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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 943 डी

चाची का दिल टूट गया था ऐसे मे वो कुछ सुनने को तैयार नही थी

चाची ने जो सपने सजाए थे अमित और चाचा के लिए वो टूट गये

कितनी बार छोटी चाची के सपने टूटे है

ऐसे मे अब वो मेरे सिवा किसी पे विश्वास नही रख सकती

पर चाचा को चाची की ये सज़ा मंज़ूर नही थी

कितने सालो बाद चाचा जी बाप बने है ऐसे मे अपने बच्चों से दूर जाना उनको मंज़ूर नही था

वो भीक माँग रहे थे छोटी चाची से

खुद को मार डालने को बोल रहे थे पर बच्चों से दूर होकर जीना उनको मंज़ूर नही था

चाचा ने ग़लती की है

ऐसी ग़लती करने के बाद लोग बहुत सी वजह बताते है

पर चाचा तो अपनी ग़लती स्वीकार कर रहे है

उन्हें एक चान्स मिलना चाहिए

उनको दूसरी सज़ा मिलनी चिए

चाचा -मीना मुझे माफ़ कर दो

सी चाची -तुम कुछ भी.कुछ कर लो मैं तुम्हें कभी माफ़ नही करूँगी

चाचा -पत्थर दिल मत बनो मीना

सी चाची -मेरे दिल के टुकड़े तुमने किए है , और तुम दिल की बातें कर रहे हो

.चाचा -मीना मुझसे ग़लती हुई हुई है मैं मानता हूँ पर एक मौका तो दो मुझे

सी चाची -ताकि फिर ग़लती करो

अवी- चाची मेरे लिए माफ़ कर दो

सी चाची -ये तुम कह रहे हो , मेरे आँसू के बारे मे तूने क्या कहा था

अवी- आपके जितने आँसू निकल उतना खून बहा है चाचा का

सी चाची -अपना खून देख कर बोल रहा हैं तू

अवी- नही , आपके लिए कह रहा हूँ , मुझे पता है मेरी चाची पत्थर दिल नही हो सकती

सी चाची -तू बीच मे मत बोल

चाचा -अवी , बोलना अपनी चाची को की मुझे माफ़ कर दो

सी चाची -तू बीच मे नही बोलेगा

अवी- चाचा जी मैं कुछ नही कर सकता , आपको ऐसा नही करना चाहिए था , आपने चाची के माँ बनते हुए भी ज्योति बुआ के साथ थे , तब भी मैने आपको बचाया था , इतने सालो बाद आप बाप बने और आप क्या कर रहे थे , खुद को एक बार मिरर के सामने रख के देखो कि आपने क्या किया है

चाचा- अवी वो मेरी ग़लती थी , उसे दुबारा नही किया

अबी- फिर आज क्या किया

चाचा - दोनो टाइम हालात अलग थे

अवी- इतने सालो बाद बाप बने तब याद नही आई अपने बच्चों की , और आज इतना ड्रामा कर रहे हो ,

चाचा- वो मेरे बेटे है

अवी- तब कहाँ गये थे आपके बेटे , तब कहा गयी चाची जब आप उनको बच्चों के लिए परेशान करते थे , शादी पे शादी की

चाचा- तुम्हें कुछ नही पता

अवी-मुझे सब पता है , सीमा चाची ने तो सियूसाइड की थी , फिर भी चाची आपको प्यार करती रही , और आपने क्या किया

चाचा- अवी तुम सही हो मैं ने तुम्हारी चाची के प्यार को कभी समझा ही नही इसी लिए मेरी हालत ऐसी हो गयी है

अवी- बड़ी चाची ने आपके लिए क्या क्या सहा है

बड़ी चाची का नाम सुनते ही चाचा की आँखो से पानी आ गया ,

अवी- बड़ी चाची को ये पता चला तो उनपे क्या बीतेंगी कभी सोचा है

चाचा -नही नही सुमन को कुछ मत बताना

अवी- उनको पता चल जाएगा

चाचा -मैं बच्चों से दूर रह लूँगा पर सुमन को कुछ मत बताना

सी चाची -अभी बच्चों से दूर होने की बात पे भीक माँग रहे थे और इतने जल्दी हार गये

चाचा -मीना तुम जो कहूँगी वो करूँगा पर सुमन को कुछ मत बताना , वो जीते जी मर जाएगी

सी चाची -और मैं

चाचा -तुम खुद को संभाल सकती हो पर सुमन का दिल ये झटका बर्दास्त नही कर पाएगा

सी चाची -ये पहले सोचना चाहिए था तब याद नही आई सुमन दीदी की जब उस चुड़ैल के साथ थे

चाचा -मीना मैं तुम्हारी गुलामी करूँगा ज़िंदगी भर पर सुमन को कुछ मत बताना

चाचा को ये क्या हो गया

अचानक बच्चों के लिए इतनी मिन्नत कर रहे थे

और अब बच्चों को भूल कर बड़ी चाची को ना बताने की बात कर रहे है

सी चाची -तुम्हारा ये चेहरा सबके सामने आना चाहिए

चाचा -जिसक बताना है उसको बताओ पर सुमन को मत बताना

सी चाची -सीमा चाची को भूल गये

चाचा -सीमा का सामना मैं कर सकता हूँ पर सुमन से नज़रें नही मिला पाउन्गा मैं ,

सी चाची -तो ऐसा काम किया ही क्यूँ

चाचा -तुम चाहो तो गधे पे बिठा कर पूरा गाँव मे मूह काला कर घूमाओ पर सुमन को मत बताना

सी चाची -तुम्हें तो ज़ूते से मारने चाहिए

चाची ने इतना कहा कि चाचा ने अपनी चप्पल लेकर चाची के हाथ मे दी

और चाची का हाथ पकड़ कर खुद अपने सर पे चप्पल मारने लगे

चाचा चाहते क्या है

चाचा कर क्या रहे है

चाची भी शॉक्ड थी

चाचा अपने सर पे चप्पल मार रहे थे

चाची से रहा नही गया और अपना हाथ छुड़ा लिया

फिर भी चाचा खुद को मारते रहे

मुझे चाचा के हाथ से चप्पल लेनी पड़ी तब जाके चाचा जी रुके

चाचा -मीना मुझे एक चान्स दो

सी चाची -मैं तुम्हें कभी माफ़ नही करूँगी

चाचा -ऐसा मत कहो

सी चाची -तुमने तीन दिल तोड़े है

चाचा -मुझे एक मौका तो दो मैं सबके दिल वापस जोड़ दूँगा

सी चाची -तुम सुमन दीदी और सीमा दीदी के दिल जोड़ दोगे पर मेरा दिल अब नही जुड़ पाएगा

चाचा -दिल ना सही पर तुम से माफी माँगता रहूँगा

सी चाची -कुछ भी करो मैं तुम्हें माफ़ नही करूँगी

चाचा -मैं जान दे दूँगा

सी चाची -नही दे सकते तुम जान , ये तुम्हें भी पता है और मुझे भी , तुमने जान दी तो दो चिता जलानी होगी

बड़ी चाची

चाचा -तुम ही कोई सज़ा दो

सी चाची -मैं तुम्हारी कोई नही हूँ , मैं तुम्हें सज़ा कैसे दूं

चाचा -तुम नही डोगी सज़ा तो , अवी तुम ही बताओ मैं क्या करूँ

अवी- मैं क्या बताऊ

सी चाची -अवी से क्या पूछ रहे हो खुद से पूछो

चाचा -सही कहा , मुझे खुद से पूछना होगा

सी चाची -चलो अवी

चाचा -कहाँ जा रही हो

सी चाची -तुम कौन होते हो मुझे पूछने वाले

चाचा -मीना तुम मेरी पत्नी हो

सी चाची -पत्नी थी ,

और चाची ने मंगलसूत्र निकाल कर चाचा के चेहरे पे फेक दिया

चाचा -मीना

सी चाची -हमारे सारे रिश्ते टूट गये है

चाचा -अमित की वजह से जो रिश्ता हमारे बीच मे है वो तो रहने दो

सी चाची -अमित मेरा बेटा है ,इतना याद रखना

चाचा -अमित हमारा बेटा है

सी चाची -ऐसा सोचना भी मत

चाचा- मीना मुझे इतनी बड़ी सज़ा मत दो

सी चाची-सज़ा मुझे मिली है ,तुम्हें नही

चाचा -मीना

सी चाची -अपनी ज़ुबान से मेरा नाम मत लो

चाचा -मीना मुझसे सब कुछ मत छीनो

सी चाची -घबराव मत सुमन दीदी को मैं कुछ नही बताउन्गी , मैं उनका दिल टूटने नही दूँगी

इतना सुनते ही चाचा फिर से चाची के पैरो मे गिर गये

सी चाची -दूर हटो मुझसे

चाचा -मीना , तुम पत्थर दिल नही हो मुझे पता है और एक दिन तुम मुझे माफ़ ज़रूर करोगी

सी चाची -ऐसा सोचना भी मत कि मैं तुम्हें माफ़ करूँगी , और मैं तुम्हारे लिए नही सुमन दीदी के भले के लिए उनको नही बता रही हूँ

चाचा -कुछ भी हो इसे मैं तुम्हारा प्यार समझूंगा

सी चाची -प्यार तुमसे नही करती मैं , अवी से करती हूँ प्यार

चाचा -मीना ये क्या बोल रही है

सी चाची -अवी , अमित तुम्हारा बेटा है

चाचा- मीना ऐसा मत कहो , मेरे बेटे को मत छीनो , अवी भाई का प्यार तो दे सकता है पर बाप का प्यार नही दे पाएगा

अवी-(अच्छा हुआ चाचा ने ग़लत नही समझा )

सी चाची -चलो अवी

चाचा -मीना मेरी बात सुनके जाओ

सी चाची -अवी चलो यहाँ से

चाचा -मीना मैं अच्छा बाप बनके दिखाउन्गा , तुम खुद मुझे माफ़ करोगी

सी चाची -भूल जाओ

चाचा -मैं बदल के दिखाउन्गा तुम्हें

सी चाची -कुछ भी करो पर मेरी सोच को नही बदल सकते

चाचा -मीना मुझे मेरी सज़ा मिल गयी है

सी चाची -अमित से दूर रहना

चाचा -वो मैं नही कर सकता पर मुझे पता है अब मुझे क्या करना है

सी चाची चाचा की बात सुनने को रुक गयी

चाचा -ये सब की वजा सेक्स है , मेरी सेक्स की प्यास ने मुझसे ये करवाया है , मैं कसम ख़ाता हूँ जब तक तुम मुझे माफ़ नही करोगी मैं किसी के साथ भी सेक्स नही करूँगा

सी चाची -अच्छा मज़ाक था

चाचा -तुम हंस लो , पर ना मैं किसी दूसरी औरत की तरफ देखूँगा और ना ही किसी से सेक्स करूँगा

सी चाची -अवी तुम्हारे चाचा पागल हो गये

चाची की बातों से लग रहा था कि चाचा हर रोज सेक्स करते है

और चाची मेरा हाथ पकड़ कर मुझे ले जाने लगी

चाचा -सुमन के साथ भी नही करूँगा , जब तक मुझे मेरी ग़लती की माफी नही मिलती

चाचा की बात सुनते ही चाची रुक गयी,

फिर कुछ सोच कर वापस मुझे अपने साथ ले जाने लगी

चाचा -मीना , मैं अपने बच्चों की कसम ख़ाता हूँ , मैं किसी के साथ प्यार नही करूँगा जब तक तुम मुझे माफ़ नही करोगी

छोटी चाची फिर रुक गयी

चाचा -मीना मैं अपने बच्चों की कसम ख़ाता हूँ

और चाचा घर3 के डोर के पास गिर गये

मैं ने पलट कर देखा तो चाचा गिर गये थे बेहोश जो गये थे

अवी- चाची , चाचा बेहोश हो गये

सी चाची -होने दो तुम चलो मेरे साथ

अवी- चाची आपको हुआ क्या है

सी चाची -तू चुप रह चल मेरे साथ

अवी- चाची , चाचा ठंड से मर जाएँगे , बारिश हो रही है , उनको चोट लगी है , वो नंगे वहाँ पड़े है

