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Adultery मेरा सुहाना सफर-कुछ पुरानी यादें

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फ़िल्मी डांसरों की चूत चुदाई


आज रात में कमरा नंबर 2 की डांसर लड़कियों की चुदाई तो अभी बाकी थी तो मैं जाकर उन्हीं के कमरे में थोड़ा लेट गया और ना जाने कब मेरी नींद लग गई और मैं बहुत ही गहरी नींद में सो गया.और जब मैं उठा तो देखा नैना मुझको झंझोड़ कर उठा रही थी.

मैं अकचका कर उठ बैठा और हैरानी से नैना से पूछा- क्या मैं बहुत देर सोया?नैना हँसते हुए बोली- नहीं जी, कुछ ज़्यादा देर नहीं यही कोई एक घंटा सोये होंगे आप!मैं बोला- अच्छा, आज दिन को नहीं सोया ना, शायद इसी लिए नींद आ गई थी.नैना बोली- चलिए खाना तैयार है, चल कर खा लो, बाकी सब लड़कियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं.मैं जल्दी से उठा और बाथरूम में अपना मुंह धोया और नैना का हाथ पकड़ कर मैं बैठक में आ गया.

सब लड़कियाँ मुझ को देख कर शोर मचाने लगी- आइये जनाब, आपका स्वागत है… इधर आ जाइए, हम सब आपकी राह में आँखें बिछाये बैठे हैं.मैं भी मज़ाकिया लहजे में बोला- मैंने सोचा आप शायद मेरी राह में अपना बिस्तर बिछाये बैठे हैं!उसी लड़की ने जवाब दिया- जी हाँ जनाब, आपके लिए पलकों के बिस्तर बिछाये बैठे हैं.मैं बोला- क्या दिलकशी है ऐ मेरे दोस्त, हम भी तो आप पर अपना सब कुछ लुटाए बैठे हैं.सब लड़कियाँ बोल उठी- वाह वाह, क्या बात है अब जवाब दे ज़ूबी.ज़ूबी बोली- ज़हे किस्मत जो आप जैसे सब कुछ लुटाने बैठे हैं.मैं बोला- लूट लो जो लूट सको ऐ मेरे सनम, जान तो क्या अपनी ईमान तक लुटाए बैठे हैं.

तभी नैना बोली- हज़रात यह लूटने लुटाने का सिलसिला बंद कीजिये और चल कर अपने उनका और उनकी उनका मिलान शुरू कीजिये.मैं बोला- चलिए जना, अपनी लेकर, हम अभी अपना लेकर आते हैं.तभी जूली और सैंडी मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गई, उन दोनों को देख कर मैं ज़रा चौंक गया और नैना को अपने पास बुला कर बोला- अरे इन दोनों को तो मैं यहाँ चोद बैठा हूँ, अभी फिर से इनकी चुदाई शायद ठीक नहीं होगी. कमरा नंबर 3 वालों की बारी लगा दो ना प्लीज!

नैना एकदम ठिठक गई और बोली- छोटे मालिक ठीक कह रहे हैं, इन दोनों का काम तो हो चुका है, अब कमरा नंबर 3 वालों की बारी है, कौन है 3 में बोलो प्लीज?दो लड़कियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए और मैंने उनको पहचान लिया क्यूंकि वो मेरे सामने खड़ी थीं कुछ समय पहले.

मैंने कहा- नंदा जी, और दूसरी हैं रागिनी जी, क्या मैं सही हूँ?नंदा बोली- अभी मैं लूंगी अपना चंदा, तब शुरू होगा कोई दूसरा धंधा.मैं बोला- चलो तो फिर कहीं दूर चलें, क्यूंकि धंधा है अभी कुछ मंदा.

मैं और नैना नंदा और रागिनी के पीछे उनके कमरे में पहुँच गए और दोनों ने झट शुरू कर दिया अपने कपड़े उतारने.फिर मुझको अभी कपड़े पहने देख कर रागिनी आ गई और बारी बारी उसन मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए, यहाँ तक कि मेरे अंडरवियर को उतारने के बाद ही उसने मुझको छोड़ा और फिर उसने मेरे लंड को चूसना भी शुरू कर दिया.ह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

अब मैंने दोनों लड़कियों को सीधा खड़ा रहने के लिए कहा और मैं उनको नग्न अवस्था में देख कर बड़ा ही आनंदित हुआ. दोनों के मम्मे एकदम मस्त गोल और सॉलिड थे और काले गोल चूचुक अब पूरी तरह से सख्त हो गए थे.दोनों की चूत पर घने काले बाल लहरा रहे थे जो कुछ लड़कियों की सफाचट चूत को देखने के बाद अजीब लग रहे थे.मैंने नंदा से पूछ ही लिया कि ऐसा क्यों है?

नंदा बोली- इन डांसर लड़कियों में से कुछ प्रोफेशनल डांसर्स हैं जो अक्सर डांस बार में डांस भी करती है जब इनके पास फिल्मों का काम नहीं होता तो इनको अपनी चूत को सफाचट रखनी पड़ती है लेकिन मैं और कुछ लड़कियाँ सिर्फ फिल्मों में ही डांस करती हैं सो हम पर चूत सफाचट रखने की शर्त लागू नहीं होती.मैं बोला- तो यह बात है. वैसे ना मुझ को सफाचट चूत देख कर मज़ा नहीं आता क्यूंकि चूत की शान तो उस पर छाई काली बालों की घटा होती है जो चूत के अंदर के राज़ अपने पीछे छुपा कर रखती है.

अब मैंने नैना की तरफ देखा और आगे बढ़ कर उसकी भी साड़ी उतार दी और उसको भी नंगी कर दिया.फिर मैंने बारी बारी से नंदा और रागिनी के मुम्मों को चूसा और उनके चूतड़ों को काफी देर मसला, नैना के मम्मों को भी चूसा और उनका मुकाबला दो हसीन डांसर्स के गोल और अति सुंदर मम्मों के साथ किया.

