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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

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रुबिका राज के सामने आकर खड़ी हो गई

बाकी सब लड़कियाँ भी अपनी अपनी सज़ा के लिए शर्मा, गौरव, सुधांशु और जयेन्द्र के

सामने जाकर खड़ी हो चुकी थीं।

शर्मा : मेरा यह सुझाव है कि सब लोग एक साथ सज़ा न दें बल्कि बारी बारी से सजा दें ताकि

एक लड़की को मिलने वाली सज़ा बाकी के 4 लोग भी देखकर मज़ा ले सकें। सबसे पहले हम

राज जो रुबिका को सज़ा दे रहा है, उसका मज़ा लेंगे। तब तक हम सब इन लड़कियों को

अपनी गोद मे बिठाकर इनसे खिलवाड़ कर सकते हैं।

शर्मा का यह सुझाव सबको पसंद आया और सबने अपने सामने खड़ी निर्वस्त्र लौंडिलौं यों को

अपनी अपनी गोद मे बिठा लिया और राज और रुबिका का सेक्सी पनिशमेंट शो देखने लगे

राज ने अपने हाथ को रुबिका के चिकने पेट और उसकी चिकनी योनि पर फिराते हुए उझसे

कहा : चल नीचे बैठ और मेरे जूते खोल

रुबिका फर्श पर बैठकर राज के जूतों के फीते खोलने लगी। रुबिका का चेहरा शर्म और

ज़लालत से एकदम लाल हो रहा था। उसने अपना चेहरा और नज़रें दोनों झुकाई हुई थीं

राज उसकी तरफ देखकर शरारती ढंग से मुस्कराते हुए बोला : इतना शर्मा क्यों रही है मेरी

चिकनी। आज से पहले क्या किसी मर्द के जूते नही उतारे ?

रुबिका कुछ नही बोली तो राज ने उसके गालों पर चपत लगते हुए कहा : मेरी बात का जबाब

दे साली

रुबिका : नही मैंने आज तक किसी के भी जूते नही उतारे हैं

रुबिका अब तक राज के दोनों जूतों के फीते खोलकर उसके पैरों से निकाल चुकी थी

राज : मोज़े भी उतारो

रुबिका मोज़े भी उतारने लगी

मोज़े उतारने के बाद राज रुबिका से बोला : दोनों पैरों को बारी बारी से दस दस बार चूमो।

हर चुम्मा पैर के अलग हिस्से पर होना चाहिए वरना वह काउंट नही होगा

रुबिका ने राज के पैर को अपने दोनों हाथों में पकड़ा और उस पर अलग अलग जगह अपने

होंठो हों का चुम्बन देने लगी। जब दोनों पैरों को राज के हुक्म के हिसाब से रुबिका चूम चुकी तो

राज उसे बोला : अब अपनी जीभ से मेरे दोनो पैरों के तलवे भी चाट

तलवे चाटते चाटते रुबिका ने शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर ली लेकिन राज ने उसके गाल

पर फिर एक चपत मारते हुए कहा : आंखे खोल हरामजादी। मेरी परमिशन के बिना तू

अपनी पलके भी नही झपका सकती है। आई एम योर मास्टर एन्ड यू आर माई सेक्स स्लेव।

आंखें खोल और मेरे पैर के तलवों को चाटती रह। बहुत मज़ा आ रहा है।

काफी देर तक अपने पैरों के तलवे चटवाने के बाद राज ने अपने पैरों से उसके मम्मे दबाने

सहलाने शुरू कर दिए। रुबिका के सीने की मस्त मस्त गोलाइयों पर राज अपने पैरों को

लगातार घुमा रहा था। अपने दोनों पैरों से रुबिका के दोनों मम्मे दबाने सहलाने के बाद राज

ने अब अपने पैरों को रुबिका के चेहरे और गालों पर रगड़ना शुरू कर दिया। अपने पैर के

अंगूठे को उसने रुबिका के होंठों हों ठोंपर फिराते हुए कहा : इसे अंदर लेकर चूस। यह समझ ले

कि तू मेरा अंगूठा नही लण्ड चूस रही है। चल शुरू हो जा

रुबिका अब राज के पैर के अंगूठे को ही उसका लंड समझकर चूसे जा रही थी और राज पैंट

में बंद अपने लण्ड को सहलाये जा रहा था।

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रुबिका जब राज के दोनों पैरों के अंगूठे चूस चुकी तो राज उझसे बोला: अब कान पकड़कर

