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पार्टी में अदिति सब लोग आ गए थे, यह तीनों लेट थे। गार्डेन की मद्धिम रोशनी में सिर्फ 4 औरतें दिख रही थी इतने सारे मर्दो के बीच। वहाँ से होते तीनों एक बड़े से लाउंज में दाखिल हुए, जहाँ तकरीबन सभी मर्दो ने हाथ में एक शैम्पेन का ग्लास थामे हुए थे, और कुछ सिगार लिए हुए थे उंगलियों के बीच और कोई-कोई सिगरेट पी रहे थे।
जैसे ही अदिति और विशाल अंदर आए उनके पीछे आनंद, तो सभी मर्दो की नजरें अदिति पर पड़ी। एकाध
औरतें जो थी, वह लोग एक कोने में अपने आप में गप्पें करने में बिजी थी। तो किसी को बीच लाउंज में देखने का मौका ही नहीं था। जब होस्ट इन तीनों को स्वागत कर रहा था तो सभी मर्द लोग सिर्फ अदिति को ऊपर से नीचे तक देख रहे थे। उनमें से कुछ लोग चलकर अदिति के पीछे गये उसकी नंगी पीठ देखने को और सबके सब अपने लण्ड को पैंट में ठीक करने लगे।
विशाल की बारी आया अदिति को अपने कालीग्स से इंट्रोड्यूस करवाने की। अदिति का हाथ थामे उसने एक-एक कंपनी में काम करने वालों से अदिति को इंट्रोड्यूस किया। इंट्रोडक्सन के दौरान आनंद उन मर्दो की नजरों को देखे जा रहा था। उसको पता था सब अदिति को निहार रहे हैं और वासना भरी नजरों से उसको देख रहे हैं।
उनमें से कुछ मर्द अदिति से हाथ मिला रहे थे और कुछ “नमस्ते” जिस वक्त अदिति हाथ मिला कर रही थी। अदिति की तो नंगी बाहें और कांख दिख रही थी और सभी नजरें उसकी कांख पर होती थीं उस वक्त, क्योंकी ब्लाउज़ में स्लीव थी ही नहीं। बिल्कुल ब्रा के जैसी थी लेटेस्ट स्टाइल जो रैंप पर माडेल्स पहनते हैं बिल्कुल वैसी ब्लाउज़ स्टाइल थी उसकी। और कुछ नजरें उसकी क्लीवेज पर होती थीं और बार-बार उसकी पल्लू सरक जाया करती थी। बार-बार अदिति अपनी पल्लू को ऊपर सजा रही थी, और कभी अपने चेहरे से बालों को हटाती जा रही थी। उसकी अदायें तो थी ही कमाल की जैसे सभी मर्दो को खुद रिझा रही थी।
आनंद को लगता था जलन हो रही थी जब बाकी के मर्द अदिति को देख रहे थे तो वो बार-बार अदिति के बीच आ जाता था उससे बात करने, जब दूसरे मर्द लोग उससे बात कर रहे थे।
कंपनी की मैनेजर और डाइरेक्टर आखिरी दो आदमी थे जिससे अदिति का परिचय करवाना रह गया था। और
जब विशाल उन दोनों के करीब गया तो आनंद को पीछे रहना पड़ा, क्योंकी वो बास लोगों के बीच नहीं जा सकता मिसबिहेव करने को। कोई एक मीटर की दूरी से सब देख रहा था।
अपनी खूबसूरत और इन्वाइटिंग मुश्कराहट के साथ अदिति ने हाथ ऊपर किया डाइरेक्टर से मिलाने को तब विशाल ने अदिति से कहा- “और दिस इस दि बास डाइरेक्टर आफ आवर कंपनी...”
