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कड़ी_39 विशाल ने दुबारा प्लान किया
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विशाल वापस ओम के गुमटी में गया। उसने रजिस्टर लेकर फिर से देखना शुरू किया। वो यह देख रहा था की कब से उसके डैड और बड़ा भाई आते है यहाँ। वो इस फ्लैट में एक साल से ज्यादा से थे यहाँ और विशाल यह ढूँढ रहा था रजिस्टर में की किस तारिख को वह पहली बार अदिति से मिलने आए थे।
जब विशाल बेचैन होकर रजिस्टर के पन्ने उलट-पलट रहा था तो ओम को शक हुआ की जरूर अदिति को लेकर कोई गड़बड़ है, किसी मर्द के साथ। उसने विशाल से पूछा- “क्या प्राब्लम है सर?"
विशाल ओम से छुपाना चाहता था। मगर फिर सोचा की ओम उसके काम आ सकता है। विशाल ने सोचा अगर
ओम को अदिति के बारे में कुछ भी पता होगा तो उससे विशाल को और जानकारी मिल सकती है, और तभी विशाल ने देखा की आनंद की कार का नंबर है और दिन के 3:00 बजे बीच हफ्ते में उसकी कार का नम्बर रजिस्टर में लिखा हुआ है।
विशाल को बड़ा झटका लगा और ओम से पूछा- “ओम यह कार वीक में दिन के 3:00 बजे यहाँ आई था? ये कोई गलती तो नहीं है? वो तो मेरे साथ आया था अपनी कार में, पर वो तो शाम के 6:00 बजे था दिन के 3:00 बजे नहीं, याद है तुम्हें उसने कार अंडरग्राउंड पार्किंग में रखा था और दूसरे दिन सुबह को कार लेने आया था? तो तुमने क्यों शाम के 3:00 बजे लिखा है?"
ओम समझ गया की विशाल उस आदमी के बारे में कह रहा है, जिसको वो अदिति के कमरे में सुनने को गया था, और उसने तो अदिति को चादा भी था। अब ओम की समझ में नहीं आ रहा था की क्यिा जवाब दे विशाल को। क्योंकी वो अदिति को बचाकर उसका फायदा उठना चाहता था। ताकी उसको भी अदिति को चोदने का मौका मिले।
ओम ने बस जवाब में यह सवाल किया विशाल से- “सर जी, कौन है यह आदमी? आपके रिश्तेदार या अदिति मेडम की परिवार मेंबर?"
विशाल- “क्यों? उसने तुमको क्या कहा?”
ओम सिर्फ यह जानना चाहता था की क्या आनंद अदिति का परिवार मेंबर होकर उसको चोदने आता था या विशाल का दोस्त था और उसकी वाइफ को चोदता था। ओम के पैंट में हलचल होने लगी अदिति को सोचते हए। मगर वो विशाल को सच्चाई नहीं बताना चाहता था, तो उसने विशाल से कहा- “नहीं साहब उसने नहीं बताया की वो कौन है और शायद उस दिन आपके घर नहीं आया था...”
विशाल ओम को देखते हुए समझ गया की वो अदिति को बचाना चाहता था। तो तुरंत विशाल का शैतानी दिमाग काम पर लग गया। उसने कुछ ऐसा सोचकर प्लान बनाया के वाह। मगर पहले वो रजिस्टर के पन्नों को चेक करता गया पीछे के पेजेस में। विशाल उस दिन से पेजेस को चेक करना शुरू किया जब वो पहले दिन इस अपार्टमेंट में रहने आया था। पहले दो महीने में उसके डैड और राकेश की कार की एंट्री नहीं थी, और दो महीने और दो हफ्ते के बाद रजिस्टर में राकेश की कार का नंबर ओम ने नोट किया था दिन के एक बजे। तब एक हफ्ते बाद अपने डैड की कार का नंबर देखा।
विशाल ने एक कागज पर उन डेट्स और टाइम को नोट किया। तब से तकरीबन हर हफ्ते में एक या कभी दो दिन लगातार उन लोगों के कार का नम्बर रेग्युली नोट हए थे रजिस्टर में। सब दिन के बारह से एक बजे के बीच और वापसी तकरीबन 3:00 बजे की थी हर बार। अब विशाल देखना चाहता था की किसी दिन राकेश और उसके डैड की कार एक ही दिन और एक ही समय पर नोट किया हुआ है? मगर वैसे नहीं मिला किसी भी दिन को रजिस्टर किया हआ। उसने देखा की दोनों आए थे एक ही दिन मगर टाइम अलग-अलगट थे। कई बार डैड की कार एक बजे आई और दो बजे वापस गई, और उसी दिन को राकेश की कार 3:00 बजे आई और 4:30 बजे वापस गई। अदिति ने टाइम को जरूर फोन पर दोनों से मनेज किया होगा।
विशाल ने खुद से कहा- “तो कई दिन ऐसा हुआ की डैड उसको चोद के चले गये तो राकेश उसको चोदने को
आया। और उसी रात को मैंने भी उससे चोदा। वाउ... एक दिन में उसने 3 लण्ड को रिसीव किया, बाप रे..” और साला मैं पागल उसको आनंद से चुदवाने की कोशिश में लगा हुआ हूँ... वो तो खुद आकर उसको चोद रहा है लगता है मुझे। कमाल है यार..."
