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Adultery दिव्या का सफ़र

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राजेश के जाने के बाद दिव्या को थोडा बुरा लगता है की जाने के समय उसने राजेश से खामखा झगडा किया तो वो राजेश को एक सॉरी का मेसेज लिख कर स्कूल के लिए तैयार हो जाती है. आज भी वो एक अप्सरा की तरह दिख रही थी.

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दिव्या को स्कूल के गेट पर देख कर सलमान हलकी स्माइल पास करता है लेकिन दिव्या उसे इगनोर करके अन्दर चली जाती है.

क्लास में दिव्या को देख कर मनीष भी काफी खुश हो जाता है लेकिन दिव्या उसे भी इग्नोर करती है. आधा दिन ऐसे ही कट जाता है और लंच टाइम में जब दिव्या स्टाफ रूम की तरफ जाती है तो सामने से मदन आ जाता है. मदन की हिम्मत नहीं होती की वो दिव्या से कुछ कहे लेकिन वो झापड़ याद आते ही उसके तन बदन में आग लग जाती है.

मदन ऑफिस में जाकर सलमान को बुलाता है.

सलमान: आपने बुलाया था सर.

मदन: और कितना टाइम लगेगा दिव्या को सेट करने में.

सलमान: सर आप भरोसा रखिये. इस सब में थोडा टाइम तो लगता ही है.

मदन: नहीं सलमान अब मैं और इंतज़ार नहीं कर सकता. मुझे वो अपने नीचे चाहिए.

सलमान: सर अगर इतनी जल्दी है तो जैसा मैं कहूं वैसा आप करेंगे क्या?

मदन: अगर दिव्या की मिल जाए तो जो तू बोले वो करूंगा.

सलमान मदन को अपना प्लान बताता है. काफी देर तक दोनों के बीच बात होती है और अंत में मदन कहता है.

मदन: ठीक है सलमान. तुमने जैसा बोला है मैं वैसा करूंगा पर काम होना चाहिए लेकिन जो करना जल्दी करना. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता.

सलमान: फ़िक्र न करें सर. आपको दिव्या मैडम की चूत जल्द ही मिलेगी बस मेरा थोडा ख्याल रखना. आप चाहो तो रश्मि मैडम या पूजा को भेज दूं आपकी सेवा करने.

मदन: नहीं अब तो बस दिव्या की ही फाड़नी है. तुम जाओ और दिव्या को मेरे पास भेज दो.
 
सलमान के जाने के थोड़ी देर बाद दिव्या को बोलता है की प्रिसिपल साहब ने आपको ऑफिस में बुलाया है. दिव्या जानती है की अब मदन की हिम्मत नहीं होगी उससे बदतमीज़ी करने की तो वो प्रिसिपल ऑफिस में पहुँच जाती है.

मदन: आइये दिव्या जी. बैठिये प्लीज.

दिव्या: जी सर बताइए आपने क्यों बुलाया है.

मदन: दिव्या जी सबसे पहले तो मैं उस दिन के लिए आपसे माफ़ी मांगना चाहता हूँ. पता नहीं कैसे उस दिन मैं बहक गया और आपके साथ...

दिव्या: कोई बात नहीं सर. आपको अपनी गलती का एहसास हुआ यही सबसे अच्छी बात है.

मदन: आपसे एक रिक्वेस्ट है दिव्या जी.

दिव्या: जी बताइए सर.

मदन: आपका प्रमोशन हुआ है, सैलरी भी बढ़ गयी है तो थोड़ी एक्स्ट्रा जिम्मेदारी आपको देना चाहता हूँ. उम्मीद है आप बुरा नहीं मानेगी.

दिव्या: नहीं नहीं सर आप बताइए क्या करना है.

मदन: आपको नौवी और ग्यारहवी के बच्चो के असाइनमेंट देख कर तय करना होगा की किन बच्चो को इस बार स्कॉलरशिप देनी है. ये काम तो आज से ही शुरू कर दीजिये. हम आलरेडी लेट हैं. और दूसरा काम है फाइनल एग्जाम के पेपर सेट करना. आप बाकी टीचर्स से बात करके पेपर्स के लिए क्वेश्चन सेलेक्ट कर लीजिये. मैं बाद में उनको शोर्टलिस्ट करके प्रिंट करवा लूँगा. आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न.

दिव्या: नहीं सर. इसमें दिक्कत की क्या बात है.

