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Guest
मैंने अब टाइम बरबाद नहीं किया और बाजी की दोनों टाँगों को जो कि आपस में मजबूती से जुड़ी हुई थीं दोनों तरफ से पकड़कर खोल दिया, जिससे मेरी बड़ी बहन की एक बार चुदी हुई बिना बालों की चिकनी फुद्दी पूरी। तरह मेरे सामने आ गई, जो कि हल्की सी अपने ही पानी में भीगी हुई थी।
मैं बड़े ही प्यार से अपनी बड़ी बहन की फुद्दी को देख रहा था कि तभी काशी ने कहा- “यार सन्नी, देख लो। मैंने कितनी लड़कियों को तुझसे चुदवा दिया है... यहाँ तक कि अपनी बहन को भी। लेकिन एक तुम हो कि अपनी बड़ी बहन फरी की फुद्दी ही मुझे नहीं दिला सके हो...”
मैं काशी की बात का मतलब समझते हुये बोला- “यार क्या बताऊँ... हिम्मत ही नहीं होती फरी के सामने, वरना मेरा दिल तो करता है कि साली को कुतिया की तरह चोदूं और अपने सारे दोस्तों की रखेल बना दें। लेकिन क्या करूं यार, डर लगता है क्योंकी मेरी बहन बड़ी शरीफ लड़की है उसे इस सबका कुछ पता नहीं है...”
नीलू मेरी बात सुनकर बोली- “चल आज इसे ही अपनी बहन फरी समझकर मजे कर लो...”
तो मैंने कहा- “आहह... नीलू काश ये फरी बाजी होती तो कशम से मैं अपनी बहन को इतना मजा देता कि वो सारी जिंदगी मेरे दिए हुये मजे की खातिर मेरी हर बात मानती मेरी कुतिया बन जाती...”
मेरी बात सुनकर नीलू ने मुझे इशारा किया कि अब और बातें नहीं करो और काम शुरू करो। तो मैंने फरी बाजी की फुद्दी पे जो कि अब और भी अपने ही पानी से लथफथ हो चुकी थी, अपना हाथ घुमाया और फरी की फुद्दी के दाने को धीरे से मसलने लगा।
तो पर्दे के पीछे से फरी बाजी के मुँह से हल्की सस्सीएSS की आवाज निकल गई और साथ ही बाजी का जिम हल्के से काँपने लगा। तो मैंने भी अपना सर अपनी बड़ी बहन की फुद्दी के सामने झुका दिया और अपनी जुबान को बाहर निकालकर बाजी की फुद्दी से निकला हुआ हल्का नमकीन पानी चाटने लगा और फरी की फुद्दी में अपनी जुबान चलाने लगा।
जिससे बाजी के मुँह से सस्सीएऽऽ उन्म्महऽऽ आहहऽऽ की हल्की आवाजें निकलने लगीं।
थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही अपनी बहन की फुद्दी को चाटता रहा तो बाजी का एक हाथ मेरे सर पे आ गया और मुझे अपनी फुद्दी पे दबा लिया और साथ ही अपनी फुद्दी को भी मेरे मुँह पे दबाते हुये बाजी आह ऊओऽs की आवाज भी कर रही थी, जिससे मैं समझ गया कि बाजी की फुद्दी का पानी निकलने ही वाला है और फिर बाजी का जिम एक बार हल्का सा अकड़ गया और हल्के झटके खाने लगा। जिससे बाजी की फुद्दी ने पानी का सैलाब सा मेरे मुँह में बहा दिया जिसे मैं अच्छी तरह चाटकर पी गया।
मैं बड़े ही प्यार से अपनी बड़ी बहन की फुद्दी को देख रहा था कि तभी काशी ने कहा- “यार सन्नी, देख लो। मैंने कितनी लड़कियों को तुझसे चुदवा दिया है... यहाँ तक कि अपनी बहन को भी। लेकिन एक तुम हो कि अपनी बड़ी बहन फरी की फुद्दी ही मुझे नहीं दिला सके हो...”
मैं काशी की बात का मतलब समझते हुये बोला- “यार क्या बताऊँ... हिम्मत ही नहीं होती फरी के सामने, वरना मेरा दिल तो करता है कि साली को कुतिया की तरह चोदूं और अपने सारे दोस्तों की रखेल बना दें। लेकिन क्या करूं यार, डर लगता है क्योंकी मेरी बहन बड़ी शरीफ लड़की है उसे इस सबका कुछ पता नहीं है...”
नीलू मेरी बात सुनकर बोली- “चल आज इसे ही अपनी बहन फरी समझकर मजे कर लो...”
तो मैंने कहा- “आहह... नीलू काश ये फरी बाजी होती तो कशम से मैं अपनी बहन को इतना मजा देता कि वो सारी जिंदगी मेरे दिए हुये मजे की खातिर मेरी हर बात मानती मेरी कुतिया बन जाती...”
मेरी बात सुनकर नीलू ने मुझे इशारा किया कि अब और बातें नहीं करो और काम शुरू करो। तो मैंने फरी बाजी की फुद्दी पे जो कि अब और भी अपने ही पानी से लथफथ हो चुकी थी, अपना हाथ घुमाया और फरी की फुद्दी के दाने को धीरे से मसलने लगा।
तो पर्दे के पीछे से फरी बाजी के मुँह से हल्की सस्सीएSS की आवाज निकल गई और साथ ही बाजी का जिम हल्के से काँपने लगा। तो मैंने भी अपना सर अपनी बड़ी बहन की फुद्दी के सामने झुका दिया और अपनी जुबान को बाहर निकालकर बाजी की फुद्दी से निकला हुआ हल्का नमकीन पानी चाटने लगा और फरी की फुद्दी में अपनी जुबान चलाने लगा।
जिससे बाजी के मुँह से सस्सीएऽऽ उन्म्महऽऽ आहहऽऽ की हल्की आवाजें निकलने लगीं।
थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही अपनी बहन की फुद्दी को चाटता रहा तो बाजी का एक हाथ मेरे सर पे आ गया और मुझे अपनी फुद्दी पे दबा लिया और साथ ही अपनी फुद्दी को भी मेरे मुँह पे दबाते हुये बाजी आह ऊओऽs की आवाज भी कर रही थी, जिससे मैं समझ गया कि बाजी की फुद्दी का पानी निकलने ही वाला है और फिर बाजी का जिम एक बार हल्का सा अकड़ गया और हल्के झटके खाने लगा। जिससे बाजी की फुद्दी ने पानी का सैलाब सा मेरे मुँह में बहा दिया जिसे मैं अच्छी तरह चाटकर पी गया।