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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

फुल एर कंडीशनर रूम सामने दीवार पर लगी बड़ी सी एल ई डी और बॅड ऐसा जेसे किसी दुल्हन के लिए सजाया हो ज्योति बॅड पर बैठ कर देखती है ..बैठते ही उसको बड़ा मज़ा सा आ जाता है ...

ज्योति को लग रहा था जेसे किसी राजमेहल में आ गई हो ...

नेहा भी ज्योति के बराबर में लेट जाती है ...

नेहा ...ज्योति केसा लगा मेरा रूम

ज्योति ....वूओवव्व नेहा में बता नही सकती मुझे कितना पसंद आया बस यू समझ ले इससे बढ़िया कोई हो नही सकता तेरे तो मज़े ही मज़े है ...

नेहा ...ज्योति में ये सब छोड़कर सारी ज़िंदगी छोटे से घर में बिता सकती हू

....

ज्योति ...क्यूँ भला

नेहा ...तेरी भाभी बनकर राज के घर में ज्योति ....

ज्योति ...अच्छा जी ये बात है

...........

नेहा .. ज्योति अपनी ड्रेस चेंज कर ले

ज्योति ....हा यार कोई हल्का सा टॉप निकाल दे ..

नेहा ज्योति के लिए लोवर टॉप निकालती है ..

नेहा ..तू कपड़े चेंज कर में तेरे लिए दूध लेकर आती हू ..

ज्योति अपने कपड़े उतारकर टॉप और लोवर पहन लेती है ...

थोड़ी देर बाद नेहा भी ज्योति के लिए दूध ले आती है ....

और फिर नेहा एलईडी चलाते हुए ज्योति से पूछती है कोई मूवी देखनी है ...

ज्योति ....हा लगा दे यार

नेहा ...केसी मूवी देखना पसंद करोगी

ज्योति ...कोई भी लगा दे ...

नेहा को शरारत सूझती है ...पॉर्न देखेगी

ज्योति ...सेटप नेहा मेरा मतलब ये नही था ...

नेहा ...हा हा मुझे मालूम है तूने तो आज तक बी ग्रेड मूवी भी नही देखी होगी .

नेहा एलईडी में पेन ड्राइव लगाती है और एक मूवी प्ले करती है ....

ज्योति ....ये कौन सी मूवी लगाई है

नेहा ..लस्ट स्टोरीस

और नेहा भी ज्योति की बगल में लेट कर मूवी देखने लगती है

मूवी में बहुत सारे सेक्सी सीन भरे हुए थे ..

ज्योति रिमोट वाइब्रटर वाला सीन देखकर नेहा से पूछती है ...

ज्योति ...ये क्या है

नेहा ...ये एक वाइब्रटर होता है जिसे योनि पर लगाकर मास्टरबेट करते है ...

ज्योति तुमने कभी मास्टरबेट किया है ...

नेहा के सवाल से ज्योति को झटका सा लगता है ...

ज्योति ... क्याआआआ .
 
नेहा ..अर्रे मेरी जान में पूछ रही हू

तुमने कभी अपनी चूत में उंगली डाली है...

ज्योति .... चुप करो नेहा केसी गंदी लॅंग्वेज में बात कर रही हो ...

नेहा ...तो क्या हो गया बता ना कभी किया है तूने ..

ज्योति ...क्या तुम्हे मुझे ऐसी वेसी लड़की समझ लिया है ..

नेहा .... मास्टरबेट करने कोई बुराई थोड़े है .. तुम्हे पता भी है इस उमर की 90% लड़कियाँ मास्टरबेट करती है ...

ज्योति आश्चर्यचकित नेहा का मूह देखने लगती है ....

ज्योति ... इसका मतलब तुम भी मास्टरबेट करती हो ...

नेहा ...हा करती हू ...

ज्योति ..तो तुम वर्जिन नही हो

नेहा ...ये किसने कह दिया तुमसे में वर्जिन नही हू ...

ज्योति ...मास्टरबेट करने से तुम वर्जिन कैसे रहेगी

नेहा ..मास्टरबेट करते हुए में अपनी वर्जिनिटी का बड़ा ध्यान रखती हू अपनी फिंगर चूत के ऊपर ऊपर ही चलाती हू ..

एक तो मूवीस में सेक्सी सीन ऊपर से मास्टरबेट की बाते ज्योति और नहा दोनो पूरी तरह गरम हो चुकी थी ....