मदन: ठीक है दिव्या जी. ये बच्चो के असाइनमेंट रखे है. ले जाकर देख लीजिये और कल मुझे रिपोर्ट दे दीजिये.

दिव्या: ओके सर.

दिव्या असाइनमेंट पेपर्स लेकर स्टाफ रूम में आ जाती है और उन्हें चेक करने लगती है. स्कूल की छुट्टी कब हो जाती है उसे पता ही नहीं चलता. वो तो कल प्रिंसिपल को रिपोर्ट देने के लिए काफी देर तक पेपर्स देखती रहती है. धीरे धीरे सारे टीचर्स निकल जाते है और स्कूल खाली हो जाता है.

रिपोर्ट बनाकर दिव्या पेपर्स लाकर में रखती है और वाशरूम चली जाती है. सलमान इसी मौके की ताक में था. वो भी दिव्या के पीछे वाशरूम में घुस जाता है और दिव्या को पकड़ लेता है.

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सलमान: बहुत दिन बाद मिली हो जानेमन.

दिव्या: पागल हो क्या सलमान. कोई आ जायेगा.

सलमान: तो चलो फिर मेरे रूम में चलो.

दिव्या: आज नहीं सलमान. आज मुझे जाने दो. अगर किसी ने देख लिया तो बड़ी बदनामी हो जाएगी.

दिव्या सलमान को समझाने की कोशिश करती है.
 
दिव्या: प्लीज सलमान. आज रहने दो. किसी को शक हो जायेगा.

सलमान: आप ज्यादा आवाज न करना. सारे क्लास तो बंद है. किसी को क्या पता चलेगा.

सलमान दिव्या को दीवार से चिपका कर उसका बदन चूमने लगता है.

दिव्या के मम्मे सलमान के सीने में धंस जाते है. सलमान लगातार अपना लंड दिव्या की चूत में रगड़ कर उसे गरम करने की कोशिश करता है और अब दिव्या भी ज्यादा विरोध करने की स्तिथि में नहीं रहती पर फिर भी वो सलमान को मना करती है.

दिव्या: अह्ह्ह सलमान प्लीज समझो न. जो तुम कह रहे हो वो मैं करने की कोशिश करूंगी लेकिन अभी मुझे जाने दो.

सलमान: अब तो मुश्किल है मेरी जान. तेरी चूत भी तो गीली हो गयी है न.

सलमान दिव्या को डेस्क पर झुका देता है और उसकी साड़ी ऊपर उठा कर अपना लंड उसकी चूत पर टिका देता है. दिव्या घोड़ी की तरह खड़े हुए पीछे देखती है की आखिर सलमान लंड डाल क्यों नहीं रहा और दिव्या के पीछे देखते ही सलमान अपना लंड एक ही झटके में दिव्या की चूत में उतार देता है.

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हर झटके के साथ दिव्या आहें भरती रहती है और चुदाई का आनंद लेती है. दिव्या भी ऐसी चुदाई के लिए तड़प रही थी जो राजेश उसे नहीं दे पाया था. अचानक सलमान दिव्या की चूत से लंड निकाल लेता है पर दिव्या उसी पोज़ में खड़ी रहती है.

दिव्या: रुक क्यों गए.

सलमान: देखना चाहता था की आप भी चुदाई चाहती हो या नहीं.
 
अब सलमान दिव्या को दीवार से सटा देता है और उसे ऊपर उठा कर उसकी चूत में लंड डाल कर उसे ठोकने लगता है. सलमान दिव्या की चूत में झटके मारते हुए अपने होठों को दिव्या की तरफ बढाता है और दिव्या उसके होठों को चूमने लगती है.

सलमान: आह मैडम ऐसे ही चूसो मेरे होठ.

इधर दिव्या सलमान की ताकत देख कर हैरान रह जाती है. जहाँ एक ओर राजेश शायद उसे सही से गोद में उठा भी नहीं सकता वही सलमान उसे दीवार में टांग कर उसकी धुवाधार चुदाई कर रहा था.

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कुछ ही देर में दिव्या सलमान के लंड पर अपना ढेर सारा रस छोड़ देती है. सलमान भी कुछ देर बाद झड़ने लगता है.

चुदाई के बाद दिव्या अपने कपडे ठीक करती है और फर्श पर पड़ी अपनी पेंटी उठाने लगती है तो सलमान उस पर अपना पैर रख देता है.

सलमान: इसको तो मेरे पास ही रहने दो मेरी जान.

