चॅप्टर 944
चाचा को हमने रंगे हाथ पकड़ लिया
चाचा ने चाची को देखते ही अपनी ग़लती मान ली
ऐसे बहुत लोग होते है जो अपनी ग़लती मानने की जगह एक्सक्यूस देते है , और सच को झूठ बना देते है
ऐसा एग्ज़ॅंपल हमारे सामने था , ज्योति ने पूनम दीदी को एक्सक्यूस देने की कोशिस की
पता नही उनका क्या हुआ होगा
लेकिन चाचा अपने ग़लती की सज़ा भुगते ने को तैयार है
चाची ने दी हुई सज़ा उनको मंज़ूर नही थी ,
चाचा अपने बच्चों से दूर रह नही सकते ,
छोटी चाची तलाक़ दे नही सकती चाचा को , पर अपने दिल से निकाल चुकी है
चाचा ने बड़ी चाची को ना बताने की बात कही
वैसे भी हम बड़ी चाची को बताने वाले नही थे , पर चाचा के कहने से अच्छा लगा कि वो बड़ी चाची से प्यार करते होंगे या उनसे शायद डरते होंगे
चाचा ने खुद को बेल्ट से मार कर अपने खून से चाची के पैर धो डाले पर चाची उनको माफ़ करने को तैयार नही थी
चाचा ने खुद को अपनी चप्पल से पिटवाया फिर भी चाची ने चाचा की एक ना सुनी
चाची कैसे चाचा की बात सुनती , उनका तो सब कुछ लुट गया था
ऐसे मे चाचा ने खुद अपने लिए सज़ा डिसाइड की
चाचा ने बच्चों की कसम खाई कि वो चाची के माफ़ करने तक किसी औरत की तरफ नही देखेंगे , ना सेक्स करेंगे , ना प्यार करेंगे , बड़ी चाची और सीमा चाची से भी दूर रहेंगे जब तक छोटी चाची उनको माफ़ नही करती
चाची ने फिर भी चाचा की बात को मज़ाक मे उड़ा दिया
अब तो ये वक्त बताएगा कि चाचा अपनी कसम निभा पाते है या नही
चाचा चाची के दिल को बदल कर उनसे माफी माँग पाएँगे
चाचा इस तरह रिएक्ट करेंगे मैं ने सोचा नही था
मुझे लगा था कि चाचा को रंगे हाथ पकड़ते ही वो चुप चाप रहेंगे , ना कुछ कहेंगे पर यहाँ सब कुछ उम्मीद से अलग देखने को मिला
चाचा माफी माँगते माँगते बेहोश हो गये
फिर चाची ने उनको माफ़ नही किया
चाची जो करती है सही करती है , अगर इतनी जल्दी माफ़ किया तो चाचा को लगेगा कि ग़लती करो माफी तो मिल जाती है
चाची चाचा को सज़ा पूरी करने पे मे बी माफ़ कर दे
मैं ने चाचा की मलम.पट्टी की और चाची के साथ घर की तरफ जाने लगा
बारिश हो रही थी , आसमान भी रो रहा था
चाची और मैं बारिश मे भिगते हुए घर जा रहे थे
बारिश की वजह से चाची के आँसू चुप गये पर उनका दर्द कम.नही हुआ
चाची मेरा हाथ पकड़ कर चल रही थी
जैसे कह रही हो कि अवी मेरा साथ कभी मत छोड़ना
मेरा साथ सब ने छोड़ दिया है , सब ने मेरे सपने तोड़े है तुम मेरा साथ कभी.मत छोड़ना
