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Fantasy बॉलीवुड की मस्त सेक्सी कहानियाँ

रेखा और डिंपल कपाड़िया की चुदाई

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रेखा की किसी सहेली ने (जिसे मैने शायद हाल ही में चोदा था), उसे मेरे लौडे की ख़ासियत के बारे मे बताया था. रेखा तो है ही एक नंबर की चुदक्कड. जैसे ही उसे मेरे लौडे के गुण और मेरे चोदने का स्टाइल मालूम हुआ, उसने मेरे पीछे अपना एक एजेंट लगा दिया. उसने मेरा नंबर पता लगा कर मुझ से मिलने के लिए फोन किया. मिलने पर उसने बताया कि रेखा बेबी तुम्हारे साथ संभोग करना चाहती है और इसके लिए वो मुझे मुहमांगे पैसे देने को तैयार है.खैर मैं भी कई दिनो से उसे चोदने की सोच रहा था, क्योकि जब वा इतने मस्त चुदाई के सीन फिल्मों मे दे सकती है तो रियल लाइफ में कैसे चुदाति होगी यह जानने को मैं और मेरा लॉडा, दोनो ही बहुत उत्सुक थे. पर मेरा ये उसूल है कि चुदवाने

की पहल लड़की/महिला की तरफ से होनी चाहिए. खैर मैने उसके एजेंट से बता दिया कि मैं चोदने के पैसे नहीं लेता हूँ, बस मेरी कुच्छ शर्तें हैं जो मैं मेडम को फोन पर ही बता दूँगा. उसने रेखा को यह बात बता दी और अगले ही घंटे में उसका फोन मेरे पास आ गया. उसके शर्त

पूच्छने के बाद अपनी भी शर्त लगा दी. मेरी शर्तें थी कि चुदाई के पहले : 1.अच्छि तरह नहाकर बालो में दो बार शम्पू करे.2.चूत,

चूचियों,कुचग्रो, बगल, नाक, माथे,गर्दन और गालों पर मोगरे का या गुलाब का पर्फ्यूम लगाए और 3.थोड़ा सा भी मेक-अप ना करे.

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रेखा की शर्त यह थी कि उसकी एक ख़ास दोस्त भी उसके साथ रहेगी जिसका नाम वह नहीं बताएगी और मुझे दोनो को ही चोदना होगा. मुझे उसकी यह शर्त मंज़ूर थी बशर्ते उसकी दोस्त भी मेरी शर्त के अनुसार ही अपने शरीर को चुदवाने के लिए तैयार करे. रेखा ने फोन पर

ही मुझे लंबा सा चुंबन ज़ोर की आवाज़ के साथ दिया जिसका जवाब मैने भी उसी अंदाज़ में दे दिया.उसने कहा कि वो सारा अरेंज्मेंट कर के मुझे फोन करेगी और फिर अपना ड्राइवर मुझे लेने के लिए भेज देगी.

अब मैं उसके फोन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था कि अगले ही दिन उसका फोन आ गया. बहुत ही प्यार से बोली कि आजाओ मेरे राजा मैं ड्राइवर भेज रही हूँ. कार के साथ, घर का और हमारी चूतो का दरवाज़ा तुम्हारे लिए खुला हुआ है. जल्दी से यहाँ आकर हम दोनो सहेलियों की खुजली को मिटा दो.

जब उसके फ्लॅट पर पहुँचा तो देखा कि रेखा अपने असली रूप में लो नेक का ब्लाउस और माइक्रो मिनी स्कर्ट पहने हुए है और उसके बाल खुले हुए और शॅमपू की वजह से खूब घने लग रहे थे.

मैं उसकी बगल में सोफे पर बैठ गया और पूछा कि उसकी दोस्त कहाँ है. वह मुस्कुरा कर बोली अभी तैयार हो कर आ रही है, ऐसी भी क्या बेचैनी है, मैं हूँ ना तब तक तुम्हारा दिल बहलाने के लिए, और मुझसे सटकर बैठ गयी.उसके पास से मोघहरे की भीनी भीनी खुश्बू आरहि थी

जिसके कारण मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया था.

शायद आप लोगों ने महसूस किया होगा पर मैं तो निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि लौडे का अपना एक अलग ही दिमाग़ होता है, जो उसमे

खून उतर आने के बाद काम करने लगता है और फिर वो हमारे दिमाग़ की एक नहीं सुनता है और अपनी मर्ज़ी से ही चलता है.

रेखा बोली कि जब तक मेरी सहेली आती है, तब तक तुम अपने लंड की खूबियाँ बताओ. मैने पूछा कि क्या तुम्हे मालूम नहीं, तो वह बोली कि मालूम तो है पर मैं तुम्हारी ज़ुबानी सुनना चाहती हूँ. मैने उसे बताया कि मेरा लॉडा ऐसा है कि चुदवाने वाली जैसा चाहेगी वैसा ही रूप धारण कर लेगा और वैसा ही काम करेगा. उसने पूछा कि मतलब क्या है इस बात का.

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मैने कहा कि अर्रे इतना भी नहीं समझती. मान लो तुम्हारी चूत ज़्यादा गहरी है और ज़्यादा चौड़ी भी है तो चुदते वक़्त तुम मुझसे कहना कि और अंदर तक घुसाओ या और मोटा करो लौडे को, तो मैं वैसा ही कर दूँगा.यदि तुम चाहो तो लौडा चिकना या खुदुरा भी हो सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि तुम जब चाहो मुझे कह कर लौडे का रस अपनी चूत में डलवा सकती हो, यानी कि चाहो तो 2 मिनिट में और चाहो तो आधे घंटे में. रस कैसा चाहिए - गरम या ठंडा, गाढ़ा या पतला, खुश्बूवाला, मीठा या खट्टा या नमकीन या जैसा स्वाद तुम्हे पसंद हो. खैर खुश्बू और स्वाद की ज़रूरत तो तब पड़ेगी जब तुम मेरे लंड को चूसोगी और उसे झडा कर उसका रस पियोगी. इतनी बात करते करते ही रेखा के

चेहरे पर चुदवाने की इच्च्छा सॉफ दिखाई देने लगी थी और वह मुझ से और भी सट कर बैठ गई थी, यहाँ तक की उसकी दाहिनी चूची मेरी बाँह से दबने लगी. मैने उसे अपनी बाहों में भर कर उसके गर्म होठों पर एक लंबा चुंबन जड़ दिया और दोनो हाथों से उसकी चूचियों को हल्के हल्के मसल्ने लगा. इस उमर में भी साली के बोबे बड़े ही मस्त और कड़े थे. उसने मुझे प्यार से रोक कर कहा कि अब हम ख़ास

चुदाई के लिए बने हुए कमरे में चलते हैं और वहाँ के मस्त माहौल में आगे होने वाले संभोग की तैयारी करेंगे.मेरी सहेली वहीं पर आ जाएगी.
 
