

कुवरसिंघ-तुम नही रुकोगे

अवी-नही. मुझे मंदिर मे पूजा करने वापस आना पड़ेगा.

कुवरसिंघ-तो आज रात ,कुछ जल्दी नही हो जाएगा.

अवी-मोना चली गयी ,अब तुम्हारी मालिश कौन करेगा.

कुवरसिंघ-वो चली गयी.

अवी-हां ,मैं ने उसे टेप दे दिया.

कुवरसिंघ-कुछ दिन रोक लेते उसे

अवी-ग़लती तुम्हारी है. मैं आज ही तुम्हे हॉस्पिटल लेके जाने वाला था पर तुम ने स्यूयिसाइड करके प्लान खराब कर दिया

कुवरसिंघ-सॉरी

अवी-वैसे मोना बहुत खुश थी.

कुवरसिंघ-सच

अवी-हाँ, उसे तो यकीन नही हो रहा था कि टेप उसे बिना पैसे दिए मिल गया.

कुवरसिंघ-और क्या कहा उसने

अवी-मैं ने उसे तुम्हारे बारे मे नही मेरे फ्रेंड के बारे मे बताया है. उसे टेप मेरे फ्रेंड ने दिया है ऐसा बताया है. वो मेरे फ्रेंड को शुक्रिया कह रही थी.

कुवरसिंघ-कोई बात नही,इनडाइरेक्ट्ली मुझे शुक्रिया कहा

अवी-इन सब मे एक ग़लती हो गयी.

कुवरसिंघ-क्या?

अवी-मोना ने बताया कि उसके मालिक ने उसे पैसे दिए है. उसका क्या करे .तो मैं ने कहा कि वो पैसे वो रख सकती है. और अपने मलिक को टेप दे

कुवरसिंघ-ये अच्छा किया ,मोना को मेरी मदद करने के बदले मे पैसे मिल गये

अवी-तो एक पाप का भुगतान हो गया .अब आगे क्या

कुवरसिंघ-उस गर्ल से माफी माँग लूँगा जिसके साथ मैं ने...

अवी-हॉस्पिटल से आने के बाद माफी माँग लेना.

कुवरसिंघ-हॉस्पिटल मे कितने दिन रुकना होगा पता नही ,अगर वो यहाँ से चली गयी तो मैं उसे कहा ढूढ़ुंगा,

अवी-ये भी सही है.

कुवरसिंघ-हॉस्पिटल जाने से पहले माफी माँग लूँगा.वो माफ़ तो नही करेगी फिर भी माफी माँग लूँगा और वो जो सज़ा देंगी वो भुगत लूँगा.

अवी-मैं उसे लेकर आ जाउन्गा ,

कुवरसिंघ-हाँ, यही लेकर आ जाना ,मैं यही पर माफी माँग लूँगा.

अवी-ये बहुत हो गया अब मुझे सोना है.

और मैं ने रस्सी को उठा लिया.

कुवरसिंघ-ये क्या कर रहे हो

अवी-तुम्हे बाँध रहा हूँ

कुवरसिंघ-पर क्यूँ?

अवी-क्या पता फिर से स्यूयिसाइड कर दो

कुवरसिंघ-नही करूँगा.

अवी-मैं रिस्क नही ले सकता ,चलो सिर्फ़ हाथ बाँध देता हूँ

कुवरसिंघ-तुम भी ना, लो बाँध दो

कुवरसिंघ को रस्सी से बाँध दिया और बेड पर जाकर सो गया.

मैं ने कुवरसिंघ को ऐसा इस लिए कहा कि मोना को पैसे खुद रखे ,क्यूँ कि कुवरसिंघ ने अगर अपने दोस्त को पूछ लिया तो गड़बड़ हो सकती थी कि पैसे कहाँ गये.

ऐसी गड़बड़ ना हो इस लिए ड्रामा करना पड़ा.

कुवरसिंघ को समझाने के बाद मैं फिर सो गया.

और हमेशा की तरह अपने समय पर उठ गया .

कुवरसिंघ अभी तक सो रहा था ,मैं ने उसे सोने दिया और मंदिर जाने को तय्यार हो गया.

तय्यार हो जाने के बाद मैं ने कुवरसिंघ को नींद से जगाया .

और कुवरसिंघ को बता कर मैं मंदिर आ गया

 
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मंदिर जाकर मैं ने चाची,बुआ और चाचा का आशीर्वाद लिया और मंदिर मे पूजा की

पूजा हो जाने के बाद हम ठाकुर की फॅमिली के साथ बैठ कर बाते करने लगे.

मैं ने थोड़ी देर रणजीतसिंघ के साथ बाते की फिर रणजीतसिंघ अकेला हवेली चला गया.उसे आज एक मीटिंग मे जाना था.

जैसे ही मैं फ्री हुआ रेशमा मेरे पास आ गयी.

रेशमा-अवी

अवी-भाभी बताइए .

रेशमा-तुम्हे पता है कुवार कहाँ है

अवी-ठीक से तो नही पता पर दूसरे शहर गया है.क्यूँ क्या हुआ

रेशमा-आज सुबह उनका कॉल आया था

अवी-मैं ने कहा था ना कि कुवरसिंघ से आप की बात करवाउन्गा.

रेशमा-तभी तो तुमसे पूछने आई हूँ,

अवी-वैसे क्या बात हुई.

रेशमा-कुछ खास नही, पर मुझे उनकी चिंता हो रही है.

अवी-आप टेन्षन मत लो,वो आ जाएगा.

रेशमा-उन्होने कहा तो है कि वो जल्दी वापस आ जाएँगे

अवी-फिर आप बेवजह टेन्षन ले रही है.वैसे मेरा दोस्त मिला था कुवरसिंघ को उसी ने आपको कॉल करने को कहा. अगर आप चाहे तो मैं अपने दोस्त बोल दूँगा वो कुवरसिंघ को बोल देगा कि डेली आपको कॉल करे

रेशमा-हाँ, ये ठीक रहेंगा ,पर इतनी सुबह कॉल किया कि मैं डर गयी थी.

अवी-आप मुझपे भरोसा रखिए. कुवरसिंघ वापस आ जाएगा.

रेशमा-तुम्हारा ही तो सहारा है , वरना मैं क्या करती

अवी-फिर भी आप मेरी बात नही मानती.

रेशमा-कौनसी बात

अवी-आपको पिंक कलर ट्राइ करना चाहिए पर आप ने रेड कलर पहना है (आज रेशमा ने रेड साड़ी पहनी थी)

कलर की बात आते रेशमा शरमा कर चली गयी.

रेशमा गयी तो पायल मेरे पास आ गयी.

पायल-हाई

अवी-गुड मॉर्निंग

पायल-गुड मॉर्निंग

अवी-हाई

पायल-तुम भी ना

अवी-कहो आज हमारी याद कैसे आई.

पायल-मैं ये बताने आई थी कि पिताजी ने पर्मिशन दे दी

अवी-किस लिए

पायल-तुम्हारे साथ मेला देखने के लिए

अवी-ये तो अच्छी बात है

पायल-तो कितने बजे मेला देखने आऊ

अवी-हम 5.00 बजे जाते है तुम सीधा मेले मे आ जाना वही से साथ चलेंगे

पायल-ठीक है. बाइ

पायल के साथ बात करने के बाद मैं अपनी फॅमिली के साथ घर आ गया.

घर आकर मैं ने नाश्ता किया और कुवरसिंघ के लिए नाश्ता पॅक किया .और नाश्ते का टिफिन बॅग मे डाल दिया ताकि किसी को पता ना चले.

नाश्ता करने के बाद मैं कुवरसिंघ के पास चला गया .साथ मे टॅपारी से चाय भी ले ली.सिर्फ़ एक चाय ली और घर3 जाते हुए 1 2 सीप ली ताकि लगे कि मैं ने टी अपने लिए ली है.

कुवरसिंघ मेरा ही इंतज़ार कर रहा था.मैं ने कुवरसिंघ के हाथ खोल दिए.

कुवरसिंघ ने नाश्ता और चाय देख कर उसपे हमला बोल दिया.

चाय पीने से कुवरसिंघ को अच्छा लगने लगा.

फिर कुवरसिंघ चेयर की मदद से चलते हुए बाथरूम मे चला गया.

बहुत दिनो के बाद आज कुवरसिंघ ने नहा लिया.

कुवरसिंघ ने सर को छोड़ कर पूरा शरीर साफ किया.

मैं ने कुवरसिंघ को कपड़े दिए जो कल मैं अपने साथ लेकर आया था.

पर कुवरसिंघ ने पहने से मना किया ,

मुझे क्या था. मैं ने कुवरसिंघ को पेन किल्लर और नींद की गोली खिला दी.

नींद की गोली खाते ही.कुवरसिंघ सो गया ,फिर भी मैं ने उसके हाथ बाँध दिए.

और वापस घर चला गया. पंडिताइन से मिलने मे अभी टाइम था .

मोना के ना आने से आज कुवरसिंघ का काम जल्दी हो गया .जिस के वजह से मेरा पास काफ़ी समय था.

इस लिए मैं घर जाकर थोड़ा आराम करना चाहता था

 


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मैं घर जाकर थोड़ी देर आराम करने का सोचा था पर राज ने मुझे आराम करने नही दिया.

राज मुझे अपने कमेरे के फोटो दिखाने लगा. मुझे इस मे कोई इंटेरेस्ट नही था पर मेरे छोटे भाई के लिए देखने पड़ा.

राज ने मेरे आराम करने का टाइम इस्तेमाल कर लिया .अब मैं पंडिताइन के पास जाने के लिए तय्यार हो रहा था कि चाची ने खाने खाने को कहा.

चाची के हाथ का खाना कैसे छोड़ सकता हूँ. चाची प्यार से खाना खिलाने लगी. और मैं ख़ाता गया.