मैं ज़्यादा कुछ नही मागुंगी बस मुझे अपने दिल मे एक छोटी सी जगह देना उस ने मैं खुश रह लूँगी
पर मेरा दिल मत तोड़ना
मुझे अब बस तेरा सहारा है , अपनी चाची को बेसहारा मत बना देना , जिस दिन तूने मेरा हाथ छोड़ो वो दिन मेरा आख़िरी दिन होगा
चाची मेरा हाथ पकड़े हुए चल रही थी जैसे अब वो अपनी ज़िंदगी का सफ़र मेरे साथ पूरा करना चाहती हो
मैं चाचा की तरह चाची की दिल नही टूटने दूँगा , अगर चाची कहेंगी तो मैं बस उनका बनके रहूँगा , सिर्फ़ उनका
रानी और चाची मे से मुझे किसी एक को सेलेक्ट करना पड़े तो मैं रानी से माफी माँग लूँगा पर चाची का साथ नही छोड़ूँगा
चाची मेरा हाथ पकड़ कर चल रही थी,
थोड़ी देर बाद मैं उनका हाथ पकड़ कर चलने लगा
जैसे बता रहा था कि ये हाथ आज पकड़ा है कभी छोड़ूँगा नही , चाहे कुछ भी हो जाए मैं आपका साथ छोड़ूँगा ,नही, मैं आपके साथ ज़िंदगी का सफ़र तय करने को तैयार हूँ
मेरे इस तरह हाथ पकड़ने से चाची को अच्छा लगा और उसी वक्त मेरे गले लग गयी
इस बारिश मे मेरे गले लग कर मुझे अपना बनाने लगी
चाची का दर्द मैं कम करने लगा
और उनको अपने घर मे ले गया
घर आते हमे इस तरह भीगा हुआ और इतनी देर से आने पे बड़ी चाची गुस्सा हो गयी
बड़ी चाची कुछ बोलने वाली थी कि , छोटी चाची उनके गले लग गयी
बड़ी चाची को देखते छोटी चाची अपनी भावनाओं पे कंट्रोल नही रख पाई और अपनी माँ जैसी दीदी के गले लग गयी
छोटी चाची को इस तरह भावुक होने से बड़ी चाची डर गयी
छोटी चाची जैसी हिम्मत वाली , अगर ऐसा करे तो सबको डर लगता है कि क्या हुआ है
छोटी चाची रोने लगी
बड़ी चाची छोटी चाची को रोता हुआ देख कर तो और डर गयी
बड़ी चाची अपने प्यार से छोटी चाची को चुप कराने लगी
जैसे एक माँ अपने बेटी का दर्द कम कर रही हो ऐसा लग रहा था
सीमा चाची और विद्या भी बाहर आ गयी
मुझे ऐसे भीगा हुआ देख कर , छोटी चाची को रोता हुआ देख कर हमारे पास गयी , सीमा चाची ने छोटी चाची को पीछे से गले लगाया
विद्या और मैं ये चुप चाप देख रहे थे
ब चाची - मीना क्या हुआ ,
म चाची- मीना क्या हुआ , तू ऐसी भीगी क्यूँ है
ब चाची - मीना बताना क्या हुआ , तू रो क्यूँ रही है
म चाची- मीना मुझे डर लग रहा है बताना क्या हुआ
फिर भी छोटी चाची ने कुछ नही कहा
ब चाची - अवी क्या हुआ मीना को , तूने कुछ कहा क्या
मैं क्या जवाब देता
छोटी चाची कुछ नही बोल रही थी
सीमा चाची मेरे पास आ गयी और मुझे पूछने लगी
म चाची - अवी क्या हुआ मीना को ,
अवी- कुछ भी तो .......