दिव्या: ओफ्फो तुमको पता भी है ये कितनी महंगी आती है. जब देखो रख लेते हो.

सलमान: तुम खामखाँ इसे पहनती हो. चूत को ओपन एक्सेस में रखा करो ताकि जब मेरा मन करे लंड पेल दिया करू.

दिव्या: बकवास न करो और ये मुझे वापस दो.

सलमान: चलो अगर अपना प्रॉमिस पूरा कर दो तो ये भी दे दूंगा और बाकी सारी भी वापस कर दूंगा. अब जाओ.

दिव्या बिना कुछ और कहे वहां से निकल जाती है. उसे ये देखकर सुकून मिलता है की स्कूल में कोई नहीं है. वो अपना सामान समेत कर घर के लिए निकलती है. जैसे ही वो गेट से बाहर आती है उसे मनीष मिल जाता है.
 
दिव्या भी अपने फ्लैट में जाकर अपने काम में जुट जाती है और उस रात भी वो मनीष से ऑनलाइन चैट करने नहीं आती. अगले दिन स्कूल की छुट्टी है तो दिव्या फ्री होती है. कर्नल भी जानता है की आज दिव्या की छुट्टी है. कर्नल दिव्या को फोन करके उससे शौपिंग के लिए चलने को कहता है. दिव्या उससे आधे घंटे बाद चलने को कहती है. आधे घंटे बाद दिव्या रेडी हो कर कर्नल के फ्लैट पर चली जाती है. वो डोर बेल बजती है.

लाला: दरवाजा खुला है दिव्या अंदर आ जाओ.

दिव्या अन्दर आ जाती है पर कर्नल अभी तैयार नहीं था. वो एक टॉवल में दिव्या के सामने आ जाता है और ऐसे दिखाता है जैसे ये एकदम नार्मल है. दिव्या कर्नल का कसरती बदन नंगा देखकर शर्माती भी है और इम्प्रेस भी होती है क्योंकि इस उम्र में भी उसकी फिटनेस राजेश से ज्यादा थी.

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लाला: अरे तुम तो बहुत जल्दी आ गयी दिव्या. मुझे तो लगा था की बाकी औरतों की तरह तुम भी एक घंटा लगाओगी तैयार होने में. अच्छा मैं बस पांच मिनट में नहाकर आया तब तक तुम मेरा घर देखो.

दिव्या: ठीक है अंकल

दिव्या और कर्नल का घर एकदम एक जैसा बना था लेकिन कर्नल ने अपना फ्लैट बहुत अच्छे से सजा रखा था. दिव्या जब दुसरे रूम में जाती है तो वहां लक्ज़री शो पीसेज और सेक्सी पेंटिंग्स लगी होती है. दिव्या सोचती है की अपनी वाइफ के मरने के बाद अंकल इन्ही पेंटिंग्स से दिल बहला रहे हैं. ये सोच कर उसके चेहरे पर एक स्माइल आ जाती है.

एक रूम में ताला लगा होता है तो दिव्या उधर जाने लगती है की तभी कर्नल उसे आवाज लगा देता है.

लाला: दिव्या मुझे हेल्प चाहिए.

दिव्या: कैसी हेल्प अंकल?

लाला: मेरे लिए कपडे निकाल दो प्लीज अलमीरा से. काफी देर हो गयी है. मैं ढूढूंगा तो और लेट होगा.

दिव्या: ओके अंकल.

दिव्या कर्नल के बेडरूम में जाकर अलमीरा से कपडे निकालने लगती है तभी कर्नल टॉवल में बाथरूम से निकल आता है. दिव्या उसे देखकर शर्माती है लेकिन कर्नल नार्मल रहता है. दिव्या कर्नल के लिए एक पेंट शर्ट निकाल देती है तभी उसकी नज़र कर्नल के खड़े लंड पर पड़ती है जिसकी वजह से टॉवल में टेंट बना हुआ था. दिव्या इग्नोर करने की कोशिश करती है पर उसकी नज़र बार बार वही चली जाती है.

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दिव्या: आप चेंज कीजिये अंकल तब तक मैं बाहर वेट करती हूँ.

लाला: अरे तुमने बताया नहीं की कैसा लगा?

दिव्या ये सुन कर शॉक हो जाती है की कर्नल उससे पूछ रहा है की उसे कर्नल का लंड कैसा लगा की तभी कर्नल बात घुमा देता है.