नेहा ...वैसे एक बात कहूँ ज्योति अगर तेरा भाई तैयार हो जाए तो बिना शादी के चुदवा लूँगी उससे ...

ज्योति ...ओह शॅटअप नेहा ....

दूसरी तरफ अभी तक राज घर नही आया था

डॉली राज के लिए बहुत परेशान हो रही थी कई बार राज फोन भी मिलाया मगर मिला ही नही .....

डॉली राज का बार बार फोन ट्राइ करने लगती है ...

तभी उससे बाइक की आवाज़ आती है ..डॉली दौड़ कर दरवाज़े पर पहुचती है ...

डॉली... कहाँ चला गया था राज ...

बता कर भी नही गया तुझे पता है में कितना परेशान हू ...

राज ... मेरा दिल नही लग रहा था इसलिए दोस्त के यहाँ चला गया था ...

डॉली...बता कर तो जा सकता था

राज चुपचाप डॉली को देखता हुआ अपने रूम में चला जाता है ...

डॉली भी परेशान सी राज के रूम में पहुचती है ... मगर राज ने रूम का दरवाज़ा अंदर से लॉक कर लिया था ....

डॉली दरवाज़ा खट खटाती है ...

डॉली...राज दरवाज़ा खोलो

मगर अंदर से कोई आवाज़ नही आई..

डॉली का दिल घबराने सा लगता है कही राज कुछ उल्टा सीधी ना कर ले ...

डॉली...राज प्लीज़ दरवाज़ा खोलो मुझे कुछ बात करनी है तुमसे ....

अंदर से आवाज़ आती है

राज ...दीदी में कपड़े बदल रहा हू जो बात करनी है सुबह बात कर लेना ...

राज की आवाज़ सुन डॉली को थोड़ा सुकून सा मिलता है ...

डॉली... अच्छा ठीक है .. बस दो मिनिट के लिए दरवाज़ा तो खोल दे ...प्लीज़ ..

डॉली की रिक्वेस्ट भरी आवाज़ से राज का दिल पिघल जाता है.. राज अपने सारे कपड़े उतार चुका था ...

बाहर डॉली राज से दरवाज़ा खुलवाने की जेसे मन्नत सी कर रही थी

राज लोवर पहनकर दरवाज़ा खोल देता है

दरवाज़ा खुलते ही डॉली एक दम राज के गले लग जाती है जेसे आज राज से बरसो बाद मिल रही हो ...

डॉली....सॉरी भाई मुझे तुमको ऐसे धक्का नही देना चाहिए था ...

राज को डॉली दीदी का ऐसा प्यार देखकर

अपनी ग़लती का अहसास होता है ...

उससे इस तरह घर से बिना बताए नही जाना चाहिए था ....

राज भी डॉली को सॉरी बोलता है ...

राज ...दीदी सारी ग़लती मेरी है मुझे भी ऐसा नही करना चाहिए था ...

काफ़ी देर दोनो भाई बहन एक दूसरे की बाँहो में खड़े रहते है...
 
अपडेट.....21.......

राज और डॉली काफ़ी देर से एक दूजे की बाँहो में थे... राज को डॉली से केसा प्यार होने लगा था ये तो राज भी नही जानता था ....

डॉली... राज काफ़ी रात हो चुकी है में भी सोने जा रही हू तू भी सो जा ...

डॉली राज की बाँहो से निकलती है और जेसे ही रूम से बाहर जाने लगती है राज डॉली को आवाज़ देता है ....

राज ...दीदी थोड़ी देर रुक जाओ ना प्लीज़

राज की आवाज़ में बड़ी कशिश थी डॉली के पाँव एक दम रुक जाते है और वापस पलट राज के बहुत करीब आती है ...

डॉली... क्या बात है राज कुछ कहना चाहते हो क्या ...

राज ... हा दीदी...

डॉली..क्या कहना चाहते हो राज मेरा दिल भी तुम्हारी बाते सुनना चाहता है ...

राज कहता कुछ नही बस आगे बढ़कर फिर से डॉली से लिपट जाता है

और अपना चेहरा बिल्कुल डॉली के होंटो के करीब लाते हुए ..

राज ...दीदी मेरा ऐसा दिल कर रहा है बस आपकी बाँहो में ही रहूं ...

