S
StoryPublisher
Guest
"तो तुम क्या यह समझी थी कि मैं केवल एक करोड़ मे ........
" मैं तो यही समझी थी । तभी तो लगा --- ये क्या बेवकूफी कर रहे हो ?"
" बेवकूफ सोने का अंडा देने बाली मुर्गी से रोज अंडा हासिल करने बाले नहीं ब्लकि वे होते है जो सारे अंडे हासिल करने के फेर में पड़कर बेचारी मुर्गी को हलाल भी कर डालते है । विनम्र हमारे लिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है ।
"अब अाई बात समझ में । मारिया का सारा चेहरा जगमगा उठा था--'"वाकई तुम्हें मालूम है…क्या काम कैसे किया जाना चाहिये । अब लग रहा है, तुम्हें अपनी मदद के लिए बुलाकर मैंने गलती नहीं की मगर. . .
"मगर? "
"कह क्रिस्टी भी ठीक रही है । जब एक करोड के बदले में केवल पाजिटिब्ज दिए जाएंगे तो यह 'बखेडा' जरुर करेगा ।"
'कोई बखेडा नहीं करेगा बल्कि गिड़गिड़ाएगा हमारे पैरों में पडकर । जिसके हाथ में उसके गले के नाप का फांसी का फंदा हो, वह उसके सामने अकड़ा नहीं करता, गिड़गिड़ाया करता है । ब्लैकमेल होने वाले का दिल चूहे जैसा होता है । हम उसे हर बार यह आश्वासन देगे कि अगली बार निगेटिब्ज दे दिए जाएंगे और उसे हर बार झाँसे में अाना पडेगा । कुछ नहीं कर सकेगा वह । ब्लेकमेल होने बाले की विडम्बना ही यह होती है?"
"अगर इसी बीच उसे गोडास्कर ने दबोच लिया?" एक बार फिर क्रिस्टी ने सबाल उठाया ।
"हां । ऐसा हो गया तो सोने के अंडे देने वाली मुरगी हमारे हाथ से निकल जाएगी ।" नाटेने कहा--" बिंदू की हत्या के इल्जाम में उसे 'थर' ही लिया गया तो किससे बचने के लिए सोने के अंडे देगा?"
"इसलिए उसे जितनी जल्दी जितना ज्यादा निचोड़ लिया जाए उतना अच्छा है ।"
"मैं क्रिस्टी से सहमत हूं नाटे ।" मारिया ने कहा-गोडास्कर को तो देख ही लिया है तुमने । समझ गए होंगे-विनम्र ज्यादा दिन तक उसके पंजे से बचा नहीं रह सकता ।"’
"वह तो किसी जरूरी फोन के कारण यहाँ से चला गया ।"’ गोडास्कर की याद आने लगी-----'' वह एक तरह से दीदी को विज्जू का हत्यारा साबित का चुका था । मेरा तो ख्याल है-अगर वह ज्यादा देर यहां रहता तो फोटो और निगेटिब्ज भी बरामद कर लेता । ऐसा हो जाता तो...
नाटे ने उसकी बात काटकर क्या…"जो नहीं हुआ उसे सोच कर डरना बेवकूफी है क्रिस्टी डार्लिग ।"
" पर वह कहकर गया है-----" फिर आएगा और मेरा ख्याल है-बह अाएगा जरूर । दीदी उसकी नजर में संदिग्ध हैं?"
"जव अाएगा तब देखा जाएगा ।" नाटा बोला--"इस वक्त हमे उसके बारे में सोचकर दिमाग खराब नहीं करना चाहिए । वल्कि यह सोचना चाहिए एक करोड कैसे कमाने हैं?"
"इसमे सोचना क्या है?” मारिया ने कहा---" वह आएगा ।" एक करोड देकर जाएगा ।
"कहाँ आएगा?"
"यहीं जाएगा । और कहां?"
अब मैं कहूंगा साली साहिबा । हमे बुलाकर तुमने ठीक ही किया । वाकई तुम अकेली इस झमेले को नहीं सम्भाल सकती थी बल्कि अब तो खुलकर कहूंगा---कुछ कमाने की तो बात की दूर अपने आपको फंसा लेती तुम ।"
" वह कैसे ?"
"शिकार को अपना 'ठीया' नहीं दिखाया जाता ।"
"ओह ।" मारिया के मुंह से यही एक शब्द निकल सका ।
क्रिस्टी ने कहा-----" यहां नहीं तो कहां बुलाएंगे उसे ?"
