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प्यार था या धोखा

अध्याय 26

इधर

पूर्वी को पटाने की कोशिश रफीक और रोहन में जोरो शोरो से चल रही थी ,लेकिन अभी तक कोई भी कन्फर्म नही था की कौन सक्सेसफुल हुआ है,जंगल में सपना और बल्ला गायब हो गए थे जिसकी अभी तो किसी कोई भी फिक्र नही थी ,सभी एक झील के किनारे बैठे बाते कर रहे थे,

पूर्वी ने एक स्कर्ट ,शर्ट और उसके ऊपर एक जैकेट डाली थी,वो बहुत ही प्यारी लग रही थी,

“कुदरत ने आपको बड़े ही प्यार से बनाया है पूर्वी जी “

रफीक मानो उसके शरीर का स्कैन करते हुए बोला,पूर्वी को भी पता था की रफीक आखिर उसके किन अंगों को घूर रहा है लेकिन उसके होठो में एक मुस्कान आई जिससे रफीक की हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई ..

वो उसके और भी करीब सरका..

“यारो क्यो न यंहा मछलियां पकड़ी जाए सुना है यंहा की मछलियां बेहद ही स्वादिस्ट होती है”

रोहन अपने बेग एक स्टिक निकलते हुए बोला..

“मुझे तो गोश्त पसंद है ,मछलियां तुम ही पकड़ो “

रफीक ने सीधे शब्दो में कहा वही पूर्वी ने भी न में सर हिला दिया,रोहन बुझे मन से ही सही लेकिन मछलियां पकड़ने थोड़ी दूर झील में बने एक पत्थर में जा बैठा..

रफीक और पूर्वी बैठे हुए उसे ही देख रहे थे..

“पूर्वी जी आपका हुस्न..”

रफीक कुछ बोलने ही वाला था की पूर्वी ने उसे रोक दिया

“यार रफीक तुम मुझे बोर कर रहे हो ,जब से क्या हुस्न हुस्न लगा कर रखा है,जनाब के पास इसके अलावा बात करने का कोई दूसरा टॉपिक नही है क्या??”

पूर्वी ये कहते हुए थोड़ा हंसी ..

“साहिबा जब से आपको देखा है तब से सपनो में आप ही दिखती है और जब आप सचमुच में मेरे सामने है तो कैसे आपकी तारीफ ना करे..”

पूर्वी उसकी बात सुनकर खिलखिला कर हँस पड़ी और प्यार से उसके गालों पर एक चपत मार दी ..

“मुझे लाइन मरना छोड़ो और बताओ की आखिर यंहा किस काम के लिए आये हो..”

रफीक ने एक गहरी सांस भरी

“हमारे अब्बू की तमन्ना थी की हम यंहा एक केमिकल फेक्ट्री डाले,बस उसी सिलसिले में हम यंहा पर आये है “

“हम्म्म्म क्या काम शुरू हो गया??”

“अभी तक तो नही लेकिन हो जाएगा”

“अब आप ऐसे हमारे साथ छुट्टियां मानते रहे तो काम कैसे शुरू होगा शेख साहब ..”

रफीक ने एक बार पूर्वी को घुरा ..

“हमने कितनी बार कहा की हम कोई शेख नही है हम तो शेख के बेटे है,ऐसे भी मुझे वंहा की जिंदगी पसंद ही नही आती,ये इंडिया मेरा घर है,मैं यंही जन्म लिया,और यंही बसना चाहता हु,”

रफीक आसपास ऐसे देख रहा था जैसे वो सचमे बहुत ही सेंटी हो गया हो ..

पूर्वी ने इस बार अपनी आवाज धीरे कर ली

“तो यंहा बसने के लिए फेक्ट्री के अलावा और भी कुछ ढूंढ रहे है रफीक साहब “

पूर्वी ने इतने मदहोश लहजे में बात कही थी की रफीक एक बार उसके चहरे को ही देखता रह गया था,उसकी मासूम सी आंखे और उसके नाजुक जुबानों का हिलना,बालो की वो लट जो ठंडी हवा में लहराते हुए उसके मुखड़े तक आ जाती थी,वो जैसे मंत्रमुग्ध हुआ बस उसके चहरे को देख रहा था..

“कहा खो गए साहब..”

“उजाला...तेरे चहरे का उजाला...कुछ ऐसा है जानम, की दिन भी यही हो और सपने इसी के …”वो बोलता हुआ थोड़ा पास आया

“किस्मत….किस्मत तू मेरी ,मेरी कहानी,हम है इसी के…”

वो थोड़ा और पास आया और अपने हाथो से पूर्वी के बालो की लट को हल्के से उसके चहरे से हटाने लगा..

“जल्फे...जल्फे ये तेरे ,जैसे बादल हो काली,ये होठो की लाली,मर जाए इसमें..”

पूर्वी की आंखे उसकी आंखों से मिली थी,उसके होठ फड़फड़ाने लगे थे रफीक और भी पास आ चुका था,और दोनों की ही सांस एक दूसरे से टकरा रही थी

“जन्नत...जन्नत ये सांस है तेरी... जो मेरी... सांसों से टकरा के छूती मुझीको..”

उसके होठ और भी पास आ चुके थे,पूर्वी उसके मर्दाने शरीर को महसूस कर सकती थी उसके हाथ पूर्वी के जंहा पर थे..

“दौलत...दौलत है मेरी ,तेरा जिस्म है ये,जन्नत हमारी ..”

उसका हाथ जांघो को सहलाता हुआ थोड़ा आगे को बढ़ा और उसके होठो लगभग पूर्वी के होठो से टकराने वाले थे,

“शोहबत..शोहबत में तेरी..”

पूर्वी ने जोरो से उसके होठो को अपने जांघो में आगे बढ़ने से रोक लिया,और अपने होठो को थोड़ा दूर किया,और बोल पड़ी

“शोहबत में तेरी है दोस्ती की खशबू..ना बिगाड़ो इसे तुम ..है मिन्नत हमारी..”

पूर्वी की बात सुनकर रफीक तुरंत ही उससे अलग हो गया...पूर्वी के होठो में मुस्कान थी और रफीक पूरी तरह से लाल हो चुका था,उसने एक गहरी सांस ली

“मोहोब्बत है तुमसे यू लगता है मुझको,तुम जो मिली तो हो किस्मत हमारी ..”

वो झेंपता हुआ ही सही लेकिन बोल गया था,उसने एक बार पूर्वी की तरफ देखा जैसे पूछ रहा हो की वो क्या जवाब देना चाहती है,पूर्वी ने कुछ भी नही कहा बस रोहन को देखने लगी जो की अभी मछली पकड़ने में व्यस्त था,और धीरे से उसने रफीक के हाथो को अपने हाथो में ले लिया ..