राज की ग्रप्थ डॉली पर फिर से टाइट होने लगी थी और राज के हाथ अपने आप डॉली की कमर को सहलाने लगते है ....

इस बार डॉली राज को हर्ट करना नही चाहती थी इस वजह से डॉली राज की बाँहो से निकलने की कोशिश भी नही करती ....

राज डॉली के जिस्म को मदहोश करता जा रहा था मदहोशी में राज अपने होंटो से डॉली के गाल चूम लेता है ...

मगर इस बार बिना काटे ...

डॉली को अपने जिस्म में राज के इस तरह किस करने से सनसनाहट सी महसूस होने लगती है ....

डॉली को लगता है आज राज के इरादे नेक नही है यहाँ से चलने में ही उसकी भलाई है ...

डॉली...राज पता है रात के 11 बजने वाले है सुबह ऑफीस भी जाना है ...

डॉली दोबारा राज की बाँहो से निकलना चाहती है

मगर राज डॉली को बॅड पर धक्का दे देता है और खुद भी डॉली के ऊपर चढ़ जाता है और इससे पहले डॉली कुछ समझ पाती राज अपने होंटो को डॉली के होंटो से मिला देता है ....

डॉली एक दम शॉक्ड हो जाती है उससे राज से ऐसी उम्मीद नही थी राज इतना कुछ भी कर सकता है ...

डॉली बेजान सी राज के नीचे दबी हुई थी ..

राज ने उसके होंटो को अपने होंटो से लॉक किया हुआ था जिससे कुछ बोल भी नही सकती थी बस अपनी आँखो से राज से कहना चाह रही थी जेसे ही राज से आँखे मिलती है ...

राज प्लीज़ ऐसा कुछ मत करो छोड़ो मुझे ये ग़लत है भाई ...

मगर राज डॉली के होंटो को ऐसे चूसने लगा था जेसे उसके होंटो पर शहद लगा हो ....
 
राज के ऐसा करने से डॉली के हाथ राज के कंधो को पकड़ लेते है और डॉली फिर से राज को धक्का देना चाहती थी..मगर तभी डॉली को याद आता है कैसे राज घर छोड़ कर चला गया था ...

तब तक राज के हाथ फिर से डॉली के उभारों पर आ गये थे और होंटो को चूस्ते हुए फिर से उभर दबाने लगा मगर इस बार राज के हाथो में बिल्कुल भी शख़्ती नही थी

बड़े ही आहिस्ता से सहलाया था राज ने ...

डॉली अभी तक बेबस राज के नीचे दबी हुई थी ना आवाज़ निकाल सकती थी ...और ना ही राज को धक्का दे सकती थी बस दिल में एक ही बात थी ....नही राज ऐसा कुछ मत करो ये ग़लत है .....

थोड़ी देर बाद जेसे ही राज डॉली के होंटो को आज़ाद करता है ...

डॉली....राज प्लीज़ छोड़ो मुझे ऐसा मत करो ये ग़लत है ..

राज की पकड़ जेसे ही ढीली होती है

डॉली फॉरन राज के नीचे से निकल जाती है ...

और रूम से बाहर जाने लगती है ...

राज ...दीदी प्लीज़ रुक जाओ ना

डॉली...नही राज में तुम्हारे साथ ये सब नही कर सकती ....

राज भी बॅड से उठकर डॉली का हाथ थाम लेता है

राज ....आई लव यू दीदी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो ...

डॉली... राज में तुम्हारी बहन हू हमारे बीच ऐसा कुछ नही हो सकता ...

राज ...दीदी मुझे मालूम है मगर में क्या करूँ मुझे तुम्हारे सिवा कोई अच्छा नही लगता ...

डॉली... ओह्ह्ह्ह राज तुम समझते क्यूँ नही में तुम्हारे साथ सेक्स नही कर सकती ....

और किसी को पता चल गया तो मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी..

अगर तुम्हे सेक्स ही करना है... तो तुम नेहा के साथ भी कर सकते हो बहुत पसंद करती है तुम्हे मना भी नही करेगी ...

राज .... ठीक है दीदी में प्रॉमिस करता हू में आपके साथ सेक्स नही करूँगा ... मगर दीदी

डॉली...मगर क्या

राज ... दीदी में चाहता हू आज रात आप मेरी बाँहो में सो जाओ ....

