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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

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लड़की :- अरे अंदर एक आदमी मेरा बलात्कार करने की कॉसिश कर रहा है....

जेठालाल :- क्याआआ.....

तभी पीछे से अईयर बाहर निकलता है...

और वो भी जेठालाल को देख के चौंक जाता है....

जेठालाल :- अईयर भाई..आप इस रूम से कैसे.....

लड़की :- आप इन्हे जानते हैं...

जेठालाल :- अरे ये हमारे साथ ही तो है....

लड़की :- यही है..जिसने मेरे साथ....

जेठालाल :- क्याआआ.....अईयर भाई आप...

अईयर :- जेठालाल मेरी बात तो सुनो...में..

जेठालाल :- क्या बात सुनू...आज आपने बबीता जी की सारी इज़्ज़त का फालूदा कर दिया...

लड़की :- इस आदमी को तो आज में सज़ा दिलवा के रहूंगी....

जेठालाल :- हाँ बिल्कुल दिलवाना आप......

तभी पीछे से तारक और अंजलि बाहर निकलते हैं...और जेठालाल को सामने खड़ा

देखते हैं..

तारक :- जेठालाल...ओ जेठालाल....भाई ये आवाज़ें कैसी.....

जेठालाल पीछे मुड़ता है....

जेठालाल :- मेहता साब..इधर आइए...बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई...

और सबको बाहर निकालिए.....

तारक :- लेकिन हुआ क्या..

जेठालाल :- जितना बोला उतना करो ना भाई..

अंजलि :- तारक आप करो ना जेठा भाई बोल रहे हैं....

तारक :- हाँ हाँ बुलाता हूँ..

और फिर तारक और अंजलि....सोढी भिड़े माधवी...रोशन. और सभी को बुलाते हैं..

और जेठालाल सबसे पहले अपने कमरे में जाके दया को बुला के लाता है..

दया :- टप्पू के पापा क्या बात है..इतनी जल्दी में क्यूँ है...

बोलते बोलते बाहर आती है.....

जेठालाल :- तू चल ना भाई....

जेठालाल जैसे ही बाहर आता है...बाहर भीड़ लग गई थी..

यानी सब आ चुके थे...

और आपस में बात कर रहे थे.....

वो लड़की उधर खड़ी थी..कुछ बोल नही रही थी..

और अईयर भी..ऐसे ही खड़ा था..उसकी तो गान्ड फट गई थी..इसलिए हिल भी नही रहा था.

जहाँ खड़ा था..वहीं खड़ा रहा....

 
तारक :- जेठालाल क्या बात है..ये सब शोर कैसा...

और ये यहाँ...और अईयर भाई..भी ऐसे चुप खड़े हैं..

क्या बात है..

जेठालाल :- मेहता साब...वो सब तो ये ही बताएगी.....

सब उस लड़की की तरफ देखने लगते हैं...

फिर वो लड़की बोलने लगतती है.....................................................................

और अपनी सारी कथा सुना देती है....

सबकी आँखें फटी पड़ी थी..

सारी लॅडीस के हाथ अपने मुँह पर जा चुके त....

तारक :- अईयर भाई..आप ये सब भी कर सकते हैं..मेने तो सोचा नही था..

भिड़े :- अईयर एक साइंटिस्ट होके तुम छी....

माधवी :- आगो बाई....ये क्या सुन रही हूँ ..

सोढी :- अईयर प्रा...तू इतनी घटिया हरकत करेगा..मुझे नही पता था...

सभी अईयर को कोसने लगते हैं........

अईयर :- अर्रीए आप लोग मेरी बात तो सुनिए......

जेठालाल :- क्या सुनिए....जो सुनना था वो तो सुन चुके...

अईयर :- जेठालाल तुम शांत रहो.....

मेहता साब...मुझे अपनी बात तो बोलने दीजिए...

तारक :- आप सब शांत रहिए.....बोलने तो दीजिए अईयर भाई को..

हाँ भाई...बोलिए..

अईयर :- ये लड़की झूठ बोल रही है...इसमे मेरी ग़लती नही है..

ये मेरे कमरे में ज़बरदस्ती घुसी हुई थी....

आप सब खुद देख लीजिए..

ये मेरे रूम नंबर. 69 में घुसी हुई है...

आप सब खुद देख लीजिए......

 
सब लोग अईयर की तरफ घूर के ऐसे देख रहे थे...जैसे उसे कच्चा चबा जाएँगे...

अईयर को कुछ सा लग रहा था..कि सब उसे ऐसे क्यूँ देख रहे हैं...