वो मेरी बाँह से अपनी चूची को रगड़ते हुए मुझे लगभग घसीट कर ऊपर सीढ़ियों से ले गयी. जैसे ही उस ख़ास कमरे को उसने खोला तो अंदर बहुत तेज़ आवाज़ में एक सेक्सी गाना बज रहा था. उसने मेरे साथ फिर बाहर आकर दरवाज़ा बंद कर दिया तो आवाज़ एकदम बंद हो

गयी. वो बोली की यह कमरा साउंडप्रूफ है क्योंकि मैं चुदवाते समय बहुत गंदी गंदी बातें करती हूँ, इसलिए इस कमरे को ऐसा बनवाया गया है.

फिर से हम दोनो अंदर गये और उसने गाने का वॉल्यूम कम कर दिया, फिर मुझे तुरंत ही एक बहुत बड़े गोल पलंग पर धक्का दे कर गिरा दिया और मुझ से चिपट गयी. बोली आज देखती हूँ कि तू मुझे मेरे ' अब बस' कहने तक चोद पाता है या नहीं. मैने कहा कि यह तो वक़्त ही बताएगा, और यह कहते हुए मैने अपने दाँत उसकी दाहिनी चूची पर ब्लाउस के ऊपर से ही हल्के से गढ़ा दिए. वो मुस्कुरा कर बोली अर्रे मादरचोद ब्लाउस तो निकाल ले फिर दोनो हाथों से पकड़ कर मेरे इन दोनो को दबाना और अपने मूँह में लेकर मेरे निपल को चूसना, चाटना और जी भर कर दांतो से काटना.

यह सुन कर मैं उत्तेजित हो गया और एक ही झटके मे उसके ब्लाउस के बटन तोड़ते हुए उसे फाड़ डाला. उसके दोनो कड़े कड़े मस्त स्तन बाहर आ गये क्योंकि वो ब्रा नहीं पहनी थी. अब मैने बिना समय गँवाए एक हाथ से एक मम्मे को पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से दूसरी चूची को हौले हौले मसल्ने लगा. वह भी अब पूरे जोश में आ गयी थी और अपने सारे कपड़े उतारकर मेरे कपड़े भी उसने

आनन फानन में उतार डाले. लंड देख कर बोली अर्रे यह तो छोटा सा नुन्नु है, इस से क्या तू मेरे भोसड़े की प्यास बुझा पाएगा.

मैने कहा अर्रे हरामजादी इसको अपने मूँह में लेकर अच्छे से चूस फिर देखना इसका कमाल. अगर इसने तेरे भोस्डे का बंभोसड़ा ना बना दिया तो कहना.

इससे पहले कि वह मेरे लौडे को अपने मुँह में ले पाती दरवाज़ा खुला और मैं क्या देखता हूँ कि मेरे सपनों की रानी डिंपल अपने घने बालो से अपनी चूचियों को छिपाये हुए पूरी नंगी अंदर आ गयी है. एक तो उसके बाल वैसे ही खूब घने हैं और दो बार शॅमपू करने के कारण तो बस देखते ही बन रहे थे. मेरी तो इच्च्छा हो रही थी कि साली के बालों में ही अपना लंड पेल दूँ. आते ही रेखा से बोली क्यों री भोसड़ीवाली, अकेले

ही लौडा खलेगी क्या. तेरे को ज़रा भी सबर नहीं कि अपनी सहेली को भी आ जाने दूँ. चल हट और अब मैं जब तक इसके लौडे को चूस कर बड़ा करती हूँ, तू मेरी चूचियो को चूस.

रेखा उसकी बात सुनकर हंस दी और दौड़कर उससे चिपट गयी और उसके होठों को चूसने लगी, और अपनी चूचियों से उसकी चूचियाँ रगड़ने लगी. दोनो एक दूसरे मे इतने खो गये कि मेरी उपस्थिति को भुला बैठे. अब वो पूरी तरह उत्तेजित होकर एक दूसरे से चिपक गयीं

और लगी अपनी चूतो को आपस में रगड़ने. रेखा ने डिंपल के होठ चूस्ते चूस्ते दांतो से काट लिया और उसकी चूचियों को भींच लिया. इनका ये खेल कोई पाँच मिनिट तक ऐसे ही चलता रहा.

थोड़ी देर को मुझे लगा कि कहीं ये दोनो आपस में ही मोहब्बत कर के अपनी हवस ना पूरी कर लें और मेरा लंड प्यासा ही रह जाए. पर ये मेरी ग़लतफहमी थी. थोड़ी देर और एक दूसरे को नोच खसोट कर ये दोनो मेरे अगल बगल आ गयीं और मुझे बेतहाशा चूमने और चाटने

लगीं.डिंपल मुझसे बोली कि जब हमें कोई मनपसद लंड नहीं मिलता है तो हम दोनो ऐसे ही एक दूसरे की चूत की प्यास बुझा लेते हैं.

मेरा लौडा ज़रूर चूत का प्यासा है लेकिन मैं खुद बूब्स की गोलाईयो का दीवाना हूँ. इनको पेटभर कर चूस लूँ ,दबा लूँ, काट लूँ, मसल दूं, चाट लूँ,रस्पान कर लूँ,आटे जैसे गूँध लूँ आदि आदि, तो फिर मुझे और कुच्छ नहीं चाहिए. मेरे ळौडे का अपना दिमाग़ है और वो अपने हिसाब से

चुदाई का काम करता है और उसमे असली मज़ा लौडे को मिलता है और चुदवाने का मज़ा चूतवाली को मिलता है. मुझे तो बस प्यारे से बड़े

बड़े कड़क मम्मे मिल जाएँ, ताकि लौडा चोदता रहे और मैं मम्मों को मसल मसल कर उन्हे चूस्ता रहूं!

खैर अब रेखा ने डिंपल को प्यार से गालियाँ बकना शुरू कर दिया. बोली अररी रंडी चुदवाने के लिए इतनी ही तेरी चूत में खुजली हो रही थी तो इतनी देर क्यों कर दी आने में?. रास्ते में तेरे को क्या और कोई और लौडा मिल गया था पेल्वाने के लिए, साली चुदक्कड.

