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Guest
जब मेने भैया को बोला – कि अब आप मुझसे मदद ले रहे हो तो उसका क्या जबाब दोगे अपनी पत्नी और ससुर को,
तो उन्होने कहा, कि मे उससे तंग आ चुका हूँ, वो पता नही क्या-2 करती है, मेरी बात मानती नही… इसलिए अब मे उससे अलग होना चाहता हूँ…
मे किसी भी तरह से उस बुरखे वाली औरत से मिलना चाहता था, और अपने शक़ को दूर करना चाहता था, कि तभी मुझे वो रास्ता मिला जो उस औरत तक आसानी से ले जा
सकता था…
फिर मेने रेखा के गॅंग रेप, उसकी मौत, और उसके बाद का रिवेंज जो अब तक ले चुके थे, इस दौरान हुई मीटिंग, जिसमें उस बुरखे वाली औरत का सच सामने आया था.. वो सब मेने बताया…
जैसे -2 मेरी बात आगे बढ़ती जा रही थी, भाभी की आँखें चौड़ी होती जा रही थी, उन्हें मेरे खुलासे से झटके पे झटके लगते जा रहे थे…वो अपने पलक झपकाना ही भूल गयी, और मूह बाए मेरी बातों में खो गयी..
मेने आगे कहा – अब मे उस औरत को पहचान चुका हूँ भाभी…
भाभी मानो ये सुनने के लिए तैयार ही बैठी थी.. झट से बोली – कॉन है वो डायन…! बताओ लल्ला मुझे, मे उसका खून पी जाउन्गि…
मे – क्या करेंगी उसका गंदा खून पीकर, उसको तो उसके अंजाम तक मे पहुन्चाउन्गा…
वो अकेली मेरी, निशा या आपकी गुनहगार नही है… कृष्णा भैया की उससे कहीं ज़्यादा है…
भाभी चोन्क्ते हुए बोली – क्या..? बड़े देवर जी की भी… लेकिन है कॉन वो चुड़ैल…?
मे – कामिनी…..!
भाभी ये सुन कर एक दम उच्छल ही पड़ी…क्या..?????????????????
मे – हां भाभी ! उसने और उसके बाप ने हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा किया है, वो कमीनी, शादी से पहले से ही ड्रग अडिक्ट थी, हवस की अंधी कुतिया है वो…
भाभी बहुत देर तक मूह बाए सन्नाटे की स्थिति में मुझे देखती रही, फिर आगे बोली – लेकिन उसने निशा के साथ ऐसा क्यों किया…?
मे – मेरी वजह से…! उसको पता था, कि मे निशा से बेइंतहाँ प्रेम करता हूँ… गाड़ी सीखने के बहाने उसने मुझे सिड्यूस करके इतना उत्तेजित कर दिया था, कि मे उसे चोदने को तैयार हो गया…
आपके मायके जाने के बाद उसने दो दिन मेरे साथ जम कर सेक्स किया… काम के बहाने वो भैया के साथ इसलिए ही नही गयी थी…
लेकिन जब रामा दीदी ने बताया कि वो यहाँ कोई काम में हेल्प नही करती, उल्टा और मेरे लिए काम बढ़ा देती है, महारानी की तरह हुकुम चलाती है, तो मेने उसे एक रात, इतनी बुरी तरह से रौंदा कि उसकी गान्ड फाड़के रख दी…
जब वो दर्द का उलाहना देने लगी तो लगे हाथ मेने उससे वादा कर दिया, कि अब मे उसे कभी हाथ नही लगाउन्गा…
दो दिन बाद ही उसने भैया को फोन करके बुला लिया और उनके साथ चली गयी…
बस इसी बात की खुन्नस निकालने के लिए उसने मुझे सबक सिखाने के लिए निशा को टारगेट किया…
उसके कहे अनुसार मेरे से ज़्यादा मज़ा उसे किसी से नही मिला था… सो वो भिन्ना गयी.. और ये सब किया…
मेरी बातें भाभी को झटके पे झटके दे रही थी… कुछ देर तक वो सन्नाटे जैसी स्थिति मे रही … फिर कुछ देर बाद नॉर्मल होते ही बोली…
ये बातें बड़े देवर जी को पता हैं…?
मे – नही.. इसलिए मेने आपसे वादा लिया है, किसी को ना बताने का… अब मे ऐसा कुछ करूँगा, कि वो उनकी जिंदगी से हमेशा हमेशा के लिए निकल जाए…
और किसी को इस बात की भनक भी ना लगे…जिससे भैया अपनी जिंदगी नये सिरे से शुरू कर सकें…!
भाभी सर्प्राइज़ होते हुए बोली – लल्ला ! इतनी छोटी उमर में तुम इतना कैसे सोच और कर लेते हो…? मुझे तो अभी भी विश्वास नही होता कि तुमने ये सब कर दिया है…?
मेरी नज़र में तो अभी भी वो मेरा छोटा सा मासूम सा देवर मेरे पास बैठा है, जो हर समय अपनी भाभी की बात ही सुनता और मानता था…
मे – तो क्या अब नही मानता आपकी बात..?