छोटी चाची बड़ी चाची के गले लगी हुई थी
ब चाची - कुछ नही हुआ तो मीना रो क्यूँ रही है
म चाची- तूने कुछ शरारत की होगी ,
अवी-( कुछ और बताना होगा) मैं कैसे बताऊ समझ नही आ रहा
म चाची- तुम्हारे चाचा ने कुछ कहा मीना को
अवी-नही,
ब चाची- अवी बात क्या है , क्या छुपा रहा है तू
अवी-वो मेरी ग़लती है , मेरे वजह से रो रही है छोटी चाची
म चाची- तेरी वजह से , क्या किया तूने
अवी-वो हम चाचा को टिफिन दे कर आ रहे थे कि बारिश शुरू हो गयी
म चाची- बोलता रह
अवी-बारिश शुरू होते ही हम एक पेड़ के नीचे छुप गये
म चाची- आगे क्या हुआ
अवी-हम कुछ देर रुक गये , सोचा कि बारिश कम हो जाए , पर शाम हो गयी , बादलो की वजह से अंधेरा होने लगा
ब चाची- तो घर आ जाते
अवी-बारिश चालू थी , हम पेड़ के नीचे खड़े रह कर बातें करने लगे कि मुझे एक शरारत सूझी , मैं चुपके से छोटी चाची के नज़रों से दूर हो गया , और झाड़ियों मे चुप गया
म चाची- तुझे ऐसी शरारत करने की क्या ज़रूरत थी
अवी-इस से आगे जो हुआ उस से चाची डर गयी
ब चाची- क्या किया तूने
अवी-मेरे छुप जाने से छोटी चाची मुझे आवाज़ देने लगी , पर मैं ने जवाब नही दिया , चाची को डर लगने लगा , मैं ने और शरारत करने का सोचा और भेड़िए की आवाज़ निकाली , भेड़िए की आवाज़ सुनते ही छोटी चाची डर गयी , , उनको लगा कि मुझे भेड़िया लेकर गया होगा
म चाची- ऐसा मज़ाक कभी कोई करता है
अवी-सॉरी चाची , मुझे लगा छोटी चाची हिम्मतवाली है पर छोटी चाची भी डर गयी
म चाची- फिर क्या हुआ
अवी-छोटी चाची इधर उधर मुझे ढूँढने लगी
उनका डर बढ़ रहा था , बारिश मे भीग चुकी थी
चाची का मज़ा लेने के लिए मैं ने उनके पीछे जाकर भेड़िया की आवाज़ निकाली ,
और चाची इतनी डर गयी कि वो भागने लगी और आगे जाकर कीचड़ मे गिर गयी
म चाची- ये क्या कोई मज़ाक था
ब चाची- अवी मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी
अवी-सॉरी चाची
म चाची- फिर क्या हुआ
अवी-चाची को इतना डरते हुए देख कर मैं ने मज़ाक करना बंद किया पर चाची डर गयी थी और मुझे देखते ही वो गुस्सा हो गयी और रोने लगी
म चाची- तूने मीना को रुला दिया
अवी-ग़लती से हो गया , और फिर चाची को बड़ी मुश्किल से यहाँ लेकर आ गया
ब चाची- तू बहुत बिगड़ गया है , मेरी मीना को डरा दिया
अवी-सॉरी चाची दुबारा ऐसा मज़ाक नही करूँगा
ब चाची- चुप रह , जा अंदर जाके कपड़े चेंज कर
अवी-चाची मुझे माफ़ कर दो
ब चाची- कोई माफी नही मिलेगी ,मेरी मीना को डरा दिया ,
अवी-सीमा चाची
म चाची- मैं भी मज़ाक करती हूँ पर ऐसा मज़ाक नही करना चाहिए
अवी-विद्या तुम तो कुछ कहो
विद्या- तुम ने ग़लती की , ये लो टवल
ब चाची- जा कपड़े चेंज कर , वरना बीमार पड़ जाएगा , मैं मीना को देखती हूँ
मैं अपने कमरे मे जाकर चाची को देखने लगा
बड़ी चाची छोटी चाची की शांत कर रही थी
ब चाची- मीना इतनी सी बात से डर गयी ,
सी चाची- दीदी
ब चाची- अवी ने मज़ाक किया था , वो नादान है उसकी बात को इतना दिल पे लेने की ज़रूरत नही है
सी चाची- चाची मैं अकेली पड़ गयी
ब चाची- किसने कहा तुम अकेली है , हम हैं ना तेरे साथ , तू कभी खुद को अकेली मत समझा कर , मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ
सी चाची- दीदी
ब चाची- मीना , अब चुप हो जा ,देख मैं हू ना तेरे साथ , अपने दर को अपने दिमाग़ से भगा दी
सी चाची- दीदी
ब चाची- सीमा तू अवी को देख , मैं मीना को कमरे मे लेकर जाती हूँ
म चाची- अवी को मैं नही छोड़ूँगी , उसकी पिटाई करूँगी
ब चाची- सीमा , वो बच्चा है , ये उसका बच्पना था
म चाची- आप को लगता है वो बच्चा है , इतना बड़ा हो गया और ऐसी हरकत करता है , मैं उसकी अच्छी खबर लेती हूँ
ब चाची- सीमा , ठंड रख , चल मीना के कपड़े चेंज करने है , मुझे उसके साथ रुकना होगा तू कुछ गड़बड़ मत करना
विद्या - चाची मैं अवी को टी देती हूँ , वरना उसे ठंड लग जाएगी
ब चाची- सब के लिए बनाना ,
और बड़ी चाची छोटी चाची को अपने कमरे मे ले गयी
और छोटी चाची के कपड़े चेंज करके उनको गरम गरम टी पिलाई
मैं भी अपने कपड़े चेंज करके चाची के पास गया
सीमा चाची ने मेरी अच्छी खबर ली
100 उठक बैठक लगाने पड़े मुझे .
