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Guest
और फिर सनडे का दिन आ जाता है ...
आज राज को ज्योति के साथ नेहा के घर जाना है ...
ज्योति रेड टॉप ब्लॅक जींस में गजब लग रही थी राज भी ब्लू जींस और वाइट शर्ट बड़ा ही स्मार्ट लग रहा था
ज्योति राज के साथ बाइक पर बैठ नेहा के घर की तरफ निकल जाती है
रास्ते में राज ज्योति से कहता है
राज ...ज्योति मुझे तो वहाँ कोई जानता भी नही है बस तेरी खातिर जा रहा हू ..
ज्योति .. आपको भी जानते है
राज ...क्या
ज्योति ...हा वही जाकर देख लेना भैया
थोड़ी देर बाद नेहा का घर आ जाता है
क्या आलीशान कोठी थी और पार्टी भी शानदार लग रही थी राज तो देखता रह जाता है...
राज ...ज्योति ये घर है नेहा का
ज्योति ...जी भैया चलिए
राज बाइक खड़ी कर ज्योति के साथ अंदर पहुचता है घर मेहमानों से भरा पड़ा था ...
तभी राज की नज़र उतरती हुई एक लड़की पर पड़ती है पिंक कलर का लहनगा पहने बिल्कुल परी लग रही थी राज तो एक टक उस लड़की को देखता रह जाता है ...
ज्योति राज से भैया ये नेहा है
राज ... हाा
ज्योति ...भैया ये नेहा है
तभी नेहा की नज़र भी ज्योति और राज पर पड़ती है और अपना हाथ हिलाते हुए नेहा ज्योति के पास आती है...
नेहा ... हाई ज्योति वेलकम.. मुझे बहुत खुशी हुई तुम्हारे आने से ..
और फिर नेहा अपना हाथ राज की तरफ बढ़ाते हुए
नेहा ...हेलो राज कैसे हो तुम
राज नेहा के मूह से अपना नाम सुनकर चोंक जाता है ...और अपना हाथ आगे करते हुए नेहा से मिलता है ...
नेहा बड़े कॉन्फिडेंट से राज का हाथ थाम लेती है और राज की आँखो में देखती है ...
तभी नेहा के मम्मी पापा बहुत बड़ा सा केक काटना शुरू करते है ...
नेहा राज और ज्योति को लेकर उनके पास पहुचती है जेसे ही केक कटता है
सभी मेहमान तालियाँ बजा का सेलीब्रेट करते है ....
नेहा राज और ज्योति को अपने हाथ से केक खिलाती है ...
नेहा तो बस राज की खातिर में ही लगी हुई थी कभी मिठाई कभी कोल्डड्रिंक कभी रसमलाई .. नेहा राज की ऐसी दीवानी हो रही थी .. दिल तो कर रहा था आज ही राज को प्रपोज कर दे ...
नेहा ने ज्योति और राज को अपने मम्मी पापा से भी मिलवाया ..
नेहा के घर आकर राज को बड़ा अच्छा लग रहा था ...
मगर ज्योति को आज बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था ..2 घंटे हो गये थे उसे नेहा के घर आए हुए .. इन 2 घंटो में राज ने एक बार भी ज्योति से बात नही की थी
... ज्योति को अपने भाई पर भी गुस्सा आ रहा था...ज्योति को लग रहा था अब यान्हा से चलना चाहिए ..
और ज्योति नेहा के पास जाती है ....
ज्योति ...अच्छा नेहा अब हम चलते है हमे देर हो रही है ...
नेहा .. अर्रे ज्योति कहा जा रही है अभी तो पार्टी शुरू हुई है ...
ज्योति ...नेहा मेरी तबीयत भी कुछ ठीक नही लग रही ...
नेहा ..क्या हुआ ज्योति
ज्योति ...थोड़ा सिर दर्द कर रहा है ...
नेहा ...अच्छा एक मिनिट रुक...
और नेहा ज्योति के लिए एक डब्बे में कुछ लाती है ..
ज्योति ...क्या है इस डब्बे में
नेहा ... मिठाई है
और फिर राज और ज्योति वहाँ से जाने लगते है ..
नेहा दोनो को बाहर तक छोड़ने आती है ..
......
रास्ते में
राज .... ज्योति तेरी फ्रेड तो बहुत अच्छी है
ज्योति चिडते हुए
ज्योति ...हा तभी उसको देखकर अपनी बहन को ही भूल गये..
राज ...क्या बात कर रही है
ज्योति ...और नही तो क्या आपने वहाँ पर एक बार भी बात की मुझसे जाओ में नही बोलती आपसे ...
राज. ..अर्रररी बाप रे बाप मेरी बहना इतनी नाराज़ हो गई मुझसे ....