10 उठक बैठक लगा। फिर तेरी सज़ा पूरी मानी जायेगी।

अब 37 साल की रुबिका ने 21 साल के राज के सामने कान पकड़कर उठक बैठक लगानी

शुरू कर दीं।दीं

राज और रुबिका के इस जबरदस्त सेक्सी पनिशमेंट शो को देखकर शर्मा, गौरव, सुधांशु

और जयेन्द्र सब के सब एकदम उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद मे बैठी

लौंडिलौं यों के बदन को दबा सहला और चूम कर अपनी अपनी गर्मी शांत करने का प्रयास कर

रहे थे

रुबिका अपनी 10 उठक बैठक लगा चुकी थी

राज अब रुबिका से बोला : ठीक है, अब तुम अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर मेरे सामने खड़ी

रहो और थोड़ा मेरे एकदम नज़दीक आ जाओ ताकि बीच बीच के मैं जब चाहूँ तुम्हारे इस

मस्त बदन को दबा सहला सकूं।

इससे पहले कि अगला सेक्सी पनिशमेंट शो शुरू होता, रुबिका राज से बोल पड़ी : सर मुझे

पानी पीना है। मुझे बहुत जोर से प्यास लग रही है।

राज को रुबिका की बात सुनकर कुछ और शरारत सूझी और कहने लगा : तुम्हे क्या, बाकी

सभी लड़कियों को भी प्यास लग रही होगी। तुम ऐसा करो वह सामने टेबल पर बड़ी सी

खाली बोतल रखी है, उसे मेरे पास लेकर आओ

रुबिका सामने टेबल पर रखी खाली बोतल उठा लाई और उसे राज के हाथ मे पकड़ा दिया।

प्लास्टिक की बोतल काफी बड़ी और 2 लीटर कैपेसिटी की थी। राज ने अपनी पैंट की ज़िप

खोलकर अपना लण्ड बाहर निकाला और अपना पेशाब उसने बोतल में भर दिया।

अपना पेशाब बोतल में भरने के बाद राज ने बोतल में अपने मुंह का थूक भी डाल दिया और

उसे रुबिका के हाथ मे देते हुए बोला : जाओ इस बोतल में शर्मा सर, गौरव सर, सुधांशु सर

और जयेन्द्र सर का भी पेशाब और थूक डालकर लाओ।

रुबिका को कुछ समझ नही आ रहा था कि यह सब क्या चल रहा है। वह फिर से बोली : सर

मुझे प्यास लगी है, पहले मैं पानी पी लूं क्या ?

राज : साली रंडी, पानी नही तुम सब को हम सबका थूक मिश्रित पेशाब ही पीने को मिलेगा।

अब जल्दी से सबके पास जा और इस बोतल में सबका थूक और पेशाब लेकर वापस मेरे

पास आ।

रुबिका एकदम बेबस थी। वह बारी बारी सबके पास गई और सबका पेशाब और थूक उस

बोतल में भरवाकर ले आयी।

राज ने देखा कि बोतल अभी भी थोड़ी खाली थी।

राज रुबिका से बोला : फ्रिज में से शराब की बोतल और आइस क्यूब भी लेकर आओ

अब पेशाब और थूक मिश्रित बोतल में राज ने कुछ शराब और आइस क्यूब भी डाल दिये और

बोतल को हिलाकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए रुबिका से बोला : टेबल पर जो 5 ग्लास रखें

हैं उन सबमे यह ड्रिंक डालो और अपना गिलास लेकर मेरे पास आओ

रुबिका ने बोतल में थूक पेशाब और शराब मिश्रित ड्रिंक 5 गिलासों में भर दिया और एक

गिलास लेकर राज के पास आ गयी

राज : अब नीचे फर्श पर मेरी टाँगों के बीच बैठ जा और इस ड्रिंक को पीना शुरू कर

रुबिका : सर यह थूक और पेशाब मुझसे नही पिया जाएगा।

राज : लेकिन तुझे तो जोर से प्यास लग रही है ना ?