डाइरेक्टर तकरीबन 50 साल का आदमी था, मगर बिल्कुल उस उमर की नहीं लग रहा था, बल्की बहुत फ्रेश
और ज्यादा जवान दिख रहे थे डाइरेक्टर साहब। एक फ्रेंच-कट था डाइरेक्टर जी का और अपनी आदत वाली मुश्कुराहट से उसने अदिति से हाथ मिलाते हुए उसकी आँखों में देखा और कहा- “हेलो लव्ली मेम, वेरी प्लीज़्ड तो मीट यू." और उसने अदिति की कलाई को अपने मुँह तक किया और उसके हाथ को चूमा।
उस वक़्त मैनेजर जो पास खड़ा था उसने अदिति की बाहें ऊपर उठाते देखा और उसकी नजर अदिति की कांख पर गई, और बेकरारी से अपनी बारी इंतेजार कर रहा था। क्योंकी तब अदिति को उससे मिलवाने का बारी था।
मैनेजर भी 50 साल का था मगर डाइरेक्टर की तरह नहीं था वो। उसके बाल कुछ भूरे थे और वो 50 साल की उमर का दिखता भी था। उसने अदिति के हाथ को जोर से अपने हाथों में दबाया और कहा- “हेलो मेडम आपसे मिलकर बड़ी खुशी हुई.."
विशाल ने खुशी से मुश्कुराते हुए अपने कंपनी की आइमिनिस्ट्रेटर्स को देखा जो मिस्टर पांडे थे। डाइरेक्टर ने कहा- “विशाल, आपकी पत्नी कहाँ काम करती है? ऐसी खूबसूरत औरत को तो हमारी कंपनी में होना चाहिए था, ठीक है न मैनेजर डियर?”
चेहरे पर लाली के साथ विशाल ने कहा- “नो सर, मेरी पत्नी काम नहीं करती, वो बस एक हाउसपत्नी है...”
तब मैनेजर मिस्टर देशमुख ने कहा- “बिल्कुल एक माडेल जैसी दिखती है तुम्हारी पत्नी, इसको ट्राई करना चाहिए उस फील्ड में...”
तब अदिति को कुछ ठरकीपन नजरों से देखते हुए डाइरेक्टर ने मुश्कुराते हुए कहा- “सही है, मैनेजर ठीक कह रहा था, तुम सच में आजकल के हमारे उन माडेल्स की तरह ही दिखती हो...”
अदिति का चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था और विशाल के चेहरे में देखा। फिर मुड़कर आनंद को शर्माते हए सवालिया नजरों से देखा। तब तक वेटर ट्रे में शैम्पेन लिए आकर आनंद और विशाल को सर्व किया और पूछा अदिति क्या लेगी।
दोनों मैनेजर और डाइरेक्टर ने एक साथ कहा- "इनको भी सबकी तरह एक शैम्पेन की ग्लास दो बेशक..."
अदिति ने फिर से विशाल के तरफ सवालिया नजरों से देखा तो विशाल ने हाँ में सिर हिलाया। अदिति ने एक ग्लास ले लिया और सबने एक साथ ग्लास टकराए जोर से “चियर्स” कहते हुए।
आनंद भरपूर कोशिश कर रहा था अदिति के साथ रहने के लिए, मगर जल्द ही अदिति उन दूसरी औरतों के साथ मिल गई, और कभी कोई और अदिति से बात करने लगता। तो आनंद को दूरी रखनी पड़ रही थी मगर उसने अदिति को एक पल के लिए भी नजरों से दूर नहीं होने दिया। आनंद अदिति का पति ज्यादा लग रहा था विशाल से उस वक्त। विशाल बिल्कुल अदिति की फिकर नहीं कर रहा था बल्की वो तो आनंद पर नजर रख रहा था।
एक बार मैनेजर अदिति के पास आया और कुछ बातें करने लगा। आनंद को गुस्सा आया क्योंकी वो सुन नहीं पा रहा था की वो क्या बात कर रहा था अदिति के साथ। क्योंकी वो दूर था और कंपनी के मैनेजर के पास तो नहीं जा सकता था। उसने अदिति हो हँसते और चहकते हुए देखा मैनेजर के साथ और गुस्से से आनंद लाल पीला होता जा रहा था, क्योंकी उसको ऐसा लग रहा था अदिति की अदाओं से की जैसे मैनेजर उसको सिड्यूस कर रहा था उस वक्त।
तब मैनेजर डाइरेक्टर से बात करने गया अदिति की तरफ इशारा करते हुए और डाइरेक्टर ने मुड़कर अदिति की तरफ देखा तो अदिति उनके साथ मुश्कुरा रही थी।
आनंद ने विशाल की तरफ देखा तो वो एक बड़े से सोफा पर बैठा दोस्तों से बातें कर रहा था पीते हुए। दाँत पीसते हुए आनंद भुनभुनाया- “पता नहीं कैसा पति है यह? लगता है अपनी बीवी को दूसरों को निहारने के लिए यहाँ लाया है इसने."
