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Guest
मैंने कहा- “लेकिन उस वक़्त ही क्यों? पहले क्या होगा और ये कौन सा जरूरी है कि इस तरह वो कुछ नहीं बोलेगी? नहीं नीलू, अगर फरी बाजी मेरे साथ नाराज हो गई तो ठीक नहीं होगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो कि फरी बाजी मेरे साथ नाराज हो जाएं...”
नीलू कुछ सोचकर काशी से बोली- “तुम इसकी बहन को काल करो अभी, देखो जाग रही है अभी तक या सो रही है?”
काशी ने काल की फरी को तो दूसरी बेल पे ही फरी ने काल पिक कर ली। तो काशी ने कहा- “अगर नींद नहीं आ रही तो आनलाइन आ जाओ, बात करते हैं कुछ देर..”
फरी ने भी ओके कहा और काल कट कर दी। तो मैंने अपना लैपटाप उठाकर काशी की तरफ बढ़ा दिया। तो काशी फौरन ही लैपटाप को ओन करके आनलाइन हो गया तो देखा कि फरी भी आनलाइन हो चुकी थी।
काशी- क्यों जान, नींद नहीं आ रही क्या?
फरी- नहीं जान जी, नींद तो मेरी तुमने उड़ा रखी है।
काशी- क्यों क्या हुआ?
फरी- “आग लगी हुई है मेरे जिस्म में, दो बार अपनी लकड़ी में कंडोम चढ़ाकर अपनी चूत में ले चुकी हैं, लेकिन आज मजा नहीं आ रहा है। दिल करता है कि रियल चीज मिले, ऐसे मजा ही नहीं आ रहा...”
काशी- “यार मैंने तो कहा था कि अगर तुम कहो तो मैं किसी मोटे और तगड़े लण्ड के लिये कुछ करूं?”
फरी- “ठीक है काशी जी, लेकिन देखना कोई पंगा ना हो जाए...”
काशी- कब का इरादा है?
फरी- “अगर अभी हो सके तो क्या बात है? लेकिन कल दिन का अगर हो सके तो अच्छा है अब ज्यादा सबर नहीं होता...”
काशी- अगर अभी करना है तो अपने भाई के पास चली जाओ, उसका भी काफी बड़ा है।
फरी- तुम्हें कैसे पता?
काशी- “यार तुम मानो चाहे ना मानो, लेकिन मैं जान गया हूँ कि तुम सन्नी की बड़ी बहन हो और सन्नी मेरा जिगरी यार है और हम दोनों मिलकर कई लड़कियों को चोद भी चुके हैं। मैंने उसका देखा हुआ है.”
फरी- कोई जवाब नहीं।
काशी- हेलो क्या हुआ?
फरी- फिर कोई जवाब नहीं।
काशी- “देखो जान, डरो नहीं मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा तुम्हारे बारे में। प्लीज़... अब तो बात करो...”
नीलू कुछ सोचकर काशी से बोली- “तुम इसकी बहन को काल करो अभी, देखो जाग रही है अभी तक या सो रही है?”
काशी ने काल की फरी को तो दूसरी बेल पे ही फरी ने काल पिक कर ली। तो काशी ने कहा- “अगर नींद नहीं आ रही तो आनलाइन आ जाओ, बात करते हैं कुछ देर..”
फरी ने भी ओके कहा और काल कट कर दी। तो मैंने अपना लैपटाप उठाकर काशी की तरफ बढ़ा दिया। तो काशी फौरन ही लैपटाप को ओन करके आनलाइन हो गया तो देखा कि फरी भी आनलाइन हो चुकी थी।
काशी- क्यों जान, नींद नहीं आ रही क्या?
फरी- नहीं जान जी, नींद तो मेरी तुमने उड़ा रखी है।
काशी- क्यों क्या हुआ?
फरी- “आग लगी हुई है मेरे जिस्म में, दो बार अपनी लकड़ी में कंडोम चढ़ाकर अपनी चूत में ले चुकी हैं, लेकिन आज मजा नहीं आ रहा है। दिल करता है कि रियल चीज मिले, ऐसे मजा ही नहीं आ रहा...”
काशी- “यार मैंने तो कहा था कि अगर तुम कहो तो मैं किसी मोटे और तगड़े लण्ड के लिये कुछ करूं?”
फरी- “ठीक है काशी जी, लेकिन देखना कोई पंगा ना हो जाए...”
काशी- कब का इरादा है?
फरी- “अगर अभी हो सके तो क्या बात है? लेकिन कल दिन का अगर हो सके तो अच्छा है अब ज्यादा सबर नहीं होता...”
काशी- अगर अभी करना है तो अपने भाई के पास चली जाओ, उसका भी काफी बड़ा है।
फरी- तुम्हें कैसे पता?
काशी- “यार तुम मानो चाहे ना मानो, लेकिन मैं जान गया हूँ कि तुम सन्नी की बड़ी बहन हो और सन्नी मेरा जिगरी यार है और हम दोनों मिलकर कई लड़कियों को चोद भी चुके हैं। मैंने उसका देखा हुआ है.”
फरी- कोई जवाब नहीं।
काशी- हेलो क्या हुआ?
फरी- फिर कोई जवाब नहीं।
काशी- “देखो जान, डरो नहीं मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा तुम्हारे बारे में। प्लीज़... अब तो बात करो...”