डिंपल बोली अर्रे माँ की लॉडी, सौ सौ लौडे रोज के खानेवाली, तेरे से मैं क्या बराबरी कर पाउन्गी रंडी. साली तूने तो अपने पेपरवाले को और यहांतक कि अपने घर के बच्चे जैसे नौकर को भी नहीं छोड़ा, और चली है मुझ पर इल्ज़ाम लगाने. चल मेरी चूचियों को मसल और चूस तब तक मैं इस चोदु के लौडे की खबर लेती हूँ. अर्रे बाप रे ये तो अपने आप ही तन्ना कर खड़ा हो गया है रे रेखा. देख तो सही कितना बांका,

लंबा और मोटा हो गया है , लगता है आज ये मादरचोद हम दोनो की चूतो की चटनी बना कर ही छोड़ेगा.

मैने डिंपल के होठों को चूम लिया और कहा नहीं मेरी जान, ऐसा नहीं है. मैं तुम दोनो को तुम्हारी इच्च्छा के अनुसार ही और बड़े प्यार से चोदुन्गा और तुम दोनो पूरी तरह से मस्त होकर और दिल खोलकर बिना डरे चुदवाओगी तो मैं तुम दोनो को वो मज़ा दूँगा कि जैसा तुमने कभी सपनों में भी नहीं सोचा होगा.

अब रेखा बोली कि तुम्हारा लौडा तो एक ही है ना, फिर हम दोनो को एक साथ कैसे मज़ा दोगे. मैने रेखा से कहा साली छिनाल क्या मैने तुझे बोला था कि अपनी दोस्त को भी बुला ले. खैर अब जब बुला ही लिया है तो तुम दोनो को एक साथ भी चोद दूँगा. तुम दोनो भी क्या याद करोगी कि किस मस्त लौडेवाले से पाला पड़ा था. दोनो को एक साथ चोदने का फ़ॉर्मूला भी है मेरे पास.

अब तो रेखा और डिंपल दोनो ही जोश में आ गयीं और मेरे शरीर के किसी भी हिस्से को उन दोनो ने अपने चुंबनो से और चुचिया रगड़ने से नहीं छोड़ा. इन दोनो का प्यार पा कर मैं भी मस्त हो गया था और जहाँ मेरा मन करता इन दोनो को चूमने लगा. फिर इन दोनो को अपने

सामने बैठाकर इनके चारों मम्मों और निप्प्लो को हाथों मे लेकर प्यार से दबाते हुए और मसल्ते हुए बारी बारी से चूसने,चूमने और काटने लगा.
 
रेखा और डिंपल दोनो ही अब पूरे जोश में आगयि और दोनो में मेरे लौडे को चूसने की होड़ लग गयी. मैने उनसे कहा कि तुम लोग ज़रा सबर रखो और मेरे कहे अनुसार करो, अगर ज़िंदगी का असली मज़ा लेना है तो. जैसा मैं तुम्हे पहले ही कह चुका हूँ, तुम दोनो को एक साथ ही चोदूगा. फिर मैने अपने बॅग से एक सिक्का निकाल कर कहा कि अब मैं टॉस करता हूँ और तुम दोनो में से जो टॉस जीतेगी वह पहले मेरे असली लौडे से चुदवाने की हकदार होगी. मैने सिक्का उछाला और दोनो हाथों मैं कॅच करके उसे छिपा लिया और रेखा से पूछा कि चित है या पट. वो बोली चित भी मेरा पट भी मेरा और लौडा मेरी चूत का.

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यह सुनकर मैं और डिंपल दोनो हँसने लगे और डिंपल बोली कि जा साली तू ही लेले पहले असली लौडे का मज़ा, आख़िर इस मादरचोद को तूही तो ढूँढ कर लाई है और ये घर भी तेरा ही है ना. मैने डिंपल की दाहिनी चूची को मसल्ते हुए पूछा कि ये तुम दोनो मुझे बार बार मादरचोद क्यों कह रही हो. उसने जवाब दिया अर्रे भोसड़ी के हम दोनो ही तेरी माँ की उमर की ही हैं और कितनी देर से तू हम दोनो का दूध हमारी चूचियों को दबा दबा कर पी रहा है और अब जबकि तू हम दोनो को चोदने जा रहा है तो तू मादरचोद कहलाएगा कि नहीं?

मैने अब उसकी बाई चूची को मूँह में लेकर उसके निपल को अपने होठों से कस कर दबा दिया और कहा हाँ ये बात तो सही है पर तुम दोनो ने अपना शरीर इतना संभाल कर रखा है कि दोनो ही कई नई हीरोइनो से भी छोटी और ज़्यादा सेक्सी लगती हो. मेरे मूह से यह

सुनकर दोनो की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और लगीं मुझे फिर से चिपटकर चूमने. कुच्छ देर बाद मैने कहा आओ मेरी रानियों अब अपन

चुदाई का कार्यक्रम शुरू करें.

अब मैने अपने बॅग से खास ऑर्डर देकर स्वीडन से इम्पोर्ट किया हुआ डिल्डो(नकली लॉडा, जो बिल्कुल असली की तरह ही दिखता है) निकाला. इस डिल्डो में एक पट्टा(बेल्ट) था जो मैने अपनी छाती पर बाँध लिया. डिंपल समझ गयी और आकर मेरी छाती पर धीरे से डिल्डो को अपनी चूत में घुसाते हुए बैठ गयी, मेरी ओर मुँह करके. मैने उसके दोनो तने हुए उरोजो को अपनी हथेलियों में भर लिया और बहुत ही प्यार से उन्हे दबाने और सहलाने लगा. वो बोली ज़रा ज़ोर से दबा ना जैसे की आटा गूँधा जाता है, तब तो मुझे मज़ा आएगा.

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मैं बोला अर्रे रंडी थोड़ा सबर कर, सब कुच्छ करूँगा लेकिन अपनी स्पीड से और मज़ा लेते हुए. तब तक रेखा मेरे लंड को अपने मुँह में ले चुकी थी और प्यार से सॉफ्टी की तरह उसे चूस रही थी और अपने दोनो हाथों से मेरे अंडकोष को सहला रही थी. सामने डिंपल के बैठे होने के कारण मुझे रेखा का चेहरा दिखाई नहीं पड़ रहा था पर उसकी चूचियाँ मेरी जांघों पर रगड़ खा रही थी और मुझे इसमे बहुत ही आनंद

मिल रहा था.

मैने रेखा से कहा अर्री ओ चुदक्कड, जब भी तेरा मन हो मेरे लौडे पर चढ़ जाना और मुझे बताती जाना कि अपने लंड को कितना लंबा और मोटा करूँ. उसने लौडे से मुँह हटाकर कहा तू तो पहले ही इसे 8 इंची लंबा और करीब 2 1/2 इंच मोटा बना दे, और एकदम कड़क और

खुदुरा भी बना दे, उसके बाद चुदाते समय मैं फिर से बताउन्गी.