100 बार सॉरी बोलना पड़ा तब जाके सीमा चाची मे मेरी जान छोड़ी
100 उठक बैठक से पता चला कि चाची एक दूसरे से कितनी प्यार करती है
सीमा चाची की सज़ा पूरे होते ही मैं टी पीने के लिए चाची के पास गया
छोटी चाची छोटी बच्ची की तरह , बड़ी चाची से चिपक कर उनकी गोद मे सर रख कर लेटी थी
बड़ी चाची ने मुझे कुछ नही कहा पर उनको मेरा ऐसा करना बुरा लगा
मैं छोटी चाची के पैरो के पास बैठ गया
और चाची को ठंड ना लगे उस लिए उनके पैरो को सहलाने लगा
मुझे छोटी चाची की सेवा करते हुए देख कर बड़ी चाची को अच्छा लगा
ब चाची- देख मीना , अवी सॉरी कह रहा है
सी चाची- उसने क्या किया
ब चाची- उसे अपनी ग़लती पछतावा हो रहा है
सी चाची- अवी ये तुम क्या कर रहे हो
ब चाची- तू कुछ मत बोल , करने दो अवी को जो वो कर रहा है
सी चाची- दीदी
ब चाची- कहा ना तू बस लेटी रह , मैं तेरे पास ही हूँ ,
सी चाची- आप मेरे साथ कभी मत छोड़ना
ब चाची- कैसी बात करती हो , तू तो मेरी बहन है , तुझे मैं अकेली कैसे छोड़ूँगी
सी चाची- सबने मुझे अकेला कर दिया
ब चाची- कोई कुछ भी करे , पर मैं तुम्हारे साथ हूँ ,
छोटी चाची काफ़ी देर तक ऐसी बातें करने लगी कि बड़ी चाची को कुछ बातें समझ नही आ रही थी
मैं छोटी चाची की सेवा करता गया
सीमा चाची ने मुझे छोटी चाची की सेवा करते हुए देख कर अपना गुस्सा थूक कर मुझे खाना दिया
छोटी चाची और मेरा मन खाने खाने का नही हो रहा था
छोटी चाची और मैं ने बस थोड़ा खाना खाया ,
और अमित को दूध पिला कर छोटी चाची बड़ी चाची की बाहों मे सो गयी .
बड़ी चाची के प्यार की सख़्त ज़रूरत थी छोटी चाची को
छोटी चाची के सोते ही बड़ी चाची ने मुझे चाचा के बारे मे पूछा
ब चाची- अवी
अवी- जी चाची
ब चाची- तुम्हारे चाचा नही आए अभी तक
अवी- ( चाची को क्या बताऊ ) वो चाचा आज नही आएँगे
मेरी बात से बड़ी चाची के चेहरे की चमक कम.हुई
कल भी नही आए और आज भी नही आ रहे ,
ब चाची- कहाँ गये है तेरे चाचा
अवी- वो घर3 मे है , हिसाब कर रहे थे
ब चाची- पर दीवान जी तो थोड़ी देर पहले घर आए थे
अवी- पता नही , पर वो हिसाब किताब कर रहे थे , कुछ पैसे भी थे वहाँ पर
ब चाची- एक काम करना सुबह होते ही तू टिफिन लेकर जाना खेत मे
अवी- जी
चाचा वहाँ क्या कर रहे थे और बड़ी चाची को उनकी फिकर हो रही है
ब चाची- सुबह मैं तुम्हें जल्दी उठा दूँगी ,
अवी- जी , ( मुझे भी वहाँ जाकर देखना है कि चाचा की हालत ठीक तो हैं ना )
ब चाची- जा आराम कर
मैं ने छोटी चाची के माथे पे किस किया
और बड़ी चाची के गले लग कर अपने कमरे मे चला गया
आज जो हुआ उसके बारे मे सोचने लगा
चाचा वहाँ ज़ख्मी पड़े हुए है
यहा छोटी चाची की हालत खराब है
बड़ी चाची चाचा के घर ना आने से परेशान है और छोटी चाची की हालत से तो ज़्यादा परेशान है
सीमा चाची भी गुस्सा है पर उनको घर और बच्चों को संभालना था
और मेरी नींद गायब हो चुकी थी
आज जो कुछ हुआ उस से मेरी फॅमिली पे बहुत बड़ा असर होगा
पता नही उधर ज्योति के साथ क्या हुआ होगा , पूजा बुआ ने क्या किया होगा , उनका फोन भी नही आया
मेरा तो मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है
मैं मोबाइल चार्जिंग पे लगा कर आज के घटनाओं को सोचने लगा
चॅप्टर 944 आ
आज जो हुआ उसके बार मे सोचने लगा .
