दिव्या घबरा कर अपना मुंह खोल देती है. उसका मुंह खुलते ही काका उसके मुंह में थूंक देता है.
दिव्या को बहुत घिन आती है लेकिन काका अपने मुंह से उसका मुंह बंद कर देता है तो दिव्या को उसका थूंक निगलना पड़ता है.
फिर काका दिव्या के मुंह में अपनी जीभ डाल देता है और उसके होंठ चूसने लगता है.
दिव्या को अपनी टांग के बीच काका का मुरझाया लंड तनता हुआ महसूस होता है. काका भी अपना आधा खड़ा लंड दिव्या की चूत पर रगड़ने लगता है. दिव्या को महसूस होता है की इस बुढ्ढे का लंड तो शायद सलमान से भी बड़ा और मोटा है.
काका: बहुत गरम माल है तू. तुझे तो चोदे बिना छोड़ना गुनाह है. पर पहले जरा तेरी चूत तो चख लूं की नमकीन है या खट्टी है.
काका की बातें सुन कर सलमान भी अपना लंड हिलाने लगता है. उसे दिव्या को इस सिचुएशन में देख कर काफी मजा आ रहा था. काका दिव्या की चूत पर टूट पड़ता है और चटखारे ले लेकर उसे चाटने लगता है.
दिव्या के पास तो कोई आप्शन नहीं था तो वो चुपचाप पड़ी रहती है. उसको काका से इतनी घिन आ रही थी की उसको चूत चटवाने में भी कोई मजा नहीं आया.
काका: चल अब चुदने को तैयार हो जा.
दिव्या काका के मुंह से सुन कर बेड से हटने की सोचती है लेकिन काका उसकी कमर पकड़ कर उसे रोक लेता है.
काका: कहाँ चल दी रांड. अब तुझे ऐसे नहीं छोड़ सकता.
दिव्या: सलमान प्लीज.
काका: अरे पहले मेरा तो ले ले फिर उसका भी लेना या दोनों एक साथ लेगी साली.
काका पीछे से ही अपना लंड दिव्या की चूत में डाल देता है. दिव्या की गीली चूत होने के बाद भी लंड बहुत रगड़ता हुआ अन्दर जाता है.
काका: अभी भोसड़ा नहीं बना है. लगता है बच्चा नहीं हुआ तेरा अभी.
दिव्या: नहीं.
काका: तभी इतना कसा जा रहा है.
काका लगातार दिव्या की चूत में धक्के लगाने लगता है. कुछ ही पलों में दिव्या के बड़े बड़े मम्मे बिस्तर से रगड़ने लगते है.
काका के धक्के तेज़ होते जा रहे थे और दिव्या झड़ने लगती है. काका का लंड भी ज्यादा देर दिव्या की गर्म चूत के आगे टिक नहीं पाता और दिव्या के झड़ते ही वो भी झड जाता है. काका दिव्या की चूत से अपना लंड निकाल कर उसे बिस्तर पर धकेल देता है और अपने कपडे पहनने लगता है. कपडे पहनते हुए वो सलमान से कहता है.
काका: बहुत मस्त चीज है ये. अगर तू बोले तो इसको कम्मो बाई के कोठे पर बिठा दूं. एक रात के लाख रुपये तो आराम से कमा लेगी. ऐश हो जाएगी तुम दोनों की.
सलमान: नहीं नहीं काका. ये तो शरीफ औरत है और आज आखिरी बार यहाँ आई है.
काका: अच्छा तो तू भी ले ले इसकी जब तक मैं रात के लिए दारू लेकर आता हूँ. आज तो बिना पिए नींद नहीं आयेगी.
ये बोल कर काका वहां से निकल जाता है. काका के जाने के बाद दिव्या फूट फूट कर रोने लगती है और अपने कपडे पहनने लगती है.
सलमान तब तक उसके पास अपना खड़ा लंड लेकर पहुँच जाता है पर दिव्या उसको धक्का दे देती है.
सलमान: अरे मैडम इतनी नाराज़ क्यों हो रही हो.
दिव्या: हरामजादे तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ ऐसा करने की.