सी चाची -तुझे उनके पास जाना हो तो जा , मैं नही जाउन्गी

अवी- चाची मेरे लिए

सी चाची -मैं यही रुकती हूँ

अवी- (चाची पत्थर दिल नही है ये मुझ से अच्छा कौन जान सकता है )

चाचा चोट और दर्द की वजह से बेहोश हो गये थे

मैं ने चाचा को उठा लिया और अंदर बेड पे लिटा दिया

चाचा को उनके कपड़े पहना दिए

मुझे जल्दी करना होगा छोटी चाची बारिश मे भीग रही है

मैं ने चाचा को कडपे पहना दिए और जल्दी मलम लगा दिया ,

और कॉटन को उनकी शर्ट मे रख दिए ताकि खून निकलना बंद हो जाए

और चाचा के उपर 2 कंबल डाल दिए ताकि उनको ठंड ना लगे

चाचा सुबह तक होश मे आ जाएँगे

मैं दीवांजी को भेज दूँगा सुबह

चाचा को बेड पे सुलाने के बाद मैं चाची के पास गया

चाची भीग गयी थी

सी चाची -चल अब

अवी- चाची चाचा सुबह तक ठीक हो जाएँगे

सी चाची -मुझे उनके बारे मे कुछ नही सुनना है

अवी- इतना गुस्सा

सी चाची -तू ज़्यादा बात मत कर

अवी- चाची चाचा ने जो कहा है वो किया तो

सी चाची -तुम्हारे चाचा को मैं जानती हूँ , सुमन दीदी से दूर रह नही सकते

अवी- चाची अगर सच मे चाचा ने ऐसा किया तो

सी चाची -ये उनकी सज़ा है , उनको सज़ा तो मिलके रहेंगे

अवी- और मुझे ,

सी चाची -तुमने क्या किया

अवी-आपको रुलाया है

सी चाची -आज रोई हूँ दुबारा कभी रोने मत देना मुझे

अवी- प्रॉमिस करता हूँ

सी चाची - चल अब जल्दी सुमन दीदी इंतज़ार कर रही होगी

अवी- अच्छा हुआ बारिश हुई , बड़ी चाची को आपका रोना दिखेगा नही

सी चाची -दिखना भी नही चाहिए , उनका आज के बारे मे कभी बताना भी मत

अवी- नही बताउन्गा

और मैं चाची के साथ घर आ गया
 
चॅप्टर 944

चाचा को हमने रंगे हाथ पकड़ लिया

चाचा ने चाची को देखते ही अपनी ग़लती मान ली

ऐसे बहुत लोग होते है जो अपनी ग़लती मानने की जगह एक्सक्यूस देते है , और सच को झूठ बना देते है

ऐसा एग्ज़ॅंपल हमारे सामने था , ज्योति ने पूनम दीदी को एक्सक्यूस देने की कोशिस की

पता नही उनका क्या हुआ होगा

लेकिन चाचा अपने ग़लती की सज़ा भुगते ने को तैयार है

चाची ने दी हुई सज़ा उनको मंज़ूर नही थी ,

चाचा अपने बच्चों से दूर रह नही सकते ,

छोटी चाची तलाक़ दे नही सकती चाचा को , पर अपने दिल से निकाल चुकी है

चाचा ने बड़ी चाची को ना बताने की बात कही

वैसे भी हम बड़ी चाची को बताने वाले नही थे , पर चाचा के कहने से अच्छा लगा कि वो बड़ी चाची से प्यार करते होंगे या उनसे शायद डरते होंगे

चाचा ने खुद को बेल्ट से मार कर अपने खून से चाची के पैर धो डाले पर चाची उनको माफ़ करने को तैयार नही थी

चाचा ने खुद को अपनी चप्पल से पिटवाया फिर भी चाची ने चाचा की एक ना सुनी

चाची कैसे चाचा की बात सुनती , उनका तो सब कुछ लुट गया था

ऐसे मे चाचा ने खुद अपने लिए सज़ा डिसाइड की

चाचा ने बच्चों की कसम खाई कि वो चाची के माफ़ करने तक किसी औरत की तरफ नही देखेंगे , ना सेक्स करेंगे , ना प्यार करेंगे , बड़ी चाची और सीमा चाची से भी दूर रहेंगे जब तक छोटी चाची उनको माफ़ नही करती

चाची ने फिर भी चाचा की बात को मज़ाक मे उड़ा दिया

अब तो ये वक्त बताएगा कि चाचा अपनी कसम निभा पाते है या नही

चाचा चाची के दिल को बदल कर उनसे माफी माँग पाएँगे

चाचा इस तरह रिएक्ट करेंगे मैं ने सोचा नही था

मुझे लगा था कि चाचा को रंगे हाथ पकड़ते ही वो चुप चाप रहेंगे , ना कुछ कहेंगे पर यहाँ सब कुछ उम्मीद से अलग देखने को मिला

चाचा माफी माँगते माँगते बेहोश हो गये

फिर चाची ने उनको माफ़ नही किया

चाची जो करती है सही करती है , अगर इतनी जल्दी माफ़ किया तो चाचा को लगेगा कि ग़लती करो माफी तो मिल जाती है

चाची चाचा को सज़ा पूरी करने पे मे बी माफ़ कर दे

मैं ने चाचा की मलम.पट्टी की और चाची के साथ घर की तरफ जाने लगा

बारिश हो रही थी , आसमान भी रो रहा था

चाची और मैं बारिश मे भिगते हुए घर जा रहे थे

बारिश की वजह से चाची के आँसू चुप गये पर उनका दर्द कम.नही हुआ

चाची मेरा हाथ पकड़ कर चल रही थी

जैसे कह रही हो कि अवी मेरा साथ कभी मत छोड़ना

मेरा साथ सब ने छोड़ दिया है , सब ने मेरे सपने तोड़े है तुम मेरा साथ कभी.मत छोड़ना

मैं ज़्यादा कुछ नही मागुंगी बस मुझे अपने दिल मे एक छोटी सी जगह देना उस ने मैं खुश रह लूँगी

पर मेरा दिल मत तोड़ना

मुझे अब बस तेरा सहारा है , अपनी चाची को बेसहारा मत बना देना , जिस दिन तूने मेरा हाथ छोड़ो वो दिन मेरा आख़िरी दिन होगा

चाची मेरा हाथ पकड़े हुए चल रही थी जैसे अब वो अपनी ज़िंदगी का सफ़र मेरे साथ पूरा करना चाहती हो

मैं चाचा की तरह चाची की दिल नही टूटने दूँगा , अगर चाची कहेंगी तो मैं बस उनका बनके रहूँगा , सिर्फ़ उनका

रानी और चाची मे से मुझे किसी एक को सेलेक्ट करना पड़े तो मैं रानी से माफी माँग लूँगा पर चाची का साथ नही छोड़ूँगा

चाची मेरा हाथ पकड़ कर चल रही थी,

थोड़ी देर बाद मैं उनका हाथ पकड़ कर चलने लगा

जैसे बता रहा था कि ये हाथ आज पकड़ा है कभी छोड़ूँगा नही , चाहे कुछ भी हो जाए मैं आपका साथ छोड़ूँगा ,नही, मैं आपके साथ ज़िंदगी का सफ़र तय करने को तैयार हूँ

मेरे इस तरह हाथ पकड़ने से चाची को अच्छा लगा और उसी वक्त मेरे गले लग गयी

इस बारिश मे मेरे गले लग कर मुझे अपना बनाने लगी

चाची का दर्द मैं कम करने लगा

और उनको अपने घर मे ले गया

घर आते हमे इस तरह भीगा हुआ और इतनी देर से आने पे बड़ी चाची गुस्सा हो गयी

बड़ी चाची कुछ बोलने वाली थी कि , छोटी चाची उनके गले लग गयी

बड़ी चाची को देखते छोटी चाची अपनी भावनाओं पे कंट्रोल नही रख पाई और अपनी माँ जैसी दीदी के गले लग गयी

छोटी चाची को इस तरह भावुक होने से बड़ी चाची डर गयी

छोटी चाची जैसी हिम्मत वाली , अगर ऐसा करे तो सबको डर लगता है कि क्या हुआ है

छोटी चाची रोने लगी

बड़ी चाची छोटी चाची को रोता हुआ देख कर तो और डर गयी

बड़ी चाची अपने प्यार से छोटी चाची को चुप कराने लगी

जैसे एक माँ अपने बेटी का दर्द कम कर रही हो ऐसा लग रहा था

सीमा चाची और विद्या भी बाहर आ गयी

मुझे ऐसे भीगा हुआ देख कर , छोटी चाची को रोता हुआ देख कर हमारे पास गयी , सीमा चाची ने छोटी चाची को पीछे से गले लगाया

विद्या और मैं ये चुप चाप देख रहे थे

ब चाची - मीना क्या हुआ ,

म चाची- मीना क्या हुआ , तू ऐसी भीगी क्यूँ है

ब चाची - मीना बताना क्या हुआ , तू रो क्यूँ रही है

म चाची- मीना मुझे डर लग रहा है बताना क्या हुआ

फिर भी छोटी चाची ने कुछ नही कहा

ब चाची - अवी क्या हुआ मीना को , तूने कुछ कहा क्या

मैं क्या जवाब देता

छोटी चाची कुछ नही बोल रही थी

सीमा चाची मेरे पास आ गयी और मुझे पूछने लगी

म चाची - अवी क्या हुआ मीना को ,

अवी- कुछ भी तो .......

छोटी चाची बड़ी चाची के गले लगी हुई थी

ब चाची - कुछ नही हुआ तो मीना रो क्यूँ रही है

म चाची- तूने कुछ शरारत की होगी ,

अवी-( कुछ और बताना होगा) मैं कैसे बताऊ समझ नही आ रहा

म चाची- तुम्हारे चाचा ने कुछ कहा मीना को

अवी-नही,

ब चाची- अवी बात क्या है , क्या छुपा रहा है तू

अवी-वो मेरी ग़लती है , मेरे वजह से रो रही है छोटी चाची

म चाची- तेरी वजह से , क्या किया तूने

अवी-वो हम चाचा को टिफिन दे कर आ रहे थे कि बारिश शुरू हो गयी

म चाची- बोलता रह

अवी-बारिश शुरू होते ही हम एक पेड़ के नीचे छुप गये

म चाची- आगे क्या हुआ

अवी-हम कुछ देर रुक गये , सोचा कि बारिश कम हो जाए , पर शाम हो गयी , बादलो की वजह से अंधेरा होने लगा

ब चाची- तो घर आ जाते

अवी-बारिश चालू थी , हम पेड़ के नीचे खड़े रह कर बातें करने लगे कि मुझे एक शरारत सूझी , मैं चुपके से छोटी चाची के नज़रों से दूर हो गया , और झाड़ियों मे चुप गया

म चाची- तुझे ऐसी शरारत करने की क्या ज़रूरत थी

अवी-इस से आगे जो हुआ उस से चाची डर गयी

ब चाची- क्या किया तूने

अवी-मेरे छुप जाने से छोटी चाची मुझे आवाज़ देने लगी , पर मैं ने जवाब नही दिया , चाची को डर लगने लगा , मैं ने और शरारत करने का सोचा और भेड़िए की आवाज़ निकाली , भेड़िए की आवाज़ सुनते ही छोटी चाची डर गयी , , उनको लगा कि मुझे भेड़िया लेकर गया होगा

