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Guest
रीमा को तो ये सब् देख दिलो दिमाग की नशे ढीली हो गयी | एक औरत ऐसे कैसे चुद सकती है,इतना दर्द, इतनी तेज झटके कैसे बर्दास्त कर सकती है | ये एक नंबर की रंडी है मिली, वरना किसी और की चूत हो तो उसके चीथड़े उड़ जाये | एक ये है एक नंबर की चुदक्कड़, सहाय ने इसका पुर्जा पुर्जा छोड़कर ढीला कर दिया फिर भी उन्हें चोदने को उकसा रही है | हाय हाय मै तो मर ही जाऊ ऐसे कोई चोदे तो | मै तो बिस्तर से न उठ पाऊँगी | कैसी कैसी चूत है और कैसे कैसे बुरी तरह से चुदती है | ठीक है चूत चुदने के लिए बनी है लेकिन ऐसे तो कोई रबर की बनी बेजान चूत को भी नहीं चोदता जिसमे न जान होती है , न दर्द होता है | कितनी मेहनत की होगी इस मिली ने ये स्टैमिना बनाने में | बड़ा मजा आता होगा जब इसे बेदर्दी से सुपर स्पीड से चोदता होगा | इसकी चूत तो आग की भट्ठी बन जाती होगी, इतनी तेज ठुकाई से तो इसकी चूत की दीवारे जलने नहीं लगती होगी | उनमे आग क्यों नहीं लग जाती वे झुलस क्यों नहीं जाती | सुबह कैसा महसूस होता होगा, क्या बदन टूटता नहीं होगा | क्या इतनी तेज चुदाई से कमर में जांघो में दर्द नहीं घर कर जाता | इतना कोमल औरत का बदन, उसमे भी मख्खन की तरह नाजुक गुलाबी चूत, कैसे झेल झाती है इतना भयानक ठोकरे | पता नहीं जो ऐसे चुदती है वही जाने | मुझे क्या, मै तो ऐसे नहीं चुद सकती, कोई लाख सोना चांदी में मुझे नहला दे मै ऐसी चुदाई को कभी नहीं राजी होउंगी | काश मिली से पूछ पाती कितना दर्द होता है और कैसे बर्दास्त करती है वो | मिली जिसे हर बार अनुभव्कारती है एक बार तो कोई भी औरत उसे बर्दास्त कर ही लेगी | आखिर क्यों नहीं बर्दास्त कर सकती, जब इसी चूत से बच्चा पैदा कर अक्ती है तो औरते तो सब कर सकती | नहीं रीमा बच्चा पैदा करना लगा चीज है और इस तरह से मशीन की तरह सुपर फ़ास्ट स्पीड में चूत में लंड झेलना बिलकुल अलग | ये चुदाई सब औरते बर्दास्त नहीं कर सकती | क्यों नहीं कर सकती, आखिर मिली के पास भी वही नाजुक जिस्म है जो हर औरत के पास होता है उसके पास भी वही चूत है जो हर औरत के पास होती है | दूसरी की क्या बात करू मै ही चुद सकती हूँ इस तरह से | तीन बार चोदा था रोहित ने हचक हचक के, तब तो मुझे कुछ नहीं हुआ तो मै ऐसे भी मिली की तरह भी चुदाई कर सकती हूँ और एक बार इस तरह से चुदने में बुराई क्या है ?
