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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

अब परवेज़, वसीम और शाज़िया तीनो के दिमाग में वही वीडियो चल रहा था जिसके चलते राज

शाज़िया को ब्लैकमेल कर रहा था।

सब लोग इस बात की भी चिंता कर रहे थे कि कैसे अपने मम्मी पापा को शर्मा के चँगुल से

मुक्त कराया जाए जिसने अगले 20 सालों के लिए उन्हें अपना गुलाम बना रखा था।

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शाम को सब लोग डिनर के बाद एक बार फिर से परवेज़ के कमरे में इकट्ठे हुए और इस बारे

में फिर से चर्चा करने लगे

वसीम : भाई मेरे दिमाग मे एक आईडिया आया है

परवेज़ : क्या आईडिया है बता तो जरा

वसीम : राज वर्मा की बहन सोनाली वर्मा है वह ट्यूशन में मेरे साथ पढ़ती है

परवेज़ और शाज़िया ( हैरानी से) : अच्छा, सच कह रहा है तू। हमे तो यह पता ही नही था

वसीम : मुझे पता नही यह हो पायेगा या नही लेकिन अगर हम किसी तरह से सोनाली को

अपने जाल में फंसा लें तो हमारी काफी प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी

शाज़िया : आईडिया तो बहुत बढ़िया है लेकिन यह सब होगा कैसे ? तुम्हारी तो उससे दोस्ती हो

ही गयी होगी

वसीम : नही, अभी तो नही है लेकिन मैं कल से इस कोशिश में लग जाता हूँ कि किसी तरह

से वह मेरे जाल में फंस जाए

वसीम : ठीक है, अगर जरूरत पड़े तो उससे शादी के लिए भी हाँ कह देना

परवेज़ : लेकिन शादी तो तेरी पहले होनी चाहिए भाई। तुम मुझसे बड़े हो

वसीम : अरे मैं भी कर लूंगा। तू एक बार उसे फंसा कर इस घर मे तो लेकर आ।

परवेज़ : मैं कुछ समझा नही तेरी बात

वसीम : देख वह तेरी वाइफ बनकर आएगी। उसके बाद तू उसे तलाक दे देना। फिर मैं

उसका हलाला करने के कुछ दिन बाद तलाक दे दूंगा और वह फिर से तेरी वाइफ बन

जाएगी । यह सब तो हमारे यहाँ चलता ही है। मैं जिस लड़की से शादी करूँगा, उसका

हलाला तुझसे भी करवाऊंगा। लड़कियां हमारे यहाँ मौज़ मस्ती का सामान होती हैं और बीच

बीच मे उन्हें तलाक देते रहो तो वे वैसे भी अपने पति के कंट्रो ल में रहती हैं कि पता नही कब

पति गुस्सा होकर उन्हें तलाक दे दे और उन्हें फिर हलाला करवाना पड़े

शाज़िया : आप लोगों ने इतनी प्लानिंग तो कर ली लेकिन वह हिन्दू लड़की है । क्या वह और

उसके घर वाले इस तरह की शादी के लिए तैयार हो जाएंगे।

परवेज़ : वह सब तुम लोग मेरे ऊपर छोड़ दो। मैं कुछ न कुछ चक्कर चलाता हूँ।

शेष अगले भाग में..

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परवेज़ ने अब शाज़िया से पूछा : राज क्या आज रात भी तुझसे मिलने आने वाला है ?

शाज़िया : नही, आज की रात तो वह अपने मामा शर्मा के फार्म हाउस पर एक पार्टी में जा रहा

है

वसीम : कैसी पार्टी ? यह शर्मा तो वही है तो इस वीडियो में कस्टम अफ़सर है।

शाज़िया : वह कह रहा था कि…..

परवेज़ : क्या कह रहा था वह ? तुम रुक क्यों गई बोलते बोलते ?

शाज़िया : वह कह रहा था कि आज उसके मामा ने अपने फार्म हाउस पर अपने खास दोस्तों के

लिए एक मौज़ मस्ती पार्टी रखी है जिसमे पांच ऐसी लड़कियां और जवान औरतें भी बुलाई

गई हैं जिन्हें शर्मा ब्लैकमेल कर रहा है।

परवेज़ : उस पार्टी में लड़कियां और औरतें क्या करेंगी ?

परवेज़ : भाई शाज़िया से क्या पूछ रहा है, मौज़ मस्ती की पार्टी में उन सब लड़कियों और औरतों

को शर्मा और उसके दोस्त मिलकर पेलेंगे

परवेज़ : राज भी उस मौज़ मस्ती पार्टी में सबको पेलेगा क्या ?

परवेज़ : शाज़िया तुम कुछ कहते कहते रुक गई थी। तुम कुछ छुपा रही हो हम दोनों से

शाज़िया : भैया, मुझे बताते हुए बहुत शर्म आ रही है। दरअसल वह कह रहा था कि कल तेरी

मम्मी को भी पार्टी में बुलाया गया है

परवेज़ : इसका मतलब मम्मी पापा ने हम सबसे झूठ बोला कि वह रफीक अंकल के यहां

किसी जरूरी काम से जा रहे हैं। इसका मतलब वह इस मौज़ मस्ती की पार्टी में ही गए हैं।

परवेज़ : शाज़िया तेरे पास फार्म हाउस का पता है क्या ?