डॉली... मेरी बाँहो में नींद आ जाएगी तुझे फिर से वही शरारत करेगा ...

राज ... मेंने प्रॉमिस तो किया है दीदी में आपके साथ सेक्स नही करूँगा ....

डॉली सोचती है राज के साथ सोने में क्या बुराई है ...

डॉली राज के साथ सोने को तैयार हो जाती है ... ...

डॉली राज के साथ बिस्तर पर लेट जाती है
 
राज ...दीदी एक बात पुछु

डॉली..क्या है

राज ... कभी आपका दिल नही करता ये सब करने को ...

डॉली...सेक्स

राज ...हा दीदी

डॉली...सच कहूँ भाई करता तो है

मगर शादी से पहले ये सब अच्छा नही होता ...अपनी और घर की इज़्ज़त खराब हो जाती है ...इसलिए में ये सब अपने होने वाले पति के साथ ही करूँगी ...

राज डॉली को अपनी तरफ खिचता है जिससे राज का लंड सीधी डॉली की गान्ड की दरार से टच हो जाता है ...

राज ....ओह फिर तो आपको जल्दी से शादी कर लेनी चाहिए...

डॉली को भी लंड की चुभन महसूस होती है..

डॉली.... कोई लड़का मिलता ही नही तुम्हारे जेसा...

राज .... अच्छा दीदी बुरा ना मानो तो एक बात पुछु

डॉली..मेंने कभी बुरा माना है तेरी बात का पूछ क्या पूछना है ...

राज ...दीदी में आपको किस करना चाहता हू

डॉली...राज अभी थोड़ी देर पहले किया तो था ...

राज अपने हाथ से डॉली के बूब्स पकड़ लेता है राज ... दीदी यहाँ पर

डॉली...राज तुम फिर शुरू हो गये अभी प्रॉमिस किया था ना तुमने..

राज ...दीदी सिर्फ़ किस करने को बोल रहा हू सेक्स करने को थोड़ी बोल रहा हू ...

डॉली... मुझे लगता है आज रात जाग कर काटनी पड़ेगी तुम ज़रूर मेरा रेप कर दोगे ...

राज ...दीदी क्या आपको अपने भाई पर बिल्कुल भरोसा नही है ...

राज बड़े ही एमोशनल तरीके से ये बात डॉली से कहता है...

जिससे डॉली राज के आगे झुक जाती है ....

डॉली...ठीक है राज मगर उसके बाद तुम कुछ नही कहोगे और चुप चाप सो जाओगे...

राज की जेसे लॉटरी निकल जाती है

राज ...में प्रॉमिस करता हू दीदी ....

राज बेसबर सा डॉली का टॉप पकड़ कर उतारने लगता है

डॉली...राज पहले लाइट बंद कर दो मुझे बहुत शरम आ रही है ...

राज बॅड से उतर एक ही छलान्ग में स्विच पर पहूचकर लाइट ऑफ कर देता है ...
 
अपडेट.......22....

राज को लग रहा था आज उसकी लॉटरी लगने वाली है ... उतावलेपन में अंधेरे के कारण ठोकर खा बैठता है....

ये तो शूकर था राज सीधी डॉली के ऊपर जा गिरता है ...

डॉली... उफफफफ्फ़ राज आराम से भी तो आ सकते हो ...

राज ...दीदी अब मुझसे सबर नही हो रहा.....

और राज डॉली को अपनी बाँहो में भर लेता है ....

राज ....ओह्ह्ह दीदी आई लव यू

राज दीदी के चेहरे पर फिर से अपने होंठ रख देता है और एक हाथ सीन पर लेजाकर आहिस्ता से सहलाने लगता है ....

डॉली....आहहस्स्सीईई ऊहह राज

राज ने लाइफ में किसी लड़की को अभी तक छुआ भी नही था... और आज राज को मोका मिला बेसबर तो होना ही था ....

दीदी का चेहरा चूमते हुए राज गर्दन पर पहुच चुका था....

राज डॉली को किस ऐसे कर रहा था जेसे दीदी के जिस्म पर मक्खन मलाई लगी हो और उसे चाट रहा हो ...

डॉली भी राज की हरकत से तड़प जाती है ...

डॉली...ओफफफफफफफफूऊ सस्स्सीई आआअहह ऊवू राज्ज्जज्ज ये तुम क्या कर रहे हो उफफफ्फ़ .....

