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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

जेठालाल मन में.....अईयर...तुझे तो में बताता हूँ...देखता जा अब...

रीमा :- मोहन सर..में इनको ले जाउ...कॉस्ट्यूम्स निकलवाने के लिए..

मोहन लाल :- हाँ हाँ बिल्कुल...बट नो मस्ती हाहहहाहा....

सभी मोहन लाल मस्ती वाली बात सुन कर हैरान थे....

और रीमा खड़े खड़े शरमा रही थी....

कौन है वो जिसकी तरफ रीमा ने इशारा किया.....

क्या वो आदमी खुशनसीब है या बदनसीब.....

वो हमे अगले अपडेट में पता चलेगा......

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रीमा एक आदमी की तरफ उंगली करती है....अपने साथ चलने के लिए...स्वीमिंग

कॉस्ट्यूम लेने के लिए...

और वो आदमी चल देता है रीमा की पीछे...

उसकी मटकती गान्ड...उपर नीचे हो रही थी...साली चल भी तो ऐसे रही थी....

उसकी नज़र सिर्फ़ रीमा की गान्ड पर ही थी......

छोटी सी गान्ड...जो कि पैंटी में पूरी तरह से धकि भी नही हुई थी......

और नीचे तंबू बना हुआ था....शॉर्ट्स में जेठालाल काअ...

जी हाँ...रीमा ने जो चुना वो हमारे जेठा भाई ही हैं...हहहे...

जेठालाल की नज़र सामने नही...नीचे रीमा की गान्ड पर अटकी पड़ी थी...

वैसे तो है बड़े पत्नी वृता...लेकिन ऐसे गान्ड देख कर...किसी की भी..

नियत खराब हो सकती है.....

नज़र गान्ड पे.....और एक धदमम्म्मममम सी आवाज़ आती है....

अहह......रीमा के मुँह से निकल जाती है......

अब भाई ये तो होना ही था....

वो कहते हैं ना....नज़र हटी और दुर्घटना घटी.....

वही हुआ जी यहाँ पर भी......

जी अब जब जेठालाल की नज़र सामने की जगह गान्ड पर थी.....तो ये तो होने

की पूरी संभावना थी..

वो हुआ यूँ..कि जेठालाल गान्ड को ही देख रहा था.....और रीमा अपनी जगह पहुच

गई थी...लेकिन जेठालाल ने ये देखा नही कि रीमा रुक चुकी है.....

और सीधे जाके घुस गया रीमा के अंदर.....जिसके कारण रीमा का पैर स्लिप

हो गया...जिससे वो आगे की तरफ गिर गयी....

अब जब रीमा गिरी तो जेठालाल का तो अपने पर कोई बस था ही नही...

तो वो भी सीधा जाके रीमा के उपर...

रीमा ज़मीन पर उल्टी लेटी पड़ी थी...और उसके उपर जेठालाल.....

 
अहहांन..आप सब सोच रहे होंगे..कि वो रीमा के मुँह से आहह..की आवाज़

इसलिए निकली कि वो नीचे गिर गयी..ना ना ना नाना....तो आप सब ग़लत

सोच रहे हैं.....

हुआ यूँ.....जेठालाल का लंड तो वैसे ही आसमान छू रहा था....तो जब वो

रीमा के उपर गिरा...तो उसका लंड रीमा की कोमल गान्ड में जाके

चुभ गया....जिसके कारण उसके मूँह से अह्ह्ह्ह निकल गई....

रीमा जेठालाल के नीचे दबी पड़ी थी......

जेठालाल के हाथ रीमा की नंगी पीठ पे पड़े थे.....

जेठालाल की हालत तो और भी ज़्यादा खराब हो गई थी....अब उसका लंड अंदर शॉर्ट्स

में से हिचकोले खा रहा था....

रीमा हिचकोले लंड को सॉफ महसूस कर पा रही थी....उसे ऐसा लग रहा था जैसे..

उसकी गान्ड पे कोई कीड़ा रेंग रहा हो....

