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राजेश: क्या हुआ अंकल, अभी तो बहुत बुराई कर रहे थे कि मेरी वाइफ पुरानी सोच की है, अब क्या हुआ।
लाला: मानना पड़ेगा, दिव्या तो इन कपड़ों में किसी की भी सांस रोक सकती है।
रेणुका: अब तुम दोनों दिव्या को ही निहारते रहोगे या आगे का प्रोग्राम चलू करे।
लाला: हा हा क्यों नहीं, तुम जाकर किचन से केक और बाकी सामान ले आओ।
रेणुका: केक तो काफी भारी है, मैं सब सामान अकेले नहीं ला पाऊंगी।
कर्नल कुछ कहता है इससे पहले ही राजेश उसकी हेल्प के लिए साथ चलने लगता है। किचन में पहुंचते ही राजेश रेणुका को पीछे से जकड़ लेता है और उसके मम्मे अपने हाथों में भर लेता है।
रेणुका: आह, क्या बात है मिस्टर एनिवर्सरी मेरे साथ मनानी है क्या।
राजेश: नहीं मैं तो बस ऐसे ही हग कर रहा था।
रेणुका पलटती है और सीधा राजेश के लंड पर अपना हाथ फेरती है।
रेणुका: अच्छा, पर ये तो कुछ और ही कह रहा है।
राजेश सिसकी सी भरता है: ये तो बस ऐसे ही। सच कहूँ तो तुम इतने करीब हो पर तुम्हे छू भी नहीं पा रहा हूँ। सुबह से मन कर रहा है कि तुम्हारे साथ टाइम बिताने को मिल जाए।
रेणुका राजेश के लंड को सहलाती रहती है: अगर मेरे साथ टाइम बिताओगे तो दिव्या का क्या होगा।
राजेश: हम्म, प्रॉब्लम तो यही है, उसके होने की वजह से ही तो तुम अभी तक बची हुई हो, वरना उसी शॉवर के नीचे ही कर्नल की जगह मैं तुम्हारी ले रहा होता।
रेणुका: तुम मेरी लोगे तो कर्नल को दिव्या की दिलवानी पड़ेगी। कहो तो आज कर्नल को दिव्या के पीछे लगा दूं।
लाला: मानना पड़ेगा, दिव्या तो इन कपड़ों में किसी की भी सांस रोक सकती है।
रेणुका: अब तुम दोनों दिव्या को ही निहारते रहोगे या आगे का प्रोग्राम चलू करे।
लाला: हा हा क्यों नहीं, तुम जाकर किचन से केक और बाकी सामान ले आओ।
रेणुका: केक तो काफी भारी है, मैं सब सामान अकेले नहीं ला पाऊंगी।
कर्नल कुछ कहता है इससे पहले ही राजेश उसकी हेल्प के लिए साथ चलने लगता है। किचन में पहुंचते ही राजेश रेणुका को पीछे से जकड़ लेता है और उसके मम्मे अपने हाथों में भर लेता है।
रेणुका: आह, क्या बात है मिस्टर एनिवर्सरी मेरे साथ मनानी है क्या।
राजेश: नहीं मैं तो बस ऐसे ही हग कर रहा था।
रेणुका पलटती है और सीधा राजेश के लंड पर अपना हाथ फेरती है।
रेणुका: अच्छा, पर ये तो कुछ और ही कह रहा है।
राजेश सिसकी सी भरता है: ये तो बस ऐसे ही। सच कहूँ तो तुम इतने करीब हो पर तुम्हे छू भी नहीं पा रहा हूँ। सुबह से मन कर रहा है कि तुम्हारे साथ टाइम बिताने को मिल जाए।
रेणुका राजेश के लंड को सहलाती रहती है: अगर मेरे साथ टाइम बिताओगे तो दिव्या का क्या होगा।
राजेश: हम्म, प्रॉब्लम तो यही है, उसके होने की वजह से ही तो तुम अभी तक बची हुई हो, वरना उसी शॉवर के नीचे ही कर्नल की जगह मैं तुम्हारी ले रहा होता।
रेणुका: तुम मेरी लोगे तो कर्नल को दिव्या की दिलवानी पड़ेगी। कहो तो आज कर्नल को दिव्या के पीछे लगा दूं।