भाभी ने मुझे अपने कलेजे से लिपटा लिया, और मे भी किसी छोटे बच्चे की तरह उनके अंकपाश में अपना मूह देकर लिपट गया…
तो उन्होने कहा, कि मे उससे तंग आ चुका हूँ, वो पता नही क्या-2 करती है, मेरी बात मानती नही… इसलिए अब मे उससे अलग होना चाहता हूँ…
मे किसी भी तरह से उस बुरखे वाली औरत से मिलना चाहता था, और अपने शक़ को दूर करना चाहता था, कि तभी मुझे वो रास्ता मिला जो उस औरत तक आसानी से ले जा
सकता था…
फिर मेने रेखा के गॅंग रेप, उसकी मौत, और उसके बाद का रिवेंज जो अब तक ले चुके थे, इस दौरान हुई मीटिंग, जिसमें उस बुरखे वाली औरत का सच सामने आया था.. वो सब मेने बताया…
जैसे -2 मेरी बात आगे बढ़ती जा रही थी, भाभी की आँखें चौड़ी होती जा रही थी, उन्हें मेरे खुलासे से झटके पे झटके लगते जा रहे थे…वो अपने पलक झपकाना ही भूल गयी, और मूह बाए मेरी बातों में खो गयी..
मेने आगे कहा – अब मे उस औरत को पहचान चुका हूँ भाभी…
भाभी मानो ये सुनने के लिए तैयार ही बैठी थी.. झट से बोली – कॉन है वो डायन…! बताओ लल्ला मुझे, मे उसका खून पी जाउन्गि…
मे – क्या करेंगी उसका गंदा खून पीकर, उसको तो उसके अंजाम तक मे पहुन्चाउन्गा…
वो अकेली मेरी, निशा या आपकी गुनहगार नही है… कृष्णा भैया की उससे कहीं ज़्यादा है…
भाभी चोन्क्ते हुए बोली – क्या..? बड़े देवर जी की भी… लेकिन है कॉन वो चुड़ैल…?
मे – कामिनी…..!
भाभी ये सुन कर एक दम उच्छल ही पड़ी…क्या..?????????????????
मे – हां भाभी ! उसने और उसके बाप ने हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा किया है, वो कमीनी, शादी से पहले से ही ड्रग अडिक्ट थी, हवस की अंधी कुतिया है वो…
भाभी बहुत देर तक मूह बाए सन्नाटे की स्थिति में मुझे देखती रही, फिर आगे बोली – लेकिन उसने निशा के साथ ऐसा क्यों किया…?
मे – मेरी वजह से…! उसको पता था, कि मे निशा से बेइंतहाँ प्रेम करता हूँ… गाड़ी सीखने के बहाने उसने मुझे सिड्यूस करके इतना उत्तेजित कर दिया था, कि मे उसे चोदने को तैयार हो गया…
आपके मायके जाने के बाद उसने दो दिन मेरे साथ जम कर सेक्स किया… काम के बहाने वो भैया के साथ इसलिए ही नही गयी थी…
लेकिन जब रामा दीदी ने बताया कि वो यहाँ कोई काम में हेल्प नही करती, उल्टा और मेरे लिए काम बढ़ा देती है, महारानी की तरह हुकुम चलाती है, तो मेने उसे एक रात, इतनी बुरी तरह से रौंदा कि उसकी गान्ड फाड़के रख दी…
जब वो दर्द का उलाहना देने लगी तो लगे हाथ मेने उससे वादा कर दिया, कि अब मे उसे कभी हाथ नही लगाउन्गा…
दो दिन बाद ही उसने भैया को फोन करके बुला लिया और उनके साथ चली गयी…
बस इसी बात की खुन्नस निकालने के लिए उसने मुझे सबक सिखाने के लिए निशा को टारगेट किया…
उसके कहे अनुसार मेरे से ज़्यादा मज़ा उसे किसी से नही मिला था… सो वो भिन्ना गयी.. और ये सब किया…
मेरी बातें भाभी को झटके पे झटके दे रही थी… कुछ देर तक वो सन्नाटे जैसी स्थिति मे रही … फिर कुछ देर बाद नॉर्मल होते ही बोली…
ये बातें बड़े देवर जी को पता हैं…?
मे – नही.. इसलिए मेने आपसे वादा लिया है, किसी को ना बताने का… अब मे ऐसा कुछ करूँगा, कि वो उनकी जिंदगी से हमेशा हमेशा के लिए निकल जाए…
और किसी को इस बात की भनक भी ना लगे…जिससे भैया अपनी जिंदगी नये सिरे से शुरू कर सकें…!
भाभी सर्प्राइज़ होते हुए बोली – लल्ला ! इतनी छोटी उमर में तुम इतना कैसे सोच और कर लेते हो…? मुझे तो अभी भी विश्वास नही होता कि तुमने ये सब कर दिया है…?
मेरी नज़र में तो अभी भी वो मेरा छोटा सा मासूम सा देवर मेरे पास बैठा है, जो हर समय अपनी भाभी की बात ही सुनता और मानता था…
मे – तो क्या अब नही मानता आपकी बात..?
भाभी ने मुझे अपने कलेजे से लिपटा लिया, और मे भी किसी छोटे बच्चे की तरह उनके अंकपाश में अपना मूह देकर लिपट गया…