नैना के मम्मे ज़्यादा मोटे और सॉलिड थे और उनमें ज़रा भी लटकाव नहीं था जब कि उन दो फ़िल्मी सुंदरियों के मम्मे गोल और सॉलिड ज़रूर थे लेकिन उनमें थोड़ा थोड़ा लटकाव आना शुरू हो गया था.यह शायद उनके डांसर के पेशे के कारण था.
 
फिर नैना ने उन दोनों को बिस्तर पर लिटा दिया और आप भी उनके साथ लेट गई.सबसे पहले मैंने रागिनी की चूत में मुंह डाल कर उसकी चूत को चूमना और चूसना शुरू कर दिया और मेरी देखा देखी नैना ने नंदा की चूत को चूसना शुरू कर दिया और इस तरह हम दोनों ने मिल कर दोनों फ़िल्मी कलाकारों को चुदाई के लिए पूरी तैयार कर दिया.

अब रागिनी मेरे लंड को खींचने लगी और अपने ऊपर आने के लिए दावत देने लगी तो मैं जल्दी ही उसकी जांघों में बैठ कर उसकी चूत में सख्त लौड़ा डाल धीरे धीरे चूत की चुदाई करने लगा.बहुत ही धीरे से लंड को अंदर डालना और फिर अंदर डाल कर कुछ सेकण्ड्स के लिए बगैर हिले डुले उसको अंदर ही रहने देना, यह मेरा नई तकनीक थी जिसको औरतों और लड़कियों ने बहुत ही पसंद किया था.इस चुदाई के तरीके से कोई भी चुदने वाली औरत या फिर लड़की लंड के साथ और चुदने के लिए उतावली हो जाती थी.

अब मैंने रागिनी को बड़ी तेज़ी से चुदाई के लिए मजबूर कर दिया और वो मेरी स्पीड के आगे अपने सर को इधर उधर करने में लगी हुई थी.जल्दी ही रागिनी के शरीर में एक ज़ोरदार हरकत होना शुरू हो गई और उसकी चूत में से क्रीम के समान झाग वाला पानी निकलने लगा, जल्दी ही रागिनी झनझनाती हुई छूट गई और छूटते वक्त उसने मुझको अपने शरीर के साथ पूरी ताकत से चिपटा लिया.

रागिनी के ऊपर से हटते ही मैंने नंदा की चूत का निशाना बनाया और उसी तरीके से उसको भी चोद कर मैंने शीघ्र ही अपनी फतह का झंडा लहराया.फिर मैं लेट गया बिस्तर पर और नैना ने भी मेरे ऊपर चढ़ कर मेरे लंड को खूब छकाया और खुद दो बार झड़ कर मुझको भी उस्ताद बनाया.

वहाँ से कपड़े पहन कर हम दोनों हवेली जाने लगे ही थे कि नैना ने कहा- आओ तुमको बाकी लड़कियों के कारनामे भी दिखा देती हूँ. हम सबसे पहले कमरा नंबर 6 के बाहर पहुँचे तो नैना ने एक चोर झरोखे की तरफ की इशारा किया और जब मैंने अंदर का दृश्य देखा तो मैं दंग रह गया.नाईट लैंप की मद्धम रोशनी में मैंने देखा कि एक थोड़े भरे जिस्म वाली लड़की ने अपनी कमर में रबर का लंड पेटी से बाँधा हुआ था और एक खूबसूरत लड़की को बड़ी लग्न से चोद रही है और नीचे वाली कलाकार ज़ोर ज़ोर से हाय हाय कर रही थी.

नैना जल्दी से 5 नंबर कमरे के दरवाज़े में एक गोल सा छेद था, उसके पास ले गई और वहाँ देखा कि एक नंगी लड़की दूसरी लड़की की गांड में खीरे को डाल रही थी.यह दृश्य देख कर मैं हैरान रह गया और बाकी कमरों की लाइट बंद थी तो हम वहाँ कुछ नहीं देख सके.फिर हम दोनों मेरी बाइक पर बैठ कर हवेली आ गए और घड़ी में टाइम देखा तो कोई ज़्यादा समय नहीं हुआ था, यही कोई रात के 9 बजे थे, मैं अपने कमरे में चला गया.

थोड़ी देर बाद नैना मेरे लिए गरम गरम मसालेदार दूध लेकर आई और बोली- वो पर्बती कह रही थी कि छोटे मालिक हमको तो भूल ही गए. लेकिन मैंने उसको बताया कि छोटे मालिक कितना काम में फंसे है और जब तक यह फ़िल्मी धंधे वाले लोग नहीं जाते, वो बहुत ही बिजी रहेंगे. मैं पर्बती को आज रात अपनी कोठरी में सुला रही हूँ, उसके शरीर की गर्मी को शांत कर दूंगी, आप बेफिक्र रहें.

जब नैना जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला.

कहानी जारी रहेगी.
 


चिपको डांस की शूटिंग


जब नैना जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक हॉट किस जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला.उस रात मैं बहुत ही थका हुआ था और जल्दी ही सो गया.

पिछली रात की तरह आज भी मेरी नींद अचानक खुल गई, मैंने महसूस किया कि मेरे दोनों तरफ कोई सोया हुआ है.आज मैंने अपने साथ एक टॉर्च रखी हुई थी, जैसे ही मुझको लगा कि कोई मेरे बेड पर है तो मैंने टॉर्च की रोशनी को अपने हाथ से दबा कर देखा कि मेरे साथ रूबी मैडम और मधु मैडम दोनों ही एकदम नग्न अवस्था में लेटी हुई थी.

मैंने अपने लंड को हाथ लगाया तो मैंने महसूस किया कि वो दो तीन बार किसी चूत को चोद चुका है क्यूंकि उसमें सफ़ेद पानी की सूखी परत जमी हुई थी और मेरा पायजामा भी नदारद था.मैंने ध्यान से दोनों नंगी औरतों को देखा तो पाया कि वो दोनों बड़ी गहरी नींद में सोई हुई थी..