"यही सव सोचने के लिए तो कह रहा हूं ?"
"मेरे ख्याल से उसे कम्पनी गार्डन में बुला लिया जाए ।" मारिया ने राय दी-----" रात के वक्त वहां सन्नाटा रहता है ।"
"नहीं ।"' नाटे ने प्रतिरोध किया ।"
"क्यों नहीं?"
" ऐसे किसी स्थान पर हमारे 'घिरने' का डर रहेगा ।"
" किसके द्वारा?"
"पुलिस के द्वारा ।"'
" प-पुलिस ?" क्रिस्टी कांप उठी----"' क-क्या पुलिस भी बीच मैं आ सकती है?"
"संभावना विल्कुल नहीं है । मगर चौकस हर खतरे का मुकाबला करने के लिए रहना चाहिये । इस किस्म के कामों का सिद्घान्त यही है !"
क्रिस्टी ने बोलना चाहा मगर मुंह से आवाज न निकल सकी ।
खीफ की मारी मारिया कह -" पुलिस को बीच मेंकहां से ले आए तुम? क्या वह अपने ब्लैकमेल होने की सूचना पुलिस को दे सकता हैं"
"कह चुका हूं-सम्भावना एक परसेन्ट भी नहीं है । जिसकी गर्दन खुद फंसी हो उसके तो खाकी वर्दी देखते ही पीते ढीले हो जाते है । मगर ऐसा सोचकर हमारा लापरवाह होना बेवकूफी होगी । ऐसे केसों में कई बार यह देखा गया है कि ब्लैकमेल होने वाला ब्लेक मेलर से निपटने के लिए अपने लेबल पर कोई तैयारी कर लेता है । ऐसे किसी भी खतरे से बचने के लिए हमें उसे किसी ऐसे स्थान पर बुलाना चाहिये जहां उसके द्वारा बिछाए गए किसी भी जाल की जानकारी पहले से हो सके ।"
मारिया बोली----"' कौन-सी जगह हो सकती है?"
"इस काम के लिए कोई सस्ता होटल ठीक रहेगा ।" नाटे ने कहा…"ऐसा होटल जो ज्यादा न चलता हो । हम अभी ही वहाँ एक कमरा बुक करा देगे । मगर कमरे में जाएंगे उस टाईम से केवल पन्द्रह मिनट पहले जो टाईम बिनम्र को देगें । उस समय से पहले तक कमरे ही की नहीं, सारे होटल की अच्छी तरह निगरानी करेगे । इस तरह अगर वह कोई जाल विछाता है तो हमारी नालिज में अा जाएगा । उस अवस्था मे हम दिए गए टाईम पर कमरेमे पहुंचेगे ही नहीं ।। उल्टे उसके मोबाईल पर फोन करके कहेंगे-हमे तेरी साजिश के बारे में सब पता है । यह सुनते ही पटूठे की हबा सरक जाएगी और फिर कभी हमारे खिलाफ कोई कदम उठाने की हिंम्मत नहीं करेगा । सब कुछ ठीक रहता है तो कोई बात ही नहीं । एक करोड झटकने के तुरन्त बाद कमरा छोडे देगे ।"'
"क्या कमरे में हम तीनो को मिलना है?"
"इस बोरे ने भी सोचना पड़ेगा ।"
"तो सोचो । हमारे पास टाईम कहां है?" .
नाटे ले "एक सिगरेट सुलगा ली । कश लगाने और वातावरण को दूषित करने के साथ आंखें बंद कर ली ।
मारिया और क्रिस्टी उसकी तरफ इस तरह देख रही थी जैसे कटघरे में खड़ा मुजरिम फैसला सुनाने के ' लिए तेयार जज की तरफ देखता है ।
काफी इंतजार के बाद भी जव वह कुछ नहीं बोला तो उद्विग्न होकर मारिया ने कहा-------" अब सोचते ही रहोगे या कहोगे भी?"
" उससे केवल तुम मिलोगी ।" उसकी बंद आखें खुलते ही क्रिस्टी पर जम गई ।
" म मै ?"
" हम दोंनो रहकर कमरे पर नजर रखेंगे ।"
" म - मगर मैं ।" क्रिस्टी अभी भी हकला रही थी--"क-क्या मैं यह काम का सकूंगी ?"
" करने को खास कुछ है ही नहीं । केवल फोटो देने है उसे । वह अधमरा हो जाएगा । रुपया तुम्हारे कदमों में डाल देगा । फोटो मागेंगा । तुम उसे पकडा दोगी ।
"और जव निगेटिब्ज मांगेगा ?"