म चाची- ऐसा मज़ाक कभी कोई करता है

अवी-सॉरी चाची , मुझे लगा छोटी चाची हिम्मतवाली है पर छोटी चाची भी डर गयी

म चाची- फिर क्या हुआ

अवी-छोटी चाची इधर उधर मुझे ढूँढने लगी

उनका डर बढ़ रहा था , बारिश मे भीग चुकी थी

चाची का मज़ा लेने के लिए मैं ने उनके पीछे जाकर भेड़िया की आवाज़ निकाली ,

और चाची इतनी डर गयी कि वो भागने लगी और आगे जाकर कीचड़ मे गिर गयी

म चाची- ये क्या कोई मज़ाक था

ब चाची- अवी मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी

अवी-सॉरी चाची

म चाची- फिर क्या हुआ

अवी-चाची को इतना डरते हुए देख कर मैं ने मज़ाक करना बंद किया पर चाची डर गयी थी और मुझे देखते ही वो गुस्सा हो गयी और रोने लगी

म चाची- तूने मीना को रुला दिया

अवी-ग़लती से हो गया , और फिर चाची को बड़ी मुश्किल से यहाँ लेकर आ गया

ब चाची- तू बहुत बिगड़ गया है , मेरी मीना को डरा दिया

अवी-सॉरी चाची दुबारा ऐसा मज़ाक नही करूँगा

ब चाची- चुप रह , जा अंदर जाके कपड़े चेंज कर

अवी-चाची मुझे माफ़ कर दो

ब चाची- कोई माफी नही मिलेगी ,मेरी मीना को डरा दिया ,

अवी-सीमा चाची

म चाची- मैं भी मज़ाक करती हूँ पर ऐसा मज़ाक नही करना चाहिए

अवी-विद्या तुम तो कुछ कहो

विद्या- तुम ने ग़लती की , ये लो टवल

ब चाची- जा कपड़े चेंज कर , वरना बीमार पड़ जाएगा , मैं मीना को देखती हूँ

मैं अपने कमरे मे जाकर चाची को देखने लगा

बड़ी चाची छोटी चाची की शांत कर रही थी

ब चाची- मीना इतनी सी बात से डर गयी ,

सी चाची- दीदी

ब चाची- अवी ने मज़ाक किया था , वो नादान है उसकी बात को इतना दिल पे लेने की ज़रूरत नही है

सी चाची- चाची मैं अकेली पड़ गयी

ब चाची- किसने कहा तुम अकेली है , हम हैं ना तेरे साथ , तू कभी खुद को अकेली मत समझा कर , मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ

सी चाची- दीदी

ब चाची- मीना , अब चुप हो जा ,देख मैं हू ना तेरे साथ , अपने दर को अपने दिमाग़ से भगा दी

सी चाची- दीदी

ब चाची- सीमा तू अवी को देख , मैं मीना को कमरे मे लेकर जाती हूँ

म चाची- अवी को मैं नही छोड़ूँगी , उसकी पिटाई करूँगी

ब चाची- सीमा , वो बच्चा है , ये उसका बच्पना था

म चाची- आप को लगता है वो बच्चा है , इतना बड़ा हो गया और ऐसी हरकत करता है , मैं उसकी अच्छी खबर लेती हूँ

ब चाची- सीमा , ठंड रख , चल मीना के कपड़े चेंज करने है , मुझे उसके साथ रुकना होगा तू कुछ गड़बड़ मत करना

विद्या - चाची मैं अवी को टी देती हूँ , वरना उसे ठंड लग जाएगी

ब चाची- सब के लिए बनाना ,

और बड़ी चाची छोटी चाची को अपने कमरे मे ले गयी

और छोटी चाची के कपड़े चेंज करके उनको गरम गरम टी पिलाई

मैं भी अपने कपड़े चेंज करके चाची के पास गया

सीमा चाची ने मेरी अच्छी खबर ली

100 उठक बैठक लगाने पड़े मुझे .

100 बार सॉरी बोलना पड़ा तब जाके सीमा चाची मे मेरी जान छोड़ी

100 उठक बैठक से पता चला कि चाची एक दूसरे से कितनी प्यार करती है

सीमा चाची की सज़ा पूरे होते ही मैं टी पीने के लिए चाची के पास गया

छोटी चाची छोटी बच्ची की तरह , बड़ी चाची से चिपक कर उनकी गोद मे सर रख कर लेटी थी

बड़ी चाची ने मुझे कुछ नही कहा पर उनको मेरा ऐसा करना बुरा लगा

मैं छोटी चाची के पैरो के पास बैठ गया

और चाची को ठंड ना लगे उस लिए उनके पैरो को सहलाने लगा

मुझे छोटी चाची की सेवा करते हुए देख कर बड़ी चाची को अच्छा लगा

ब चाची- देख मीना , अवी सॉरी कह रहा है

सी चाची- उसने क्या किया

ब चाची- उसे अपनी ग़लती पछतावा हो रहा है

सी चाची- अवी ये तुम क्या कर रहे हो

ब चाची- तू कुछ मत बोल , करने दो अवी को जो वो कर रहा है

सी चाची- दीदी

ब चाची- कहा ना तू बस लेटी रह , मैं तेरे पास ही हूँ ,

सी चाची- आप मेरे साथ कभी मत छोड़ना

ब चाची- कैसी बात करती हो , तू तो मेरी बहन है , तुझे मैं अकेली कैसे छोड़ूँगी

सी चाची- सबने मुझे अकेला कर दिया

ब चाची- कोई कुछ भी करे , पर मैं तुम्हारे साथ हूँ ,

छोटी चाची काफ़ी देर तक ऐसी बातें करने लगी कि बड़ी चाची को कुछ बातें समझ नही आ रही थी

मैं छोटी चाची की सेवा करता गया

सीमा चाची ने मुझे छोटी चाची की सेवा करते हुए देख कर अपना गुस्सा थूक कर मुझे खाना दिया

छोटी चाची और मेरा मन खाने खाने का नही हो रहा था

छोटी चाची और मैं ने बस थोड़ा खाना खाया ,

और अमित को दूध पिला कर छोटी चाची बड़ी चाची की बाहों मे सो गयी .

बड़ी चाची के प्यार की सख़्त ज़रूरत थी छोटी चाची को

छोटी चाची के सोते ही बड़ी चाची ने मुझे चाचा के बारे मे पूछा

ब चाची- अवी

अवी- जी चाची

ब चाची- तुम्हारे चाचा नही आए अभी तक

अवी- ( चाची को क्या बताऊ ) वो चाचा आज नही आएँगे

मेरी बात से बड़ी चाची के चेहरे की चमक कम.हुई

कल भी नही आए और आज भी नही आ रहे ,

ब चाची- कहाँ गये है तेरे चाचा

अवी- वो घर3 मे है , हिसाब कर रहे थे

ब चाची- पर दीवान जी तो थोड़ी देर पहले घर आए थे

अवी- पता नही , पर वो हिसाब किताब कर रहे थे , कुछ पैसे भी थे वहाँ पर

ब चाची- एक काम करना सुबह होते ही तू टिफिन लेकर जाना खेत मे

अवी- जी

चाचा वहाँ क्या कर रहे थे और बड़ी चाची को उनकी फिकर हो रही है

ब चाची- सुबह मैं तुम्हें जल्दी उठा दूँगी ,

अवी- जी , ( मुझे भी वहाँ जाकर देखना है कि चाचा की हालत ठीक तो हैं ना )

ब चाची- जा आराम कर

मैं ने छोटी चाची के माथे पे किस किया

और बड़ी चाची के गले लग कर अपने कमरे मे चला गया

आज जो हुआ उसके बारे मे सोचने लगा

चाचा वहाँ ज़ख्मी पड़े हुए है

यहा छोटी चाची की हालत खराब है

बड़ी चाची चाचा के घर ना आने से परेशान है और छोटी चाची की हालत से तो ज़्यादा परेशान है

सीमा चाची भी गुस्सा है पर उनको घर और बच्चों को संभालना था

और मेरी नींद गायब हो चुकी थी

आज जो कुछ हुआ उस से मेरी फॅमिली पे बहुत बड़ा असर होगा

पता नही उधर ज्योति के साथ क्या हुआ होगा , पूजा बुआ ने क्या किया होगा , उनका फोन भी नही आया

मेरा तो मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है

मैं मोबाइल चार्जिंग पे लगा कर आज के घटनाओं को सोचने लगा

चॅप्टर 944 आ

आज जो हुआ उसके बार मे सोचने लगा .

एक आँधी आई और सब कुछ ख़तम.करके चली गयी ..

कुछ घंटों मे सब कुछ बदल गया

चाची और चाचा का रिश्ता ख़तम हो गया

पता नही अब चाची क्या करेंगी

आज तो चाची नॉर्मल हालत मे नही थी

पर कल जब चाची का सामना चाचा से होगा तब सब कुछ क्लियर हो जाएगा

चाची ने तो अपना मंगलसूत्र भी निकाल दिया

अच्छा हुआ चाची का रोना देख कर बड़ी चाची का ध्यान इस बात पे नही गया वरना बड़ी चाची को सच बताना पड़ता

छोटी चाची कल कुछ अलग करेंगी ऐसा लग रहा था

क्यूँ कि जब भी छोटी चाची नींद से जागती है तो खुद को ज़्यादा सुलझी हुई महसूस करती है

आज चाची रोई है कल से चाचा रोएंगे

मुझे ज्योति और पूनम दीदी के बारे मे सोचने से पहले अपनी फॅमिली के बारे मे सोचना होगा

कल चाची क्या करेंगी ये सोचते सोचते मैं सो गया

बाकी सब भी सो गये होंगे

बस कल का इंतज़ार है

कल की सुबह क्या तूफान लेकर आएगी इस के लिए मुझे तैयार रहना था

पर कल की सुबह से पहले ये रात रात कैसे कटेगी

ये रात भी एक तूफान लाने वाली थी

इस बात से अंज़ान होकर मैं सो रहा था

सपने तो मुझे आज नही आने वाले थे ऐसे मे नींद अच्छी आ गयी

पर रात मे मुझे ऐसा लगा की कोई मुझे उठा रहा है

शायद बड़ी चाची होगी ,सुबह हो गयी ?

मैं ने आँख खोल कर देखा तो मुझे अपनी आँखो पे विश्वास नही हुआ

मुझे ये सपना लग रहा था

मैं ने अपनी आँख साफ की

पर ये सपना नही हक़ीकत थी ,

मेरी नज़र वॉच पर गयी तो रात के 2 बज रहे थे

इस वक्त छोटी चाची ने मुझे नींद से क्यू जगाया

छोटी चाची को सच मे डर तो नही लग रहा

, मैं ने कमरे का लाइट ऑन किया तो मेरी आँख के सामने जिस रूप मे छोटी चाची खड़ी थी उसके बारे मे मैं ने सोचा नही था

छोटी चाची रेड साड़ी मे मेरे सामने खड़ी थी

इस साड़ी मे चाची खूबसूरत लग रही थी

चाची से कोई भी खूबसूरत नही होगा ऐसा लग रहा था

चाची ने रेड साड़ी क्यूँ पहनी

एक मिनिट ये तो मैं ने चाची के ली हुई साड़ी है जो कल मैं उनके कमरे मे लेकर गया था

कल मैं चाची के लिए लेकर आया था , चाची को दुल्हन बनाने

ये तो कल चाची के कमरे मे रह गयी थी ,

पर चाची ने ये दुल्हन वाली साड़ी क्यूँ पहनी

सारी के साथ चाची ने सिंगार भी किया था

ये चाची को क्या हुआ

कही चाचा के धोका देने से उनको झटका तो नही लग गया

इतनी रात मे मेरे कमरे मे दुल्हन बन कर आ गयी

कानो मे झुमके , नाक मे नथ , पैरो मे पायल , ये सब क्या है

सब सिंगार किया पर चाची के गले मे कुछ नही था

जैसे मेरे लिए खाली रखा हो

चाची मुझे घूर रही थी और मैं चाची की खूबसूरती मे खोया था

चाची सच मे पागल हो गयी , वरना आज जो हुआ उस के बाद ये सिंगार नही करती

वो भी इतनी रात मे

कहीं बारिश मे भीगने से चाची को बुखार तो नही आ गया

अवी-चाची आपकी तबीयत तो ठीक हैं ना

सी चाची- मुझे क्या हुआ है मैं ठीक हूँ

अवी-फिर आप इतनी रात मे शृंगार करके कहाँ जा रही है

सी चाची- जहाँ जाना था वही आई हूँ

अवी-क्या मतलब

सी चाची- मैं कैसी लग रही हूँ

अवी-चाची आप को क्या हुआ है आप ऐसे क्यूँ बोल रही है

सी चाची- मुझे कुछ नही हुआ है

अवी-तो ये सब क्या है

सी चाची- बताना मैं कैसे लग रही हूँ , ये तेरी दी हुई साड़ी है , दुल्हन की तरह लग रही हूँ ना

अवी-आप दुल्हन ,अप्सरा , देवी ,रति लग रहीं है

सी चाची- पर तूने ये क्या पहना है

अवी-क्या मतलब

सी चाची- तेरी शेरवानी कहाँ है

मैं ने चाची के माथे पे हाथ लगा कर बुखार चेक किया , बीमार तो नही है

सी चाची- बता ना तेरी शेरवानी कहाँ है

अवी-अलमारी मे है पर आप करना क्या चाहती है

छोटी चाची मेरे सवाल का जवाब नही दिया और अलमारी के पास जाने लगी

और अलमारी से मेरी शेरवानी निकाल कर मुझे दी

सी चाची- इसे पहन जल्दी

अवी-पर क्यूँ ?