खाना खाने के बाद फाइनली मैं फ्री हो गया.अब मैं पंडिताइन की तरफ जा रहा था कि सीमा चाची ने मुझे रोक लिया.

और मेरे हाथ मे कपड़े थमा दिए और मंदिर जाते हुए पूजा बुआ को देने को कहा.

फिर मैं पूजा बुआ के घर चला गया.पूजा बुआ के घर पे पूजा के सिवा कोई नही था.

स्वेता दीदी सब के साथ कोमल के घर गयी थी और ज्योति बुआ नीता बुआ के घर गयी थी.

गेट खुला था जिसके वजह से मैं सीधा अंदर चला गया.

हॉल मे कोई नही था. मैं पूजा बुआ के कमरे मे चला गया.

पूजा बुआ साड़ी पहन रही थी. मैं ने स्वेता दीदी के कमरे मे और किचन मे जाकर देखा तो वहाँ कोई नही था.

पंडिताइन को मरने दो आज मेरी प्यारी पूजा बुआ को प्यार करता हूँ.

मैं ने मेन गेट बंद किया और पूजा बुआ के कमरे मे चला गया.

अब पूजा बुआ दूसरी साड़ी पहन रही थी.मैं ने चुपके से पूजा बुआ को पीछे से पकड़ लिया.

पूजा बुआ मेरे पकड़ते ही छटपटाने लगी.

अवी-बुआ मैं अवी हूँ

और मैं ने पूजा बुआ को छोड़ दिया.

पूजा बुआ ने पलट कर मेरी तरफ देखा ,

पूजा बुआ बिना वक्त गवाए मेरे गले लग गयी.

अवी-क्या हुआ बुआ

पूजा बुआ-अच्छा हुआ तुम आ गये , मैं कितने दिन से तुमसे मिलने की सोच रही थी

अवी-क्यूँ?

पूजा बुआ-अवी क्या बताऊ तुम्हारी बहुत याद आती है.कितने दिन हो गये तुमने यहाँ आना बंद किया.

अवी-क्या करूँ बुआ , थोड़ा बिज़ी था ,आपको तो पता है.

पूजा बुआ-तभी तो कंट्रोल कर रही हूँ. महीने मे 1 बार मिला करो ,मुझे बर्दास्त नही होता.

अवी-आप भी ना बुआ, बर्दास्त करने की क्या ज़रूरत है,मुझ पे आपका पूरा हक है बस एक आवाज़ दिया करो मैं भागता हुआ आ जाउन्गा.उस्दिन आपको सबके रहते खुश किया था ना

पूजा बुआ-हाँ, तू ही तो मेरा बेटा है. चल अपनी बुआ की प्यास बुझा जल्दी.

अवी-हमारा पास कितना टाइम है.

पूजा बुआ-उसकी टेन्षन तुम मत लो ,सब मूवी देख रहे है. हमारे पास बहुत टाइम है

अवी-फिर भी आप पीछे के गेट से बाहर जाकर मेन गेट को लॉक लगा दो

पूजा बुआ-नही .ऐसा करना रिस्की होगा. स्वेता के पास हमेशा एक की रहती है. गेट अंदर से बंद रहना सेफ है.

अवी-तो फिर आप नाइटी पहन लीजिए .कोई आ गया तो प्राब्लम नही होगा.

पूजा बुआ-मेरा प्यारा बेटा कितना ख़याल रखता है अपनी बुआ का ,

और बुआ ने ब्लाउस और पेटिकोट निकाल दिया.और नाइटी पहन ली.नाइटी पैरो तक लंबी थी .

अवी-बुआ आपका बदन लूज लग रहा है.

पूजा बुआ- चुदाई ना करने से हुआ है. मेरे बदन को धक्के खाने की आदत है और बिना धक्को की वजह से बदन लूज हो गया.

अवी-मुझे पता नही था कि आपको मेरे धक्को की इतनी ज़रूरत है.

पूजा बुआ-मेरे साथ मेरी चूत को भी.

अवी-तो शुरू करूँ

पूजा बुआ-हाँ, और अपने धक्को से मेरी हड़िया तोड़ दो ,मेरी चूत को ऐसा रुलाओ कि पूरा बिस्तेर गीला हो.

अवी-मेरी बुआ जैसा चाहेंगी वैसा ही होगा. आप ये नाइटी भी निकाल दो ,

पूजा बुआ-लेकिन कोई आ गया तो

अवी-जल्दी से पहन लेना ,अगर आपको जोरदार चुदाई चाहिए तो ये निकालना होगा.

पूजा बुआ ने नाइटी निकाल ली. अब बुआ सिर्फ़ पैंटी मे थी.

मैं ने बुआ को धक्का दे दिया .बुआ ने अपना बदन ढीला छोड़ दिया .और बेड पर गिर गयी.

बुआ के बेड पर गिरने से उनके बूब्स डॅन्स करने लगे.

आज बुआ और मैं पूरी तरह से एक दूसरे मे खो जाना चाहते थे.

इसके लिए हम किसी की परवाह नही करने वाले थे. अब कोई भी आ जाए अब चुदाई पूरी करके चैन की सास लेंगे.

मैं ने पहले सोचा था कि सिर्फ़ जीन्स नीचे करके बुआ की चुदाई करूँगा पर बुआ की प्यास बुझाने के लिए मुझे खुल के चुदाई करनी होगी.

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए. बुआ को पैंटी मे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था.

बुआ लालची नज़रों से मेरे लंड को देख रही थी.

मैं लंड को हाथ मे पकड़ कर बुआ को दिखाने लगा.

बुआ ने लंड को देख कर अपने होंटो को दातों मे दबा दिया.जैसे की लंड कच्चा खा जाएगी.

बुआ को ज़्यादा तड़फाना ठीक नही था.मैं बुआ के उपर आ गया.

बुआ के उपर आते ही बुआ ने मुझे कस के गले लगा लिया और अपने बदन को मेरे शरीर से रगड़ने लगी.

बुआ के बड़े बड़े बूब्स मेरे मेरे चेस्ट से रगड़ रहे थे. जिस से बुआ गरम हो रही थी और मेरा जोश बढ़ रहा था.

मैं ने बुआ के गले लगते हुए गर्दन पे किस किया.

किस करते ही बुआ के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.

आअहह….…..आअहह

बुआ तो भट्टी की तरह गरम हो गयी थी. मैं अपने होंटो से बुआ को ठंडक पहुँचा रहा था.

गर्दन पे किस करने से बुआ ने शीष्कारिया लेते हुए अपनी पकड़ ढीली कर दी.

मैं ने अपना सर गर्दन से दूर किया और बुआ की आँखे मे देखने लगा.

बुआ की आँखे लाल हो चुकी थी .और होंटो की लाली से रस टपक रहा था.

बुआ ने मेरे सर को पकड़ लिया. मतलब बुआ किस करना चाहती है. बुआ के कुछ करने से पहले मैं ने बुआ के होंटो पर हमला बोल दिया.

ये हमला दोनो तरफ से एक जैसा था.

अगर एक साथ 2 न्यूक्लीयर बॉम्ब टकरा जाए तो क्या होता है वही इस वक्त मैं और बुआ महसूस कर रहे थे.

बुआ के होंटो का रस चूसने मे वो भी वाइल्ड तरीके से ,पूरा पेट भर रहा था.

हम किस करते हुए एक दूसरे के होंटो को काट रहे थे.

बुआ ने किस करते हुए मेरे कमर को अपने पैरो से पकड़ लिया था .अपने पैरो से कैंची मारी थी.

बुआ के ऐसा करने से किस करने मे ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

ऐसा मज़ा आ रहा था जैसा करीमकीगर्ल के साथ वाइल्ड सेक्स करते हुए भी नही आया था.

यही तो वजह थी जो पंडिताइन की गंद छोड़ कर मैं बुआ को प्यार कर रहा था.

यही तो वजह थी जो मैं अपनी फॅमिली के साथ सेक्स करना ज़्यादा पसंद करता हूँ.

पूजा बुआ तो फॅमिली मे मेरी पहला प्यार था. पूजा बुआ की चूत ने मेरा लंड फॅमिली मे सब के पहले लिया था.

पूजा बुआ का नशा ही ऐसा था जिस मे मैं इतना डूब गया कि आज मैं सेक्स पे सेक्स करता फिर रहा हूँ.

पूजा बुआ के होंटो आज फूलने वाले थे.चूत फूलने वाली थी.

आज चूत तो गयी काम से पर पहले पूजा बुआ के होंटो की बारी है.

पूजा बुआ बस करो ,कम से कम साँस लेने तक के लिए रुक जाओ. मैं अपने मन मे यही सोच रहा था.

ना पूजा बुआ रुकना चाहती थी और ना मुझे रोकने दे रही थी.

पूजा बुआ ने आज तो हद कर दी. और ऐसा नया करने मे मुझे हमेशा मज़ा आता है.

ये मज़ा बेकार ना हो जाए इस लिए पूजा बुआ ने आख़िरी बार लंबा सक किया

और एक झटके मे अपने होन्ट अलग कर दिए. और अपने पैरो से मुझे आज़ाद किया.

मैं बुआ के उपर से अलग हो गया .और बुआ के बाजू मे लेट कर हाँफने लगा.

हान्फते हुए मैं ने बुआ की तरफ देखा.

बुआ भी मेरी तरह हाफ़ रही थी पर हाँफने से बुआ के बूब्स जो डॅन्स कर रहे थे वो देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया.

नॉर्मल होते ही मैं सब से पहले बूब्स खा जाउन्गा.

 


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बुआ को किस करना सब से मज़े दार था ,

एक अद्भुत आनंद था ,

मुझे नही लगता कि बुआ फिर से किस करेगी. क्यू कि उनको जितना चाहिए था उस से ज़्यादा मिला था.

बुआ के हाँफने से उनके बूब्स एक रिदम मे डॅन्स कर रहे थे.और मैं भी बूब्स के साथ डॅन्स करना चाहता था.

