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Fantasy बॉलीवुड की मस्त सेक्सी कहानियाँ

करीब दस मिनट तक वैसे ही पड़े रहने के बाद मैं धीरे से साक्षी के बदन से नीचे उतर गया. मेरा लण्ड ढीला हो कर पुच्च से साक्षी की चूत से बाहर निकल गया. मैं एकदम थक गया था और वही उनके बगल में लेट गया. साक्षी ने अभी भी अपनी आंखे बंद कर रखी थी. मैं भी अपनी आँखे बंद कर के लेट गया और पता नहीं कब नींद आ गई. सुबह अभी नींद में ही था की लगा जैसे मेरी नाक को साक्षी की चूत की खुसबू का अहसास हुआ. एक रात में मैं चूत के चटोरे में बदल चूका अपने आप मेरी जुबान बाहर निकली चाटने के लिए…ये क्या…मेरी जुबान पर गीलापन महसूस हुआ.

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मैं ने जल्दी से आंखे खोली तो देखा साक्षी अपने पेटिकोट को कमर तक ऊँचा किये मेरे मुंह के ऊपर बैठी हुई थी और हँस रही थी. साक्षी की चूत का रस मेरे होंठो और नाक ऊपर लगा हुआ था. हर रोज सपना देखता था की साक्षी मुझे सुबह-सुबह ऐसे जगा रही है. झटके के साथ लण्ड खड़ा हो गया और पूरा मुंह खोल साक्षी की चूत को मुंह भरता हुआ जोर से काटते हुए चूसने लगा. उनके मुंह से चीखे और सिसकारियां निकलने लगी.

उसी समय सुबह सुबह पहले साक्षी को एक बार फिर चोदा और चोद कर उनको ठंडा करके बिस्तर से नीचे उतर बाथरूम चला गया. फ्रेश होकर बाहर निकला तो साक्षी उठ कर रसोई में जा चुकी थी. रविवार का दिन था मुझे भी कही जाना नहीं था. मौसी साक्षी ने उस दिन लाल रंग की टाइट समीज और काले रंग की चुस्त सलवार पहन रखी थी. नाश्ता करते समय पैर फैला कर बैठी तो मैं उसकी टाइट सलवार से उसके मोटे गुदाज जांघो और मस्तानी चुचियों को देखता चौंक गया.

दोनों फैली हुई जांघो के बीच मुझे कुछ गोरा सा, उजला सफ़ेद सा चमकता आया नज़र आया. मैंने जब ध्यान पूर्वक देखा तो पाया की साक्षी की सलवार उनके जांघो के बीच से फटी हुई. मेरी आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. मैं सोचने लगा की साक्षी तो इतनी बेढब नहीं है की फटी सलवार पहने, फिर क्या बात हो गई.

तभी साक्षी अपनी जांघो पर हाथ रखते अपने फटी सलवार के बीच ऊँगली चलाती बोली “क्या देख रहा है बे….साले…..अभी तक शान्ती नहीं मिली क्या….घूरता ही रहेगा….रात में और सुबह में भी पूरा खोल कर तो दिखाया था….”

मैं थोड़ा सा झेंपता हुआ बोला “नहीं साक्षी वो…वो आपकी…सलवार बीच से…फटी…”

साक्षी ने तभी ऊँगली दाल फटी सलवार को फैलाया और मुस्कुराती हुई बोली “तेरे लिए ही फाड़ा है….दिन भर तरसता रहेगा…सोचा बीच-बीच में दिखा दूंगी तुझे…”

मैं हसने लगा और आगे बढ़ साक्षी को गले से लगा कर बोला “हाय…साक्षी तुम कितनी अच्छी हो….ओह…तुम से अच्छा और सुन्दर कोई नहीं है….ओह साक्षी….मैं सच में तुम्हारे प्यार में पागल हो जाऊंगा…” कहते हुए साक्षी के गाल को चूम उनकी चूची को हलके से दबाया.

साक्षी ने भी मुझे बाँहों में भर लिया और अपने तपते होंठो के रस का स्वाद मुझे दिया. उस दिन फिर दिन भर हम दोनों मौसी बेटा दिन भर आपस में खेलते रहे और आनंद उठाते रहे. साक्षी ने मुझे दिन में दुबारा चोदने तो नहीं दिया मगर रसोई में खाना बनाते समय अपनी चूत चटवाई और दोपहर में भी मेरे ऊपर लेट कर चूत चटवाया और लण्ड चूसा.

टेलिविज़न देखते समय भी हम दोनों एक दुसरे के अंगो से खेलते रहे. कभी मैं उनकी चूची दबा देता कभी वो मेरा लण्ड खींच कर मरोड़ देती. मुझे कभी मादरचोद कह कर पुकारती कभी बहनचोद कह कर. इसी तरह रात होने पर हमने टेलिविज़न देखते हुए खाना खाया और फिर वो रसोई में बर्तन आदि साफ़ करने चली गई और मैं टीवी देखता रहा थोड़ी देर बाद वो आई और कमरे के अन्दर घुस गई. मैं बाहर ही बैठा रहा.

तभी उन्होंने पुकारा “राजू वहां बैठ कर क्या कर रहा है…बेटा आ जा….आज से तेरा बिस्तर यही लगा देती हूँ….”

मैं तो इसी इन्तेज़ार में पता नहीं कब से बैठा हुआ था. कूद कर साक्षी के कमरे में पहुंचा तो देखा साक्षी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठ कर मेकअप कर रही थी और फिर परफ्यूम निकाल कर अपने पूरे बदन पर लगाया और आईने में अपने आप को देखने लगी. मैं साक्षी के चुतड़ों को देखता सोचता रहा की काश मुझे एक बार इनकी गांड का स्वाद चखने को मिल जाता तो बस मजा आ जाता. मेरा मन अब थोड़ा ज्यादा बहकने लगा था. ऊँगली पकड़ कर गर्दन तक पहुचना चाहता था.

साक्षी मेरी तरफ घूम कर मुझे देखती मुस्कुराते हुए बिस्तर पर आ कर बैठ गई. वो बहुत खूबसूरत लग रही थी. बिस्तर पर तकिये के सहारे लेट कर अपनी बाँहों को फैलाते हुए मुझे प्यार से बुलाया.