सी चाची- क्यूँ के चक्कर मे मत पड़ , आज हमारी शादी है , दुल्हन तैयार है और तू जल्दी तैयार हो जा

चाची की बात सुनते ही मुझे झटका लगा

चाची ये क्या बोल रही है

मैं ने तो कल इस लिए कहा था कि मुझे उनको बताना था कि मैं उनके लिए क्या सोचता हूँ

चाचा का सच बताने के बाद चाची टूट जाएगी इस लिए मैं उनको सहारा देने के शादी की बात कही , ताकि उनको लगना चाहिए कि वो अकेली नही है मेरा प्यार है उनके साथ

उनका अपना भी कोई है ये बताना चाहता था

भले कल चाची मान जाती वो बात अलग थी

पर आज जो हुआ उसके बाद ये सब , कुछ ठीक नही लग रहा

शायद चाची सदमे मे हो

चाची सोचने समझने की हालत मे नही है

सी चाची- क्या सोच रहा है , जा जल्दी पहन ले शेरवानी

अवी-चाची ये आप क्या बोल रही है

सी चाची- हम शादी कर रहे है

अवी-ये सही वक्त और हालात नही है

सी चाची- यही सही समय है

अवी-चाची आज आप सोचने समझने की हालत मे नही

सी चाची- मुझे मत समझा कि मैं क्या हूँ

अवी-चाची मैं कह रहा हूँ कि

सी चाची- क्या कह रहा है बोल

अवी-ये समय सही नही हमारे एक होने का

सी चाची- क्यूँ नही है ये समय

अवी-आज जो कुछ हुआ उसके बाद हमें रुकना चाहिए

सी चाची- क्या हुआ आज

अवी-आपको सब पता है , और आप कुछ सोचने समझने की हालत मे नही है

सी चाची- तो क्या हुआ

अवी-चाची आप समझ नही रही है , आप जल्द बाज़ी कर रही

सी चाची- तू मुझे प्यार करता है और मैं तुम्हें प्यार करती हूँ , और अब एक होने जा रहे है , इतना काफ़ी है

अवी-प्यार तो मैं आप से करता हूँ पर

सी चाची- पर क्या

अवी-अगर आज हम एक हुए तो कल पछताएँगे

सी चाची- ऐसा कुछ नही होगा

अवी-ऐसा ही होगा क्यूँ कि आप अपना होश खो बैठी है

सी चाची- मैं पूरे होशो हवाश मे हूँ

अवी-आपको कुछ दिन रुकना चाहिए , इतना बड़ा फ़ैसला अचानक नही करना चाहिए

सी चाची- आज मेरी आँखे खुल चुकी है

अवी-फिर भी आप जल्दबाज़ी मे फ़ैसला कर रही हैं

सी चाची- कहाँ जल्दबाज़ी कर रही हूँ

अवी-आज दोपेहर मे जो हुआ उसके बाद इतनी आसानी से शादी का फ़ैसला कर रही हैं

सी चाची- दोपेहर की बात कर रहे हो क्या हुआ दोपेहर मे , मैं विधवा हुई , और अब शादी करना चाहती हूँ

चाची खुद को विधवा कह रही है

मतलब चाची चाचा से सारे रिस्ते तोड़ रही थी

मगलसूत्र निकाल दिया था मुझे लगा गुस्से मे कहा है , पर चाची तो सीरीयस है

चाची समझ रही है कि वो विधवा है और मुझसे शादी करना चाहती है

अब तक चाचा की वजह से मुझे रोक रही थी पर अब खुद को मेरी बनना चाहती है

सी चाची- अब समझी , एक विधवा से शादी कैसे करूँ ये सोच रहे हो

अवी-ये आप क्या बोल रही है

सी चाची- यही सच है , कल तक मैं शादीशुदा थी तो तुम्हें मुझसे शादी करनी थी और आज विधवा हूँ तो मना कर रहे हो

अवी-चाची आपकी मेनटॅलिटी ठीक नही है

सी चाची- मुझे पागल कह रहे हो , तेरे प्यार मे पागल हूँ यही ग़लती है मेरी

अवी-चाची आप होश मे नही है ,आप आराम कीजिए हम कल बातें करते है

सी चाची- जो बात करनी है वो अब कर आज फ़ैसला हो जाने दो

अवी-चाची आप पे आज की गतना की वजह से असर हुआ है , आप होश मे नही है

सी चाची- आज तक मैं होश मे नही थी , आज होश मे आई हूँ

अवी-क्या आप एक ही बात लगा कर रखी है

सी चाची- तू मुझसे प्यार नही करता

अवी-मैं आप से बहुत प्यार करता हूँ

सी चाची- तो मुझे अपना बना ले , ये ले मंगलसूत्र , पहना दे मुझे

ये तो मैने कल छोटी चाची को दिया था

अवी-चाची हम कल बात करते है , बड़ी चाची उठ जाएगी

सी चाची- तू कर रहा है कि नही करनी मुझसे शादी

अवी-चाची कल बात करते है कल पक्का आप से शादी करूँगा

सी चाची- कल किसने देखा है ,

अवी-कुछ भी मत कहो

सी चाची- क्या पता ये मेरी आख़िरी रात हो

अवी-चाची ,

सी चाची- कल तो तू मुझसे शादी करने को तैयार था

अवी-फिर क्यूँ नही की कल शादी

सी चाची- कल मैं किसी और की थी , और आज मैं विधवा हो गयी हूँ , अकेली हूँ , मुझे अपना बना ले

अवी-मुझे एक दिन दीजिए , हम कल मंदिर मे जाके शादी करेंगे

सी चाची- कल किसने देखा है , अभी चल मंदिर मे

अवी-इस वक्त

सी चाची- घर मे छोटा मंदिर है वहाँ चल

अवी-चाची आप समझ नही रही

सी चाची- तेरी बातों से लग रहा है कि तू मुझे प्यार नही करता

अवी-आप फिर शुरू हो गयी

सी चाची- प्यार करता तो ऐसे बहाने नही बनाता

अवी-चाची आप बड़ी चाची और सीमा चाची के बारे मे तो सोचिए

सी चाची- वो खुश है ,

अवी-उनको सच पता चलेगा तो वो भी मुझसे शादी करने को कहेंगी

सी चाची- वो ऐसा नही कहेंगी

अवी-क्यूँ नही कहेंगी

सी चाची- क्यूँ कि उनका पता ही नही है कि तुम्हारे चाचा ने क्या किया है

अवी-उनको पता चला तो

सी चाची- अब उनको कुछ पता नही चलेगा वीओ तुम्हारे च्चा के साथ खुश रहेगी

अवी-ये आप कैसे कह सकती हैं

सी चाची- क्यूँ कि तुम्हारे चाचा अब दुबारा ऐसा नही करेंगे ऐसा उनकी बातों से पता चल रहा है , जिस से दीदी खुश रहेगी

अवी-और आप

सी चाची- मैं तुम्हारे साथ शादी करके खुश रहना चाहती हूँ

अवी- आप भावनाओं मे बह कर ऐसा बोल रही है

सी चाची- मैं होश मे हूँ

अवी-आप सोचने की शक्ति ख़तम कर चुकी है

सी चाची- तू इतना बता कि शादी करेगा या नही

अवी-अब मैं आपको कैसे समझाऊ

सी चाची- कुछ मत समझा मैं समझ गयी हूँ

अवी-आप क्या समझी

सी चाची- यही कि कल जो था वो नाटक था , तेरा प्यार झूठा है , मैं जिसे प्यार समझ रही थी वो हमदर्दी है

अवी-ये आप क्या बोल रही है

सी चाची- यही सच है , मुझे कोई प्यार नही करता , तेरे चाचा ने मुझे धोका दिया और अब तू भी मेरे साथ खेल रहा है

अवी-चाची आप कल जो बोलेगी वो करूँगा पर आज आप ये शादी करने की बात ख़तम कर दो

सी चाची- सब कुछ ख़तम हो गया , कोई मुझे प्यार नही करता , तू भी नही करता

अवी-चाची कल मंदिर मे चलके शादी करेंगे

सी चाची- ये झूठे वादे मत कर , तू भी मुझे अकेला छोड़ देगा

अवी-मैं आपको कभी अकेला नही छोड़ सकता

सी चाची- मुझे अपना लो , मैं अकेली टूट जाउन्गी , मुझे सहारा दो

अवी-आप अकेली नही हो मैं आप के साथ हूँ

सी चाची- तो मुझसे शादी कर लो मुझे अपना बना लो

अवी-मैं शादी करने को तैयार हूँ पर कल करते है

सी चाची- तो आज मंगलसूत्र पहने दो

अवी-ये नही कर सकते , जो करना है वो कल करेंगे

सी चाची- तू मुझे बहला रहा है

अवी-चाची आप सदमे है

सी चाची- मैं सदमे से बाहर आ चुकी हूँ और मुझे पता चल गया है कि मुझे कोई प्यार नही करता , सब मतलबी है , मेरे प्यार का ईस्तमाल किया अपने फ़ायदे के लिए

अवी-चाची ये आप क्या बोल रही है

सी चाची- वही जो आज मुझे पता चला है , तू सही कह रहा है शादी नही हो सकती

अवी-(चाची समझ गयी) हम कल अच्छे से बात करेंगे

सी चाची- कल

और चाची हँसने लगी

चाची को इस तरह हँसते हुए देख कर मुझे डर लगने लगा

अवी-चाची आप हंस क्यूँ रही है

सी चाची- कुछ नही , तू सो जा

अवी-आप मेरी बात को समझ ने की कोशिस करना

सी चाची- मैं तुम्हें हमेशा प्यार करती रहूंगी

और चाची ने मेरे माथे पे किस किया

और कमरे से बाहर जाने लगी

चाची को इस तरह जाते हुए देख कर अजीब सा लग रहा था

चाची को मेरी बात समझ मे आई या नही ये तो नही पता पर

आज के लिए ये बात ख़तम हो गयी

पर चाची हँस क्यूँ रही थी

मुझे चाची को ऐसे जाने नही देना चाहिए था

उनकी मेनटॅलिटी ठीक नही है

उनको अपने पास रोकना चाहिए था

मेरे पास सो जाती तो मैं परेशान नही होता

चाची को आज चाचा की वजह से झटका लगा

और मेरी बात से , शादी से मना करने से क्या उनको बुरा लगा होगा

चाची ऐसे मायूस हो कर यहाँ से गयी जिस से मैं सोचने पे मज़बूर हो गया कि मुझे क्या करना चाहिए
 