मैने अपने लौडे को 10 से 15 सेकेंड में ही वैसा बना दिया तो रेखा खुशी से चीख उठी और डिंपल भी पलट कर देखने लगी और बोली वाह भाई इसका लंड तो वाकई कमाल का है. मैने उसे कहा अरे तू क्यों घबरा रही है ले मेरे डिल्डो को भी बढ़ा देता हूँ. इतना कहकर मैने बेल्ट में लगा एक बटन दबाया तो डिल्डो भी आकार में बड़ा होने लगा. मैने डिंपल को वह स्विच दिखा दिया और कहा कि अपनी ज़रूरत के मुताबिक तू डिल्डो को छोटा और बड़ा कर लेना.

अब रेखा मेरे लंड को अपनी चूत में घुसाने की कोशिश कर रही थी पर उसकी मोटाई कुच्छ ज़्यादा ही उसने करवा ली थी इसलिए वो घुस नहीं पा रहा था. मैने अंदाज़ से लंड का डाइयामीटर कुछ कम करके अपनी गान्ड को ज़ोर से उच्छाला तो पूरा लंड उसकी चूत में अंदर तक एक ही बार में फ़च्छ से धँस गया क्योंकि उसकी चूत पहले ही बहुत गीली हो चुकी थी. मैने अपने घुटने उठा लिए थे और रेखा दोनो घुटनों के सहारे अपने शरीर को ऊपर नीचे करते हुए लौडे को धकधक चोदने लगी. अब इधर डिंपल ने भी डिल्डो को अड्जस्ट करना सीख लिया था और वह भी खूब मज़े से डिल्डो को चोद रही थी .

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चोदते समय दोनो के मम्मे खूब ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे हो रहे थे और मुझे उनको देखकर ही बड़ी मस्ती आ रही थी, हालाँकि रेखा के मम्मे मुझे पूरी तरह दिखाई नही पड़ रहे थे. खैर अब मैं भी चुदाई का मज़ा लेने लगा और उन दोनो के नीचे आते समय मैं भी ऊपर को उच्छल उच्छल कर नीचे से ही उन दोनो को एक साथ चोदने लगा. अचानक डिंपल रुक गयी और बोली रेखा की चूत को तो तू अपने लौडे का रस पिला देगा और मेरा क्या होगा? मैने कहा अर्री हरामजादी तू सबर क्यों नहीं करती है. मेरा डिल्डो वो हर काम करेगा जो कोई असली लंड

करता है, बल्कि कई मायनों में उस से भी बढ़ कर. चल अब पेल्वाना शुरू कर डिल्डो से. रेखा से भी मैने कहा कि जी भर के मेरे लौडे का स्वाद लेले मेरी रानी और जब तुझे लगे कि तू झरने वाली है तो तू ज़ोर से आवाज़ कर के मुझे बता देना ताकि हम दोनो साथ साथ ही झडे,

क्योंकि एक साथ झड़ने में परम आनंद की प्राप्ति होती है. रेखा दोनों हाथ जोड़कर बोली जी गुरुदेव. उसकी इस अदा पर मुझे इतने ज़ोर की

हँसी आई की डिल्डो डिंपल की चूत में और मेरा लंड रेखा की चूत में बहुत अंदर तक घुस गये और दोनो ही परम आनंद से चीख पड़ीं.

अब मैने नीचे से धक्का मारते मारते अपना सिर उठाकर डिंपल का एक स्तन अपने मुँह में ले लिया और दूसरे को मसल्ने लगा.रेखा के स्तनों को चूसना तो संभव नहीं था, परंतु बीच बीच में मैं अपने दोनो हाथों को बढ़ाकर उसकी दोनो चूचियों को मसल देता था और वह उत्तेजित होकर सिसकारियाँ निकाल देती थी. दोनो ही संभोग का पूरा आनंद ले रही थी जो उन दोनो के चेहरे देखकर कोई भी जान सकता था. दोनो ही इस कोशिश में थी कि किसी प्रकार इस सुख को देर तक भोगा जाए. लेकिन आख़िर दोनो ही थी तो हाड़ माँस की बनी हुई. कहाँ तक

खींचती. उनके चेहरों से लगने लगा था कि अब ये दोनो कुछ ही मिनटों की मेहमान हैं. पहले रेखा ने अपना दम तोड़ा क्योंकि असली आख़िर असली होता है. चिल्लाकर बोली अर्रे ओ हरामी मादरचोद जल्दी से मेरे भोस्डे में अपने लंड का पूरा रस भर दे, अब मैं झरने ही वाली हूँ.

आज तक किसीने भी मेरी पूरी गहराइयों में जाकर नहीं चोदा जैसे तेरे लौडे ने चोदा है. काश ये लंड हमेशा मेरी चूत में ऐसे ही घुसा रहे.

आआआः बस अब तो मैं गयी, अब दे दे ना रे मादरचोद.

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उसकी चूत के सिकुड़ने और फैलने से मैने सही अंदाज़ लगाकर अपने लंड के रस की धार एक के बाद एक उसकी चूत में छोड़ दी और उसी समय वह भी झड गयी. जोश में आकर उसने पीछे से डिंपल की दोनो चूचियों को अपने हाथों से कसकर भींच लिया, इतना ज़ोर से कि वह भी तुरंत ही झड गयी और मुझे उसी समय डिल्डो का दूसरा बटन दबा कर अंदर भरा हुआ गरम मलाईदार दूध उसकी चूत में छोड़ना पड़ा. इतना होते ही वह थोड़ी पीछे खिसकी और अपने होठों को मेरे होठों पर चिपका दिया और लगातार मुझे इतनी देर तक चूमती रही कि जैसे होठों को हटा लेने पर उसकी जान ही चली जाएगी.

दोनो ही चुदक्कड अब पूरी तरह तृप्त हो चुकी थी, और कपड़े पहनने की तैयारी करने लगीं. मैने कहा वाह रे तुम दोनो बड़ी मतलबी निकली, मुझे तो चोदने ही नहीं दिया. और डिंपल ने तो अभी असली लौडे से चुदवाया ही नहीं है.

डिंपल बोली अर्रे भोसड़ी के थोड़ी साँस तो लेने दे . क्या हम लोगों की चूत का कीमा बना के खाएगा? चलो अब चल के कुच्छ खाते पीते हैं फिर हम लोगों के शरीर में कुच्छ जान आ जाएगी और तब दूसरा सेशन चलेगा चुदाई का, क्यों रेखा?

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रेखा बोली हां री लगता है ये साला हम दोनो की चूतो की चटनी बना कर ही दम लेगा.
 
