मैम ने पर्स से अपना सैल निकाला और फोन मिलाया, घंटी गई, मैम ने स्पीकर ओन करके फोन डेस्कबोर्ड पर रख दिया। पांच-छः घंटी जाने के बाद दूसरी तरफ से फोन उठाया और एक प्यारी सी, स्वीट सी हैल्लो की आवाज कानों में घुल गई।
मैम: हैल्लो! हां कोमल, मैं बस पहुंचने वाली हूं, तुम तैयार हो ना।
कोमल: क्या, आप आ रही हो, अरे मेरी मां, मैं तो सोच रही थी कि आप शाम को आओगी, तो मैं तो आ गई जयपुर घूमने, यहां से जयपुर घुमाने के लिए टूर जा रहा था तो मैं भी आ गई।
मैम: ओह हो, तू भी ना किम्मी, अब मैं यहां तेरे इंतजार में बैठी रहूंगी।
कोमल: तो क्या हुआ दी, होटल में रोज-रोज थोड़े ही ठहरने को मिलता है, अच्छा सुनो अब आप आ गई हो तो मैं थोड़ी देर में यहां से निकलती हूं, तब तक आप मेरे रूम में वेट कर लेना।
मैम: हां, तेरे रूम में वेट कर लेना, जैसे मेरे को चाबी देकर गई है।
कोमल: तो काउन्टर पे ही तो है चाबी, वहीं से ले लेना।
मैम: हां, मैं जाकर चाबी मांगूगी और वो चुपचाप जी मैम जी मैम करके चाबी दे देंगे, आई बड़ी काउंटर की बच्ची। तू जल्दी आ जा, तब तक मैं दूसरा रूम लेती हूं।
कोमल: ओके मैं आधे-एक घंटे में निकल लूंगी यहां, से अब आप रूम ले ही रहीं हैं तो फिर कुछ देर तो रूकना ही चाहिए ना उसमें। मैं जल्दी आ जाउंगी तो ऐसे ही पैसे खराब जायेंगे।
मैम: ठीक है, पर तू ज्यादा देर मत करियो।
कोमल: ओके दी, (और उसने फोन काट दिया)।
मैम (मेरी तरफ देखते हुए): मेरे मामा की लड़की है, बहुत शैतान है, इलाहाबाद से है। अभी ग्रेजुएशन पूरी की है।
मैं: मतलब आपसे काफी छोटी है।
मैम: मुझसे तो पंद्रह साल छोटी है, अभी 19 की ही हुई है।
मैं: तो इसका मतलब आप अभी 34 की हुई हैं। पर बॉस तो चालीस से उपर के हैं।
मैम: हां वो तो 43 के हो जायेंगे इस साल। 9 साल बड़े हैं मुझसे। वो टाइम ही ऐसा था कि ये सब नहीं देखा जाता था शादी करते वक्त। और फिर यें तो सैटल थे, अच्छा कमाते थे तो पिताली ने शादी कर दी।
हम होटल पहुंच गये। मैम ने एक रूम बुक करवाया और हम रूम में आ गये। दरवाजे से अंदर होते ही मैम ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अंदर खींच लिया और मेरे बावलों की तरह मेरे गालों को चूमने लगी।
मैंने उन्हें खुद से दूर किया।
मैं: मैम! ये आप क्या कर ही हैं।
मैम ने फिर से मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे बालों में हाथ फेरते हुए मेरे होंठों को चूसने लगी। मैं उन्हें तड़पाने के लिए उन्हें खुद से दूर हटाने की झूठी-मूठी कोशिश कर रहा था। मैम ने मेरे हाथों को पकड़ा और अपने कुल्हों पर सैट कर दिया और फिर से मेरे होंठों को चूसने लगी। मैम मुझे खींचते हुए बेड की तरफ ले जाने लगी। मैंने चलते चलते दरवाजे को हाथ मारा, पर वो पूरा बंद नहीं हुआ, हल्का सा खुला रह गया।
मैम मेरे होंठों को चूसते हुए मुझे बेड तक ले गई और मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया। वो खड़ी खडी मुझे खा जाने वाली नजरों से देख रही थी। मेरा पप्पू तो पहले ही मैदान में आ चुका था और अपीन जंजीरे खुलने की बाट जोह रहा था।
मैम ने अपना पल्लू नीचे गिरा दिया और पिछे हाथ करके अपने ब्लाउज का हुक खोलकर निकाल दिया। अब वो केवल ब्रा में खड़ी थी। मैम ने ब्लाउज को एक तरफ फेंक दिया। पुशअप ब्रा में कैद मैम के उभार कहर ढा रहे थे। मैं घूरकर मैम के उभारों को देख रहा था। मैम नीचे झुकी और मेरी बेल्ट को खोल दिया और जींस का हुक खोलकर घुटनों तक सरका दी। मेरा लिंग झटका खाकर बाहर आ गया और मैम को सलामी देने लगा।
