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बुआ की चूत अपने वीर्य से भरने के बाद मैं बुआ के उपर गिर गया.
चुदाई के बाद बुआ के नरम बूब्स पे आराम करने से अच्छा लग रहा था.
बुआ भी अपनी प्यसस बुझा कर खुश थी.बुआ मुझे अपने उपर लेकर नॉर्मल हो रही थी.
मेरा लंड अभी तक बुआ की चूत मे था.
थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.
पूजा बुआ-अवी
मैं ने बुआ की तरफ देखा
पूजा बुआ-अवी, मुझे ऐसे ही प्यार करते रहेगा ना
अवी-हाँ, जब तक आप चाहेंगी तब तक हम प्यार करेंगे.
पूजा बुआ-तुम्हारी बीवी आने के बाद भी
अवी-पता नही.
पूजा बुआ-मैं समझ सकती हू,लेकिन अगर कभी प्यार करने की इच्छा हुई तो मेरे पास आ जाना ,मैं तुम्हे कभी मना नही करूँगी.
अवी-मैं तो आ जाउन्गा पर अगले साल राज के पापा आ रहे फिर
पूजा बुआ-उनके आने के बाद ,बुरा मत मान ना ,पर उनके आने के बाद मैं तुम्हारे साथ नही कर सकती.
अवी-आप राज के पापा से बहुत प्यार करती है
पूजा बुआ-हाँ,
अवी-फिर आप मेरे साथ क्यूँ करती है
पूजा बुआ-क्या बताऊं अवी, राज के पापा मुझे इतना प्यार देते है कि मैं क्या बताऊं, हर रात हम प्यार करते है, मुझे चुदाई की आदत हो गयी है.
उनके यहाँ ना रहने से मैं कुछ महीने कंट्रोल करती हूँ पर खुजली इतनी बढ़ जाती थी कि मुझे राकेश का सहारा लेना पड़ा ,महीने मे सिर्फ़ एक बार उसके साथ करती थी.
फिर तुम्हारे आते ही मैं ने रखेश को छोड़ दिया ,और तुम्हारे साथ करती हूँ,उस दिन भी खुजली इतनी बढ़ गयी कि रशोई घर मे चुदाई करनी पड़ी,
तुम समझ सकते हो ,मैं राज के पापा के बिना मुश्किल से रहती हूँ .भले मैं चुदाई किसी से भी करूँ प्यार सिर्फ़ उनसे करती हूँ,
उनके आते मैं ने तुम्हे भुला दिया था पिछली बार ,याद होगा तुम्हे ,तुम्हारा लंड उनसे बड़ा है फिर भी मुझे उनका सब से ज़्यादा पसंद है.
कभी कभी भावनाओं मे बहक बोल देती हूँ कि तुम मेरे साथ प्यार करते रहना पर राज के पापा की जगह कोई नही ले सकता
उनकी सिंपल सी चुदाई मुझे ज़्यादा पसंद आती है.क्यू कि उस से हमारी आत्मा का मिलन होता है.
तुम मेरे बेटे हो ,अपने बुआ की बात को समझने की कोशिस करना.
अवी-ये तो बाद की बात है आज की बात बताइए.आज मज़ा आया
पूजा बुआ-आज तो मुझे सुहागरात से ज़्यादा मज़ा आया.
अवी-आप भी ना , अभी कह रही थी कि राज के पापा के बहुत प्यार करती है
पूजा बुआ-वही तो ,राज के पापा दिल मे है, उनकी याद दिलाते हो तुम, और मेरे बेटे को खुश करने के लिए मैं लाखों झूठ बोल सकती हूँ.
अवी-आप के झूठ मुझे सच से ज़्यादा अच्छे लगते है. लेकिन मुझे मज़ा नही आया
पूजा बुआ-क्यूँ? मैं कुछ ग़लत किया क्या.
अवी-आपने मेरा लंड मुँह मे लिया ही नही.
पूजा बुआ-मैं अपनी प्यास की चक्कर मे भूल गयी.और तुम ने भी अपनी बुआ के लिए अपनी इच्छा पूरी नही की. चलो अभी चूस लेती हूँ.
अवी-अब तो लंड मुरझा गया है
पूजा बुआ-तो क्या हुआ ,मैं चाट कर साफ कर देती हू ,
अवी-लेकिन एक प्राब्लम है
पूजा बुआ-कैसी प्राब्लम
अवी-मेरा लंड आपकी प्यारी चूत से बाहर नही आना चाहता है.
