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रीमा गुस्से से दांत किटकिटाते हुए - साला छछुंदर इज्जत की बात करता है भोसड़ी के दो टके के लौंडे, साला गन दिखाकर कर मुझे साला लंड चूस लिया, तुझे लगता है की फ्री में तुम्हें छोड़ दूंगी साला एक दूसरे के लंड को हिलाना चालू करो |
तीनो मूर्तिवत वही खड़े रहे |
रीमा दहाड़ी - ठीक तुम लोगो का mms देखने का सुख तुमारे दोस्त भी लेंगे मुझे क्या तकलीफ है |
धमकी सुनकर राजू प्रियम वहीं पड़े एक सोफे पर बिस्तर पर बैठ गए और एक दूसरे का लंड आपस में हाथ में लेकर कि हिलाने लगे जबकि जग्गू अलग से लंड को मुठीयाने लगा | प्रियम और राजू को आपस में लंड मुठियाते देख ................
रीमा बोली - वेरी गुड बच्चे ऐसे ही एक दूसरे का लंड मुठियाते रहो | चलो अब शुरू हो जाओ, स्पीड बढ़ाओ, शर्म झिझक छोड़ो, जैसे मै अदा से तुम लोगो का लंड चूस आरही थी वैसे ही तुम भी अदा से एक दुसरे का लंड मुथिआओ |
तीनों एक दूसरे का लंड बारी-बारी से मुठयाने लगे रीमा को बड़ा मजा आ रहा था वह बारी-बारी से अलग अलग एंगल से तीनों की शूटिंग कर रही थी तभी रीमा ने राजू को बोला कि बक्से से एक प्लास्टिक का लैंड उठा कर के अपनी गांड में घुसेड़ ले | राजू हैरान था उसे एक के बाद एक झटके रीमा से लग रहे थे अब ये नयी बला | राज एक बार की तो हैरानी से देखता रह गया लेकिन रीमा ने दोबारा से वही दोहराया - राजू बच्चे उस सामने पड़े बक्से से प्लास्टिक का छोटा वाला लंड निकाल और अपनी गांड में अंदर बाहर करना शुरू कर दे ...........................|
राजू के तो जैसे तोते उड़ गए वह तो ऐसा कुछ सोच कर आया भी नहीं था कि ऐसी दुर्गति होने वाली है रीमा के साथ उन तीनो ने उसे चोदने का जो प्लान उन्होंने बनाया था वह अब उन्हें बहुत भारी पड़ने वाला था और इसके लिए दोनों राजू और प्रियम मन ही मन सबसे ज्यादा जग्गू को जिम्मेदार ठहरा रहे था साला जग्गू के चक्कर में आज अपनी ही नजरो में कोई इज्जत नहीं रह जाएगी | एक औरत हमारी इज्जत का ऐसा फलूदा करेगी ये उन लडको ने सपने में भी नहीं सोचा था | राजू तो मन ही मन जग्गू को जमकर गरिया रहा था |
अपनी गांड में नकली प्लास्टिक का लंड ये सोचकर ही राजू की आँखों में आंसू आ गए | क्या क्या दुर्गति होने वाली है उसका तो दिल बैठा जा रहा था | उसकी आंखे नम हो गयी वो रुवांसा सा हो आया |
राजू रोने वाले स्वर में - रीमा चाची प्लीज ये माय कीजिये, हमसे गलती हो गयी आप जो कहेंगी वो सजा भुगतने को तैयार है हम | प्लीज हमें माफ़ कर दीजिये |
रीमा जानती थी राजी तो उन दोनों के चक्कर में फंसा है लेकिन साथ तो उसने भी दिया ही है - बच्चे गेंहू के साथ घुन भी पिसते है | अब दोस्ती की है तो निभानी तो पड़ेगी | चुपचाप जो कहती हूँ करते रहो | मेरी बात मानेगा तो तुम सबकी इज्जत बच जाएगी चारदीवारी के बाहर कोई भी बात नहीं जाएगी | चुपचाप बख्से से रबर वाला लंड निकाल और अपनी गांड की सील तोड़ के अंदर बाहर करना शुरू कर|
तीनो मूर्तिवत वही खड़े रहे |
रीमा दहाड़ी - ठीक तुम लोगो का mms देखने का सुख तुमारे दोस्त भी लेंगे मुझे क्या तकलीफ है |
धमकी सुनकर राजू प्रियम वहीं पड़े एक सोफे पर बिस्तर पर बैठ गए और एक दूसरे का लंड आपस में हाथ में लेकर कि हिलाने लगे जबकि जग्गू अलग से लंड को मुठीयाने लगा | प्रियम और राजू को आपस में लंड मुठियाते देख ................