आनंद ने नोटिस किया की मैनेजर और डाइरेक्टर अदिति को नजरों से दूर नहीं होने दे रहे हैं। दोनों अदिति की हर हरकत पर नजर रख रहे थे, की वो किधर जा रही है, किससे बात कर रही है, किस को देख रही है? और साफ नजर आ रहा था की दोनों अदिति के बारे में हर वक़्त बातें किए जा रहे थे।
आनंद को और अजीब लगा क्योंकी उसने देखा की बार-बार अदिति भी उन दोनों की तरफ ही देख रही थी जैसे वह सब नजरों से बातें कर रहे थे, कम्यूनिकेट कर रहे थे किसी तरह से।
आनंद को गुस्सा आया और अदिति के पास जाकर बैठा और मैनेजर और डाइरेक्टर पर नजर किए हुए, सिर को नीचे झुका कर अदिति से कहा- “लगता है आज हम दोनों को एक बहुत अच्छा मौका मिलेगा, देखो विशाल को वहां नशा हो चुका है, जब तक हम वापस घर पहुंचेंगे वो बिल्कुल नशे में टुन्न हो जाएगा और हमें अच्छा मौका मिलेगा, क्यों जानेमन सही टाइमिंग है ना?"
अदिति मुश्कुराई, अपने पल्लू को कंधे पर सीधा किया, बालों को पीछे किया और, मैनेजर और डाइरेक्टर की तरफ देखकर मुश्कुराई जैसे उसने आनंद की कोई बात ही नहीं सुना।
उससे आनंद को बहुत गुस्सा आया और वो खड़ा हुआ और कहा- “गार्डेन में चलो प्लीज... सुना तुमने मैंने क्या कहा?"
अदिति ने चारों तरफ देखते हुए कहा- “बाहर ठंड बहुत है, यहीं ठीक है डियर..."
आनंद अपना जबड़ा कसके दबाते हुए चलकर वेटर की तरफ गया एक ग्लास ड्रिंक के लिए।
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जैसे ही अदिति और विशाल अंदर आए उनके पीछे आनंद, तो सभी मर्दो की नजरें अदिति पर पड़ी। एकाध
औरतें जो थी, वह लोग एक कोने में अपने आप में गप्पें करने में बिजी थी। तो किसी को बीच लाउंज में देखने का मौका ही नहीं था। जब होस्ट इन तीनों को स्वागत कर रहा था तो सभी मर्द लोग सिर्फ अदिति को ऊपर से नीचे तक देख रहे थे। उनमें से कुछ लोग चलकर अदिति के पीछे गये उसकी नंगी पीठ देखने को और सबके सब अपने लण्ड को पैंट में ठीक करने लगे।
विशाल की बारी आया अदिति को अपने कालीग्स से इंट्रोड्यूस करवाने की। अदिति का हाथ थामे उसने एक-एक कंपनी में काम करने वालों से अदिति को इंट्रोड्यूस किया। इंट्रोडक्सन के दौरान आनंद उन मर्दो की नजरों को देखे जा रहा था। उसको पता था सब अदिति को निहार रहे हैं और वासना भरी नजरों से उसको देख रहे हैं।
उनमें से कुछ मर्द अदिति से हाथ मिला रहे थे और कुछ “नमस्ते” जिस वक्त अदिति हाथ मिला कर रही थी। अदिति की तो नंगी बाहें और कांख दिख रही थी और सभी नजरें उसकी कांख पर होती थीं उस वक्त, क्योंकी ब्लाउज़ में स्लीव थी ही नहीं। बिल्कुल ब्रा के जैसी थी लेटेस्ट स्टाइल जो रैंप पर माडेल्स पहनते हैं बिल्कुल वैसी ब्लाउज़ स्टाइल थी उसकी। और कुछ नजरें उसकी क्लीवेज पर होती थीं और बार-बार उसकी पल्लू सरक जाया करती थी। बार-बार अदिति अपनी पल्लू को ऊपर सजा रही थी, और कभी अपने चेहरे से बालों को हटाती जा रही थी। उसकी अदायें तो थी ही कमाल की जैसे सभी मर्दो को खुद रिझा रही थी।