एक आँधी आई और सब कुछ ख़तम.करके चली गयी ..
कुछ घंटों मे सब कुछ बदल गया
चाची और चाचा का रिश्ता ख़तम हो गया
पता नही अब चाची क्या करेंगी
आज तो चाची नॉर्मल हालत मे नही थी
पर कल जब चाची का सामना चाचा से होगा तब सब कुछ क्लियर हो जाएगा
चाची ने तो अपना मंगलसूत्र भी निकाल दिया
अच्छा हुआ चाची का रोना देख कर बड़ी चाची का ध्यान इस बात पे नही गया वरना बड़ी चाची को सच बताना पड़ता
छोटी चाची कल कुछ अलग करेंगी ऐसा लग रहा था
क्यूँ कि जब भी छोटी चाची नींद से जागती है तो खुद को ज़्यादा सुलझी हुई महसूस करती है
आज चाची रोई है कल से चाचा रोएंगे
मुझे ज्योति और पूनम दीदी के बारे मे सोचने से पहले अपनी फॅमिली के बारे मे सोचना होगा
कल चाची क्या करेंगी ये सोचते सोचते मैं सो गया
बाकी सब भी सो गये होंगे
बस कल का इंतज़ार है
कल की सुबह क्या तूफान लेकर आएगी इस के लिए मुझे तैयार रहना था
पर कल की सुबह से पहले ये रात रात कैसे कटेगी
ये रात भी एक तूफान लाने वाली थी
इस बात से अंज़ान होकर मैं सो रहा था
सपने तो मुझे आज नही आने वाले थे ऐसे मे नींद अच्छी आ गयी
पर रात मे मुझे ऐसा लगा की कोई मुझे उठा रहा है
शायद बड़ी चाची होगी ,सुबह हो गयी ?
मैं ने आँख खोल कर देखा तो मुझे अपनी आँखो पे विश्वास नही हुआ
मुझे ये सपना लग रहा था
मैं ने अपनी आँख साफ की
पर ये सपना नही हक़ीकत थी ,
मेरी नज़र वॉच पर गयी तो रात के 2 बज रहे थे
इस वक्त छोटी चाची ने मुझे नींद से क्यू जगाया
छोटी चाची को सच मे डर तो नही लग रहा
, मैं ने कमरे का लाइट ऑन किया तो मेरी आँख के सामने जिस रूप मे छोटी चाची खड़ी थी उसके बारे मे मैं ने सोचा नही था
छोटी चाची रेड साड़ी मे मेरे सामने खड़ी थी
इस साड़ी मे चाची खूबसूरत लग रही थी
चाची से कोई भी खूबसूरत नही होगा ऐसा लग रहा था
चाची ने रेड साड़ी क्यूँ पहनी
एक मिनिट ये तो मैं ने चाची के ली हुई साड़ी है जो कल मैं उनके कमरे मे लेकर गया था
कल मैं चाची के लिए लेकर आया था , चाची को दुल्हन बनाने
ये तो कल चाची के कमरे मे रह गयी थी ,
पर चाची ने ये दुल्हन वाली साड़ी क्यूँ पहनी
सारी के साथ चाची ने सिंगार भी किया था
ये चाची को क्या हुआ
कही चाचा के धोका देने से उनको झटका तो नही लग गया
इतनी रात मे मेरे कमरे मे दुल्हन बन कर आ गयी
कानो मे झुमके , नाक मे नथ , पैरो मे पायल , ये सब क्या है
सब सिंगार किया पर चाची के गले मे कुछ नही था
जैसे मेरे लिए खाली रखा हो
चाची मुझे घूर रही थी और मैं चाची की खूबसूरती मे खोया था
चाची सच मे पागल हो गयी , वरना आज जो हुआ उस के बाद ये सिंगार नही करती
वो भी इतनी रात मे
कहीं बारिश मे भीगने से चाची को बुखार तो नही आ गया
अवी-चाची आपकी तबीयत तो ठीक हैं ना
सी चाची- मुझे क्या हुआ है मैं ठीक हूँ
