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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 945आ

मुझे पता था ,ऐसा ही कुछ होगा

जिस वक्त पूनम दीदी ने अपनी हिम्मत हार दी उसी वक्त बाज़ी ज्योति बुआ के हाथ मे चली गयी

ज्योई ब्या ने क्या खूब सोचा , आक्सिडेंट का बहाना बना कर आदि लड़ाई जीत ली , क्यू की सन्नी का भी आक्सिडेंट हुआ था ऐसे मे पूनम दीदी कमज़ोर पड़ जाएगी

और आधी लड़ाई अपनी झूठी कहानी बता कर जीत लेगी

सब पूनम दीदी पे डिपंड करता है कि वो क्या करती है

पूनम दीदी को कहा था की उसी वक्त थप्पड़ मार दो पर मेरी नही सुनी और अपने पाँव पे खुद कुल्हाड़ी मार ली

मुझे अपनी फॅमिली के बारे मे पहले सोचना था

वरना मैं पूनम दीदी के साथ शहर2 चला जाता

चाचा और चाची के बीच मे मुझे प्रेज़ेंट रहना ज़रूरी है

चाचा अब क्या करते है वो देखना था

2 दिन से घर नही आए थे

बड़ी चाची भी परेशान थी

छोटी चाची अलग वजह से परेशान थी

पूजा बुआ को बस मे बिताने के बाद मैं घर गया तो मुझे दीवान जी दिखे

मतलब चाचा घर आ चुके है

अवी- दीवांजी आप , सुबह सुबह इधर कैसे आना हुआ

दीवान जी- तुम्हारे चाचा के साथ आया हूँ

अवी- क्या हुआ चाचा को सब ठीक हैं ना

दीवान जी मुझे सच बताते बताते रुक गये

दीवान जी - ऐसे ही आ गया

चाचा ने कहा होगा कि सच किसी को मत बताना

दीवान जी से मुझे हॉस्पिटल की स्मेल आ रही थी

मतलब दीवान जी चाचा को हॉस्पिटल लेकर गये थे

मैं चाचा को ढूँढने लगा पर चाचा दिखे नही

पर चाची के कमरे से कुछ आवाज़ आ रही थी

मैं कमरे मे गया तो तीनो चाची वहीं थी और चाचा बच्चों के पास बैठे थे

कोई कुछ नही बोल रहा था , सिर्फ़ बच्चों की खेलने की आवाज़ आ रही थी

ब चाची- अवी आ गया , पूजा दीदी को बस मे बैठा दिया

अवी- जी

चाचा समझ गये कि छोटी चाची ने बड़ी चाची को कुछ नही बताया

चाचा को तो खुश होना चाहिए था

पर चाचा के चेहरे पे खुशी नही दिख रही थी

छोटी चाची की आँख मे गुस्सा दिख रहा था

चाचा भी समझ गये कि छोटी चाची अभी तक गुस्सा है

और छोटी चाची के गले मे मंगलसूत्र देख कर शॉक्ड हुए होंगे कि मंगलसूत्र तो उनके पास है

पर चाचा को लगा होगा कि बड़ी चाची को पता ना चले इस लिए छोटी चाची ने दूसरा मंगलसूत्र बना लिया

मंगलसूत्र देख कर चाचा को लगा आधी माफी उनको मिल गयी पर बाकी वो खुद को बदल कर अच्छा पति अच्छा बाप बनकर माँग लेंगे

बड़ी चाची तो खुश थी , 2 दिन बाद चाचा घर आए थे

चाचा ने अपने ज़ख़्मों को छिपा कर रखा था

चाचा को छोटी चाची से माफी माँगने एक रास्ता दिख रहा था वो था अमित

चाचा ने अमित को प्यार करके छोटी चाची का दिल जीतना होगा

चाचा अमित को प्यार करने के लिए उठाने लगे थे कि छोटी चाची अपनी जगह से उठ गयी और अमित की अपनी गोद मे ले लिया