विशाल ने सब नोट करके ओम से बात किया- “देखो एक बात बताओ, तुम मेरी बीवी में इंट्रेस्टेड हो की नहीं?"
ओम की तो हवा टाइट हो गई, उसको समझ में नहीं आ रहा था की क्या जवाब दे? उसने बस सिर झुकते हुए ना में सिर हिलाया। फिर विशाल ने ओम के कंधे पर अपना हाथ रखते हुए एक-दोस्त की तरह बात किया।
विशाल- “देखो ओम, मैं जानता हूँ की तुम एक नौजवान हो, तुम्हारी शादी नहीं हुई है और मैं समझता हूँ की अदिति बहुत हाट और सेक्सी है और तुम उससे बहुत प्रभावित हो। अब बोलो तुम उसको पाना चाहते हो की नहीं? मैं तमको बताऊँगा के कैसे तुम अदिति को पा सकते हो, और उसके बिस्तर तक आसानी से जा सकते हो और कामयाब भी हो जाओगे..."
ओम ने कांपती आवाज में कहा- “मगर सर जी, वो आपकी ब्यूटिफुल वाइफ है तो मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ?"
विशाल- “अरे यार हम माडर्न लोग हैं, और यह एक आम बात है। इस हाई सोसाइटी में यह सब तुमको अच्छी
तरह से पता है, है ना? तो बताओ मुझे तुम अदिति को चोदना चाहते हो की नहीं?"
ओम ने ऊपर अदिति की छत के तरफ देखा तो विशाल ने भी तुरंत अपनी छत के तरफ देखते हुए कहा- “तुम उसको निहारते हो जब वो वहाँ ऊपर आती है। है ना? मुझे पता है, और वो तुमको रिझाते हुए तुमसे मोबाइल पर बात करती है, यह भी मुझे पता है, यह सब आम बाट है हमारे लिए यार..."
ओम- “आपको तो सब कुछ पता है साहब?"
विशाल- “तो बताओ, तुम वो करोगे जो मैं करने को कहूँगा? अगर उसको पाना चाहते हो तो बोलो?"
ओम- "जैसा आप बोलोगे सर...”
विशाल- “ओके तो पहले मुझे बताओ की तुमको सब पता है की कौन-कौन अदिति से मिलने आते हैं? है की
नहीं?"
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विशाल वापस ओम के गुमटी में गया। उसने रजिस्टर लेकर फिर से देखना शुरू किया। वो यह देख रहा था की कब से उसके डैड और बड़ा भाई आते है यहाँ। वो इस फ्लैट में एक साल से ज्यादा से थे यहाँ और विशाल यह ढूँढ रहा था रजिस्टर में की किस तारिख को वह पहली बार अदिति से मिलने आए थे।
जब विशाल बेचैन होकर रजिस्टर के पन्ने उलट-पलट रहा था तो ओम को शक हुआ की जरूर अदिति को लेकर कोई गड़बड़ है, किसी मर्द के साथ। उसने विशाल से पूछा- “क्या प्राब्लम है सर?"
विशाल ओम से छुपाना चाहता था। मगर फिर सोचा की ओम उसके काम आ सकता है। विशाल ने सोचा अगर
ओम को अदिति के बारे में कुछ भी पता होगा तो उससे विशाल को और जानकारी मिल सकती है, और तभी विशाल ने देखा की आनंद की कार का नंबर है और दिन के 3:00 बजे बीच हफ्ते में उसकी कार का नम्बर रजिस्टर में लिखा हुआ है।
विशाल को बड़ा झटका लगा और ओम से पूछा- “ओम यह कार वीक में दिन के 3:00 बजे यहाँ आई था? ये कोई गलती तो नहीं है? वो तो मेरे साथ आया था अपनी कार में, पर वो तो शाम के 6:00 बजे था दिन के 3:00 बजे नहीं, याद है तुम्हें उसने कार अंडरग्राउंड पार्किंग में रखा था और दूसरे दिन सुबह को कार लेने आया था? तो तुमने क्यों शाम के 3:00 बजे लिखा है?"
ओम समझ गया की विशाल उस आदमी के बारे में कह रहा है, जिसको वो अदिति के कमरे में सुनने को गया था, और उसने तो अदिति को चादा भी था। अब ओम की समझ में नहीं आ रहा था की क्यिा जवाब दे विशाल को। क्योंकी वो अदिति को बचाकर उसका फायदा उठना चाहता था। ताकी उसको भी अदिति को चोदने का मौका मिले।
ओम ने बस जवाब में यह सवाल किया विशाल से- “सर जी, कौन है यह आदमी? आपके रिश्तेदार या अदिति मेडम की परिवार मेंबर?"
विशाल- “क्यों? उसने तुमको क्या कहा?”