लाला: अरे बोलो न. घर पसंद नहीं आया क्या?

दिव्या: पसंद क्यों नहीं आयेगा अंकल. काफी अच्छा है.

लाला: थैंक्स. मैं अभी तैयार होकर आया.

कुछ ही देर मेर कर्नल भी तैयार हो जाता है और दोनों एक मॉल की तरफ चल देते है. कार में भी कर्नल गियर बदलने के बहाने कई बार दिव्या की जांघ को छूता है.

लाला: वैसे रेणुका के लिए ब्लैक साड़ी कैसी रहेगी.

दिव्या: अच्छी रहेगी. वैसे मुझे लगता है की वो आपको पसंद करती है अंकल.

लाला: वो कैसे?

दिव्या: कल मुझे उसने आपसे दूर रहने को कहा था इसलिए. शायद वो आपको पसंद करती है इसिलिये उसे पसंद नहीं की कोई और आपके पास आये.

लाला: ओह रियली.
 
कर्नल दिव्या को दिखाने के लिए खुश होने का नाटक करता है लेकिन मन में सोचता है की चीटी के भी पर निकल आये हैं. वो रेणुका को इस गुस्ताखी की सजा देने के बारे में सोचने लगता है. उधर दिव्या अपने लिए कुछ कपडे खरीदती है फिर रेणुका के लिए एक साड़ी लेती है.

दिव्या: देखिये अंकल ये साड़ी कैसी लगी आपको.

लाला: अब मुझे तो समझ नहीं आता. ये तो रेणुका के पहनने पर ही पता चलेगा. एक काम करो तुम ही पेहेन कर दिखा दो तो मुझे आईडिया हो जायेगा.

दिव्या: ठीक है मैं चेंज करके आती हूँ

कुछ देर में दिव्या कर्नल को आवाज लगाती है तो दिव्या को देख कर कर्नल के होश ही उड़ जाते हैं. काली साड़ी में दिव्या का गोरा बदन मानो कहर ढा रहा था. दिव्या के ब्लाउज से झांकते हुए मम्मे और उसकी नाभि देख कर कर्नल का मन हुआ की वही चेंजिंग रूम में ही दिव्या को दबोच ले लेकिन वो अपने पर काबू पा कर दिव्या से कहता है.

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लाला: अरे दिव्या ये साड़ी तो तुम पर बहुत अच्छी लग रही है. ये तुम ले लो और रेणुका के लिए कुछ और देख लो.

दिव्या: नहीं अंकल ये रेणुका के लिए पसंद की है तो उसी के लिए लेंगे.

लाला: ठीक है. और कुछ भी लेना है क्या?

दिव्या: नहीं अंकल मेरी शौपिंग तो हो गयी.

लाला: तो चलो फिर एक मूवी देखते हैं.

दिव्या: नहीं अंकल मेरा मन नहीं है.

कर्नल के काफी कहने पर भी दिव्या मूवी देखने को तैयार नहीं होती तो कर्नल उसको साथ में खाना खाने को बोलता है. दिव्या और कर्नल खाना खाकर वापस आ जाते हैं. घर आकर दिव्या शौपिंग का सामान अलमीरा में रखने लगती है तो उसकी नज़र दो सेक्सी सी ब्रा पेंटी के सेट पर पड़ती है. ये दिव्या ने नहीं खरीदे थे. दिव्या कर्नल को फोन करती है.

दिव्या: अंकल आपके फ्रेंड ने गलती से कुछ एक्स्ट्रा कपडे मेरे बैग में डाल दिए हैं.

लाला: क्या डाल दिया उसने?

दिव्या: मैं पैक करके आपको दे देती हूँ. आप वापस कर देना.

लाला: अच्छा समझा. दिव्या वो एक्स्ट्रा नहीं है. वो मैंने तुम्हारे लिए लिया था.

दिव्या: व्हाट? अंकल आप मुझे ऐसी चीज कैसे दे सकते हैं.

लाला: दिव्या उस दिन जब मैंने तुम्हे नाईटी में देखा था तो मैंने पाया की तुम्हारे अंडरगारमेंट तुम्हारी उस नाईटी के साथ मैच नहीं हो रहे थे. नाईटी मॉडर्न थी और ब्रा पेंटी पुराने टाइप के

इसीलिए पता नहीं क्यों मैंने ये मॉल से ले लिए. तुम नाराज़ मत हो. ये तो इसलिए है की जब तुम दुबारा राजेश के लिए वो नाईटी पहनो तो साथ में इन्हें पहनना. राजेश को बहुत पसंद आयेगी. हा हा हा...