चॅप्टर 944 बी

चाची की बातों ने मुझे सोचने पे मज़बूर कर दिया

चाची अभी तक सदमे मे थी

शायद नींद मे शादी का सपना देखा होगा

और नींद से उठ कर उनको मुझसे शादी करने का दिल कर रहा होगा

मेरे प्यार को याद करके मेरी दुल्हन बन कर आ गयी

चाचा ने जो उनको धोका दिया उस से चाची खुद को विधवा समझने लगी है

चाचा मर गये है ये सोच कर मुझसे शादी करना चाहती है

आज वो सदमे मे है , कल चाची से बात करूँगा

कल तक चाची होश मे आ जाएगी

पर ये रात उनके लिए लंबी होगी

क्या चाची मेरी बात समझ गयी

चासी को कल शादी करने की बात कही है पर चाची को लगता है मैं उनसे प्यार नही करता वो अकेली है ऐसा सोचने लगी

चाची के ऐसे सोचने से मुझे उनकी चिंता होने लगी

आज जो हुआ उसके बाद इतनी जल्दी डिसिशन लेना ठीक नही होगा

चाची भावनाओं मे बह कर डिसिशन ले रही है

मुझे उनको समझाना होगा

कल उनसे बात करूँगा

एक मिनिट

चाची ने ऐसा क्यूँ कहा कि कल किसने देखा है

और मेरे कल कहने पे हँसने लगी

उनकी हसी मे मुझे कुछ कर गुजरने की बू आ रही थी

एक तो चाची की हालत ठीक नही है उपर से मैं ने शादी ना करने की बात कहीं जिस से उनको ऐसा लगा कि मैं उनको प्यार नही करता

ऐसे मे चाची ने कुछ ऐसा वैसा कर दिया तो

मुझे देख कर आना चाहिए

चाची कुछ भी कर सकती है , वो होश मे नही है , मेले मे भी ऐसा सदमा लगा था चाची को तब उनकी हालत और आज की हालत तो बहुत खराब है

मुझे जल्दी देखना चाहिए , कल किसने देखा

अगर चाची स्यूयिसाइड कर रही होगी तो

मैं बेड से उतर का खड़ा हो गया

मेरे खड़े होते ही मेरी गोद मे रखी हुई शेरवानी नीचे गिर गयी

क्या करूँ ,

समझ नही आ रहा था

जाकर देखता हूँ

मैं ने शेरवानी उठा ली, और कमरे से बाहर आ गया , मेरी नज़र बड़ी चाची के कमरे पे गयी तो उनके कमरे को बाहर से कड़ी लगी हुई थी , शायद छोटी चाची ने बंद किया होगा , विद्या का कमरा भी बाहर से बंद था

मैं छोटी चाची के कमरे की तरफ गया तो वहाँ की लाइट ऑन थी

मैं ने चुपके से अंडर देखा तो छोटी चाची अपना बैग भर रही थी

या क्या कर रही है छोटी चाची

छोटी चाची रोते हुए अपना बॅग भर रही थी

अमित के कपड़े भी बॅग मे डाल रही थी

चाचा से कही हुई बात मुझे याद आ गयी कि अमित को चाचा से दूर रखेगी

कहीं छोटी चाची अमित को चाचा से दूर रखने को घर छोड़ कर तो नही जा रही है

चाची चाचा के साथ ऐसा कर सकती है पर मुझे किस बात सज़ा दे रही है

अमित मेरा बेटा

मुझसे अमित को दूर क्यूँ कर रही है

अगर उनको ऐसे जाना होता तो मुझसे शादी की बात क्यूँ कि

सोच अवी चाची ने तुझसे शादी करने की बात क्यूँ कही

चाचा को छोड़ कर जा सकती है पर मुझे छोड़ कर क्यूँ जा रही

मुझे छोड़ कर नही जा रही है

चाची तो मुझसे नया रिश्ता बनाने आई थी

चाची और मेरा रिश्ता चाचा की वजह से बना हुआ था

चाची चाचा को मरा हुआ समझती है

खुद को विधवा समझती है

अगर चाचा ही नही है तो मैं और चाची मे क्या रिश्ता रह गया

तीनो चाची मुझसे रिश्ता जोड़ने आई थी

मुझसे शादी करना चाहती थी ताकि वो यहाँ रुक सके , इस घर को छोड़ कर ना जा सके ,

पर मैं ने शादी से मना किया तो चाची के पास दूसरा रास्ता नही रहा

चाची ने लास्ट मे कहा था कि वो मुझसे प्यार करती रहेगी

तो इसका मतलब है कि चाची मुझे छोड़ कर जा रही है

मैं ने उनको प्रॉमिस किया था कि उनको कभी अकेला नही छोड़ूँगा फिर भी , चाची को कुछ याद नही होगा सदमे मे सब भूल गयी होगी

चाची ने बड़ी चाची के बारे मे तो सोचना चाहिए

चाची ने कहा कि बड़ी चाची को कभी पता नही चलेगा और चाचा आज के बाद ऐसा दुबारा करेंगे नही तो बड़ी चाची खुश रहेगी चाचा के साथ

बड़ी चाची को खुशी दे कर अपने साथ दर्द लेकर कहाँ जा रही है

मैं छोटी चाची को कहीं जाने नही दूँगा

चाची मेरी है

चाचा ने अपना हक खो दिया

मुझे चाची का साथ देना होगा

मुझे छोटी चाची से शादी करके उनको अपना बनाना होगा

छोटी चाची से शादी करके उनको यहाँ रुकने की वजा देनी होगी

छोटी चाची से शादी करके उनको रोकना होगा

वरना बाद मे बड़ी देर हो जाएगी

अगर आज कैसे भी करके रोक लिया तो कल सुबह बड़ी चाची छोटी चाची के गले मे मंगलसूत्र नही देखेंगी तो उनको पता चल जाएगा कि क्या हुआ है

फिर तो बड़ी चाची के गले से भी मंगलसूत्र निकल जाएगा

ऐसा मैं होने नहीं दूँगा

हमारे दिल तो एक है , आज अपने नाम का मंगलसूत्र भी पहना देता हूँ

आज हमारी आत्मा भी एक ही जाएगी

मैं ने फ़ैसला किया कि मुझे क्या करना चाहिए

मैं ने शेरवानी पहन ली

और हमारे घर के मंदिर मे जाकर कुमकुम की डिब्बी उठा ली

और चाची के कमरे मे चला गया

चाची को मेरे आने की आहट हुई पर चाची ने मेरी तरफ नही देखा बस अपने कपड़े पॅक करने लगी

मैं बेड पे जाकर बैठ गया फिर भी चाची ने मेरी तरफ नही देखा , वो किस मूह से मेरी तरफ देखती

अवी-चाची कहाँ जा रही हो

सी चाची- पता नही , यहाँ से दूर जाना चाहती हूँ

अवी-और अमित

सी चाची- अमित भी मेरे साथ जाएगा

अवी-चाचा की ग़लती की सज़ा मुझे क्यूँ दे रही हो , अमित मेरा बेटा है

सी चाची- सज़ा मुझे मिल रही है

अवी-अमित मेरा बेटा है

सी चाची- मुझे अकेला करना चाहते हो

अवी-आप मुझे अकेला कर कर रही हैं

सी चाची- मैं ने तुम्हें पूछा था पर तुम खुद अकेला रहना चाहते हो

अवी-इतना बड़ा फिसला मैं इतने जल्दी कैसे कर सकता हूँ

सी चाची- कल तुमने फ़ैसला किया था और आज मैं ने शादी करने की बात कही ,

अवी-आज जो हुआ उसके बाद सोचने के लिए टाइम माँग रहा हूँ

सी चाची- कुछ फ़ैसले जल्दी लेने पड़ते है

अवी-मैने ना भी नही कहा और हाँ भी नही कहा

सी चाची- तुम्हारी खोमोशी तुम्हारा जवाब थी

अवी-जवाब लिए बिना जाएँगी

सी चाची- जाना होगा

अवी-बड़ी चाची का क्या

सी चाची- तुम्हारे चाचा है उनके लिए

अवी-पर चाचा तो

सी चाची- वो दुबारा ऐसा नही करेंगे , सुमन दीदी खुश रहेंगी

अवी-आपके बिना

सी चाची- मैं नही थी तब भी वो यहाँ खुश थी

अवी-पर आप जा क्यूँ रही है

सी चाची- जिस वजह से मैं इस घर से जुड़ी थी वो रिश्ता ख़तम हो गया

अवी- मेरे साथ जो आपका रिश्ता है उसका क्या

सी चाची- उसी रिश्ते को मज़बूत बनाने आई थी

अवी-और आपकी ज़िम्मेदारी , जिसके बारे मे आप हमेशा कहती है ,कि घर की ज़िम्मेदारी आप पे है

सी चाची- मैं हार गयी हूँ ,

अवी-आप कभी हार नही सकती

सी चाची- तू जा यहाँ से

अवी-मुझे देखे बिना जाएगी

सी चाची- तू जा यहाँ से और चाची की आँख से पानी निकलने लगा

अवी-क्या मैं आपको गिफ्ट दे सकता हूँ ,

सी चाची- तू जा यहाँ से

अवी-मैं आपके लिए एक गिफ्ट लाया हूँ , उसे ले लीजिए फिर मैं चला जाउन्गा

छोटी चाची नीचे देख रही थी

मुझसे कैसे सामना करती

मेरी तरफ देख भी नही रही थी

मैं ने अपना हाथ आगे किया जिस मे कुमकुम था

मेरे हाथो मे कुमकुम की डिब्बी देखते ही चाची ने मेरे हाथ से डिब्बी लेकर खोल के देखा

डिब्बी मे कुमकुम देख कर चाची ने मेरी तरफ देखा

मुझे शेरवानी पहने हुए देख कर उनकी आँखो से आँसू का डॅम फुट गया

और चाची मेरे गले लग कर रोने लगी

चाची फुट फुट कर रोने लगी

बाहर बारिश की वजह से चाची का रोना बाहर नही आ रहा था

दो दिन से बहुत बारिश हुई है

और दो दिन मे चाची के आँख से बहुत आँसू निकले है

चाची इतना रो सकती है कभी इस बात विश्वास नही था

चाची रो रही थी और मैं उनको चुप करा रहा था

अवी-आपका जवाब मिल गया

सी चाची- जवाब देने मे इतनी देर क्यूँ की

अवी-आपने सोचने का मौका नही दिया

सी चाची- अगर थोड़ी और देर हो जाती तो

अवी-मैं आपका साथ कभी नही छोड़ूँगा वादा किया था

सी चाची- थोड़ी देर और होती तो मैं तुम्हें खो देती

अवी-ऐसे कैसे खो देती

सी चाची- मैं यहाँ से बहुत दूर जाती

अवी-आप कहाँ भी जाती पर मैं आपको ढूँढ लेता , पूरी ज़िंदगी लगा देता आपको ढूँढने मे

सी चाची- इतना प्यार करते हो तो मना क्यूँ किया

अवी-ये सही वक्त नही है , आप जल्द बाज़ी मे फ़ैसला ले रही है

सी चाची- मुझे कुछ नही पता , इस घर से उस फॅमिली से जिस रिश्ते से जुड़ी थी वो टूट गया तो मैं यहाँ कैसे रहती

अवी-अमित की वज से आपके और मेरे बीच मे रिश्ता पैदा हुआ है उसका क्या

सी चाची- उसी रिश्ते को नाम देने को कह रही थी

अवी-नाम मे क्या रखा है

सी चाची- ज़्यादा डायलॉग मत मार , बॅग पॅक करना है

अवी-उस बॅग को तो जला दूँगा मैं

सी चाची- उसमे सिर्फ़ तेरी दी हुई साड़ी है , और कुछ नही है

अवी-बस मेरी याद ले जा रही थी

सी चाची- तेरी यादो के साथ जी लेती

अवी-अब क्या बातों मे वक्त बर्दाद करना चाहती है

सी चाची- ये ले मंगलसूत्र

अवी-कल अगर चाचा ने देख लिया तो

सी चाची- मैं किसी से नही डरती

अवी-लोगो से क्या कहेंगी

सी चाची- कोई पूछेगा तभी तो कुछ कहूँगी ना

अवी-पहले क्या करना होता है , मंगलसूत्र पहनाना होता है या कुमकुम लगाते है ,मेरी तो पहली शादी है