मैम एकटक मेरे लिंग को देखती रही।
हाय,,,, कितना सोहना लंड है तेरा, और ये कहते हुए मैम ने अपने होंठों को मेरे लिंग के सुपाड़े पर टिका दिया। उन्होंने अपनी जीभ निकाली और मेरे लिंग से निकली प्रिकम की बूंदों को चाट गई। मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई। मैं आराम से बेड पर लेटा था। फिर मैम ने अपनी ब्रा भी उतार दी और उनकी चूचियां झूलने लगी। उनकी तेज सांसों के साथ उनकी चूचियां भी उपर नीचे हो रही थी। शायद वासना के कारण उनकी चूचियां तन कर कड़ी हो गई थी, वो थोडी सी भी नहीं लटकी हुई थी।
फिर मैम ने मेरी शर्ट के बटन खोल दिये और साइड में गिरा दी। मैम मेरे उपर लेट गई और मेरे गालों और होंठों को चूमने लगी। मेरा लिंग उनके पेट पर हरकत कर रहा था, उनके उभार मेरी छाती पर दब गये थे, बिल्कुल नरम, परन्तु तने हुए। मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर रख दिया और सहलाने लगा।
हाय, आज तो बस तू मुझे जन्नत की सैर करा दे, बहुत दिनों से तेरे ही सपने देख रही थी मैं, मैम ने मेरे गालों पर अपने दांत गड़ाते हुए कहा।
मैंने अपने हाथ साड़ी के अंदर डाल कर उसके कुल्हों को मसलने लगा। मैम मेरे होंठों को काटने लगी और अपनी चूचियों को मेरी छाती पर रगड़ने लगी। मैम अपना एक हाथ नीचे ले गई और हमारे बीच में डालकर मेरा लिंग पकड़ लिया।
क्या शानदार लंड है तेरा, और ये कहते हुए वो नीचे को सरक गई और मेरा पूरा लिंग एकदम से अपने मुंह में भर लिया। मेरा लिंग उनके गले में जाकर अटक गया। फिर मैम ने मेरे लिंग को बाहर निकाला और फिर से पूरा मुंह में गटक लिया। लिंग जैसे ही अंदर जाता मैम की जीभ उसके चारों तरफ घूमने लगती। वो इतने अच्छे तरीके से चूस रही थी और कुछ उनके मुंह की गर्मी, मुझे लग रहा था कि आज तो मैं दो मिनट भी मैदान में नहीं टिक पाउंगा।
फिर उन्होंने मेरे लिंग को पूरा मुंह के अंदर लिया और अंदर ही रखे हुए जीभ फिराने लगी। मैं तो मजे से पागल ही हुआ जा रहा था। मुझे खुद पर कंट्रोल करना बहुत ही मुश्किल हो गया था। मेरी कमर बार बार हवा में उठ रही थी और मेरे मुंह से आहह ओहहह की आवाजें निकल रही थी।
और फिर जिसका मुझे डर था वहीं हुआ, मैंने अपना रस मैम के मुंह में उडेलना शुरू कर दिया। जैसे ही मैम ने मेरे रस की बौछार अपने मुंह में महसूस की उन्होंने अपने होंठों को और भी जोर से मेरे लिंग पर कस दिया और सारा रस पीने लगी। आठ-दस पिचकारियां छोड़ने के बाद मैं शांत हो गया और बेड पर कमर रखकर तेज तेज सांसे लेने लगा। आज तक मुझे इतना मजा नहीं आया था जितना आज मैम ने मेरे लिंग को चूस कर दिया था। मेरा लिंग छोटा होना शुरू हो गया। पर मैम ने उसे मुंह से नहीं निकाला और चूसती रही, और इसका परिणाम यह हुआ कि मेरा लिंग फिर से अंगडाई लेने लगा। मेरे लिंग को फिर से मैदान में आते देखकर मैम की आंखों में चमक आ गई। वो खड़ी हुई और अपनी साड़ी उतार कर एक साइड में रख दी।
मैं देखकर हैरान रह गया कि उन्होंने नीचे पेटीकोट नहीं पहना हुआ था, बस पेंटी ही थी। उनका पेट एकदम सपाट था और जांघें भरी हुई थी। उन्होंने फिर अपनी पेंटी में अपने अंगूठे फसाये और उसे निकाल दिया। उनकी योनि उनकी जाघों के बीच में छुपी हुई थी। फिर मैम ने मेरी जींस को भी खींचकर निकाल दिया और मेरे उपर लेट गई। उन्होंने अपनी योनि को मेरे लिंग पर सैट किया और एक ही झटके में पूरे लिंग को गलप कर गई। मुझे लगा कि मेरा लिंग बाहर ही रह गया है तो मैंने अपना हाथ नीचे करके अपने लिंग केा सैट करने की कोशिश की। पर मेरा लिंग तो पहले से ही उनकी योनि के अंदर था।
