"वि. . .का. . .स. . .!" दूसरी तरफ से बोलने वाले फूचिंग के मुख से विकास के नाम का एकाएक अक्षर टूट-टूटकर निकला । न जाने क्यों दूसरी तरफ़ से बोलने वाला फूचिंग वायरलेस पर इस प्रकार विकास को पाकर कांप गया था । उसे लग रहा था कि यह लड़का साक्षात् कालदूत है । वह स्वयं को संभालते बोला…"तुम. . .तुम वहां कैसे पहुंच गए?"
"अब मैं आजाद हो गया हु, गीदड़!" विकास गुर्राया-----"मुझे तो ऐसा लगता है कि मेरा नाम सुनते ही तुम्हारा पेशाब निकल गया है ।"
“इस बार मैं तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा ।"
"अब अपनी चिंता करो, कमीने !" विकास गुर्राया-----"तुम्हारे इस अड्डे के जितने आदमी थे, सब लाशों के ढेर में बदल चुके है तुम्हारे सहयोगी मोंगपा को जिंदा छोड़ रहा हू ।"
"क्या मतलब ? ”
"कुछ देर बाद मतलब तुम्हें स्वयं ही पता लग जाएगा ।" बिकास खूनी स्वर मे गुर्राया---------"मैं तुम्हें चैलेंज करता हैं फूचिंग कि शीघ्र ही समूचे पीकिंग पर लाशों की वर्षा होगी, अगर तुम रोक सको रोक लेना !"
"सुनो लड़के !" दूसरी ओर से फूर्चिग गुर्राया---------“मेरा नाम फूचिंग !"
"तुम्हारे नाम में जान नहीं है डरपोक गीदड़ ।" विकास चीखा-----"ज़ब तुम इस अड्डे पर आआगे तो तुम्हें मालूम होगा कि विकास किस हस्ती का नाम है? चीनी कुत्ते, अब जो विनाश मैं तुम्हारे पीकिंग में फैलाने जा रहा हूं उससे तुम्हारी अत्या तक दहल उठेगी ।"
"मुझें लगता है तुम्हारे दिन करीब आ गए है ।"
"अब अपनी और अपने देश की सोचो, प्यारे मुर्गी चोर! " विकास ने कहा-------"मैं सेट आँफ कर रहा हूँ । अगली मुलाकात सनसनाती गोलियों के बीच होगी ।" कहने के साथ ही उसने वायरलेस सैट आँफ़ कर दिया। जैसे ही वह तेजी के साथ घूमा, अपने पीछे उसने रहस्यमय चीनी अधिकारी को पाया । एक पल के लिए विकास उसकी आंखों में देखता रहा और फिर बोला-" तुम कौन हो?"
“इस समय तो केवल इतना जान लो कि मैं तुम्हारा मददगार हू।” वह चीनी अधिकारी मुस्कराकर बोला…"पूरा परिचय अवसर आने पर दिया जाएगा। फिलहाल, यहाँ से निकलो क्योंकि तुमने फूचिंग को चैलेंज दिया है शीघ्र ही यहां की मुसीबत आने वाली है ।"
"यहाँ कोई विमान है?"
" हां क्यों ?"
“जो मैं पूछ रहा हूं उसका जवाब दो ।” बिकास गुर्रा उठा ।
"इस अड्डे की गुप्त और अंडरग्राउंड छत पर एक विशेष और विशाल विमान है जो मोगपा ने वक्त पर अपने भाग निकलने के लिए लगाया हुआ था ।"
"लेकिन बेचारा भाग नहीं सका ।" विकास मुस्कराया !
"लेकिन तुम विमान का करोगे क्या?"
"जो मैं कह रहा हू तुम वह करो ।" विकास सख्ती के साथ बोला----“अधिक बकवास सुनने का मैं आदी नहीं ।"
रहस्यमय मददगार चीनी चुप हो गया । वह तो पहले ही विकास से बहुत अधिक प्रभावित था परंतु जब वह विकास के साथ था तब से तो वह लडका उसके मस्त्तिष्क पर छा गया था । वह विकास की बात पर हल्ले से मुस्कराया और बोला ----"कहिए सरकार, क्या आदेश है?"