शाज़िया : नही भैया’’

परवेज़ : अगर पता मिल भी जाये तो हम वहां जाकर क्या कर लेंगे भाई। हमे जल्द से जल्द

शर्मा के इस ब्लैकमेल के चँगुल से निकलने का कोई रास्ता निकालना पड़ेगा

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इधर परवेज़, परवेज़ और शाज़िया आपस मे उलझे हुए थे, उधर दूसरी तरफ शर्मा के फार्म

हाउस पर मौज़ मस्ती पार्टी शुरू होने वाली थी। शर्मा हर संडे की रात को 11 बजे ऐसी

पार्टियां रखता था जिनमे वह हर बार 5 लड़कियों और औरतों को बुलाता था और अपने 4

दोस्तों यारों को बुलाता था। इस बार उसने पहली बार अपने भांजे राज वर्मा को भी इस पार्टी

में बुला लिया था। राज के अलावा जो 3 और दोस्त आज की पार्टी में आ रहे थे उनमें एक

गौरव था जो सिक्युरिटी इंस्पेक्टर था, एक सुधांशु था जो जनसत्ता पार्टी के विधायक का

बिगड़ा हुआ बेटा था और एक था जयेन्द्र जो शहर में अवैध शराब और ड्रग्स का बहुत बड़ा

कारोबारी था

जो लड़कियां और औरतें आज मौज़ मस्ती के लिए बुलाई गई थी, उनमे रुबिका सबसे अधिक

उम्र की 37 साल की थी। उसके अलावा बाकी सभी लड़कियां रागिनी, शालिनी, करिश्मा

और अमृता 21 साल और 25 साल के बीच की उम्र की थीं।थीं इन सभी लड़कियों को भी

शर्मा ने एयरपोर्ट पर कस्टम सिक्योरिटी चेकिंग पर ड्रग्स या गोल्ड तस्करी के लिए उसी

तरह पकड़ा था जिस तरह से उसने रुबिका को पकड़ा था। अब यह खूबसूरत लड़कियां और

औरतें उसकी सेक्स स्लेव बनकर उसका और उसके दोस्तों की मौज़ मस्ती का सामान

बनकर रह गयी थीं।

11 बजे तक सभी लोग फार्म हाउस पहुंच चुके थे और मौज़ मस्ती पार्टी के शुरू होने का

इन्तज़ार कर रहे थे

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फार्म हाउस में एक बड़े से हाल में पार्टी के लिए सब इकट्ठे हुए थे। इसी हाल से लगे हुए 6

कमरे थे। पार्टी 2 -3 घंटे हाल में चलती थी जहां सब लोग मिलकर लड़कियों के साथ मौज़

मस्ती करते थे और उसके बाद सब लोग अपने अपने पसंद की लौंडिलौं या को अपने अपने

कमरे में ले जाकर बाकी की रात उसके साथ मौज़ मस्ती करते थे।

शर्मा और राज के अलावा जो तीन और मेहमान आज की पार्टी में शामिल थे उनमें से

सिक्युरिटी इंस्पेक्टर गौरव 25 साल का था, गोरा रंग का और 5 फिट 8 इंच लंबा था और

देखने मे रौबीला था। विधायक का बिगड़ा बेटा सुधांशु 22 साल का था। सांवले रंग का

सुधांशु 5 फिट 9 इंच लबा और देखने मे अव्वल दर्जे का बदमाश लगता था। ड्रग और शराब

कारोबारी जयेन्द्र 30 साल का था। जयेन्द्र एकदम काले रंग का था और 5 फिट 6 इंच लंबा

होने के साथ देखने में एकदम औसत दर्जे की पर्सनालिटी का मालिक था।

रागिनी 21 साल की थी और उसकी लंबाई 5 फिट 5 इंच थी। शालिनी 22 साल की थी और

उसकी लंबाई साढ़े 5 फिट थी। करिश्मा 23 साल की और 5 फिट 7 इंच लंबी और शिवानी

24 साल की और 5 फिट 4 इंच लंबी थी। सभी लड़कियां बेहद खूबसूरत, गोरी और सेक्सी

फिगर की मालिक थीं।

शर्मा, राज और बाकी के सारे दोस्त हाल में सोफे पर बैठे हुए ड्रिंक्स ले रहे थे और आपस मे