“यू हादसों से मोहोब्बत नही होती ये दोस्त,उम्र गुजर जाती है इकरार करते करते..”

पूर्वी ने फिर से रफीक को देखा जिसके होठो में एक मुस्कान आ चुकी थी,वो अब भी पूर्वी को समझ नही पा रहा था,वो उसका हाथ पकड़े हुए थी उसकी हरकत का भी उसने कोई बुरा नही माना था लेकिन फिर भी वो बड़े ही प्यार से उसे ना भी कह रही थी,इतने प्यार से की कही ना कही रफीक के दिल में पूर्वी के लिए सच में एक प्यार या यू कहे की सम्मान वाली भावना का जन्म हो गया था...उसने जवाब में सहमति में सर हिलाया..

“हर सितम सहूंगा,उफ तक ना कहूंगा,एक बार कह तो दो अपना ,मर कर भी तेरा ही रहूंगा..”

पूर्वी उसकी शायरी सुनकर जोरो से हँस पड़ी..

“ये क्या फटे हुए शायरों वाली शायरी बोल रहे हो ,और प्यार जानते हो ना क्या है,ग़ालिब ने कहा है कि...एक आग का दरिया है और डूब के जाना है..”

दोनों ही एक दूसरे को मुस्कुराते हुए देख रहे थे.रफीक ने अपना हाथ पूर्वी के उस हाथ पर रख दिया जिससे उसने उसके हाथो को पकड़ रखा था..

“हर आग में डूबने को तैयार हु पूर्वी तुम एक बार बोलो तो सही ..”

पूर्वी ने सीधे रफीक की आंखों में देखा,ये अजीब सी प्यार वाली फिलिंग थी जिसे आजतक उसने कभी किसी की आंखों में नही देखी थी,ना ही गौरव ना ही रोहन ये अलग ही तरह का आशिक था,एक अलग ही दर्द था रफीक की आंखों में जैसे बहुत कुछ कहना चाहता हो इतनी बोलती हुई थी उसकी आंखे ..पूर्वी तो एक बार डर ही गई और उसने तुरंत ही अपने हाथो को उसके हाथो से हटा लिया ..

“मैं तुम्हे किसी आग में नही झोंकना चाहती रफीक,तुम मुझे अच्छे इंसान लगे ,हम अच्छे दोस्त बन सकते है इससे ज्यादा कुछ भी नही ,शायद तुम्हे नही मालूम की मैं शादीशुदा हु ..”

पूर्वी की बात सुनकर इस बार रफीक ने एक अंगड़ाई ली …

“शायद तुम्हे इंसान की परख नही है पूर्वी ,मैं कोई अच्छा इंसान नही हु जिसे तुम आग में ना झोको,मैं ना जाने कितने ही आग से खेलकर यंहा तक पहुचा हु ,दूसरी बात तुम्हारे शादीशुदा होने की बात तो मुझे इससे कोई फर्क नही पड़ता ...मैं फिर भी तुम्हे उतना ही प्यार करूंगा ..”

पूर्वी ने आश्चर्य से उसे देखा

“मतलब ..”

“मतलब जब शादी में प्यार ना रह जाए तो वो शादी नही होती,बस एक बंधन होता है और उसे तोड़ देना ही मुनासिब होता है,”

एक बार पूर्वी रफीक के आंखों में देखने लगी उसे ऐसा लगा जैसे वो भी उसकी आंखों की गहराई में उसके सच को खोज रहा है…

वो हड़बड़ाई..

“तुम पागल हो गए है क्या,मैं अपने पति से बहुत खुश हु ..”

उसने हड़बड़ाते हुए कहा ..

“मैं तुम्हारी आंखे और उसमें से छलकते हुए जज़बातों को समझ सकता हु पूर्वी ,और मैं जानता हु की तुम झूठ बोल रही हो..”

पूर्वी को जैसे एक झटका लगा और वो उठकर खड़ी हो गई

“तुम कुछ भी बोल रहे हो..”वो रोहन की ओर बढ़ने लगी

“याद रखना पूर्वी आदमी झूठ बोलता है लेकिन उसकी आंखे नही ..”

रफीक अभी रेत में लेट गया था उसकी बातों में एक कांफिडेंस था ,पूर्वी आश्चर्य से एक बार फिर से उसे देखा,वो अंदर तक हिल चुकी थी जैसे उसे लगा की कोई सच उसके सामने रख दिया गया हो..लेकिन उसने अपना सर हिलाया और रोहन की ओर जाने लगी ………

**********

पूर्वी रोहन के पास जाकर बैठ चुकी थी और अपने ही ख्यालों में खोई हुई पानी में उठते हुए लहरों को निहारे जा रही थी..

“क्या हुआ ऐसा क्या बोल दिया उसने जो ऐसे गुमसुम होई गई हो “

रोहन बहुत देर से चुपचाप ही पूर्वी को ऐसे बैठे हुए देख रहा था,

“ऐसे लगा जैसे सच बोल गया हो ….”

पूर्वी ने बहुत धीरे से कहा और रोहन उसका मतलब समझने की कोशिश करने लगा ,लेकिन कुछ समझ ही नही पाया.

“क्या ??”

“कुछ नही कितनी मछलियां पकड़ी तुमने “

पूर्वी अपना मुड़ ठीक करने के लिए बोली..

“एक ही मछली के पीछे तो पड़ा हु लेकिन जाल में फसती ही नही “

रोहन का इशारा पूर्वी समझ चुकी थी,उसके होठो में मुस्कान आ गई ..

“फसाने की कोशिश करोगे तो कैसे फसेंगी ,उसे तो तुम प्यार से भी पा सकते हो “

पूर्वी ने मुस्कुराते हुए कहा और रोहन ने अचानक ही उसे देखा

“मेरे प्यार में क्या कमी है पूर्वी जो वो मुझे नही मिल रही ..”

रोहन की आवाज में एक गंभीरता थी

“समय रोहन समय ..जब मिली थी तो तुमने कद्र नही किया ,अब वो समय निकल चुका है “

रोहन को बीती हुई सारी बात जैसे एक ही बार में याद आ गई

“अब कोई चांस..???”

रोहन ने फिर से अपना बच्चों वाला लुक दिखाया ..और पूर्वी खिलखिला उठी

“तुम बच्चे ही हो रोहन ,चांस तुम्हे मिल चुका था जिसे तुमने गवा दिया ,अब चांस मिलेगा नही खुद ही बनाना पड़ेगा ..”