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मैं कूद कर बिस्तर पर चढ़ गया और साक्षी को बाँहों में भर उनके होंठो का चुम्बन लेने लगा. तभी लाइट चली गई और कमरे में पूरा अँधेरा फ़ैल गया. मैं और साक्षी दोनों हसने लगे. फिर उन्होंने ने कहा “हाय राजू….ये तो एक दम टाइम पर लाइट चली गई…मैंने भी दिन में नहीं चुदवाया था की….रात में आराम से मजा लुंगी….चल एक काम कर अँधेरे में बूर चाट सकता है….देखू तो सही…..तू मेरी चूत की सुगंघ को पहचानता है या नहीं….सलवार नहीं खोलना ठीक है….”

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इतना सुनते ही मैं होंठो को छोड़ नीचे की तरफ लपका उनके दोनों पैरों को फैला कर सूंघते हुए उनकी फटी सलवार के पास उनके चूत के पास पहुँच गया. सलवार के फटे हुए भाग को फैला कर चूत पर मुंह लगा कर लफर-लफर चाटने लगा.

थोड़ी देर चाटने पर ही साक्षी एक दम सिसयाने लगी और मेरे सर को अपनी चूत पर दबाते हुए चिल्लाने लगी ” हाय राजू….बूर चाटू…..राजा….हाय सच में तू तो कमाल कर रहा है….एक दम एक्सपर्ट हो गया है….अँधेरे में भी सूंघ लिया….सीईईईइ बहनचोद….साला बहुत उस्ताद हो गया….है…..सीईईई मेरे राजा…..सीईईईइ” मैं पूरी चूत को अपने मुंह में भरने के चक्कर में सलवार की म्यानी को और फाड़ दिया, यहाँ तक तक की साक्षी की गांड तक म्यानी फट चुकी थी और मैं चूत पर जीभ चलाते हुए बीच-बीच में उनकी गांड को भी चाट रहा था और उसकी खाई में भी जीभ चला रहा था.
 
थोड़ी देर चाटने पर ही साक्षी एक दम सिसयाने लगी और मेरे सर को अपनी चूत पर दबाते हुए चिल्लाने लगी ” हाय राजू….बूर चाटू…..राजा….हाय सच में तू तो कमाल कर रहा है….एक दम एक्सपर्ट हो गया है….अँधेरे में भी सूंघ लिया….सीईईईइ बहनचोद….साला बहुत उस्ताद हो गया….है…..सीईईई मेरे राजा…..सीईईईइ” मैं पूरी चूत को अपने मुंह में भरने के चक्कर में सलवार की म्यानी को और फाड़ दिया, यहाँ तक तक की साक्षी की गांड तक म्यानी फट चुकी थी और मैं चूत पर जीभ चलाते हुए बीच-बीच में उनकी गांड को भी चाट रहा था और उसकी खाई में भी जीभ चला रहा था.

तभी लाइट वापस आ गई. मैंने मुंह उठाया तो देखा मैं और साक्षी दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे. होंठो पर से चूत का पानी पोछते हुए मैं बोला “हाय साक्षी देखो आपको कितना पसीना आ रहा है…जल्दी से कपड़े खोलो….”

साक्षी भी उठ के बैठते हुए बोली “हाँ बहुत गर्मी है….उफ्फ्फ्फ्फ्फ….लाइट आ जाने से ठीक रहा नहीं तो मैं सोच रही थी…..साली …” कहते हुए अपने समीज को खोलने लगी.

समीज खुलते ही साक्षी कमर के ऊपर से पूरी नंगी हो गई. उन्होंने ब्रा नहीं पहन रखी थी ये बात मुझे पहले से पता थी. क्यों की दिन भर उनकी समीज के ऊपर से उनके चुचियों के निप्पल को मैं देखता रहा था. दोनों चूचियां आजाद हो चुकी थी और कमरे में उनके बदन से निकल रही पसीने और परफ्यूम की मादक गंध फ़ैल गई. मेरे से रुका नहीं गया. मैंने झपट कर साक्षी को अपनी बाँहों में भरा और नीचे लिटा कर उनके होंठो गालो और माथे को चुमते हुए चाटने लगा. मैं उनके चेहरे पर लगी पसीने की हर बूँद को चाट रहा था और अपने जीभ से चाटते हुए उनके पूरे चेहरे को गीला कर रहा था.

साक्षी सिसकते हुए मुझ से अपने चेहरे को चटवा रही थी. चेहरे को पूरा गीला करने के बाद मैं गर्दन को चाटने लगा फिर वह से छाती और चुचियों को अपनी जुबान से पूरा गीला कर मैंने साक्षी के दोनों हाथो को पकड़ झटके के साथ उनके सर के ऊपर कर दिया. उनकी दोनों कांख मेरे सामने आ गई. कान्खो के बाल अभी भी बहुत छोटे छोटे थे. हाथ के ऊपर होते ही कान्खो से निकलती भीनी-भीनी खुश्बू आने लगी.

मैं अपने दिल की इच्छा पूरी करने के चक्कर में सीधा उनके दोनों छाती को चाटता हुआ कान्खो की तरफ मुंह ले गया और उसमे अपने मुंह को गाढ दिया. कान्खो के मांस को मुंह में भरते हुए चूमने लगा और जीभ निकाल कर चाटने लगा. कांख में जमा पसीने का नमकीन पानी मेरे मुंह के अन्दर जा रहा था मगर मेरा इस तरफ कोई ध्यान नहीं था. मैं तो कांख के पसीने के सुगंध को सूंघते हुए मदहोश हुआ जा रहा था. मुझे एक नशा सा हो गया था मैंने चाटते-चाटते पूरी कांख को अपने थूक और लार से भींगा दिया था.
 
साक्षी चिल्लाते हुए गाली दे रही थी “हाय हरामी….सीईईइ…ये क्या कर रहा है…..चूतखोर…..सीई….बेशरम…..कांख चाटने का तुझे कहा से सूझा…..उफ्फ्फ्फ्फ्फ….पूरा पसीने से भरा हुआ था….साला मुझे भी गन्दा कर रहा है….. हाय पूरा थूक से भींगा दिया….हाय मादरचोद ….ये क्या कर रहा है….उफ्फ्फ्फ्फ्फ….हाय मेरे पूरे बदन को चाट रहा है…..हाय बेटा……तुझे मेरे बदन से रस टपकता हुआ लगता है क्या…..हाय…… उफ्फ्फ्फ्फ्फ….”