सी चाची- पहले मंगलसूत्र

अवी-अमित को उठा दो , अपने पापा और माँ की शादी देखेगा

छोटी चाची ने धीरे से अमित को जगाया

अमित जागते ही रोने लगा तो चाची ने उसे जल्दी चुप किया

अवी-तो अमित को साक्षी मान कर आपको अपनी बीवी बना रहा हूँ

सी चाची- अमित लकी है , वो अपनी माँ और पापा की शादी ने मजूद है

और मैं ने छोटी चाची को अपने नाम का मगलसूत्र पहना दिया

चाची के साथ इस तरह शादी होगी सोचा नही था

सब जल्दी जल्दी मे हो रहा था

कुछ नया करने को मिल नही रहा था

मेरी पहली शादी चाची से हो रही है

चाची तो मेरी ही थी अब अपना नाम का मंगलसूत्र पहना रहा था

चाची ने जल्द बाज़ी मे फ़ैसला लिया

पर वो खुश है तो मैं भी खुश हूँ

लोगो के लिए ये मंगलसूत्र चाचा के नाम का होगा और चाची के लिए मेरे नाम का होगा जो वो चाहती है

आज एक माँ अपने ही बेटे से शादी कर रही थी

चाची के चेहरे पे कल के बाद से आज हसी देखी है

मंगलसूत्र पहनने के बाद चाची ने कुमकुम की डिब्बी अपने हाथ मे रख कर आगे की

हर बार मेरे अच्छे पलों के वक्त बारिश क्यूँ होती है

शायद मेरे पापा मेरी माँ मुझे आशीर्वाद दे रहे होंगे

मैं ने एक चुटकी मे कुमकुम लिया

और छोटी चाची को अपना बना लिया

उनकी माँग को अपने नाम के कुमकुम से भर दिया

कुमकुम से माँग भरते ही चाची मेरे पैर छुने के लिए झुक गयी

चाची मेरे पैर छुयेन्गि , मैं एक कदम पीछे हो गया

सी चाची- आप मेरे पति है , ये मेरा अधिकार है

अवी-आप को पता हैं ना मेरे दिल मे कौन कौन रहता है

सी चाची- पता है , लेकिन खुश हूँ कि मैं दूसरी नही पहली बीवी हूँ आपकी

अवी-आप के लिए मैं ने ये शादी की है

सी चाची- मुझे इतना ही चाहिए था , हम पहले जैसे थे वैसे ही रहेंगे , मैं कभी भी आपकी लाइफ मे दखल नही दूँगी , बस मुझे अपने दिल मे एक छोटी सी जगह देना , और कुछ नही

अवी-आपको बुरा नही लगेगा कि मैं दूसरो के साथ , चाचा की तरह

सी चाची- मैं ने आपको वैसा बनाया है , तब पता होता कि हम कितने करीब आ जाएँगे तो कभी नही करने देती आपको वो सब

अवी-मैं भी यही सोच रहा था कि रानी और आप मे से किसे सेलेक्ट करूँ , और मैं ने आपको सेलेक्ट किया

सी चाची- मुझे आपका पूरा दिल नही चाहिए , बस अपने दिल के किसी कोने मे एक छोटी जगह देना वही रह लूँगींखुशी खुशी, बस अपने चाचा की तरह मेरा दिल मत तोड़ना

अवी-सब कुछ आपको पता है , जिस दिन आप कहेंगी अवी ये बंद करो , उस दिन बंद कर दूँगा

सी चाची- हो गये सात वचन

अवी-ज़्यादा हुए

सी चाची- हमारा प्यार भी ज़्यादा है

अवी-ये आप कहना बंद करो

सी चाची- पैर छुने दो बंद कर दूँगी

और चाची ने मेरे पैर छु कर आशीर्वाद लिया

मैं क्या आशीर्वाद दूं मुझे तो पता भी नही कैसे आशीर्वाद दिया जाता है

सी चाची- आशीर्वाद तो दो

अवी-क्रिकेट टीम बन जाए इतने बच्चों की माँ बना दूँगा

सी चाची- ऐसे थोड़े ही आशीर्वाद दिया जाता है

अवी-कहा था ना मुझे नही आता

सी चाची- तो कोच बनना है तुम्हें

अवी-पहले प्यार तो कर लूँ

और मैं ने चाची को किस किया

सी चाची- अमित देख रहा है

अवी-अमित सो भी गया है

और मैं ने चाची को प्यार करना शुरू किया

चाची को अपना बना लिया

चाची के लिए ये दिन दुख से भरे थे

पर ये दिन उनकी जीवन मे नयी खुशिया लेकर आया है

और उस खुशी का नाम है अवी
 
अपडेट 944 सी

चाची के बिना मैं कैसे रहता

मेरे बिना चाची कैसे रहती

हम दूर हो जाते तो अमित का क्या होता

इस फॅमिली का क्या होता,बिना छोटी चाची के ये फॅमिली अनाथ हो जाती

सुबह बड़ी चाची उठ कर पूछती कि छोटी चाची कहाँ है तो मैं क्या जवाब देता

अब ना कोई सवाल होगा और ना कोई जवाब देना होगा

पता नही चाची मुझे और चाचा को अलग आंगल से क्यूँ देखती है

चाचा ने भी वही किया और मैं भी वही कर रहा हूँ

मैं चाची के कहने पे करता हूँ उनको पूछता हूँ, क्या ये वजह काफ़ी है , उनकी शादी जिस विश्वास पे खड़ी रहती है वो विश्वास चाचा ने तोड़ा है

मैं कभी इस जवाब का आन्सर ढूँढ नही पाता

रानी भी मुझे नही टोकती ,और चाची मुझे पूछती है मज़ा कैसे किया

,

रानी कहती है वो मुझे प्यार करती है , चाची भी कहती है , दोनो को मेरा सच पता है, ये कैसा प्यार है , मैं समझ नही पा रहा हूँ

उनको तो जलन होनी चाहिए ,

रानी और चाची मेरे बिना ना रहने की बात करती है , और मुझे किसी और के साथ देख कर गुस्सा भी नही होती

अजीब किस्मत है मेरी ,

फिर भी मैं खुश हूँ

मेरी फॅमिली को मेरे ऐसा करने पे खुशी मिलती है , दूसरे मुझसे खुश रहते है , तो मुझे ज़्यादा सोचना नही चाहिए

मिसेज़ वर्मा को देखो उसका वीडियो था मेरे पास ,वो मना कर रही थी और वीडियो डेलीट करते ही मुझे प्यार करने को तैयार रहती है

पूजा बुआ , राज के पापा के आते ही मुझसे दूर हो जाती है पर उनके जाते ही मेरे पास आती है , पर लिमिट मे ,

क्या किस्मत है मेरी है

पता नही किसने मेरी किस्मत लिखी है ,

ज़रूर भगवान छुट्टी पे गये होंगे और कामदेव ने मेरी किस्मत लिखी है ,

अजीब सी लाइफ बन के रह गयी है मेरी

ना मुझे अपने माँ और पापा के बारे मे ज़्यादा पता है ,ना कोई बताता है ,

ऐसा लगता है कि मुझे अब तक सब झूठ बताया गया है

रानी को प्यार करता हूँ तो लगता है मैं रानी को पहले से जानता हूँ , ऐसा लगता है हमने साथ जीने की कसम खाई है , उसका प्यार करना रूठना मनाना मेरे साथ पहले भी हुआ है ऐसा ही लगता है

दूसरी तरफ कोमल, कोमल की तरफ खिचा चला जाता हूँ ,कितना रोकता हूँ खुद को फिर भी पता नही कौन सी सकती है जो कोमल और मुझे एक करने के पीछे पड़ी है , मेरा दिल कोमल की तरफ बढ़ता जाता है ,

सब एक पहेली की तरह लगता है

मेरी लाइफ एक पहेली है , जिसको जितना सॉल्व करने की कॉसिश करता हूँ उतना उलझ जाता हूँ

चाचा को तो मैं कभी समझ ही नही पाया , और अब समझना भी नही चाहता

अब तो मुझे चाची मिल गयी

आज तो मेरी शादी हुई है

आज तो मेरी सुहागरात है

चाची को मैं किस करने से अपनी सुहागरात के शुरुआत की है

चाची भी मुझे किस करके अपने शादी का तोहफा मुझे देना चाहती है

किस ख़तम होते ही चाची मुझसे दूर हो गयी

अवी-क्या हुआ चाची आप दूर क्यूँ हो गयी

सी चाची- रात बहुत हो गयी है सो जा

अवी-ये क्या नया ड्रामा है

सी चाची- 3 बज रहे है अब सो जा सुबह उठ कर कसरत करनी है

अवी-आज मेरी शादी हुई है , अब सुहागरात होगी

सी चाची- सुहागरात , ये किस ने कहा तुम्हें

अवी-शादी के बाद सुहागरात ही होती है

सी चाची- शादी के बाद दिल मिलते है और किस से दिल मिल गये

अवी-2 जिस्म एक जान होना है

सी चाची- मूवी कम देखा कर

अवी-चाची आप मज़ाक कर रही है

सी चाची- मैं मज़ाक नही करती , देखो अमित भी सो गया है

अवी-मैं तो आपको प्यार किए बिना सोउंगा नही

सी चाची- भूल गया , मैं ने क्या कहा था कि , सुमन दीदी सीमा दीदी और मैं साथ मे रहते है , उनको बताए बिना मैं कुछ नही करूँगी

अवी-ये तब की बात है , अब तो हम पति पत्नी है

सी चाची- तुम्हें रुकना होगा

अवी- तो शादी तो उनसे पूछ कर नही की

सी चाची- कुछ बात खुद करनी पड़ती है

अवी-तो क्या मुझे आप तीनो से शादी करने तक रुकना होगा

सी चाची- आइडिया अच्छा है , कितना अच्छा रहेना हम तीनो फिर से सौतन बन जाए

अवी-चाची मज़ाक नही

सी चाची- देख आज जो हुआ उसके बाद मुझे कुछ दिन चाहिए नॉर्मल होने को

अवी-शादी कर सकती है और सुहागरात करने को सोचने को टाइम चाहिए

सी चाची- अब हम एक हो गये ना , कुछ दिन तो माँग रही हूँ , मूह दिखाई मे दुल्हन को कुछ देते है मुझे कुछ दिन दे दो

अवी-आपकी जान लेने का मन हो रहा है

सी चाची- जान चाहिए तो अभी दे सकती हूँ

अवी-ये आप गहने क्यूँ

अवी-ये आप गहने क्यूँ निकाल रही हो , सुहागरात के लिए

सी चाची- गहने पहन कर कैसे सो सकती हूँ

और चाची ने गहने निकाल दिए

और मेरी बाहों मे आकर बेड पे लेट गयी

अवी-ये क्या है चाची , कुछ माँग रहा हूँ तो मना कर रही है

सी चाची- कुछ दिन रुक जाओ , और ये चाची क्या बोल रहा है मैं ने तेरे चाचा से रिश्ता तोड़ दिया है

अवी-मैं तो आपकी चाची ही कहूँगा , मुझे अच्छा लगता है और आप बात मत बदलो

सी चाची- मेरे प्यारा बेटा कुछ दिन रुकेगा नही

अवी-मस्का मत मारो

सी चाची- प्लीज़

अवी-कितने दिन ,

सी चाची- 4 महीने

अवी-4 महीने

सी चाची- तेरी एग्ज़ॅम होने तक रुक जा, तेरी फाइनल एग्ज़ॅम हुई इधर मैं इस कमरे को सज़ा दूँगी , दीदी को बताते हुए कमरे का डोर बंद कर देंगे

अवी-ये बहुत होते है 4 महीने

सी चाची- तेरी पढ़ाई ज़रूरी है और दीदी को बताना , तेरे एग्ज़ॅम होते ही दीदी को सच बता दूँगी ,

