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उधर सबके सब चोर नज़रों से इन दोनों को देख रहे थे और समझने की कोशिश कर रहे थे कि क्या बातें हो रही हैं।
फैजान- उफ़ यार, साली बैठी कैसे है.. उसकी गांड देख अह.. साली एक बार मिल जाए तो बस लंड को चैन मिल जाए।
शाहिद- चुप कर साले.. रज़िया उसको पटा रही है, उसकी आँखें देख.. साफ पता लग रहा है कि वहाँ सेक्स की ही बातें हो रही हैं और वो बार-बार पैर इधर-उधर कर रही है.. इसका मतलब उसकी फुददी गीली होने लगी है।
आज़म- मान गए यार इस मामले में तेरा कोई जवाब नहीं.. अब उनको खाने के लिए बुला लें?
शाहिद- नहीं अभी नहीं.. रज़िया इशारा देगी तब।
इधर रज़िया ने अपना पासा फेंका कि रूबी उसमें फँस जाए।
रज़िया- एक बात कहूँ.. शाहिद जैसा लड़का पूरे कॉलेज में नहीं है और फैजान को छोड़कर बाकी सब भी स्ट्रॉंग हैं।
रूबी- अच्छा रियली वो कैसे?
रज़िया- एक तो सबके साइज़ बहुत मस्त हैं.. ऊपर से टाइमिंग भी कमाल की है।
रूबी- ओह गुड.. वैसे कितना साइज़ है और कितनी देर तक कर सकते हैं?
रज़िया- शाहिद का तो 8″ का है.. बाकी 7″ के औसत के हैं और टाइमिंग की पूछो मत.. सभी लगभग 25 से 30 मिनट आराम से निकाल लेते हैं।
रज़िया की बात सुन कर रूबी की आँखों में चमक आ गई.. उसके होंठ सूख गए.. वो उन पर जीभ फेरते हुई बोली- वाउ यार.. तुम तो बहुत लकी हो जो तुझे ऐसे मस्त ब्वॉयफ्रेंड मिले.. काश मेरा ब्वॉयफ्रेंड भी ऐसा ही मस्त होता।
रज़िया- अरे तो इसमें क्या है.. तू अब मेरी दोस्त है, अगर तू चाहे तो ये मज़े तू भी ले सकती है.. बोल क्या कहती है?
रूबी- नहीं यार मुझे डर लगता है.. मैं तेरी जैसी बहादुर नहीं हूँ.. एक साथ 5 के हथियार.. ना बाबा ना.. सोच कर ही डर लगता है।
रज़िया- अरे कुछ नहीं होगा.. सब प्यार से करेंगे.. यार मैं भी तो यहीं हूँ।
रूबी- नहीं यार मैं नहीं कर सकती।
रज़िया- अच्छा जाने दे.. अगर एक के साथ करने का मौका मिले तो क्या बोलती है?
रूबी- एक के साथ तो कर सकती हूँ.. मगर जाने दे यार फिर कभी देखूँगी आज तो वैसे भी सब साथ हैं।
रज़िया- मेरी जान हाथ आया मौका वेस्ट नहीं करना चाहिए.. सबकी फिकर तू मत कर.. बाकी को में संभाल लूँगी.. सालों को ब्लोजॉब देके ठंडा कर दूँगी.. तू शाहिद के साथ मज़ा ले लेना।
रूबी- रियली ऐसा हो सकता है.. तुम सबके चूसोगी.. वाउ सो नाइस तुमको पता है मेरी सबसे बड़ी कमजोरी यही है।
रज़िया- गुड यार तब तो शाहिद का चूसने में तुझे बड़ा मज़ा आएगा। वैसे तूने बताया नहीं वो तेरे पहले का और ब्वॉयफ्रेंड का साइज़ क्या था?