मुझे इस बात की चिंता नहीं थी की साक्षी क्या बोल रही है. मैं दुसरे कांख को चाटते हुए बोला “हाय साक्षी…तेरा बदन नशीला है…उम्म्म्म्म्म्म्म…..बहुत मजेदार है….तू तो रसवंती है….रसवंती….तेरे बदन को चाटने से जितना मजा मुझे मिलता है उतना एक बार बियर पी थी तब भी नहीं आया था….हाय…..साक्षी तुम्हारी कान्खो में जो पसीना रहता है उसकी गंध ने मुझे बहुत बार पागल किया है…..हाय आज मौका मिला है तो नहीं छोड़ूँगा….तुम्हारे पूरे बदन को चाटूंगा…..गांड में भी अपनी जुबान डालूँगा…हाय साक्षी आज मत रोकना मुझे….मैं पागल हो गया हूँ…..उम्म्म्म्म्म्म्म्म….”

साक्षी समझ गई की मैं सच में आज उनको नहीं छोड़ने वाला. उनको भी मजा आ रहा था. उन्होंने अपना पूरा बदन ढीला छोड़ दिया था और मुझे पूरी आजादी दे दी थी. मैं आराम से उनके कान्खो को चाटने के बाद धीरे धीरे नीचे की तरफ बढ़ता चला गया और पेट की नाभि को चाटते हुए दांतों से सलवार के नारे को खोल कर खीचने लगा.

इस पर साक्षी बोली “फाड़ दे ना….बहनचोद…पूरी तो पहले ही फाड़ चूका है….और फाड़ दे….”

पर मैंने खींचते हुए पूरी सलवार को नीचे उतार दिया और दोनों टांग फैला कर उनके बीच बैठ एक पैर को अपने हाथ से ऊपर उठा कर पैर के अंगूठे को चाटने लगा धीरे धीरे पैर की उँगलियों और टखने को चाटने के बाद पूरे तलवे को जीभ लगा कर चाटा. फिर वहां से आगे बढ़ते हुए उनके पूरे पैर को चाटते हुए घुटने और जांघो को चाटने लगा. जांघो पर दांत गढ़ाते हुए मांस को मुंह में भरते हुए चाट रहा था.
 
साक्षी अपने हाथ पैर पटकते हुए छटपटा रही थी. मेरी चटाई ने उनको पूरी तरह से गरम कर दिया था. वो मदहोश हो रही थी. मैं जांघो के जोर को चाटते हुए पैर को हवा में उठा दिया और लप लप करते हुए कुत्ते की तरह कभी बूर कभी उसके चारो तरफ चाटने लगा फिर अचानक से मैंने जांघ पकड़ कर दोनों पैर हवा में ऊपर उठा दिया इस से साक्षी की गांड मेरी आँखों के सामने आ गई और मैं उस पर मुंह लगा कर चाटने लगा. साक्षी एक दम गरमा गई और तड़पते हुए बोली “क्या कर रहा है…हाय गांड के पीछे हाथ धो कर पड़ गया….है….सीईईई गांड मारेगा क्या….जब देखो तब चाटने लगता है…उस समय भी चाट रहा था….हाय हरामी….कुत्ते….सीईई…चाट मगर ये याद रख मारने नहीं दूंगी……साला आज तक इसमें ऊँगली भी नहीं गई है…..और तू कुत्ता…..जब देखो…उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़….हाय चाटना है तो ठीक से चाट…..मजा आ रहा है….रुक मुझे पलटने दे……” कहते हुए पलट कर पेट के बल हो गई और गांड के नीचे तकिया लगा कर ऊपर उठा दिया और बोली “ले अब चाट….कुत्ते….अपनी कुतिया साक्षी की गांड….को…..बहनचोद….. मौसी की गांड….खा रहा है…..उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ बेशरम……”

मेरे लिए अब और आसन हो गया था. साक्षी की गांड को उनके दोनों चुतड़ों को मुठ्ठी में कसते हुए मसलते हुए खोल कर उनकी पूरी गांड की खाई में जीभ डाल कर चलाने लगा. गांड का छोटा सा भूरे रंग का छेद पकपका रहा था. होंठो को गांड के छेद के होंठो से मिलाता हुआ चूमने लगा. तभी साक्षी अपने दोनों हाथो को गांड के छेद के पास ला कर अपनी गांड की छेद को फैलाती हुई बोली “हाय ठीक से चाट…चाटना है तो….छेद पूरा फैला कर….चाट…मेरा भी मन करता था चटवाने को…..तेरी जो वो राजशर्मा स्टॉरीज वेबसाइट है न उसमे लिखा है….हाय राजू…..मुझे सब पता है…बेटा….तू क्या क्या करता है….इसलिए चौंकना मत….बस वैसे ही जैसे राजशर्मा स्टॉरीज में लिखा है वैसे चाट…..हाय…जीभ अन्दर डाल कर चाट….हाय सीईईईईई…..”

मैं समझ गया की अब जब साक्षी से कुछ छुपा ही नहीं है तो शर्माना कैसा अपनी जीभ को करा कर के उनकी गांड की भूरी छेद में डाल कर नचाते हुए चाटने लगा. गांड को छेद को अपने अंगूठे से पकड़ फैलाते हुए मस्ती में चाटने लगा. साक्षी अपनी गांड को पूरा हवा में उठा कर मेरे जीभ पर नचा रही थी और मैं गांड को अपनी जीभ डाल कर चोदते हुए पूरी खाई में ऊपर से नीचे तक जीभ चला रहा था. साक्षी की गांड का स्वाद भी एक दम नशीला लग रहा था. कसी हुई गांड के अन्दर तक जीभ डालने के लिए पूरा जीभ सीधा खड़ा कर के गांड को पूरा फैला कर पेल कर जीभ नचा रहा था.

सक सक गांड के अन्दर जीभ आ जा रही थी. थूक से गांड की छेद पूरी गीली हो गई थी और आसानी से मेरी जीभ को अपने अन्दर खींच रही थी. गांड चटवाते हुए साक्षी एक दम गर्म हो गई थी और सिसकते हुए बोली “हाय राजा…अब गांड चाटना छोड़ो….हाय राजा….मैं बहुत गरम हो चुकी हूँ…..हाय मुझे तुने….मस्त कर दिया है…हाय अब अपनी रसवंती साक्षी का रस चूसना छोड़ और…….उसकी चूत में अपना मुस्लंड लौड़ा डाल कर चोद और उसका रस निकाल दे…..हाय सनम….मेरे राजा….चोद दे अपनी साक्षी मौसी को अब मत तड़पा….”
 
