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शहनाज अपनी दोनों चूचियों को मसलती हुई बोली- राज जी , आपके धर्म मे औरत की माँग भरकर अपना बनाते है आप भी वीर्य को मेरी माँग में भर दीजिए। आपका वीर्य माँग में भरने में लगता है की मैं आपकी ही हूँ, तब मुझे लगता है की मेरे जिश्म पे आपका भी हक है। तब मैं खुद को पूरी तरह आपको समर्पित कर पाती हूँ। अपने वीर्य को मेरी माँग में भर दीजिए राज जी ,
| और मेरे मुँह में गिराइए। कल जब आप मुझे चोदेंगे तो वीर्य को मेरी चूत में भर दीजिएगा..."
राज का लण्ड वीर्य छोड़ने लगा। शहनाज आँख बंद करके सिर को आगे कर दी और राज वीर्य को शहनाज के माथे पे माँग में गिराने लगा। वीर्य माँग में भरता हुआ माथे पे बहने लगा। शहनाज जो अभी बोली थी वो महसूस करने लगी। वो अपने चेहरे को ऊपर उठाई और मुँह खोल दी। राज वीर्य को उसके मुँह में भरने लगा।
आअह्ह... इसी टेस्ट की तो दीवानी थी शहनाज राज ने वीर्य की आखिरी बूँद भी उसके मुँह में गिरा दिया। शहनाज की आँखें बंद थी राज क्या हल्का महसूस करेगा, जितना हल्का वो महसूस कर रही थी। राज उसकी पिक ले रहा था।
शहनाज की माँग में सफेद कलर का लिक्विड भरा हुआ था, जिसे देखकर कोई भी कह देता की ये वीर्य ही है। वीर्य माँग से बहता हुआ सीधी रेखा में बिंदी को भिगो दिया था, और नीचे आता हुआ आँखों के बगल से होकर गाल पे बह रहा था। राज ने शुरू का वीर्य माथे पे गिराया था, जो बहुत ज्यादा था तो वो बहकर शहनाज के पूरे चेहरा पे फैल गया था। शहनाज की ये पिक सबसे ज्यादा सेक्सी थी राज ने अपने लण्ड के साथ शहनाज के वीर्य से भरे चेहरा का पिंक भी लिया था। 50 साल के वीर्य से भरी हुई नंगी शहनाज ।
राज बाहर आ गया और अपनी लुंगी को पहनकर ऊपर अपने रूम चला गया। शहनाज उसी तरह बैठी बहकर आ रहे वीर्य को चाटती हुई जन्नत का सुख भोगती रही।
राज ऊपर जाकर अपनी दुकान भी जा चुका था।
शहनाज उसी तरह बैठी हुई थी और अपनी उंगली से चेहरे पे लगे वीर्य को चाटती हुई साफ करने लगी थी। उसने आँख के पास साफ कर लिया था और अब वो आँखें खोल चुकी थी। वो उठकर आईने के सामने चली गई की वो अभी कितनी हसीन लग रही है। फुल साइज आईने के सामने खड़ी नंगी शहनाज खुद को देख रही थी।
अपनी माँग में और बिंदी पे लगे वीर्य को देखकर उसे बहुत मजा आया। वो समझने लगी की राज भी उसका पति है और उसके जिश्म पे राज का भी पूरा हक है। वो अपने चेहरे पे लगे वीर्य को उंगली से फैलाकर पूरे चेहरा पे लगा ली, जैसे कोई फेसपैक लगाते हैं।
"आहह.... राज जी आप कितने अच्छे हैं। इतना कुछ होने के बाद भी मुझे चोदे नहीं। लेकिन बिना चोदे भी क्या सुख देते हैं आप। उफफ्फ चूत में जब जीभ सटाए तो लगा की जैसे करेंट मार रहा हो। चूची को और निपल को ऐसे मसले की अभी ही दूध निकाल देंगे। थोड़ा और जोर से चूसते तो शायद आज ही दूध निकाल भी देते।
क्या खुश्बू है आपके वीर्य की। आज ये इसी तरह मेरे चेहरे पे रहेगा। वसीम के आने के बाद भी उसे ये दिखाकर बताऊँगी की आज क्या-क्या हुआ और आप मुझे कैसे चोदेंगे? राज जी आप मुझे चोदिए। जैसे चाहे चोदिए । रोकिए मत खुद को मैं आपको किसी चीज में मना नहीं करूँगी। मैं आपकी रंडी हूँ। पूरी तरह समर्पित रंडी। आप अगर निपल काटकर खून भी निकाल देंगे तब भी मैं आपको नहीं रोकूंगी।
मैं आपका वीर्य अपनी माँग में सिंदूर के साथ भरी हूँ राज जी । आपकी पूरी पत्नी ना सही रंडी या रखैल तो हूँ ही अब मैं क्या हुआ जो आपने मुझे आज नहीं चोदा। कल तो आप चोदिएगा। ओह्ह... जो आदमी जीभ से ऐसे चोद सकता है पता नहीं लण्ड से कैसे चोदेगा ? मुझे तो अब चैन ही नहीं पड़ेगा जब तक आपसे चुदवा ना लूँ...'
| और मेरे मुँह में गिराइए। कल जब आप मुझे चोदेंगे तो वीर्य को मेरी चूत में भर दीजिएगा..."