मैं अब जाग चुका था और मेरा लौड़ा भी एकदम मस्त खड़ा था तो मैंने सोचा चलो कुछ इन फ़िल्मी चूतों का भी दुबारा आनंद ले लें.मैंने धीरे से मधु मैडम की चूत के बालों के साथ खेलना शुरू कर दिया और साथ ही साथ उसकी चूत के भग को भी धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया और साथ ही एक हाथ से रूबी मैडम के मुलायम चूतड़ों को छेड़ने लगा.

मधु मैडम की चूत जब थोड़ी पनियाने लगी तो मैंने ऊँगली रूबी मैडम की चूत और गांड में डाल कर गोल गोल घुमानी शुरू कर दी.मधु मैडम ने अब अपनी टांगें खोलनी शुरू कर दी और जैसे जैसे ही वो मेरी ऊँगली द्वारा गरम होती गई उसकी टांगें उतनी ही खुलती गई.मैं अब उठ कर मधु मैडम की जाँघों के बीच बैठ गया और अपने अकड़े लंड को उसकी चूत के ऊपर बाहर से रगड़ने लगा. फिर इस रगड़ाई को उसकी चूत के मुख पर ले आया और थोड़ा अंदर लंड को डाल कर मैं आलखन से बैठ गया और हर थोड़े समय में एक धक्का मार देता और फिर उसके चूचों को चूसता.

यह सिलसिला कोई आधे घंटे तक चला और इस दौरान मैंने महसूस किया कि मधु मैडम कम से कम दो बार चूत में उत्पन्न झनझनाहट के साथ झड़ गई और अब वो बगैर आँख खोले ही अपनी टांगें सीधी करने की कोशिश करने लगी और मैं एक आखरी गहरा धक्का मार कर उसकी चूत के ऊपर से उतर गया.मेरे उतरते ही वो साइड लेकर फिर बड़ी गहरी नींद में मगन हो गई.

उधर रूबी मैडम जो मेरे दूसरी साइड पर थी, वो अभी भी गहरी नींद में थी लेकिन मैं अभी भी उसकी चूत को सहला रहा था और धीरे धीरे उस में पैदा होते गीलेपन को महसूस कर रहा था.एक हाथ उसकी चूत पर और दूसरा उसके गोल शानदार उरोजों पर था और दोनों ही काम रूबी को गर्म करने के लिए काफी थे.

रूबी की चूत के पनीयाते ही मैंने मधु मैडम वाला तरीका अपनाया और ठीक 10 मिनट में रूबी मैडम का ज़ोरदार स्खलन कर दिया जिसका उसको शायद पता ही नहीं चला.फिर वो भी साइड लेकर सो गई.मैं भी दोनों को अपनी बाँहों में समेट कर फिर से सो गया.

सुबह जब आँख खुली तो सामने निम्मो चाय लिए खड़ी थी और दोनों फिल्म वालियाँ जा चुकी थी.शायद उसको बहुत दिनों बाद देखा था तो इसलिए मेरे दिल में उसको भी जल्दी से चोदने का विचार आ गया और मैंने उसको अपनी बाँहों में भर कर एक ज़ोरदार आलिंगन के साथ उसके लबो पर चुम्मी दे दी और उसको कुछ भी समय दिए बगैर उसकी धोती को पीछे से ऊपर कर उसको चोदने लगा, चाहे वो यह कहती रह गई कि ‘छोड़ो छोटे मालिक, कोई आ जाएगा.’

निम्मो को हरा किया जल्दी में और फिर चाय पीकर फिर लेट गया और कप ले जाते हुए निम्मो बोली- मैं तो सोच रही थी कि छोटे मालिक हम सब को तो भूल गए फिल्म वालों के आते ही.मैंने उसको अपने निकट खींच लिया और लेटे हुए ही उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए बोला- नहीं रे, तुम लोगों को कैसे भूल सकत है हम. इन फिल्म वालों को जा लेने दो, फिर हम सब मिल कर खूब रंगीली पार्टी करेंगे यहाँ.
 
थोड़ी देर में नैना आई तो मैंने उसको रात की दास्तान सुना दी.वो बोली- मधु और रूबी बहुत ही बदमाश हैं साली. लड़कियों को बहुत ही तंग करती हैं डांस करते हुए… चलो तैयार हो जाओ डांस के लिए जाना है न आपको.

जब हम कॉटेज पहुंचे तो बड़ी गहमागहमी चल रही थी और सब लड़कियाँ डांस के कपड़े पहनने में लगी थी और किसी का कोई ध्यान मेरी तरफ नहीं था.मैं चुपचाप ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने के लिए घुसा और अभी मैंने अपने कपड़े पूरे उतारे भी नहीं थे कि दो डांसर बातें करती हुई ड्रेसिंग रूम में घुसी और मैं झट से लेडीज के कपड़ों वाली ट्राली के पीछे बैठ गया और आगे का तमाशा देखने लगा.

थोड़ी देर बाद रूबी मैडम भी ड्रेसिंग रूम में आई और उनसे बोली- आप दोनों को अपनी ड्रेस का स्टाइल पता है ना आज के लिए, क्यों?दोनों ने हामी में सर हिला दिया और तब रूबी मैडम उनको छोड़ कर कमरे से बाहर हो गई और वो दोनों लड़कियाँ अपने कपड़े उतारने लगी.मैं दम साध कर बैठा रहा और उन लड़कियों को स्ट्रिप शो को देखता रहा.

पहली लड़की ने कहा- हेमा, तुमने नीचे आज क्या पहना है?दूसरी लड़की जिसका नाम हेमा था, बोली- आज कोई पैंटी नहीं और न ही ब्रा ही पहनी है क्योंकि यह मोटे कपड़े वाली ड्रेस पहन कर बहुत ही गर्मी लगे गी शूटिंग करते वकत. और तू क्या पहन रही है नीचे?पहली लड़की बोली- फिर मैं भी नीचे कुछ नहीं पहनती ना, लगने दे थोड़ी खुली हवा इस साली चूती को? कसम से बड़ी खुजली हो रही है चूत में तू कुछ कर ना यार!