आनंद को लगता था जलन हो रही थी जब बाकी के मर्द अदिति को देख रहे थे तो वो बार-बार अदिति के बीच आ जाता था उससे बात करने, जब दूसरे मर्द लोग उससे बात कर रहे थे।
कंपनी की मैनेजर और डाइरेक्टर आखिरी दो आदमी थे जिससे अदिति का परिचय करवाना रह गया था। और
जब विशाल उन दोनों के करीब गया तो आनंद को पीछे रहना पड़ा, क्योंकी वो बास लोगों के बीच नहीं जा सकता मिसबिहेव करने को। कोई एक मीटर की दूरी से सब देख रहा था।
अपनी खूबसूरत और इन्वाइटिंग मुश्कराहट के साथ अदिति ने हाथ ऊपर किया डाइरेक्टर से मिलाने को तब विशाल ने अदिति से कहा- “और दिस इस दि बास डाइरेक्टर आफ आवर कंपनी...”
डाइरेक्टर तकरीबन 50 साल का आदमी था, मगर बिल्कुल उस उमर की नहीं लग रहा था, बल्की बहुत फ्रेश
और ज्यादा जवान दिख रहे थे डाइरेक्टर साहब। एक फ्रेंच-कट था डाइरेक्टर जी का और अपनी आदत वाली मुश्कुराहट से उसने अदिति से हाथ मिलाते हुए उसकी आँखों में देखा और कहा- “हेलो लव्ली मेम, वेरी प्लीज़्ड तो मीट यू." और उसने अदिति की कलाई को अपने मुँह तक किया और उसके हाथ को चूमा।
उस वक़्त मैनेजर जो पास खड़ा था उसने अदिति की बाहें ऊपर उठाते देखा और उसकी नजर अदिति की कांख पर गई, और बेकरारी से अपनी बारी इंतेजार कर रहा था। क्योंकी तब अदिति को उससे मिलवाने का बारी था।
मैनेजर भी 50 साल का था मगर डाइरेक्टर की तरह नहीं था वो। उसके बाल कुछ भूरे थे और वो 50 साल की उमर का दिखता भी था। उसने अदिति के हाथ को जोर से अपने हाथों में दबाया और कहा- “हेलो मेडम आपसे मिलकर बड़ी खुशी हुई.."
विशाल ने खुशी से मुश्कुराते हुए अपने कंपनी की आइमिनिस्ट्रेटर्स को देखा जो मिस्टर पांडे थे। डाइरेक्टर ने कहा- “विशाल, आपकी पत्नी कहाँ काम करती है? ऐसी खूबसूरत औरत को तो हमारी कंपनी में होना चाहिए था, ठीक है न मैनेजर डियर?”
चेहरे पर लाली के साथ विशाल ने कहा- “नो सर, मेरी पत्नी काम नहीं करती, वो बस एक हाउसपत्नी है...”
तब मैनेजर मिस्टर देशमुख ने कहा- “बिल्कुल एक माडेल जैसी दिखती है तुम्हारी पत्नी, इसको ट्राई करना चाहिए उस फील्ड में...”
तब अदिति को कुछ ठरकीपन नजरों से देखते हुए डाइरेक्टर ने मुश्कुराते हुए कहा- “सही है, मैनेजर ठीक कह रहा था, तुम सच में आजकल के हमारे उन माडेल्स की तरह ही दिखती हो...”
अदिति का चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था और विशाल के चेहरे में देखा। फिर मुड़कर आनंद को शर्माते हए सवालिया नजरों से देखा। तब तक वेटर ट्रे में शैम्पेन लिए आकर आनंद और विशाल को सर्व किया और पूछा अदिति क्या लेगी।
दोनों मैनेजर और डाइरेक्टर ने एक साथ कहा- "इनको भी सबकी तरह एक शैम्पेन की ग्लास दो बेशक..."