ओम सिर्फ यह जानना चाहता था की क्या आनंद अदिति का परिवार मेंबर होकर उसको चोदने आता था या विशाल का दोस्त था और उसकी वाइफ को चोदता था। ओम के पैंट में हलचल होने लगी अदिति को सोचते हए। मगर वो विशाल को सच्चाई नहीं बताना चाहता था, तो उसने विशाल से कहा- “नहीं साहब उसने नहीं बताया की वो कौन है और शायद उस दिन आपके घर नहीं आया था...”
विशाल ओम को देखते हुए समझ गया की वो अदिति को बचाना चाहता था। तो तुरंत विशाल का शैतानी दिमाग काम पर लग गया। उसने कुछ ऐसा सोचकर प्लान बनाया के वाह। मगर पहले वो रजिस्टर के पन्नों को चेक करता गया पीछे के पेजेस में। विशाल उस दिन से पेजेस को चेक करना शुरू किया जब वो पहले दिन इस अपार्टमेंट में रहने आया था। पहले दो महीने में उसके डैड और राकेश की कार की एंट्री नहीं थी, और दो महीने और दो हफ्ते के बाद रजिस्टर में राकेश की कार का नंबर ओम ने नोट किया था दिन के एक बजे। तब एक हफ्ते बाद अपने डैड की कार का नंबर देखा।
विशाल ने एक कागज पर उन डेट्स और टाइम को नोट किया। तब से तकरीबन हर हफ्ते में एक या कभी दो दिन लगातार उन लोगों के कार का नम्बर रेग्युली नोट हए थे रजिस्टर में। सब दिन के बारह से एक बजे के बीच और वापसी तकरीबन 3:00 बजे की थी हर बार। अब विशाल देखना चाहता था की किसी दिन राकेश और उसके डैड की कार एक ही दिन और एक ही समय पर नोट किया हुआ है? मगर वैसे नहीं मिला किसी भी दिन को रजिस्टर किया हआ। उसने देखा की दोनों आए थे एक ही दिन मगर टाइम अलग-अलगट थे। कई बार डैड की कार एक बजे आई और दो बजे वापस गई, और उसी दिन को राकेश की कार 3:00 बजे आई और 4:30 बजे वापस गई। अदिति ने टाइम को जरूर फोन पर दोनों से मनेज किया होगा।
विशाल ने खुद से कहा- “तो कई दिन ऐसा हुआ की डैड उसको चोद के चले गये तो राकेश उसको चोदने को
आया। और उसी रात को मैंने भी उससे चोदा। वाउ... एक दिन में उसने 3 लण्ड को रिसीव किया, बाप रे..” और साला मैं पागल उसको आनंद से चुदवाने की कोशिश में लगा हुआ हूँ... वो तो खुद आकर उसको चोद रहा है लगता है मुझे। कमाल है यार..."
विशाल ने सब नोट करके ओम से बात किया- “देखो एक बात बताओ, तुम मेरी बीवी में इंट्रेस्टेड हो की नहीं?"
ओम की तो हवा टाइट हो गई, उसको समझ में नहीं आ रहा था की क्या जवाब दे? उसने बस सिर झुकते हुए ना में सिर हिलाया। फिर विशाल ने ओम के कंधे पर अपना हाथ रखते हुए एक-दोस्त की तरह बात किया।
विशाल- “देखो ओम, मैं जानता हूँ की तुम एक नौजवान हो, तुम्हारी शादी नहीं हुई है और मैं समझता हूँ की अदिति बहुत हाट और सेक्सी है और तुम उससे बहुत प्रभावित हो। अब बोलो तुम उसको पाना चाहते हो की नहीं? मैं तमको बताऊँगा के कैसे तुम अदिति को पा सकते हो, और उसके बिस्तर तक आसानी से जा सकते हो और कामयाब भी हो जाओगे..."
ओम ने कांपती आवाज में कहा- “मगर सर जी, वो आपकी ब्यूटिफुल वाइफ है तो मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ?"
विशाल- “अरे यार हम माडर्न लोग हैं, और यह एक आम बात है। इस हाई सोसाइटी में यह सब तुमको अच्छी
तरह से पता है, है ना? तो बताओ मुझे तुम अदिति को चोदना चाहते हो की नहीं?"
ओम ने ऊपर अदिति की छत के तरफ देखा तो विशाल ने भी तुरंत अपनी छत के तरफ देखते हुए कहा- “तुम उसको निहारते हो जब वो वहाँ ऊपर आती है। है ना? मुझे पता है, और वो तुमको रिझाते हुए तुमसे मोबाइल पर बात करती है, यह भी मुझे पता है, यह सब आम बाट है हमारे लिए यार..."
ओम- “आपको तो सब कुछ पता है साहब?"
विशाल- “तो बताओ, तुम वो करोगे जो मैं करने को कहूँगा? अगर उसको पाना चाहते हो तो बोलो?"
ओम- "जैसा आप बोलोगे सर...”
विशाल- “ओके तो पहले मुझे बताओ की तुमको सब पता है की कौन-कौन अदिति से मिलने आते हैं? है की
नहीं?"