अवी-कल बता दो

सी चाची- पहले तेरे चाचा को ठीक करना है , फिर दीदी को बताएँगे

अवी-आप चाचा को तो बता रही थी

सी चाची- अच्छा हुआ तूने बताने से रोक लिया

अवी-चाचा को पता चल जाता तो वो मर जाते

सी चाची- बहुत बड़ा भूचाल आता,

अवी-पर आपने चाचा के साथ ठीक नही किया , उनको माफ़ कर देना चाहिए था

सी चाची- तेरे चाचा ने मेरे साथ जो किया क्या वो ठीक था ,मैं ने कभी तुम्हें लिमिट क्रॉस करने दी , नही , तुम्हें भी खुश रखा और तेरे चाचा से ईमानदार रही

अवी-आप ग्रेट हो

सी चाची- ग्रेट नही , अब मुझे पल्लू अपनी कमर से बाँधना पड़ेगा

अवी-क्या करने वाली हो

सी चाची- वो कल पता चलेगा

अवी-चाचा की हालत बहुत खराब है

सी चाची- और मेरी

अवी-एक तरफ चाचा और दूसरी तरफ आप , मैं तो फस गया हूँ

सी चाची- तू ज़्यादा दिमाग़ मत लगा सो जा

अवी-आपने फिर बात बदल दी, उपर उपर से तो करने दो

सी चाची- नही , सो जा अब

अवी-चाची

सी चाची- देख ज़िद करेंगा तो कपड़े निकाल कर फेक दूँगी , तब तुम्हें अच्छा लगेगा

अवी-नही

सी चाची- मैं तेरे भले के लिए कह रही हूँ

अवी-जैसा आप ठीक समझो , मैं तो जोरू का गुलाम हो गया हूँ

सी चाची- ऐसे क्यूँ बोल रहे हो

अवी-आप हुकुम जो चला रही है अपने पति पे

सी चाची- तू तो मेरा बेटा है

अवी-दिन मे बेटा रात मे सैंया कैसा रहेगा

सी चाची- मार खाएगा अब

अवी-आप ऐसे हँसते हुए अच्छी लगती है , ऐसे गुस्सा करती है तो और अच्छी लगती है

सी चाची- मस्का मत लगा

अवी-सच मे , आप को दो दिन से रोता हुआ देख रहा हूँ , आज हँसता हुआ देख कर अच्छा लग रहा है

सी चाची- मेरी हसी तू है

अवी-तो कपड़े निकालु

सी चाची- कहा ना ,अभी नही

अवी-शेरवानी पहन कर कैसे सो जाउ

सी चाची- शादी का ड्रेस है आज ऐसे अड्जस्ट कर लो देखो मैं भी वही साड़ी पहनी हूँ

अवी-ये संभालके रखते है और बिना कपड़ो के

सी चाची- मार खाएगा

अवी-रात भर ऐसे ही बातें करते है

सी चाची- कल भी मैं सोई नही थी तू तो आराम से सो गया था

अवी-आप सो जाइए मैं आपका सर दवा देता हूँ

सी चाची- तेरी बाहों ने सोना है मुझे

और चाची मेरे हाथ पे सर रख कर सोने लगी

अवी-चाची सुहागरात को सोते नही है

सी चाची- मैं खुद तुम्हें सोने नही दूँगी उस दिन , अब सो जा

अवी-सो जाता हूँ

अवी- भगवान ऐसी बीवी किसी को मत देना

सी चाची- मैं इतनी बुरी हूँ

अवी-इसका दूसरा मीनिंग क्या होता है

सी चाची- क्या होता

अवी-कि आप जैसी कोई नही भगवान ऐसी बीवी किसी को मत देना बस मुझे देना

सी चाची- सो जा , मुझे नींद आ रही है

और चाची अपने सारे दर्द को भुला कर मेरी बाहों मे आराम से सो गयी

दो दिन बहुत भारी थे , मुश्किल थे चाची के लिए

उस 2 दिन मे चाची ने जो बर्दास्त किया उसे सोच कर रोना आ जाता है

छोटी चाची थी जिस से उन्होने से डॅट के सामना किया

आगे बड़ी चाची या सीमा चाची होती तो क्या होता ये सोच कर डर लगता है

चाची ने 2 दिन मे दर्द ही दर्द बर्दास्त किया और अब हॅपी एंडिंग के साथ चैन से सो गयी

छोटी चाची आँख बंद करते ही सपने देखने लगी

उनके चेहरे से सारे टेन्षन गायब हो चुके थे , उनके मासूम चेहरे को देख कर मुझे उनपे प्यार आ गया

चाची ने कुछ देर के लिए तो मुझे डरा दिया था

चाची से दूर जाने की बात से मेरा दिल रो रहा था

और मैं ने उनके फ़ैसले मे उनका साथ देकर उनको जाने रोक लिया

अगर मैं ने चाची का दिल तोड़ा तो चाची जिंदा नही रहेंगी

मेरी ज़िम्मेदारी भी बढ़ गयी

मेरी शादी जो हुई है

एक दुनिया की सबसे स्मार्ट औरत से मेरी शादी हुई है

बस जल्दी हमे अपना प्यार से भरा हुआ घर बसाना है

पर चाची ने शादी क्यूँ की , क्या चल रहा है चाची के दिमाग़ मे ये पता करना बहुत मुश्किल होता है , शादी से पहले सदमे जैसी हरकत कर रही थी और शादी होते ही निर्मल लग रही थी , इस का जवाब तो चाची मुझे कभी नही देगी

पर उस से पहले कल क्या होगा ये बात मुझे सो ने नही दे रही थी

चाचा कौन सा मूह लेके यहाँ आएँगे

आए तो चाची उनका स्वागत किस अंदाज़ मे करेंगी

चाचा अपनी कसम पूरी करेंगे या नही

हमारी फॅमिली पे क्या असर होगा

कुछ समझ नही आ रहा था

दुआ कर रहा था कि कल का सूरज नयी उम्मीद लेकर आए
 
अपडेट 945

चाची के साथ मैं अपने जीवन के नये सपने सजाने लगा

एक पल मे चाची विधवा हो गयी

और दूसरे ही पल मेरी हो गयी , मुझसे शादी कर ली

वैसे हम दिल से एक दूसरे के कब से हो चुके थे , पर मंगलसूत्र की शक्ति अलग होती है आत्मा को एक कर देती है

चाची और मैं मीठे मीठे सपने देखते हुए सो गये

हम तीनो भूल ही गये कि दूसरे कमरे के डोर बाहर से बंद किए थे छोटी चाची ने

बड़ी चाची की आदत है सुबह जल्दी उठने की

सुबह होते ही छोटी चाची को अपने पास ना देख कर बड़ी चाची डर गयी , और डोर बाहर से बंद देख कर और ज़्यादा डर गयी

बड़ी चाची हमे आवाज़ देने लगी

छोटी चाची तो आराम से सो रही थी पर मेरी नींद खुल गयी ,

मैं ने उठ कर देखा तो छोटी चाची सो रही थी

फिर चीख कौन रहा है

मुझे बात पता चलते ही मैं ने छोटी चाची को जगाया

अवी-चाची उठो , बड़ी चाची बुला रही है

सी चाची- क्या हुआ

अवी-अपने उनके कमरे का डोर बाहर से बंद किया ना

सी चाची- भूल गयी मैं , तू अपने कमरे मे जा और ये शेरवानी निकाल कर सो जा मैं देखती हूँ

अवी-आप भी साड़ी चेंज करो

छोटी चाची ने साड़ी निकाल दी और गाउन पहन लिया

सामने बेड के नीचे सरका कर डोर खोलने चली गयी

मैं तो अपने कमरे ने आकर सो गया

छोटी चाची संभाल लेगी

कुछ देर सोने के बाद बड़ी चाची ने मुझे जगाया

ब चाची- अवी उठो

अवी-सोने दो ना चाची

ब चाची- अपने चाचा को नाश्ता दे कर वापस सो जाना उठो

अवी-(चाचा का नाम सुनते ही मैं एक झटके मे उठ गया , चाचा की हालत तो बहुत खराब थी , मुझे जल्दी जाकर देखना होगा ) 2 मिनिट चाची ,आप टिफिन पॅक करो मैं चेहरे पे पानी मार कर आता हूँ

और मैं भाग कर बाथरूम मे चला गया

ब चाची- इसे क्या हो गया ,

और बड़ी चाची ने मुझे टिफिन दिया और मैं भाग कर खेत मे आ गया

खेत मे अभी तक कोई आया नही था

मैं घर3 की तरफ आ गया

मुझे चाचा की फिकर होने लगी , उनको कुछ हुआ तो नही ना

मैं ने पहले खिड़की से देखा तो कमरे मे पैसे वैसे ही गिरे थे , पर बेड पे चाचा नही थे ,

चाचा को ना देख कर मैं डर गया ,, चाचा के दोस्तो की बाइक भी नही है ,शायद चाचा के दोस्त चाचा को हिस्पिटल मे लेकर गये होंगे

मैं सोच रहा था कि बाथरूम से चाचा आ गये

चाचा धीरे धीरे चल रहे थे

मेरे मलम लगाने से थोड़ी राहत मिली होगी चाचा को

चाचा वापस बेड पर बैठ गये , उनकी पीठ पर कल के निशान साफ दिख रहे थे

चाचा ने एक फोन किया , दीवान जी को बुला लिया

मैं क्या करूँ , टिफिन दूं या नही दूं ,मुझे चाचा ने कुछ पूछा तो क्या कहूँगा

मैं ने टिफिन को घर3 के डोर के सामने रख दिया , और दूर जाके पत्थर डोर पर मारा जिस से चाचा ने डोर खोल दिया

मुझे वापस जाते हुए समझ गये कि टिफिन मैं लाया हूँ , टिफिन के पास सुमन नाम पढ़ कर समझ गये कि ये बड़ी चाची ने भेजा है

छोटी चाची ने बड़ी चाची को कुछ नही बताया ये चाचा समझ गये

मैं ने अपना काम कर दिया उस से ज़्यादा मैं चाचा के लिए कुछ नही कर सकता

चाचा को नाश्ता दे कर मैं घर आ गया

घर आते ही मैं ने छोटी चाची को देखा तो उनके चेहरे पे पहले वाली रोनक देख कर अच्छा लगा .