रोहित - क्या बोली एक बार इस तरह से चुदने में बुराई क्या है ????? किस तरह से चुदने में ..............|
रीमा अपने मन के अंतर्द्वंद में इस तरह खोयी की उसे कुछ होश ही नहीं रहा | अपने अन्दर दिलो दिमाग में मची उठा पटक कब उसके जुबान से शब्दों की तरह निकलने लगी उसे खुद भी नहीं पता चला |
रीमा शर्म से पानी पानी हो गयी, रोहित उसकी तरफ देखता हुआ - बोलो किस तरह से ????? मिली की तरह से |
रीमा -हाय हाय मै यहाँ ज्यादा देर और बैठी तो पता नहीं क्या हो जायेगा गजब हो जायेगा | ये सब गन्दगी मेरे दिमाग में घर करती जा रही है | मुझे यहाँ से जाना है |
रोहित - मेरे दिमाग में तो घर नहीं कर रही |
रीमा - तुमारी बात अलग है, तुम मर्द हो, बहुतो के साथ खेले खाए हो |
रोहित - तुमारी बात का मतलब है मै ज्यादा एक्सपीरियंस वाला हूँ, तो तुम्हे नहीं लगता की तुम्हे भी ज्यादा एक्सपीरियंस लेना चाहिए |
रीमा - हाय हाय हाय मै मर न जाऊ ऐसा कुछ करने से पहले |
रोहित - कोई नहीं मरता बस उसे अपने दिमाग के दरवाजे खोलने होते है |
रीमा - मुझे नहीं खोलने ऐसे दरवाजे जहाँ से सीधे नरक में जाकर गिरू ?
रोहित - स्वर्ग नरक कुछ नहीं होता, सब मन का वहम है, जो चीजे हमें समझ नहीं आती या तो उन्हें हम चमत्कारिक घोषित कर देते है या पाप | फिर वही अच्छे बुरे की नौटंकी |
रीमा - ये फर्जी ज्ञान अपने पास रखो मुझे न जरुरत है इसकी |
रोहित - इसी ज्ञान की तो तुम्हे जरुरत है, तुमारे इस कोमल मन को दुनिया की सच्चाई से रूबरू कराना है, जो अपने दिमाग में तुमने दुनिया और उसके लोगो के लिए एक इमेज बना रखी है वो सच नहीं है | हर जवान इंसान की कामना होती है, कुछ की सीधी साधी समाज के ढर्रे पर चलने वाली और कुछ बहुत ही वाइल्ड सबसे अलग, एडवेंचर से भरी |
रीमा - क्या समझाना चाहते हो ?
रोहित - तुम अलग हो रीमा, तुमारी जवानी की हसीन इक्छायेअलग है, तुम बहुत सी ऐसी चीजो की कल्पना करती हो जो किसी लो भी हैरान कर दे, लेकिन सच यही है तुम सेक्स को लेकर वाइल्ड सोचती हो, किसी के अनुमानों से परे सोचती हो | इसीलिए तुम्हे ये सारे सेक्सुअल एक्ट जो यहाँ तुमने देखे तुम्हे परेशान कर रहे है |
मुझे नहीं कर रहे, मै इन सब को लेकर बिलकुल ओके हूँ | तुम जरुर परेशान हो |
रीमा - मै परेशान नहीं हूँ, ओके अब मुझे पर अपने पैतरे अजमाना बंद करो |
रोहित हँसता हुआ - अन्दर से तो लगता है जैसे तुमारा वजूद ही हिला हुआ है, आत्मविश्वास कमजोर हो गया है, कही ऐसा तो नहीं कि तुमने ये सब तरीके की चुदाई कभी सोची नहीं..............अगर सोची तो सिर्फ ये मान भर लिया कि ये सब कल्पना है और ये हकीकत हो ही नहीं सकती |
रीमा - मैंने ऐसा कुछ नहीं इमागिन किया है |
रोहित - यही तो मैं भी कह रहा हूँ, इस सबकी वासनाओं के आगे तुम्हे अपने वासनाए बहुत छोटी लगने लगी है और ये तुमारा अहंकारी स्वाभाव कैसे हजम कर ले, जो ये कर सकती है वो तुम भला क्यों नहीं कर सकती, ये अवाज तुमारे अन्दर से बार बार निकल रही है | जब तक तुमने इन्हें देखा नहीं था तुम्हे लगता था तुमारी सेक्स और वासना की दुनिया में सब परफेक्ट है और कुछ होने को शायद ही बचा हो लेकिन ये सब देखने के बाद तुम तो अन्दर से खाली खाली महसूस कर रही हो, तुम्हे लगने लगा है, इन सबके आगे मैंने तो कुछ किया ही नहीं अपनी जवानी की जलती वासनाओं को बुझाने के लिए | असली जवानी की प्यास तो ये सब बुझा रही है, अपने जंगली तरीके से, वहशियाना तरीके से, उन्मुक्त होकर बिलकुल आदम ज़माने की तरह |