जेठालाल का लंड फुदक रहा था..कभी इधर कभी उधर...

और रीमा उसे पूरी तरह महसूस कर रही थी....अपनी गान्ड पे इधर उधर भटकते हुई...

कुछ देर तक दोनो ऐसे ही पड़ी रही ... ना तो जेठालाल कुछ बोला ना रीमा....

और बोलेंगे भी क्यूँ...मज़े तो दोनो को ही आ रहे थे.....

आख़िर कर रीमा बोल ही पड़ी..

रीमा :- सर प्लीज़....क्या आप अब उठेंगे...

जेठालाल होश में आता हुआ..और घबराता हुआ रीमा की उपर से उठ जाता है.....

जेठालाल :- सोर..री.. री.मा जी...

रीमा भी खड़ी होती है.........

और जैसे ही वो खड़ी होकर जेठालाल की तरफ मुड़ती है......

बसस्स भाई फिर जो हुआ...उससे तो जेठालाल की सिट्टी पिटी गुल हो गई......

और अगर जेठालाल के नीचे उनके शॉर्ट्स पे नज़र डाले...तो देखने वाली बात थी..

जेठालाल का लंड सॉफ दिखाई दे रहा था...जो उँचाइयों को छूने की कोशिस कर रहा

था....ऐसा लग रहा था जैसे..अपने साइज़ से भी ज़्यादा बड़ा हो गया हो......

वो हुआ यूँ.....जब रीमा मूडी तो उसकी बिकनी की ब्रा....खुल के नीचे गिर गई....और जिससे

उसके नंगे गोल गोल सुडोल बड़े ही सेक्सी हॉट...चुचे...जेठालाल की आँखों के

सामने आ गयी....

लेकिन कुछ ही सेकेंड के लिए...वो तो फ़ौरन रीमा ने अपने हाथों से उसे ढक लिया....

 
अब ब्रा खुली कैसे....अब पहनी भी थी एक पतली डोरी वाली ब्रा...तो उसे खोलने में कोई

ज़्यादा मुश्किल तो होनी नही थी...वो जब जेठालाल उस पर गिरा..और उपर उठा तो

ब्रा की डोरी ढीली होके खुल गई होगी....

रीमा अपने चुचों को हाथ से ढके अपनी गर्दन को नीचे कर के खड़ी थी..

जेठालाल तो बस उसी को देख रहा था....उसके लंड का बुरा हाल था....उसे

समझ नही आ रहा था क्या करे....कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था उसे...

इसलिए वो धीरे धीरे आगे बढ़ा....रीमा के करीब पहुचने के लिए...

उधर रीमा की साँसें तेज़ हो रही थी..जेठालाल के कदमो को अपनी तरफ आता

देख.....

जेठालाल बेहद करीब आ गया था...रीमा ने अपनी आँखें बंद कर ली थी...उसे

तो कोई प्राब्लम नही थी..जेठालाल के साथ संभोग करने की..

जेठालाल आगे बड़ा....और...नीचे झुक गया....

रीमा सोच रही थी..कि जेठालाल नीचे से शुरू करेगा.....ये सोच के उसकी चूत गीली

हो रही थी......और फिर उसने अपने हाथ भी धीरे धीरे अपने चुचों से हटाने चालू

कर दिए...और अपनी गर्दन उपर करके सीधी खड़ी हो गई....

और ये सोचने लगी..कि जेठालाल क्या करेगा....

तभी एक आवाज़ उसके कान में पड़ी..

जेठालाल :- रेम्म.आ मा..दम... ये आपकी ब..र्र...आ..........

बारहाल रीमा ने हाथ हटा दिए थे...तो चुचे उसकी आँखों के सामने थे...

लेकिन जब रीमा ने जेठालाल की ये बात सुनी....उसने आखें खोली....

उसकी आँखों में गुस्से की ल़हेर दौड़ रही थी...