रीमा बोली - वेरी गुड बच्चे ऐसे ही एक दूसरे का लंड मुठियाते रहो | चलो अब शुरू हो जाओ, स्पीड बढ़ाओ, शर्म झिझक छोड़ो, जैसे मै अदा से तुम लोगो का लंड चूस आरही थी वैसे ही तुम भी अदा से एक दुसरे का लंड मुथिआओ |
तीनों एक दूसरे का लंड बारी-बारी से मुठयाने लगे रीमा को बड़ा मजा आ रहा था वह बारी-बारी से अलग अलग एंगल से तीनों की शूटिंग कर रही थी तभी रीमा ने राजू को बोला कि बक्से से एक प्लास्टिक का लैंड उठा कर के अपनी गांड में घुसेड़ ले | राजू हैरान था उसे एक के बाद एक झटके रीमा से लग रहे थे अब ये नयी बला | राज एक बार की तो हैरानी से देखता रह गया लेकिन रीमा ने दोबारा से वही दोहराया - राजू बच्चे उस सामने पड़े बक्से से प्लास्टिक का छोटा वाला लंड निकाल और अपनी गांड में अंदर बाहर करना शुरू कर दे ...........................|
राजू के तो जैसे तोते उड़ गए वह तो ऐसा कुछ सोच कर आया भी नहीं था कि ऐसी दुर्गति होने वाली है रीमा के साथ उन तीनो ने उसे चोदने का जो प्लान उन्होंने बनाया था वह अब उन्हें बहुत भारी पड़ने वाला था और इसके लिए दोनों राजू और प्रियम मन ही मन सबसे ज्यादा जग्गू को जिम्मेदार ठहरा रहे था साला जग्गू के चक्कर में आज अपनी ही नजरो में कोई इज्जत नहीं रह जाएगी | एक औरत हमारी इज्जत का ऐसा फलूदा करेगी ये उन लडको ने सपने में भी नहीं सोचा था | राजू तो मन ही मन जग्गू को जमकर गरिया रहा था |
अपनी गांड में नकली प्लास्टिक का लंड ये सोचकर ही राजू की आँखों में आंसू आ गए | क्या क्या दुर्गति होने वाली है उसका तो दिल बैठा जा रहा था | उसकी आंखे नम हो गयी वो रुवांसा सा हो आया |
राजू रोने वाले स्वर में - रीमा चाची प्लीज ये माय कीजिये, हमसे गलती हो गयी आप जो कहेंगी वो सजा भुगतने को तैयार है हम | प्लीज हमें माफ़ कर दीजिये |
रीमा जानती थी राजी तो उन दोनों के चक्कर में फंसा है लेकिन साथ तो उसने भी दिया ही है - बच्चे गेंहू के साथ घुन भी पिसते है | अब दोस्ती की है तो निभानी तो पड़ेगी | चुपचाप जो कहती हूँ करते रहो | मेरी बात मानेगा तो तुम सबकी इज्जत बच जाएगी चारदीवारी के बाहर कोई भी बात नहीं जाएगी | चुपचाप बख्से से रबर वाला लंड निकाल और अपनी गांड की सील तोड़ के अंदर बाहर करना शुरू कर|