रीमा बेहद हल्की आवाज में - मुझे डराओ मत रोहित, प्लीज ..............|
रोहित - मै डरा नहीं रहा हूँ, ये सच्चाई है और इसका सामना करो, डरपोक मत बनो पहले की तरह |
रीमा - अब तुमने मुझे सचमुच में परेशान कर दिया है, मै इतनी बड़ी गधी हूँ मुझे कुछ नहीं आता, मैंने अपनी जिंदगी में कुछ नहीं किया |
रोहित - अपने अन्दर हीनता भरने से कुछ नहीं होगा, कोई भी परफेक्ट नहीं होता | अब अपने कपिल को ही देख लो | वैसे तुमारा क्या ख्याल है कपिल के बारे में |
रीमा - ये सब देखकर तो लगता है अब किसी का भरोसा करना मुश्किल है |
रोहित - अरे बताओ तो सही कपिल के बारे में तुमारा क्या ख्याल है, आचा बताओ इस समय वो क्या कर रहा होगा, तुमारे हिसाब से कहाँ पर होगा |
रीमा - कपिल तो यहाँ फैमिली के साथ आया है, आज तो उसके लड़के का बर्थडे है | वो अपनी फैमिली के साथ एन्जॉय कर रहा होगा |
रोहित - क्या बोली एक बार इस तरह से चुदने में बुराई क्या है ????? किस तरह से चुदने में ..............|
रीमा अपने मन के अंतर्द्वंद में इस तरह खोयी की उसे कुछ होश ही नहीं रहा | अपने अन्दर दिलो दिमाग में मची उठा पटक कब उसके जुबान से शब्दों की तरह निकलने लगी उसे खुद भी नहीं पता चला |
रीमा शर्म से पानी पानी हो गयी, रोहित उसकी तरफ देखता हुआ - बोलो किस तरह से ????? मिली की तरह से |
रीमा -हाय हाय मै यहाँ ज्यादा देर और बैठी तो पता नहीं क्या हो जायेगा गजब हो जायेगा | ये सब गन्दगी मेरे दिमाग में घर करती जा रही है | मुझे यहाँ से जाना है |
रोहित - मेरे दिमाग में तो घर नहीं कर रही |
रीमा - तुमारी बात अलग है, तुम मर्द हो, बहुतो के साथ खेले खाए हो |
रोहित - तुमारी बात का मतलब है मै ज्यादा एक्सपीरियंस वाला हूँ, तो तुम्हे नहीं लगता की तुम्हे भी ज्यादा एक्सपीरियंस लेना चाहिए |
रीमा - हाय हाय हाय मै मर न जाऊ ऐसा कुछ करने से पहले |
रोहित - कोई नहीं मरता बस उसे अपने दिमाग के दरवाजे खोलने होते है |
रीमा - मुझे नहीं खोलने ऐसे दरवाजे जहाँ से सीधे नरक में जाकर गिरू ?
रोहित - स्वर्ग नरक कुछ नहीं होता, सब मन का वहम है, जो चीजे हमें समझ नहीं आती या तो उन्हें हम चमत्कारिक घोषित कर देते है या पाप | फिर वही अच्छे बुरे की नौटंकी |
रीमा - ये फर्जी ज्ञान अपने पास रखो मुझे न जरुरत है इसकी |
रोहित - इसी ज्ञान की तो तुम्हे जरुरत है, तुमारे इस कोमल मन को दुनिया की सच्चाई से रूबरू कराना है, जो अपने दिमाग में तुमने दुनिया और उसके लोगो के लिए एक इमेज बना रखी है वो सच नहीं है | हर जवान इंसान की कामना होती है, कुछ की सीधी साधी समाज के ढर्रे पर चलने वाली और कुछ बहुत ही वाइल्ड सबसे अलग, एडवेंचर से भरी |
रीमा - क्या समझाना चाहते हो ?