इस लिए मैं ने फिर से बुआ पर हमला बोल दिया. बुआ के बूब्स मेरे हाथो मे आ गये.

हाथो मे बूब्स आते ही मैं ने अपना काम शुरू किया .

बुआ के बूब्स को मैं ने मसलना शुरू किया .बुआ किस करने से पहले ही गरम थी बस अपनी सासो को कंट्रोल कर रही थी .लेकिन बूब्स पर मेरे हाथो का दबाव पड़ते बुआ धीरे धीरे फिर से मस्ती मे आ रही थी

मैं उनके बूब्स मसल रहा था और बुआ कुछ ना करे ऐसा हो ही नही सकता.

बुआ ने अपना हाथ मेरे लंड पे रख दिया और उसे हिलाने लगी.

बुआ के फॉर्म मे आते ही मैं ने उनके बूब्स को मसल्ने के साथ चूसना भी शुरू किया.

बुआ के निपल मसल्ने से टाइट हो चुके थे जिस से चूसने मे मज़ा आ रहा था.

मैं एक हाथ से बूब्स मसल रहा था और दूसरे बूब्स को चूस रहा था.

ऐसा करने से बुआ की पकड़ मेरे लंड पर टाइट हो रही थी.

और साथ मे बुआ शीष्कारिया लेने लगी ....आआआअहह…उूुउऊहह…..अवईीई और्र्रर जोर्र्र्रर सीई उूउउफफफफफफफफफफफ्फ़….. खााअ जाआव ,….अवईीईईहह…मसाालल्ल्ल डलूऊफफफफफफफफफ्फ़ ऊहह ....बहुत परेशन कर्तीईई हाईईइ....आआहह

बुआ की शीष्कारिया मेरा जोश और बढ़ा रही थी जिस से मैं बुआ की टाइट निपल को चूसने के साथ काटने लगा.

फिर दूसरे बूब्स का नंबर था. मैं ने बूब्स को चेंज किया और पहले को मसल्ने लगा और दूसरे को चूसने लगा.

दूसरे बूब्स को चूसने से बुआ मस्ती मे शीष्कारियों की बारिश करने लगी.

बुआ की मस्ती और बढ़ाने के लिए मैं बूब्स को मसल्ने की जगह,अपना हाथ बुआ की पैंटी मे डाल दी.और बुआ की चूत को सहला ने लगा.

बुआ की गीली चूत मसल्ने मे और बूब्स को चूसने से बुआ हवा मे उड़ने लगी.

अभी तो सिर्फ़ चूत को मसल रहा था ,तब क्या होगा जब उंगली अंदर जाएगी, तब क्या होगा जब मेरा लंड चूत मे जाएगा. ये सोच कर मैं मस्ती मे बुआ के बूब्स और चूत का मज़ा लेने लगा.

चूत को मसल्ते हुए मैं ने अपनी उंगली बुआ की चूत मे डाल दी .

चूत मे उंगली जाते ही बुआ ने हाथ मेरे सर पर आ गये और मेरे बालो को सहलाने लगे.

ओरल सेक्स मे ही हम दोनो को इतना मज़ा आ रहा था कि चुदाई करने से पहले कही हम झड ना जाए.

बूब्स को चूसवाना और चूत मे उंगली का मज़ा लेना, बुआ इसी का मज़ा ले रही थी. उनको होश नही था कि हमारे पास टाइम कम है.

बुआ होश मे ना रहे पर मुझे होश से काम लेना था .

मैं ने बूब्स चूसना बंद किया और पैंटी से हाथ बाहर निकाला.

ऐसा करने से बुआ ने मुझे गुस्से से देखा .मैने देर ना करते हुए बुआ की पैंटी को पकड़ कर फाड़ दिया.

बुआ की गीली चूत मेरे सामने आ गयी. बुआ की चूत से पानी टपक रहा था.

ये पहली फॅमिली की चूत थी जो मैं ने टेस्ट की थी.

ये वो चूत थी जिस ने मुझे बताया कि फॅमिली की चूत कितनी अनमोल होती है.

ये वो चूत थी जिस ने मुझे बताया कि जो प्यार फॅमिली से मिलता है वो बाहर कभी नही मिलेगा.

ये वो चूत थी जिस के बाद मेरी दुनिया बदल गयी. मुझे वो प्यार मिला जिस का मुझे कब से इंतज़ार था

मैं ने बुआ की जाँघो को फैला दिया और अपनी जीभ से बुआ की प्यारी चूत को चाटने लगा.

चूत को जीभ टच करते बुआ ने अपनी चूत उपर की जिस से मुझे चूत चाटने मे परेशानी नही हुई.

बुआ ने सिर्फ़ चूत उपर नही की बल्कि मेरे सर को पकड़ के अपनी चूत पे दबा ने लगी

मैं भी बुआ का पूरा साथ दे रहा ,बुआ की चूत के अंदर तक जीभ ले जाके चाटने लगा.

फिर बुआ ने अपने पैर हवा के उपर किए जिस से मेरी जीभ बुआ की चूत मे अंदर तक गयी . जिस से बुआ मस्त हो गयी

आआअहह मज़ा आ गया

बुआ किस करने ,बूब्स चूसवाने, चूत मे उंगली करने से, और अब चूत चूस्वाने से इतनी मस्त हो गयी कि उनका बदन अकड़ने लगा.

इसका मतलब मैं अच्छे से जानता था बुआ का पानी मेरे मुँह मे जाने वाला था.

और हुआ भी ऐसा बुआ का पानी पीकर मैं ने दुनिया जीत ली.

बुआ की चूत से गरम लावा पी कर दिल को एक सुकून मिला.

पानी पीने के बाद मैं बुआ के बाजू मे जाकर लेट गया .बुआ फिर से हाँफने लगी.

लेकिन इस बार मैं थक गया था जिस से बुआ जल्दी नॉर्मल हो गयी.

बुआ ने गेम अपने हाथ मे ले लिया. और उठ कर मेरे लंड के पास बैठ गयी.

फिर बुआ ने लंड को हाथो मे पकड़ कर एक किस किया. और लंड को पूरा मुँह मे लेकर गीला कर दिया.

लंड पर अपना थूक लगाने के बाद बुआ खड़ी होकर मेरे लंड पर बैठने लगी.

बुआ को सिर्फ़ 2 लंड पसंद थे. एक राज के पापा और दूसरा मेरा.

बुआ को हमारे लंड दिखते ही प्यार करने का मन होता था.

पिछली बार राज के पापा घर आए थे तो पूजा बुआ अपने घर से बाहर ही नही निकली.

रात भर पूजा बुआ चुदाई करती थी और दिन मे सोती थी.

राज के पापा के जाने के बाद बुआ को सिर्फ़ मेरा सहारा था.

और मैं बुआ का सहारा बन कर खुश था.

बुआ लंड को जल्द से जल्द अपने चूत मे लेना चाहती थी

जिस से बुआ ने सिर्फ़ मेरे लंड को मुँह मे लेकर गीला किया.

बुआ के दोनो पैरो के बीच मैं आ गया .मतलब बुआ ने अपने पैरो के बीच मे मुझे लिया ,मतलब बुआ मेरे उपर बैठने की पोज़िशन मे आ गयी.

और बुआ ने लंड को हाथ मे पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर सेट किया और धीरे धीरे अंदर लेने लगी.

बुआ की चूत मे मेरे लंड का टोपा आराम से अंदर चला गया.

टोपा अंदर जाते बुआ के मुँह से हल्की सी खुशी की शीष्कारी निकली.

फिर से बुआ लंड पर दबाव डालने लगी. बुआ की चूत मेरे लंड को कई बार अंदर ले चुकी थी.

जिस से अगर मज़ा चाहिए तो बुआ को मेरा लंड एक साथ अंदर लेना होगा.

अवी-बुआ

बुआ ने मेरी तरफ देखा.

अवी-बुआ ऐसे मज़ा नही आएगा.एक बार मे अंदर ले लो

बुआ-मैं भी यही सोच रही थी.

बुआ ने मेरी तरफ देखा .और लंड से हाथ अलग कर दिया. लंड का टोपा चूत मे जा चुका था जिस से लंड फिसलने का सवाल ही पैदा नही हो रहा था.

मैं ने बुआ की तरफ देख कर आँखे मारी. बुआ इशारा समझ गयी. और लंड को पूरा अंदर लेने के लिए ज़ोर लगाने लगी.

तभी नीचे से मैं ने अपनी कमर को उपर की तरफ धक्का दिया .

दोनो तरफ से धक्का मिलने से लंड पूरा बुआ की चूत मे चला गया.

बुआ के मुँह से चीख निकल गयी. आआआहह ऊऊओ मर गयी.

बुआ की चीख निकल गयी पर वो लंड अंदर लेके बैठ रहने की जगह लंड पर धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी.

बुआ को दर्द नही बस मेरे लंड का प्यार चाहिए था.

उस प्यार के लिए बुआ रुकने को तय्यार नही थी

बुआ ने अपने दर्द की परवाह नही की और मेरा प्यार पाने के लिए लंड पर उछलने लगी.

बुआ अपनी विशाल गंद को उपर नीचे करते हुए अपनी गर्मी को निकालना शुरू किया.

बुआ का जोश देखने लायक था. अच्छा हुआ मैं बुआ को मिलने आया .वरना बुआ तड़फती रहती.

बुआ अपनी प्यास खुद मेहनत करके बुझा रही ,मैं ने भी बुआ को मदद करना शुरू किया ,मैं भी नीचे से बुआ को चोदने लगा.

दोनो तरफ से धक्के खाने से बुआ फॉर्म मे आ गयी.

बुआ की उछल कूद से उनके बूब्स डॅन्स करने लगे. उनका डॅन्स हमारी चुदाई का म्यूज़िक पे चल रहा था.