मैने कहा अर्री रंडियों अभी तक तो तुम दोनो मुझे चोद रही थी. मैने अभी तुम्हे चोदा ही कहाँ है. मैं अपने असली रूप मे आ गया तो दोनो की चूतो के चिथड़े चिथड़े उड़ जाएँगे. मुझे गुस्सा मत दिलाओ नहीं तो ज़िंदगी भर गाती रहोगी कि इक चूत के टुकड़े हज़ार हुए, कोई यहाँ गिरा कोई वहाँ गिरा.

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ये सुन कर दोनो ही हँसने लगीं और आगे और पीच्चे से मुझसे लिपट गयीं. बोली कि चलो राजा कुछ खाते पीते हैं और हम दोनो में ज़रा ताक़त आ जाए तब तुम भी ज़रा प्यार से हमे चोद लेना, चिथड़े मत बना देना हमारी चूतो के. अभी तो कई सालों तक हमें तुम्हारे लंड का

मज़ा लेना है. अब हम तीनों दूसरे कमरे मे खाने की मेज़ की तरफ चले, मैं बीच मे था और ये दोनो अगल बगल. इनके कंधों पर से होकर

मेरे हाथों में इन दोनो की एक एक चूची थी और ये दोनो बड़े ही प्यार से मेरे लौडे को सहला रही थी.

रेखा ने तरह तरह की वेज और नों-वेज डिशस मंगवा कर रखी थी जिनको वह माइक्रोवेव ओवेन में गर्म कर के तीनों को परोस रही थी. मैने चिकन की एक टॅग्डी खाते हुए कहा : अर्रे तुम दोनो ही मेरे लिए गरमा गरम डिश हो, और मैं तुम दोनो के लिए. खैर इसी तरह गप्पे लगाते हुए और मज़ा लेते हुए तीनों ने थोड़ी थोड़ी विस्की सीप करते हुए खाना खाया. अब देखो रेखा की बदमाशी. साली ने अपने और डिंपल के मम्मो पर रबड़ी डाल दी और मुझसे बोली ले डिज़र्ट खा ले भोसड़ी के, तू भी क्या याद करेगा.

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मुझे तो मानो मन माँगी मुराद मिल गयी.चाटते जाता था और चूस्ते चूस्ते दाँतों से चूचियों को काट लेता था. दोनो को खूब ही मस्ती आरहि थी. अब रेखा ने मेरे लौडे पर और अपनी चूत पर रबड़ी डाली और लगी मेरा लंड चूसने और उसकी चूत को डिंपल चूसने लगी. ऐसा ही खेल कुच्छ देर चलता रहा. फिर से अब हम तीनो चुदाई के अगले सेशन के लिए तैयार हो गये थे. बेड रूम की ओर जाते हुए रेखा डिंपल से बोली

आज तक मुझे चुदाई में इतना मज़ा नहीं आया जितना कि इसके लौडे ने दिया है.

डिंपल बोली अर्रे मुझे तो आज तक किसी असली लंड से वो मज़ा नहीं मिला जो इसके डिल्डो ने दिया है.

रेखा बोली अररी चुदक्कड अब असली लंड पेल्वाने की तेरी बारी है. देख लेना तेरी चूत के ऐसे ऐसे कोनों में यह लौडा पहुँचेगा जहाँ कोई

लौडा आज तक नहीं घुसा होगा.

अब बेडरूम में हम तीनो उसी पुराने पोज़ में थे, फ़र्क बस इतना था कि डिंपल की जगह रेखा आ गई थी और उसकी जगह डिंपल. डिंपल बोली कि मुझे तो तू 7 इंच लंबा और 2 इंच डाइयामीटर का लौडा पहले देदे फिर ज़रूरत हुई तो मैं बढ़वा लूँगी.अभी डिंपल मेरे लंड से खेलते हुए उसे सहला ही रही थी कि रेखा ने डिल्डो को अपनी चूत मे ले लिया और लंबा-छोटा करने वाले स्विच को बार बार दबाने लगी तो बिना हीले ही उसकी चुदाई होने लगी. पीछे से देखने पर डिंपल को लगा कि डिल्डो में कोई चोदने का बटन भी है, और लगी मुझसे झगड़ने कि उसे क्यों नहीं बताया मैने इस बारे में.

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मैने उस से कहा अर्री गधि इसमे चोदने का कोई बटन नहीं है ये तो इस चुदक्कड के दिमाग़ की उपज है कि छोटा और बड़ा करने के स्विच को साली बार बार दबा रही है और तुझे पीछे से ऐसा भ्रम हो रहा है कि मानो डिल्डो खुद ही रेखा को चोद रहा है.

डिंपल बोली हाए ये आइडिया मेरे दिमाग़ में क्यों नहीं आया. खैर अब तो मेरा लंड उसके मन मुताबिक तैयार हो गया था और वह मेरे लंड पर बैठ गई और होने लगी ऊपर नीचे. मैने उस से कहा चुपचाप बैठ जा और देख मेरे लंड का कमाल. मेरा लौडा अब उसकी चूत में अपने आप ऊपर नीचे होने लगा और पट्ठि बिना मेहनत के असली चुदाई का मज़ा लेने लगी. अब रेखा की बारी थी शिकायत करने की. मैने रेखा से

कहा साली छिनाल रंडी, अभी तो सारी रात पड़ी है, तू तो देखती जा और दिल लगा कर चुदवाती चल. अभी तो कई तरह के खेल दिखाउन्गा,

और इतना चोदून्गा की फिर कम से कम एक महीने तक तुम दोनो को लौडे की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी.

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रात भर नये नये एक्सपेरिमेंट करते हुए हम तीनो ने जी भर के चुदाई का खेल खेला. एक बार मैने डिंपल के बालों मे अपना लंड घुसा कर उसके घने रेशमी बालों को चोद्कर अपनी फॅंटेसी को जी भरके जी लिया और उसके बालों में ही झड गया, रेखा के मम्मे चूस्ते हुए. एक बार मैने डिल्डो को अपनी गान्ड की तरफ बाँध लिया और खड़े खड़े दोनो को एक साथ चोदा जिसमे हम तीनो को ही बहुत मज़ा आया. करीब सुबह 5 बजे हम तीनों पूरी तरह से तृप्त होकर सो गये. सोते समय डिंपल का दाहिना मम्मा मेरे मूँह में था और मेरा लौडा रेखा के मूँह

में.डिंपल डिल्डो को मूँह में लेकर सो गयी. पूरी रात में मैने इन दोनो को चार चार बार चोदा था. अगल बगल लिटाकर बारी बारी से पाँच पाँच धक्के ऐसे मारता था कि ये चीखने लगती थी कभी मज़े से तो कभी मीठे मीठे दर्द से. इसके अलावा एक एक बार दोनो के मम्मों के बीच की

घाटी में लंड पेलते हुए उनके मूँह में झडा और दोनो ने मेरे लौडे के रस को बहुत ही स्वाद से चटखारे लेते हुए पी लिया.