अब मैंने छुपने वाली जगह से देखा, दोनों ने अपने नार्मल कपड़े उतार दिए और बिल्कुल अल्फ नंगी हो कर कमरे में घूमने लगी.दोनों के जिस्म बड़े ही आला किस्म के थे और उनके शरीर के खास ख़ास अंग साँचे में ढले हुए लग रहे थे.क्या सुडौल मम्मे और वैसे ही गोल और उभरे हुए चूतड़ देख कर उन दोनों को चोदने का बड़ा मन कर रहा था.

दोनों ही कपड़े बदलते समय हर मौके पर एक दूसरे के जिस्म को छूना और दबाना साथ साथ कर रही थी. दोनों की चूत पर घने बाल थे तो वो प्रोफेशनल बार डांसर नहीं थी.दूसरी लड़की ने कहा- सुशी, यह सतीश द्वारा हमारी चुदाई का नंबर कब आएगा?सुशी बोली- कल तो 3 नंबर का काम हुआ है और हमारा नंबर 5 है सो शायद हमारा कल नंबर आयेगा.

हेमा बोली- तुम क्या सोचती हो, क्या यह सतीश कुछ कर भी सकता है या फिर ऐसे ही सब लड़कियाँ हेकड़ी मार रहीं हैं?सुशी बोली- यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा लेकिन एक बात तो माननी पड़ेगी कि साला है बहुत ही क्यूट लड़का यार. दिल करता है कि साले को कच्चा ही चबा जाऊँ चूत में डाल कर.हेमा बोली- हाँ यार, है तो क्यूट लेकिन बिल्कुल छोकरा लगता है चाहे कद बुत उसका आदमियों जैसा है और उम्मीद है उसका हथियार भी आदमियों जैसा ही होगा.जब उन्होंने अपनी डांस ड्रेस पहन ली तो एक दूसरी की बाँहों में बाहें डाल कर कमरे से बाहर हो गई और मैं भी अपनी ड्रेस पहन कर बाहर आ गया.

रूबी मैडम सबको आज का डांस सीन समझा रही थी जिसमें उन्होंने मुझको खासतौर से सम्बोधित करते हुए कहा- सतीश, आज एक खास डांस सीन तुम्हारे और हेमा नाम की डांसर के साथ लिया जाएगा जो काफी क्लोसअप में होगा और वो काफी सेक्सी भी होगा. इसलिए जैसे ही सब नदी किनारे जाते हैं तब मैं तुमको और हेमा को थोड़ी डांस सीन की प्रैक्टिस करवा दूंगी. ठीक है?मैंने और हेमा ने हामी भर दी.

थोड़ी देर में जब बाकी सब डांसर वहाँ से चली गई तो रूबी मैडम ने बाजे पर उसी डांस का म्यूजिक लगा दिया और मुझको समझाने लगी कि कैसे यह डांस करना है.रूबी मैडम ने अपने साथ प्रैक्टिस के लिए कहा और मुझको अपने पीछे खड़े कर के मेरे आगे के हिस्से को उसकी कमर के साथ जोड़ कर डांस करने के स्टेप्स सिखाने लगी.

रूबी मैडम ने सिल्क की बड़ी पतली साड़ी पहन रखी थी और जैसे ही मैंने अपना आगे का हिस्से उसके चूतड़ों के साथ में जोड़ा तो टन से मेरा लंड मेरे अंडरवियर में खड़ा हो गया और वो रूबी मैडम को ज़रूर फील हुआ लेकिन उसने भी कोई ऐतराज़ किये बगैर प्रैक्टिस जारी रखी और हमने 3-4 बार ये स्टेप्स दोहराये.
 
फिर रूबी मैडम ने अपनी जगह हेमा को खड़ा कर दिया और फिर हम दोनों ने यह स्टपेस कई बार दोहराये और हर बार मैंने जब अपना अगला हिस्सा हेमा के चूतड़ों के साथ जोड़ा तो हेमा के शरीर में एक सिहरन दौड़ जाती थी.मेरा तो लंड तब से ही अकड़ा हुआ था जब से मैंने यह स्टेप्स रूबी मैडम के साथ किये थे और उसकी पतली रेशमी साड़ी के साथ लंड लाला जब रगड़ खाता था तो मेरे को और रूबी मैडम के अंदर बिजली का हल्का करेंट ज़रूर महसूस होता था.हेमा के साथ यह सेक्सी डांस करते हुए मेरा लौड़ा पूरी तरह से खड़ा था लेकिन मेरे अंडरवियर के अवरोध के कारण वो दिख नहीं रहा था लेकिन जिसके साथ यह हॉट डांस किया जा रहा था उसको मेरा लौड़ा पूरी तरह से महसूस हो रहा था.

और यही हाल हेमा का था, वो हर बार मेरे लंड की लम्बाई और चौड़ाई महसूस कर रही थी और मैंने ख़ास तौर से नोट किया कि मेरा खड़ा लंड उसके चूतड़ों के साथ लगते ही उसका चेहरा लाल हो जाता था और वो कोशिश करती थी कि ज़्यादा टाइम वो मेरे लौड़े से चिपकी रहे और मुझको भी उसके ऐसा करने से बहुत अधिक आनंद आ रहा था.

फिर हम जल्दी ही नदी किनारे आ गए, वहाँ सारा स्टाफ हमारी राह देख रहा था.वहाँ पहुँचते ही कैमरा स्टाफ और स्पॉट बॉयज अपने काम में लग गए और फिर शुरू हुई वहाँ भी रिहर्सल और हमारे हॉट और सेक्सी डांस को देख कर के सबके मुंह खुले के खुले रह गए.