'" कहोगी--फिलहाल निगेटिब्ज मेरे पास नहीं है । मेरे साथियों के पास है । अगर मेंने कोई बखेडा किया तो वे पुलिस को दे देंगें ।इतना ही उसके होसले पस्त हो जाएगें । उससे बोलोगी--"निगेटिब्ज मेरे साथी खुद तुम्हारे पास पहुंचा देंगे इतना सुनकर उसके पास वापस जाने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा ।"
"म-मगर. . यह काम तुम खुद क्यों नहीं कर लेते"'
उससे फौन पर बात की थी । मर्दानी आवाज सुनी थी उसने । रकम लेने तुम पहूंचोगी । इससे उसे लगेगा-----ब्लेकमेलर अकेला नहीं है । और. ..यही मैसेज देना हमारा मकसद है । उसे "डिमोरलाईज रखना है । जितना डिमोरलाईंज रहेगा, उतनी ही उसके द्वारा हमारे खिलाफ कोई कदम उठाने की सम्भावना कम रहेगी । बल्कि 'इम्प्रेशन' तो हमे ऐसा देना चाहिये जैसे यह किसी बडे गिरोह के चंगुल में फंस गया है । अपनी बातो से तुम ऐसा हीं शो' करोगी ताकि हर क्षण हमारे दबाव में रहे ।"
"नाटे ।" क्रिस्टी ने चापलुसी--सी की---" क्या यह काम दीदी मुझसे बेहतर नहीं करेगी?"
"दूसरी किस्त साली साहिवा को ही लेनी है । हर बार नया चेहरा देखकर ही तो उसे लगेगा कि . . .
" क्रिस्टी ठीक कह रही है नाटे । मैं यह काम इससे मेहतर तरीके सै कर लूंगी।"मारिया ने कहा ।
"जो फैसला मैंने लिया है खूब सोच-समझ कर लिया है ।" नाटे के लहजे में अजीब किस्म की दृढता थी-----" एक करोड ऐठने के अलावा हमे उससे एक और काम भी निकालना है ।"
‘"एक और काम?"
"उससे उगलवाना है कि उसने विंदूकी हत्या क्यों की?"
"इस बात से हमे क्या लेना देना?"
" मैं तो यही समझी थी । तभी तो लगा --- ये क्या बेवकूफी कर रहे हो ?"
" बेवकूफ सोने का अंडा देने बाली मुर्गी से रोज अंडा हासिल करने बाले नहीं ब्लकि वे होते है जो सारे अंडे हासिल करने के फेर में पड़कर बेचारी मुर्गी को हलाल भी कर डालते है । विनम्र हमारे लिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है ।
"अब अाई बात समझ में । मारिया का सारा चेहरा जगमगा उठा था--'"वाकई तुम्हें मालूम है…क्या काम कैसे किया जाना चाहिये । अब लग रहा है, तुम्हें अपनी मदद के लिए बुलाकर मैंने गलती नहीं की मगर. . .
"मगर? "
"कह क्रिस्टी भी ठीक रही है । जब एक करोड के बदले में केवल पाजिटिब्ज दिए जाएंगे तो यह 'बखेडा' जरुर करेगा ।"
'कोई बखेडा नहीं करेगा बल्कि गिड़गिड़ाएगा हमारे पैरों में पडकर । जिसके हाथ में उसके गले के नाप का फांसी का फंदा हो, वह उसके सामने अकड़ा नहीं करता, गिड़गिड़ाया करता है । ब्लैकमेल होने वाले का दिल चूहे जैसा होता है । हम उसे हर बार यह आश्वासन देगे कि अगली बार निगेटिब्ज दे दिए जाएंगे और उसे हर बार झाँसे में अाना पडेगा । कुछ नहीं कर सकेगा वह । ब्लेकमेल होने बाले की विडम्बना ही यह होती है?"
"अगर इसी बीच उसे गोडास्कर ने दबोच लिया?" एक बार फिर क्रिस्टी ने सबाल उठाया ।
"हां । ऐसा हो गया तो सोने के अंडे देने वाली मुरगी हमारे हाथ से निकल जाएगी ।" नाटेने कहा--" बिंदू की हत्या के इल्जाम में उसे 'थर' ही लिया गया तो किससे बचने के लिए सोने के अंडे देगा?"