मैं समझ गया की अब जब साक्षी से कुछ छुपा ही नहीं है तो शर्माना कैसा अपनी जीभ को करा कर के उनकी गांड की भूरी छेद में डाल कर नचाते हुए चाटने लगा. गांड को छेद को अपने अंगूठे से पकड़ फैलाते हुए मस्ती में चाटने लगा. साक्षी अपनी गांड को पूरा हवा में उठा कर मेरे जीभ पर नचा रही थी और मैं गांड को अपनी जीभ डाल कर चोदते हुए पूरी खाई में ऊपर से नीचे तक जीभ चला रहा था. साक्षी की गांड का स्वाद भी एक दम नशीला लग रहा था. कसी हुई गांड के अन्दर तक जीभ डालने के लिए पूरा जीभ सीधा खड़ा कर के गांड को पूरा फैला कर पेल कर जीभ नचा रहा था.

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सक सक गांड के अन्दर जीभ आ जा रही थी. थूक से गांड की छेद पूरी गीली हो गई थी और आसानी से मेरी जीभ को अपने अन्दर खींच रही थी. गांड चटवाते हुए साक्षी एक दम गर्म हो गई थी और सिसकते हुए बोली “हाय राजा…अब गांड चाटना छोड़ो….हाय राजा….मैं बहुत गरम हो चुकी हूँ…..हाय मुझे तुने….मस्त कर दिया है…हाय अब अपनी रसवंती साक्षी का रस चूसना छोड़ और…….उसकी चूत में अपना मुस्लंड लौड़ा डाल कर चोद और उसका रस निकाल दे…..हाय सनम….मेरे राजा….चोद दे अपनी साक्षी मौसी को अब मत तड़पा….”

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साक्षी की तड़प देख मैंने अपना मुंह उनकी गांड पर से हटाया और बोला ” हाय साक्षी जब आपने राज शर्मा स्टॉरीज पढ़ी थी तो…आपने पढ़ा तो होगा ही की….कैसे गांड….में…हाय मेरा मतलब है की एक बार साक्षी….अपनी गांड….”

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साक्षी इस एक दम से तड़प कर पलटी और मेरे गालो पर चिकोटी काटती हुई बोली “हाय हरामी….साला…..तू जितना दीखता है उतना सीधा है नहीं….सीईईईइ….मादरचोद ….मैं सब समझती हूँ….तू साला गांड के पीछे पड़ा हुआ है…..कुत्ते मेरी गांड मारने के चक्कर में तू….साले…यहाँ मेरी चूत में आग लगी हुई है और तू….हाय….नहीं बेटा मेरी गांड एक दम कुंवारी है और आज तक मैंने इसमें ऊँगली भी नहीं डाली है….हाय राजू तेरा लौड़ा बहुत मोटा है….गांड छोड़ कर चूत मार ले…मैंने तुझे गांड चाटने दिया….गांड का पूरा मजा ले लिया अब रहने दे….”

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मैं साक्षी की विनती करने लगा. “हाय साक्षी प्लीज़….बस एक बार…किताब में लिखा है कितना भी मोटा…..हो चला जाता है…हाय प्लीज़ बस एक बार…बहुत मजा…आता है…मैंने सुना है….प्लीज़….” मैं साक्षी के पैर को चूम रहा था, चूतड़ को चूम रहा था, कभी हाथ को चूम रहा था. साक्षी से मैं भीख मांगने के अंदाज में विनती करने लगा.

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कुछ देर तक सोचने के बाद साक्षी ” बोली ठीक है बेटा तू कर ले….मगर मेरी एक शर्त है….पहले अपने थूक से मेरी गांड को पूरा चिकना कर दे….या फिर थोड़ा सा मख्खन का टुकड़ा ले आ मेरी गांड में डाल कर एक दम चिकना कर दे फिर….अपना लण्ड डालना…डालने के पहले…. लण्ड को भी चिकना कर लेना….हाँ एक और बात तेरा पानी मैं अपनी चूत में ही लुंगी खबरदार जो…. तुने अपना पानी कही और गिराया….गांड मारने के बाद चूत के अन्दर डाल कर गिराना….नहीं तो फिर कभी तुझे चूत नहीं दूंगी… और याद रख मैं इस काम में तेरी कोई मदद नहीं करने वाली मैं कुर्सी पकड़ कर खड़ी हो जाउंगी…..बस….”
 
मैं राजी हो गया और तुंरत भागता हुआ रसोई से फ्रीज खोल मख्खन के दो तीन टुकड़े ले कर आ गया. साक्षी तब तक सोफे वाली चेयर के ऊपर दो तकिया रख कर अपनी आधे धर को उस पर टिका कर गांड को हवा में लहरा रही थी.

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मैं जल्दी से उनके पीछे पहुँच कर उनके चुतड़ों को फैला कर मख्खन के टुकड़ो को एक-एक कर उनकी गांड में ठेलने लगा. गांड की गर्मी पा कर मख्खन पिघलता जा रहा था और उनकी गांड में घुस कर घुलता जा रहा था. मैंने धीरे धीरे कर के सारे टुकड़े डाल दिए फिर नीचे झुक कर गांड को बाहर से चाटने लगा. पूरी गांड को थूक से लथपथ कर देने के बाद मैंने अपने लण्ड पर भी ढेर सारा थूक लगाया और फिर दोनों चुतड़ों को दोनों हाथ से फैला कर लण्ड को गांड की छेद पर लगा कर कमर से हल्का सा जोर लगाया.

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गांड इतनी चिकनी हो चुकी थी और छेद इतनी टाइट थी की लण्ड फिसल कर चुतड़ों पर लग गया. मैंने दो तीन बार और कोशिश की मगर हर बार ऐसा ही हुआ.

साक्षी इस पर बोली “देखा बेटा मैं कहती थी न की एक दम टाइट है….कुत्ते….मेरी बात नहीं मान रहा था…किताब में लिखी हर बात…..सच नहीं….हाय तू तो….बेकार में….उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ कुछ होने वाला नहीं….दर्द भी होगा…..हाय…..चूत में पेल ले….ऐसा मत कर….”

मगर मैं कुछ नहीं बोला और कोशिश करता रहा. थोड़ी देर में साक्षी ने खुद से दया करते हुए अपने दोनों हाथो से अपने चुतड़ों को पकड़ कर खींचते हुए गांड के छेद को अंगूठा लगा कर फैला दिया और बोली “ले मादरचोद अपने मन की आरजू पूरी कर ले….साला हाथ धो के पीछे पड़ा है….ले अब घुसा….लण्ड का सुपाड़ा ठीक से छेद पर लगा कर उसके बाद….धक्का मार…धीरे धीरे मारना…हरामी….जोर से मारा तो गांड टेढा कर के लण्ड तोड़ दूंगी…..”