रूबी- पहले वाला तो 6.5 के करीब था और पॉवरफुल भी था.. मगर ब्वॉयफ्रेंड का 5″ था.. साले का पतला सा था.. उसको चूसने में भी मज़ा नहीं आता था.. मगर क्या करती जो था वही था।
रज़िया- तब तो तू आज बहुत ज़्यादा एंजाय करेगी यार.. शाहिद का मोटा भी है और लंबा भी है।
रूबी- लेकिन यार ये होगा कैसे तुम ऐसे डाइरेक्ट्ली शाहिद को कहोगी तो सब मेरे बारे में क्या सोचेंगे?
रज़िया- टेंशन मत ले.. खाने के बाद डांस का प्रोग्राम है ना.. उस टाइम मैं शाहिद को बता दूँगी। तू जब उसके साथ डांस करेगी ना बस चिपक के करना.. बाकी वो खुद संभाल लेगा।
रज़िया ने रूबी को सब अच्छे से समझा दिया कि बाकी सबको वो पहले ही दूसरे कमरे में ले जाएगी और उसके बाद वो शाहिद के साथ खुलकर मज़ा ले सकती है।
शाहिद के बड़े लंड का सोच कर ही रूबी की फुददी पानी-पानी हो गई थी। वो रज़िया से कुछ कहना चाहती थी।
मगर रज़िया ने शाहिद को आवाज़ दे दी- अब खाने के लिए कितना वेट करवाओगे? भूख लगने लगी है!
शाहिद- सब रेडी है जान.. आ जाओ।
रूबी- मुझे वॉशरूम जाना है यार।
रज़िया- क्या बात है कुछ ज़्यादा ही गर्म हो गई तुम.. जल्दी आ जाना कहीं अन्दर ही शांत मत हो जाना हा हा हा हा..
रूबी- हा हा हा.. तुम भी ना यार अब बियर अपना काम तो करेगी ना.. अभी आई बस।
रज़िया ने उसको वॉशरूम बता दिया, फिर वो जल्दी से सबके पास गई और शॉर्ट में पूरी बात बता दी।
सलमान- ये क्या यार, तू अकेला मज़ा करेगा.. हम क्या करेंगे? साली कुतिया कहीं की!
रज़िया- अबे सालों सब्र करो.. सबको चान्स मिलेगा मगर उसको थोड़ा खुलने दो।
शाहिद- हाँ सही है यार.. वो मान तो गई ना.. अब आज नहीं तो कल सभी उसका मज़ा ले सकते हैं। ऐसा समझो इस साल हमें फुददी की कमी नहीं होगी और वैसे भी रज़िया सबके चूस तो रही है ना.. आज इससे ठंडे हो जाना।
रज़िया- ओये मैंने बस उसको ऐसे ही कहा है.. साला मेरे तो पीरियड चल रहे हैं और मैं सबको ठंडा करूँ.. मुझसे नहीं होगा!
अमन- अरे ये क्या बात हुई तो हमारे लिए तूने कुछ तो सोचा होगा!
रज़िया- सोचा है ना.. शाहिद उसकी चुदाई करेगा, तुम सब लाइव देख के अपना-अपना हिला लेना.. हो जाओगे ठंडे और सोचो रूबी नंगी तुम्हारे सामने होगी तो मुठ मारने का मज़ा डबल हो जाएगा।
फैजान- उफ़ बस कर रज़िया.. मुझे तो उसके बड़े-बड़े बूब्स दिखने लगे।
शाहिद ने सबको कुछ समझाया कि आगे क्या करना है।
अमन- ओह वो आ रही है.. चलो अब जल्दी बैठ जाओ.. खाना ठंडा हो रहा है।
रज़िया ने रूबी को शाहिद के पास बिठाया और सब खाने का मज़ा लेने लगे। वहीं रूबी बार-बार शाहिद को देख कर मुस्कुरा देती। ये सब देख कर शाहिद का लंड तनाव खाने लगा।
सब हँसी-मज़ाक करते हुए खाना खा रहे थे। बीच-बीच में रज़िया थोड़ी सेक्सी बातें भी कर रही थी.. जिससे वहाँ का माहौल गर्म हो जाता और रूबी भी इन सबका खुलकर मज़ा ले रही थी।
खाने के बाद शाहिद ने म्यूज़िक लगा दिया और सब उस पर थिरकने लगे। रूबी पहले तो शाहिद के साथ नाच रही थी.. मगर बारी-बारी से सबने उसके साथ डांस किया। सलमान ने कई बार उसकी गांड को सहलाया मगर रूबी इन सब की हरकतों को एंजाय कर रही थी।
फिर शाहिद को लगा अब रूबी गर्म हो गई है तो उसने फैजान को इशारा किया कि शुरू हो जा।
फैजान वहाँ से निकला और चेयर पे जाकर बैठ गया- बस भाई मैं तो थक गया.. रज़िया यार, प्लीज़ तेरे से एक काम है यहाँ आ ना!