पूर्वी मुस्कुराते हुए उसे देखने लगी,सपना और बल्ला को आता हुआ देख कर वो उठकर उनके ओर जाने लगी ……..

और रोहन …

मानो मन में लड्डू फुट गए,लगा जैसे अब भी इस अंधेरे में उजाले का आसरा बाकी है …...

 
अध्याय 27

रोहन और सपना एक बड़े बिस्तर में लेते हुए सिगरेट पी रहे थे,दोनों के सर आसपास ही थे और एक ही सिगरेट को वो पास करके पी रहे थे…

“आज कुछ अजीब हुआ यार रोहन ..”

“हा मेरे साथ भी ..”

“क्या ..”

“पहले तुम बताओ की क्या अजीब हुआ..”

“अरे पहले तुम बताओ मेरी बात ज्यादा इम्पोर्टेन्ट नही है..”सपना की बात सुनकर रोहन उसकी ओर मुड़ा सपना भी उसके ओर मुड़ चुकी थी..

उसने सिगरेट रोहन को पास की रोहन ने आखरी कस लगा कर उसे फेक दिया,और पूरा धुंआ सपना के ऊपर छोड़ दिया ..

“छि यार ..”

रोहन थोड़ा हंसा..

“आज फिर से पूर्वी से प्यार हो गया यार “

रोहन एकटक सपना को देख रहा था,सपना ने अपना माथा पिट लिया

“कोई नई बात बता ये क्या अजीब बात हुई तुझे तो साले ऐसा बुखार चढ़ा है की उतरता ही नही ..”

“नई बात हुई यार..आज पूर्वी ने मुझे हिंट दिया की अब भी देर नई हुई है ,मैं अब भी उसे पटा सकता हु ..”सपना के आंखों में अब थोड़ा आश्चर्य था..

“क्या बोली वो ..”

रोहन ने पूरी बात बताई ..

“ओह तो शेख साहब पूर्वी के दिमाग से भी खेल रहे है,”

“मतलब ??”

“मतलब साफ है ,पूर्वी ने कभी ऐसी बात तुझसे नही कही थी ,शादी के बाद शायद ये पहली बार था जब उसने कुछ क्लियर हिंट दिया ओके..”

“हा ..”

“तो साफ है ना की ये रफीक के आने के बाद हुआ,वो उसके साथ अकेले बैठी थी तो कुछ तो उसने कहा होगा जो पूर्वी ऐसी बाते कर रही थी…”

रोहन ने बस सर हिलाया और उसे देखने लगा..

“क्या??”

“तू भी कुछ बोलने वाली थी “

“हा यार वो बल्ला है ना ,साला पता नही उसके लिए कुछ अट्रेक्सन सा आया दिल में “

सपना तो गंभीर थी लेकिन रोहन के होठो में मुस्कान आ गई

“दिल में या यंहा ..”

उसने अपना हाथ सपना के जांघो के बीच रख दिया ,सपना ने उसे एक मुक्का मारा..

“साले तुझे इसके सिवा कुछ सूझता है क्या ,ये सच है यार सचमे ,अगर सेक्स का मन करता तो बात अलग थी लेकिन...लेकिन ये कुछ और था,कुछ अजीब सा..”

रोहन सपन के चहरे को ही देख रहा था सपना थोड़ी गंभीर लग रही थी..

“ये साले वो दोनों आखिर मेरी दोनों जान के साथ कर क्या रहे है,एक आज इतनी गंभीर दिख रही थी और एक तू है तुझे उससे प्यार हो गया..”

सपना अपने विचारों से बाहर आयी

“अरे नही रे ,प्यार व्यार नही लेकिन ..लेकिन कुछ अजीब सा लगा,”

“उसे ही तो प्यार कहते है ना”

“यार उस बल्ला से प्यार..मय गॉड ये क्या हो रहा है मुझे..”सपना सरक कर रोहन के पास आ गई और रोहन ने उसे कसकर अपनी बांहों में जकड़ लिया..

“ऐसा ही रहेगा तो लफड़ा हो जाएगा सपना,हम तो उन लोगो को फसाने की सोच रहे थे वो साले तो हमे ही फंसा रहे है “

“ऐसा नही है यार ,ऐसे नही फसाया जाता किसी को ,वो इतना जेन्युन था की लगा नही की वो मुझे इम्प्रेस कर रहा यही मैं तो खुद ही उसे देखकर इम्प्रेस हो गई ,जानता है साले का बहुत बड़ा है,तुझसे भी बड़ा…”सपना थोड़ी अलग हुई रोहन के होठो में मुस्कान था ..

“साली इसे प्यार नही हवस कहते है,तू उसके साइज से इम्प्रेस हो गई ,या फिर उसके बॉडी से “

रोहन के बात से सपना भी मुस्कुराने लगी

“अरे नही साले सच में कुछ हुआ यंहा,क्या मुझे समझ नही आएगा की प्यार और हवस में क्या अंतर है..”

“हा मेरी जान तू इतनी खेली खाई हो है ,चल एक गेम खेले क्या आज “

सपना उसे ही देख रही थी

“क्या ??”

“आज तू पूर्वी बन जा और मैं बल्ला”

सपना जोरो से हँस पड़ी

“तू बेचारी मासूम सी पूर्वी को उस बल्ला से चुदवायेगा “सपना और भी जोरो से हँसने लगी

“कमीनी नही ..मेरी पूर्वी उस दैत्य के साथ नही मेरा मतलब था की तू मेरे लिए पूर्वी बन जा और मैं तेरे लिए बल्ला..”

सपना अब भी हँस रही थी

“लेकिन बल्ला जैसा बल्ला कहा से लाएगा “

सपना और भी जोरो से हँसने लगी ,रोहन ने थोड़े गुस्से से उसे देखा और उसके ऊपर झपट पड़ा..

अब रोहन सपना ने ऊपर था और उसने सपना का मुह दबा दिया,वो उसके होठो को चूसने लगा..

“बहुत बोल रही है तू अब दिखाता हु तुझे की मेरे बल्ले में कितना दम है,तेरी गीली पिच में ऐसी बैटिंग करूंगा ना की आज तो कई सेंचुरी बना के दिखाऊंगा”

सपना के हाथ भी अब उसके गले को घेर चुके थे,

“आँख बंद कर मेरी जान और अपने बल्ला को याद कर ..”