"इसलिए उसे जितनी जल्दी जितना ज्यादा निचोड़ लिया जाए उतना अच्छा है ।"
"मैं क्रिस्टी से सहमत हूं नाटे ।" मारिया ने कहा-गोडास्कर को तो देख ही लिया है तुमने । समझ गए होंगे-विनम्र ज्यादा दिन तक उसके पंजे से बचा नहीं रह सकता ।"’
"वह तो किसी जरूरी फोन के कारण यहाँ से चला गया ।"’ गोडास्कर की याद आने लगी-----'' वह एक तरह से दीदी को विज्जू का हत्यारा साबित का चुका था । मेरा तो ख्याल है-अगर वह ज्यादा देर यहां रहता तो फोटो और निगेटिब्ज भी बरामद कर लेता । ऐसा हो जाता तो...
नाटे ने उसकी बात काटकर क्या…"जो नहीं हुआ उसे सोच कर डरना बेवकूफी है क्रिस्टी डार्लिग ।"
" पर वह कहकर गया है-----" फिर आएगा और मेरा ख्याल है-बह अाएगा जरूर । दीदी उसकी नजर में संदिग्ध हैं?"
"जव अाएगा तब देखा जाएगा ।" नाटा बोला--"इस वक्त हमे उसके बारे में सोचकर दिमाग खराब नहीं करना चाहिए । वल्कि यह सोचना चाहिए एक करोड कैसे कमाने हैं?"
"इसमे सोचना क्या है?” मारिया ने कहा---" वह आएगा ।" एक करोड देकर जाएगा ।
"कहाँ आएगा?"
"यहीं जाएगा । और कहां?"
अब मैं कहूंगा साली साहिबा । हमे बुलाकर तुमने ठीक ही किया । वाकई तुम अकेली इस झमेले को नहीं सम्भाल सकती थी बल्कि अब तो खुलकर कहूंगा---कुछ कमाने की तो बात की दूर अपने आपको फंसा लेती तुम ।"
" वह कैसे ?"
"शिकार को अपना 'ठीया' नहीं दिखाया जाता ।"
"ओह ।" मारिया के मुंह से यही एक शब्द निकल सका ।
क्रिस्टी ने कहा-----" यहां नहीं तो कहां बुलाएंगे उसे ?"
"यही सव सोचने के लिए तो कह रहा हूं ?"
"मेरे ख्याल से उसे कम्पनी गार्डन में बुला लिया जाए ।" मारिया ने राय दी-----" रात के वक्त वहां सन्नाटा रहता है ।"
"नहीं ।"' नाटे ने प्रतिरोध किया ।"
"क्यों नहीं?"
" ऐसे किसी स्थान पर हमारे 'घिरने' का डर रहेगा ।"
" किसके द्वारा?"
"पुलिस के द्वारा ।"'
" प-पुलिस ?" क्रिस्टी कांप उठी----"' क-क्या पुलिस भी बीच मैं आ सकती है?"
"संभावना विल्कुल नहीं है । मगर चौकस हर खतरे का मुकाबला करने के लिए रहना चाहिये । इस किस्म के कामों का सिद्घान्त यही है !"
क्रिस्टी ने बोलना चाहा मगर मुंह से आवाज न निकल सकी ।
खीफ की मारी मारिया कह -" पुलिस को बीच मेंकहां से ले आए तुम? क्या वह अपने ब्लैकमेल होने की सूचना पुलिस को दे सकता हैं"
"कह चुका हूं-सम्भावना एक परसेन्ट भी नहीं है । जिसकी गर्दन खुद फंसी हो उसके तो खाकी वर्दी देखते ही पीते ढीले हो जाते है । मगर ऐसा सोचकर हमारा लापरवाह होना बेवकूफी होगी । ऐसे केसों में कई बार यह देखा गया है कि ब्लैकमेल होने वाला ब्लेक मेलर से निपटने के लिए अपने लेबल पर कोई तैयारी कर लेता है । ऐसे किसी भी खतरे से बचने के लिए हमें उसे किसी ऐसे स्थान पर बुलाना चाहिये जहां उसके द्वारा बिछाए गए किसी भी जाल की जानकारी पहले से हो सके ।"
मारिया बोली----"' कौन-सी जगह हो सकती है?"