राज ....दीदी आपको भी मज़ा आ रहा है ना...

डॉली....ओह्ह्ह राज तुम्हे किस करनी है तो जल्दी से कर लो ... ...

राज ....दीदी इतनी भी क्या जल्दी है किस भी कर लेंगे पहले थोड़ा प्यार तो कर लू ...

डॉली को लगता है राज ने ज़रूर पहले किसी के साथ ये सब किया हुआ है ...

राज .... दीदी अपना टॉप उतार दो

डॉली...ओह्ह्ह राज किस ही तो करनी है ऐसे ही कर लो ...

राज ....दीदी ऐसे मज़ा नही आयेगा प्लीज़ उतार दो ना...

डॉली...ठीक है राज मगर बस एक बार ..

और डॉली अपना टॉप उतार देती है टॉप के नीचे डॉली ने सिर्फ़ एक पेंटी पहनी हुई थी

उफफफफ्फ़ अपनी दीदी को इस रूप में देखकर राज की तो धड़कन ही रुक जाती है ...

ये देखकर लंड भी अपने पूरे शबाब में अकड़कर खड़ा हो जाता है जेसे अभी लोवर फाड़ कर बाहर निकल आयेगा ...अंधेरे की वजह से डॉली की नज़र राज के लंड पर नही पड़ती ....

डॉली का मदमस्त करने वाला अनछुआ यौवन ... जेसे राज को आमंतरण दे रहा हो...

लूट लो अपना लॉटरी का इनाम ...

राज फिर से बेसबरा हो जाता है और दोनो उभारों पर टूट पड़ता है जेसे वाक़ई अपना इनाम हड़प रहा हो ...

डॉली.... उफफफफ्फ़ राअज्जज आराम से भी तो कर सकते हो दर्द होता है ...

पता नही तुम किस जनम का बदला ले रहे हो जो मुझसे ....

राज ...दीदी ऐसा मोका फिर कहाँ मिलेगा ले लो आप भी मज़े

डॉली... तुम ही लो मज़े मुझे तो लग रहा जेसे तुम मेरी जान लेकर छोड़ोगे आज ....
 
राज .... नही दीदी में आपकी जान कैसे ले सकता हू मेरी तो जान भी तुम हो ....

और राज अपना उतावलापन छोड़ दीदी की कमर पर सेनुयल स्टाइल में आहिस्ता आहिस्ता हाथ फेरने शुरू कर देता है ...... शायद दीदी की बात लग थी राज को...

मगर ऐसा करने से डॉली के जिस्म में सिरहन सी दौड़ जाती है...जिससे डॉली पूरी मदहोश होने लगती है और डॉली के मूह से सिसकारियाँ निकलने लगती है ...

डॉली....ह ओह ससीई उहह उफफफ्फ़ उम्म्म्मम आईईईईई सस्स्सीईईई

राज ये तुम क्या कर रहे हो प्लीज़ बस करो मुझे कुछ हो रहा है ....

मगर राज पर डॉली की बातो का कोई असर नही होता बल्कि इस बार हाथ की जगह अपनी जीब डॉली के पेट पर फेरने लगता है ...

और जेसे ही राज अपनी जीब से नॉविल के पास चाट्ता है

डॉली तो मचल ही उठती है लगता है जेसे उसका जिस्म हवा में उड़ने लगा है

राज आगे बढ़ते हुए पूरी तरह अपनी दीदी के उपर आ जाता है जिससे राज का तना हुआ लंड डॉली की योनि पर आ जाता है ....राज जेसे ही अपनी जीब को निप्पल पर लगाता है ...

डॉली की योनि भी अपना रस टपका देती है

डॉली....उफफफ्फ़ राज सस्सीई ऊओह बॅस करूऊओ प्लीज़ मगर अब डॉली को भी अच्छा लगने लगा था डॉली के हाथ खुद बा खुद राज की कमर पर दवाब देने लगे थे ...

जिससे राज का लंड भी चूत पर और दबने लगा था डॉली भी राज के लंड को अपनी चूत पर फील कर रही थी ..

डॉली की चूत पूरी तरह सुलग चुकी थी किसी भी पल अपना लावा बाहर फेकने वाली थी ...

राज बारी बारी दोनो निप्पल चूसने में लगा था जेसे उसे कोई अमृत मिल गया हो ....