अवी-फिर आप इतनी रात मे शृंगार करके कहाँ जा रही है
सी चाची- जहाँ जाना था वही आई हूँ
अवी-क्या मतलब
सी चाची- मैं कैसी लग रही हूँ
अवी-चाची आप को क्या हुआ है आप ऐसे क्यूँ बोल रही है
सी चाची- मुझे कुछ नही हुआ है
अवी-तो ये सब क्या है
सी चाची- बताना मैं कैसे लग रही हूँ , ये तेरी दी हुई साड़ी है , दुल्हन की तरह लग रही हूँ ना
अवी-आप दुल्हन ,अप्सरा , देवी ,रति लग रहीं है
सी चाची- पर तूने ये क्या पहना है
अवी-क्या मतलब
सी चाची- तेरी शेरवानी कहाँ है
मैं ने चाची के माथे पे हाथ लगा कर बुखार चेक किया , बीमार तो नही है
सी चाची- बता ना तेरी शेरवानी कहाँ है
अवी-अलमारी मे है पर आप करना क्या चाहती है
छोटी चाची मेरे सवाल का जवाब नही दिया और अलमारी के पास जाने लगी
और अलमारी से मेरी शेरवानी निकाल कर मुझे दी
सी चाची- इसे पहन जल्दी
अवी-पर क्यूँ ?
सी चाची- क्यूँ के चक्कर मे मत पड़ , आज हमारी शादी है , दुल्हन तैयार है और तू जल्दी तैयार हो जा
चाची की बात सुनते ही मुझे झटका लगा
चाची ये क्या बोल रही है
मैं ने तो कल इस लिए कहा था कि मुझे उनको बताना था कि मैं उनके लिए क्या सोचता हूँ
चाचा का सच बताने के बाद चाची टूट जाएगी इस लिए मैं उनको सहारा देने के शादी की बात कही , ताकि उनको लगना चाहिए कि वो अकेली नही है मेरा प्यार है उनके साथ
उनका अपना भी कोई है ये बताना चाहता था
भले कल चाची मान जाती वो बात अलग थी
पर आज जो हुआ उसके बाद ये सब , कुछ ठीक नही लग रहा
शायद चाची सदमे मे हो
चाची सोचने समझने की हालत मे नही है
सी चाची- क्या सोच रहा है , जा जल्दी पहन ले शेरवानी
अवी-चाची ये आप क्या बोल रही है
सी चाची- हम शादी कर रहे है
अवी-ये सही वक्त और हालात नही है
सी चाची- यही सही समय है
अवी-चाची आज आप सोचने समझने की हालत मे नही
सी चाची- मुझे मत समझा कि मैं क्या हूँ
अवी-चाची मैं कह रहा हूँ कि
सी चाची- क्या कह रहा है बोल
अवी-ये समय सही नही हमारे एक होने का
सी चाची- क्यूँ नही है ये समय
अवी-आज जो कुछ हुआ उसके बाद हमें रुकना चाहिए
सी चाची- क्या हुआ आज
अवी-आपको सब पता है , और आप कुछ सोचने समझने की हालत मे नही है
सी चाची- तो क्या हुआ
अवी-चाची आप समझ नही रही है , आप जल्द बाज़ी कर रही
सी चाची- तू मुझे प्यार करता है और मैं तुम्हें प्यार करती हूँ , और अब एक होने जा रहे है , इतना काफ़ी है
अवी-प्यार तो मैं आप से करता हूँ पर
सी चाची- पर क्या
अवी-अगर आज हम एक हुए तो कल पछताएँगे
सी चाची- ऐसा कुछ नही होगा
अवी-ऐसा ही होगा क्यूँ कि आप अपना होश खो बैठी है
सी चाची- मैं पूरे होशो हवाश मे हूँ
अवी-आपको कुछ दिन रुकना चाहिए , इतना बड़ा फ़ैसला अचानक नही करना चाहिए
सी चाची- आज मेरी आँखे खुल चुकी है
अवी-फिर भी आप जल्दबाज़ी मे फ़ैसला कर रही हैं