पूजा बुआ-मेरा भी यही हाल है. मैं तो ज़िंदगी भर ऐसे ही रहेने को तय्यार हूँ
अवी-आप एमोशनल मत हो ,जल्दी से मुझे खुश कर दो.
मैं पूजा बुआ के उपर से अलग हो गया. मेरे लंड पे बुआ का पानी और मेरा वीर्य लगा हुआ था.
बुआ मेरे सामने बैठ गयी. और मेरे मुरझाए हुए लंड को चाटने लगी
बुआ सेक्सी अंदाज़ा मे लंड को चाट कर मुझे खुश कर रही थी.
बुआ को मैं ने कहा कि सिर्फ़ लंड को चाट कर साफ करे ,मैं नही चाहता था कि लंड फिर खड़ा हो .
अगर लंड फिर खड़ा हुआ तो मैं बुआ की चुदाई करूँगा और बीच मे कोई आ जाएगा जिस से मुझे खड़े लंड के साथ घूमना पड़ेगा.
बुआ ने लंड को चाट कर साफ किया.
पूजा बुआ-अब खुश हो ना
अवी-हाँ,
पूजा बुआ-अब तुम बैठो मैं नहा कर आती हूँ.
अवी-पहले मैं फ्रेश होता हूँ फिर आप हो जाना ,
पूजा बुआ-ठीक है. वैसे भी मुझे कुछ देर तुम्हारा वीर्य अपने अंदर रख कर खुशी होगी.
मैं बुआ को वैसा ही छोड़ कर बाथरूम मे फ्रेश हो गया.
मेरे बाथरूम से बाहर आने तक बुआ नंगी बेड पर बैठी थी.
और अपनी चूत मे उंगली डाल कर मेरा वीर्य चाट रही थी.
अवी-बुआ ,क्या कर रही हो
पूजा बुआ-तुम्हारा वीर्य टेस्ट कर रही हूँ.
अवी-कैसा लगा.
पूजा बुआ-अगली बार मेरे मुँह मे डालना.
अवी-ठीक है. अगली बार गंद मारने के बाद वीर्य आपके मुँह मे डालूँगा.
पूजा बुआ-तुम मेरी गंद के पीछे क्यूँ पड़े हो
अवी-आपकी गंद पर दिल आ गया. पिछली बार आपने मना किया था ,लेकिन इस बार
पूजा बुआ-इस बार जो करना है कर लेना ,तुम बैठो मैं नहा कर आती हूँ
बुआ बाथरूम मे चली गयी और मैं हॉल मे आ गया.
मैं ने गेट ओपन कर दिया ताकि कोई आए तो शक ना हो.
मैं हॉल मे बैठ कर टीवी देखने लगा. फिर अचानक कुवरसिंघ का ख़याल दिमाग़ मे आया.
उसे आज हॉस्पिटल ले जाना है. लेकिन ले कैसे जाउ.
टॅक्सी से ले जाता हूँ. टॅक्सी कार की तरह होती है. जल्दी हॉस्पिटल पहोच जाएँगे.
लेकिन टॅक्सी वाला ड्राइवर अच्छा होना चाहिए. वो वाला ठीक रहेगा.
चाची को हॉस्पिटल ले जाने के लिए जो टॅक्सी मंगाई थी वो ड्राइवर जल्दी ले जाएगा.
उसका नंबर है मेरे पास ,मैं ने उसको कॉल किया.
टॅक्सी वाला-हेलो कौन
अवी-भैया मुझे टॅक्सी चाहिए थी
टॅक्सी वाला-कहाँ जाना है
अवी-शहर2( रोहन,पूनम दीदी, सारा ज़ोया का शहर) जाना है
टॅक्सी वाला-इतने दूर नही जाता मैं
अवी-भैया एमर्जेन्सी है
टॅक्सी वाला-कैसी एमर्जेन्सी
अवी-मेरे भाई को हॉस्पिटल ले जाना है
टॅक्सी वाला-कब जाना होगा.
अवी-आज शाम मे
टॅक्सी वाला-8,000 रुपये लगेंगे
अवी-ये तो ज़्यादा है
टॅक्सी वाला-इस से एक रुपये कम नही होगा.
अवी-मैं 10000 रुपये दूँगा.
टॅक्सी वाला-10000, क्या लफडा है
अवी-लफडा नही है मुझे अपने भाई को हॉस्पिटल मे अड्मिट करके रात मे वापस आना है,तुम्हे मुझे वापस भी लाना होगा.
टॅक्सी वाला-ठीक है, तो कितने बजे आना होगा.