बुआ की चूत को मेरा लंड सब से ज़्यादा पसंद था.

राकेश, पूजा बुआ की सहेली के भाई के लंड को मेरे लंड ने रिजेक्ट किया.

राकेश के साथ चुदाई करने से पूजा बुआ की प्यास बुझती थी.

पर मेरे साथ चुदाई करने से पूजा बुआ को पहले प्यार मिलता था और उस प्यार से उनकी प्यास बुझ जाती थी.

पूजा के बूब्स काफ़ी बड़े थे. राज के पापा ने काफ़ी मेहनत की है पूजा बुआ पे.

पूजा बुआ की चूत भी इस बात को चीख चीख कर बता रही थी कि राज के पापा जैसा कोई नही है

और पूजा बुआ की गंद बता रही थी कि मेरा लंड दमदार है.

पर पूजा बुआ ने मुझे अपनी गंद मारने दुबारा नही दी. वो नही चाहती थी कि उनकी गंद मेरी दीवानी हो जाए.

कुछ भी हो मेरी बुआ मुझे राज से ज़्यादा प्यार करती है.

और इसी प्यार को याद करके मैं बुआ की गान्ड को पकड़ कर नीचे से धक्के मार रहा था.

मेरे लंड से, दोनो तरफ से धक्के खाने से बुआ की चूत फिर से पानी छोड़ने को तय्यार हो गयी.

बुआ ने पानी निकालने के लिए अपनी उच्छल कूद तेज़ कर दी.और चूत ने मेरे लंड को नहला दिया.

चूत का पानी निकालने के लिए मेहनत करने से बुआ थक गयी.

बुआ अपनी विशाल गंद को ज़्यादा देर उपर नीचे करने से थक गयी.

अब गेम मे बॅटिंग करने की बारी मेरी थी.मैं ने बुआ को अपने उपर से उतार कर नीचे बेड पर लिटा दिया.

बुआ को लिटाने के बाद मैं बुआ के दोनो पैरो के बीच आ गया और फिर बुआ के दोनो पैर उठा के उपर किए

बुआ की चूत पूरी तरह से खुल गयी ,और मैं ने अपना लंड चूत पे रखा और एक जोरदार झटका लगाया .

एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया

इस बार मेरे अकेले का ज़ोर था पर वो जोरदार था जिस से बुआ की चीख निकल गयी.

आआआः ..... मेरे .....बेटयाया.....ज़रा डीईिरे.... सीईए डाल ना ....ईीई तेरीई हिी हाीइ... फाआअद ना मात्तत्त

बुआ की शीष्कारिया मुझे जोरदार धक्के मारने का इन्विटेशन दे रही थी.

मैं ने बुआ की चूत मे लंड डालने के बाद बाहर निकाल कर फिर से चूत की गहराई मे डाल दिया.

अयाया .....अयाया .....अयाया .....अयाया .....अयाया .....

फिर से लंड टोपे तक बाहर निकाला और बुआ की आँखे मे देखते हुए जोरदार धक्के के साथ अंदर पेल दिया.

इस धक्के से बुआ की चूत पूरी हिल गयी. और बुआ के बूब्स खुशी मे डॅन्स करने लगे.

आआअहह…आआहह…. उउउइईई… ..आअहह..

उूउउम्म्म्माआआआहह……ऊऊऊऊहह…..

बुआ भी मेरे धक्के मारने के समय मेरे आँखे मे अपने लिए प्यार दे रही थी.

छोटी चाची कहती है कि वो मुझे जितना प्यार करती है उस से ज़्यादा मेरी तीनो बुआ मुझे प्यार करती है.

मेरी बुआ मुझे अपने बेटे की तरह प्यार करती है पर दिखाती नही है.

मुझे पहले इस बात पे विश्वास नही था.

पर जिस तरह पूजा बुआ मुझे प्यार करने लग गई. जिस तरह नीता बुआ मुझे अपना बेटा मानती है उस से मुझे यकीन हो गया कि नेहा बुआ भी मुझे प्यार करती है. दिखाना नही चाहती है.

लंड को बुआ की चूत मे ऐसे झटको के साथ डाला कि बुआ के बदन से हड्डी टूटने की आवाज़ आई.

मैं ने 3 4 ऐसे जोरदार झटके मारे कि बुआ का दिला बदन टाइट होने लगा.

लंड चूत मे जाते मैं रुक कैसे सकता था.

फिर क्या था मैं ने धक्के मारना शुरू किया और बुआ ने शीष्कारिया निकालनी शुरू की.

बुआ ने मुझे इतना उतेज़ित कर दिया था कि चुदाई रंगत दार हो गयी.

बुआ ने जितना सोचा था उस से कही ज़्यादा जोरदार धक्के बुआ की चूत मे मार रहा था.

ताकि पूजा बुआ को लंबे समय तक ये चुदाई याद रहे .और उनकी प्यास इसी चुदाई को याद करके मिट जाए.

मेरे धक्को से बुआ के पैर काप रहे थे.

मैं ने बुआ को पैर को फिर से अड्जस्ट किया. बुआ के पैरो को जोड़ कर बुआ के चेहरे की तरफ कर दिया.

और अपना पूरा वेट बुआ की चूत मे उतारने लगा

मेरे धक्के से बुआ सर से लेके पैर तक हिल जाती.

बुआ का दिला बदन मेरे धक्को से नशे मे झूमने लगा.

मेरे जोरदार धक्के से बुआ ने फिर से पानी छोड़ दिया.

पानी छोड़ते ही बुआ ठंडी पड़ गयी.

पर अभी तो गेम चालू हुआ था. मैं ने बुआ की चूत से लंड निकाल लिया.

लंड बाहर निकालते ही बुआ ने खुद को हल्का महसूस किया.

मैं ने बुआ को उल्टा लिटा दिया. बुआ को पता था कि मेरा पानी अभी तक निकाला नही था.

बुआ ने अपने पैर को मोड़ कर घुटने को अपने पेट के पास ले गयी और अपनी गंद उपर कर ली.

बुआ ने अपने हाथ की जगह अपना सर बेड पर टिका दिया. और खुद को कनफोर्टबल हो ऐसी पोज़िशन ली.

मैं ने बुआ की विशाल गंद पर एक नज़र डाली.बुआ की गंद बिजलिया गिरा रही थी.

मेरी खुशी से ज़्यादा मुझे बुआ की खुशी ज़्यादा प्यारी लगती थी.

और बुआ की खुशी गंद मे नही चूत से निकलती थी.

मैं ने अपना ध्यान वापस चूत पर फोकस किया.लेकिन गंद पर 2 3 थप्पड़ मार दिए.

ये बुआ को इशारा था कि नेक्स्ट टाइम उनकी गंद फटने वाली है.

मैं ने वापस बुआ की चूत मे लंड पेल दिया.

इस बार धक्का लगते बूब्स के साथ चूतड़ भी डॅन्स करने लगे.

बुआ की कमर पकड़ कर बुआ की चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था.

वो मेरी बुआ थी ,ये हो ही नही सकता कि वो चुदाई का मज़ा ना ले .मेरे साथ बुआ भी धक्को का मज़ा ले रही थी. मस्ती मे अपनी चूत चुदवा रही थी.

बुआ की हड्डियाँ तोड़ने मे मैं कोई कसर नही छोड़ रहा था.

बुआ को ऐसी ही चुदाई चाहिए थी. उसी दिन रशोई घर मे सबका डर था .लेकिन आज खुल कर चुदाई करने से हम दोनो खुश थे.

मेरी पकड़ कमर पे टाइट थी जिस से धक्के मारने मे मज़ा आ रहा था.

लेकिन अब मेरा भी निकालने के आख़िरी एंड पर था.

मैं ने बुआ की चूत से लंड बाहर निकाल लिया .और बुआ को पलटा दिया.

बुआ फिर से पहली वाली पोज़िशन मे आ गयी.

मैं ने फिर से लंड बुआ की गहराई मे उतार दिया. और वीर्य निकलने वाले धक्के मारने लगा.

बुआ का भी पानी निकलने के पड़ाव पर था.

वीर्य बुआ की चूत मे डालने के जोश के साथ अंदर बाहर करने लगा .

बुआ भी अपनी कमर उठा के अपना पानी निकालवाना चाहती थी.

उनकी शीष्कारिया लगातार निकाल रही थी. आहंमह

और बुआ एक जोरदार चीख के साथ झाड़ गयी. बुआ का पानी मेरे लंड को गीला करते मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.

बुआ तो अपना पानी निकाल कर मुझ से चिपक गयी. पर मैं धक्के लगाता गया और अपना गरम गरम लावा बुआ की गरम चूत के अंदर खाली किया

मेरा लावा अपने अंदर फील करते बुआ खुश हो गयी.

मेरा गरम लावा बुआ की प्यास को कुछ महीने तक ठंडा कर देगा.

पर मैं ठंडा पड़ते ही बुआ के उपर गिर गया.

 


650-51

बुआ की चूत अपने वीर्य से भरने के बाद मैं बुआ के उपर गिर गया.

चुदाई के बाद बुआ के नरम बूब्स पे आराम करने से अच्छा लग रहा था.

बुआ भी अपनी प्यसस बुझा कर खुश थी.बुआ मुझे अपने उपर लेकर नॉर्मल हो रही थी.

मेरा लंड अभी तक बुआ की चूत मे था.

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

पूजा बुआ-अवी

मैं ने बुआ की तरफ देखा

पूजा बुआ-अवी, मुझे ऐसे ही प्यार करते रहेगा ना

अवी-हाँ, जब तक आप चाहेंगी तब तक हम प्यार करेंगे.

पूजा बुआ-तुम्हारी बीवी आने के बाद भी

अवी-पता नही.

पूजा बुआ-मैं समझ सकती हू,लेकिन अगर कभी प्यार करने की इच्छा हुई तो मेरे पास आ जाना ,मैं तुम्हे कभी मना नही करूँगी.