मैम: हैल्लो! हां कोमल, मैं बस पहुंचने वाली हूं, तुम तैयार हो ना।
कोमल: क्या, आप आ रही हो, अरे मेरी मां, मैं तो सोच रही थी कि आप शाम को आओगी, तो मैं तो आ गई जयपुर घूमने, यहां से जयपुर घुमाने के लिए टूर जा रहा था तो मैं भी आ गई।
मैम: ओह हो, तू भी ना किम्मी, अब मैं यहां तेरे इंतजार में बैठी रहूंगी।
कोमल: तो क्या हुआ दी, होटल में रोज-रोज थोड़े ही ठहरने को मिलता है, अच्छा सुनो अब आप आ गई हो तो मैं थोड़ी देर में यहां से निकलती हूं, तब तक आप मेरे रूम में वेट कर लेना।
मैम: हां, तेरे रूम में वेट कर लेना, जैसे मेरे को चाबी देकर गई है।
कोमल: तो काउन्टर पे ही तो है चाबी, वहीं से ले लेना।
मैम: हां, मैं जाकर चाबी मांगूगी और वो चुपचाप जी मैम जी मैम करके चाबी दे देंगे, आई बड़ी काउंटर की बच्ची। तू जल्दी आ जा, तब तक मैं दूसरा रूम लेती हूं।
कोमल: ओके मैं आधे-एक घंटे में निकल लूंगी यहां, से अब आप रूम ले ही रहीं हैं तो फिर कुछ देर तो रूकना ही चाहिए ना उसमें। मैं जल्दी आ जाउंगी तो ऐसे ही पैसे खराब जायेंगे।
मैम: ठीक है, पर तू ज्यादा देर मत करियो।
कोमल: ओके दी, (और उसने फोन काट दिया)।
मैम (मेरी तरफ देखते हुए): मेरे मामा की लड़की है, बहुत शैतान है, इलाहाबाद से है। अभी ग्रेजुएशन पूरी की है।
मैं: मतलब आपसे काफी छोटी है।
मैम: मुझसे तो पंद्रह साल छोटी है, अभी 19 की ही हुई है।
मैं: तो इसका मतलब आप अभी 34 की हुई हैं। पर बॉस तो चालीस से उपर के हैं।
मैम: हां वो तो 43 के हो जायेंगे इस साल। 9 साल बड़े हैं मुझसे। वो टाइम ही ऐसा था कि ये सब नहीं देखा जाता था शादी करते वक्त। और फिर यें तो सैटल थे, अच्छा कमाते थे तो पिताली ने शादी कर दी।
हम होटल पहुंच गये। मैम ने एक रूम बुक करवाया और हम रूम में आ गये। दरवाजे से अंदर होते ही मैम ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अंदर खींच लिया और मेरे बावलों की तरह मेरे गालों को चूमने लगी।
मैंने उन्हें खुद से दूर किया।
मैं: मैम! ये आप क्या कर ही हैं।
मैम ने फिर से मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे बालों में हाथ फेरते हुए मेरे होंठों को चूसने लगी। मैं उन्हें तड़पाने के लिए उन्हें खुद से दूर हटाने की झूठी-मूठी कोशिश कर रहा था। मैम ने मेरे हाथों को पकड़ा और अपने कुल्हों पर सैट कर दिया और फिर से मेरे होंठों को चूसने लगी। मैम मुझे खींचते हुए बेड की तरफ ले जाने लगी। मैंने चलते चलते दरवाजे को हाथ मारा, पर वो पूरा बंद नहीं हुआ, हल्का सा खुला रह गया।
मैम मेरे होंठों को चूसते हुए मुझे बेड तक ले गई और मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया। वो खड़ी खडी मुझे खा जाने वाली नजरों से देख रही थी। मेरा पप्पू तो पहले ही मैदान में आ चुका था और अपीन जंजीरे खुलने की बाट जोह रहा था।
मैम ने अपना पल्लू नीचे गिरा दिया और पिछे हाथ करके अपने ब्लाउज का हुक खोलकर निकाल दिया। अब वो केवल ब्रा में खड़ी थी। मैम ने ब्लाउज को एक तरफ फेंक दिया। पुशअप ब्रा में कैद मैम के उभार कहर ढा रहे थे। मैं घूरकर मैम के उभारों को देख रहा था। मैम नीचे झुकी और मेरी बेल्ट को खोल दिया और जींस का हुक खोलकर घुटनों तक सरका दी। मेरा लिंग झटका खाकर बाहर आ गया और मैम को सलामी देने लगा।
मैम एकटक मेरे लिंग को देखती रही।