रुबिका : जी सर

राज : फिर इस टेस्टी ड्रिंक को पी और अपनी प्यास बुझा । मैंने इसमे शराब और बर्फ

डालकर इसे टेस्टी भी बना दिया है

रुबिका ने जब अभी भी पीना शुरू नही किया तो राज ने उसके गालों पर एक साथ दो तमाचे

जड़ते हुए कहा : चल मुंह खोल और मेरे 10 तक काउंटिंग करने तक अगर यह गिलास

खाली नही हुआ तो मैं तेरी बहुत दुर्दशा करूँगा।

राज गिनती बोलने लगा।

10 की गिनती पूरी होने के साथ ही रुबिका ने गिलास खाली कर दिया’

रुबिका का गिलास खाली होते ही कमरे में बैठे सभी लोगों ने तालियां बजाकर रुबिका के इस

तरह ज़लील होने पर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया। लेकिन बाकी की चारों लड़कियाँ डरी

सहमी उन 4 गिलासों को देख रही थी क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अब उन्हें भी यही ड्रिंक

पिलाया जाने वाला है।

शेष अगले भाग में

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रुबिका की सज़ा खत्म हो चुकी थी

राज ने अब रुबिका को फर्श पर अपनी दोनों टाँगों के बीच मे बिठा लिया था। उसका ध्यान

अब सुधांशु और शालिनी की तरफ था क्योंकि अब सुधांशु शालिनी का पनिशमेंट शो शुरू

करने जा रहा था।

राज की पैंट के अंदर उसका लण्ड खड़ा होकर बड़ा सा टेन्ट बना चुका था। राज ने पैंट में बन

रहे टेण्ट को रुबिका के चेहरे पर रगड़ते हुए कहा : मेरा लण्ड बाहर निकाल और इसे अपने

मुंह मे ले। मेरे गुस्से और सज़ा से बचना है तो मेरे कहे बिना ही मुझे खुश करती रह।

राज रुबिका के गालों पर हल्का सा चपत लगाकर बोला : चल शुरू हो जा

रुबिका ने राज की पैंट की ज़िप नीचे सरकाकर उसका लंबा और कड़क हो चुका लण्ड अपने

हाथ मे ले लिया और कुछ देर उस पर अपना हाथ फिराने के बाद उसे अपने मुंह मे ले लिया

रुबिका का मुख मैथुन करते हुए राज अब सुधांशु और शालिनी का पनिशमेंट शो देखने लगा

विधयक का बिगड़ा हुआ 22 साल का बेटा सुधांशु अव्वल दर्जे का बदमाश था और लड़कियों

को बहुत बुरी तरह ज़लील करने में उसे मज़ा आता था। किस्मत की बात यह थी कि उसके

हिस्से में सबसे खूबसूरत और सेक्सी लौंडिलौं या शालिनी आयी थी

सुधांशु (शालिनी से) : चल अपने कान पकड़ और गिनती करते हुए 100 उठक बैठक लगा

शालिनी ने अपने दोनों कान पकड़ लिए और काउंटिंग करती हुई उठक बैठक लगाने लगी

सुधांशु ने अपने हाथ मे एक केन पकड़ी हुई थी। बीच बीच मे वह शालिनी की चिकनी जांघों

पर केन मारते हुए कहा रहा था : ठीक से लगाओ उठक बैठक। फर्श पर नीचे तक बैठ और

फिर खड़ी हो

50 उठक बैठक लगाने के बाद शालिनी फर्श पर बैठ गयी और सुधांशु के पैरों को पकड़ते

हुए बोली : बस सर अब और नही। मैं बहुत थक गई हूं प्लीज़।

सुधांशु : जा टेबल पर जो पेशाब भरा गिलास रखा है, उसे उठाकर ला और मेरे सामने

बैठकर पी। उसे पीकर तेरी थकान भी दूर हो जाएगी और प्यास भी। चल जल्दी कर’’

शालिनी : नही सर, पेशाब और थूक मिली शराब मै नही पियूंगी।

सुधांशु ने उसे केन मारते हुए हंसकर कहा : साली रंडी तू मेरी सेक्स स्लेव है। जो मैं कहूंगा

तुझे वह करना ही होगा। अब तुझे मेरी बात न मानने की सज़ा मिलेगी। चल अब 100 उठक

बैठक और लगा। चल खड़ी हो और शुरू हो जा

शालिनी : नही सर मैं पेशाब पीने के लिए तैयार हूं। अब मुझसे और उठक बैठक नही लगाई

जाएंगी।

सुधांशु : बोल मुझे दबंग मर्दों की थूक मिली हुई पेशाब बहुत अच्छी लगती है

शालिनी : सर मुझे आप जैसे दबंग मर्दों की थूक मिली पेशाब पीनी बहुत अच्छी लगती है।

सुधांशु : फिर देर क्यों कर रही है। टेबल पर से पेशाब भरा गिलास उठा और पीना शुरू कर