दिव्या: अंकल ये मजाक की बात नहीं है. आपको ये नहीं देना चाहिए था.

लाला: मुझे लगा की तुम मेरी इतनी हेल्प कर रही हो तो मैं भी कुछ करू तुम्हारे लिए. अगर तुमको बहुत बुरा लगा हो तो आई एम सॉरी. तुम उन्हें फेंक देना.

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दिव्या कुछ नहीं कहती और फोन काट देती है. थोड़ी देर बाद जब उसका गुस्सा शांत होता है तो वो सोचती है की इतने महंगे कपडे फेंकना ठीक नहीं होगा और वो ब्रा पेंटी ट्राई करके देखती है. वो पेंटी तो बस नाम की ही थी. उनका होना न होना बराबर था. दिव्या शीशे में खुद को देख कर शर्मा जाती है और सोचती है की कर्नल काफी ठरकी लगता है. अपनी जवानी में बीवी को बहुत सताया होगा इसने. तभी उसे कर्नल का लंड याद आ जाता है और उसके बदन में आग सी लग जाती है.
 
उधर कर्नल सोचता है की पहले रेणुका को लाइन पर लाना जरूरी है. वो रात में रेणुका के घर पहुँच जाता है. रेणुका कर्नल को देख कर चौंक जाती है क्योंकि कर्नल हमेशा उसको अपने घर बुला कर ही चोदता था.

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रेणुका: आप यहाँ कर्नल साब.

लाला: तूने दिव्या से मेरे बारे में क्या बोला है. बोल कुतिया.

रेणुका: गलती हो गयी कर्नल साब.

लाला: तू जानती है न की तेरा पति मेरे रहमो करम पर जिन्दा है. तू क्या चाहती है की वो इस दुनिया से उठ जाए.

रेणुका: गलती हो गयी कर्नल साब. प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये.

लाला: ये तेरे लिए लास्ट वार्निंग है. अगर दुबारा ऐसी गलती की तो तुझे विधवा होने से कोई रोक नहीं सकता और ये ले साड़ी. कल के फंक्शन में इसे पहन लेना समझी.

कर्नल साड़ी रेणुका के मुंह पर मार देता है.

रेणुका: जी समझ गयी.

लाला: देख तू मुझे दिव्या को पाने में मदद कर उसके बाद तू मेरी तरफ से आजाद है. और तेरे पति के जेल से निकलने में भी मदद करूंगा.

रेणुका कुछ नहीं कहती और कर्नल वहां से चला जाता है. दरअसल रेणुका को पाने के लिए कर्नल ने रेणुका के पति को ड्रग्स के झूठे केस में फसवा कर जेल भिजवा दिया था और उसे जेल में मरवाने की धमकी देकर वो रेणुका को अपने इशारे पर नचाता था. रेणुका जानती थी की कर्नल कितना खतरनाक है और किस हद तक जा सकता है इसीलिए उसने दिव्या को आगाह किया था लेकिन दिव्या ने अपने भोलेपन में ये बात कर्नल को बता दी.

रात भर कर्नल सोचता रहता है की किस तरह दिव्या को हासिल किया जाए. सिर्फ ब्रा पेंटी देने से वो इतनी नाराज हो गयी तो वो इतनी आसानी से नहीं फंसेगी. कर्नल राजेश की बातों से समझ चूका था की दिव्या सेक्स की प्यासी है लेकिन वो जल्दीबाजी में काम ख़राब नहीं करना चाहता था.
 
अगले दिन वो नीचे घूमने जाता है और दुसरे चौकीदार श्याम को बुलाता है.

लाला: तू किसी काम का नहीं बे. तुझे एक काम बोला था लेकिन तुझसे वो भी नहीं हुआ.

श्याम: साहब हमने बहुत कोशिश किया पता करने का लेकिन वो साला सलमान पीने के बाद भी बहुत कण्ट्रोल में रहता है. दिव्या मेमसाब का नाम लेते ही चुप हो जाता है लेकिन हाँ हमने उसको एक बार नशे में एक पेंटी में मुठ मारते देखा था और वो मुठ मारते मारते दिव्या मेमसाब का नाम भी ले रहा था.

लाला: क्या बोल रहा था.