मेरा और हेमा का सोलो डांस हुआ और जब वो कैमरा में कैद हो गया तो मधु मैडम ने बाकी डांसरों के साथ भी यह डांस शूट किया यानि बीच में मैं और हेमा चिपको डांस कर रहे थे और हमारे चारों तरफ बाकी लड़कियाँ भी डांस करने लगी.फिर उसके बाद मेरा चिपको डांस सब लड़कियों के साथ फिल्माया गया और मेरे खड़े लंड की महिमा सब लड़कियों ने महसूस की.

लंच ब्रेक में हेमा मेरे पास आई और बोली- सतीश यार, तुमने तो मुझको बहुत गरम कर दिया, इसको अब ठंडा भी तो करो ना!मैंने आस पास देखा और अपने पास किसी को नहीं पाया तो मैंने हेमा से कहा- आओ तो फिर चलो मेरे साथ, तुमको पूरा ठंडा कर देते हैं.

मैं उसको बाइक पर बिठा कर अपनी झाड़ी वाली जगह में ले आया उसको और अंदर ले जा कर उसको कामुक किसिंग शुरू कर दी और फिर जल्दी ही उसका लहंगा ऊपर करके, पजामी को नीचे करके मैंने उसकी बहुत ही गीली चूत में पीछे से अपना खड़ा लंड डाल दिया और फिर धीरे और तेज़ धक्कों से उसकी चुदाई शुरू कर दी.

हेमा बेहद कामुक हो चुकी थी, वो जल्दी ही पानी छोड़ गई लेकिन मैं अभी भी पूरी तरह से ठंडा नहीं हुआ था तो मैं हेमा की चुदाई में लगा रहा.कोई 10 मिनट की चुदाई के बाद हेमा फिर हाय हाय करते हुए छूट गई.

अब मैंने उसको बालों से पकड़ा और उसका मुंह अपनी तरफ कर के हँसते हुए पूछा- बोल हेमा, अब क्या कहती है मेरे लंड के बारे में? यह कुछ कर भी सकता है या फिर यों ही लड़कियाँ हेकड़ी मार रही हैं इसके बारे में? बोल साली?हेमा एकदम हैरान रह गई और बोली- यह क्या कह रहे हो सतीश? यह मैंने कब कहा?

मैं बोला- ड्रेसिंग रूम में सुशी के साथ जो बातें मेरे लंड के बारे में की थी वो मैंने सब सुन ली थी. मैं तुमको यहाँ सबक सिखाने के लिए लाया हूँ? अब बोलो ना कैसा लगा मेरे लंड का स्वाद? बड़े आदमियों जैंसा है क्या मेरा लंड? तुम्हारा कुछ काम बना या नहीं?हेमा जल्दी से बोली- सॉरी सतीश, वो मैं यूँही सुशी से तुम्हारे बारे में बात कर रही थी. अगर तुम को बुरा लगा हो तो प्लीज माफ़ कर दो प्लीज सतीश.

मैंने उसको अपनी बाँहों में लेकर होटों पर एक स्वीट किस कर दी और बोला- अभी और लंड की मार खानी है या यह अभी के लिए काफी है?हेमा भी हंसने लगी- वाह सतीश, तुम्हारा लंड तो कमाल का है, अभी भी खड़ा है जबकि मेरा इसने 3 बार पानी छूटा दिया है. मैं इसको ज़रा चूम लूँ क्या?फिर नीचे बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद हम दोनों वहाँ से निकल कर शूटिंग वाली जगह पर पहुँच गए और वहाँ अभी भी खाना चल रहा था.जैसे ही हम दोनों वहाँ पहुँचे तो सब लड़कियाँ अपनी खाने की प्लेटें ले कर हमारे पास आ गई और पूछने लगी- आप दोनों ठन्डे होकर आ गए क्या?मैं बोला- हाँ, बहुत बर्फ खाई तो ठन्डे तो होना ही था! आप में कोई और बर्फ खाकर ठंडा होना चाहती है क्या?सुशी बोली- क्यों हेमा, सतीश ने तुमको बहुत बर्फ खिलाई थी क्या?

हेमा बोली- हाँ, सुशी क्या ठंडी और गर्म बर्फ है, सतीश के पास आते ही गर्म हो तो ठंडा पड़ जाता है और ठंडा हो तो गरम हो जाता है. कमाल की चीज़ है इसके पास.

इन में से दो लड़कियाँ बोली- हमें कब गर्म और फिर ठंडा करोगे सतीश जी महाराज?मैं खाना खाते हुए बोला- जब तुम कहो तभी कर देंगे? वैसे आप सबने मेरा नाप तो ले ही लिया होगा. हमारा तो एक ही असूल है ‘जिस मन भावे, तिस के भीतर जावे…’सब एक साथ बोल पड़ी- हमारे मन तो बहुत भा गया है, अब भीतर कब जावेगा.मैं बोला- जब पर्दा हटेगा सामने से, अंदर चला जावे बुलाने से.ज़ूबी बोली- हटा देंगे पर्दा भी अगर हम चाहें!मैं बोला- आ जायेगा सामने जब आप चाहें.ज़ूबी बोली- वाह सतीश राजा, क्या तुकबंदी कर लेते हो यार तुम भी.मैं बोला- ज़हे नसीब जो आप मुस्कराये, तभी हमें आप इतना भाये.

थोड़ी देर में लंच खत्म हो गया और फिर से शूटिंग का काम शुरू हो गया अब मेरे साथ दो दो डांसरों ने चिपको डांस करना था और पहली थी ज़ूबी और दूसरी थी जूली.रिहर्सल में दोनों ने मेरे को खूब हाथों से छुआ हर जगह, यहाँ तक ज़ूबी तो लौड़े पर हाथ रख कर बड़ी देर तक डांस करती रही और मैं भी उन दोनों के मम्मों और चूतड़ों पर हाथ फेरने से बाज़ नहीं आता था.