शालिनी पेशाब का गिलास उठाकर उसे पी रही थी और सब लोग उसकी तरफ देखकर

हल्के हल्के मुस्कुरा रहे थे

सुधांशु : राज का यह पेशाब वाला आईडिया बहुत लाजबाब है और एकदम ओरिजिनल है।

राज : खूबसूरत और सेक्सी लौंडिलौं या तो यही चाहती है कि उन्हें कोई दबंग मर्द अपने कब्जे में

लेकर उनसे अपनी मनमानी करवाये। दबंग मर्द की आवाज़ सुनकर ही ऐसी लड़कियां

एकदम गीली हो जाती है

सुधांशु : भाई तूने बड़ी रिसर्च कर रखी है इन सेक्सी लौंडिलौं यों पर

राज : आप चेक करके देख लो अभी मेरी बात 100 प्रतिशत ठीक निकलेगी’

सुधांशु : ठीक है, तुम कहते हो तो चेक तो करना ही पड़ेगा

शालिनी अब तक सारा पेशाब पी चुकी थी’’

सुधांशु : चल अब मेरे सामने नज़दीक आकर खड़ी हो जा

शालिनी सुधांशु के नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

सुधांशु : दोनों हाथ ऊपर कर और अपनी टाँगों को खोलकर खड़ी हो

शालिनी सुधांशु की रौबीली आवाज़ और उसकी दबंगई से एकदम गीली हो चुकी थी उसने

अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और अपनी टाँगे फैलाकर खड़ी हो गयी

सुधांशु ने शालिनी की चिकनी चूत पर अपना हाथ फिराना शुरू कर दिया और हाथ फिराते

फिराते ही अपनी उंगली उसकी चूत में डालकर उसे आगे पीछे करने लगा

सुधांशु : राज तू बिल्कुल सही कह रहा था। यह लौंडिलौं या तो पूरी गीली हो चुकी है। मतलब

हमारे जैसे मर्द इन लौंडिलौं यों को इसी तरह ज़लील करके पेलते रहें तो इन्हें खूब मजा आता है।

सुधांशु ने अब तीन उंगलियां उसकी चूत में डाल दी थी और उससे हंसते हुए पूछने लगा :

क्यों रंडी मज़ा आ रहा है न ?//

शालिनी के मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं। वह बोली : जी सर आ रहा है

सुधांशु ने अपनी उंगलियां उसकी चूत से बाहर निकल ली और उससे बोला : चल अब नीचे

बैठ

शालिनी फर्श पर सुधांशु की टाँगों के बीच मे बैठ गयी’’

सुधांशु ने अपनी तीनों उंगलियां उसके होंठो हों पर फिराते हुए कहा : इन्हें चाट चाट कर साफ

कर

उंगलियां चटवाने के बाद सुधांशु ने शालिनी के दोनों गालों पर हल्के हल्के चपत लगाते हुए

कहा : मेरी पैंट खोलकर लण्ड बाहर निकाल और उसे अपने मुंह मे लेकर मुझे खुश कर।

शेष अगले भाग में

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सुधांशु और शालिनी का पनिशमेंट शो ख़त्म हो चुका था

अगले पनिशमेंट शो की बारी अब शर्मा और रागिनी की थी

शर्मा ने रागिनी को अपनी गोद में से उठाकर अपने सामने खड़ा कर लिया था

शर्मा एक बड़े से सोफे पर अकेला बैठा हुआ था-उसने रागिनी की तरफ देखा और बोला :

जाओ टेबल पर रखे पेशाब भरे गिलास को उठाकर लाओ और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू

करो-पीने के बाद मुझे बताओ कि तुम्हे यह ड्रिंक कितना टेस्टी लगा

रागिनी : नहीं सर, मैं यह पेशाब नहीं पी सकती-मुझे तो गिलास को छूते हुए भी बहुत घिन

आ रही है-मुझसे यह नहीं होगा सर-आप कुछ और सजा दे सकते हैं प्लीज़ लेकिन पेशाब

पीने के लिए मजबूर न करें

शर्मा : कोई बात नहीं. हीं जब तक तुम खुद पेशाब पीने के लिए नहीं कहोगी, हम तुम्हे पेशाब