तभी डॉली राज की कमर में अपने नाख़ून गढ़ाती हुई राज को ज़ोर से नीचे दबाती है और खुद भी नीचे से अपनी चूत को लंड से मिलाते हुए सिसकारने लगती है ...

डॉली....आअहह आआसस्स्स्स्स्सस्स ऊओस्स्सीईईईई सस्सीईईईईई

डॉली की पेंटी योनि रस से पूरी तरह गीली हो चुकी थी गीलेपन की वजह से लंड थोड़ा और चूत की फांको में फसने लगता है राज भी बेकाबू हो जाते है और डॉली की चूत पर घिस्से लगाने लगता है.

उत्तेजना में डॉली एक दम राज के होंटो को चूमने लगती है. और एक दम डॉली की चूत पानी छोड़ देती है

डॉली बेजान सी आँखे बंद कर बिस्तर पर पड़ जाती है ...

राज का भी उत्तेजना में बुरा हाल हो चुका था और फिर अपना लंड हाथ में पकड़ जल्दी जल्दी आगे पीछे करने लगता है और ज़रा ही देर में राज का लंड भी पानी छोड़ देता है ....

राज की नज़र अपनी दीदी पर पड़ती है

डॉली इतनी देर में गहरी नींद में जा चुकी थी ....

ये देख राज मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी की बगल में सो जाता है

.........

सुबह 7 बजे राज का मोबाइल बज उठता है

राज आँखे खोलता हुआ उठता है डॉली उसकी बगल में टॉपलेस लेटी हुई थी ...

राज का फोन बज रहा था ..

राज अपना मोबाइल उठा कर रिसीव करता है

राज....हेलो कौन

दूसरी तरफ से आवाज़ सुनता है

राज .....ओह माइ गॉड कैसे हुआ ये सब में बस पहुचता हू ...

तभी डॉली की आँख भी खुल जाती है ...

अपनी हालत देख पहले जल्दी से अपना टॉप पहनती है ....

डॉली...क्या हुआ राज किसका फोन था ....
 
अपडेट........23......

राज ....दीदी अपने बॉस का कार आक्सिडेंट हो गया है ...

डॉली...ओह्ह्ह नो कैसे हुआ आक्सिडेंट....

राज ...पता नही दीदी मॅनेजर का फोन था ओफिस का भी स्टाफ हॉस्पिटल में है

डॉली... ओह्ह्ह लगता है ज़्यादा ही गंभीर बात है हमे भी हॉस्पिटल चलना चाहिए ...

राज ...हा दीदी में फ्रेश होकर तैयार होता हू तब तक आप भी रेडी हो जाओ ...

डॉली..एक काम करो राज ज्योति को फोन करके यही बुला लो आज कॉलेज की छुट्टी कर लेगी ...

राज ..ठीक है दीदी में अभी ज्योति को फोन करता हू

राज ज्योति को फोन मिलाता है ..

उधर ज्योति और नेहा की हालत भी कुछ राज और डॉली जैसी ही थी

रात में दोनो फ्रेड्स के बीच एरॉटिक बाते जो चल रही थी...

जिस वजह सेक अभी तक दोनो गहरी नींद में थी मोबाइल की आवाज़ से नेहा की आँखे खुलती है ... मोबाइल स्क्रीन पर नेहा की नज़र पहुचती है राज का फोन था ...

नेहा एरॉटिक अंदाज़ में ही राज का फोन रिसीव करती है ...

नेहा ... हाई हॅंडसम गुड मॉर्निंग सुबह सुबह हमे याद करने का शुक्रया सुबह सुबह तुम्हारी मीठी आवाज़ सुनने को मिल गई ...

राज ... नेहा प्लीज़ ज्योति से बात करा देना बहुत ज़रूरी है ...

नेहा ... हा हा करा देंगे ज्योति से भी पहले मुझे तुमसे कुछ बात करनी है...

राज ...नेहा मेरे बॉस का कार आक्सिडेंट हो गया है ...

नेहा ....ओह्ह्ह सॉरी राज रूको एक मिनिट अभी कराती हू ज्योति से बात

नेहा ज्योति को उठाती है और राज से बात करती है ....

ज्योति को राज अपने बॉस के बारे में बताता है ...ज्योति फॉरन बॅड से उठकर जल्दी से अपने कपड़े पहनती है ...