अवी-मैं तो आ जाउन्गा पर अगले साल राज के पापा आ रहे फिर

पूजा बुआ-उनके आने के बाद ,बुरा मत मान ना ,पर उनके आने के बाद मैं तुम्हारे साथ नही कर सकती.

अवी-आप राज के पापा से बहुत प्यार करती है

पूजा बुआ-हाँ,

अवी-फिर आप मेरे साथ क्यूँ करती है

पूजा बुआ-क्या बताऊं अवी, राज के पापा मुझे इतना प्यार देते है कि मैं क्या बताऊं, हर रात हम प्यार करते है, मुझे चुदाई की आदत हो गयी है.

उनके यहाँ ना रहने से मैं कुछ महीने कंट्रोल करती हूँ पर खुजली इतनी बढ़ जाती थी कि मुझे राकेश का सहारा लेना पड़ा ,महीने मे सिर्फ़ एक बार उसके साथ करती थी.

फिर तुम्हारे आते ही मैं ने रखेश को छोड़ दिया ,और तुम्हारे साथ करती हूँ,उस दिन भी खुजली इतनी बढ़ गयी कि रशोई घर मे चुदाई करनी पड़ी,

तुम समझ सकते हो ,मैं राज के पापा के बिना मुश्किल से रहती हूँ .भले मैं चुदाई किसी से भी करूँ प्यार सिर्फ़ उनसे करती हूँ,

उनके आते मैं ने तुम्हे भुला दिया था पिछली बार ,याद होगा तुम्हे ,तुम्हारा लंड उनसे बड़ा है फिर भी मुझे उनका सब से ज़्यादा पसंद है.

कभी कभी भावनाओं मे बहक बोल देती हूँ कि तुम मेरे साथ प्यार करते रहना पर राज के पापा की जगह कोई नही ले सकता

उनकी सिंपल सी चुदाई मुझे ज़्यादा पसंद आती है.क्यू कि उस से हमारी आत्मा का मिलन होता है.

तुम मेरे बेटे हो ,अपने बुआ की बात को समझने की कोशिस करना.

अवी-ये तो बाद की बात है आज की बात बताइए.आज मज़ा आया

पूजा बुआ-आज तो मुझे सुहागरात से ज़्यादा मज़ा आया.

अवी-आप भी ना , अभी कह रही थी कि राज के पापा के बहुत प्यार करती है

पूजा बुआ-वही तो ,राज के पापा दिल मे है, उनकी याद दिलाते हो तुम, और मेरे बेटे को खुश करने के लिए मैं लाखों झूठ बोल सकती हूँ.

अवी-आप के झूठ मुझे सच से ज़्यादा अच्छे लगते है. लेकिन मुझे मज़ा नही आया

पूजा बुआ-क्यूँ? मैं कुछ ग़लत किया क्या.

अवी-आपने मेरा लंड मुँह मे लिया ही नही.

पूजा बुआ-मैं अपनी प्यास की चक्कर मे भूल गयी.और तुम ने भी अपनी बुआ के लिए अपनी इच्छा पूरी नही की. चलो अभी चूस लेती हूँ.

अवी-अब तो लंड मुरझा गया है

पूजा बुआ-तो क्या हुआ ,मैं चाट कर साफ कर देती हू ,

अवी-लेकिन एक प्राब्लम है

पूजा बुआ-कैसी प्राब्लम

अवी-मेरा लंड आपकी प्यारी चूत से बाहर नही आना चाहता है.

पूजा बुआ-मेरा भी यही हाल है. मैं तो ज़िंदगी भर ऐसे ही रहेने को तय्यार हूँ

अवी-आप एमोशनल मत हो ,जल्दी से मुझे खुश कर दो.

मैं पूजा बुआ के उपर से अलग हो गया. मेरे लंड पे बुआ का पानी और मेरा वीर्य लगा हुआ था.

बुआ मेरे सामने बैठ गयी. और मेरे मुरझाए हुए लंड को चाटने लगी

बुआ सेक्सी अंदाज़ा मे लंड को चाट कर मुझे खुश कर रही थी.

बुआ को मैं ने कहा कि सिर्फ़ लंड को चाट कर साफ करे ,मैं नही चाहता था कि लंड फिर खड़ा हो .

अगर लंड फिर खड़ा हुआ तो मैं बुआ की चुदाई करूँगा और बीच मे कोई आ जाएगा जिस से मुझे खड़े लंड के साथ घूमना पड़ेगा.

बुआ ने लंड को चाट कर साफ किया.

पूजा बुआ-अब खुश हो ना

अवी-हाँ,

पूजा बुआ-अब तुम बैठो मैं नहा कर आती हूँ.

अवी-पहले मैं फ्रेश होता हूँ फिर आप हो जाना ,

पूजा बुआ-ठीक है. वैसे भी मुझे कुछ देर तुम्हारा वीर्य अपने अंदर रख कर खुशी होगी.

मैं बुआ को वैसा ही छोड़ कर बाथरूम मे फ्रेश हो गया.

मेरे बाथरूम से बाहर आने तक बुआ नंगी बेड पर बैठी थी.

और अपनी चूत मे उंगली डाल कर मेरा वीर्य चाट रही थी.

अवी-बुआ ,क्या कर रही हो

पूजा बुआ-तुम्हारा वीर्य टेस्ट कर रही हूँ.

अवी-कैसा लगा.

पूजा बुआ-अगली बार मेरे मुँह मे डालना.

अवी-ठीक है. अगली बार गंद मारने के बाद वीर्य आपके मुँह मे डालूँगा.

पूजा बुआ-तुम मेरी गंद के पीछे क्यूँ पड़े हो

अवी-आपकी गंद पर दिल आ गया. पिछली बार आपने मना किया था ,लेकिन इस बार

पूजा बुआ-इस बार जो करना है कर लेना ,तुम बैठो मैं नहा कर आती हूँ

बुआ बाथरूम मे चली गयी और मैं हॉल मे आ गया.

मैं ने गेट ओपन कर दिया ताकि कोई आए तो शक ना हो.

मैं हॉल मे बैठ कर टीवी देखने लगा. फिर अचानक कुवरसिंघ का ख़याल दिमाग़ मे आया.

उसे आज हॉस्पिटल ले जाना है. लेकिन ले कैसे जाउ.

टॅक्सी से ले जाता हूँ. टॅक्सी कार की तरह होती है. जल्दी हॉस्पिटल पहोच जाएँगे.

लेकिन टॅक्सी वाला ड्राइवर अच्छा होना चाहिए. वो वाला ठीक रहेगा.

चाची को हॉस्पिटल ले जाने के लिए जो टॅक्सी मंगाई थी वो ड्राइवर जल्दी ले जाएगा.

उसका नंबर है मेरे पास ,मैं ने उसको कॉल किया.

टॅक्सी वाला-हेलो कौन

अवी-भैया मुझे टॅक्सी चाहिए थी

टॅक्सी वाला-कहाँ जाना है

अवी-शहर2( रोहन,पूनम दीदी, सारा ज़ोया का शहर) जाना है

टॅक्सी वाला-इतने दूर नही जाता मैं

अवी-भैया एमर्जेन्सी है

टॅक्सी वाला-कैसी एमर्जेन्सी

अवी-मेरे भाई को हॉस्पिटल ले जाना है

टॅक्सी वाला-कब जाना होगा.

अवी-आज शाम मे

टॅक्सी वाला-8,000 रुपये लगेंगे

अवी-ये तो ज़्यादा है

टॅक्सी वाला-इस से एक रुपये कम नही होगा.

अवी-मैं 10000 रुपये दूँगा.

टॅक्सी वाला-10000, क्या लफडा है

अवी-लफडा नही है मुझे अपने भाई को हॉस्पिटल मे अड्मिट करके रात मे वापस आना है,तुम्हे मुझे वापस भी लाना होगा.

टॅक्सी वाला-ठीक है, तो कितने बजे आना होगा.

अवी-तुम कॉलेज के सामने आ जाना मैं वही मिलूँगा, तुम शाम 8.00 बजे वहाँ पर आ जाना.

टॅक्सी वाला-वो तो ठीक है. पर वहाँ से कब वापस आना होगा.

अवी-मुझे कल सुबह 5.30 बजे अपने गाओं मे वापस आना है. मेले मे पूजा होती है.

टॅक्सी वाला-मेले के लिए वापस आना है. तो हम वहाँ से सुबह 2.00 बजे निकल जाएँगे. मैं आपको समय पर पहुँचा दूँगा.

अवी-ठीक है ,तो शाम मे मिलते है.

टॅक्सी वाला-अपना नाम तो बता दो

अवी-मेरा नाम राकेश है.

टॅक्सी तो बुक हो गयी.

अब हॉस्पिटल बुक करता हूँ.

मैं सारा और ज़ोया को कॉल करने वाला था कि मेरी बहनें वापस आ गयी.

राज-भैया ,आप यहाँ ,

स्वेता दीदी-अवी तुम कब आए, और माँ कहा है

अवी-10 मिनट हो गये.बुआ से थोड़ी देर बात की. फिर बुआ को पसीने से परेशानी हो रही थी जिस से बुआ नहा रही है तो मैं यहाँ बैठ गया ,

सीतल दीदी-हमसे मिलने आए थे.

अवी-हाँ भी और ना भी.

पूनम दीदी-ये कैसा जवाब है

अवी-मैं यहाँ बुआ को कपड़े देने आया था ,और इसी बहाने आप सब से मिल भी लूँगा इसी लिए आपका इंतज़ार कर रहा था

सीतल दीदी-माँ ने बताया नही कि हम कोमल के घर गये है. वही आ जाते

अवी-आने वाला था पर बुआ नहाने चली गयी और मुझे रुकने को कहा

पूजा बुआ-मैं ने रुकने को कहा था,इतने दिन बाद आया है. चाय पिलाए बिना कैसे जाने देती

स्वेता दीदी-माँ तुम बैठो आज अवी को मेरे हाथ की चाय पिलाती हूँ

स्वेता दीदी रशोई घर मे चली गयी .और हम बैठ कर गप्पे मारने लगे.