यही बात कर रहे थे कि आज की रात वे क्या क्या करने का प्लान बना कर आये हैं।

शर्मा का भांजा राज पहली बार इस पार्टी में आया था इसलिये उसका परिचय शर्मा ने अपने

बाकी सभी दोस्तों से करवाया और फिर कहा : अब पार्टी शुरू करते है- सबसे पहले पांचो

लड़कियों को यहां बुलाया जाएगा और वे सब मिलकर हम लोगों का मूड बनाएंगी। मूड

बनाने का प्रोग्राम आधे घंटे का होगा जिसका डायरेक्शन राज करेगा।

शर्मा का इशारा मिलते ही राज उठकर एक बंद कमरे की तरफ गया और कुछ ही पलों बाद

जब वह कमरे से बाहर आया तो उसके साथ पांच लड़कियां थीं।

रुबिका साड़ी, पेटीकोट और ब्लॉउज़ पहने हुए थी। बाकी सभी लड़कियां टी शर्ट और जीन्स

पहने हुए थीं।

लड़कियों को देखते ही सबके लण्ड खड़े हो गए और वे सब अपने अपने लण्ड को हाथ से

सहलाते हुए राज के अगले कदम की प्रतीक्षा करने लगे।

राज : तुम सब एक लाइन बनाकर खड़ी हो जाओ और जो मै कहता जाऊं उसे करती

जाओ। एक बात को एक ही बार कहूँगा। मेरी बात एक बार मे जो लड़की नही मानेगी उसे मैं

अपनी मर्ज़ी से बहुत सख्त सजा दूँगा। इसलिए तुम सब मेरी बात को बहुत गौर से सुनो और

एक बार मे ही हुक्म की तामील करो। समझीं या नही ?

कोई लड़की कुछ नही बोली तो राज कुर्सी से उठकर सभी लड़कियों के पास एक एक करके

गया और सबके गालों पर थप्पड़ लगाता हुआ बोला : पहली बार है इसलिए सिर्फ थप्पड़ की

सज़ा दे रहा हूँ। आगे से मुझे शिकायत नही होनी चाहिये। अब बोलो मेरी बात समझ आई या

नही ?

सब लड़कियाँ (एक साथ एक स्वर में) : जी सर हम समझ गयी हैं

राज : ठीक से बताओ क्या समझी हो

सब लड़कियाँ : हम सब आपके हर हुक्म को गौर से सुनकर एक बार मे ही उसकी तामील

करेंगे वरना हम सबको आप अपनी मर्ज़ी से कोई भी सज़ा दी सकते हैं।

राज : वेरी गुड। अब तुम सब अपने अपने कपड़े उतारने शुरू करो। मैं 1 से 10 तक गिनती

करूँगा। मेरी गिनती पूरी होने से पहले सब के कपड़े उतर जाने चाहिए

इसके साथ ही राज ने गिनती बोलनी शुरू कर दी

सब लड़कियां अब अपने अपने कपड़े उतारने की हड़बड़ी में थीं कि कही गिनती न खत्म हो

जाये।

कुछ ही देर में पांचों लड़कियां पूरी तरह से निर्वस्त्र अवस्था मे खड़ी हुई थीं। शर्म और

ज़लालत से उनका चेहरा एकदम लाल हो चुका था। सब लोग उनके इस खूबसूरत और

सेक्सी बदन की नुमायश देखकर अपनी अपनी पेंट में बन आए टेन्ट को संभालने में लगे हुए

थे

लड़कियाँ अपने एक हाथ से अपने मम्मे और दूसरे हाथ से अपनी चिकनी चूत को छिपाने की

नाकाम कोशिश कर रही थीं लेकिन राज उन सबसे रौबीली आवाज़ में बोला : अपने दोनों

हाथ ऊपर उठाओ और घूम घूमकर अपने बदन की नुमायश करो। जब तक मैं रुकने के लिए

न कहूँ तुम सब गोल गोल घूमती रहोगी चलो शुरू हो जाओ

सब लड़कियों ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और गोल गोल घूमते हुए अपने खूबसूरत बदन

की नुमायश करने लगी।

सब लोग यह सेक्सी नुमायश देख रहे थे और ड्रिंक्स भी लेते जा रहे थे। बीस मिनट से यह

तमाशा चल रहा था। अब राज बोला : अब मैं म्यूजिक सिस्टम पर एक फिल्मी गाना

बजाऊंगा। तुम सब उस गाने पर मटक मटक कर डांस करोगी। जो लड़की ठीक से सेक्सी

डांस नही करेगी, उसे भी मैं सख्त सजा दूँगा।

यह कहने के साथ गाना शुरू हो गया : तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त...

सब लड़कियों ने अपने बदन को हिला हिलाकर डांस करना शुरू कर दिया

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गाना खत्म होने पर सब लड़कियों ने डांस करना बंद कर दिया।

राज : किसी भी लड़की का डांस एकदम परफेक्ट नही था इसलिये सबको सज़ा मिलेगी।

अब मैं एक एक करके सबको अपने पास बुलाऊंगा और उनसे यह पूछुंगा कि वह किससे

सज़ा लेना चाहती हैं। हर लडक़ी को हम पांचों में से किसी एक को चुनना होगा। सबसे पहले

रुबिका तुम मेरे पास आओ।

रुबिका राज के नज़दीक आकर खड़ी हो गई’

रुबिका की चिकनी जांघों पर हाथ फिराता हुआ राज उझसे पूछने लगा : बता तुझे किससे

सज़ा लेनी है

रुबिका कुछ नही बोली तो राज उसकी चूत में उंगली घुसेड़ते हुए फिर से बोला : शर्मा मत