नहीं पिलायेंगे -जैसे तुम कह रही हो तुम्हे कुछ और सजा दे देते हैं

यह कहने के साथ ही शर्मा ने फार्म हॉउस में मौजूद अपने नौकर को आवाज़ देकर बुला

लिया :

रणजीत, इधर आओ

कुछ ही देर में पास के एक छोटे से कमरे से एक 18-19 साल का लड़का निकलकर शर्मा

के पास आ गया : जी साहब

पांचों लड़कियां जो बिलकुल नंगी खड़ी हुई थीं, थीं शर्मा के इस नौकर को देखकर और ज्यादा

शर्माने लगीं.

शर्मा का नौकर रणजीत 18-19 साल का था. एकदम काले रंग का रणजीत लगभग 5 फिट

8 इंच लम्बा था और उसने एक टी शर्ट और निक्कर पहना हुआ था -रणजीत अक्सर इस

तरह की पार्टियां देखता रहता था इसलिए उसे कुछ हैरानी नहीं हो रही थी क्योंकि उसके

लिए यह सब आम बात थी.’’

शर्मा (रागिनी से) : एक बार फिर से सोच लो कि टेबल पर रखा पेशाब का गिलास पीना है

या नहीं. हीं एक बार सजा शुरू हुई तो पेशाब पीने का मौका भी सजा पूरी होने के बाद ही

मिलेगा

रागिनी : प्लीज़ नहीं सर मैं पेशाब नहीं पी पाउंगी -उसमे तो पांच पांच लोगों का पेशाब और

थूक दोनों मिला हुआ है

शर्मा : ठीक है कोई बात नहीं . रणजीत तुम ऐसा करो -रागिनी को इधर मेरे पास लाकर

मेरी गोद में उल्टा करके लिटा दो -इसके मस्त मस्त नितम्बों पर मैं इस मोटे बेंत से पचास

स्ट्रोक लगाऊंगा -मेरे इस काम में तुम मेरी मदद करोगे

रणजीत समझ गया था कि शर्मा क्या चाहता है क्योंकि वह अक्सर ही यह सब करता रहता

था

रणजीत मुस्कराता हुआ निर्वस्त्र खड़ी रागिनी के पास पहुंचा और उसे पकड़कर शर्मा के

पास ले आया और उसे शर्मा की गोद में उसकी टांगों के ऊपर इस तरह से लिटा दिया

जिससे कि उसके नितम्बों पर शर्मा आसानी से बेंत मार सके. रागिनी की चिकनी जांघें और

पेट अब शर्मा की टांगों और उसके लण्ड पर टिकी हुई थीं. सोफे पर ही कुछ दूरी पर

रणजीत भी बैठ गया और उसने रागिनी के चेहरे को पकड़कर अपनी गोद में रख लिया था.

अब रागिनी का चेहरा और उसके मम्मे रंजीत के लण्ड और टांगों पर टिके हुए थे और

उसका पेट और जाँघे शर्मा के लण्ड और टांगों पर टिके हुए थे.
 
सब लोग टकटकी लगा लगाकर यह तमाशा देख रहे थे -सबको यह पता था कि अब क्या

होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते

हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क

लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की

जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे

यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के

नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल

रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत

अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर

रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने

लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर

रगड़वा रहा था.

रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह

वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए

मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं

पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.

शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के

बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत

मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर

उनके लंड को और कड़क करने लगी-

इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी

के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख

मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर

अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक

साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे

50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर

क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और

रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था

50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी

शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल

साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर

साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर

रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी

-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर

साफ़ किया

इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह

सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा

शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही

संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे

मिलना ही चाहिए

वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत

उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला

और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे

जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास

उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर

रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच

में आकर फर्श पर बैठ गयी

रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था

लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना

शुरू हो जाएगा

शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा

-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी

यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन

तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था

रागिनी पेशाब पी चुकी थी।

शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब

कितना टेस्टी था ?

रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल

मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।

यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया

अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा

शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा

लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।

शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला

और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को

रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले

रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए

गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।

शेष अगले भाग में....