रोहन ने अपना हाथ उसके टीशर्ट में डाल दिया और उसके मम्मो को दबाने लगा,सपना ने आंखे बंद की उसे लगा जैसे बल्ला का मजबूत हाथ उसके उजोरो को सहला रहा है,उसने मुह से सिसकियां निकलने लगी,रोहन का हाथ उसके जांघो के बीच पहुचा वो पेंट से हाथ अंदर घुसाया,थोड़ी ही देर में ही सपना की योनि से फुहार छूटने लगी थी,रोहन ने पिच तो गीली कर दी थी अब उसे बल्ला चलाना था,उसने सपना के चहरे को ध्यान से देखा और फिर पूर्वी को याद करने लगा,उसने भी अपनी आंखे बंद की ,उसके कानो में सुबह पूर्वी द्वारा बोले गए शब्द गूंज रहे थे,अब भी उसके पास मौका था पूर्वी को पाने का,उसने उस दिन को याद किया जब पूर्वी उसके सामने नंगी थी,उसे उसकी वो योनि याद आयी,रोहन ने सपना की योनि में फिर से उंगली डाल दी,उसके गीलेपन का आभास करने लगा,उसे लगा जैसे यही पूर्वी की योनि हो,वो मस्त होकर सपना पर टूट पड़ा था,वो उसे चूमे जा रहा था,

“पूर्वी आई लव यू..”

“आह बल्ला आगे बड़ो ना …’सपना ने रोहन को और भी जोरो से कस लिया

“पूर्वी मेरी जान आई लव यू...मेरी जान आह”

रोहन के हाथ सपना की योनि में जोरो से चल रहे थे,उसे जैसे खयाल ही नही रहा की उसके नीचे आखिर है कौन ,वही हाल सपना का भी था...वो बल्ला के शरीर को महसूस कर रही थी,उसकी ही उंगलियां उसके योनि की दीवारों पर घिस रहे थे,वो पनिया गई थी और ज्यादा और ज्यादा पनिया रही थी,उसने जोरो से रोहन को पकड़ रखा था और वो उसे आने और भी पास खींचना चाहती थी,अपनी अंदर उसे महसूस करना चाहती थी..

“रोहन ने जल्दी से सपना के कपड़े निकाल दिए और खुद ही बिना आंखे खोले ही नंगा हो गया,सपना ने भी अपने टांगो को फैलाने में कोई भी देरी नही की और दोनों पैरों को रोहन के कमर से जकड़ लिया ,और रोहन के लिंग को अपने हाथो में पकड़ कर उसे अपने योनि में घिसने लगी ,उसे याद आया की बल्ला का लिंग कितना बड़ा था,उसने रोहन के बाद सबसे बड़ा लिंग उसका ही देखा था,आज रोहन का लिंग भी उसे बिल्कुल ही नया लग रहा था,वो उसे बेताबी से सहला रही थी और अपने योनि में घुसाने की कोसिस भी कर रही थी ..

“बल्ला डाल दो ना अंदर ..”

“पूर्वी मेरी जान ,कितनी प्यारी और नाजुक है तू ..”

रोहन ने सपना के सर को जोरो से पकड़ा और उसके गीली योनि में अपना लिंग सरकते चला गया,,दोनों के मुह से ही कहारे निकलने लगी थी,सेक्स के सुख से भी ज्यादा अपने साथी से मिलने का सुख होता है जिसका आनंद दोनों ही ले रहे थे,दोनों ही अपने अपने सपनो में खोए हुए एक दूसरे के जिस्म का आनंद ले रहे थे,दोनों ही गहराई में डूबे हुए थे और इस मजे को और भी ज्यादा समय तक महसूस करने में लगे थे,दोनों ही खुद को पूरी तरह से छोड़ चुके थे अपने फेंटेसी में डूबने के लिए…

और बिस्तर में तूफान मचा...कमर हिल रहे थे,आवाजे और सिसकियों से कमरा गूंज रहा था,आज तूफान कुछ ज्यादा ही देर तक चलने वाला था…………

*********

वही दूसरी तरफ भी कुछ ऐसा ही तूफान मचा हुआ था…

“पूर्वी मेरी जान आई लव यू..”

गौरव का कमर तेजी से चल रहा था,दोनों ही नग्न अवस्था में एक दूसरे से लिपटे हुए लेटे हुए थे,गौरव अपने पूरे जोश से पूर्वी के योनि में अपने लिंग को घुसाने में लगा हुआ था ,तूफान यंहा भी मचा था एक गौरव के लिए बिस्तर में और दूसरी ओर पूर्वी के लिए उसके मन में..

गौरव के धक्कों से वो मजा नही ले पा रही थी,जब भी वो आंखे बंद करती तो कभी रफीक तो कभी रोहन का चहरा उसके सामने आ जाता था,बहुत देर तक वो ऐसे ही बस पत्नी धर्म निभाने के लिए लेटी रही वो आंखे बंद करने से डर रही थी,आख्रिर उसने फैसला किया की वो आंखे बंद करेगी ,

“आह पूर्वी ..”

रफीक तेजी से धक्के लगा रहा था,उसका मजबूत जिस्म पूर्वी के नाजुक जिस्म को पूरी तरह से ढक चुका था,वो उसके जिस्म की मजबूती अपने जिस्म में महसूस कर पा रही थी,

“आई लव यु बेबी..”

धक्के तेज हो रहे थे और पूर्वी ने रोहन के सर को अपने मुह के पास खिंचा और उसके होठो में अपने होठो को घुसा दिया,रोहन पूर्वी के नाजुक होठो को जोरो से चूसें जा रहा था,पूर्वी को ऐसा सुख मिल रहा था जिसकी कल्पना भी वो नही कर पाई थी,रोहन उसके होठो को और भी जोरो से चूस रहा था,

“आह आई एम कमिंग बेबी “

रफीक की आवाज पूर्वी के कानो में पड़ी वो भी चाहती थी की रफीक उसकी योनि को पूरी तरह से भिगो दे..और रोहन छूटा,अपने पूरे वेग में उसने पूर्वी के योनि में अपना लावा भर दिया पूर्वी थक कर चूर हो चुकी थी उसने रफीक और रोहन का लावा अपने गर्भ में जाते हुए महसूस किया और इसी आभास से उसका झरना भी छूट पड़ा…

उसने गौरव को जोरो से कस लिया था,जो अपनी हांफती सांस सम्हाल रहा था,पूर्वी को लगा जैसे उसने रोहन के मजबूत जिस्म को अपने बांहों में भरा है और रफीक का मुस्कुराता हुआ चहरा उसके आंखों में घूम गया,वो अपनी उखड़ी हुई सांसों को सम्हालने लगी लेकिन उसके चहरे में तृप्ति का एक भाव था वही होठो में एक मुस्कान………...

 


अध्याय 28

उसी रात

रफीक और बल्ला बैठे शराब पी रहे थे,

“रफीक भाई ये डॉ के चक्कर में हम यंहा आ तो गए लेकिन लेकिन लगता है साला सच में इन लड़कियों से प्यार हो जाएगा …”

बल्ला की बात सुनकर रफीक थोड़े देर तक तो चुप था लेकिन फिर खूब हंसा ..