अवी-तुम कॉलेज के सामने आ जाना मैं वही मिलूँगा, तुम शाम 8.00 बजे वहाँ पर आ जाना.
टॅक्सी वाला-वो तो ठीक है. पर वहाँ से कब वापस आना होगा.
अवी-मुझे कल सुबह 5.30 बजे अपने गाओं मे वापस आना है. मेले मे पूजा होती है.
टॅक्सी वाला-मेले के लिए वापस आना है. तो हम वहाँ से सुबह 2.00 बजे निकल जाएँगे. मैं आपको समय पर पहुँचा दूँगा.
अवी-ठीक है ,तो शाम मे मिलते है.
टॅक्सी वाला-अपना नाम तो बता दो
अवी-मेरा नाम राकेश है.
टॅक्सी तो बुक हो गयी.
अब हॉस्पिटल बुक करता हूँ.
मैं सारा और ज़ोया को कॉल करने वाला था कि मेरी बहनें वापस आ गयी.
राज-भैया ,आप यहाँ ,
स्वेता दीदी-अवी तुम कब आए, और माँ कहा है
अवी-10 मिनट हो गये.बुआ से थोड़ी देर बात की. फिर बुआ को पसीने से परेशानी हो रही थी जिस से बुआ नहा रही है तो मैं यहाँ बैठ गया ,
सीतल दीदी-हमसे मिलने आए थे.
अवी-हाँ भी और ना भी.
पूनम दीदी-ये कैसा जवाब है
अवी-मैं यहाँ बुआ को कपड़े देने आया था ,और इसी बहाने आप सब से मिल भी लूँगा इसी लिए आपका इंतज़ार कर रहा था
सीतल दीदी-माँ ने बताया नही कि हम कोमल के घर गये है. वही आ जाते
अवी-आने वाला था पर बुआ नहाने चली गयी और मुझे रुकने को कहा
पूजा बुआ-मैं ने रुकने को कहा था,इतने दिन बाद आया है. चाय पिलाए बिना कैसे जाने देती
स्वेता दीदी-माँ तुम बैठो आज अवी को मेरे हाथ की चाय पिलाती हूँ
स्वेता दीदी रशोई घर मे चली गयी .और हम बैठ कर गप्पे मारने लगे.
थोड़ी देर बाद स्वेता दीदी चाय लेकर आ गयी.
आज स्वेता दीदी के हाथ की चाय पीने वाला था. पहला सीप लेते ही मूड फ्रेश हो गया.
अवी-दीदी आपके हाथो मे जादू है. क्या बढ़िया चाय बनाती हो आप ,
पूनम दीदी-मेरी हाथ की पीके देखना, और स्वेता को मैं ने सिखाया है.
स्वेता दीदी-तूने कब सिखाया.
अवी-आपने खुद सीखा
स्वेता दीदी-हाँ
अवी-रोहन के लिए सीखा होगा. रोहन बता रहा था कि स्वेता दीदी उसके लिए स्पेशल चाय बनाती है.
रोहन का नाम सुनते सब हँसने लगे. स्वेता दीदी शरमा गयी.
अवी-दीदी तो चाय पिला कर ससुराल मे सब का दिल जीत लेंगी. बिचारी सीतल दीदी क्या होगा.
सीतल दीदी-मैं कॉफी बनाना सीख लूँगी. हैं ना माँ
पूजा बुआ-कुछ भी करना ,पर इसी तरह साथ रहना, इसी तरह हस्ती रहना. एक दूसरे को ऐसे ही प्यार करते रहना.
अवी-अगले साल तो दीदी हमे छोड़ कर चली जाएगी.
पूजा बुआ-हाँ, कितनी जल्दी दोनो बड़ी हो गयी. अब इनकी शादी भी हो जाएगी. ये अपने नये घर मे चली जाएगी.
और पूजा बुआ के आँखे मे पानी आ गया.
स्वेता दीदी-माँ हम गये तो क्या हुआ कोमल कविता लीना भी तो है.
अवी-बुआ मैं हूँ ना ,
राज-मैं भी हूँ ,
राज की बात सुनते पूजा बुआ ने उसे गले लगा लिया.
पूजा बुआ-मेरा बेटा भी बड़ा हो रहा है.
स्वेता दीदी-राज माँ का ध्यान रखेगा ना हमारे जाने के बाद.
राज-अभी भी तो मैं ही रख रहा हूँ. हैं ना माँ
पूजा बुआ-हाँ, मेरे दोनो बेटे मेरा पूरा ध्यान रखते है.
थोड़ी देर फॅमिली ड्रामा चला फिर मैं मंदिर की तरफ चला गया.