मेरी जान ! बता हम सब मे से तुझे किससे सज़ा लेनी है। जब तक नही बताएगी, मै तेरे बदन

से ऐसे ही खिलवाड़ करता रहूंगा।

राज की उंगली अभी भी रुबिका की योनि में घुसी हुई थी अपनी इस ज़लालत और शर्म से बचने के लिए वह राज से जल्दी से बोल पड़ी : आप ही मुझे

सज़ा दें दीजिये

राज : गुड़, अब तुम साइड से खड़ी हो जाओ

अब राज ने अगली लडक़ी को आवाज़ दी : रागिनी तुम आओ इधर

रागिनी राज के पास आकर खड़ी हो गई

राज : टाँगे खोलो अपनी’

रागिनी ने टाँगे खोल दीं और राज ने अपने हाथ से उसके योनि प्रदेश को सहलाते हुए पूछा :

तुम बताओ कि तुम्हे किसके हाथों अपनी सज़ा पूरी करनी है

रागिनी ने शर्माते हुए सबकी तरफ देखा और फिर सर झुकाकर बोली : शर्मा सर

राज : गुड़, जाओ शर्मा सर के पास चली जाओ

राज ने उंगली से इशारा करते हुए शालिनी से कहा : इधर आ चिकनी

दरअसल शालिनी का बदन एकदम गोरा चिकना और अनछुआ सा लग रहा था जिसे

देखकर किसी का भी लण्ड बेकाबू हो सकता था। पांचो लड़कियों में सबसे ज्यादा खूबसूरत

और सेक्सी बदन भी शालिनी का ही था’

राज : चल अपने हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा

शालिनी ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए तो राज ने उसके मक्खन जैसे बदन को जी भरकर

सहलाते हुए पूछा : बोल मेरी चिकनी तुझे अपनी सज़ा के लिए कौन पसंद है ?’

शालिनी : मुझे सुधांशु सर से सजा लेनी है

राज ने शालिनी को सुधांशु की तरफ भेज दिया और करिश्मा की तरफ देखकर बोला :तुम

आओ करिश्मा’

करिश्मा राज के पास आकर खड़ी हुई तो उसने उझसे भी कहा : हाथ ऊपर उठाओ और

पीछे घूम जाओ

करिश्मा हाथ ऊपर उठाकर पीछे घूमकर खड़ी हो गई’’

राज ने उसके सुडौल नितंबों पर हाथ फिराते हुए जोर के दो चपत लगाए और बोला : बोल

तेरी क्या पसंद है मेरी रंडी

करिश्मा : गौरव सर

राज : ठीक है। गौरव सर के पास चली जाओ

अब सिर्फ अमृता बची थी। उसे पता था कि अब उसे सजा देने के लिए जयेन्द्र ही बचा है

लेकिन फिर भी राज ने उसे बुलाते हुए कहा : चल इधर आ जा

अमृता राज के पास आकर खड़ी हो गई

राज : थोड़ा और नज़दीक आ साली

अमृता राज के और नज़दीक आ गयी

राज ने अमृता के दोनों मम्मे अपने हाथों में पकड़ लिया और उन्हें मसलते दबाते हुए बोला :

बोल हरामजादी तुझे कौन सज़ा देगा ?

अमृता : मुझे तो अब जयेन्द्र सर ही सजा देंगे

राज : ठीक है जयेन्द्र सर के पास जाकर खड़ी हो जा

राज ने अब रुबिका की तरफ देखा और बोला : आजा तुझे अब मैं ऐसी सज़ा दूँगा जिसे तू

सारी जिंदगी याद रखेगी

शेष अगले भाग में.....

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रुबिका राज के सामने आकर खड़ी हो गई

बाकी सब लड़कियाँ भी अपनी अपनी सज़ा के लिए शर्मा, गौरव, सुधांशु और जयेन्द्र के

सामने जाकर खड़ी हो चुकी थीं।

शर्मा : मेरा यह सुझाव है कि सब लोग एक साथ सज़ा न दें बल्कि बारी बारी से सजा दें ताकि

एक लड़की को मिलने वाली सज़ा बाकी के 4 लोग भी देखकर मज़ा ले सकें। सबसे पहले हम

राज जो रुबिका को सज़ा दे रहा है, उसका मज़ा लेंगे। तब तक हम सब इन लड़कियों को

अपनी गोद मे बिठाकर इनसे खिलवाड़ कर सकते हैं।

शर्मा का यह सुझाव सबको पसंद आया और सबने अपने सामने खड़ी निर्वस्त्र लौंडिलौं यों को

अपनी अपनी गोद मे बिठा लिया और राज और रुबिका का सेक्सी पनिशमेंट शो देखने लगे

राज ने अपने हाथ को रुबिका के चिकने पेट और उसकी चिकनी योनि पर फिराते हुए उझसे

कहा : चल नीचे बैठ और मेरे जूते खोल

रुबिका फर्श पर बैठकर राज के जूतों के फीते खोलने लगी। रुबिका का चेहरा शर्म और

ज़लालत से एकदम लाल हो रहा था। उसने अपना चेहरा और नज़रें दोनों झुकाई हुई थीं

राज उसकी तरफ देखकर शरारती ढंग से मुस्कराते हुए बोला : इतना शर्मा क्यों रही है मेरी

चिकनी। आज से पहले क्या किसी मर्द के जूते नही उतारे ?