छोटी चाची की इस हरकत से चाचा समझ गये कि ये गुस्सा इतनी जल्दी ख़तम नही होगा

चाचा ने सिर्फ़ एक स्माइल की ताकि बड़ी चाची कुछ ग़लत ना समझ ले

छोटी चाची अमित को उठा कर अपने कमरे ने चली गयी

बड़ी चाची को ये अजीब तो लगा पर चाचा ने बात हसी मे उड़ा दी

चाचा- अमित को भूक लगी होगी

ब चाची- भूक तो आपको भी लगी होगी

चाचा- हाँ , बहुत भूक लगी है , 2 दिन से ठीक से खाना नही खाया ,

ब चाची- मैं अभी गरम करके लाती हूँ

चाचा- आराम से बनाना , और सीमा कुछ मीठा बना देना तब तक मैं मीना के पास जा रहा हूँ

चाचा करना क्या चाहते है

बड़ी चाची और सीमा चाची रशोई घर मे चली गयी

चाचा की नज़र मुझपे पड़ी

चाचा-इधर आ

अवी-जी

मैं चाचा के पास गया

मुझे लगा ही था कि उस के बाद चाचा और मेरा 36 का आकड़ा हो जाएँगा

मैं चाचा के पास चला गया

चाचा - कहाँ था तू

अवी-पूजा बुआ के घर गया था (ज्योति बुआ के बारे मे बताऊ कि नही , बड़ी चाची से तो पता चल जाएगी )

चाचा - किस लिए गया था

अवी-वो वो वो मैं

चाचा - बोलना

अवी-पूनम की माँ ज्योति बुआ का शहर2 मे आक्सिडेंट हुआ है , पूजा बुआ को बस मे बैठाने गया था

चाचा - कौन ज्योति , मैं ने ये नाम पहले तो नही सुना

चाचा के बात ने मुझे हिला कर रख दिया

अवी-आप ज्योति बुआ को नही जानते , पूनम की माँ

चाचा - मैं किसी ज्योति को नही जानता , तू भी दुबारा ऐसे बिना पहचान के लोगो का नाम मत लेना

चाचा की बात से मैं शॉक्ड हो गया

चाचा उस औरत को भूल जाना चाहते है जिस की वजह से उनकी जिंदगी खराब जो गयी

हस्ती खेती फॅमिली पे दाग लग गया

चाचा की इस बात से मुझे अच्छा लगा

अवी-मैं भी नही जानता , पता नही कौन है वो

चाचा - वैसे तू बड़ा हो गया है और ज़िम्मेदार भी

अवी-जी

चाचा - अपनी चाची का साथ ऐसे ही देते रहना उनको अकेला मत छोड़ना ,तेरे जैसे बेटा पा कर तेरी चाची धन्य हो गयी

चाचा ये क्या बोल रहे है

मुझे तो लगा वो गुस्सा करेंगे

पर यहाँ तो चाचा मुझे अच्छी बातें बता रहे थे

अवी-जी

चाचा - तूने जो किया की वजह से मैं तुझ पर गुस्सा नही हूँ , तूने अपनी चाची का साथ दिया इस पे मैं खुश हूँ ,

इतना बोल कर चाचा कमरे से बाहर चले गये

चाचा तो एक रात मे सुधर गये है

चलो अच्छा है चाचा अपनी बात पूरी कर रहे है

देखते है चाचा कब तक साधु बन कर रहते है

मैं भी चाचा के पीछे पीछे हॉल मे आ गया

चाचा हॉल मे आकर चेयर पे बैठ कर छत की तरफ देख रहे थे

दीवान जी इस इंतज़ार मे थे कि उनको क्या करना है वो पता चल जाए

उतने मे छोटी चाची ने चाचा को आवाज़ दी

सी चाची- मुझे आप से बात करनी है

कल तो चाची आप से तुम पर आ गयी थी और आज वापस आप , शायद दीवान जी के वजह से आप कहा होगा , अगर चाचा की इज़्ज़त नही रही तो उनके नौकर उनकी बात नही मानेंगे

छोटी चाची की बात सुनते ही चाचा के चेहरे पे चमक आ गयी

उनको उम्मीद की किरण नज़र आने लगी

चाचा एक झटके मे खड़े हो गये बिना अपने दर्द की परवाह किए

सी चाची- अवी तू भी चल

मेरे रहने से चाची को हिम्मत मिलती है ,

मैं चाचा के साथ उनके कमरे ने चला गया

चाची ने डोर बंद किया और मोबाइल पे सॉंग लगा दिया ताकि आवाज़ मिल कर बाहर जाए

चाचा - मीना

सी चाची- मेरा नाम कभी मत लेना ,

अवी-चाची आपने क्यूँ बुलाया

चाचा - मुझे माफ़ कर दो

सी चाची- तुमको बोलने के लिए नही सुनने के लिए बुलाया है , चुप चाप सुनो जो मैं कहना चाहती हूँ