और फिर नेहा ज्योति को अपनी कार से राज के घर पहु चाती है ....

तब तक राज और डॉली भी तैयार हो चुके थे

राज बाइक से डॉली को लेकर हॉस्पिटल के लिए निकल पड़ता है .... ...

रास्ते में राज दीदी से बॉस की बाते बताता है ...

राज ... पता नही किसकी नज़र लग गई हमारे बॉस को बहुत ही नेक दिल इंसान है ...

राज बाइक बड़ी ही स्पीड से चला रहा था...

थोड़ी देर में राज और डॉली हॉस्पिटल पहुच चुके थे .....
 
हॉस्पिटल में ऑपरेशन रूम के पास पहले से ही ऑफीस का सारा स्टाफ माजूद था सभी का चेहरा हालत बया कर रहा था ..कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो चुकी है ...

सभी की आँखे नम थी

राज आहिस्ता से मॅनेजर से पूछता है .... कैसे हुआ ये सब

मॅनेजर... विशाल सर अपनी फॅमिली के साथ आगरा से लौट रहे थे रास्ते में ट्रॅक से उनकी कार का आक्सिडेंट हो गया ...

राज ...ओह्ह्ह नो ये तो बहुत बुरा हुआ डॉक्टर क्या बोल रहे है...

मॅनेजर ... अभी ऑपरेशान चल रहा है मेडम की हालत बहुत नाज़ुक है ...उनको जब तक होश नही आ जाता कुछ कहा नही जा सकता ...

बस अब तो उपर वाले का ही सहारा है भगवान से दुआ करो जल्दी से हमारे सर पहले की तरह अच्छे हो जाए ....

राज ... हा में भी दुआ करता हू भगवान जल्दी से उन्हे ठीक कर दे ....

थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाहर आता है ...

डॉक्टर्स...विशाल तो ख़तरे से बाहर है

मगर हम मेडम को बचा नही सके ..

ये सुन सभी की आँखो से आँसू निकल जाते है ... राज की आँखे भी गीली हो जाती है बॉस की शादी को 2 साल भी नही हुए थे इतना बड़ा सदमा पता नही कैसे बर्दास्त कर पायंगे .....

घर वालो का भी रो रो कर बुरा हॉल था ...

मगर मौत के आगे किसका बस चलता है

......

शाम को राज और डॉली नम आँखो से विदा लेकर घर लौट आते है ...

........

3-4 दिन ऑफीस भी बंद रहता है मगर राज और डॉली डेली विशाल से मिलने हॉस्पिटल जाते है ....

विशाल के पापा संजीव रॉय.. राज से कहते है ....राज डॉक्टर्स बोल रहे है विशाल के जख्म भरने में कम से कम महीना भर लग जायगा ... में आज से तुम्हे ऑफीस की सारी ज़िम्मेदारी देता हू तुम जाकर ऑफीस का काम सम्भालो ....

राज ...जी अंकल ठीक है आप फिकर ना करे में सब संभाल लूँगा...

संजीव रॉय... गुड मुझे तुमसे यही उम्मीद है ...और हा यहाँ हॉस्पिटल में भी किसी एक की ज़रूरत है जो रात को यहाँ रुक सके ..

तुम्हारी नज़र में ऑफीस में है कोई जिसपर तुम्हे सबसे ज़्यादा भरोसा हो ...

राज .... में देखता हू सर कौन रुक सकता है....

संजीव रॉय .... ठीक है देखकर भेजो

राज और डॉली हॉस्पिटल से निकल जाते है ...

राज को समझ नही आ रहा था अपने बॉस के पास किसकी ड्यूटी लगाए मगर राज को ऐसा कोई भी नज़र नही आ रहा था जिसपर आँखे बंद करके भरोसा कर सके ...

तभी राज अपनी दीदी की आँखो में सवाल भरी नज़रो से देखता है.. जेसे राज पूछ रहा हो क्या तुम ये ड्यूटी कर सकती हो दीदी ....

डॉली भी राज की आँखे पढ़ लेती है

डॉली... राज तुम यही सोच रहे हो ना क्या में बॉस के पास रुक सकती हू

राज ... हा दीदी में यही सोच रहा हू मुझे तुम्हारे अलावा किसी पर भरोसा नही लगता ...