“सही कहा भाई,क्या लड़की है पूर्वी ,कितनी शरीफ,मासूम और प्यारी दिल करता है की चुम लू”

“हा भाई मेरी सपना भी कितनी सेक्सी है दिल करता है की …”

वो इतना ही बोल कर रुक गया ,रफीक उसे देखकर हँसने लगा

“क्या दिल करता है ??की ..”

बल्ला थोड़ा झेंपा

“भाई सच बोलूं उसके बारे में गंदा बोलने का भी मन नही कर रहा”

रफीक फिर से हंसा लेकिन फिर उसके होठो में एक संजीदगी आ गई..

“लगता है ये साली हम जैसे कमीनो को भी शरीफ बना देंगी,”

उसने अपने ग्लास में रखा पेग एक ही झटके में अंदर कर लिया…

“भाई अगर ऐसा हुआ तो हमे तो इनसे बच के रहना चाहिए,हम तो लड़कियों को चोद कर फेकने वाले लोग है,हमारा काम कैसे चलेगा अगर हम ही शरीफ हो गए तो काम कैसे चलेगा हमारा”

“हम्म बात तो सच है तेरी ,अब बच तो सकते नही हमे बुलाया ही इसीलिए गया है की हम इनके साथ समय बिताए और इन्हें यकीन दिलाये की हम शेख है लेकिन ...लेकिन हमे सम्हाल कर रहना होगा कही हमे इन लड़कियों से प्यार ना हो जाए वरना साला पता चला अपना राज खुद ही खोल देंगे “

इस बार रफीक और बल्ला दोनों ही संजीदा थे ………..

************

रोहन और सपना, रोहन के ऑफिस में बैठे हुए उस शख्स का इंतजार कर रहे थे जो उनके पिता की मीटिंग की ऑडियो टेप लाने वाला था..

वो बेचैन लग रहे थे..

आखिरकार उन्हें टेप मिल ही गई ,

उस शख्स के जाने के बाद तुरंत ही रोहन ने उसे अपने कम्प्यूटर में लोड किया और दोनों कान गड़ाए सुनने लगे..

कुछ देर यू ही फॉर्मल बातचीत होती रही ...फिर ओबराय(रोहन के पिता) की आवाज सुनाई दी

“यार ये तस्वीर का क्या चक्कर है कुछ समझ आया …”

“समझ तो मुझे भी नही आ रहा है की आखिर ये तस्वीर उस औरत के पास कैसे आयी,ये तो हमारे गोवा वाले फॉर्महाउस में हमने खिंचाई थी,लेकिन एक प्रॉब्लम ये भी है की एक शेख का बेटा भी आ गया है,मुझे पता लगा की वो यंहा कोई केमिकल फेक्ट्री खोलने के लिए आया है,शायद ये भी उसी फार्मूले का ही चक्कर है,क्योकि वो शायद उसी शेख का बीटा है जिसने उस लड़की को गायब किया था ..”लखानी(सपना के पिता) ने कहा

“huuummm खबर तो मुझे भी यही लगी है ,लेकिन वो अभी तक जमीन देख रहा है,अभी प्रोसेस लंबा होगा,बिजनेस का कोई चांस नही है उसके साथ “कपूर सोचते हुए बोला जिससे लखानी गुस्सा हो गया..

“इसीलिए मैं इस साले से इतनी नफरत करता हु ,हम यंहा अपने बच्चों की परेशानी को लेकर बैठे यही और ये साला बिजनेस की सोच रहा है “लखानी ने मुह सिकोड़ा लेकिन फिर कपूर बोल उठा

“अरे नही बिजनेस की बात इसलिए लाया क्योकि वो आजकल हमारे बच्चों के साथ ही घूम रहा है ,और ये तस्वीर भी सपना के hod के पास ही उसे मिली थी,और जंहा तक मुझे पता चला है की पूर्वी का पति गौरव भी उस लड़की के साथ ही पढ़ता था जब उस लड़की ने फार्मूला बनाया था,तो यार मैं क्यो ना सोचु की कही ये हमारे पैसे को लेकर कोई गेम तो नही है ,हर चीज हमारे बच्चों के इर्दगिर्द ही घुम रही है ,हमने वो फार्मूला उस लड़की से हासिल करने की कोशिस की थी याद है ना आज फिर से उसी फार्मूले के चक्कर में कोई कांड होने वाला है,रोहन के मुह से फार्मूले की बात सुनकर मैं थोड़ा चौका जरूर था लेकिन जब अब पूरी बात हमारे सामने है तो मुझे तो लगता है की ये सब उसी के इर्दगिर्द की ही चीजे है ,हो ना हो वो वही फार्मूला है जो वो मालती ने छुपा के रखा है जो रोहन मुझे बताने की कोशिस कर रहा था लेकिन सपना ने उसे चुप करवा दिया और बात पलट दिया,मैंने पता लगवाया है की मालती भी उस समय उस लड़की की प्रोफेसर थी ,साले मुझे बिजनेस की फिक्र नही है मुझे तो अपनी बेटी की सबसे ज्यादा फिक्र है ,ना जाने वो फार्मूला सही है भी की नही लेकिन जिस लड़की ने वो फार्मूला बनाया था और जिसे हमने उसे लालच दिखाकर और अपनी ताकत दिखाकर उसे छिनने की कोशिस की थी आज उसी लड़की का एक करीबी दोस्त मेरी बेटी का पति है ,तो चिंता वाली बात तो मेरे लिए भी ज्यादा है “कपूर की आवाज में सच में चिंता थी ..

“अच्छा और मेरी बेटी भी तो उसके साथ ही काम कर रही है ,तुझे लगता है की मुझे उसकी चिंता नही है “लखानी बोल पड़ा ..