चाची तो गरम मूड मे है

अवी-चाची बात क्या है

सी चाची- तू भी चुप रह

अवी- जी

मैं चुप चाप उनकी बातें सुनने लगा

सी चाची - तुम ने जो किया उसके लिए मैं तुम्हें कभी माफ़ नही करूँगी

चाचा - मैं तुमसे माफी माँग कर रहूँगा

सी चाची-तुम कुछ भी करो मुझे उस से कुछ नही करना , तुम.अमित से दूर रहो

चाचा - ये नही कर सकता वो मेरा बेटा है ,

सी चाची-वो हक तुम खो चुके हो

चाचा - मैं अपना हक वापस पा के रहूँगा उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े वो भी करूँगा

सी चाची-मैं भी सुनूँ कि तुम करना क्या वाले लो

चाचा - मैं वो सब चीज़े छोड़ दूँगा जो तुम्हें , सुमन और सीमा को दर्द देती है ,

सी चाची-तो जाके कुएँ मे मर जाओ

चाचा - वो भी कर लेता पर मैं इतना ख़ुदग़र्ज़ नही हूँ कि अपनी फॅमिली को अकेला मुशिबत ने छोड़ कर सुसाइड कर लूँ

चाचा मज़बूत दिल वाले है

उनकी सोच मुझे अच्छी लगी वरना ऐसे हालत मे लोग स्यूयिसाइड करके अपनी फॅमिली को और नुकसान पहुँचा देते है

सी चाची-जो करना है वो करो पर अमित से दूर रहना

चाचा ने इस बार कुछ नही कहा

सी चाची-डरो मत मैं ने सुमन दीदी को कुछ नही बताया है , सुमित से तुम प्यार कर सकते हो

चाचा - ये तुम्हारा अहसान होगा मुझ पे , सुमन को ना बता कर तुम ने मेरी जान बचा कर इतना बड़ा उपकार किया है

सी चाची-अगर तुम ने एक छोटी सी भी ग़लती की तो घर मे आना बंद कर दूँगी

चाचा - शिकायत का मौका नही दूँगा

सी चाची-और मुझसे तो दूर रहना , मेरे सामने आए तो तुम्हारी इज़्ज़त उतार दूँगी सबके सामने

चाचा - मैं तुम्हें रोकुंगा नही , क्यूँ कि मैं इसी लायक हूँ

सी चाची-और तुम अपना सब ....

चाचा - ......अधिकार खो चुके हो

चाचा - पता है मुझे , तुम जो कहोगी वही करूँगा

सी चाची-हमारी जितनी प्रॉपर्टी है , तुम्हारे नाम , अवी के दादाजी के नाम उनको कॅल्क्युलेट करो

चाचा - मैं दीवांजी को साथ लाया हूँ

चाची करना क्या चाहती है

मेरी तो समझ मे नही आ रहा

सी चाची-कल तुम जो पैसे उड़ा रहे थे वो तुम्हारे अकेले के नही थे उनपे सबका हक था

चाचा - तुम सही कह रही हो

सी चाची-तुम अपने बच्चों का फ्यूचर उड़ा रहे थे

चाचा - दुबारा ऐसा नही होगा

सी चाची-तुम्हें ऐसा करने के लायक नही छोड़ूँगी

चाचा - मुझे क्या करना होगा

सी चाची-सारी प्रॉपर्टी कॅल्क्युलेट करो , और उसको 4 हिस्सों मे डिवाइड करो , 50% अवी के नाम , और बाकी के 50% अमित सुमित और परी के नाम

चाचा - मैं आज ही दीवान जी को पेपर बनाने को कह दूँगा , सही कर रही हो तुम ,मेरे पास रहेंगे पैसे तो मेरा मन फिर भटक जाएगा