रुबिका कुछ नही बोली तो राज ने उसके गालों पर चपत लगते हुए कहा : मेरी बात का जबाब

दे साली

रुबिका : नही मैंने आज तक किसी के भी जूते नही उतारे हैं

रुबिका अब तक राज के दोनों जूतों के फीते खोलकर उसके पैरों से निकाल चुकी थी

राज : मोज़े भी उतारो

रुबिका मोज़े भी उतारने लगी

मोज़े उतारने के बाद राज रुबिका से बोला : दोनों पैरों को बारी बारी से दस दस बार चूमो।

हर चुम्मा पैर के अलग हिस्से पर होना चाहिए वरना वह काउंट नही होगा

रुबिका ने राज के पैर को अपने दोनों हाथों में पकड़ा और उस पर अलग अलग जगह अपने

होंठो हों का चुम्बन देने लगी। जब दोनों पैरों को राज के हुक्म के हिसाब से रुबिका चूम चुकी तो

राज उसे बोला : अब अपनी जीभ से मेरे दोनो पैरों के तलवे भी चाट

तलवे चाटते चाटते रुबिका ने शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर ली लेकिन राज ने उसके गाल

पर फिर एक चपत मारते हुए कहा : आंखे खोल हरामजादी। मेरी परमिशन के बिना तू

अपनी पलके भी नही झपका सकती है। आई एम योर मास्टर एन्ड यू आर माई सेक्स स्लेव।

आंखें खोल और मेरे पैर के तलवों को चाटती रह। बहुत मज़ा आ रहा है।

काफी देर तक अपने पैरों के तलवे चटवाने के बाद राज ने अपने पैरों से उसके मम्मे दबाने

सहलाने शुरू कर दिए। रुबिका के सीने की मस्त मस्त गोलाइयों पर राज अपने पैरों को

लगातार घुमा रहा था। अपने दोनों पैरों से रुबिका के दोनों मम्मे दबाने सहलाने के बाद राज

ने अब अपने पैरों को रुबिका के चेहरे और गालों पर रगड़ना शुरू कर दिया। अपने पैर के

अंगूठे को उसने रुबिका के होंठों हों ठोंपर फिराते हुए कहा : इसे अंदर लेकर चूस। यह समझ ले

कि तू मेरा अंगूठा नही लण्ड चूस रही है। चल शुरू हो जा

रुबिका अब राज के पैर के अंगूठे को ही उसका लंड समझकर चूसे जा रही थी और राज पैंट

में बंद अपने लण्ड को सहलाये जा रहा था।

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रुबिका जब राज के दोनों पैरों के अंगूठे चूस चुकी तो राज उझसे बोला: अब कान पकड़कर

10 उठक बैठक लगा। फिर तेरी सज़ा पूरी मानी जायेगी।

अब 37 साल की रुबिका ने 21 साल के राज के सामने कान पकड़कर उठक बैठक लगानी

शुरू कर दीं।दीं

राज और रुबिका के इस जबरदस्त सेक्सी पनिशमेंट शो को देखकर शर्मा, गौरव, सुधांशु

और जयेन्द्र सब के सब एकदम उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद मे बैठी

लौंडिलौं यों के बदन को दबा सहला और चूम कर अपनी अपनी गर्मी शांत करने का प्रयास कर

रहे थे

रुबिका अपनी 10 उठक बैठक लगा चुकी थी

राज अब रुबिका से बोला : ठीक है, अब तुम अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर मेरे सामने खड़ी

रहो और थोड़ा मेरे एकदम नज़दीक आ जाओ ताकि बीच बीच के मैं जब चाहूँ तुम्हारे इस

मस्त बदन को दबा सहला सकूं।

इससे पहले कि अगला सेक्सी पनिशमेंट शो शुरू होता, रुबिका राज से बोल पड़ी : सर मुझे

पानी पीना है। मुझे बहुत जोर से प्यास लग रही है।

राज को रुबिका की बात सुनकर कुछ और शरारत सूझी और कहने लगा : तुम्हे क्या, बाकी

सभी लड़कियों को भी प्यास लग रही होगी। तुम ऐसा करो वह सामने टेबल पर बड़ी सी

खाली बोतल रखी है, उसे मेरे पास लेकर आओ

रुबिका सामने टेबल पर रखी खाली बोतल उठा लाई और उसे राज के हाथ मे पकड़ा दिया।

प्लास्टिक की बोतल काफी बड़ी और 2 लीटर कैपेसिटी की थी। राज ने अपनी पैंट की ज़िप

खोलकर अपना लण्ड बाहर निकाला और अपना पेशाब उसने बोतल में भर दिया।

अपना पेशाब बोतल में भरने के बाद राज ने बोतल में अपने मुंह का थूक भी डाल दिया और

उसे रुबिका के हाथ मे देते हुए बोला : जाओ इस बोतल में शर्मा सर, गौरव सर, सुधांशु सर

और जयेन्द्र सर का भी पेशाब और थूक डालकर लाओ।

रुबिका को कुछ समझ नही आ रहा था कि यह सब क्या चल रहा है। वह फिर से बोली : सर

मुझे प्यास लगी है, पहले मैं पानी पी लूं क्या ?