“अबे चुप करो यार तुम दोनों,हम सभी जानते है की हम एक दूसरे के बच्चों को भी अपने बच्चों जैसा ही मानते है ,सपना और पूर्वी दोनों ही अभी गौरव के संपर्क में है और किसी ना किसी तरह से उस फार्मूले से संबंधित भी है और हमे उनकी चिता करनी ही चाहिए,लेकिन बात इतने साल पुरानी हो गई है ,अगर ऐसा कोई फार्मूला अब भी किसी के पास है तो बात समझ भी आती है लेकिन ...ये फ़ोटो ..?? याद करो सालों कही हमने कुछ ऐसा तो नही किया था जो आज हमारे बच्चों के जिंदगी की आफत बन जाए “

ओबराय की बात सुनकर दोनों चुप हो गए और सोचने लगे किसी को भी कुछ ऐसा समझ नही आ रहा था …

“अच्छा एक काम करते है शुरू से सोचते है जब से हमे इस फार्मूले के बारे में पता चला “

ओबराय ने सुझाव दिया सभी ने सहमति में सर भी हिलाया ...अब ओबराय ने बोलना शुरू किया

“जंहा मैं गलत हो जाऊ तो मुझे सुधार देना ओके,तो शुरुवात हुई थी प्रोफेसर मित्तल से ,जब वो हमारे पास एक प्रपोजल लेकर आये थे,हम तीनो अपने बिजनेस में बिजी थे और मित्तल जो की केमेस्ट्री का प्रोफेसर था हमारे पास अपने एक फार्मूले को लेकर आया था याद है ,ये बात वही से तो शुरू होती है ना,(सभी ने सर हिलाया ) तो प्रोफेसर हमारे पास आया और अपना फार्मूला दिखाया जिससे हम एक ऐसी दवाई बना सकते थे जिससे कई रोग आसानी से ठीक हो सके ,वो हमसे और रिसर्च करने की सुविधा और पैसे चाहता था बदले में हमे उससे दवाई बनाकर बेचने की अथारटी मिलती ,यंहा तक ठीक है (सभी ने फिर से सर हिलाया )..तो हम फार्मा के क्षेत्र में जाना चाहते थे और वो फार्मूला हमे अच्छा भी लगा तो हमने उसे हा कह दिया ,लेकिन तुम दोनों चूतिये अपनी हिस्सेदारी को लेकर फिर से लड़ने लगे ,और डील कैंसल हो गई ,लेकिन कपूर ने मित्तल से सीक्रेट डील की जिसका हमे पता नही था ,ठीक है कपूर (कपूर ने सर हिलाया) ..तो कपूर ने मित्तल को पैसे दिए और मित्तल ने अपना रिसर्च बढ़ाया..लगभग 5 साल बाद हमे पता चला की मित्तल जो प्रयोग कर रहा है उसमें कपूर उसकी मदद कर रहा है,हमने तुझे कुछ नही बोला लेकिन लखानी को ये बाद पसंद नही आयी और उसने मित्तल को खरीदने की कोशिस की ,मित्तल ने उससे भी पैसे ले लिए ..यंहा तक ठीक…”सब ने फिर से हा में सर हिलाया

“तो बात आगे बड़ी और लगभग 2 सालों के बाद मित्तल के प्रयोगशाला में आग लगी और सबकुछ के साथ मित्तल भी खत्म हो गया..और तुम दोनों दारू पीकर मेरे पास रोने आ गए ठीक”

ये कहते हुए ओबराय के होठो में एक स्वाभाविक मुस्कान खिल गई थी..दोनों भी मुस्कुराते हुए हा में सर हिला गए ..

“तुम दोनों को पता लगा की तुम्हारा पैसा तो डूब गया,लेकिन कुछ सालों के बाद तुम्हे पता लगा की मित्तल की एक बेटी भी थी जो की बेहद ही इंटेलिजेंट है और उसने हमारे ही शहर के कालेज में दाखिला लिया है,तुम दोनों को ये आस लगी की हो ना हो मित्तल की रिसर्च का पता उसकी बेटी को भी होगा क्योकि वो अक्सर मित्तल के साथ ही प्रयोगशाला में तुम्हे दिख जाती थी,लेकिन इस बार तुम दोनों ने साथ काम करने का फैसला लिया और हम तीनो उस लड़की के पास पहुचे,और उसने हमे बताया की सच में मित्तल का फार्मूला उसके पास है लेकिन उसमें कई कमियां है और वो उसे दूर करके एक ऐसा फार्मूला बनाना चाहती है जो की एक साधारण से इंसान को सुपर ह्यूमन बना दे ,हम तीनो चौके और हम उसके प्रोजेक्ट में पैसा पानी की तरह बहाने को भी राजी होई गए लेकिन उसने साफ माना कर दिया ,यही हमारे ईगो को ठेस पहुची और हमने उसे धमकाना शुरू कर दिया,अब ये सोचो की क्या हमने कुछ ऐसा किया था उस समय जो बेहद बुरा हो ,बिजनेस के लिए इतना तो हर बिजनेस मेन करता है ,यानी हमने गुंडों से उसे डराया था,उसे मारने की धमकी, पुलिस से उसे डराने की कोशिस ..बस इतना ही तो किया था हमने,..या तुम सालों ने कोई होशियारी दिखाई थी…”

“नही यार बस जो किया था हम तीनो ने साथ मिलकर ही तो किया था,वो लड़की फिर भी डर ही नही रही थी ना ही पैसे ही ही मान रही थी,मैंने तो और कुछ भी नही किया था इस साले लखानी का मुझे नही पता …”

कपूर ने लखानी की ओर देखा

“नही नही मैंने भी कुछ ऐसा नही किया था फिर हमे गोवा जाना हो गया जंहा की ये फ़ोटो है और फिर आकर पता चला की यंहा उस लड़की के साथ कुछ बुरा हो गया है और उसे कोई शेख उठाकर ले गया ,या शायद वो खुद चली गई अभी तक कुछ क्लियर नही हुआ “

“ह्म्म्म तो इस केस में हमारा तो कोई हाथ नही था फिर ये साला तस्वीर का क्या चक्कर है “

ओबराय ने अपनी बात रखी ..

“ह्म्म्म यार मुझे पूर्वी के लिए डर है क्योकि गौरव भी तो उस लड़की का दोस्त था ना,और फिर मालती उस समय उनलोगों की प्रोफेसर थी अगर मालती के पास वो फ़ोटो था तो कही ऐसा तो नही की गौरव ने जानबूझकर पूर्वी को फसाया हो ,हो सकता है की वो लोग हमारे ऊपर नजर रखे हो ,या उन्हें लगता हो की उस लड़की के गायब होने में हमारा कोई हाथ है और फ़ोटो इसलिए क्योकि इसमें हम तीनो का पूरा परिवार एक साथ है,ना जाने वो किसको टारगेट कर रहे थे,शायद सबको जो उनके हाथ में आ जाए “

कपूर की बात सुनकर सभी गंभीर हो गए

“लेकिन ...इससे उन्हें क्या मिलेगा,मतलब बेचारी पूर्वी को आखिर उस फार्मूले के बारे में क्या पता “

लखानी ने शक व्यक्त किया

“लेकिन बात फार्मूले की हो ही ना बात बदले की हो,कही गौरव पूर्वी के जरिये हमसे बदला तो नही लेना चाहता “कपूर की आवाज में चिंता और भी बढ़ गई थी…

“नही यार वैसा लड़का तो लगता नही मुझे वो ,जिस तरह से सपना और गौरव उसके बारे में बताते है मुझे तो नही लगता की ऐसा कुछ होगा …”ओबराय ने कपूर को दिलासा देने वाले स्वर में कहा ..