उसने जेठालाल के हाथ से फ़ौरन वो ब्रा खिच ली....और पलट गई...ब्रा पहन ने के लिए..

जेठालाल अपने मन में...

जेठालाल :- हे भगवान..ये मेने क्या किया...इतना अच्छा मौका गवा दिया...

लड़की सामने से बुला रही थी..छी...लानत है मुझ पर.....

लेकिन सही भी है...अगर यहाँ कोई देख लेता...तो मेरा तो फालूदा हो जाता...

दया को क्या ज्वाब देता..और बाकी सब को भी...

नही नही.....सही किया मेने...

लेकिन इसका क्या करूँ....

अपने लंड की तरफ देखता हुआ बोलता है...जो अभी भी हिचकोले खा रहा था...

और पूरा तना हुआ था....आसमान को सलामी दे रहा था....

तभी उसके कानो में आवाज़ पड़ी...

रीमा :- सर..एक्सक्यूस मे...कुड यू प्लीज़ हेल्प मी...

अब जेठालाल क्या बोले..उसकी तो सिट्टी गुल हो गई....

(बॅक ग्राउंड. म्यूज़िक.....फ्लश चलता हुआ..)

जेठालाल :- अटकते हुए...आ..पने.. मुझ..से कुछ कहा...

रीमा :- जी हाँ...क्या आप मेरी डोरी बंद कर देंगे प्लीज़...वो क्या है..कि ये बंद

नही हो रही है मुझसे....

रीमा का गुस्सा भी थोड़ा शांत हो गया था...उसको लगा कि ये कोई ऐसे इंसान नही

है..कि किसी भी औरत के साथ कुछ भी कर ले...और वो शयद उनका लंड इसलिए

खड़ा हो...कि मुझ जैसे हॉट गर्ल पे कोई भी गिरेगा तो उसका यही हाल

होगा......

(लेकिन रीमा को थोड़ी पता था...कि सार मर्द एक जैसे होते हैं....जहाँ लड़की

मिली नही....लाइन मारनी शुरू....)

जेठालाल :- हकलाता हुआ...जी....बाँध..देता. हूँ..

और जेठालाल आगे बढ़ के..ब्रा की डोरी बांधने लगता है...और मन में सोचता है.

अगर वो सब नही कर सकता तो कुछ थोड़ा तो कर सकता हूँ....

और वो डोरी बांधने के लिए आगे बढ़ने लगता है.....

डोरी बांधना स्टार्ट कर देता है.....

डोरी बाँधते बाँधते ....अपने हाथ ऐसे चला रहा था जिसकी वजह से उसकी उंगलियाँ

रीमा की पीठ पे रगड़ खा रही थी...

और धीरे धीरे चल रही थी...

बहुत धीरे धीरे आराम आराम...से डोरी बंद रहा था...और अपनी उंगलियाँ उसकी पीठ

पे घुमा रहा था....

और रीमा को इस बात का आभास हो गया....

और उसकी सोच भी बदल गई...

 
रीमा अपने मन में......अरे ये भी सबके जैसा ही है....ठर्की कहीं का...

और मन में मुस्कुरा देती है..

उधर जेठालाल अभी तक डोरी हे बाँध रहा था....और उंगलियों से पीठ को टच

कर के मज़े ले रहा था.....

रीमा ने सोचा चलो कुछ मज़े ही ले लिया जाए...

रीमा :- सर हो गई...

जेठालाल :- घबराता हुआ....हाँ हो गई..

और छोड़ देता है..

और पीछे हट जाता है...

रीमा :- सोचती है..ओफो ये क्या...ये तो हट गये...कुछ तो सोचना

पड़ेगा.....और वो सोच लेती है...और फिर बोलती है..

ओह्ह सर..ये क्या...

जेठालाल :- क्या हुआ..

रीमा :- ये तो ढीली बाँधी है...थोड़ा टाइट बाँध दीजिए ना...

जेठालाल :- ओह्ह..तो क्या टाइट करूँ थोड़ी सी..