राज : साली रंडी, पानी नही तुम सब को हम सबका थूक मिश्रित पेशाब ही पीने को मिलेगा।

अब जल्दी से सबके पास जा और इस बोतल में सबका थूक और पेशाब लेकर वापस मेरे

पास आ।

रुबिका एकदम बेबस थी। वह बारी बारी सबके पास गई और सबका पेशाब और थूक उस

बोतल में भरवाकर ले आयी।

राज ने देखा कि बोतल अभी भी थोड़ी खाली थी।

राज रुबिका से बोला : फ्रिज में से शराब की बोतल और आइस क्यूब भी लेकर आओ

अब पेशाब और थूक मिश्रित बोतल में राज ने कुछ शराब और आइस क्यूब भी डाल दिये और

बोतल को हिलाकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए रुबिका से बोला : टेबल पर जो 5 ग्लास रखें

हैं उन सबमे यह ड्रिंक डालो और अपना गिलास लेकर मेरे पास आओ

रुबिका ने बोतल में थूक पेशाब और शराब मिश्रित ड्रिंक 5 गिलासों में भर दिया और एक

गिलास लेकर राज के पास आ गयी

राज : अब नीचे फर्श पर मेरी टाँगों के बीच बैठ जा और इस ड्रिंक को पीना शुरू कर

रुबिका : सर यह थूक और पेशाब मुझसे नही पिया जाएगा।

राज : लेकिन तुझे तो जोर से प्यास लग रही है ना ?

रुबिका : जी सर

राज : फिर इस टेस्टी ड्रिंक को पी और अपनी प्यास बुझा । मैंने इसमे शराब और बर्फ

डालकर इसे टेस्टी भी बना दिया है

रुबिका ने जब अभी भी पीना शुरू नही किया तो राज ने उसके गालों पर एक साथ दो तमाचे

जड़ते हुए कहा : चल मुंह खोल और मेरे 10 तक काउंटिंग करने तक अगर यह गिलास

खाली नही हुआ तो मैं तेरी बहुत दुर्दशा करूँगा।

राज गिनती बोलने लगा।

10 की गिनती पूरी होने के साथ ही रुबिका ने गिलास खाली कर दिया’

रुबिका का गिलास खाली होते ही कमरे में बैठे सभी लोगों ने तालियां बजाकर रुबिका के इस

तरह ज़लील होने पर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया। लेकिन बाकी की चारों लड़कियाँ डरी

सहमी उन 4 गिलासों को देख रही थी क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अब उन्हें भी यही ड्रिंक

पिलाया जाने वाला है।

शेष अगले भाग में

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रुबिका की सज़ा खत्म हो चुकी थी

राज ने अब रुबिका को फर्श पर अपनी दोनों टाँगों के बीच मे बिठा लिया था। उसका ध्यान

अब सुधांशु और शालिनी की तरफ था क्योंकि अब सुधांशु शालिनी का पनिशमेंट शो शुरू

करने जा रहा था।

राज की पैंट के अंदर उसका लण्ड खड़ा होकर बड़ा सा टेन्ट बना चुका था। राज ने पैंट में बन

रहे टेण्ट को रुबिका के चेहरे पर रगड़ते हुए कहा : मेरा लण्ड बाहर निकाल और इसे अपने