"जितने मृत व्यक्तियों को तुम पहुचा सको विमान में पहुचा दो ।" विकास बीला----"तब तक मैं एक दूसरे काम निबटता हूं ।" कहते हुए विकास ने जेब से रेशम की डोरी का टुकड़ा निकाल लिया । उसके बाद उसने मोंगपा के खून से लथपथ बेहोश जिस्म को नंगा करके उल्टा पंखे से लटका दिया और पंखा चला दिया । यह देखकर मददगार चीनी एक बार फिर उस खतरनाक लड़के को देखता रह गया ।
सारे टॉर्चर रूम में खून की बर्षा होने लगी थी । बिकास तेजी के साथ चीनी की तरफ घूमा और गुर्राया तुम अभी तक यहीं हो?"
“तुम्हारी निर्ममता देख रहा हू ।”
“इस बात को छोडो, मैं जो कह रहा हूँ वह करो ।" विकास बोला ।
उसके बाद वे दोनों टॉर्चर रूम के ऊपर हॉल में आ गए । सारा हॉल लाशों से पटा पड़ा था ।
बिकास के हाथ में इस समय एक तलवार थी लाशों को देखते ही एक बार फिर विकास की आंखें दहक उठी ।
बिजली की गति से उसके हाथ में दबी तलवार चली और एक ताश के पलक झपकते ही दो टुकडे हो गए । तलवार खून से सन गई । उस समय वह मददगार चीनी दहल उठा जब विकास ने एक आदमी की लाश के दो दुक्टो को 'वी' की शक्ल में रख दिया । इतनी निर्ममता देखकर उसमें कुछ बोलने का साहस नहीं हुआ ।
उसके बाद-विकास ने पांच सेनिक लाशों को 'बी' की शाल दे दी ।
शेष लाशों को वे दोनों विमान में लाद रहे थे ।
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अगला दिन . . ।
न केवल पीकिंग शहर के लिए बल्कि समूचे चीन देश के लिए कहर का दिन ।
चीन देश का इतना बडा अपमान? इतनी शर्मनाक घटना ।
वह भयानक तबाही पीकिंग शहर से ही मचनी प्रारंभ हुई । चीन का बच्चा-बच्चा कांप उठा ।
लोग दहल गए ।
चीनी अधिकारी भयभीत हो गए ।
सेना को बुखार चढ़ गया ।
फूचिंग का चेहरा सफेद । काटो तो खून नहीं ।
प्रत्येक की जुबान पर केवल एक ही नाम था------विकास ।
भय और आतंक का प्रतीक!
चीन के लिए हव्वा ।
आज़ की सुबह... ।
सुबह मानो कहर था ।
सब लोगों ने, समूचे पीकिंग ने, पीकिंग में उपस्थित बच्चे बच्चे ने सूर्य की किरणों के साथ पीकिंग के ऊपर मंडराता हुआ एक विमान देखा था । उस समय साधारण जनता नहीं चौंकी थी ।
विमान तो वे लोग लगभग प्रतिदिन देखते थे किंतु उस विमान को आकाश में मंडराते हुए देखकर फूचिंग तथा चीन के कुछ विशेषाधिकारों बुरी तरह चौके थे ।
सबको पता था कि यह विमान वही है जो कि आज रात बिकास ने अड्डे से गायब कर दिया था ।
उस समय फूचिंग और उसके साथी उठे ।
विकास भयानक भूत बनकर उनके मस्तिष्क पर सवार हो गया था । फूचिंग ने तुरंत कार्यवाही की, एयर फोर्स हरकत में आई परंतु.............