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सुबह करीब पौने बारह बजे हम तीनों की नींद खुली तो बेड टी पी कर, तीनो टाय्लेट की ऑर चल पड़े. रेखा बोली घबराओ नही, यहाँ के टाय्लेट मैं तीन जने एक साथ जा सकें ऐसी व्यवस्था है. हम तीनो अगल बगल के कमोडेज़ पर बैठ गये और एक दूसरे के गुप्तांगो को मसल रहे थे और सहला रहे थे. रेखा और डिंपल दोनो ने ही अपना काम जल्दी फिनिश कर लिया और रेखा तो अपने मम्मे मुझसे चुसवाने लगी

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जबकि डिंपल मेरे लौडे को सहलाती जाती थी और अपने मम्मे रेखा के मूँह मे दे कर चुस्वा रही थी. इतनी देर में मेरा लौडा पूरी तरह तय्यार हो गया था. वहाँ भी दोनो ने मेरे लंड का जी भर कर बारी बारी से मज़ा लिया. फिर हम तीनो साथ साथ शवर में नहाने लगे और नहाते हुए भी मैने इन दोनो को एक एक बार और चोद दिया.

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अब हम तीनो ने निश्चय कर लिया कि कम से कम हर महीने के पहले शनि- रविवार को जी भरके संभोग का एक साथ आनंद लेंगे. चिपट चिपट कर चूमते और चाट ते हुए हम तीनो इस तरह जुदा हुए : तीनो के होंठ मिले हुए, मेरी दोनो हथेलियों में इन दोनो का एक एक मम्मा

और इन दोनो का एक एक हाथ मेरे लौडे और अंडों पर और एक एक हाथ एक दूसरे के बचे हुए मम्मे पर.

जब मैं और डिंपल बाहर जाने लगे तो रेखा गुनगुनाने लगी :

'हाए रे ये लंबी चुदाई, हमारी चूतो के लिए मज़े लाई.

बड़ी मस्त थी लौडे की मलाई, जो मूह और चूत मे पेल के पिलाई '

उसके बाद हम तीनो का ये चुदाई का प्रोग्राम एक मासिक धर्म की तरह शुरू हो गया!

समाप्त

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हेमा मालिनी की चुदाई की कहानी सौतेले बेटे के साथ

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ये बॉलीवुड की सेक्स स्टोरी किसी और की नही आप सबकी फॅवुरेट हेमा मालिनी की है जो आज भी बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल मानी जाती है! आज भी बॉलीवुड मैं हेमा मालिनी की एक अलग पहचान है भले ही उसकी बेटियो को बॉलीवुड मे काम याबी नही मिली लेकिन हेमा को हर बच्चे से लेकर बूढ़े तक आज भी लोग उसे ड्रीम गर्ल कहते है! इस से यह तो साबित है कि हेमा आज भी हेमा को देखकर बूढ़े के भी लंड मे जान आजाए . जहा हेमा ने आज भी अपने आपको ऐसे मैंटेन रखा है कि आज भी उसे देखकर लोगो को उसके बारे मैं कैसे कैसे कैसे ख़यालात आते है !आज हेमा की उम्र 60 के के उपर है !लेकिन वो आज भी जब एड या किसी मूवी मैं नज़र आती है!जैसे लोगो के लंड मे जान आती है!आप सबको पता है कि धर्मेंद्र की दूसरी बीवी हेमा है!इस से पहले की जो धर्मेन्द्र की पत्नी थी उनको दो बेटे थे सन्नी बॉब्बी थे

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बाद मैं हेमा के साथ शादी कर ली अब हेमा को भी दो बेटियाँ है !जो बॉलीवुड मे ज़्यादा कुछ नही कर पाई

लेकिन जब हेमा का दोर था तो लोगो की लाइन लग जाती थी मूवी देखने के लिए ऐसा लोग मानते थे लेकिन ऐसा नही था लोग ख़ासकर हेमा मालिनी की गान्ड जो हिलती थी उसे देखने और उसके बड़े बड़े बूब्स देखने को आते और थियेटर में ही अपना लंड निकालकर मूठ मारते थे क्यूकी उसकी गान्ड ऐसे हिलती थी कि कोई भी मूठ मारता और उसके बूब्स मतलब मूठ मारना पक्का आपको शायद ही पता होगा कि हेमा के फिगर का साइज़ क्या है! लेकिन मैं आपको आज ये भी बताउन्गा हेमा का साइज़ कुछ यू है!36डी 30 38 ये ऐसा साइज़ है कि कोई भी अट्रेक्ट हो जाए स्टोरी के बारे मे आपको पता नही होगा कि इस स्टोरी मे हेमा के साथ कॉन है!आपको यकीन नही होगा कि हेमा के साथ अगर कोई था तो वो सन्नी था जीहा आपने सही सुना हेमा को अगर किसी मे इंटरेस्ट था तो सन्नी देओल था क्यूकी सन्नी काफ़ी हॅटा कट्टा था

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हेमा के सन्नी काफ़ी करीब था सन्नी भी अपनी माँ के साथ काफ़ी अच्छी तरह से मिलजुल कर रहता था लेकिन सन्नी को पता था कि वो किसके साथ है! जो सब के दिलो की रानी है!उसके साथ हूँ वो भी मेरी माँ है सोतेली जीहा सन्नी उसका भले ही सगा बेटा ना था फिर भी वो सन्नी को देखकर बहुत खुश होती क्यूकी सन्नी उसका बेटा था हेमा अपनी जो इच्छाए थी उसे दबाकर रखती हेमा को सन्नी से बात करने मे काफ़ी अच्छा महसूस होता दोनो अक्सर घंटो बात करते रहते फ़िल्मो के बारे मे सन्नी को अपनी दूसरी माँ बहुत पसंद है ! .क्यूकी वो चीज़ ही ऐसी थी कोई भी उसे पसंद करता वो तो उसका बेटा था.