लग ही नही रहा था कि कल छोटी चाची रोई हो

कल की चाची और आज की चाची मे फरक था

बड़ी चाची ने पूछा की चाचा ने क्या कहा तो मैं ने बताया वो सो रहे थे जिस से ज़्यादा बात नही हुई

छोटी चाची ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और अपने गले मे मेरे नाम का पहना हुआ मंगलसूत्र मुझे दिखाने लगी

सीमा चाची से छुपा कर रखा वरना पूछती कि नया वाला कब बनवाया

ऐसा लग ही नही रहा था कि कल तूफान आया था

सब पहले की तरह नॉर्मल लग रहा था

पूनम दीदी की तरफ से कोई खबर नही आई और ना ही पूजा बुआ का फोन आया

सीतल दीदी कल शहर गयी थी वो बारिश के वजह से वापस आई कि नही कुछ पता नही था

मैं एक चक्कर उधर लगाने जा सोच रहा था पर अगर चाचा यहाँ आ गये तो

मैं अपनी फॅमिली देखु या पूनम दीदी को , थोड़ा सेलफ्फिश बनना पड़ता है

उसे तो मुझे फोन करना चाहिए था

मंडे से मेरी एग्ज़ॅम भी है , कोमल तो पढ़ाई मे लगी थी ,उसके पास भी नही गया तीन दिन से

आज वापस अपनी नॉर्मल लाइफ जीना शुरू करता हूँ

वरना छोटी चाची कम मार्क देख कर मुझे मार डालेगी

मैं ने नाश्ता कर लिया ,

और पढ़ाई करने लगा ,

पर मेरा दिमाग़ चाचा की नेक्स्ट चाल पे लगा ही था , , जल्दी ये सब निपट जाए तो अच्छा होगा

मेरी नज़र किताब मे कम घर के गेट की तरफ ज़्यादा थी

और गेट ओपन होने की आवाज़ सुनते ही मैं ने किताब बंद की

ये क्या , ये तो पूजा बुआ है

पूजा बुआ क्यूँ आई हैं ,

शायद मुझे कुछ बताने आई हो कल क्या किया उन्होने ने

पर उनके एक्शप्रेशन कुछ और बता रहे थे

पता नही पूजा बुआ ने ज्योति का बुरा हाल किया या ज्योति ने कोई नया गेम खेल लिया

विद्या - बुआ आप , मैं चाची को बता कर आती हूँ , आप बैठिए

पूजा बुआ- टी नाश्ता कुछ मत करना मैं जल्दी मे हूँ

विद्या ने चाची को बुला लिया

म चाची- दीदी आप , इतनी सुबह सुबह क्या बात है

पूजा बुआ- ऐसे घूमते घूमते आ गयी , सुमन कहाँ है

म चाची-दीदी बच्चों को दूध पिला रही है , आप बैठो

पूजा बुआ- मैं अवी के पास बैठ जाती हूँ तुम अपना काम कर लो

म चाची- मैं तो आराम कर रही थी मुझे कोई काम.नही है

पूजा बुआ- (क्या करूँ मुझे अवी से अकेले मे बात करनी है ) मेरे लिए पकोडे बना दे बहुत दिन हो गये तेरे हाथ के पकोडे खाए हुए

म चाची- अभी बनती हूँ , विद्या चलो मेरे साथ

विद्या- पर बुआ ने तो कहा था कि उनको नाश्ता नही करना है

पूजा बुआ- सीमा के हाथ के बने पकोडे खाने का दिल कर रहा है , सीमा गरम गरम पकोडे खिला देगी तो मैं नाश्ता क्या खाना खा लूँगी

पूजा बुआ की बात से सीमा चाची खुश हो गयी , उनको खुद की तारीफ सुनना अच्छा लगता है

सीमा चाची के रशोई घर मे जाते ही पूजा बुआ मुझे मेरे कमरे मे ले गयी

पूजा बुआ - अवी ,

अवी-क्या बात है बुआ , सब ठीक हैं ना

पूजा बुआ - कुछ ठीक नही है , सब गड़बड़ हो गयी

अवी-क्या हुआ

पूजा बुआ - जैसा प्लान तुम ने बनाया था वैसा कुछ भी नही हुआ

अवी-हुआ क्या वो तो बताइए

पूजा बुआ - तुमने कहा कि ज्योति को तुम और पूनम रंगे हाथ पकड़ोगे

अवी-हाँ, और हमने पकड़ा भी

पूजा बुआ - फिर पूनम अकेली घर क्यूँ आई

अवी-पूनम दीदी के साथ ज्योति बुआ नही थी

पूजा बुआ - नही ,

अवी-तो ज्योति बुआ कहाँ गयी

पूजा बुआ - वो अपने शहर2 चली गयी

अवी-पूनम दीदी कहाँ है

पूजा बुआ - वो यही है , काफ़ी परेशान है वो

अवी-पूनम दीदी ने आपको कुछ बताया

पूजा बुआ - इतना कहा कि ज्योति शहर2 चली गयी है

अवी-शुरू से बताइए पून्म दीदी ने क्या क्या कहा और क्या हुआ

पूजा बुआ - जैसा प्लान बनाया था मैने उसके हिसाब से स्वेता को शहर भेज दिया ताकि उनको पता ना चले , ज्योति दोपेहर मे घर से निकल गयी , पूनम उसके कुछ देर बाद तुम्हारे यहाँ आ गयी

अवी-और हमने रंगे हाथ ज्योति बुआ को पकड़ लिया

पूजा बुआ - प्लान ये था कि ज्योति और पूनम साथ मे घर आएँगे , और मैं ज्योति की अच्छी खबर लूँगी

अवी-हाँ , पूनम दीदी ज्योति बुआ के पीछे पीछे आई थी

पूजा बुआ - लेकिन घर पे सिर्फ़ पूनम आई , और रोने लगी

अवी-पूनम दीदी ने क्या बताया

पूजा बुआ - इतना ही कि ज्योति को रंगे हाथ पकड़ा फिर वो वहाँ से भाग गयी , पूनम ने ज्योति का पीछा किया पर उसको पकड़ पाती , उस से पहले 4 बजे की बस मे ज्योति बैठ गयी थी , पूनम के कुछ करने से पहले बस निकल गयी

अवी-ज्योति बहुत शातिर है

पूजा बुआ - वो मुझे पता था , हमारा प्लान खराब था , मुझे आना चाहिए था रंगे हाथ पकड़ने

अवी-ग़लती पूनम दीदी की है

पूजा बुआ - उसने क्या किया

अवी-अपनी माँ को 7 आदमियो के साथ देख कर टूट गयी और प्लान के हिसाब से कुछ नही किया , और इसका फ़ायदा ज्योति ने उठा लिया

पूजा बुआ - वो क्या करती , उसने जो देखा उस से उसकी हिम्मत ने जवाब दे दिया

अवी-थोड़ी हिम्मत से काम लेती तो सब ठीक हो जाता

पूजा बुआ - अब क्या करे

अवी-अब तो ज्योति बुआ कुछ ना कुछ ज़रूर सोचेंगी जिस से पूनम दीदी के सामने जो सच था उसे झूठ बना देगी

पूजा बुआ - मुझे भी ऐसा ही लग रहा है

अवी-पूनम दीदी ने सब काम चोपट कर लिया

पूजा बुआ - पर तुमने ज्योति बुआ को हॅंडल क्यूँ नही किया तुम भी तो ज्योति को घर ला सकते थे

अवी-उस 7 आदमी को मारने के चक्कर मे ज्योति बुआ हाथ से निकल गयी , हमे पता नही था कि वहाँ इतने लोग होंगे

पूजा बुआ - अब क्या करे

अवी-अब कुछ नही हो सकता , ज्योति बुआ बहुत शातिर है

पूजा बुआ - पूनम का तो बुरा हाल हो गया है

अवी-आप उसको संभाल लेना , और हाँ ज्योति की कुछ खबर मिली कहाँ गयी वो

पूजा बुआ - वही तो बताने आई थी , ज्योति का आक्सिडेंट हुआ है , शहर2 के हॉस्पिटल मे अड्मिट है , अभी मुझे फोन आया था ,

अवी-पूनम दीदी को पता है

पूजा बुआ - अभी तक नही बताया

अवी-ज्योति बुआ का कोई आक्सिडेंट नही हुआ है , खुद की बचाने के लिए आक्सिडेंट का नाटक किया होगा

पूजा बुआ - मुझे भी यही लगा था , पर डॉक्टर का खुद फोन आया था

अवी-छोटा सा आक्सिडेंट खुद करवाया होगा , अगर उनको थोड़ा भी अपनी ग़लती का अहसास होता तो वो भागती नही , और आक्सिडेंट यहाँ भी हो सकता था पर शहर 2 मे क्यूँ हुआ ये सोचा है आपने

पूजा बुआ - क्या मतलब

अवी-यहाँ पूनम दीदी को आपका सपोर्ट मिलेगा ये बात ज्योति बुआ को पता है , ऐसे मे वो अकेले मे पूनम दीदी से बात करके आक्सीएंट का बहाना बना के सब संभालना चाहती है

पूजा बुआ - ज्योति तो कमीनी निकली

अवी-वो बहुत शातिर है , आक्सिडेंट की वजह से पूनम दीदी को सुहांभूति होगी, और एक झूठी कहानी बता देगी

पूजा बुआ - और पूनम फस जाएगी उनकी बातों मे

अवी-हाँ ,

पूजा बुआ - कुछ करो ना अवी , पूनम मेरी बेटी जैसी है उसको रोता हुआ देख कर अच्छा नही लग रहा

अवी-आप अभी पूनम दीदी को कुछ मत बताना , आप पूनम दीदी के साथ शहर2 चली जाइए

पूजा बुआ - वो तो जाना ही होगा उसे मैं अकेली नही जाने दूँगी

अवी-और वहाँ जाकर पहले ज्योति बुआ की बात सुन लेना ,

पूजा बुआ - फिर

अवी-फिर पूनम क्या कहती है वो देखना

पूजा बुआ - फिर

अवी-पूनम दीदी ने माफ़ किया तो उनको समझाना कि ये ज्योति बुआ की चाल है

पूजा बुआ - वो मेरी बात नही मानेगी तो

अवी-मानेगी भी नही , आक्सिडेंट की वजह से ज्योति बुआ की साइड मज़बूत हो गयी है

पूजा बुआ - तो

अवी-आप पूनम दीदी से इतना कहना कि , ज्योति बुआ पे नज़र रखना , उसे सच पता चल जाएगा

पूजा बुआ - अभी पूनम को ऐसा होगा बता दिया तो

अवी-कुछ फ़ायदा नही होगा , ज्योति बुआ बहुत शातिर है , वो कैसे ना कैसे पूनम दीदी को अपने जाल मे फसा लेगी

पूजा बुआ - मुझे क्या करना होगा

अवी- पूनम दीदी को वही रहने देना , और आप पूनम दीदी को समझा कर चली आना , क्यूँ कि जब तक पूनम दीदी खुद ज्योति बुआ को थप्पड़ नही मारेंगी ज्यो ती बुआ रुकेंगी नही

पूजा बुआ - पूनम का दिल कमज़ोर है

अवी-आप बेफिकर रहिए ,मेरी एग्ज़ॅम हो जाने दीजिए , फिर मैं देख लूँगा , अगर एग्ज़ॅम ना होती तो अभी पूनम दीदी के साथ ज्योति बुआ के पास जाता ( चाचा और चाची की वजह से मैं घर से बाहर नही जा सकता )

पूजा बुआ - तूने इतना किया यही काफ़ी है , मैं पूनम की लेकर शहर2 जाती हूँ तू घर की तरफ एक चक्कर लगा देना

अवी-जी , अगर कुछ ज़्यादा ड्रामा हो , शहर2 मे तो मुझे फोन करना

पूजा बुआ - तुझसे टच मे रहूंगी

म चाची- दीदी गरमा गरम पकोडे

ब चाची- आप कब आई ,

पूजा बुआ - कुछ देर हो गयी , सीमा के हाथ के पकोडे खाने आ गयी

ब चाची- सीमा पकोडे बढ़िया बनाती है , मुझे भी देना सीमा

म चसची- सबके लिए लाई हूँ , पकोडे वित चटनी

सीमा चाची के हाथ के पकोडे खाने मे मज़ा आ गया

पूजा बुआ को जाना भी था

पूजा बुआ ने बड़ी चाची को बताया कि कल ज्योति बुआ यहाँ से शहर2 चली गयी तो रास्ते मे उनका आक्सीडेंट हुआ है ,

आक्सिडेंट की बात सुनते ही चाची ने उनको जल्दी शहर2 जाने को कहा और स्वेता को उनके भरोसे छोड़ जाने को कहा

पूजा बुआ ने मुझे फोन करने की बात कही और सीमा चाची का दिल रखने के लिए कुछ पकोडे अपने साथ ले गयी

बड़ी चाची ने मुझे पूजा बा घर छोड़ने को कहा

पूजा बुआ के घर जाते ही पूनम दीदी मेरे गले लग कर रोने लगी

मैं ने उनको बड़ी मुश्किल से शांत किया ,

स्वेता दीदी को लगा कि ज्योति बुआ की आक्सिडेंट की बात सुनकर पूनम दीदी रो रही है

पर बात अलग थी

मैं ने पूनम दीदी को हिम्मत से काम लेने की बात कही और उनको कहा कि कुछ भी हो तो मुझे फोन करना

फिर मैं ने पूजा बुआ और पूनम दीदी को बस मे बैठा दिया और अपने घर आ गया
 
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