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सब लोग टकटकी लगा लगाकर यह तमाशा देख रहे थे -सबको यह पता था कि अब क्या

होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते

हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क

लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की

जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे

यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के

नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल

रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत

अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर

रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने

लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर

रगड़वा रहा था.

रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह

वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए

मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं

पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.

शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के

बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत

मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर

उनके लंड को और कड़क करने लगी-

इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी

के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख

मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर

अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक

साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे

50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर

क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और

रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था

50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी

शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल

साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर

साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर

रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी

-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर

साफ़ किया

इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह

सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा

शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही

संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे

मिलना ही चाहिए

वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत

उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला

और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे

जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास

उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर

रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच

में आकर फर्श पर बैठ गयी

रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था

लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना

शुरू हो जाएगा

शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा

-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी

यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन

तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था

रागिनी पेशाब पी चुकी थी।

शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब

कितना टेस्टी था ?

रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल

मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।

यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया

अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा

शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा

लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।

शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला

और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को

रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले

रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए

गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।

शेष अगले भाग में....

...........................
 
करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो शुरू हो चुका था

खाकी वर्दी पहने सिक्युरिटी इंस्पेक्टर गौरव ने करिश्मा को अपनी गॉड में से उठाकर अपने

सामने खड़ा कर लिया और उससे बोला : चल पीछे घूमकर खड़ी हो जा

करिश्मा पीछे घूमकर कड़ी हो गयी तो गौरव ने उसके दोनों हाथों में सिक्युरिटी वाली

हथकड़ी लगाकर उसके हाथ पीछे की और बाँध दिए और फिर बोलै : अब मेरी तरफ घूम जा

करिश्मा घूमकर खड़ी हो गयी और गौरव को देखकर उसके अगले आदेश की प्रतीक्षा करने

लगी

गौरव : अपनी टाँगे खोलकर खड़ी हो

करिश्मा ने अपनी टाँगे खोल लीं

गौरव ने काले रंग के चमड़े के नुकीले जूते पहने हुए थे -उसने अपना दायां पैर उठाया और

उसके आगे के नुकीले सिरे को करिश्मा की चिकनी जाँघों और चूत पर फिराने लगा

करिश्मा का चेहरा शर्म से लाल हो चुका था -उसने अपनी ऑंखें बंद कर लीं लेकिन गौरव

उससे बोला : अपनी ऑंखें खोलकर देख मैं तेरे साथ अभी क्या क्या करूँगा

करिश्मा ने अपनी ऑंखें खोल लीं

गौरव ने अपने जूते की नोक को अचानक उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दिया और उसे आगे

पीछे करने लगा -करिश्मा इस तरह से पहले कभी ज़लील नहीं हुई थी जितना उसे आज

गौरव ज़लील कर रहा था. अब गौरव ने अपने हाथ में बेंत को पकड़ लिया और उसे करिश्मा

के मस्त मस्त मम्मों पर गोल गोल फिराने लगा -उसके मम्मों पर बेंत फिराते हुए वह अपने

बेंत को करिश्मा के चेहरे पर ले गया और उसके होंठों हों ठोंपर फिराने लगा

अपने बेंत को उसके होंठों हों ठोंपर फिराते हुए वह उससे बोला : अपना मुंह खोल और इस बेंत

को अपने मुंह में लेकर इस तरह चूस जैसे मेरा लैंड चूस रही हो

कमरे में बैठे सभी लोग इस सेक्सी तमाशे को देख रहे थे. शर्मा का नौकर रणजीत भी अपने

निक्कर में बने टेंट पर हाथ फिराते हुए यह सब देख रहा था -करिश्मा एकदम बेबस अवस्था

में निर्वस्त्र खड़ी हुई थी. उसके हाथ पीछे की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे. उसकी चूत को

गौरव अपने जूते की नोक से चोद रहा था और उसके सिक्युरिटीिया डंडे से उसके मुंह की

चुदाई हो रही थी.

ऊपर और नीचे की इस डबल चुदाई से करिश्मा जल्द ही अपने क्लाइमेक्स पर पहुँच गयी थी

और उसके मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं

गौरव ने अपने जूते की नोक और डंडा दोनं वापस निकाल लिए थे और अपने जूते की तरफ

देख रहा था जो एकदम गीला हो चुका था -इससे पहले की वह कुछ बोलता, शर्मा का नौकर

रणजीत जो वहां पास में ही खड़ा यह सब देख रहा था, वह गौरव से बोला : साहब , इससे

अपने जूते आप उतरवा लीजिये -यह आपके पैरों की मालिश भी कर देगी -आप कहें तो मैं

आपकी मदद कर सकता हूँ.