सी चाची- कहाँ जल्दबाज़ी कर रही हूँ
अवी-आज दोपेहर मे जो हुआ उसके बाद इतनी आसानी से शादी का फ़ैसला कर रही हैं
सी चाची- दोपेहर की बात कर रहे हो क्या हुआ दोपेहर मे , मैं विधवा हुई , और अब शादी करना चाहती हूँ
चाची खुद को विधवा कह रही है
मतलब चाची चाचा से सारे रिस्ते तोड़ रही थी
मगलसूत्र निकाल दिया था मुझे लगा गुस्से मे कहा है , पर चाची तो सीरीयस है
चाची समझ रही है कि वो विधवा है और मुझसे शादी करना चाहती है
अब तक चाचा की वजह से मुझे रोक रही थी पर अब खुद को मेरी बनना चाहती है
सी चाची- अब समझी , एक विधवा से शादी कैसे करूँ ये सोच रहे हो
अवी-ये आप क्या बोल रही है
सी चाची- यही सच है , कल तक मैं शादीशुदा थी तो तुम्हें मुझसे शादी करनी थी और आज विधवा हूँ तो मना कर रहे हो
अवी-चाची आपकी मेनटॅलिटी ठीक नही है
सी चाची- मुझे पागल कह रहे हो , तेरे प्यार मे पागल हूँ यही ग़लती है मेरी
अवी-चाची आप होश मे नही है ,आप आराम कीजिए हम कल बातें करते है
सी चाची- जो बात करनी है वो अब कर आज फ़ैसला हो जाने दो
अवी-चाची आप पे आज की गतना की वजह से असर हुआ है , आप होश मे नही है
सी चाची- आज तक मैं होश मे नही थी , आज होश मे आई हूँ
अवी-क्या आप एक ही बात लगा कर रखी है
सी चाची- तू मुझसे प्यार नही करता
अवी-मैं आप से बहुत प्यार करता हूँ
सी चाची- तो मुझे अपना बना ले , ये ले मंगलसूत्र , पहना दे मुझे
ये तो मैने कल छोटी चाची को दिया था
अवी-चाची हम कल बात करते है , बड़ी चाची उठ जाएगी
सी चाची- तू कर रहा है कि नही करनी मुझसे शादी
अवी-चाची कल बात करते है कल पक्का आप से शादी करूँगा
सी चाची- कल किसने देखा है ,
अवी-कुछ भी मत कहो
सी चाची- क्या पता ये मेरी आख़िरी रात हो
अवी-चाची ,
सी चाची- कल तो तू मुझसे शादी करने को तैयार था
अवी-फिर क्यूँ नही की कल शादी
सी चाची- कल मैं किसी और की थी , और आज मैं विधवा हो गयी हूँ , अकेली हूँ , मुझे अपना बना ले
अवी-मुझे एक दिन दीजिए , हम कल मंदिर मे जाके शादी करेंगे
सी चाची- कल किसने देखा है , अभी चल मंदिर मे
अवी-इस वक्त
सी चाची- घर मे छोटा मंदिर है वहाँ चल
अवी-चाची आप समझ नही रही
सी चाची- तेरी बातों से लग रहा है कि तू मुझे प्यार नही करता
अवी-आप फिर शुरू हो गयी
सी चाची- प्यार करता तो ऐसे बहाने नही बनाता
अवी-चाची आप बड़ी चाची और सीमा चाची के बारे मे तो सोचिए
सी चाची- वो खुश है ,
अवी-उनको सच पता चलेगा तो वो भी मुझसे शादी करने को कहेंगी
सी चाची- वो ऐसा नही कहेंगी
अवी-क्यूँ नही कहेंगी
सी चाची- क्यूँ कि उनका पता ही नही है कि तुम्हारे चाचा ने क्या किया है
अवी-उनको पता चला तो
सी चाची- अब उनको कुछ पता नही चलेगा वीओ तुम्हारे च्चा के साथ खुश रहेगी
अवी-ये आप कैसे कह सकती हैं