सी चाची-तुम ने मना ना करके अच्छा किया वरना

चाचा - तुम जो कहोगी वही होगा , पर अवी के पापा की प्रॉपर्टी उसका क्या करूँ

सी चाची-वो अवी की है , वो अवी के नाम कर दो , तुम्हारी और दादाजी की प्रॉपर्टी मे से अवी को 50% दो

चाचा - कर दूँगा

चाची ने मेरे नाम इतनी प्रॉपर्टी क्यूँ की ,

अपने बच्चों के नाम भी कर सकती है

देखा जाए तो दादाजी की प्रॉपर्टी मेरे पापा और चाचा की बराबर की है

मेरे पापा की मुझे और चाचा की उनके बच्चों के नाम कर रही है

सी चाची-और आज के बात मुझे हर दिन का हिसाब चाहिए

चाचा - दीवान जी को मैं बोल दूँगा कि तुम्हें हिसाब दिखाए

सी चाची-और तुम हर घंटे बाद घर आओगे , 2मिनिट के लिए

चाचा - नज़र रख रही हो

सी चाची-ऐसा ही समझो

चाचा - तुम जैसा कहोगी वैसा ही करूँगा , हर घंटे के बाद घर आकर अपनी हाज़िरी लगा दूँगा , अपने साथ दीवान जी को रखूँगा ताकि तुम उनको पूछ सको, अगर दीवान जी पे विश्वास ना हो तो तुम किसी और को मेरे साथ रख सकती हो , रात मे कभी बाहर नही रुकुंगा

सी चाची-बोल तो रहे हो करने की हिम्मत है

चाचा - एक बार विश्वास तोड़ा है , दुबारा टूटने नही दूँगा , बस सुमन को कुछ मत बताना

सी चाची-ठीक है नही बताउन्गी

सी चाची-और हाँ अपने दोस्तो के साथ मैं ने तुम्हें देखा

चाचा - तो मैं खुद तुम्हें लकड़ी दूँगा ,

सी चाची-समझदार हो गये हो

चाचा - मुझे मेरी ग़लती का अहसास हुआ है

सी चाची-देखते है कितने दिन अपनी बात का पालन करते हो

चाचा - जब तक तुम माफ़ नही करोगी

सी चाची-भूल जाओ , और हाँ अवी को कुछ कहा तो समझ लेना कि

चाचा - उसे मैं क्यूँ कुछ कहूँगा , मैं तो खुश हूँ कि वो तुम्हारे साथ है , बस दुख इस बात का है कि अवी ने पहले ये सब क्यूँ नही किया , बात इतनी आगे नही जाती