"इस काम के लिए कोई सस्ता होटल ठीक रहेगा ।" नाटे ने कहा…"ऐसा होटल जो ज्यादा न चलता हो । हम अभी ही वहाँ एक कमरा बुक करा देगे । मगर कमरे में जाएंगे उस टाईम से केवल पन्द्रह मिनट पहले जो टाईम बिनम्र को देगें । उस समय से पहले तक कमरे ही की नहीं, सारे होटल की अच्छी तरह निगरानी करेगे । इस तरह अगर वह कोई जाल विछाता है तो हमारी नालिज में अा जाएगा । उस अवस्था मे हम दिए गए टाईम पर कमरेमे पहुंचेगे ही नहीं ।। उल्टे उसके मोबाईल पर फोन करके कहेंगे-हमे तेरी साजिश के बारे में सब पता है । यह सुनते ही पटूठे की हबा सरक जाएगी और फिर कभी हमारे खिलाफ कोई कदम उठाने की हिंम्मत नहीं करेगा । सब कुछ ठीक रहता है तो कोई बात ही नहीं । एक करोड झटकने के तुरन्त बाद कमरा छोडे देगे ।"'
"क्या कमरे में हम तीनो को मिलना है?"
"इस बोरे ने भी सोचना पड़ेगा ।"
"तो सोचो । हमारे पास टाईम कहां है?" .
नाटे ले "एक सिगरेट सुलगा ली । कश लगाने और वातावरण को दूषित करने के साथ आंखें बंद कर ली ।
मारिया और क्रिस्टी उसकी तरफ इस तरह देख रही थी जैसे कटघरे में खड़ा मुजरिम फैसला सुनाने के ' लिए तेयार जज की तरफ देखता है ।
काफी इंतजार के बाद भी जव वह कुछ नहीं बोला तो उद्विग्न होकर मारिया ने कहा-------" अब सोचते ही रहोगे या कहोगे भी?"
" उससे केवल तुम मिलोगी ।" उसकी बंद आखें खुलते ही क्रिस्टी पर जम गई ।
" म मै ?"
" हम दोंनो रहकर कमरे पर नजर रखेंगे ।"
" म - मगर मैं ।" क्रिस्टी अभी भी हकला रही थी--"क-क्या मैं यह काम का सकूंगी ?"
" करने को खास कुछ है ही नहीं । केवल फोटो देने है उसे । वह अधमरा हो जाएगा । रुपया तुम्हारे कदमों में डाल देगा । फोटो मागेंगा । तुम उसे पकडा दोगी ।
"और जव निगेटिब्ज मांगेगा ?"
'" कहोगी--फिलहाल निगेटिब्ज मेरे पास नहीं है । मेरे साथियों के पास है । अगर मेंने कोई बखेडा किया तो वे पुलिस को दे देंगें ।इतना ही उसके होसले पस्त हो जाएगें । उससे बोलोगी--"निगेटिब्ज मेरे साथी खुद तुम्हारे पास पहुंचा देंगे इतना सुनकर उसके पास वापस जाने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा ।"
"म-मगर. . यह काम तुम खुद क्यों नहीं कर लेते"'
उससे फौन पर बात की थी । मर्दानी आवाज सुनी थी उसने । रकम लेने तुम पहूंचोगी । इससे उसे लगेगा-----ब्लेकमेलर अकेला नहीं है । और. ..यही मैसेज देना हमारा मकसद है । उसे "डिमोरलाईज रखना है । जितना डिमोरलाईंज रहेगा, उतनी ही उसके द्वारा हमारे खिलाफ कोई कदम उठाने की सम्भावना कम रहेगी । बल्कि 'इम्प्रेशन' तो हमे ऐसा देना चाहिये जैसे यह किसी बडे गिरोह के चंगुल में फंस गया है । अपनी बातो से तुम ऐसा हीं शो' करोगी ताकि हर क्षण हमारे दबाव में रहे ।"
"नाटे ।" क्रिस्टी ने चापलुसी--सी की---" क्या यह काम दीदी मुझसे बेहतर नहीं करेगी?"
"दूसरी किस्त साली साहिवा को ही लेनी है । हर बार नया चेहरा देखकर ही तो उसे लगेगा कि . . .
" क्रिस्टी ठीक कह रही है नाटे । मैं यह काम इससे मेहतर तरीके सै कर लूंगी।"मारिया ने कहा ।
"जो फैसला मैंने लिया है खूब सोच-समझ कर लिया है ।" नाटे के लहजे में अजीब किस्म की दृढता थी-----" एक करोड ऐठने के अलावा हमे उससे एक और काम भी निकालना है ।"
‘"एक और काम?"
"उससे उगलवाना है कि उसने विंदूकी हत्या क्यों की?"
"इस बात से हमे क्या लेना देना?"