परंतु तब तक तो वह विमान पूरे पीकिग पर भयानक आतंक फैला चुका था।
साधारण जनता ने अभी तक उस तरफ विशेष ध्यान नहीं दिया था किंतु अचानक उस विमान ने अपने गर्भ से एक मृत इंसानी जिस्म उगला । हवा मे लहराता हुआ वह जिस्म 'धड़ाम' से पीकिंग के एक बाजार में आ गिरा । गिरते ही वह मृत जिस्म खील खील होकर बिखर गया ।
खोपडी धड से अलग साबूत पडी थी । हजारों की भीड़ ने देखा कि लाश के जिस्म का प्रत्येक भाग अलग ।
हाथ अलग, पांव अलग, गोश्त के लोथड़े और हड्डियों का मेला । लाश एकदम नग्न थी । सबने देखा... ।
लाश के मस्तक पर. . . ।
विकास . . . ।
उफ्...खूंखार शेतान का नाम ।
अभी लोग इस लाश की चर्चा कर भी नहीं पाए थे, विमान के गर्भ से निकली एक अन्य चीनी सेनिक की ऐसी ही लाश किसी मकान के चौक में आकर गिरी।
कोई अन्य किसी मेदान में । कोई अन्य किसी की छत परा कोई अन्य पीकिंग ही सड़क पर ।
और फिर ।
प्रारंभ हुई, पीकिंग शहर पर लाशों की वर्षा ।
दनादन उस विमान से चीनियों ही लाशें गिराई जा रही थी । लोग अचानक अवाक्, बदहवास ।
भयभीत होकर लोग धरों में दुबक गए ।
पीकिंग बंद! कहीं कोई दुकान नहीं खुल रही थी । सड़को पर सन्नाटा ! समूचे पीकिंग पर होती लाशों की वर्षा!
चीनियों के पर हवाइयां उड रही थी ।
प्रत्येक व्यक्ति के दिमाग पर एक ही नाम छा गया था'----विकासा सर्वत्र एक हैं चर्चा थी-विकास. .. ।
विश्व-मर के पिछले इतिहास में सबसे अधिक भयानक और अजीब घटना । समूचे पीर्किग पर विकास छा गया था परंतु इस समय लड़का भयानक खतरे में धिरा हुआ था ।
विमान रहस्यमय चीनी मददगार चला रहा था । पीकिंग पर वह कई लाशों की वर्षा कर चुका था । अब वे भागना ही चाहते थे कि अचानक उन्होंने अपने चारों तरफ वायु में मंडराते मिराज देखे, देखते ही चीनी मददगार चीखा--------"विकास हम घिर गये हैं !"
" जहाज को तेजी के साथ बाई तरफ को निकालो ।" लड़का पूरी 'सिचुएशन' देखकर चीखा ।
इस समय विकास के चेहरे पर खतरनाक भाव थे ।
रहस्यमय चीनी ने तुरंत उसका अनुसरण किया ।
विकास तुरंत फुर्ती के साथ यू. कक्ष की तरफ झपटा था ।
उसका ललाट लाल था ।
पीकिंग पर लाशों की वर्षा करना केवल उसकी सनक थी ।
वह अपने उद्देश्य में सफ़ल हो गया । मिराजों की संख्या तीन थी और इन्होंने विमान की गति आश्चर्यजनक रूप से तीव्र कर दी ।
मिराजों की संख्या तीन थी और इन्होंने विमान की गति आश्चर्यजनक रूप से तीव्र कर दी ।
विकास का विमान तेजी के साथ दुम दबाए भागा जा रहा था और तीनों मिराज उसके पीछे थे ।
पंद्रह मिनट पश्चात्. . . । चारों विमान पीकिंग शहर को छोडकर घुमावदार पहाडियों के ऊपर मंडरा रहे थे । विकास पूरी तरह चौकन्ना हुआ बैठा था ।
तीनों मिराज उनके काफी समीप आ गए थे । लड़के का चेहरा कठोर हो गया, जबड़े की हड्डियों में उभार जाया और उसने एक मिराज पर फायर कर दिया ।
लड़के का निशाना... । उसका निशाना जो गोली से गोली टकरा देता है ।
चूकता कैसे? आकाश में एक चिंगारी भड़की...जैसे बिजली कौधी हो ।
अगले ही पल कानफाड़ विस्फोट के साथ विमान के चिथड़े उड़ गए । अभी विकास भत्ती-भाति उस विमान का विनाश देख भी नहीं पाया था तभी...उनके विमान को एक तीव्र झटका लगा ।
विमान लहरा उठा ।
यह परिणाम दाई तरफ लहराते विमान से निकली गोली का था, सनसनाती हुई गोली उनके विमान के इंजन से टकराई थी । टंकी को फाड़ती हुई पेट्रोल से जा मिली ।
आग और पेट्रोल ।