गौरव समझ गया कि जरूर इस नौकर के पास कोई बढ़िया आईडिया है-वह उससे बोला :

हाँ रणजीत तुम जरा कुछ मदद करो

रणजीत करिश्मा के पीछे गया और उसके हथकड़ी बंधे हाथों को पकड़कर उसने उसके सर

के ऊपर उठा दिया और बोला : हाथ ऊपर करके खड़ी रह

रणजीत ने अपने बदन को करिश्मा की पीठ से चिपका दिया था और उसका निक्कर में बन

रहा टेंट अब करिश्मा के मस्त मुलायम नितम्बों से सट गया था.

रणजीत ने करिश्मा के दोनों मस्त मम्मों को अपने हाथों से दबाते हुए कहा : चल नीचे बैठकर

अपने मुंह से साहब के जूतों के फीते खोल

करिश्मा : मुंह से फीते कैसे खुल सकते हैं -मेरे हाथ खोलो तो मैं हाथों से फीते खोल दूंगी

रणजीत : लेकिन तुझे अपने मुंह से ही फीते खोलने पड़ेंगे चिकनी क्योंकि यह मेरा हुक्म है

-चल नीचे बैठ और शुरू हो जा

कोई और रास्ता न देख, करिश्मा नीचे जमीन पर गौरव के जूतों के आगे बैठ गयी -उसके

पीछे अभी भी रणजीत खड़ा हुआ था और इस सारे तमाशे का मानो निर्देशन कर रहा था
 
रणजीत ने करिश्मा के नितम्बों पर एक लात मारते हुए कहा : अपने चेहरे को साहब के

जूतों के ऊपर ले जाकर फीते खोलने शुरू कर साली

करिश्मा ने अपने होंठों हों , ठों दांतों और चेहरे का इस्तेमाल करते हुए एक एक करके दोनों जूतों के

फीते खोल दिए

गौरव ने अपने जूते को थोड़ा ऊपर उठाकर उसकी नोक को अब करिश्मा के गालों पर

फिराते हुए उसके होंठों हों ठोंपर टिका दी और उससे बोला : मुंह खोलो और जूते को अपने मुंह के

अंदर लो

करिश्मा : नहीं प्लीज़ यह मत करवाओ प्लीज़

गौरव : मुंह खोल साली, अब कहीं जाकर तो मज़ा आना शुरू हुआ है और तू अब नखरे

दिखा रही है

रणजीत भी झुककर अब करिश्मा के पास ही बैठ गया था, उसने करिश्मा के मुंह पर चपत

लगाते हुए उसका मुंह खुलवा दिया और गौरव के जूते की नोक करिश्मा के मुंह में घुसेड़ते

हुए बोला : इसे साहब का लण्ड समझकर चूस साली

करिश्मा अब गौरव के जूते की नोक को अपने मुंह में लेकर उस पर अपनी जीभ फिरा रही

थी

शेष अगले भाग में

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इंस्पेक्टर गौरव करिश्मा से अपने जूते चटवा ही रहा था कि उसके मोबाइल फोन की घंटी

बज उठी।

उसने फोन उठाकर किसी से बात की और जल्दी से फोन बंद करके अपने जूते को करिश्मा

के मुंह से निकालते हुए शर्मा से कहा : सब लोग यहाँ से भागो। क्राइम ब्रांच की टीम यहाँ रेड

मारने के लिए निकल पड़ी है और अगले आधे घंटे में यहाँ पहुंच जाएगी। किसी ने क्राइम ब्रांच

में शिकायत की है कि यहाँ यह सेक्स पार्टी चल रही है। वह तो भला हो मेरे दोस्त अभिनब का

जो क्राइम ब्रांच में ही है जो उसने समय पर मुझे इस रेड की खबर लीक करके हम सबको

बचा लिया।

इंस्पेक्टर गौरव की बात सुनते ही पार्टी में अफरा तफरी सी मच गई और सब लड़कियों ने

अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाक़ी के लोग भी वहाँ से अपनी जान बचाकर भागने लगे।