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.सन्नी देओल के अंदर अपनी सौतेली माँ और हर मर्द की ड्रीम मोम हेमा मालिनी को देख के ऐसा लगता है जैसे उसे खा जाए, एक एक कतरा हेमा के रसीले चिकने इन्वाइट करते हुए जिस्म को चूस डाले चाट डाले…अपने अंदर के इस जानवर को कंट्रोल कर पाना सन्नी देओल के बस की बात नहीं थी…उसे जैसे ही हेमा के सामने आना पड़ता तो अपने लंड पे चाह कर भी काबू नहीं रख पाता और हेमा मालिनी उसकी जीन्स में बने हुए तंबू को देख के मन ही मन खुस होती…सन्नी भी माँ के साथ जो करने की इच्छाए थी उसे दबाकर रखना पड़ता था हेमा कुछ थी ही ऐसी सन्नी को बचपन से ही अपने अंदर एक भूका जानवर महसूस होताआ,, जिसे शांत करना ना उसकी बीवी के बस की बात थी और ना किसी बॉलीवुड की आक्ट्रेस के…

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अपनी इसी कामुक आग को भुजाने के लिए सन्नी देओल को मूठ मारने का सहारा लेना पड़ा,, इसके लिए वो हेमा के फोटो यूज़ करता और फिर अपना जूस हेमा के सुन्दर चेहरे पे रगड़ के मन ही मन खुस होता… जीहा सन्नी ने बहुत कंट्रोल किया शायद ही कोई ऐसा कर पाए अगर कोई हेमा के साथ रहे तो वो अपने आपको कंट्रोल नही करसकता तो सन्नी का भी यही हाल था लेकिन सन्नी को पता नही था कि उनकी

मा भी उनमे इंटरेसटेड है आग दोनो तरफ ही बराबर लगी हुई थी लेकिन कोई आगे नही आरहा था लेकिन वो दिन भी जल्द आया हुआ यूँ

की सन्नी अपनी मूवी की शूटिंग और हेमा मालिनी अपने दूसरे नंबर. के शौक यानी डॅन्स के सिलसिले में लंडन गयी हुई थी..

वहाँ जाके सन्नी की अपने पिता यानी धर्मेन्द्र से बात हुई तो उन्होने बताया कि तुम्हारी मम्मी यानी हेमा मालिनी भी वहीं हैं.. साथ ही साथ सन्नी ने होटेल का रूम नंबर भी पूछ लिया और एक सुबह जॉगिंग करते हुए सन्नी भाई हेमा मालिनी के रूम मे जा पहुँचे तो उनकी आँखे फटी की फटी रह गयी बाल खुले हुए हैं थोड़े से बिखरे हुए, वाइट नाइट सूट वित ब्लॅक राउंड डॉट्स और वो भी स्लीवेलेस्स..एक दम बिना मेकप के भी हेमा मालिनी किसी स्वर्ग की अप्सरा से कम नहीं लग रही थी..

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अब सामने नज़ारा ही कुछ ऐसा था. हुआ यू कि हेमा ने अपने अंडर गारमेंट्स उतार रखे थे तो नाइटी का पिछला पार्ट उसके दो चूतड़ो के बीक की खाई में फ़सा हुआ था और सॉफ सॉफ एक लाइन नज़र आ रही थी.. ये देख के ही सुन्न्नी को पसीने छूट गये. अब सन्नी ने ठान लिया कि अब चाहे जो हो आज हेमा को चोदकर ही रहूँगा ऐसा कहकर वो बाथरूम मे चला राजशर्मास्टॉरीजडॉटकॉम स्टोरीस का ग्यान और हेमा

का वो नज़ारा याद करके अपना लंड बाहर निकाल कर हिलाने लगा लेकिन उसे पता नही था कि बाथरूम मे दो दरवाजे है वो भी एक खुला

था

तभी हेमा को याद

नही था कि सन्नी बाथरूम मे है!वो भी बाथरूम मे चली गयी तो उसकी आखे फटी की फटी रह्गयि उसने देखा कि सन्नी बिल्कुल नंगा हो कर हेमा हेमा कहकर अपना बड़ा लंड हिला रहा था , हेमा मन ही मन मुस्कुराने लगी उसे पता था कि सन्नी भी उसके नाम की मूठ मार रहा है!तो उसने देर ना करते हुए सन्नी के पिछे से जाकर उसका 9 इंच का लंड हाथ मे पकड़ कर मुहमे लेलिया,

सन्नी बहुत परेशान हुआ ये क्या कर रही है आप उन्होने कहा जो तुम कर रहे थे मैं तुम्हे मदद कर रही हूँ तुम तो अभी मेरा नाम लेकर अपना लंड हिला रहे थे

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सन्नी कहा सॉरी मुझे माफ़ कर दो उन्होने कहा तुम्हे मेरी एक बात मान नी होगी नही तो मैं तुम्हार पापा को सच बतादूँगी

सन्नी ने कहा ठीक है!आप जो कहेंगी मैं वो करूँगा हेमा मालिनी ने कहा मुझे तुम्हारा लंड चूसने दो और उसे चूस्ते चूस्ते अपने सारे कपड़े उतार दिए सन्नी तो परेशान होगया मेरे सामने सबके लंड की रानी ड्रीम गर्ल उसके सामने अपनी चूत की प्यास बुझाने आई थी सन्नी भी उसके बड़े बड़े बूब्स चूसने लगा फिर उसे अपनी गोद मे उठाकर अपना लंड लगा दिया चूत पर और उसे चोदने लगा वो काफ़ी दिनो से भूकी थी लेकिन सन्नी भी आज बहुत खुश था हर दिलो की रानी आज उसके लंड की रानी थी सन्नी ने भी आज उसे 5 बार चोदा आज भी वो सन्नी को ब्लॅक मैल करके अपनी चूत की प्यास बुझाती है! ये तो बस एक बहाना था सन्नी को भी उसमे काफ़ी इंटरेस्ट था तो वो भी हमेशा जाकर उसे चोदता था ये अंदर की बात है! बारे मे किसी को भी पता नही है. कैसी लगी हेमा मालिनी की चुदाई कहानी, अच्छा लगे तो शेर करो .
 
बॉलीवुड आक्ट्रेस साक्षी तवँर की चुदाई

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मेरी मासी टीवी आक्ट्रेस हैं और जिसका नाम साक्षी तवँर है.मैं उसे मासी ना कह कर साक्षी ही कहूँगा.वो मेरी माँ की छोटी बेहन हैं.बोहोत लोग ऐसे भी होंगे जो साक्षी के नाम की मूठ मारते हैं और मैं भी उनमे से एक हूँ.मैं जब छोटा था तभी से छुट्टियों मे साक्षी के घर जाता तो वो मुझे बचपन से ही बहुत चाहती थी लेकिन मैं जब छोटा था तो मैं भी उसे बहुत प्यार करता जब मैं बड़ा हुआ तो मुझे पता चला कि सेक्स भी लाइफ मे ज़रूरी है!