आज राज को ज्योति के साथ नेहा के घर जाना है ...
ज्योति रेड टॉप ब्लॅक जींस में गजब लग रही थी राज भी ब्लू जींस और वाइट शर्ट बड़ा ही स्मार्ट लग रहा था
ज्योति राज के साथ बाइक पर बैठ नेहा के घर की तरफ निकल जाती है
रास्ते में राज ज्योति से कहता है
राज ...ज्योति मुझे तो वहाँ कोई जानता भी नही है बस तेरी खातिर जा रहा हू ..
ज्योति .. आपको भी जानते है
राज ...क्या
ज्योति ...हा वही जाकर देख लेना भैया
थोड़ी देर बाद नेहा का घर आ जाता है
क्या आलीशान कोठी थी और पार्टी भी शानदार लग रही थी राज तो देखता रह जाता है...
राज ...ज्योति ये घर है नेहा का
ज्योति ...जी भैया चलिए
राज बाइक खड़ी कर ज्योति के साथ अंदर पहुचता है घर मेहमानों से भरा पड़ा था ...
तभी राज की नज़र उतरती हुई एक लड़की पर पड़ती है पिंक कलर का लहनगा पहने बिल्कुल परी लग रही थी राज तो एक टक उस लड़की को देखता रह जाता है ...
ज्योति राज से भैया ये नेहा है
राज ... हाा
ज्योति ...भैया ये नेहा है
तभी नेहा की नज़र भी ज्योति और राज पर पड़ती है और अपना हाथ हिलाते हुए नेहा ज्योति के पास आती है...
नेहा ... हाई ज्योति वेलकम.. मुझे बहुत खुशी हुई तुम्हारे आने से ..
और फिर नेहा अपना हाथ राज की तरफ बढ़ाते हुए
नेहा ...हेलो राज कैसे हो तुम
राज नेहा के मूह से अपना नाम सुनकर चोंक जाता है ...और अपना हाथ आगे करते हुए नेहा से मिलता है ...
नेहा बड़े कॉन्फिडेंट से राज का हाथ थाम लेती है और राज की आँखो में देखती है ...
तभी नेहा के मम्मी पापा बहुत बड़ा सा केक काटना शुरू करते है ...
नेहा राज और ज्योति को लेकर उनके पास पहुचती है जेसे ही केक कटता है
सभी मेहमान तालियाँ बजा का सेलीब्रेट करते है ....
नेहा राज और ज्योति को अपने हाथ से केक खिलाती है ...
नेहा तो बस राज की खातिर में ही लगी हुई थी कभी मिठाई कभी कोल्डड्रिंक कभी रसमलाई .. नेहा राज की ऐसी दीवानी हो रही थी .. दिल तो कर रहा था आज ही राज को प्रपोज कर दे ...
नेहा ने ज्योति और राज को अपने मम्मी पापा से भी मिलवाया ..
नेहा के घर आकर राज को बड़ा अच्छा लग रहा था ...
मगर ज्योति को आज बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था ..2 घंटे हो गये थे उसे नेहा के घर आए हुए .. इन 2 घंटो में राज ने एक बार भी ज्योति से बात नही की थी
... ज्योति को अपने भाई पर भी गुस्सा आ रहा था...ज्योति को लग रहा था अब यान्हा से चलना चाहिए ..
और ज्योति नेहा के पास जाती है ....
ज्योति ...अच्छा नेहा अब हम चलते है हमे देर हो रही है ...
नेहा .. अर्रे ज्योति कहा जा रही है अभी तो पार्टी शुरू हुई है ...
ज्योति ...नेहा मेरी तबीयत भी कुछ ठीक नही लग रही ...
नेहा ..क्या हुआ ज्योति
ज्योति ...थोड़ा सिर दर्द कर रहा है ...
नेहा ...अच्छा एक मिनिट रुक...
और नेहा ज्योति के लिए एक डब्बे में कुछ लाती है ..
ज्योति ...क्या है इस डब्बे में
नेहा ... मिठाई है
और फिर राज और ज्योति वहाँ से जाने लगते है ..
नेहा दोनो को बाहर तक छोड़ने आती है ..
......
रास्ते में
राज .... ज्योति तेरी फ्रेड तो बहुत अच्छी है
ज्योति चिडते हुए
ज्योति ...हा तभी उसको देखकर अपनी बहन को ही भूल गये..
राज ...क्या बात कर रही है
ज्योति ...और नही तो क्या आपने वहाँ पर एक बार भी बात की मुझसे जाओ में नही बोलती आपसे ...
राज. ..अर्रररी बाप रे बाप मेरी बहना इतनी नाराज़ हो गई मुझसे ....