जब फाइनल टेक हुआ तो वो इतना अच्छा और सेक्सी था कि मधु मैडम और रूबी मैडम ने मुझको एक बहुत ही हॉट जफ्फी मारी और जल्दी से लंड पर भी हाथ लगा दिया.

कहानी जारी रहेगी.
 


फ़िल्मी डांसरों के साथ चूत चुदाई की मस्ती


जब फाइनल टेक हुआ तो वो इतना अच्छा और सेक्सी था कि मधु मैडम और रूबी मैडम ने मुझको एक बहुत ही हॉट जफ्फी मारी और जल्दी से लंड पर भी हाथ लगा दिया.शूटिंग के बाद हम सब कॉटेज पहुँच गये और वहाँ गर्म गर्म पकोड़े और गर्म जलेबी तैयार थी तो सब शाम की चाय के साथ इन सब चीज़ों का आनन्द उठाने लगे.

कपड़े बदलने के लिए मैं ड्रेसिंग रूम में गया और वहाँ 4 लड़कियाँ कपड़े बदल रही थी. मैं वापस बाहर आने के लिए मुड़ा तो उनमें से एक लड़की ने मुझको हाथ से पकड़ लिया और बोली- क्या बात है सतीश जी? हमारे सामने कपड़े नहीं बदल सकते क्या?

मैं भी मज़ाक के लहजे में बोला- तुम बदलो अपने कपड़े तो मैं भी बदल लूंगा. बोलो मंज़ूर है?पहले वाली लड़की बोली- हाँ मंज़ूर है! क्यों बहनो? सतीश के सामने कपड़े बदलने के लिए तैयार हो क्या?सबने कुछ सोचने के बाद कहा- हाँ हाँ तैयार हैं!

पहले वाली लड़की बोली- चलो ठीक है सतीश, तो शुरू हो जाओ तुम?मैं बोला- पहले तुम और बाकी लड़कियाँ शुरू हो जाएँ तो मैं भी शुरू कर दूंगा.

पहले वाली लड़की ने अपने कपड़े उतारने शुरू किये और सबसे पहले अपना लहंगा उतार दिया और किल्ली पर टांग दिया और फिर उस ने अपनी पजामी भी उतार दी, अब वो सिर्फ अपनी पैंटी और ब्लाउज में थी.उधर बाकी लड़कियाँ भी इसी क्रम में अपने कपड़े उतारने लगी और जब सब अपने आधे कपड़े उतार चुकी तो मेरी तरफ देखने लगी.

अपनी टाइट धोती को मैंने भी उतार दिया और अपनी ऊपर की बंडी को भी उतार दिया.मैंने सबकी तरफ देखा तो वो सब भी पैंटीज और ऊपर वाले ब्लाउज में ही थी.मैं बोला- आगे बढ़ो और ब्लाउज और ब्रा भी उतारो ना सब?

अब सब लड़कियाँ थोड़ी हिचकने लगी तो मैंने ज़ोर डाल कर कहा- अपना वायदा पूरा करो लड़कियों? जल्दी से ब्लाउज और ब्रा उतारो यारो!सबसे पहले बोलने वाली लड़की ने कहा- हाँ हाँ उतारो ब्लाउज और ब्रा सब… नहीं तो हमारी हार हो जायेगी.और यह कह कर उसने अपने ब्लाउज और ब्रा को उतार कर किल्ली पर टांग दिया.अब वो सिर्फ एक पिंक पैंटी में थी और उसके सुन्दर और आकर्षक मम्मे एकदम सामने अकड़े खड़े थे.

वो चारो तरफ घूम कर अपनी सुंदरता का प्रदर्शन कर रही थी और अब उसकी देखा देखी बाकी लड़कियाँ भी ऊपर से नंगी हो गई थी और सिर्फ विभिन्न रंगों की पैंटीज में थी.सुन्दर और सडौल शरीर थे उन सबके और उनको अपनी ख़ूबसूरती पर नाज़ भी था.

इधर मेरा लौड़ा भी पूरी तरह से खड़ा था तो मैंने कह दिया- मेरे खड़े लंड के दर्शन करने हों तो मैं अपना अंडरवियर उतार देता हूँ और तुम सब अपनी पैंटीज उतार दो! बोलो मंज़ूर है क्या?सब आपस में खुसर फुसर करने लगी, फिर पहले वाली लड़की बोली- मैं तो तैयार हूँ वो इसलिए कि शायद सतीश द्वारा हमारे को फ़क करने की बारी आज या फिर कल आ जाये तो तब उसको तो दिखाना है ही, तो अब क्यों नहीं?यह कह कर उसने अपनी पैंटी उतार दी और उसकी बालों से भरी चूत सामने आ गई.

बाकी लड़कियों ने भी जल्दी से अपनी पैंटीज़ को उतार दिया और अब मेरे सामने 4 हसीना अल्फ नंगी खड़ी थी.मैं भी धीरे से सब लड़कियों के सामने अंडरवियर में घूम गया और फिर धीरे से अपने अंडरवियर में हाथ डाल दिया और धीरे धीरे उस को उतार दिया और मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया.सब लड़कियों ने हैरानी व्यक्त की और कुछ तो दौड़ को लंड को पकड़ने के लिए आगे आ गई.सबने बारी बारी उसको छुआ और कुछ ने चूमना शुरू कर दिया.

मैंने भी सब लड़कियों के मुम्मे और चूतड़ों पर हाथ फेरा और उनको मसला.अब मैंने कहा- चलो हो गया चूत और लंड दर्शन, अब चल कर खाना खाते हैं.सबने जल्दी से कपड़े पहन लिए और बाहर आ गए, सबसे पहले मैं निकला और बाद में सब लड़कियाँ भी बाहर आ गई.

आज मीट कोरमा और चावल बने थे, सबको बहुत ही अच्छा लगा और फिर सबको कुल्फ़ी भी खिलाई गई.खाने के बाद रूबी और मधु मैडम कार में बैठ कर हवेली चली गई.
 