थोड़ी देर बाद स्वेता दीदी चाय लेकर आ गयी.

आज स्वेता दीदी के हाथ की चाय पीने वाला था. पहला सीप लेते ही मूड फ्रेश हो गया.

अवी-दीदी आपके हाथो मे जादू है. क्या बढ़िया चाय बनाती हो आप ,

पूनम दीदी-मेरी हाथ की पीके देखना, और स्वेता को मैं ने सिखाया है.

स्वेता दीदी-तूने कब सिखाया.

अवी-आपने खुद सीखा

स्वेता दीदी-हाँ

अवी-रोहन के लिए सीखा होगा. रोहन बता रहा था कि स्वेता दीदी उसके लिए स्पेशल चाय बनाती है.

रोहन का नाम सुनते सब हँसने लगे. स्वेता दीदी शरमा गयी.

अवी-दीदी तो चाय पिला कर ससुराल मे सब का दिल जीत लेंगी. बिचारी सीतल दीदी क्या होगा.

सीतल दीदी-मैं कॉफी बनाना सीख लूँगी. हैं ना माँ

पूजा बुआ-कुछ भी करना ,पर इसी तरह साथ रहना, इसी तरह हस्ती रहना. एक दूसरे को ऐसे ही प्यार करते रहना.

अवी-अगले साल तो दीदी हमे छोड़ कर चली जाएगी.

पूजा बुआ-हाँ, कितनी जल्दी दोनो बड़ी हो गयी. अब इनकी शादी भी हो जाएगी. ये अपने नये घर मे चली जाएगी.

और पूजा बुआ के आँखे मे पानी आ गया.

स्वेता दीदी-माँ हम गये तो क्या हुआ कोमल कविता लीना भी तो है.

अवी-बुआ मैं हूँ ना ,

राज-मैं भी हूँ ,

राज की बात सुनते पूजा बुआ ने उसे गले लगा लिया.

पूजा बुआ-मेरा बेटा भी बड़ा हो रहा है.

स्वेता दीदी-राज माँ का ध्यान रखेगा ना हमारे जाने के बाद.

राज-अभी भी तो मैं ही रख रहा हूँ. हैं ना माँ

पूजा बुआ-हाँ, मेरे दोनो बेटे मेरा पूरा ध्यान रखते है.

थोड़ी देर फॅमिली ड्रामा चला फिर मैं मंदिर की तरफ चला गया.

 


652

2 घंटे सोने के बाद मैं कुवरसिंघ के पास चला गया.

कुवरसिंघ की नींद पूरी हो गयी थी.वो गद्दे पर लेटा हुआ था.

मैं ने कुवरसिंघ के हाथ खोल दिए. कुवरसिंघ चेयर की मदद से बाथरूम मे चला गया. और फ्रेश होकर आ गया.

अवी-ये लो कपड़े ,पहन लो

कुवरसिंघ ने कपड़े पहन लिए. मैं ने कुवरसिंघ की हालत देखते हुए लूस कपड़े लाया था.

बहुत दिनो के बाद कुवरसिंघ ने कपड़े पहने थे.

अवी-अब कैसा लग रहा है.

कुवरसिंघ-थोड़ा अच्छा लग रहा है.

अवी-कल से और अच्छा लगेगा. आज रात मे हम हॉस्पिटल चले जाएँगे.

कुवरसिंघ-हॉस्पिटल तुम्हारे पहचान का है ना

अवी-हाँ, तुम उसकी टेन्षन मत लो ,तुम्हारा वहाँ अच्छा इलाज़ होगा.

कुवरसिंघ-तुम भी मेरे साथ रहोगे ना

अवी-नही, मैं रात मे ही वापस आ जाउन्गा. मुझे सुबह मंदिर मे पूजा करनी पड़ती है.

कुवरसिंघ-पर मैं वहाँ अकेला कैसे रहूँगा.

अवी-इस के सिवा दूसरा रास्ता नही है. और वहाँ पे तुम्हारा पूरा ध्यान रखा जाएगा.

कुवरसिंघ-ठीक है .

अवी-तो कुछ देर तुम आराम करो मैं टॅक्सी का बंदोबस्त करके आता हूँ

कुवरसिंघ-टॅक्सी वाला ,

अवी-तुम टेन्षन मत लो हम मंकी कॅप पहन कर जाएँगे.

कुवरसिंघ-तुम हर बात सोच कर काम करते हो

अवी-करना पड़ता है. वैसे अब तुम्हे 10 15 दिन हॉस्पिटल मे रहना होगा.

कुवरसिंघ- इतने दिन

अवी-डॉक्टर ने ऐसा ही कहा है.

कुवरसिंघ-फिर तो मेला ख़तम हो जाएगा.

अवी-तुम्हे मेले से क्या करना है.

कुवरसिंघ-वो लड़की

अवी-किस लड़की की बात कर रहे हो

कुवरसिंघ-वही जो मेला देखने आई थी और मैं ने उसके साथ

अवी-उस लड़की की बात कर रहे हो,पर क्यूँ

कुवरसिंघ-मेरे हॉस्पिटल से आने तक वो चली जाएगी. मुझे उस से माफी माँगनी है.

अवी-पागल हो तुम, उस ने तुम्हे देख लिया तो वो तुम्हे जान से मार देगी.

कुवरसिंघ-मारने दो ,पर हॉस्पिटल जाने से पहले उस से मिलना ज़रूरी है

अवी-कैसे मिलोगे ,कहाँ मिलोगे

कुवरसिंघ-तुम ने उसे देखा होगा ना

अवी-हाँ, रणजीतसिंघ के साथ देखा था.

कुवरसिंघ-तुम उसे यहाँ बुलाकर लाओ

अवी-यहाँ पर

कुवरसिंघ-बाहर मिला तो गड़बड़ हो जाएगी. यहाँ कमरे मे ठीक रहेगा.

अवी-लेकिन वो यहाँ क्यू आएगी.

कुवरसिंघ-तुम उसे कैसे भी करके बुला लो

अवी-देखता हूँ, पर बाद मे जो होगा.

कुवरसिंघ-उसके लिए मैं तय्यार हूँ .

अवी-तो ठीक है. मैं लेकर आता हूँ ,पर थोड़ा टाइम लगेगा.

कुवरसिंघ -हॉस्पिटल जाने से पहले लेकर आ जाना

मैं उस लड़की को बुलाने के लिए चला गया. कुवरसिंघ ने अच्छा सोचा जो उस लड़की से माफी माँग रहा है. या मैं ने उसे ऐसा करने पे मज़बूर किया.

मुझे उस लड़की को अभी बुलाना चाहिए. नही अभी ठीक नही होगा.

वैसे भी मुझे ऐसा लग रहा है कोई सुबह से मेरा पीछा कर रहा है.

कुवरसिंघ को ढूँढ रहा होगा.

देख रहा होगा कि मैं ने कुवरसिंघ को कहाँ रखा है.कब मैं अपने अड्डे पर जाउन्गा और उसको कुवरसिंघ के बारे मे पता चलेगा.

पर उस गधे को कहाँ पता था कि मेरा घर ही मेरा अड्डा है.जहाँ मैं ने कुवरसिंघ को रखा है.

कोई सोच ही नही सकता था कि मैं कुवरसिंघ को अपने घर3 रख सकता हूँ.

पहले उस आदमी को चकमा देना होगा.

मेले मे उस आदमी को चकमा दे सकता हूँ. और उस गर्ल को मेले के बाद बुलाउन्गा

मेले से आने के बाद बुला लूँगा.तब अंधेरा रहेगा जिस से काम आराम से हो जाएगा.

कुवरसिंघ से मिलने के बाद मैं घर चला गया.

घर पर सब मेरा इंतज़ार कर रहे थे.

सीतल दीदी-आज सही समय पर आए हो

अवी-नही आता तो आप मुझे कच्चा खा जाती.

सीतल दीदी-तुम्हे बता दूं ,मुझे नोन वेज पसंद नही है.

अवी-पर सोहन को तो बहुत पसंद है. क्यूँ दीदी

स्वेता दीदी-हाँ, सोहन तो नॉन वेज ख़ाता रहता है. और सोहन का पसंदीदा नोन वेज है सीतल.

सीतल दीदी-दीदी आप भी ना,

पूनम दीदी-आप लोगो का हुआ होगा तो चलें

सब कार मे बैठ गये और मैं ने अपनी बाइक ले ली. और विद्या को अपने साथ बाइक पर बैठा दिया.

अवी-विद्या ,तुम्हे पता है तुम्हे बाइक पर क्यू बैठाया है.

विद्या-मुझे कैसे पता होगा. वैसे एक तो तुम्हे कुछ काम होगा या मज़ा करना होगा.

अवी-तुम मेरे साथ रह कर स्मार्ट हो रही हो

विद्या-होना पड़ता है वरना लोग क्या कहँगे,सब मुझे बुरा कहेंगे

अवी-वो जाने दो अब सुनो तुम्हे क्या करना है.

विद्या- क्या करना है

अवी-आज मेला देखने रणजीतसिंघ की बहन पायल आ रही है.

विद्या-क्यूँ ?

अवी-उसे हमारे साथ मेला देखना है.(बिना वजह उसे हाँ किया. कल बुला लेता तो अच्छा होता)

विद्या-तो मुझे उसका ध्यान रखना है

अवी-नही. मेला देखने के बाद उसे अपने साथ घर लेकर जाना है.और मेरा फोन आने तक उसे हवेली मत जाने देना

विद्या-ये सब क्या है

अवी-कुछ नही, बस उसको खुश रखो

विद्या-कहीं तुम उसके साथ

अवी-अब समझी

विद्या-मेरे होते हुए उसके साथ करने की क्या ज़रूरत है.