सी चाची-और देर करता तो अपने बच्चों को कटोरा लेकर देखते तुम

चाचा - ऐसा अब नही होगा

सी चाची-अब अपना चेहरा लेकर यहाँ से जाओ , इस कमरे मे दुबारा कभी मत आना

चाचा -मैं हॉल मे सो लूँगा

सी चाची-देख क्या रहे हो निकलो कमरे से बाहर

चाचा - एक बार अमित को प्यार कर सकता हूँ

चाची ने कुछ नही कहा ,

चाचा को उनका जवाब मिल गया

चाचा ने अमित को अपनी गोद मे उठा लिया और उसको किस करके कमरे से बाहर चले गये

चाची ने ये क्या किया

करना क्या चाहती है चाची

चाचा तो चाची की हर बात मान गये

चाचा कितने बदल गये एक रात मे

चाची को लगता है कि चाचा जी बोल रहे है करेंगे कुछ नही

देखते है चाचा जी क्या करते है

चाची कितने दिन माफ़ नही करेंगी चाचा को
 
चॅप्टर 945 बी

चाची ने जो किया वो एक तरह से सही था

चाचा को दबा के रखना ज़रूरी है

सारा हिसाब किताब अपने पास लेकर चाची ने अच्छा किया

चाचा के पास पैसे नही रहेंगे तो वो उड़ाना भूल जाएँगे

हर घंटे बुला कर चाची उनपे नज़र रख रही है

मेरे और अपने बच्चों के नाम पर प्रॉपर्टी करके चाची ने अच्छा किया

इस से चाचा को क्या ऐतराज़ होगा , उनके बच्चों के नाम ही तो प्रॉपर्टी हो रही है

बस उनको अपने गले मे पट्टा डाल कर चाची के इशारो मे नाचना होगा

चाची ने तो अपने कमरे मे आने से मना किया था पता नही चाचा कहाँ सोएंगे

चाचा तो कमरे से बाहर चले गये

पर लास्ट मे जो बात कही चाचा ने मेरे बारे मे उस की वजह से मैं सोच मे पड़ गया

चाचा का कहने का ये मतलब था कि पहले किसीने उनको रोका क्यूँ नही

अगर पहले किसी ने टोका होता तो उनको आज ये दिन देखने को नही पड़ता

पर अच्छा है कि ज़्यादा देर नही हुई

चाचा ने आज भी कोई सफाई नही दी

सारी ग़लती स्वीकार करके चाची की हर बात मान ली

चाचा ने आज फिर मुझे झटका दिया

चाचा को मैं कभी समझ नही पाउन्गा

चाचा की मिस्ट्री कब खुलेगी

अब तो मैं चाचा से कम बात करूँगा ताकि मैं उस बात को भूल सकूँ

चाचा के जाते ही चाची मेरे पास आ गयी

सी चाची-अवी क्या हुआ क्या सोच रहे हो

अवी - क्या मुझे ये बात आपको पहले बतानी चाहिए थी

सी चाची-तूने सही समय पे बताया है , अगर मेरे माँ बनते ही बताया होता तो मुझे ज़्यादा दर्द होता

अवी - मैं ने भी यही सोचा था

सी चाची-अब मैं खुद देखूँगी सारे काम

अवी - आप कर पाओगी

सी चाची-क्यूँ नही कर पाउन्गी , तू हैं ना मेरे साथ , और धीरे धीरे सिख लूँगी

अवी - आप चाचा को अपाहिज कर रही हैं .

सी चाची-कुछ दिन अपाहिज की ज़िंदगी जीने दो

अवी - पर ये ज़्यादा नही हो रहा

सी चाची-मैं सबके भले के लिए कर रही हूँ

अवी - मैं आपके फ़ैसले के साथ हूँ , खुद की अकेला मत समझना

सी चाची-तेरे वज से तो हिम्मत टूटी नही

अवी - अमित को अकेले को उसके पापा का प्यार नही मिलेगा

सी चाची-सुमित और परी को मिलेगा ये ज़रूरी है और ऐसा करना ज़रूरी है , मैं तो सबसे दूर रहने को बोलने वाली थी पर तुम्हारे चाचा के ग़लती स्वीकारने पे सिर्फ़ अमित से दूर रहने को कहा

अवी - चाचा जस्टिफिकेशन या अपना बचाव नही किया

सी चाची-ग़लती मान लेने से उनको घर मे आने दिया वरना घर मे घुसने नही देती

अवी - चाचा ने जो कसम खाई है उसका क्या

सी चाची-देखते है तेरे चाचा क्या करते है , चलो बाहर

हम हॉल मे आ गये

चाचा दीवान जी को चाची ने बताई हुई बात बता दी

दीवान जी काम मे लग गये , प्रॉपर्टी के पेपर बनाने मे लग गये

चाचा सोचने लगे कि उनको क्या करना चाहिए

बड़ी चाची ने खाना बना लिया

खाना लगते ही चाचा और मैं खाना खाने के लिए बैठ गये

चाचा एक कॉर्नर मे थे और मैं दूसरे कॉर्नर मे

बड़ी चाची और सीमा चाची सारी बातों से अंजान थी

चाचा भी अपने तरफ से कोई ग़लती या ऐसे वैसी हरकत नही कर रहते जिस से बड़ी चाची को शक हो