रीमा :- जी सर...अगर आप कर देंगे..तो बहुत थॅंक यू आपका..

जेठालाल :- अरे इसमे थॅंक यू किस बात का..ये तो मेरा फ़र्ज़ है....

बोलते बोलते आगे बढ़ने लगता है..

और फिर से पहुच जाता है ...

और फिर वही करने लगता है....धीरे धीरे....डोरी को बाँधने लगता है...

और बाँधते बाँधते...उसे एक जबरदस्त झटका लगता है....

जी सिर्फ़ जेठालाल थोड़ी चालक हो सकता है......रीमा उससे ज़्यादा चालाक है..

वो हुआ यूँ...कि रीमा थोड़ी सी पीछे की तरफ हो गई...मतलब जेठालाल के करीब

यही मान लीजिए कि चिपक सी गई..

जिससे जेठालाल का लंड रीमा की गदराई गान्ड से टच करने लगे...

जेठालाल के तो होश उड़ गये...वो रीमा की डोरी बाँधने लगा...

रीमा जान बुझ के हिल रही थी..और ये दिखा रहा थी..कि खड़े खड़े..उसके

पैरों में दर्द हो रहा हो...

जिसके कारण जेठालाल का लंड...पूरी गान्ड पे चल रहा था...

जेठालाल तो सातवे आसमान में था......

जेठालाल ने जैसे तैसे कर के डोरी बाँध ही दी...

जेठालाल :- हो...गा...या...र.ई..मा...जी...

रीमा तो मदहोशी में खुद थी....फिर भी उसने जवाब दिया..

रीमा :- थॅंक यू सर..

जेठालाल को चिंता थी कि कोई देख ना ले....

इसलिए को रीमा से हट के थोड़ा पीछे हो गया..

रीमा अपने मन में...ये आदमी तो एक दम फटतू है...लेकिन में भी आज बिना

कुछ करवाए..इसे जाने नही दूँगी.....

 
जैसे कि मेने पहले ही बताया था...रीमा तो बहुत ज़्यादा चांट है..साली कमिनि..

अपना रस निकलवाने के लिए कुछ भी करेगी.....

रीमा तुरंत आल्मिरा खोलने के लिए...नीचे झुकी...जिससे उसकी गान्ड पीछे की तरफ

हो गई.....और फिर से जाके सीधा घुस गयी जेठालाल के लंड पे...

हाहहहहाहा...जेठालाल की तो शक्ल देखने वाली बन गयी...

ना तो वो खुश होते बनता.....ना दुखी होते...

(बॅक ग्राउंड . म्यूज़िक... बच्चे की रोने की आवाज़...)

रीमा जान बुझ के अंदर कोस्ती मे ढूढ़ने लगती है...और बार बार...कभी

इधर गान्ड हिलती तो कभी उधर...

जिससे जेठालाल का लंड रीमा की गान्ड पे इधर उधर हो रहा था...

जेठालाल तो नशे में डूब रहा था...

और रीमा तो मदहोशी में जा चुकी थी....

अब वो इधर उधर करने के साथ साथ...अपनी गान्ड आगे पीछे भी कर रही

थी.....जेठालाल का अपने पे कोई बस नही था....उसका हाथ ऑटोमॅटिकली..

रीमा की कमर पे चला जाता है...

अब देखने में ऐसा लग रहा था..जैसे रीमा की चुदाई कर रहा हो..

जेठालाल कपड़ों के उपर से....

रीमा कॉस्ट्यूम निकाल के ज़मीन पे रख देती है...लेकिन उसी पोज़िशन में..

रहती है...

कुछ मिनट ऐसे रहने के बाद...उससे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है...

वो सीधा खड़ी हो जाती है.....

और जेठालाल के सामने...फेस टू फेस होकर खड़ी हो जाती है....

जेठालाल को तो जैसे होश आता है...

वो रीमा को देखता है...और पीछे मूड के जाने लगता है...

लेकिन...

लेकिन रीमा उसके हाथ को पकड़ लेती है....