रज़िया- हाँ आती हूँ.. रुक मुझे पता है तेरा काम क्या है.. साला ठरकी कहीं का!
आज़म- यार अब बहुत हो गया नाच-गाना मैं थोड़ी कमर सीधी कर लूँ।
शाहिद- वो राईट वाला कमरा देख रहा है ना.. वहाँ जाकर आराम कर ले।
रज़िया- चलो मैं भी साथ चलती हूँ.. उस साले ठरकी का काम भी निपटा दूँ।
सलमान- मैं भी आ जाऊं क्या.. यार थोड़ी सी थकान मेरी भी मिटा देना।
रज़िया- जिसे आना है आ जाओ मैं चली।
एक-एक करके सब चले गए।
अब रूबी थोड़ी घबरा गई कि अब वो क्या करे?
रूबी- ये सब तो गए शाहिद यार मैं भी चलती हूँ.. मुझे लेट हो जाएगा।
शाहिद- अरे कहाँ यार.. अभी कौन सा टाइम हुआ है.. और ये सब तो मस्ती करने गए हैं.. थकान उतारने.. तुम भी थकी हुई लग रही हो वो सामने दूसरा कमरा है.. वहाँ तुम भी रेस्ट कर लो।
रूबी- हाँ, मेरी पीठ में दर्द हो रहा है।
शाहिद- अरे ऐसी बात है तो चलो इसका इलाज मेरे पास है.. मैं 5 मिनट में ठीक कर दूँगा।
रूबी- इतनी जल्दी.. वो रज़िया तो कह रही थी..
इतना बोलकर रूबी चुप हो गई.. उसके होंठों पे एक मुस्कान आ गई, जिसे शाहिद अच्छी तरह समझ गया था।
शाहिद- अरे दर्द तो बस 5 मिनट का ही है बाकी आधा घंटा तो मालिश का मज़ा लेना।
रूबी- अच्छा ये बात है.. तो चलो।
दोनों अन्दर चले गए तो शाहिद ने डोर लॉक कर दिया, जिसे देख कर रूबी ने नाटक किया कि ये डोर क्यों लॉक किया?
शाहिद- अरे यार रूबी अब प्लीज़ टाइम वेस्ट मत करो.. मुझे रज़िया ने सब बता दिया है.. तुम भी प्यासी.. मैं भी प्यासा आ जाओ एक बार मेरे गले लग जाओ।
रूबी शर्मा गई और भाग कर शाहिद के गले लग गई। अब शाहिद भी कहाँ पीछे रहता उसने झट उसके होंठों पर अपने होंठ टिका दिए और उसको चूसने लगा। रूबी तो पहले ही रज़िया की बातों से गर्म हो गई थी। अब शाहिद का लंड वो फुददी पर महसूस करके और गर्म हो गई। उसने हाथ नीचे करके उसका जायजा लिया.. तो ख़ुशी से फूली ना समाई। वो वाकयी में एक तगड़ा लंड था।