और वो अपनी नज़र रूम नंबर. पे डालता है...

और जैसे हे उसकी नज़र रूम के नंबर पे पड़ती है......

उसकी हालत ऐसी हो जाती है...जैसे किसी ने उसके लंड को आग में कबाब की

तरह पका दिया हो.........

लड़की :- देखा आप सब ने....पहले तो ये खुद मेरे कमरे में

घुस गये...और उपर से मेरे उपर इल्ज़ाम लगा रहे हैं......

ये शोर कैसा..........तभी एक आवाज़ आती है....

और सभी की नज़र उस आवाज़ की तरफ बढ़ती है....

जेठालाल :- बबीता जी आप....

और फिर जेठालाल बबीता के पास पहुच जाता है....

जेठालाल :- बबीता जी...आप यहाँ से चले जाइए..

आप नही सुन पाएँगी....यहाँ जो कुछ भी हो रहा है....

बबीता :- लेकिन जेठा जी ......

और फिर वो अईयर की तरफ देखती है..

बबीता :- अईयर तुम्हे कमरे में नही आना....में नहा धो के कब की तैयार हो चुकी हूँ..

अईयर कुछ नही बोलता...

जेठालाल :- बबीता जी..में आप से बोल रहा हूँ ना....आप नही सुन पाएँगी....

बबीता :- लेकिन जेठा जी क्या हुआ है......

जेठालाल :- अईयर भाई ने..न

बबीता :- अईयर ने क्या जेठा जी...

क्या किया इस बार...बताइए....

में बताती हूँ आपको........

बबीता की नज़र जब बोलने वाली पे पड़ती है तो वो उसके पास जाके पूछती है..

बबीता :- तुम हे बताओ रीता क्या बात है.....

रीता :- इन्होने.....जो किया है क्या आप सुन लेंगी..

बबीता :- तुम बोलो ना रीता..क्या बात है....

रीता फिर पूरी कहानी सुना देती हाईईइ.........................

बबीता के होश उड़ जाते हैं....उसने हाथ अपने मुँह पर चले जाते है....

उससे विश्वास नही हो रहा था जो उसने सुना था.......

बबीता :- अईयर...बस हल्की सी आवाज़ में यही बोल पाती है...

और उसकी तरफ बढ़ती है.......

चटककककककककककककककककककककककककककक.......

इतना ज़ोर दार थप्पड़ पड़ता है...

पूरे कॉरिडोर में आवाज़ गूँज उठती है....

कि अईयर का तो चश्मा दूर जाके गिरता है...

 
चटककककककककककककककककककककककककककक.......

इतना ज़ोर दार थप्पड़ पड़ता है...

पूरे कॉरिडोर में आवाज़ गूँज उठती है....

कि अईयर का तो चश्मा दूर जाके गिरता है...

सभी आवाज़ सुन के चौंक जाते हैं...

बबीता :- अईयर..छी...तुम ये सब भी कर सकते हो...

तुम जैसे घटिया आदमी से मैने शादी ही क्यूँ की..

अईयर :- बबीता मेरी बात.त

बबीता :- मत लो मेरा नाम अपने गंदे मुँह से....

अईयर :- लेकिन मेरी बात तो सुनिए एक बार....

बबीता :- मुझे कुछ नही सुनना....

तभी वहाँ से मोहन लाल आता हुआ दिखाई देता है.....

जेठालाल :- मोहन लाल भाई...आप यहाँ कैसे....

मोहन लाल :- मुझे मेहता साब...का फोन आया .. उन्होने सब कुछ बता दिया..

रीता..तुम यहाँ इस कमरे में इस वक़्त....

तो रिसेप्षन पे कौन है.....

रीता :- सर में यहाँ फ्रेश होने आई थी..

इसलिए मेने वहाँ..रूपा को बिठा दिया था.....

और ये आदमी मेरे कमरे में आ गया..मेरा रेप करने...

सर प्लीज़..इसे कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाइए..

अईयर मोहन लाल के पास जाता हुआ...

अईयर :- मोहन भाई..और आप सब मेरी बात का विश्वास कीजिए...

में जब यहाँ आया..तो उसका नो.. 69 ही था...अब पता नही 99 कैसे हो गया....

और एक और बात.

जब में बाथरूम में एंटर हुआ...

और इसको टच किया...तो ये क्यूँ नही चिल्लाई...

पूछिए इससे.....

सब्भी लोग अईयर की बात को सुन के थोड़ा चौंक जाते है....