डॉली...ठीक है राज में आज से ये ड्यूटी भी करने को तैयार हू ...

राज .... ओह्ह्ह दीदी यू आर ग्रेट ....थॅंक यू सो मच पता है तुमने मेरी बहुत बड़ी टेंशन दूर कर दी .....

राज डॉली को घर छोड़ता है और फिर अकेला ऑफीस चला जाता है ....
 
अपडेट.......24.....

मम्मी पापा भी नानी के यहाँ से लौट आते है ....डॉली उनको अपने बॉस के बारे में बताती है ...

सुषमा...ओह्ह्ह ये तो बहुत बुरा हुआ बेटा भगवान उनकी आत्मा को शांति दे ...

शाम को डॉली राज के आने से पहले ही हॉस्पिटल पहुच जाती है ...

डॉली के जाने के थोड़ी देर बाद ही राज ऑफीस से घर आ जाता है ...

राज मम्मी पापा से मिलता है फिर डॉली के बारे में पूछता है ...

राज ... मम्मी दीदी चली गई क्या

सुषमा...हा बेटा बस 10 मिनिट पहले ही निकली है ..

राज ...ओह्ह्ह ...

और राज अपने रूम में फ्रेश होने चला जाता है फ्रेश होकर राज बॅड पर लेट जाता है ...

तभी उसको दीदी के साथ बीते हसीन पल याद आ जाते है ...

कैसे दीदी के जिस्म को छुआ था उसने उफ़फ्फ़\

राज की सिसकी निकल जाती है दीदी के संगमरमरी जिस्म को याद करके...

लंड में भी करेंट सा दौड़ने लगता है.. राज को डॉली की बड़ी याद आने लगती है ....

दीदी के बिना तो राज को ऐसा लग रहा था जेसे घर में कोई रहता ही ना हो ...

राज अपना मोबाइल निकाल दीदी को फोन मिलाता है ...

राज ...हेलो दीदी

डॉली... हा राज जल्दी से बोलो कैसे फोन किया मुझे दवाई के लिए पानी गरम करना है ...

राज ... ओह्ह्ह मेंने तो ऐसे ही फोन किया था ...

डॉली... अच्छा में रखती हू बाद में कॉल करती हू ...

और डॉली उधर से फोन काट देती है ...

थोड़ी देर बाद राज अपने रूम से बाहर आता है ..

ज्योति टेबल पर खाना लगा रही थी राज को देखकर

ज्योति ... भैया बैठो मेंने खाना लगा दिया है ...

सब मिलकर खाना खाते है ...

राज ... मम्मी डॉली दीदी के बिना कितना खाली खाली लग रहा है ...

सुषमा... हा बेटा ये तो कुछ दिन की बात है ...

सोचो जब शादी करके सुसराल चली जाएगी तब कितना खाली लगेगा ..

पंकज...डॉली के साथ राज की भी शादी करा देंगे ना एक बेटी जाएगी घर से तो दूसरी आ जाएगी ...

ज्योति ... हा पापा दीदी के साथ ही करना राज भैया की भी शादी ...

राज ... तू चुप चाप खाना खा ले नही तो सबसे पहले तेरा नंबर लग जायगा ..

......

ज्योति ... मम्मी देख लो भैया को

सुषमा... क्यूँ छेड़ता है बेचारी को

राज और ज्योति में थोड़ी नोक झोंक चलती रहती है ...

राज अपसेट सा उठकर छत पर चला जाता है ....

सुषमा... ज्योति लगता है राज का मूड ठीक नही है ..तू भी ज़्यादा शरारत मत किया कर

ज्योति ... अब मेंने ऐसा क्या कह दिया भैया को...और ज्योति बर्तन उठा का किचिन में ले जाती है ....

राज छत पर पहुच इधर उधर टहलता रहता है ...राज को बार बार दीदी का रोमेंटिक चेहरा याद आ रहा था ...

राज को छत पर आए काफ़ी देर हो गई थी

तभी ज्योति दो कप चाय लेकर राज के पास आ जाती है ...

ज्योति ... आई एम सॉरी भैया अगर मेरी बात आपको बुरी लगी हो

राज ... अर्रे नही गुड़िया ये तूने कैसे सोच लिया मुझे तेरी बात का बुरा लगा

ज्योति ... भैया आप ही एकदम उठकर चले आए ...
 
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