जेठालाल :- ये क्या कर रही हैं आप??

रीमा :- देखिए अब नाटक करने की कोई ज़रूरत नही है....अब मुझसे रहा नही जा रहा..

जेठालाल :- लेकिन ये सब यहाँ...

(बॅक ग्राउंड. म्यूज़िक.. बच्चे के रोने की आवाज़..)

रीमा :- उस सबके के बारे में कुछ मत सोचू..

जेठालाल :- नही...में नही कर सकता..

और जाने लगता है....

लेकिन रीमा जेठालाल का हाथ पकड़ के....

आल्मिरा के साइड में...दीवार से सटा देती है....

और उसके गाल में चुंबनों की बौछार कर देती है....

 
जेठालाल :- देखिए छोड़ दीजिए....प्लीज़....

रीमा तो सुन ही नही रही थी...वो तो कभी दायें..तो कभी बायें...गाल और

गर्दन पे चुंबन करे जा रही थी...

देखा जाए..तो आज जेठालाल का रेप हो रहा था...

और फिर रीमा जेठालाल के तपते कड़क्ते हुए लंड पे हाथ रख देती है...और वो

भी डाइरेक्ट अंदर..चड्डी में हाथ डाल के...

जेठालाल के कान में से तो धुआँ..निकलने लगता है....

जेठालाल :- प्लीज़...

रीमा :- उसके मुँह पे उंगली रखते हुए.....सस्शह......

देखो आज जब तक तुम मेरी प्यास नही भुजाओगे...तो नही जाने दूँगी..

जेठालाल :- लेकिन..

रीमा :- कहा ना..स्शह.....

और जेठालाल के लंड को उपर नीचे करने लगती है...

जेठालाल की आँखें धीरे धीरे बंद होने लगती है....उसके दिमाग़ ने अब

काम करना बंद कर दिया था...

रीमा के कोमल हाथ जब लंड पे चल रहे थे...तो जेठालाल को स्वर्ग

की दुनिया दिखाई दे रही थी....

रीमा जेठालाल का हाथ पकड़ के....सीधे अपनी कच्छि के अंदर..अपनी..

तपती...चूत के उपर रख देता है...

जेठालाल की आँख खुल जाती है....और रीमा की आँखों से टकराती है...

और जेठालाल देखता है रीमा की आँखों में सिर्फ़ नशा ही नशा होता है...

अब वो भी तो होश खो चुका था.....उसने अपनी 3 उंगलियों से चूत को

सहलाया........

रीमा के मुँह से एक हल्की सी...अहह..निकली....उस आहह में नशे की खुश्बू..

सूंघ सकता था जेठालाल.....

अब जेठालाल को बस इतना ही पता था..कि आज उसे किसी भी हालत में..इसका भोसड़ा

फाड़ना है...

अब उसने अपनी उंगली चलानी शुरू कर दी.....

 
नीचे रीमा ने लंड पे वार करना शुरू कर दिया....

जेठालाल ने अपनी 2 उंगलिया चूत में घुसा दी....और उससे अंदर बाहर करने

लगा.....

रीमा से ये बर्दास्त करना मुश्किल हो गया...और वो जेठालाल के कंधों

पे गिर गयी...

और उसके कान के पास जाके..

रीमा :- आहह.....ओह्ह्ह सिर्र....ह्म्‍म्म्मममममम..उःम्म्म्म...

क्या बात है सर्र...अह्ह्ह्ह...बस ऐसे हे करते रहिए....अहाोहो....

जेठालाल की उंगलिया तेज़ होने लगी थी....

लेकिन रीमा के लंड पे हाथ ढीले पड़ गये थे...वो अब लंड को धीरे

धीरे उपर नीचे कर रही थी....

लेकिन जेठालाल तो और नशे में डूब रहा था..क्यूँ कि रीमा की नशीली

साँस जेठालाल के कानो में पड़ रही थी......

जेठालाल ने उंगली की स्पीड और तेज़ कर दी....चूत पूरी गीली हो गई..थी..