उधर रीता भी सकपका जाती है.....और एक और जना सकपका जाता है....

रीता :- तो में चिल्लाई तो..

अईयर :- अरे क्या चिल्लाई...

बबीता मुझे लगा..कि तुम नहा रही हो...

और तुम नाराज़ थी..तो मेने सोचा की तुम्हे मना लूँ...

इसलिए में तुम्हे थोड़ा प्यार करने के लिए आया...

और मेने जब...तुम्हे.....मेरा मतलब है..इसे प्यार करना शुरू किया..

तो ये बड़े मज़े से कर रही थी...

मगर जैसे ही इसने मेरी आवाज़ सुनी....ये चिल्ला पड़ी...

और ये सब नाटक करने लगी.....

अब बाज़ी थोड़ी बहुत अईयर के पक्ष में आ रही थी...

और रीता..की हालत खराब हो रही थी.....

तारक :- 1 मिनट अईयर...अगर तुम ये सब सच बोल रहे हो..

तो फिर तुम रीता...तुम पहले क्यों नही चिल्लाई...

अईयर :- वही तो मेहता साब.....

ये किसी का इंतजार कर रही थी...

लेकिन उसकी जगह में आ गया....

 
अब सारा खेल पलट गया...

अब रीता की गान्ड फट गई थी....

वो ये सब तो भूल ही गई थी..कि उसने भी थोड़ी देर के लिए मज़े लिए थे...

बबीता :- रीता तुम बोलो.....अब...क्या अईयर सही बोल रहा है....

रीता :- जी..जी...मेडम....

इधर एक और जने की...फट रही थी.....जैसे कि मैने बताया था पहले..

वो कोई और नही मोहन लाल ही है.......

भिड़े :- तो रीता मेडम आप किसका वेट कर रही थी...

सभी यही पूछते हैं उससे...

लेकिन रीता उससे कोई जवाब नही दे पाती..

तभी..

मोहन लाल :- रीता....तुम मेरे होटेल में ये सब करती हो...

तुम चलो नीचे..में तुम्हे बताता हूँ....

जब मोहन लाल ने ये सब बोला..तो बाकी का कोई और कुछ नही बोल पाया...

और रीता उसकी बात सुन के जाने लगती है..

मोहन लाल :- आप सब यहीं रुकिये..में आता हूँ...इसको ठीक करके...

अईयर की जान में जान आती है...

अईयर :- देखा बबीता में ग़लत तो नही था ना..

बबीता :- माइ फुट....तुम क्या समझते हो..मेने तुम्हे माफ़ कर दिया...

तुमने एक दूसरी लड़की के साथ कुछ किया तो है ना...

तुम मेरी नज़रो से दूर हो जाई...

और बबीता अंदर चली जाती है अपने कमरे में...

भिड़े :- हाहहः..अईयर ..तुम्हे बहुत टाइम लगेगा..

सोढी :- अईयर प्रा लगी रहो...

रोशन :- तू चल ना रोशन तैयार होना है...

सभी अपने कमरे की तरफ चल देते हैं...

आईयर भी बबीता के पास कमरे में जाने लगता है..उसे मनाने..

सिवाए एक आदमी की...जो की वहीं खड़े खड़े..काफ़ी खुश था...

और अपने दाँत फाड़ रहा था...

जी हाँ ..... वो कोई और नही....सब जानते है.....जेठालाल..

जेठालाल अपने मन में......अईयर भाई...सही सबक सिखाया ना आपको...

अब देखना बच्चू.......बबीता जी को कैसे तुझसे दूर करता हूँ...

ये सब सोच ही रहा था...कि तभी..पीछे से किसी ने उसके कंधे पे पीछे

से हाथ रखा.....उस टाइम जेठालाल की हालत खराब हो गई......

जेठालाल डरता हुआ पीछे मुड़ा....

और फिर...उसकी सांस में सांस आई.......

जेठालाल :- मेहता साब...अपने तो डरा ही दिया....

तारक :- क्यूँ...जेठालाल तुम क्यूँ डर गये..

जेठालाल :- कुछ नही..कुछ..

हकलाते हुए....

तारक :- जेठालाल तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो...और तुम मुझसे झूठ नही बोल

सकते....

जेठालाल :- नही कुछ नही....मेहता साब..

तारक :- जेठालाल कुछ तो गड़बड़ है..

 
जेठालाल अपने मन में..लगता है...आब तो पिटारा फोड़ना ही पड़ेगा....

जेठालाल :- ये जो अईयर भाई..

तारक :- सब तुमने किया है..