नैना ने बताया कि आज कमरा न. 4 की बारी है, वो उन लड़कियों को ले कर आ गई लेकिन उन दोनों ने अपनी मज़बूरी ज़ाहिर कर दी और मना कर दिया.मैंने नैना के कान में कहा- आज तुम कमरा न. 5 और 6 वालियों को बुला लो!

जब वो लड़कियों को लेकर वापस आई तो उनमें सुशी और हेमा थी और वो दोनों भी थी जो मेरे साथ ड्रेसिंग रूम में भी थी. वो सब मुझको देख कर बड़ी खुश हुई और मुझ को घेर कर अपने कमरे में ले गई.साथ में नैना भी थी.

ड्रेसिंग रूम वाली लड़कियों के नाम डॉली और जॉली था.हेमा और मेरा साथ तो चिपको डांस से ही था तो हम एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे और सुशी ड्रेसिंग रूम में ही थी जब मैंने हेमा को वहाँ देखा था.डॉली और जॉली अलबत्ता मेरे लिए नई थी हालाँकि इन दोनों को मैं पूरा नग्न देख चुका था ड्रेसिंग रूम में.

कमरे में घुसते ही हेमा ने मुझको पकड़ लिया और एक जफ्फी मुझको डाल दी और मेरे होटों को चूमने लगी.उसको छोड़ कर मैंने सुशी को पकड़ लिया और उसके कान में धीरे से कह दिया- लंड को हाथ लगा कर देख लो, कैसा है यह? तुम्हारा काम कर सकेगा कि नहीं?

सुशी थोड़ी शरमाई और बोली- वक्त आने पर उसको भी देख लेंगे. वैसे हेमा कह रही थी कि आपके उसने उसको तीन बार हे-मा हे-मा कहने पर मजबूर कर दिया था.मैं हंस कर बोला- हाँ, वो कुछ इसी तरह बोल रही थी जब मेरा बम्बू लगा बैठा था 3 बार उसमें अपना तम्बू.

सुशी और दूसरी लड़कियाँ अब नैना की तरफ देख रही थी और नैना ने फैसला किया कि पहले डॉली की बारी है और उसके बाद जॉली का नंबर लगेगा लेकिन लड़कियाँ अपने कपड़े उतार कर एक दूसरी के साथ आनन्द ले सकती हैं.

अब उनमें कपड़े उतारने की होड़ लग गई और सबसे पहले नंबर पर आई डॉली और वो भाग कर मेरे से आकर चिपक गई, मुझको चिपको डांस करने के लिए मजबूर कर दिया और फिर उसने मेरे कपड़े भी उतार दिए और मैंने बारी बारी से सबके साथ चिपको डांस किया.

मधु और रूबी मैडम ने इस डांस के स्टेप्स ऐसे बनाये थे कि कोई भी जोड़ा इस डांस को करते हुए एकदम से बहुत ज़्यादा कामातुर हो जाएगा.चिपको डांस करते हुए मेरा लौड़ा हमेशा या तो उनके चूतड़ों के अंदर गांड से चिपका हुआ रहता था या फिर अगर सामने से यह डांस किया जाता था तो लौड़ा सीधे लड़की की चूत द्वार पर दस्तक देता था.

कम से कम दो लड़कियाँ यह चिपको डांस आगे से करते हुए ही झड़ गई थी क्योंकि मेरा लंड डांस करते हुए उनकी चूत में भग को रगड़ता था जिससे उनमें कामातुरता बहुत अधिक बढ़ जाती थी और वो सब कई दिनों से लंड की प्यासी थी सो जल्दी ही स्खलित हो जाती थी.

मैंने नैना के इशारे पर डॉली को खड़े खड़े ही चोदने का प्लान बनाया और इस काम के लिए मैंने डॉली को अपने से चिपका कर थोड़ी देर चूमा चाटा लेकिन वो तो अभी ही बहुत चुदवाने के लिए अधीर हो रही थी तो मैंने उसकी एक टांग ऊपर उठा कर और उसकी बाहें अपने गले में डाल कर लंड की एंट्री मार दी और वो उसके अधिक गीलेपन के कारण फटाक से पूरा ही अंदर चला गया और फिर हम धीरे धीरे एक दूसरे को फक करने लगे.

सब लड़कियाँ बड़े ध्यान से हमारे यह नए ढंग की चुदाई देख रही थी और अपनी गर्ल पार्टनर को और भी गर्म कर रही थी.डॉली काफी गर्म हो चुकी थी, वो ज़्यादा धके बर्दाश्त नहीं कर सकी और जल्दी ही मेरे से ज़ोरदार चिपकी मार कर छूट गई.

नैना ने जॉली को तैयार कर रखा था, वो बेड पर थोड़ा झुक कर खड़ी थी और मैंने अपने डॉली की चूत के पानी से भीगे लंड को छपाक से जॉली की चूत में डाल दिया और वो खुद ही आगे पीछे होकर मुझको ही चोदने लगी और मैं सिर्फ उसके मुम्मों के चूचुकों से खेलता रहा और उसके मुलायम चूतड़ों को हाथ लगा कर खूब आनन्द लेता रहा.

क्यूंकि ये फ़िल्मी कलियाँ थी तो इन्होंने अपने शरीर को मेहनत से संभाल के रखा था और शरीर की सुंदरता को अच्छी तरह से कायम रखा था.जॉली की चुदाई के वक्त उसकी शारीरिक सुंदरता अति लुभावनी थी और दिल चाह रहा था कि उसके शरीर के हर अंग को चूमता और चाटता रहूँ.बहुत अधिक कामुक हुई जॉली जल्दी ही हाय हाय चिल्लाती हुई स्खलित हो गई.
 
अब नंबर था सुशी का जिसको नैना ने अभी से बेड पर बिठा रखा था.मैं जैसे ही जॉली से फारिग हुआ तो नैना ने मुझको भी बेड पर बिठा दिया और सुशी को अपनी टांगें फैला कर मेरे दोनों तरफ रख कर लंड के ऊपर बिठा दिया.अब सुशी का चुनाव था कि वो कैसे चुदना चाहेगी तेज़ या फिर धीरे धीरे.और चुदाई की सारी मेहनत अब सुशी के ऊपर थी.