शर्मा ने राज से कहा : तुम भी यहाँ से फटाफट निकल जाओ और जाते जाते यह कैमरा भी

लेते जाओ। इसमे आज की पार्टी का पूरा वीडियो है। हम लोगों की गैर हाज़िरी में अगर

क्राइम ब्रांच वाले यहां आएंगे भी तो उन्हें कुछ भी सुबूत यहां नही मिलना चाहिए

कुछ ही मिनटों में फार्म हाउस पर सिर्फ फार्म हाउस का नौकर रणजीत रह गया और बाकी

सब लोग वहाँ से निकल गए।

राज देर रात को घर वापस आया और कैमरे को अपने पास रखकर सोने की कोशिश करने

लगा लेकिन उसे नींदनीं नही आ रही थी क्योंकि उस पर अभी तक सेक्स पार्टी का नशा चढ़ा

हुआ था। उसने कैमरे को अपने लैपटॉप से कनेक्ट करके आज की पार्टी की पूरी वीडियो

डाऊनलोड कर ली और उसे देखने लगा।

शाज़िया की मम्मी रुबिका को नंगा करके राज ने

उसके साथ जो मज़े लिए थे, वीडियो का वह हिस्सा लगभग आधे घंटे का था। राज ने वीडियो

के उस हिस्से को अपने मोबाइल में भी डाऊनलोड कर लिया और फिर उसके बाद वह सो

गया।

अगले दिन हर रोज की तरह शाज़िया और राज कॉलेज में पहुंचे क्योंकि वे दोनों एक ही

कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ते थे।

राज के दिमाग मे रुबिका के वीडियो को लेकर लगातार शरारत चल रही थी। अभी तक वह

शाज़िया को एयरपोर्ट पर उसकी मम्मी रुबिका की तलाशी वाली वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर

रहा था।

अब उसके पास रुबिका की ऐसी वीडियो भी थी जिसमे रुबिका को खुद राज ने नंगा

करके उझसे खूब मज़े भी लिए थे और अपना लण्ड भी चुसवाया था। राज अब शाज़िया को

उसकी मम्मी रुबिका के इस नए वीडियो के बल पर कुछ नए लेवल की ब्लैकमेलिंग करने की

स्कीम बनाने लगा।

शेष अगले भाग में

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दो बज चुके थे . कॉलेज में लंच ब्रेक चल रहा था. एक घंटे का लंच ब्रेक के बाद वाला पीरियड

भी खाली था क्योंकि इंग्लिश के टीचर आज छुट्टी पर थे.

राज अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के गार्डन में एक कोने में बैठा गप्पे लगा रहा था-कॉलेज

गार्डन का यह कोना एकदम एकांत जगह में था और चारों तरफ पेड़ पौधे होने की वजह से

यह सबकी नज़रों से ओझल ही रहता था. राज अपने दोस्तों के साथ अक्सर ही यहां पर मौज़

मस्ती और गप्पे लगाता रहता था क्योंकि उसका और उसके दोस्तों का पढाई में मन तो

लगता नहीं था और उनका कॉलेज आने का मकसद ही मौज़ मस्ती करना था

राज : नखरे मत दिखा साली...तुझे पता है न कि मेरी बात न मानने की क्या सजा है ? आजा

और जो मैं कह रहा हूँ वह करती जा. हम लोग यहां बैठे बैठे बोर हो रहे हैं-इसलिए अब हम

सब तुझसे मस्ती करके अपनी बोरियत को दूर करेंगे -जल्दी आ और मेरे जूते उतार

शाज़िया ने बेबसी से सबकी तरफ देखा -सब लोग उसे देखकर हलके हलके मुस्कुरा रहे थे.

शाज़िया गार्डन की जमीन पर बैठ गयी और राज के जूतों के फीते खोलने लगी

राज और शाज़िया के बीच चल रहे इस तमाशे को देखकर उसके दोस्तों के लण्ड एकदम कड़क

होकर खड़े हो गए थे -जो खूबसूरत लड़की शाज़िया उन लोगों को घास तक नहीं डालती थी, वह

आज यहां आकर राज के इशारों पर नाच रही है

शाज़िया ने जब राज के जूतों के फीते खोल दिए तो वह उससे बोला : अब मोज़े भी उतार

शाज़िया ने राज के पैरों से मोज़े भी उतार दिए

शेष अगले भाग मे

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