रोहित - तुम अलग हो रीमा, तुमारी जवानी की हसीन इक्छायेअलग है, तुम बहुत सी ऐसी चीजो की कल्पना करती हो जो किसी लो भी हैरान कर दे, लेकिन सच यही है तुम सेक्स को लेकर वाइल्ड सोचती हो, किसी के अनुमानों से परे सोचती हो | इसीलिए तुम्हे ये सारे सेक्सुअल एक्ट जो यहाँ तुमने देखे तुम्हे परेशान कर रहे है |
मुझे नहीं कर रहे, मै इन सब को लेकर बिलकुल ओके हूँ | तुम जरुर परेशान हो |
रीमा - मै परेशान नहीं हूँ, ओके अब मुझे पर अपने पैतरे अजमाना बंद करो |
रोहित हँसता हुआ - अन्दर से तो लगता है जैसे तुमारा वजूद ही हिला हुआ है, आत्मविश्वास कमजोर हो गया है, कही ऐसा तो नहीं कि तुमने ये सब तरीके की चुदाई कभी सोची नहीं..............अगर सोची तो सिर्फ ये मान भर लिया कि ये सब कल्पना है और ये हकीकत हो ही नहीं सकती |
रीमा - मैंने ऐसा कुछ नहीं इमागिन किया है |
रोहित - यही तो मैं भी कह रहा हूँ, इस सबकी वासनाओं के आगे तुम्हे अपने वासनाए बहुत छोटी लगने लगी है और ये तुमारा अहंकारी स्वाभाव कैसे हजम कर ले, जो ये कर सकती है वो तुम भला क्यों नहीं कर सकती, ये अवाज तुमारे अन्दर से बार बार निकल रही है | जब तक तुमने इन्हें देखा नहीं था तुम्हे लगता था तुमारी सेक्स और वासना की दुनिया में सब परफेक्ट है और कुछ होने को शायद ही बचा हो लेकिन ये सब देखने के बाद तुम तो अन्दर से खाली खाली महसूस कर रही हो, तुम्हे लगने लगा है, इन सबके आगे मैंने तो कुछ किया ही नहीं अपनी जवानी की जलती वासनाओं को बुझाने के लिए | असली जवानी की प्यास तो ये सब बुझा रही है, अपने जंगली तरीके से, वहशियाना तरीके से, उन्मुक्त होकर बिलकुल आदम ज़माने की तरह |
रीमा बेहद हल्की आवाज में - मुझे डराओ मत रोहित, प्लीज ..............|
रोहित - मै डरा नहीं रहा हूँ, ये सच्चाई है और इसका सामना करो, डरपोक मत बनो पहले की तरह |
रीमा - अब तुमने मुझे सचमुच में परेशान कर दिया है, मै इतनी बड़ी गधी हूँ मुझे कुछ नहीं आता, मैंने अपनी जिंदगी में कुछ नहीं किया |
रोहित - अपने अन्दर हीनता भरने से कुछ नहीं होगा, कोई भी परफेक्ट नहीं होता | अब अपने कपिल को ही देख लो | वैसे तुमारा क्या ख्याल है कपिल के बारे में |
रीमा - ये सब देखकर तो लगता है अब किसी का भरोसा करना मुश्किल है |
रोहित - अरे बताओ तो सही कपिल के बारे में तुमारा क्या ख्याल है, आचा बताओ इस समय वो क्या कर रहा होगा, तुमारे हिसाब से कहाँ पर होगा |
रीमा - कपिल तो यहाँ फैमिली के साथ आया है, आज तो उसके लड़के का बर्थडे है | वो अपनी फैमिली के साथ एन्जॉय कर रहा होगा |