उसने पहले कुछ धीरे धीरे चोदना शुरू किया और फिर धीरे से चुदाई की स्पीड तेज़ करने लगी.मैंने सुशी के चूतड़ों के नीचे अपने दोनों हाथ रखे हुए थे ताकि उसकी चूत मेरे लौड़े के निशाने पर रहे और उसकी दोनों बाहें मेरे गले में थी.कभी हम डीप किस भी कर लेते थे और कभी मैं उसके गोल और मोटे मुम्मों को चूस भी लेता था.चुदाई के इस पोज़ में भी सारी मेहनत लड़की या फिर औरत को करने पड़ती थी और आदमी सिर्फ अपने लौड़े को खड़ा रखने की कसरत करता था.

थोड़ी देर में सुशी मेरे गले में बाहें डाले हुए अपनी चूत को आगे पीछे करते हुए एक झूले का आनन्द लेने लगी. अब मैंने सुशी की गांड में हाथ की ऊँगली डाल दी और सुशी और भी जोश से मुझ को चोदने लगी.थोड़ी देर तीव्र चुदाई के बाद सुशी मेरे गले से चिपक गई और अपनी चूत को मेरे लौड़े से जोड़ कर कंपकंपाती हुई झड़ गई.

नैना ने सुशी को वहाँ से उठाया और उसकी जगह हेमा को ले आई और मुझको लेटने को कह कर उसने हेमा को मेरे ऊपर से मुझको चोदने के लिए कहा.हेमा तो मेरे से पहले ही चुद चुकी थी, उसको चोदने का मेरे मन में कोई विशेष आकर्षण नहीं था, फिर भी उसको भी चोदना मेरी ड्यूटी थी और सच कहूँ तो हेमा चुदाई की मास्टर थी, इतना अधिक चुदाई की शौक़ीन थी कि कोई भी मौका इस काम का नहीं छोड़ना चाहती थी.

हेमा मेरे ऊपर बैठ कर पहले धीरे धीरे से ऊपर नीचे हो रही थी और मैं उसकी काली डोडियों से खेल रहा था लेकिन उसकी चूत इतनी रसीली हो चुकी थी कि उसकी चूत का पानी टपक कर मेरे पेट पर जमा हो रहा था.

सबसे बेखबर आँखें बंद किये हेमा मुझको चोदने में मगन थी.उसके गोल और मोटे मम्मे बार बार ऊपर नीचे हो रहे थे और उसकी बालों से भरी चूत मेरे हरियाले लंड को बार बार पूरा निगल जाती थी और फिर उसका थोड़ा सा रस चूस कर वापस ऊपर हो जाती थी.

मैंने उसकी उभरी हुई चूत में हाथ डाला तो वो अत्यंत गीली हो चुकी थी लेकिन मैंने उसके मोटे भग को छूना और मसलना शुरू कर दिया और अब हेमा की चुदाई स्पीड एकदम से तेज़ होने लगी और मैं उसके उछलते स्तनों को एक हाथ से पकड़ कर मसलने लगा.

अचानक सबने देखा कि हेमा का मुंह थोड़ा सा खुला और एक ज़ोरदार हुंकार उसके मुंह से निकल गई और वो स्खलित होते हुए मेरे ऊपर पसर गई.उसकी सिकुड़ती हुई चूत मेरे लंड को दोहने की कोशिश में थी लेकिन मेरी ट्रेनिंग और सेल्फ कंट्रोल के कारण मेरा एक बूँद वीर्य भी नहीं निकला इस सारी चुदाई प्रकरण में!

लेकिन इस चुदाई सेशन और फिर सारा दिन की कामुक डांस प्रक्रिया के कारण मेरे अंडकोष में वीर्य को रोकने के कारण थोड़ा भारीपन आ रहा था और अब उचित समय था कि मैं वीर्य स्खलन कर लेता तो जैसे ही मैं हेमा को चोद कर उठा, सामने नैना आ गई और मैंने उसको पकड़ा और बेड पर लिटा दिया और सिर्फ उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी चुदाई शुरू कर दी.

ऐसी तेज़ धकम्पेल शुरू की मेरे बेलगाम घोड़े ने कि नैना की एकदम रसीली चूत भी उसको नहीं रोक सकी.गहरे धक्के, ज़ोरदार धक्के मारते हुए मैंने नैना को चोदना शुरू कर दिया.इतनी देर से चुदाई के माहौल में रहते हुए नैना भी अपनी कामुकता के शिखर पर पहुँच चुकी थी, वो जल्दी ही अपने चूतड़ों को उठा उठा कर मेरे लौड़े का स्वागत कर रही थी.

आँखों ही आँखों से वो मेरा धन्यवाद कर रही थी कि मैंने देखा डांस वाली सारी लड़कियाँ गुरु और चेले की लंड और चूत की लड़ाई बड़े ध्यान से देख रही थी.नैना मेरी हालत से पूरी तरह से वाकिफ थी और वो चाहती थी कि मेरा वीर्य जल्दी छूट जाए लेकिन मैं भी इस कोशिश में था कि हम दोनों साथ साथ छूटें.

फिर नैना का शरीर एकदम अकड़ा और उसका पानी भी छूटने लगा और तभी नैना की चूत ने एक ट्रिक खेली और मैं भी अपने वीर्य के बाँध को रोक नहीं सका और मेरा भी फव्वारा ज़ोर से छूटा और मैं नैना के गुदाज़ शरीर पर लुढ़क गया.नैना ने मेरे सर को सहलाया और हम दोनों उठ बैठे.और यह देख कर सब लड़कियाँ हैरान थी कि मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से खड़ा था और हवा में लहलहा रहा था.

कहानी जारी रहेगी.
 
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