मुंह मे ले। मेरे गुस्से और सज़ा से बचना है तो मेरे कहे बिना ही मुझे खुश करती रह।

राज रुबिका के गालों पर हल्का सा चपत लगाकर बोला : चल शुरू हो जा

रुबिका ने राज की पैंट की ज़िप नीचे सरकाकर उसका लंबा और कड़क हो चुका लण्ड अपने

हाथ मे ले लिया और कुछ देर उस पर अपना हाथ फिराने के बाद उसे अपने मुंह मे ले लिया

रुबिका का मुख मैथुन करते हुए राज अब सुधांशु और शालिनी का पनिशमेंट शो देखने लगा

विधयक का बिगड़ा हुआ 22 साल का बेटा सुधांशु अव्वल दर्जे का बदमाश था और लड़कियों

को बहुत बुरी तरह ज़लील करने में उसे मज़ा आता था। किस्मत की बात यह थी कि उसके

हिस्से में सबसे खूबसूरत और सेक्सी लौंडिलौं या शालिनी आयी थी

सुधांशु (शालिनी से) : चल अपने कान पकड़ और गिनती करते हुए 100 उठक बैठक लगा

शालिनी ने अपने दोनों कान पकड़ लिए और काउंटिंग करती हुई उठक बैठक लगाने लगी

सुधांशु ने अपने हाथ मे एक केन पकड़ी हुई थी। बीच बीच मे वह शालिनी की चिकनी जांघों

पर केन मारते हुए कहा रहा था : ठीक से लगाओ उठक बैठक। फर्श पर नीचे तक बैठ और

फिर खड़ी हो

50 उठक बैठक लगाने के बाद शालिनी फर्श पर बैठ गयी और सुधांशु के पैरों को पकड़ते

हुए बोली : बस सर अब और नही। मैं बहुत थक गई हूं प्लीज़।

सुधांशु : जा टेबल पर जो पेशाब भरा गिलास रखा है, उसे उठाकर ला और मेरे सामने

बैठकर पी। उसे पीकर तेरी थकान भी दूर हो जाएगी और प्यास भी। चल जल्दी कर’’

शालिनी : नही सर, पेशाब और थूक मिली शराब मै नही पियूंगी।

सुधांशु ने उसे केन मारते हुए हंसकर कहा : साली रंडी तू मेरी सेक्स स्लेव है। जो मैं कहूंगा

तुझे वह करना ही होगा। अब तुझे मेरी बात न मानने की सज़ा मिलेगी। चल अब 100 उठक

बैठक और लगा। चल खड़ी हो और शुरू हो जा

शालिनी : नही सर मैं पेशाब पीने के लिए तैयार हूं। अब मुझसे और उठक बैठक नही लगाई

जाएंगी।

सुधांशु : बोल मुझे दबंग मर्दों की थूक मिली हुई पेशाब बहुत अच्छी लगती है

शालिनी : सर मुझे आप जैसे दबंग मर्दों की थूक मिली पेशाब पीनी बहुत अच्छी लगती है।

सुधांशु : फिर देर क्यों कर रही है। टेबल पर से पेशाब भरा गिलास उठा और पीना शुरू कर

शालिनी पेशाब का गिलास उठाकर उसे पी रही थी और सब लोग उसकी तरफ देखकर

हल्के हल्के मुस्कुरा रहे थे

सुधांशु : राज का यह पेशाब वाला आईडिया बहुत लाजबाब है और एकदम ओरिजिनल है।

राज : खूबसूरत और सेक्सी लौंडिलौं या तो यही चाहती है कि उन्हें कोई दबंग मर्द अपने कब्जे में

लेकर उनसे अपनी मनमानी करवाये। दबंग मर्द की आवाज़ सुनकर ही ऐसी लड़कियां

एकदम गीली हो जाती है

सुधांशु : भाई तूने बड़ी रिसर्च कर रखी है इन सेक्सी लौंडिलौं यों पर

राज : आप चेक करके देख लो अभी मेरी बात 100 प्रतिशत ठीक निकलेगी’

सुधांशु : ठीक है, तुम कहते हो तो चेक तो करना ही पड़ेगा

शालिनी अब तक सारा पेशाब पी चुकी थी’’

सुधांशु : चल अब मेरे सामने नज़दीक आकर खड़ी हो जा

शालिनी सुधांशु के नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

सुधांशु : दोनों हाथ ऊपर कर और अपनी टाँगों को खोलकर खड़ी हो

शालिनी सुधांशु की रौबीली आवाज़ और उसकी दबंगई से एकदम गीली हो चुकी थी उसने

अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और अपनी टाँगे फैलाकर खड़ी हो गयी

सुधांशु ने शालिनी की चिकनी चूत पर अपना हाथ फिराना शुरू कर दिया और हाथ फिराते

फिराते ही अपनी उंगली उसकी चूत में डालकर उसे आगे पीछे करने लगा

सुधांशु : राज तू बिल्कुल सही कह रहा था। यह लौंडिलौं या तो पूरी गीली हो चुकी है। मतलब

हमारे जैसे मर्द इन लौंडिलौं यों को इसी तरह ज़लील करके पेलते रहें तो इन्हें खूब मजा आता है।

सुधांशु ने अब तीन उंगलियां उसकी चूत में डाल दी थी और उससे हंसते हुए पूछने लगा :

क्यों रंडी मज़ा आ रहा है न ?//

शालिनी के मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं। वह बोली : जी सर आ रहा है

सुधांशु ने अपनी उंगलियां उसकी चूत से बाहर निकल ली और उससे बोला : चल अब नीचे

बैठ

शालिनी फर्श पर सुधांशु की टाँगों के बीच मे बैठ गयी’’

सुधांशु ने अपनी तीनों उंगलियां उसके होंठो हों पर फिराते हुए कहा : इन्हें चाट चाट कर साफ

कर

उंगलियां चटवाने के बाद सुधांशु ने शालिनी के दोनों गालों पर हल्के हल्के चपत लगाते हुए

कहा : मेरी पैंट खोलकर लण्ड बाहर निकाल और उसे अपने मुंह मे लेकर मुझे खुश कर।

शेष अगले भाग में

.........................
 