मैंने साक्षी के फैले हुए गांड के छेद पर लण्ड के सुपाड़े को रखा और गांड तक का जोर लगा कर धक्का मारा. इस बार पक से मेरे लण्ड का सुपाड़ा जा कर साक्षी की गांड में घुस गया. गांड की छेद फ़ैल गई. सुपाड़ा जब घुस गया तो फिर बाकी काम आसान था क्योंकि सबसे मोटा तो सुपाड़ा ही था. पर सुपाड़ा घुसते ही साक्षी की गांड परपराने लगी.

वो एक दम से चिल्ला उठी और गांड खींचने लगी. मैंने साक्षी की कमर को जोर से पकड़ लिया और थोड़ा और जोर लगा कर एक और धक्का मार दिया. लण्ड आधा के करीब घुस गया क्योंकि गांड तो एक दम चिकनी हो रखी थी.

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पर साक्षी को शायद दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ चिल्लाते हुए बोली “हरामी….कुत्ते…कहती थी….मत कर…

मादरचोद ….पीछे पड़ा हुआ था…..साले….हरामी….छोड़….. हाय…मेरी गांड फट गई…उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़….सीईईईई….अब और मत डालना….हरामी….तेरी माँ को चोदु…..मत डाल….. हाय निकल ले…निकल ले बेटा….गांड मत मार….हाय चूत मार ले….हाय साक्षी की गांड फाड़ कर क्या मिलेगा….सीईईईईइ…आईईईईईइ……..मररररर….गईइइइ …..”

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साक्षी के ऐसे चिल्लाने पर मेरी गांड भी फट गई और मैं डर रुक गया और साक्षी की पीठ और गर्दन को चूमने लगा और हाथ आगे बढा कर उनकी दोनों लटकती हुई चुचियों को दबाने लगा.
 
मेरी जानकारी मुझे बता रही थी की अगर अभी बताने लिया तो फिर शायद कभी नहीं डालने देगी इसलिए चुप-चाप आधा लण्ड डाले हुए कमर को हलके हलके हिलाने लगा. कुछ देर तक ऐसे करने और चूची दबाने से शायद साक्षी को आराम मिल गया और आह उह करते हुए अपनी कमर हिलाने लगी.

मेरे लिए ये अच्छा अवसर था और मे भी धीरे धीरे कर के एक एक इंच लण्ड अन्दर घुसाता जा रहा था. हम दोनों पसीने पसीने हो चुके थे. थोड़ी देर में ही मेरी मेहनत रंग लाइ और मेरा लण्ड लगभग पूरा साक्षी की गांड में घुस गया. साक्षी को अभी भी दर्द हो रहा था और वो बड़बड़ा रही थी. मैं साक्षी को सांत्वना देते हुए बोला “बस साक्षी हो गया अब….पूरा घुस चूका है…थोड़ी देर में लौड़ा….सेट हो कर आपको मजा देने लगेगा….हाय…परेशान नहीं हो….मैं खुद से शर्मिंदा हूँ की मेरे कारण आपको इंतनी परेशानी झेलनी पड़ी….अभी सब ठीक हो जाएगा….”

साक्षी मेरी बात सुन कर अपनी गर्दन पीछे कर मुस्कुराने की कोशिश करती बोली “नहीं बेटा…इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है…हम आपस में मजा ले रहे है….इसलिए इसमें मेरा भी हाथ है……बेटा तू ऐसा मत सोच….मेरे भी दिल में था की मैं गांड मरवाने का स्वाद लू….अब जब हम कर ही रहे है तो….घबराने की कोई जरुरत नहीं है….तुम पूरा कर लो पर याद रखना….अपना पानी मेरी चूत में ही छोड़ना…लो मारो मेरी गांड…मैं भी कोशिश करती हूँ की गांड को कुछ ढीला कर दू….” ऐसा बोल कर साक्षी भी धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाने लगी.

मैं भी धीरे धीरे कमर हिला रहा था. कुछ देर बाद ही सक सक करते हुए मेरा लण्ड उनकी गांड में आने-जाने लगा. अब जाकर शायद कुछ ढीला हो रहा था. साक्षी के कमर हिलाने में भी थोड़ी तेजी आ गई, इसलिए मैंने अपनी गांड का जोर लगाना शुरू कर दिया और तेजी से धक्के मारने लगा. एक हाथ को उनकी कमर के नीचे ले जाकर उनकी बूर के टीट को मसलने लगा और चूत को रगड़ने लगा. उनकी चूत पानी छोड़ने लगी. साक्षी को अब मजा आ रहा था. मैं अब कचाकाच धक्का लगाने लगा और एक हाथ उनके चुचियों को थाम कर लण्ड को गांड के अन्दर-बाहर करने लगा.

चूत से चार गुना ज्यादा टाइट साक्षी की गांड लग रही थी. साक्षी अपनी गांड को हिलाते हुए बोली ” हाय बेटा मजा आ रहा है…..सीईईईई….बहुत अच्छा लग रहा है……शुरुर में तो दर्द कर रहा था…..मगर अब अच्छा लग रहा है…..सीईईईई…..हाय राजा….मारो धक्का…जोर जोर से चोदो अपनी साक्षी मौसी की गांड को……हाय सैयां बताओ अपनी साक्षी मौसी की गांड मारने में कैसा लग रहा है…..मजा आ रहा है की नहीं…..मेरी टाइट गांड मारने में…. मौसी की गांड मारने का बहुत शौक था ना तुझे…. तो मन लगा कर मार….हाय मेरी चूत भी पानी छोड़ने लगी है….हाय जोर से धक्का मार….अपनी मौसी को बीबी बना लिया है….तो मन लगा कर बीबी की सेवा कर….हाय राजा सीईईईईईइ…..बहनचोद बहुत मजा आ रहा है…..सीईईईईइ….उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़…..”

मैं भी अब पूरा जोर लगा कर धक्का मारते हुए चिल्लाया ” हाय साक्षी सीईईई….बहुत टाइट है तुम्हारी गांड….मजा आ गया….हाय एक दम संकरी छेद है….ऊपर नीचे जहाँ के छेद में लौड़ा डालो वही के छेद में मजा भरा हुआ है….हाय साक्षी साली….मजा आ गया….सच में तुम बहुत मजेदार हो….. बहुत मजा आ रहा है….सीईईईई….मैं तो पागल हाय….मैं तो पूरा मौसी चोद बन गया हूँ…..मगर तुम भी तो बेटाचोदी हो मेरी डार्लिंग मौसी …..हाय साक्षी आज तो मैं तुम्हारी बूर और गांड दोनों फाड़ कर रख दूंगा…..”