“अब फ़ोटो मालती के पास क्यो थी ये वो ही बता सकती है ,क्या किया जाए की उससे उगलवाया जाए,केडनेप करवा ले साली को ,हमारे बच्चों का सवाल है …”इस बार लखानी थोड़े गुस्से में था ,लेकिन उसकी बात सुनकर इधर रिकार्डिंग सुन रखे सपना और गौरव भी चौक गए ..

“नही नही यार क्यो लफड़ा बढ़ाने की बात कर रहा है हमारे बच्चों को कुछ नही होगा ,और कपूर तू फिक्र मत कर पूर्वी को भी कुछ नही होगा,रोहन और सपना उसके साथ है,और अगर उस गौरव के बच्चे ने ऐसा कुछ करने की सोची भी तो साले को अपने हाथो से मौत के घाट उतारूंगा,लेकिन मुझे लगता है की मालती को किडनैप करना सही प्लान नही होगा,क्योना इस बारे में हम रोहन और सपना से सलाह ले ले..”ओबराय की बात सुनकर शायद दोनों ही चौक गए

“मतलब क्या है तेरा वो शेख फिर से इंडिया में आने की कोशिस कर रहा है जिसने पहले ही एक लड़की को गायब कर दिया जिसका आजतक कोई पता नही चल पाया है,और साले तू इसे बच्चों का खेल समझ रहा है”कपूर भड़क गया था

“तुझे क्या लगता है की हमारे बच्चे अभी भी बच्चे ही है ,साले वो हमारा खून है,और जब हम उनकी उम्र में थे तो कितने करामाती है भूल गया,इनके उम्र में हमने अपने बाप का बिजेस खुद ही सम्हालना शुरू कर दिया था,वो बड़े हो गए है और अगर हम उन्हें सच्चाई बता दे तो शायद वो इसे ठीक से समझ सके ,तुम लोग बोलो तो मैं रोहन से अकेले में इसके बारे में बात करू,हा मुझे भी समझ आ रहा है की अगर हमारे सामने सच्चाई नही आयी तो खतरा हो सकता है लेकिन अब उस खतरे के बारे में हमे अपने बच्चों को भी बता ही देना चाहिए,पूर्वी को नही तो कम से कम रोहन और सपना को तो बता ही देना चाहिए ताकि वो दोनों ही सम्हल कर रहे और पूर्वी को भी बचाये और साथ ही सपना मालती की खास बन चुकी है क्या पता उसे किडनैप करवाने की जरूरत ही ना पड़े बात ऐसे ही पता लग जाए,और अगर कुछ ना हुआ तो हमारे पास अपना तरीका तो है ही ,किडनैप करवा लेंगे साली को फिर तो उसका बाप भी बताएगा की ये फोटो उसके पास क्यों है ..”

ओबराय की बात से वंहा थोड़े देर के लिए शांति छा गई

“हम्म ठीक है लेकिन रोहन नही सपना को भी इस बारे में बता,क्योकि मुझे रोहन के दिमाग पर भरोसा नही है ,”

कपूर की बात सुनकर वंहा बैठ हर व्यक्ति हँसने लगा साथ ही उनकी बात सुन रही सपना भी जबकि रोहन ने अपना मुह बनाया ..

…………………..

“तो रोहन बात अब हमतक आने वाली है ,मालती को अगर इन लोगो ने किडनैप किया तो मुश्किल हो जाएगी जबरदस्ती में प्रॉब्लम्स खड़ी होंगी ,उन्हें हमे अपनी बातों से रोकना है और उन्हें यकीन भी दिलाना है की हम उसे अपने तरीके से हैंडल कर लेंगे,और यार मालती के ऊपर कुछ कर उसे तुझे भी सम्हालना है,प्लान पता है ना की तुझे क्या करना है और कैसे फोटो का राज उसके मुह से निकलवाना है…”

सपना ने बड़ी उम्मीद से रोहन को देखा ,रोहन ने बस मुस्कुराते हुए अपना सर हिलाया ………….

 
अध्याय 29

हल्की हल्की बारिश की फुहारों में भीगा हुआ गौरव अभी घर के पोर्च में खड़ा था,पास ही खिड़की से फैलती हुई रोशनी से वंहा थोड़ी रोशनी थी,वो बेचैनी से खुद की भावनाओ पर काबू पाकर वंहा चहलकदमी कर रहा था,कमरे की खिड़की ना पूरी बंद थी ना ही पूरी खुली,लेकिन जितनी भी खुली थी उससे पता चल रहा था की अंदर तेज लाइट जल रही है वही वंहा से आती हुई आवाजे भी उसे साफ सुनाई दे रही थी ,वो बेचैन और भी बेचैन हो रहा था ,उसने खिड़की से झांकने की भी कोशिस की लेकिन उसे कुछ दिखाई नही दिया,हा परछाईया जरूर दिखाई पड़ी जिससे प्रतीत होता था की एक लड़की अपने कपड़े उतार कर फेक रही है वही एक मर्द भी अपने कपड़े उतार कर नंग हो रहा है,उसने दो नंगे जिस्म की परछाइयों को आपसे में लपटते देखा था और फिर दोनों ही बिस्तर में गिर गए ..

सिसकियां तेज हो रही थी जिससे गौरव की बेचैनी और भी बढ़ रही थी ,गौरव की भी सांस तेज होने लगी थी..

“अअअअअअअ हहहह ...रोहन ..”

एक चीख से ऐसा लगा जैसे लड़की की योनि में लड़के का लिंग प्रवेश कर चुका है,कहने की बात नही थी की लिंग रोहन का था..

रोहन का नाम सुनकर गौरव को तेज झटका सा लगा लेकिन वो खुद को सम्हालने की कोशिस कर रहा था,वो चाहता था की वो दरवाजा पिट कर दोनों को उस प्रेममिलाप से बाहर निकाले लेकिन फिर वो मोबाइल पर आये उस मेसेज को देखकर चुप रह जाता था,उसे इंतजार करने को कहा गया था जबतक की ये खेल खत्म नही हो जाता,शायद उसे ये जानबूझ कर दिखाया या सुनाया जा रहा था ताकि उसे अपनी गलती का अहसास हो सके…..

“तुम बड़ी करारी हो जान कब से तुम्हारे साथ ये करना चाह रहा था..”