सुधांशु और शालिनी का पनिशमेंट शो ख़त्म हो चुका था

अगले पनिशमेंट शो की बारी अब शर्मा और रागिनी की थी

शर्मा ने रागिनी को अपनी गोद में से उठाकर अपने सामने खड़ा कर लिया था

शर्मा एक बड़े से सोफे पर अकेला बैठा हुआ था-उसने रागिनी की तरफ देखा और बोला :

जाओ टेबल पर रखे पेशाब भरे गिलास को उठाकर लाओ और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू

करो-पीने के बाद मुझे बताओ कि तुम्हे यह ड्रिंक कितना टेस्टी लगा

रागिनी : नहीं सर, मैं यह पेशाब नहीं पी सकती-मुझे तो गिलास को छूते हुए भी बहुत घिन

आ रही है-मुझसे यह नहीं होगा सर-आप कुछ और सजा दे सकते हैं प्लीज़ लेकिन पेशाब

पीने के लिए मजबूर न करें

शर्मा : कोई बात नहीं. हीं जब तक तुम खुद पेशाब पीने के लिए नहीं कहोगी, हम तुम्हे पेशाब

नहीं पिलायेंगे -जैसे तुम कह रही हो तुम्हे कुछ और सजा दे देते हैं

यह कहने के साथ ही शर्मा ने फार्म हॉउस में मौजूद अपने नौकर को आवाज़ देकर बुला

लिया :

रणजीत, इधर आओ

कुछ ही देर में पास के एक छोटे से कमरे से एक 18-19 साल का लड़का निकलकर शर्मा

के पास आ गया : जी साहब

पांचों लड़कियां जो बिलकुल नंगी खड़ी हुई थीं, थीं शर्मा के इस नौकर को देखकर और ज्यादा

शर्माने लगीं.

शर्मा का नौकर रणजीत 18-19 साल का था. एकदम काले रंग का रणजीत लगभग 5 फिट

8 इंच लम्बा था और उसने एक टी शर्ट और निक्कर पहना हुआ था -रणजीत अक्सर इस

तरह की पार्टियां देखता रहता था इसलिए उसे कुछ हैरानी नहीं हो रही थी क्योंकि उसके

लिए यह सब आम बात थी.’’

शर्मा (रागिनी से) : एक बार फिर से सोच लो कि टेबल पर रखा पेशाब का गिलास पीना है

या नहीं. हीं एक बार सजा शुरू हुई तो पेशाब पीने का मौका भी सजा पूरी होने के बाद ही

मिलेगा

रागिनी : प्लीज़ नहीं सर मैं पेशाब नहीं पी पाउंगी -उसमे तो पांच पांच लोगों का पेशाब और

थूक दोनों मिला हुआ है

शर्मा : ठीक है कोई बात नहीं . रणजीत तुम ऐसा करो -रागिनी को इधर मेरे पास लाकर

मेरी गोद में उल्टा करके लिटा दो -इसके मस्त मस्त नितम्बों पर मैं इस मोटे बेंत से पचास

स्ट्रोक लगाऊंगा -मेरे इस काम में तुम मेरी मदद करोगे

रणजीत समझ गया था कि शर्मा क्या चाहता है क्योंकि वह अक्सर ही यह सब करता रहता

था

रणजीत मुस्कराता हुआ निर्वस्त्र खड़ी रागिनी के पास पहुंचा और उसे पकड़कर शर्मा के

पास ले आया और उसे शर्मा की गोद में उसकी टांगों के ऊपर इस तरह से लिटा दिया

जिससे कि उसके नितम्बों पर शर्मा आसानी से बेंत मार सके. रागिनी की चिकनी जांघें और

पेट अब शर्मा की टांगों और उसके लण्ड पर टिकी हुई थीं. सोफे पर ही कुछ दूरी पर

रणजीत भी बैठ गया और उसने रागिनी के चेहरे को पकड़कर अपनी गोद में रख लिया था.

अब रागिनी का चेहरा और उसके मम्मे रंजीत के लण्ड और टांगों पर टिके हुए थे और

उसका पेट और जाँघे शर्मा के लण्ड और टांगों पर टिके हुए थे.
 
सब लोग टकटकी लगा लगाकर यह तमाशा देख रहे थे -सबको यह पता था कि अब क्या

होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते

हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क

लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की

जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे

यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के

नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल

रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत

अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर

रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने

लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर

रगड़वा रहा था.

रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह

वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए

मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं

पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.

शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के

बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत

मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर

उनके लंड को और कड़क करने लगी-

इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी

के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख

मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर

अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक

साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे

50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर

क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और

रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था

50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी

शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल

साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर

साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर

रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी

-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर

साफ़ किया

इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह

सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा

शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही

संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे

मिलना ही चाहिए

वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत

उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला

और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे

जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास

उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर

रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच

में आकर फर्श पर बैठ गयी

रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था

लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना

शुरू हो जाएगा

शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा

-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी

यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन

तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था

रागिनी पेशाब पी चुकी थी।

शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब

कितना टेस्टी था ?

रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल

मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।

यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया

अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा

शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा

लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।

शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला

और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को

रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले

रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए

गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।

शेष अगले भाग में....

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