तभी मुझे लगा की इतनी टाइट गांड मारने के कारण मेरा किसी भी समय निकल सकता है. इसलिए मैंने साक्षी से कहा की “साक्षी…मेरा अब निकल सकता है…तुम्हारी गांड बहुत टाइट है….इतनी टाइट गांड मारने से मेरा तो छिल गया है मगर…..बहतु मजा आया….अब मैं निकाल सकता हूँ….हाय बोलो साक्षी क्या मैं तुम्हारी गांड से निकाल कर चूत में डालू या फिर…..तुम्हारी गांड में निकाल दू….बोलो न मेरी लण्डखोर मौसी ….साली मैं तुम्हारे चूत में झड़ू या फिर….गांड में झड़ू …..हाय मेरी रंडी साक्षी…..”
 
साक्षी अपनी गांड नचाते हुए बोली ” मादरचोद ….मुझे रंडी बोलता है….साले अगर नहीं दिया होता तो मुठ मारता रह जाता….हाय अगर निकलने वाला है तो भोसडी के पूछ क्या रहा है…..जल्दी से गांड से निकाल चूत में डाल….”

मैंने सटक से लौड़ा खिंचा और साक्षी भी उठ कर खड़ी हो गई और बिस्तर पर जा कर अपनी दोनों टांग हवा में उठा कर अपने जन्घो को फैला दिया. लगभग कूदता हुआ उनके जांघो बीच घुस गया और अपना तमतमाया हुआ लौड़ा गच से उनकी चूत में डाल कर जोर दार धक्के मारने लगा.

साक्षी भी नीचे से गांड उछाल कर धक्का लेने लगी और चिल्लाने लगी ” हाय राजा मारो….जोर से मारो…अपनी मौसी बीबी की…हाय मेरे सैयां…बहुत मजा आ रहा है…इतना मजा कभी नहीं मिला….मेरे भानजे मेरे पति….अब तुम्ही मेरे पति हो…हाय राजा मैं तुमसे शादी करुँगी….हाय अब तुम्ही मेरे सैयां हो….मेरे बालम….मादरचोद ….ले अपनी साक्षी मौसी की की चूत का मजा….पूरा अन्दर तक लौड़ा डाल कर…चूत में पानी छोड़ो….मादरचोद …”

मैं भी चिल्लाते हुए बोला ” हा रंडी मैं तेरे से शादी करूँगा…मेरे लण्ड का पानी अपनी चूत में ले….हाय मेरा निकलने वाला है….हाय सीईईईईइ………ले ले….” और साक्षी को कस कर अपनी बाँहों में चिपका झड़ने लगा. उसी समय वो भी झड़ने लगी.

”साक्षी मैने तुम्हारे नाम से अभी तक बहुत बार मूठ मारी है! आइ लव यू साक्षी मैं जब तेरे होंठ देखता हूँ लगता है! कि चूस लूँ और तेरे बूब्स का सारा दूध पीलूँ मुझे तेरी गान्ड बहुत पसंद है !

साक्षी - क्यूँ ऐसी क्या बात है मेरी गान्ड मे जो तू इसकी इतनी तारीफ कर रहा है

मैं-!तेरी गान्ड को देखकर तो बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए मैं तेरी चूत मे उंगली डालकर तेरा पाद सूँघू

साक्षी-- मेरा पाद सूँघेगा मैं तो तेरा मूत भी पीने को तैयार हूँ

मैं-- साली रंडी मैने अब उसकी पैंटी मे हाथ डालकर उसकी चूत मे उंगली कर रहा था वो मेरे लंड को हिला रही थी

साक्षी- क्या तुझे मेरी चूत अच्छी नही लगती है:”

मैं-तेरी रसीली चूत का तो सारा इंडिया दीवाना है भोसड़ेवाली.तेरी चूत के चक्कर मे कितने अपना लॉडा रोज़ हिलाते होंगे.मेरे दोस्त भी तो तेरी इसी चूत के लिए पागल हैं.मे तो इस चूत का भूत बन के रहना चाहता हूँ ”

अब मैने उसकी ब्रा और पैंटी निकाल दी और उसकी गुलाबी बुर देख कर मैं पागल हो गया.मैने उसे हर जगह किस करना शुरू

किया.साक्षी भी मेरा साथ देने लगी.
 
साक्षी:”मैं मूत कर आती हूँ”

मैं:”मैं तुझे मूत करते देखना चाहता हूँ.तेरे मूत का स्वाद चखना चाहता हूँ”

साक्षी:”चल,मादारचोद,आज मैं तुझे अपना मूत पिलाती हूँ”

अब हम दोनो बाथरूम मे गये और वो मूतने बैठ गई.मैं मेरा मूह उसकी चूत के पास ले गया और उसका मूत पीने लगा.वो हँस पड़ी.

क्या टेस्ट था उसके मूत का वाह!

फिर हम बेडरूम मे आए.मैने उसे लिटा दिया और उस पर चढ़ गया.मेरा तना हुआ लंड देख कर उसकी चूत मे पानी आ गया था और मुझे

भी उसकी चूत का मज़ा लेना था.

साक्षी:”अब देर मत कर और जल्दी से चोद दे मुझे.आज अपनी बहेन के बेटे से मरवाउन्गी अपनी चूत चल डाल लॉडा मेरी चूत मे ,हरामी” ये कहानी राजशर्मास्टॉरीजडॉट.कॉम पर पढ़ रहे है

.मैं साक्षी के मूह से चुदाई की बाते सुनकर और बेताब हो गया और मैने उसकी चूत मे मेरा लंड डाल दिया.साली की चूत मे लंड डालने के बाद मुझे लगा कि साक्षी कुँवारी नही है.साली पहले और भी केले खा चुकी है.मैं ने उसे चोदना सुरू किया.मैने अपनी स्पीड बढ़ाई,अब मेरा पूरा लंड चूत से अंदर बाहर हो रहा था

.साक्षी:”और चोदो,चोदो मुझे आ आ प्लीज़ चोदो अहह! ”मैं पंद्रह मिनट तक उसे चोदता रहा फिर हम दोनो झड गये और एक दूसरे की बाहों मे सो गये.

जब दोपहर को मेरी आँख खुली तो मैने देखा कि साक्षी किचन मे खाना बना रही थी.उसने सिर्फ़ गाउन पहना था और वो भी ट्रॅन्स्परेंट.मुझे उसके अंदर का सब कुछ दिखाई दे रहा था.मेरा लंड खड़ा हो गया.मैने पीछे से जाकर उसे पकड़ा और अपना लॉडा उसकी गान्ड पे रगड़ ने लगा और उसे किस करने लगा.