रोहन जैसे उस नंगे जिस्म पर टूट ही पड़ा था,सिसकियां और भी तेज हो रही थी और आउच आह जैसी आवाज जोरो से आने लगी थी..

“तुम तो उस कमीनी सपना के साथ ही चिपके रहते हो ,मेरे ऊपर तो तुम्हारा ख्याल भी नही गया”

“ऐसी बात नही है मेरी जान तुम तो मेरी जान हो ,तुम्हारे हुस्न का तो मैं हमेशा से ही कायल रहा हु”

रोहन का ये बोलना था की गु गु की आवाज आने लगी थी,जैसे रोहन ने अपने होठो को उसके होठो से लगा दिया हो ,चूमने और चूसने में भी इतनी शिद्दत थी की आवाजे बाहर तक सुनाई दे जाती थी..

इधर गौरव के सब्र का बांध टूटने को हो रहा था,वो गुस्से में आ चुका था लेकिन कुछ कर नही सकता था,आवाजे तेज हो रही थी और वैसे ही गौरव की सांस भी …

“आह रोहन ...फक मि डार्लिंग ,तुम्हारे जैसा आज तक नही लिया मैंने ,आह रोहन फक मि ..”

आवाजे तेज हो रही थी ,अंत समीप ही था…

“ओह बेबी यू यार टू गुड ,आह आह आई एम कमिंग बेबी ..”

“या फक मि हार्ड ,मेरे अंदर ही गिरा दो..यस “

गौरव ने सिचुएशन को समझकर अपने चहरे में आये हुए पसीने को पोछा थोड़ी देर में ही कमरे से आवाजे आनी बंद हो गई थी ...और थोड़े ही देर में घर का दरवाजा खुला ..

“ओह गौरव हाय..”

रोहन के होठो में एक कमीनी सी मुस्कान थी वो अपनी पेंट की चैन लगा रहा था,

गौरव ने उसका कोई भी जवाब नही दिया वो अंदर जाने के लिए हुआ लेकिन रोहन ने उसे रोक दिया ..

“रिलेक्स मेन ,मैं बियर लेने जा रहा हु जो भी काम हो थोड़ा जल्दी निपटान क्या है तुम्हारे कारण बस एक ही राउंड हो पाया है ,आज पहली बार है तो रात भर करने का मुड़ है..होप मेरे आने तक तुम अपना काम निपटा लोगे…”

गौरव ने फिर से कोई जवाब नही दिया लेकिन रोहन के होठो में वही कमीनी सी मुस्कान थी उसने गौरव को बिना कुछ कहे ही अपना बाइक स्टार्ट किया और वंहा से निकल गया….

गौरव अंदर आ चुका था…

“व्हाट द फक ...ये सब हो क्या रहा है यंहा पर तुम मुझे इम्पोर्टेन्ट काम बोलकर यंहा बुलाती हो और फिर ये सब ..क्या दिखाना चाहती हो तुम मुझे ..”

उधर से बस एक कातिल सी मुस्कान आयी

“यही की तुम अकेले नही हो ,मेरे कई दीवाने है जो मेरे एक इशारे पर कुछ भी कर सकते है..”

“तुमने ये दिखाने के लिए मुझे यंहा बुलाया था”

गौरव बुरी तरह से झल्ला गया

“क्या ये जानना भी तुम्हारे लिए इम्पोर्टेन्ट काम नही है “

“रोहन तुम्हारा यूज़ कर रहा है मालती ..”

गौरव झल्ला कर बोला,वही मालती हँसने लगी

“तुमने मुझे यूज़ किया गौरव,जब से पूर्वी तुम्हारे जीवन में आयी तुमने मुझे चाय में गिरी मख्खी की तरह निकाल कर फेक दिया,तुम्हे क्या लगा की तुम्हारे बिना मैं अकेली हो जाऊंगी नही गौरव नही ,चूत गुड़ की तरह होती है अगर खुल जाए तो मख्खियां खुद ब खुद आसपास झूमने लगती है ...वैसे रोहन बता रहा था की पूर्वी का गुड़ भी काफी मीठा है..”

मालती जोरो से हंसी वही गौरव का पारा चढ़ गया

“इनफ इस इनफ मालती पूर्वी को बीच में मत लाओ ..”

गौरव लगभग चीखा लेकिन उसके चीख में वो आवाज नही थी ..

“अच्छा सारा गुड़ तुम खाओ और हम रहे भूखे...भूलना मत गौरव की अगर हमारे संबंधों का पता पूर्वी को चल गया ना तो वो तुम्हारे पास एक पल भी नही रुकेगी ..”

इस बार मालती की बात सुनकर गौरव जोरो से हँसने लगा था ..

“उसे हमारे बारे में सब पता है,उसे शादी से पहले ही पता था चूतिया ने बताया था”

मालती बुरी तरह से चौकी

“किस चूतिया ने “

“अरे डॉ चुटिया..चुन्नीलाल “

“ओह तो वो कमीना भी …...उसने कविता को तुमसे अलग कर दिया और अब पूर्वी को भी अलग करना चाहता है..आखिर ऐसी क्या बात हो गई जो उसने पूर्वी को ये सब बताया था “

मालती के चहरे में आ रहे चिंता के भाव से गौरव के चहरे पर भी चिंता के भाव आने लगे थे,वो नही चाहता था की मालती को उसके बारे में कोई भी शक हो ..

“वो सब छोड़ो तुमने मुझे क्यो बुलाया था और के कमीना रोहन यंहा क्यो आया है ,मालती मेरी बात मानो ये साला बहुत कमीना है तुम्हे पटा कर तुम्हारा यूज़ करेगा..,”

मालती जोरो से हंसी

“तुम्हे मेरी बहुत फिक्र हो रही है गौरव बाबू,मेरी फिक्र मत करो और मैंने तुम्हे यही दिखाने के लिए बुलाया था लेकिन तुम्हारी बात सुनकर मेरा दिमाग खटकने लगा है,

“तुम अपना दिमाग मत खटकाओ और आइंदा ऐसे मेरा समय बर्बाद करने की कोशिस भी मत करना,तुम्हारा जीवन है जिससे चाहो चुड़वाओ ..”

गौरव गुस्से से निकल रहा था तभी उसे मालती की आवाज सुनाई दी

“यही बात अपनी बीबी को भी बोल देना,क्योकि मुझे लगता है की कुछ दिनों बाद तुम्हे मेरी जगह तुम्हरी बीबी मिलेगी ..”

गौरव को मालती की जोरो की हंसी सुनाई दी उसे गुस्सा तो बहुत आया था लेकिन वो कुछ करना नही चाहता था…….

 
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