अवी-तुम मेरी हो ,वो तो टाइम पास है.

विद्या-पर मुझसे पहले उसके साथ ,और विद्या नाराज़ हो गयी.

अवी-तुम भी ना विद्या ,मैं मज़ाक कर रहा था

विद्या-मज़ाक

अवी-तुम्हे पता है ना मुझे कार चलानी नही आती. तो पायल के साथ एक डील की.वो मुझे कार सिखाएगी और मैं उसे मेला दिखाउन्गा.

विद्या-तो ऐसा कहो ना, बिना वजह मुझे डरा दिया.

अवी-तुम ने मुझे डरा दिया. ये क्या था कि मेरे होते हुए किसी और के साथ नही कर सकते

विद्या-मेरा मतलब था कि पहले मुझे प्यार करो, कब से वेटिंग पर हूँ. फिर किसी के साथ भी करो

अवी-तो ऐसा कहो ना, अब समझा गयी ना तुम्हे क्या करना है

विद्या-समझ गयी.

थोड़ी देर बाद हम मेले मे आ गये.

 
653

मेले मे पायल हमारा इंतज़ार कर रही थी.

मैं अपने भाई बहनों के साथ मेले मे आ गया.

पायल-अवी

पूनम दीदी- अवी वो लड़की तुम्हे आवाज़ दे रही है.

सीतल दीदी-वो तो पायल है.

हम पायल के पास आ गये.

स्वेता दीदी-पायल तुम यहाँ

अवी -आज से पायल हमारे साथ मेला देखेगी.

सब ने मेरी तरफ देखा.

रानी का रिक्षन नॉर्मल था, रानी कभी किसी से जलती नही थी, उसे पता था कि मैं सिर्फ़ उसका हूँ

मेरी बहन अजीब तरीके से मेरी तरफ देख रही थी.

स्वेता दीदी तो इशारो मे पूछ रही थी कि पायल को गर्लफ्रेंड बना रहा हूँ क्या

अवी-ऐसे क्या देख रहे हो ,पायल को भी हमारी तरह एंजाय करना है मेला. बिचारी अपने भैया भाभी के साथ मेला ठीक से एंजाय नही कर पा रही है.

पायल-अगर मेरी वजह से कुछ प्राब्लम हो रही होगी तो...

अवी-स्वेता दीदी, पायल हमारे साथ मेले देख सकती हैं ना

स्वेता दीदी-हाँ .क्यू नही, ये तो अच्छी बात है.

स्वेता दीदी की इजाज़त मिलते हम पायल के साथ मेला देखने लगे. पायल हम सबके साथ मेला देखने से खुश थी.

सभी पायल के साथ रह कर मेला एंजाय कर रहे थे.

मेला देखते हुए 2 घंटे हो गये.

अवी-आज के लिए इतना काफ़ी है.

सब मेरी तरफ गुस्से से देखने लगे.

अवी-मुझे एक काम करना है.

कविता-भैया इतनी जल्दी. अभी तो पायल दीदी के साथ मज़ा आने लगा था और आप हो कि

अवी-पायल को घर लेके चलते है.

कोमल-पहले पायल से तो पूछ लो

पायल-मैं चलूंगी.

पायल को तो नॉर्मल लड़की की तरह एंजाय करना था .ऐसे मे पायल ने हाँ कर दी

पायल के हाँ करते मैं ने विद्या को आँखे मार कर इशारा किया.

पायल को सब के साथ घर भेज दिया और मैं कुवरसिंघ के पास चला गया.

मेले से जल्दी आने की वजह थी वो आदमी जो मेरा पीछा कर रहा था

मेरे मेले मे आते ही वो आदमी रिलॅक्स हो गया

जैसे उसको पता था कि मैं मेले मे 8 बजे तक रहता हूँ

जिस से वो रिलॅक्स होकर कुछ पल के लिए मुझसे दूर हो गया

वो अब 8 बजे आएगा इसी का फ़ायदा उठा कर मैं 1 घंटा पहले मेले से घर चला गया

कुवरसिंघ के पास जाने से पहले मैं उस लड़की के पास चला गया.

वो लड़की अपनी माँ के साथ बैठी थी. उस की नज़र मुझपे पड़ते ही मैं ने उसे अपने पास बुलाया.

वो मेरे पास आ गयी.मैं उसे लेकर बगीचे मे चला गया.

बगीचे मे जाते ही उस लड़की ने मेरे गाल पर थप्पड़ मारा

गर्ल -तुम जैसा धोखेबाज मैं ने आज तक नही देखा.क्या कहा था तुम ने कि कुवरसिंघ को सबक सिख़ाओगे ,और तुम्हारा तो कुछ पता ही नही चल रहा.

अवी-मैं तुम्हारा ही काम कर रहा था.

गर्ल -क्या खाक काम कर रहे थे. मुझे तुम पे विश्वास नही करना चाहिए था.

अवी-मेरी बात तो सुनो

गर्ल -अब सुन ने के लिए बचा ही क्या है. अब पोलीस के पास भी जा नही सकती.

अवी-पहले मेरी बात सुनो फिर जो बोलना है बोलना

गर्ल -कहो क्या कहना है

मैं ने मोबाइल मे वीडियो प्ले कर कुवरसिंघ के दोस्तो का मर्डर सीन दिखाया.

वीडियो देखते ही उसने मेरी तरफ अजीब नज़रों से देखा

अवी-कुवरसिंघ के दोस्तो का काम हो गया

गर्ल -ये तुम ने किया

अवी-हाँ,

गर्ल -पर तुम्हे ऐसा करना था तो ये पोलीस भी कर सकती थी.

अवी-ये कुवरसिंघ के दोस्तो की सज़ा थी, कुवरसिंघ के लिए कुछ और सोचा है.

गर्ल -क्या

अवी-वो 2 3 दिन बाद बता दूँगा. पहले मेरे साथ चलो

गर्ल -कहाँ पर

अवी-कुवरसिंघ तुमसे माफी माँगना चाहता है.

गर्ल -मैं उसे माफ़ नही करूँगी

अवी-करना भी मत, आज तुम्हे उसके साथ जो करना है वो करो, वो कुछ नही कहूँगा.

गर्ल -तुम मज़ाक कर रहे हो .वो ऐसा क्यूँ करेगा

अवी-मैं ने उसे ऐसा करने पे मज़बूर किया है.

गर्ल -मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा

अवी-2 3 दिन बाद मैं अच्छे से समझा दूँगा.आज तुम्हे उसके साथ जो करना है वो करना फिर मैं करूँगा.और हाँ उसके सामने मुझ से बात मत करना

गर्ल -ठीक है. आज उसकी जान ले लूँगी.

अवी-उस से फ़ायदा नही होगा ,वो ज़िंदा लाश बन गया है.

गर्ल -तुम्हारी बाते मेरी समझ मे नही आ रही है.

अवी-आज के लिए इतना समझो कि कुवरसिंघ तुम्हारे पैरो के नीचे रहेगा.

गर्ल -कहाँ है वो

अवी-चलो मेरे साथ ,

उस लड़की को लेकर मैं घर3 आ गया

 


653ए

मैं उस लड़की को लेकर घर3 आ गया,कुवरसिंघ गद्दे पर लेट कर कुछ सोच रहा था.

मुझे उस लड़की के साथ देख कर कुवरसिंघ एक पल के लिए उसको देख कर याद करने लगा कि उसने उसके साथ क्या किया था.

कुवरसिंघ की आँखे के सामने वो सीन आ गया जब उसने उसके साथ ज़बरदस्ती की थी.

कुवरसिंघ की आँखो के सामने खुद के रेप का सीन आ गया जिसमे सविता के पति ने उसका रेप किया था.

आज ये दोनो उसी सिचुयेशन से गुजर चुके जिसके नाम से ही लोगो को डर लगता है.

कुवरसिंघ ने इसका रेप किया तो कुदरत ने इसकी सज़ा कुवरसिंघ को मेरे हाथो से दी

कुवरसिंघ अपने ख़यालो मे खोया था और वो अपने ख़याल मे

वो कुवरसिंघ की हालत देख कर सोचने लगी कि मैं ने उसके साथ क्या क्या किया होगा.

कुवरसिंघ का सूजा हुआ चेहरा, बाल कटे हुए, सर पर पट्टी लगी हुई थी. कुवरसिंघ की आँखे अपनी हालत बया कर रहे थे.

कुवरसिंघ से वो ऐसी हालत मे मिलेगी जहाँ कुवरसिंघ मरने के लास्ट स्टेज पर हो उसने सोचा नही था.

फिर से कभी उस से मिलेगा ये कभी कुवरसिंघ ने भी सोचा नही होगा.

कुवरसिंघ और वो लड़की एक दूसरे के सामने आते ही मेरे कमरे मे ऐसी शान्ती छा गयी कि ,पीस का नोबल प्राइज़ मिल जाए मेरे घर3 को

ये दोनो ऐसे एक दूसरे को देख रहे थे कि पहली बार मिल रहे हो.

मैं ने कुवरसिंघ को होश मे लाने के लिए उसको आवाज़ दी

अवी-कुवरसिंघ

मेरी आवाज़ सुनते कुवरसिंघ होश मे आ गया और चेयर को पकड़ कर हमारे पास आने लगा.

कुवरसिंघ को आज चलने के लिए सहारे की ज़रूरत पड़ रही थी. ये देख कर वो कुछ समझ नही पाई कि कुवरसिंघ के साथ हुआ क्या है.

कुवरसिंघ हमारे पास आते ही उस लड़की के पैरो मे गिर गया.

कुवरसिंघ जो आज तक अपना सर उठा कर चल रहा था वो सर आज एक लड़की के पैरो मे गिर गया.

कुवरसिंघ की इस हरकत से वो एक कदम पीछे हट गयी .