अदिति ने फिर से विशाल के तरफ सवालिया नजरों से देखा तो विशाल ने हाँ में सिर हिलाया। अदिति ने एक ग्लास ले लिया और सबने एक साथ ग्लास टकराए जोर से “चियर्स” कहते हुए।
आनंद भरपूर कोशिश कर रहा था अदिति के साथ रहने के लिए, मगर जल्द ही अदिति उन दूसरी औरतों के साथ मिल गई, और कभी कोई और अदिति से बात करने लगता। तो आनंद को दूरी रखनी पड़ रही थी मगर उसने अदिति को एक पल के लिए भी नजरों से दूर नहीं होने दिया। आनंद अदिति का पति ज्यादा लग रहा था विशाल से उस वक्त। विशाल बिल्कुल अदिति की फिकर नहीं कर रहा था बल्की वो तो आनंद पर नजर रख रहा था।
एक बार मैनेजर अदिति के पास आया और कुछ बातें करने लगा। आनंद को गुस्सा आया क्योंकी वो सुन नहीं पा रहा था की वो क्या बात कर रहा था अदिति के साथ। क्योंकी वो दूर था और कंपनी के मैनेजर के पास तो नहीं जा सकता था। उसने अदिति हो हँसते और चहकते हुए देखा मैनेजर के साथ और गुस्से से आनंद लाल पीला होता जा रहा था, क्योंकी उसको ऐसा लग रहा था अदिति की अदाओं से की जैसे मैनेजर उसको सिड्यूस कर रहा था उस वक्त।
तब मैनेजर डाइरेक्टर से बात करने गया अदिति की तरफ इशारा करते हुए और डाइरेक्टर ने मुड़कर अदिति की तरफ देखा तो अदिति उनके साथ मुश्कुरा रही थी।
आनंद ने विशाल की तरफ देखा तो वो एक बड़े से सोफा पर बैठा दोस्तों से बातें कर रहा था पीते हुए। दाँत पीसते हुए आनंद भुनभुनाया- “पता नहीं कैसा पति है यह? लगता है अपनी बीवी को दूसरों को निहारने के लिए यहाँ लाया है इसने."
आनंद ने नोटिस किया की मैनेजर और डाइरेक्टर अदिति को नजरों से दूर नहीं होने दे रहे हैं। दोनों अदिति की हर हरकत पर नजर रख रहे थे, की वो किधर जा रही है, किससे बात कर रही है, किस को देख रही है? और साफ नजर आ रहा था की दोनों अदिति के बारे में हर वक़्त बातें किए जा रहे थे।
आनंद को और अजीब लगा क्योंकी उसने देखा की बार-बार अदिति भी उन दोनों की तरफ ही देख रही थी जैसे वह सब नजरों से बातें कर रहे थे, कम्यूनिकेट कर रहे थे किसी तरह से।
आनंद को गुस्सा आया और अदिति के पास जाकर बैठा और मैनेजर और डाइरेक्टर पर नजर किए हुए, सिर को नीचे झुका कर अदिति से कहा- “लगता है आज हम दोनों को एक बहुत अच्छा मौका मिलेगा, देखो विशाल को वहां नशा हो चुका है, जब तक हम वापस घर पहुंचेंगे वो बिल्कुल नशे में टुन्न हो जाएगा और हमें अच्छा मौका मिलेगा, क्यों जानेमन सही टाइमिंग है ना?"
अदिति मुश्कुराई, अपने पल्लू को कंधे पर सीधा किया, बालों को पीछे किया और, मैनेजर और डाइरेक्टर की तरफ देखकर मुश्कुराई जैसे उसने आनंद की कोई बात ही नहीं सुना।
उससे आनंद को बहुत गुस्सा आया और वो खड़ा हुआ और कहा- “गार्डेन में चलो प्लीज... सुना तुमने मैंने क्या कहा?"
अदिति ने चारों तरफ देखते हुए कहा- “बाहर ठंड बहुत है, यहीं ठीक है डियर..."
आनंद अपना जबड़ा कसके दबाते हुए चलकर वेटर की तरफ गया एक ग्लास ड्रिंक के लिए।
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