श्याम: बोल रहा था की दिव्या तुम्हारे मम्मे कितने मुलायम है. तुम्हारी चूत कितनी नमकीन है. यही सब गन्दी बाते कर रहा था साब.

लाला: तो क्या उसने दिव्या के साथ सेक्स किया है?

श्याम: ये तो नहीं मालूम साहब लेकिन करना चाहता है ये पता है और वो पेंटी जरूर वो दिव्या मेमसाब के घर से चुरा लाया है.

लाला: चल बे चूतिये भाग यहाँ से.

कर्नल ऊपर आकर दिव्या के घर की बेल बजा देता है. दिव्या डोर ओपन करती है और कर्नल को देख कर चौंक जाती है.

लाला: दिव्या मैं तुमको शाम के फंक्शन के लिए न्योता देने आया हूँ. तुमको जरूर आना है.

दिव्या: अरे अंकल मैं फंक्शन में अकेले क्या करूंगी.

लाला: अकेले क्यों? मैं भी वहां रहूँगा और ऐसे ही तो सोसाइटी के लोगों से जान पहचान बढ़ेगी.

दिव्या: नहीं अंकल जब राजेश यहाँ होंगे तब अटेंड करूंगी सोसाइटी के फंक्शन.

लाला: नहीं नहीं तुमको आज आना ही होगा. रेणुका भी वहां होगी तो मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए होगी.

दिव्या: ओके मैं देखती हूँ.

लाला: थैंक्स दिव्या मैं तुमको आजकल कुछ ज्यादा ही परेशान करता हूँ. सॉरी तुमको डिस्टर्ब किया लेकिन...

दिव्या: अरे नहीं अंकल ऐसी कोई बात नहीं है. आप अन्दर आइये न. कॉफ़ी पीजिये.

कर्नल भी अन्दर आ जाता है और दिव्या के बदन को अपनी आँखों से पीने लगता है. जब दिव्या उसको कॉफ़ी देने के लिए झुकती है तो वो उसके मम्मों की गहराईयों में खो जाता है.

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दिव्या को भी एहसास होता है की कर्नल की निगाहे कहाँ है लेकिन दिव्या सोचती है की इतने वक़्त से ये आदमी अपनी बीवी के बिना रह रहा है तो जवान औरत को घूरना तो नार्मल बात है. कर्नल भी अपनी निगाहे हटा कर दूसरी तरफ कर लेता है.
 
लाला: राजेश बहुत लकी है.

दिव्या: हाहाहा. आप कितनी बार ये बात दोहराएंगे.

लाला: तुम बिना मेकअप के इतनी सुन्दर लगती हो अपनी शादी में तो तुमने कहर ही ढा दिया होगा. उस एल्बम में तुम्हारी शादी के जोड़े में फोटो नहीं थी दिव्या.

दिव्या: जी वो एल्बम तो अलमीरा के ऊपर रखी है.

लाला: तुम कहो तो मैं स्टूल पर चढ़कर उतार लूं.

दिव्या: ठीक है. चलिए मैं आपको स्टूल देती हूँ.

कर्नल स्टूल पर चढ़कर एल्बम तो उतार लेता है लेकिन उतरते वक़्त वो जानबूझ कर दिव्या के ऊपर गिर जाता है.

लाला: ओह सॉरी दिव्या तुमको लगी तो नहीं.

दिव्या: नहीं अंकल लेकिन आप तो ठीक है न.

लाला: हाँ ठीक ही हूँ बस जांघ में थोडा खिचाव लग रहा है.

जिस वक़्त कर्नल दिव्या से ये सब बात कर रहा होता है उस समय वो खुद के लंड को दिव्या की जांघों की गर्मी से खड़ा होने से रोक नहीं पाता. जल्दी ही दिव्या को भी कर्नल के खड़े लंड का एहसास हो जाता है जो उसकी चूत के पास जगह बनाने की कोशिश कर रहा होता है. कर्नल दिव्या के इतना करीब आ जाता है की उसकी सांसों को भी दिव्या अपने चेहरे पर महसूस करती है.

कर्नल दिव्या के ऊपर से उठने का नाम ही नहीं लेता लेकिन दिव्या खतरा भापते हुए कर्नल को हटने को कहती है.

दिव्या: अंकल प्लीज आप साइड होकर उठने की कोशिश कीजिये.

लाला: ओह सॉरी दिव्या.