क्यू कि नमुन्किन चीज़ मुन्किन हो गयी ,कुवरसिंघ उसके पैरो मे गिर गया.

कुवरसिंघ-मुझे माफ़ कर दो ,मैं ने तुम्हारी ज़िंदगी बर्बाद की ,मैं कोई भी सज़ा भुगतने का तय्यार हूँ ,बस मुझे माफ़ कर दो

कुवरसिंघ के इस तरह रोते हुए माफी माँगने से उसे कुछ समझ नही आ रहा था.

उसने कभी सोचा नही होगा कि कुवरसिंघ उसके पैरो मे गिरा होगा.

उसने कभी सोचा नही होगा कि कुवरसिंघ अपने पापो की सज़ा इस तरह माँग सकता है.

जब कुछ अनएक्सेपटीड होता है तो समझ मे नही आता कि क्या करे.

उस के साथ भी ऐसा ही हो रहा था. उसने सोचा होगा कि कुवरसिंघ से मिलते ही वो अपना गुस्सा उस पे उतार देंगी .पर उसने ये नही सोचा था कि कुवरसिंघ इस तरह माफी माँग लेगा.

वो इसके लिए तय्यार नही थी इसी लिए वो बस कुवरसिंघ को देखती रह गयी.

मैं ने उस लड़की के हाथ पर चिमती काटी. वो होश मे आ गयी.

मैं ने उसकी तरफ गुस्से से देखा

वो मेरे गुस्से का मतलब समझ गयी. और कुवरसिंघ के मुँह पर एक जोरदार लात मारी.

अब देखना होगा कि वो कुवरसिंघ के साथ क्या करती है.

उस लड़की के लात मारने से कुवरसिंघ दूसरी तरफ गिर गया .लेकिन उसने फिर से उठ कर उस लड़की के पैर पकड़ कर माफी माँगनी शुरू की.

कुवरसिंघ-और मारो, मार मार कर मेरी जान लो पर एक बार कह दो कि मुझे माफ़ कर दिया.

उस ने फिर से एक और लात मारी .

इस बार कुवरसिंघ के मुँह से खून निकल गया.उसका एक दाँत टूट गया.

कुवरसिंघ का खून देखते ही वो हँसने लगी.

उसे हँसता हुआ देख कर कुवरसिंघ के आँसू निकल गये

उस ने लात मारने के बाद कुवरसिंघ का गिरेबान पकड़ लिया.

लड़की -तूने सोचा भी कैसे मैं तुम्हे माफ़ कर दूँगी.तेरी वजह से मेरी ज़िंदगी खराब हो गयी.उस दिन तू मुझ पे थुका था ना आज मैं

और उस ने कुवरसिंघ के मुँह पर थूक दिया.

फिर भी कुवरसिंघ ने कुछ नही कहा. वो बस रोते हुए माफी माँगता रहा.

उस लड़की को कुछ समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे.

उसने ये सोचा होगा कि वो कुवरसिंघ को गोली मार देंगी. या गुन्डो से पिटवा देंगी.

पर कुवरसिंघ को मरते हुए देख कर क्या करेगी ये उसने सोचा नही था.

एक मरे हुए आदमी को मारने की हिम्मत नही होती किसी मे भी

पहले वो बड़ी बड़ी बाते कर रही थी कि ये करेगी वो करेगी, लेकिन अब कुवरसिंघ को भीख माँगते हुए देख कर वो बार बार मेरी तरफ देख रही थी.

जैसे पूछ रही हो कि उसे क्या करना चाहिए.

उसे समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे.

उसका गुनहगार उसके सामने था.

कुवरसिंघ हर सज़ा भुगतने को तय्यार था.

वो अगर कुवरसिंघ को मार भी देगी तो वो कुछ नही कहेगा.

सब कुछ उस के हाथ मे था. उसे कुवरसिंघ के साथ जो करना है वो कर सकती है

अपने उपर हुए एक एक दर्द का बदला ले सकती है.

वो पोलीस स्टेशन मे जिस तरह बात कर रही थी उस से तो लग रहा था कि आज कुवरसिंघ को वो मार डालेगी.

पर वो कुछ नही कर रही थी. ऐसी सिचुयेशन मे समझ मे नही आता कि क्या करे.

मरे हुए आदमी को मारने के लिए हाथ उठते ही नही.

हम करना तो बहुत कुछ चाहते थे पर क्या करे कुछ समझ मे नही आता.

लड़कियो के साथ ऐसा बहुत बार होता है.इसी लिए मैं ने कुवरसिंघ को पहले ही सज़ा दिलवा दी.

कुवरसिंघ के साथ मैं ने तो बहुत बुरा किया अब देखना है कि वो क्या करती है.

पर वो कुछ नही कर रही थी ,

मैं ने इशारा करके उसे गालो पर थप्पड़ मारने को कहा.

उस ने ऐसा ही किया .वो लगातार कुवरसिंघ के गालो पे थप्पड़ मारने लगी.

उस का एक एक थप्पड़ कुवरसिंघ के गाल पे नही उसके आत्मा पर पड़ रहा था.

कुवरसिंघ को थप्पड़ मारते हुए वो खुद रोने लगी.

थप्पड़ मारने से कुवरसिंघ के गाल लाल हो गये और उस लड़की के हाथ भी लाल हो गये.

पर वो लड़की रुकी नही ,उसने अपने हाथ की परवाह नही की बस वो कुवरसिंघ को मारती गयी.

कभी हाथ से तो कभी लातों से कुवरसिंघ की धुलाई करने लगी.

कुवरसिंघ के चेहरे पे लात रख कर हँसने लगी.

तो कभी कुवरसिंघ को मारते हुए रोने लगी

फिर भी कुवरसिंघ को मारती गयी. और थक कर ज़मीन पर बैठ कर रोने लगी.

उसके रुकते कुवरसिंघ ने उसके हाथ पकड़ कर अपने गाल पर थप्पड़ मारना शुरू किया.

कुवरसिंघ के ऐसा करते वो शॉक्ड हो गयी.

कुवरसिंघ खुद उसके हाथो को पकड़ कर थप्पड़ मार रहा था.

ये इस बात का सबूत था कि कुवरसिंघ को अपने किए पर पछतावा है.

कुवरसिंघ भी रो रहा था. माफी माँग रहा था. खुद अपने गालो पर थप्पड़ मार रहा था.

उसने अपने हाथ कुवरसिंघ के हाथो से अलग किए और पीछे सरक गयी.

कुवरसिंघ को दर्द हो रहा था फिर भी वो रेंगते हुए उसके पास चला गया.

और उस के पैर पकड़ कर माफी माँगने लगा.

कुवरसिंघ-मुझे माफ़ कर दो या फिर मार डालो ,

लड़की -तुम्हे मैं कभी माफ़ नही करूँगी. तुम्हारी यही सज़ा है कि तुम घुट घुट कर मरते रहो

कुवरसिंघ-तुम मुझे माफ़ नही कर पाओगी क्यूँ कि मैं तुम्हारे साथ बहुत ग़लत किया

लड़की-ग़लत, जब तुम्हारे किसी अपने के साथ ऐसा होगा तो उसे पूछना कि ये सिर्फ़ ग़लत था या कुछ और

कुवरसिंघ-तुम सही कह रही हो, मैं ने जो किया वो किसी के साथ नही होना चाहिए , तुम पर क्या बीती है मैं उसे जान गया हूँ

लड़की-तुम क्या जानोगे. तुम्हारे जैसे लोगो को नामर्द बना देना चाहिए.

कुवरसिंघ-मुझे मर जाना चाहिए , मुझे मार दो ,मैं ने जो तुम्हारे साथ किया उसकी यही सज़ा है कि मुझे तुम मार डालो

लड़की-तुम्हारे खून मे गंदगी है, उस गंदगी से मैं अपने हाथ नही खराब करना चाहती

कुवरसिंघ- तुम नही तो मैं खुद को मार डालता हूँ

और कुवरसिंघ अपने सर को ज़मीन पर पटकने लगा.

कुवरसिंघ उसके पैरो के सामने अपने सर को ज़मीन पर पटकने लगा.

उस लड़की को अपनी आँखे पर विश्वास नही हो रहा था कि कुवरसिंघ इस हद तक जाकर उस से माफी माँगेगा

कुवरसिंघ उसके पैरो को अपने खून से धोने लगा.

कुवरसिंघ ऐसा भी कर सकता है ये किसी ने सोचा नही होगा.

कुवरसिंघ की इस हरकत ने उसको सोचने पे मज़बूर कर दिया कि वो कुवरसिंघ का क्या करे.

उसे लग रहा था कि कुवरसिंघ को उसके पापो की सज़ा मैं ने दी है इस लिए वो मेरी तरफ देख रही थी.

कुवरसिंघ के सर पे पहले चोट लगी थी अगर ये ऐसे ज़मीन पर सर पतकेगा तो सच मे मर जाएगा.

मैं ने कुवरसिंघ को रोक दिया.

कुवरसिंघ के सर से खून निकलने लगा.

इतना करने के बाद भी कुवरसिंघ रोते हुए उस से माफी माँगने लगा.

उसे तो कुछ समझ नही आ रहा था कि कुवरसिंघ को हुआ क्या है.वो ऐसा क्यूँ कर रहा है

मैं ने ऐसा क्या किया जिस से कुवरसिंघ उस से भीख माँग रहा है कि वो उसे मार डाले

कुवरसिंघ के इस तरह माफी माँगने से वो क्या करे या क्या ना करे ये सोचने लगी

कुवरसिंघ-मुझे माफ़ कर दो ,मुझे सज़ा दो ,मुझे मेरी करमो की सज़ा दो

लड़की-तुम्हारी यही सज़ा है कि तुम ऐसे घुट घुट कर मरते रहो

और फिर से कुवरसिंघ के मुँह पर थूक दिया.

और रोते हुए कमरे से भाग गयी.

 
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