जेठालाल :- मेहता साब..ज़रा धीरे बोलिए..मरवाओगे आप..

तारक :- लेकिन जेठालाल ये कुछ ज़्यादा हो गया...अभी अगर कुछ ज़्यादा बड़ा लफडा हो

जाता तो...

जेठालाल :- मेहता साब....आप ग़लत समझ रहे हैं...वो हुआ यूँ था...

उस दिन ट्रेन वाले किस्से के बाद गुस्स तो मुझे बहुत आ रहा था..

मेने सोच लिया था..कि अईयरदी..की बॅंड बजानी है..

तो मेने...उस दिन...जब अईयर भाई..

देखिए एक बार फिर थोड़ा फ्लॅशबॅक पे जाना पड़ेगा...

जिसको नही जाना...वो कुछ लाइन छोड़ के नीचे पढ़ लीजिए...

लेकिन में तो जाउन्गा फ्लश बॅक में...

बिना उसके..जेठालाल ने क्या किया कैसे पता चलेगा...

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फ्लशबॅक....

अईयर नीचे स्वीमिंग पूल में कॉस्ट्यूम चेंज कर रहा था..

और जेठालाल उपर कमरे के बाहर खड़ा था...

वो सोच रहा था कैसे अईयरदी..को सबक सिखाया जाए....

फिर अचानक उसकी नज़र....रूम नंबर..पर पड़ी....

और उसके दिमाग़ की घंटी बजी.....

दरअसल रूम नंबर...जो गेट पे थे...उसके नंबर..मॅगनेट से चिपके हुए थे....

तो उसे आसानी से इधर उधर किया जा सकता था....

तभी जेठालाल ने वहाँ से 9 और 6 में चेंज कर दिया....

और जब उसने देखा कि अईयर आ रहा है...वो फ़ौरन से अपने कमरे में छुप गया..

और जब अईयर आया..तो उसकी नज़र वहीं कोने वाले कमरे पे पड़ी जिसका

नंबर...69 था और वो वहाँ घुस गया..

जैसे अईयर घुसा...जेठालाल बाहर निकला...और फिर उसने वो नंबर चेज कर दिए....

हाहहहहहः...तारक हंस पड़ता है..

तारक :- जेठालाल...तुमने सही बदला लिया आईयर के साथ..

लेकिन फिर भी यार...अगर कुछ हो जाता तो...

जेठालाल :- तो अईयर दी..की इडली बन जाती हाहहहहहः...

एक बार फिर तारक हंस पड़ता है..

तारक :- चलो भाई...तैयार हो जाते हैं..फिर चलना भी तो है...

जेठालाल :- ओके..मेहता साब..

और फिर दोनो अपने अपने कमरे में चले जाते हैं.....

 
उधर मोहन लाल...रीता से बात करते हुए...

मोहन लाल :- रीता आज तो तुमने मरवा ही दिया था..

रीता :- सर मुझे क्या पता था..कि आपकी जगह कोई और आ जाएगा...

मोहन लाल :- तो ऐसे शोर मचाने की क्या ज़रूरत थी...

जब तुमने अईयर भाई के साथ मज़े ले लिए थे..

रीता :- बट सर..मुझे क्या पता था . कि आप नही है कोई और है....

मुझे लगा आप है..

आपने ही तो बोला था...कमरे में आने को....

मोहन लाल :- हाँ .. लेकिन वो रिया ने मुझे नही छोड़ा...

उसने मेरा लंड चूसना था..

इसलिए उपर आने में देर हो गयी....

रीता :- सॉरी सर...मुझे आपने आज बचा लिया..

मोहन लाल :- चलो कोई नही..नेक्स्ट टाइम ध्यान रखना..

पहले कन्फर्म कर लेना..कि किसका लंड ले रही है अपनी चूत में...

अब चल आजा....मेरा लंड बेताब हो रहा है तेरी चूत में घुसने के लिए....

और फिर मोहन लाल रीता को लेके..कमरे के अंदर ले जाता है.....

लो जी...प्राब्लम सॉल्व हो गई...

इतनी आसानी से...

अईयर ने इतना बड़ा काम किया..फिर भी बच गया..

मोहन लाल को थॅंक्स बोल सकते हैं...

कुछ रीता की भी ग़लती थी...उसे ऐसे चिल्लाना नही चाहिए था..

जबकि उसने भी मज़े लिए थे.....

खैर अब देखते हैं..बबीता अईयर से कब तक बात नही करती..

और देखते हैं..ये सब कहाँ जाते हैं..फ्रेश होने के बाद.....

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