कर्नल बुझे मन से दिव्या के ऊपर से हट जाता है. दिव्या उठ कर खड़ी हो जाती है और एल्बम का बैग उठाकर टेबल पर रख देती है और सोफे पर बैठ जाती है. कर्नल भी दिव्या के साथ बैठकर एल्बम देखने लगता है. कर्नल दिव्या की शादी की एक एक फोटो को बहुत ध्यान से देख रहा था.

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लाला: दिव्या तुम तो शादी के जोड़े में किसी भी एक्ट्रेस को फेल कर रही हो.

दिव्या: आप भी अंकल.

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लाला: नहीं सच में. समझ नहीं आता की तुम जैसी इतनी खूबसूरत औरत राजेश को कैसे मिली. हा हा हा...

दिव्या: क्यों? राजेश भी तो बहुत स्मार्ट हैं.

लाला: अरे मैं तो मजाक कर रहा था.

ये कह कर कर्नल ने अपना हाथ दिव्या की जांघ पर रख दिया जैसे की ये उसने अनजाने में किया हो लेकिन दिव्या फ़ौरन खड़ी हो गयी.

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दिव्या: अंकल आप एलबम देखिये, मैं अभी आती हूँ.

कर्नल को बुरा लगता है की दिव्या उसको एकदम रेस्पोंस नहीं दे रही है. वो मन ही मन में सोचता है की ये इतनी आसानी से नहीं देगी. इसकी तो पटक के लेनी पड़ेगी. थोड़ी देर तक वो एल्बम देखता रहता है लेकिन जब दिव्या वापस उसके पास आकर नहीं बैठती तो वो अपने घर लौट जाता है.

शाम को सारे लोग सोसाइटी के फंक्शन में पहुँच जाते है. दिव्या भी तैयार होकर वहां पहुँचती है. पार्टी में सबकी नजर दिव्या पर ही है क्योंकि उसके जितनी खूबसूरत कोई दूसरी औरत सोसाइटी में नहीं है. कर्नल भी दिव्या को देखकर उसके पास आता है और उसे डांस के लिए पूछता है.

लेकिन कर्नल कहता है की अगर वो उसके साथ डांस करेगी तो उसे बहुत ख़ुशी होगी और अभी रेणुका भी यहाँ नहीं आई है. दिव्या कर्नल के बहुत इसरार करने पर मान जाती है और दोनों डांस फ्लोर पर चले जाते है. दिव्या को कर्नल के साथ देख कर लोग चौंक जाते है क्योंकि उनको कर्नल का करैक्टर पता था.

दिव्या: अंकल सब लोग हमें ही क्यों देख रहे है.

लाला: हमें नहीं तुम्हे देख रहे है. इन्होने कभी इतनी सुन्दर और सेक्सी औरत देखी ही नहीं होगी. वो देखो रेणुका भी आ गयी है और हमें देख रही है. शायद जेलेसी के कारण वो मेरे करीब आ जाये.

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कर्नल अपना हाथ दिव्या की पीठ पर रख कर डांस करने लगता है. दिव्या की नंगी पीठ को छूने से उसके बदन में गर्मी चढ़ने लगती है. वो अब अपना हाथ सरका कर दिव्या की कमर पर ले जाता है और उसको अपने और करीब खींच लेता है. वो दरअसल सबको दिखाना चाहता है की दिव्या अब उसकी है लेकिन दिव्या को सबके सामने कर्नल के करीब होकर नाचना ठीक नहीं लगता.

दिव्या: अंकल अब मैं थक गयी हूँ. मैं अब चलती हूँ.

लाला: अरे रुको न दिव्या. देखो न रेणुका चोरी चोरी हमें ही देख रही है. उसको मेरे करीब लाने में मेरी हेल्प करो न.

दिव्या थोड़ी देर और कर्नल के साथ नाचती है और फिर उससे जाने को कहती है तो कर्नल इस बार दिव्या को छोड़ देता है.

लाला: चलो फिर मैं भी चलता हूँ. अब अकेला यहाँ क्या करूंगा.

दिव्या: क्यों? आप रेणुका से बाते कीजिये न.

कर्नल: बातें तो मैं उससे करता ही रहता हूँ लेकिन अपने दिल की बात उससे नहीं कह पता और अकेले मुझसे ये होगा भी नहीं. और हाँ कल जब तुम नहीं थी तो तुम्हारा एक कोरियर आया था. मैं देना भूल गया. चलो वो भी ले लो.

दिव्या: ठीक है अंकल. चलिए.
 
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