हाय,,,, कितना सोहना लंड है तेरा, और ये कहते हुए मैम ने अपने होंठों को मेरे लिंग के सुपाड़े पर टिका दिया। उन्होंने अपनी जीभ निकाली और मेरे लिंग से निकली प्रिकम की बूंदों को चाट गई। मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई। मैं आराम से बेड पर लेटा था। फिर मैम ने अपनी ब्रा भी उतार दी और उनकी चूचियां झूलने लगी। उनकी तेज सांसों के साथ उनकी चूचियां भी उपर नीचे हो रही थी। शायद वासना के कारण उनकी चूचियां तन कर कड़ी हो गई थी, वो थोडी सी भी नहीं लटकी हुई थी।
फिर मैम ने मेरी शर्ट के बटन खोल दिये और साइड में गिरा दी। मैम मेरे उपर लेट गई और मेरे गालों और होंठों को चूमने लगी। मेरा लिंग उनके पेट पर हरकत कर रहा था, उनके उभार मेरी छाती पर दब गये थे, बिल्कुल नरम, परन्तु तने हुए। मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर रख दिया और सहलाने लगा।
हाय, आज तो बस तू मुझे जन्नत की सैर करा दे, बहुत दिनों से तेरे ही सपने देख रही थी मैं, मैम ने मेरे गालों पर अपने दांत गड़ाते हुए कहा।
मैंने अपने हाथ साड़ी के अंदर डाल कर उसके कुल्हों को मसलने लगा। मैम मेरे होंठों को काटने लगी और अपनी चूचियों को मेरी छाती पर रगड़ने लगी। मैम अपना एक हाथ नीचे ले गई और हमारे बीच में डालकर मेरा लिंग पकड़ लिया।
क्या शानदार लंड है तेरा, और ये कहते हुए वो नीचे को सरक गई और मेरा पूरा लिंग एकदम से अपने मुंह में भर लिया। मेरा लिंग उनके गले में जाकर अटक गया। फिर मैम ने मेरे लिंग को बाहर निकाला और फिर से पूरा मुंह में गटक लिया। लिंग जैसे ही अंदर जाता मैम की जीभ उसके चारों तरफ घूमने लगती। वो इतने अच्छे तरीके से चूस रही थी और कुछ उनके मुंह की गर्मी, मुझे लग रहा था कि आज तो मैं दो मिनट भी मैदान में नहीं टिक पाउंगा।
फिर उन्होंने मेरे लिंग को पूरा मुंह के अंदर लिया और अंदर ही रखे हुए जीभ फिराने लगी। मैं तो मजे से पागल ही हुआ जा रहा था। मुझे खुद पर कंट्रोल करना बहुत ही मुश्किल हो गया था। मेरी कमर बार बार हवा में उठ रही थी और मेरे मुंह से आहह ओहहह की आवाजें निकल रही थी।
और फिर जिसका मुझे डर था वहीं हुआ, मैंने अपना रस मैम के मुंह में उडेलना शुरू कर दिया। जैसे ही मैम ने मेरे रस की बौछार अपने मुंह में महसूस की उन्होंने अपने होंठों को और भी जोर से मेरे लिंग पर कस दिया और सारा रस पीने लगी। आठ-दस पिचकारियां छोड़ने के बाद मैं शांत हो गया और बेड पर कमर रखकर तेज तेज सांसे लेने लगा। आज तक मुझे इतना मजा नहीं आया था जितना आज मैम ने मेरे लिंग को चूस कर दिया था। मेरा लिंग छोटा होना शुरू हो गया। पर मैम ने उसे मुंह से नहीं निकाला और चूसती रही, और इसका परिणाम यह हुआ कि मेरा लिंग फिर से अंगडाई लेने लगा। मेरे लिंग को फिर से मैदान में आते देखकर मैम की आंखों में चमक आ गई। वो खड़ी हुई और अपनी साड़ी उतार कर एक साइड में रख दी।
मैं देखकर हैरान रह गया कि उन्होंने नीचे पेटीकोट नहीं पहना हुआ था, बस पेंटी ही थी। उनका पेट एकदम सपाट था और जांघें भरी हुई थी। उन्होंने फिर अपनी पेंटी में अपने अंगूठे फसाये और उसे निकाल दिया। उनकी योनि उनकी जाघों के बीच में छुपी हुई थी। फिर मैम ने मेरी जींस को भी खींचकर निकाल दिया और मेरे उपर लेट गई। उन्होंने अपनी योनि को मेरे लिंग पर सैट किया और एक ही झटके में पूरे लिंग को गलप कर गई। मुझे लगा कि मेरा लिंग बाहर ही रह गया है तो मैंने अपना हाथ नीचे करके अपने लिंग केा सैट करने की कोशिश की। पर मेरा लिंग तो पहले से ही उनकी योनि के अंदर था।