साक्षी बोली:”यह क्या कर रहे हो.मुझे खाना तो बनाने दो”

मैं:”तेरी माँ की चूत रंडी,नाटक दिखाती है,साली.चल जल्दी से नंगी हो जा कमिनि. एक तो ऐसे कपड़े पहनती है और फिर रुकने को कहती है.अभी तो तेरी जाँघ और चूत भी तो चाटनी है”

साक्षी:”साले हरामी मुझे रंडी बोलता है,रंडी की औलाद.”

मैने उसका गाउन उपर किया और उसकी गान्ड मे लंड डालके उसे चोदने लगा.

वो चिल्लाने लगी:”साले कुत्ते!जा अपनी माँ की गान्ड मार ले साले.बहुत दर्द होता है निकाल तेरा लंड मादरचोद!”

मैने उसकी एक नही सुनी और इसकी गान्ड मारता रहा.गान्ड मारने के बाद मैने टेबल पे लिटाया और उसके कट और थाइस को चूमने और चाटने लगा.

मैं अपनी जीब को उसकी चूत के अंदर तक ले गया और चूस्ता रहा .क्या रसीली चूत थी उसकी दोस्तो!!!आहह!!!अब वो झ्ड गयी और मैने

उसका सारा पानी पी लिया.क्या मस्त टेस्ट था उसकी चूत के पानी का क्या बोलू.

मैं:”मेरी बरसो की तमन्ना थी तेरी चूत को चाटने की ”

साक्षी:”मेरी चूत तो चाट ली अब मे तेरा लॉडा चूसुन्गी”

और उसने झुक कर मेरा लॉडा अपने मुँह मे ले लिया और चूसने लगी.

लंड चूस्ते चूस्ते मैं उसके बूब्स और चूतड़ों को दबा रहा था.

वो अब लौडे का सारा पानी पी गयी.एक दम रांड़ लग रही थी.

अब हमने खाना होटेल से मँगवाया और खाने लगे.

वो बोली:”कपड़े तो पहनने दो”

मैं:”कपड़े तो वैसे भी मैं दस मिनट मे तेरे उतार ही दूँगा”

और मैने उसे खीच कर मेरी थाइस पे बिठा लिया और हम खाना खाने लगे.उसकी गान्ड की गर्मी से मेरा लंड खड़ा हो गया और उसकी गान्ड से टकराने लगा.

साक्षी: “तू तो आज मेरी चूत का भोसड़ा करने वाला है.कितनी बार चोदेगा अपनी इस रंडी को”

मैं:”तुझे तो मैं ज़िंदगी भर अपनी रंडी बना के रखूंगा और दिन मैं पाँच बार चोदून्गा. साली आज तक कितने डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर का केला खाया होगा कुत्ति, ”

साक्षी:”बहुत सारे डाइरेक्टर,प्रोड्यूसर और आक्टर्स के साथ चुदाई की है हरामी.पर कोई तेरे जैसा नही मिला ”

मैं:”क्या राज शर्मा भी तुझे चोद चुका है”

साक्षी:”हां! साला बहुत हरामी है!शूटिंग करते वक़्त मुझे गान्ड और बूब्स पे छूने की कोशिश करता था. आउटडोर शूटिंग थी तब हम होटेल मे रुके थे.रात को हम सब बाहर बैठे थे तो मुझे ज़ोर की सूसू लग गई और मैं लॅडीस बाथरूम जाने लगी राज भी मेरे साथ बाथरूम मे घुस गया और मेरे बूब्स दबाने लगा.

मैने उसे रोकना चाहा पर फिर मुझे भी अच्छा लगाने लगा.उसने मेरी सलवार खोली और पैंटी नीची करके चोदने लगा.रात को कमरे मे आया और रात भर मुझे चोदा.आज भी सेट पर कभी मेरी चूत या गान्ड पे हाथ लगाता है,तो कभी गान्ड पे पिंच करता है”

मैं:”कोई देखता नही”

साक्षी:”नही अकेले मे ही करता है हरामी,पर एक बार राज मेरे बूब्स दबा रहा था तो कृष्णा ने देख लिया जो सीरियल मे मुझे बड़ी-माँ बुलाता है. ये कहानी राजशर्मास्टोरीसडॉट.कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर उसने भी घर आकर अपनी बड़ी माँ को चोद दिया ये सब सुनकर मुझसे रहा नही गया मैने अपना लंड उसकी चूत मे डालकर धक्के देने लगा वो भी चिल्लाने लगी उस दिन मैने उसको 5 बार से ज़्यादा चोदा और उसकी चूत को लाल कर दिया अब चुदाई का यह सिलसिला आज भी चालू है.मैं हर महीने मिनिमम दो दिन के लिए साक्षी मासी के घर जा कर उसे चोदता हूँ दोस्तो.कैसी लगी साक्षी तवँर की सेक्स की कहानी, अच्छी लगे तो शेयर करो .
 
हेलो एवेरिबडी. मैं आशा करता हूँ कि मेरी पहली कहानी साक्षी तन्वर(पार्वती भाभी) की चुदाई आपको अच्छी लगी होगी.मेरा नाम राज है और मेरा लॉडा 8 इंच का है.जैसे मेने आपको बताया की मेरी मासी साक्षी तन्वर(पार्वती भाभी) जो एक टीवी आक्ट्रेस है उनको मैने कैसे चोदा .अब आगे….

साक्षी की चूत मारने के बाद जब मैं घर आया तो मैं हमेशा उसकी जवानी के बारे मे सोचता रहता.मैं रोज़ उसके नाम से मेरा लॉडा हिलाता था.पर एग्ज़ॅम दो महीने पर होने के कारण मा ने मुझे मासी के यहाँ जाने नही दिया.एक दिन मैं घर मे कमरे मे बैठा हुआ था तो मेरे मोबाइल पे रंडी साक्षी का फोन आया.

मैं:”हेलो!कैसी है रंडी?”

साक्षी: “तेरे लौडे की याद मे अपनी चूत मे उंगली कर रही हूँ साले मादर चोद .

मैं:” मैं भी तो तेरी याद मे अपना लॉडा हाथ मे लेकर बैठा हूँ.तेरी चूत की महेक सूंघने के लिए बेताब हूँ छिनाल.”

साक्षी:” अपनी मासी को छिनाल और रंडी कहता है और उसी रंडी को तीन महीने से भूका रखता है साले मा के लौडे .तुझे इतना भी मालूम नही कि रंडी को रोज़ चोदा जाता है.तू कब आ रहा है मेरे राजा,तेरी याद मे गाजर,मूली और कॅंडल से ही काम चलाना पड़ता है.तुझे ज़रा सा भी ख़याल नही अपनी इस रंडी का.”