राज का लण्ड वीर्य छोड़ने लगा। शहनाज आँख बंद करके सिर को आगे कर दी और राज वीर्य को शहनाज के माथे पे माँग में गिराने लगा। वीर्य माँग में भरता हुआ माथे पे बहने लगा। शहनाज जो अभी बोली थी वो महसूस करने लगी। वो अपने चेहरे को ऊपर उठाई और मुँह खोल दी। राज वीर्य को उसके मुँह में भरने लगा।
आअह्ह... इसी टेस्ट की तो दीवानी थी शहनाज राज ने वीर्य की आखिरी बूँद भी उसके मुँह में गिरा दिया। शहनाज की आँखें बंद थी राज क्या हल्का महसूस करेगा, जितना हल्का वो महसूस कर रही थी। राज उसकी पिक ले रहा था।
शहनाज की माँग में सफेद कलर का लिक्विड भरा हुआ था, जिसे देखकर कोई भी कह देता की ये वीर्य ही है। वीर्य माँग से बहता हुआ सीधी रेखा में बिंदी को भिगो दिया था, और नीचे आता हुआ आँखों के बगल से होकर गाल पे बह रहा था। राज ने शुरू का वीर्य माथे पे गिराया था, जो बहुत ज्यादा था तो वो बहकर शहनाज के पूरे चेहरा पे फैल गया था। शहनाज की ये पिक सबसे ज्यादा सेक्सी थी राज ने अपने लण्ड के साथ शहनाज के वीर्य से भरे चेहरा का पिंक भी लिया था। 50 साल के वीर्य से भरी हुई नंगी शहनाज ।
राज बाहर आ गया और अपनी लुंगी को पहनकर ऊपर अपने रूम चला गया। शहनाज उसी तरह बैठी बहकर आ रहे वीर्य को चाटती हुई जन्नत का सुख भोगती रही।
राज ऊपर जाकर अपनी दुकान भी जा चुका था।
शहनाज उसी तरह बैठी हुई थी और अपनी उंगली से चेहरे पे लगे वीर्य को चाटती हुई साफ करने लगी थी। उसने आँख के पास साफ कर लिया था और अब वो आँखें खोल चुकी थी। वो उठकर आईने के सामने चली गई की वो अभी कितनी हसीन लग रही है। फुल साइज आईने के सामने खड़ी नंगी शहनाज खुद को देख रही थी।
अपनी माँग में और बिंदी पे लगे वीर्य को देखकर उसे बहुत मजा आया। वो समझने लगी की राज भी उसका पति है और उसके जिश्म पे राज का भी पूरा हक है। वो अपने चेहरे पे लगे वीर्य को उंगली से फैलाकर पूरे चेहरा पे लगा ली, जैसे कोई फेसपैक लगाते हैं।
"आहह.... राज जी आप कितने अच्छे हैं। इतना कुछ होने के बाद भी मुझे चोदे नहीं। लेकिन बिना चोदे भी क्या सुख देते हैं आप। उफफ्फ चूत में जब जीभ सटाए तो लगा की जैसे करेंट मार रहा हो। चूची को और निपल को ऐसे मसले की अभी ही दूध निकाल देंगे। थोड़ा और जोर से चूसते तो शायद आज ही दूध निकाल भी देते।
क्या खुश्बू है आपके वीर्य की। आज ये इसी तरह मेरे चेहरे पे रहेगा। वसीम के आने के बाद भी उसे ये दिखाकर बताऊँगी की आज क्या-क्या हुआ और आप मुझे कैसे चोदेंगे? राज जी आप मुझे चोदिए। जैसे चाहे चोदिए । रोकिए मत खुद को मैं आपको किसी चीज में मना नहीं करूँगी। मैं आपकी रंडी हूँ। पूरी तरह समर्पित रंडी। आप अगर निपल काटकर खून भी निकाल देंगे तब भी मैं आपको नहीं रोकूंगी।
मैं आपका वीर्य अपनी माँग में सिंदूर के साथ भरी हूँ राज जी । आपकी पूरी पत्नी ना सही रंडी या रखैल तो हूँ ही अब मैं क्या हुआ जो आपने मुझे आज नहीं चोदा। कल तो आप चोदिएगा। ओह्ह... जो आदमी जीभ से ऐसे चोद सकता है पता नहीं लण्ड से कैसे चोदेगा ? मुझे तो अब चैन ही नहीं पड़ेगा जब तक आपसे चुदवा ना लूँ...'