सी चाची- क्यूँ कि तुम्हारे चाचा अब दुबारा ऐसा नही करेंगे ऐसा उनकी बातों से पता चल रहा है , जिस से दीदी खुश रहेगी
अवी-और आप
सी चाची- मैं तुम्हारे साथ शादी करके खुश रहना चाहती हूँ
अवी- आप भावनाओं मे बह कर ऐसा बोल रही है
सी चाची- मैं होश मे हूँ
अवी-आप सोचने की शक्ति ख़तम कर चुकी है
सी चाची- तू इतना बता कि शादी करेगा या नही
अवी-अब मैं आपको कैसे समझाऊ
सी चाची- कुछ मत समझा मैं समझ गयी हूँ
अवी-आप क्या समझी
सी चाची- यही कि कल जो था वो नाटक था , तेरा प्यार झूठा है , मैं जिसे प्यार समझ रही थी वो हमदर्दी है
अवी-ये आप क्या बोल रही है
सी चाची- यही सच है , मुझे कोई प्यार नही करता , तेरे चाचा ने मुझे धोका दिया और अब तू भी मेरे साथ खेल रहा है
अवी-चाची आप कल जो बोलेगी वो करूँगा पर आज आप ये शादी करने की बात ख़तम कर दो
सी चाची- सब कुछ ख़तम हो गया , कोई मुझे प्यार नही करता , तू भी नही करता
अवी-चाची कल मंदिर मे चलके शादी करेंगे
सी चाची- ये झूठे वादे मत कर , तू भी मुझे अकेला छोड़ देगा
अवी-मैं आपको कभी अकेला नही छोड़ सकता
सी चाची- मुझे अपना लो , मैं अकेली टूट जाउन्गी , मुझे सहारा दो
अवी-आप अकेली नही हो मैं आप के साथ हूँ
सी चाची- तो मुझसे शादी कर लो मुझे अपना बना लो
अवी-मैं शादी करने को तैयार हूँ पर कल करते है
सी चाची- तो आज मंगलसूत्र पहने दो
अवी-ये नही कर सकते , जो करना है वो कल करेंगे
सी चाची- तू मुझे बहला रहा है
अवी-चाची आप सदमे है
सी चाची- मैं सदमे से बाहर आ चुकी हूँ और मुझे पता चल गया है कि मुझे कोई प्यार नही करता , सब मतलबी है , मेरे प्यार का ईस्तमाल किया अपने फ़ायदे के लिए
अवी-चाची ये आप क्या बोल रही है
सी चाची- वही जो आज मुझे पता चला है , तू सही कह रहा है शादी नही हो सकती
अवी-(चाची समझ गयी) हम कल अच्छे से बात करेंगे
सी चाची- कल
और चाची हँसने लगी
चाची को इस तरह हँसते हुए देख कर मुझे डर लगने लगा
अवी-चाची आप हंस क्यूँ रही है
सी चाची- कुछ नही , तू सो जा
अवी-आप मेरी बात को समझ ने की कोशिस करना
सी चाची- मैं तुम्हें हमेशा प्यार करती रहूंगी
और चाची ने मेरे माथे पे किस किया
और कमरे से बाहर जाने लगी
चाची को इस तरह जाते हुए देख कर अजीब सा लग रहा था
चाची को मेरी बात समझ मे आई या नही ये तो नही पता पर
आज के लिए ये बात ख़तम हो गयी
पर चाची हँस क्यूँ रही थी
मुझे चाची को ऐसे जाने नही देना चाहिए था
उनकी मेनटॅलिटी ठीक नही है
उनको अपने पास रोकना चाहिए था
मेरे पास सो जाती तो मैं परेशान नही होता
चाची को आज चाचा की वजह से झटका लगा
और मेरी बात से , शादी से मना करने से क्या उनको बुरा लगा होगा
चाची ऐसे मायूस हो कर यहाँ से गयी जिस से मैं सोचने पे मज़बूर हो गया कि मुझे क्या करना चाहिए