मैं:”क्या करू तेरी याद मे मैं भी तो अपना हिलाता रहता हूँ पर दो महीने बाद एग्ज़ॅम होने के कारण मा मुझे अलाउ नही कर रही हैं,जानेमन.”

साक्षी:”ओके.तो इसका मतलब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा मेरी चूत की खुजली मिटा ने के लिए”

और उसने फोन कट कर दिया.मैं भी फोन रखा तभी डोर बेल बजी.

मा ने आवाज़ दी ”बेटा डोर ओपन करना मैं बाथरूम मे हूँ”.

मैने डोर खोला तो मैं खुशी से पागल हो उठा.साक्षी डोर पर खड़ी थी.उसने बहुत सारा मेकप किया हुआ था.उसके होंठो पर लाल लिपस्टिक लगाई थी जो मुझे उत्तेजित कर रही थी.स्लीवलेशस ब्लाउज इतनी टाइट और थोड़ी ट्रॅन्स्परेंट थी कि उसकी चुचि मुझे नज़र आ रही थी.

वो मुझे देख कर हँसी और बोली “कैसा लगा सर्प्राइज़?”

मैने कुछ ना कहकर उसे अंदर लिया ,डोर बंद करके उसे अपनी बाहों मे ले लिया और उसके चुचि ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा.

तो वो बोली ”इतनी जल्दी क्या है राजा तेरी माँ ने देख लिया तो मुश्किल हो जायागी. ”

मैने उसे ज़ोर से किस करने लगा उसकी गान्ड दबाने लगा बोला “माँ बाथरूम मे है तब तक मुझे मत रोको मुझे तेरी जवानी का रस चखने दे जान”

उसने मुझे दूर किया और बोली”सबर का फल मीठा होता है राजा”

तभी मा आई “साक्षी तू कब आई”

साक्षी “अभी अभी”

मा “अच्छा हुआ तू आई, ये नलायक हमेशा तेरे घर जाने की ज़िद करता है ”

साक्षी स्माइल्ड अट मी और उसने मुझे आँख मारी आंड सेड “मुझे भी आप दोनो की याद आ रही थी इस लिए दो दिन शूटिंग कॅन्सल करके रहने आई हूँ”

साक्षी दो दिन मेरे घर मे रहने वाली है यह सुनके मैं दिल ही दिल मे खुश हो गया.मेरे पापा बिज़्नेस टूर पर होने के कारण घर मे हम तीन ही थे मैं,मा और मेरी सेक्सी रंडी मासी साक्षी.

मेरी मा का नाम अर्चना है और उनकी फिगर 38-32-36 है.वो एक सुंदर सुडौल हाउसवाइफ है.उनके लिप्स पतले और रसीले है.उनके चूतड़ बड़े और टाइट है.उनका चेहरा बड़ा ही कामुक है.जब वो चलती तो उसके चूतड़ वर्टिकली हिलते थे.सारे लोग मेरी मा के चूतड़ पर फिदा थे.मुझे ऐसा लगता कि मा पापा से अपनी गान्ड ज़रूर मरवाती होंगी. जब वो रास्ते से चलती तो सब लोग उसे मूड मूड कर देखते और अपने खड़े लंड को पॅंट मे अड्जस्ट करते.मैं भी उसके गोरे गोरे बदन को देखता तो पागल हो जाता.वो हमेशा साड़ी पहनती थी.उनका ब्लाउस इतना लो कट होता कि उनकी आधे से ज़्यादा चुचि दिखाई देती थी.एक बार तो मैने मा का निपल भी देखा.वाह क्या निपल था मन कर रहा था की फिर से छोटा बनू और अपनी मा का दूध पीलू .

मेरी मा इतनी गोरी है कि मैं कभी कभी सोचता कि उसकी बुर कितनी लाल लाल होगी.सच बोलू तो मैं अपनी मा को नंगा देखना चाहता था.पेर हमेशा डर सा लगता और एक गिल्टी फीलिंग आती.पर मैं हवस के कारण मजबूर था.जब वो खाना परोसती तो मैं मा के बड़े बड़े स्तन देखता था और जब वो घर की सफाई करती तो मैं उनके पीछे पीछे रहता कि मैं उनके चूतड़ देख सकूँ .कभी कभी मैं मा की गान्ड पर हाथ लगाता था और मैं अपना लंड भी कभी कभी मा के चूतड़ पर रगड़ देता.

ऐसा दिखाता मानो कि अंजाने से हुआ हो.

वो कुछ नही कहती थी.मेरे पड़ोस वाले और ईवन मेरे दोस्त भी मेरे मा को गंदी नज़र से देखते थे और शायद मा के नाम की मूठ भी मारते होंगे.एक बार मैं गार्डेन मे था तो झाडी के पीछे पड़ोस वाले दोस्त रवि और विवेक बातें कर रहे थे.मैं उन्हे नज़र नही आ रहा था पर जब मैने उनकी बातें सुनी तो हैरान हो गया.

रवि:”क्या मस्त माल है अर्चना आंटी.अगर एक दिन के लिए मिल जाए तो उसके चोद छोड़ के छाती का दूध याद दिलाऊ”

विवेक:”क्या रसीली चूत होगी साली की.मैं तो पहले उसकी गान्ड मारूँगा.साली जब मटक मटक के चलती है तो मन करता है की रंडी की गान्ड मार दूं .साली का हज़्बेंड बड़ा लकी है कि रोज़ ऐसी चिकनी चूत चाटने को मिलती होगी”

रवि:”अर्रे उसके हज़्बेंड को जाने दे.अपना राहुल कितना लकी है कि ऐसी माल मा मिली है.मेरी मा होती तो उसे रोज़ चोदता .उससे नंगा नाच करवाता.साली को रंडी बनाकर चोदता और प्रेग्नेंट कर देता ”

विवेक:”हां यार सच राहुल बहुत लकी है.मैं होता तो मा की गान्ड मारता.उसे दिन मैं 4 बार चोदता .उसके मूह मे अपना लौडा देता और सुबह शाम चुस्वाता छिनाल से”

रवि:”मैं तो साली की नंगी तस्वीरे मेरे पूरे बेडरूम मे लगाता.और उसे अपने बाप के सामने ही चोद देता.उसकी ब्लू फिल्म निकालता.खुद भी चोदता और अपने दोस्तो से भी चुदवाता उसे.”

यह सब सुनके मेरा लंड खड़ा हो गया और मैने घर जा कर अपनी मा के नाम की मूठ मार दी.
 
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