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साक्षी मुझे बहुत चाहती थी लेकिन उसका मकसद था कि मैं उसकी बहन का बेटा था तो वो मुझे मासी की तरह प्यार करती जब मैं बड़ा हुआ और साक्षी के घर जाता तो वो मुझे चूमती हग करती तो मेरा लंड खड़ा हो जाता तो मैं भी उससे लिपट कर उसकी पीठ पर हाथ फेरता अब जब वो मुझे अपने गले लगाती तो उसके जो बड़े बड़े बूब्स थे मेरी छाती पर चिपक जाते तो मैं अपने आपको बहुत कंट्रोल कर लेता फिर बाथरूम जाकर साक्षी को याद करके उसकी नाम की मूठ मारता ! मैं सोते समय हमेशा साक्षी मासी के बारे मे सोचता कि उसके कितने बड़े बूब्स होंगे उसकी चूत कैसी होगी वो उसकी गुलाबी चूत को मैं कैसे चोदु इसके बारे मे सोचते रहता कभी कभी मेरी पॅंट मैं मेरा पानी निकल जाता

एक दिन मैं अपने कमरे मे बैठा था तभी साक्षी मासी वहाँ आई मैने उन्हे एक प्यारी सी स्माइल दी तो उन्होने मुझे चूमना शुरू किया मेरे गालो पर किस करने लगी मैने भी उनको अपनी बाहों मे ले लिया मगर मासी होने के नाते उन्होने भी मुझे बाहों मे भर लिया और मेरी पीठ थप थपाने लगी लेकिन मेरा अब लवडा पूरी तरह खड़ा हो गया .....!उस वक़्त वो सीरियल की शूटिंग करके वापिस आई थी उन्होने उस वक़्त यानी साक्षी ने ट्रॅन्स्परेंट साड़ी और स्लीवलेशस ब्लाउस पहना था.ब्लाउस थोड़ा लो कट था

साक्षी- कैसे हो राहुल पढ़ाई कैसी चल रही है!

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मैने ;सब ठीक है मासी आप टेन्षन मत लो

साक्षी-:और कॉलेज मे कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या नही ?

मैं :आइ वाज़ शॉक्ड टू हियर दट) नही मासी मैं थोड़ा घबरा गया नही मासी

साक्षी :इस उमर मे तो सभी लड़के लड़कियों के पीछे भागते है![/SIZE]

मुझे समझ नही आरहा था कि क्या कहूँ तो मैने अपनी गर्दन नीचे झुका दी
 
तभी उसके हाथ से मोबाइल नीचे गिरा और वो मोबाइल उठाने के लिए झुकी तो उसके बॉल सॉफ सॉफ नज़र आरहे थे क्या नज़ारा था उसने मुझे देखा तो अपना पल्लू ठीक करके वहाँ से चली गयी

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दुरे दिन जब साक्षी मेरे लिए नाश्ता लेकर आई तो उन्होने जानबूझकर अपना पल्लू गिरा दिया फिर मैं उसी की तरफ देख रहा था तो मासी ने कहा पसंद है!तो बोलो मैं ने सोचा कि यह ही सही मौका है साली की अभी तक शादी नही हुई है इस लिए लंड के लिए तड़प रही होगी कुतिया और हिम्मत कर के बोला “अगर चूसने को मिल जाता तो मज़ा आ जाता”.

साक्षी ने फिर अपनी साड़ी खोल दी.अब वो सिर्फ़ पेटिकोट और ब्लाउस मे थी.उसके मुलायम होंठ और,बूब्स को देख कर मे पागल हो गया और जाके उससे चिपक गया.अब मैने एक हाथ साक्षी के बूब्स पे रखा और एक हाथ से पेटिकोट के उपर से उसके चूतड़ सहला ने लगा.वो मुझे देख कर मुस्कुराइ.तो मैं उसके होंठो को पागलों की तरह चूमने लगा.थोड़ी देर बाद मैने उसका ब्लाउस उतारा और पेटिकोट का नाडा खोल दिया.अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी पेर थी.मैने अपनी पॅंट उतार दी.मैने उसके कान मे कहा कि मैं कब से तुम्हे चाहता हूँ और तेरी चूत मारना चाहता था.ये कहानी राजशर्मास्टॉरीजडॉटकॉम पर पढ़ रहे है.

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साक्षी बोली:”मैं जानती हूँ मेरे राजा,जब तुम मेरी पैंटी की खुश्बू सूंघरहे थे और अपना लॉडा हिला रहे थे तब तुम बाथरूम का डोर लॉक करना भूल गये थे और मैने वो सब देख लिया.उस दिन तेरा लॉडा देखा तो मेरी चूत मे खुजली सी होने लगी.तब मुझे लगा कि तू अब बड़ा हो गया है और तुम्हे भी चूत की ज़रूरत है.मैने वो भी सुन लिया था जो तुम मेरे बारे मे बोल रहे थे ”

मैं:”तुम्हे बुरा तो नही लगा”

साक्षी:”उसमे बुरा लगने वाली क्या बात है.मैं तो खुश हूँ कि तू तेरी मासी को चोदना चाहता है.और चुदाई करते समय अगर गंदी गंदी बातें करे तो चुदाई का मज़ा और आता है.अब तू बता तू मेरे बारे मैं क्या सोचता है

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साक्षी की चूची एकदम दूध के जैसी गोरे रंग की थी. चूची का आकार ऐसा था जैसे किसी मध्यम आकार के कटोरे को उलट कर साक्षी की छाती से चिपका दिया गया हो और फिर उसके ऊपर किशमिश के एक बड़े से दाने को डाल दिया गया हो. मध्यम आकार के कटोरे से मेरा मतलब है की अगर साक्षी की चूची को मुट्ठी में पकड़ा जाये तो उसका आधा भाग मुट्ठी से बाहर ही रहेगा. चूची का रंग चूँकि हद से ज्यादा गोरा था इसलिए हरी हरी नसे उस पर साफ़ दिखाई पर रही थी, जो की चूची की सुन्दरता को और बढा रही थी. सामने से देखने पर थ्री-डायेमेन्शन में नज़र आ रहे थे. . निप्पलों का रंग गुलाबी था, पर हल्का भूरापन लिए हुए था. बहुत ज्यादा बड़ा तो नहीं था मगर एक दम छोटा भी नहीं था किशमिश से बड़ा और चॉकलेट से थोड़ा सा छोटा. मतलब मुंह में जाने के बाद चॉकलेट और किशमिश दोनों का मजा देने वाला. दोनों होंठो के बीच दबा कर हलके-हलके दबा-दबा कर दांत से काटते हुए अगर चूसा जाये तो बिना चोदे झर जाने की पूरी सम्भावना थी

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