जेठालाल ने अपनी 3 फिंगर घुसा...

रीमा :- आह.....सर....प्लीज़ ऐसे ही....आइ म जस्ट कमिंग.....

जेठालाल को कुछ समझ तो नही आया....लेकिन वो अपने काम में लगा रहा....

और और.....बड़ी तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा....चूत में से..फॅक फॅक..

जैसी आवाज़ें आन लगी.....जेठालाल की उंगली पूरी पानी में भीग गई थी...

रीमा से बर्दास्त करना मुश्किल हो गया था...अब उससे रहा नही जा रहा था..

रीमा :- अहह ओह्ह्ह्ह......आइ आम कमिंग....................

और वो झड जाती है...जेठालाल के हाथो पे...

एक के बाद एक तीन झटके खाती है...और अपना सारा पानी छोड़ देती है.....

और पूरी तरह से कंधों पे सिर रख के उस पर अपना सारा बोझ डाल देती है..

जेठालाल :- अरे अब मेरी भी तो सेवा कर दो...

रीमा :- थॅंक यू सिर...

और जी..बिल्कुल.....

और जैसे ही लंड पे हाथ रखने वाली होती है..

तभी एक आवाज़ आती है...

जेठालाल.....ओ जेठालाल....

जेठालाल और रीमा की गान्ड फट जाती है.....

जेठालाल रीमा को ऐसे धकका देता है...जैसे कोई आदमी छिपकली...को अपने

उपर से फेंकता है.....

वो आवाज़ तारक की थी....

तारक :- जेठालाल यार इतनी देर हो गई..क्या आकर रहे हो...

वहाँ सिर्फ़ जेठालाल ही होता है...रीमा दिखाई नही देती तारक को..

तारक :- रीमा मेडम कहाँ है..

जेठालाल :- अरे वो देखिए वो रही...

तारक अपनी गर्दन घुमाता है....

तारक :- ओह्ह रीमा जी आप यहाँ हैं....

एक्चुअल रीमा दरवाजे के पीछे छुप गई थी..जब तारक अंदर आया...तो उसे

रीमा दिखाई ही नही दी......

रीमा :- आक्च्युयली सर...वो कॉस्ट्यूम नही मिल रहा था...बस उसी में टाइम लग गया..

तारक :- अब तो मिल गया ना..

रीमा :- जी...

तारक :- तो चलें..

रीमा :- जी...

और रीमा जेठालाल को देखते हुए..एक हल्की सी स्माइल देते हुए..चल देती है..

तारक भी चल देता है...

 
तारक :- अरे जेठालाल तुम्हे नही चलना क्या???

जेठालाल :- होश में आते हुए...

जी मेहता साब चलीए...

और चल देता है तारक के पीछे और सोचता है...

जेठालाल अपने आप से.....किस्मत को रोते हुए...हहहे..

हे भगवान.....तू कौन से जन्म का बदला मुझसे ले रहा है....क्या तुझे पूरी

दुनिया में सिर्फ़ और सिर्फ़......में ही मिलता हूँ...जो हर बार मेरी ही किस्मत

के साथ ऐसा मज़ाक करते हो आप...

बोलो..कुछ बोलो....

ये मेरी किस्मत...हर तरीके से खराब है.....ढंग से फारिग भी नही हो पाता..

और अपने लंड को देखते हुए...जो आधा अभी भी खड़ा हुआ था...

तू क्या हर बात पे अपना सर तान के खड़ा हो जाता है....

कोई और काम धंधा नही है तुझे....

तू तो आराम से खड़ा हो जाता है...

और परेशानी हमे होती है...

बैठ जा....सो जा..कुछ भी कर..लेकिन अब अगर खड़ा हुआ...तो मुझसे

बुरा कोई नही होगा...

और अपना मुँह लटकते हुए चलता रहता है.....

(बॅक ग्राउंड. म्यूज़िक......बच्चे की रोने की आवाज़)

 
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