चाचा नॉर्मल रहने की कॉसिश कर रहे थे

खाना खाने के बाद हम हॉल मे बैठ का टीवी देखने लगे

चाचा छोटी चाची से दूरी बनाए हुए थी

ऐसे मे चाचा ने बड़ी चाची से बात करनी शुरू की

चाचा -सुमन

ब चाची- जी

चाचा -ये घर छोटा हो गया है

ब चाची- इतना बड़ा तो है

चाचा -बच्चों के आ जाने से घर छोटा लग रहा है

चाचा की बात छोटी चाची गौर से सुनने लगी

चाचा कहना क्या चाहते है ये छोटी चाची जान को पता थी

ब चाची- मैं समझी नही

चाचा -तुम और सीमा एक कमरे मे सोते हो बच्चों के साथ

ब चाची- वो कमरा बड़ा है हमे प्राब्लम नही हो रही है

म चाची- दोनो के लिए और बच्चों के लिए वो कमरा ठीक है

चाचा -और मीना का कमरा छोटा है जहाँ पे तीन लोगो के लिए कमरा छोटा है

ब चाची- आप कहना क्या चाहते है

चाचा -मैं आज से हॉल मे सो लूँगा ताकि बच्चों के खेलने के लिए जगह बन जाए

सबके उपर एक बॉम्ब फोड़ दिया चाचा ने

छोटी चाची ने कहा था कि उनके कमरे मे मत आना वो इस बात से पूरी हो जाएगी

चाचा ने कहा था कि छोटी चाची के माफ़ करने तक वो किसी के साथ सेक्स या प्यार नही करेंगे ,तो चाचा की कसम उनके हॉल मे सोने से पूरी जो जाएगा

चाचा बदल रहे है ये बात प्रूफ हो रही है

पर बड़ी चाची को चाचा की इस बात से अलग झटका लगा

ब चाची- ये आप क्या बोल रहे हो

चाचा -हम ये घर तोड़ नही सकते , इसका अधिकार पिताजी के पास है , बच्चों के लिए मेरा हॉल मे सोना ठीक रहेगा

ब चाची- ये ऐसे अचानक , हमसे कोई ग़लती हो गयी

चाचा -ग़लती नही , ये करना ठीक होगा हम सब के लिए

म चाची- इसका कोई दूसरा हल होगा

चाचा -यही बेस्ट होगा

ब चाची- आप विद्या के कमरे मे सो लेना

चाचा -नही , यहाँ हॉल मे सोने से मैं दोनो कमरो पे ध्यान रख सकता हूँ

ब चाची- लेकिन

म चाची- अवी का कमरा बड़ा है ,

ब चाची- अवी वही रहेगा

चाचा -यही अच्छा रहेगा , मैं नया बिस्तेर खरीदने को कहा है दीवान जी को

ब चाची- आप ने फ़ैसला कर लिया तो हमे क्यूँ पूछ रहे हो

बड़ी चाची उदास हो गयी

चाचा -सुमन बच्चो के बारे मे सोच कर फ़ैसले लेने पड़ते है

ब चाची- मीना तू ही कुछ बोल ,

सी चाची- इनके कपड़े हॉल की अलमारी मे सिफ्ट करने मे मेरी मदद करना विद्या

ब चाची- मीना ये क्या बोल रही हो

सी चाची-बेड ऑर्डर कर लिया फ़ैसला कर लिया तो अब यही तो बाकी हैं ना

ब चाची- मीना

चाचा -मैं यहाँ हॉल मे बैठ कर हिसाब किताब भी कर पाउन्गा जिस से मेरी वजह बच्चों को परेशानी नही होगी

म चाची- सोने के लिए कमरे ईस्तमाल कर सकते है

चाचा -अब देर तक जागना पड़ता है ,देखा नही 2 दिन से घर नही आ पाया , बच्चों की वजह से काम बढ़ गया और 2 सालो मे बहुत खर्च हुआ है तो उसकी भरपाई करनी होगी और आगे तो स्वेता की शादी है उसके लिए भी सोचना होगा ,, समझा करो

ब चाची- जैसा आप ठीक समझे

विद्या -मैं हॉल मे सो लेती हूँ , चाचा जी मेरे कमरे मे सो लेंगे

चाचा -नही , वो तुम्हारा कमरा है , तुम बड़ी हो तुम्हें कमरे की ज़रूरत है ,मैं यहाँ हॉल मे सो लूँगा

चाचा की बात मेरा दिमाग़ खराब कर रही थी

मेरा सर दर्द कर रहा था

ब चाची-हम उस घर को तोड़ कर नया बना लेते है

चाचा -वो पिताजी कर सकते है , हम नही ,

ब चाची- कुछ तो दूसरा रास्ता होगा

चाचा -रास्ते बहुत होते है ,, रास्ता हमे सेलेक्ट करना पड़ता है

ब चाची- विद्या मेरे साथ चलो , इनका समान हॉल की अलमारी मे रख दो

चाचा मे कम समय मे बहुत ज़्यादा बदलाव आ गया था

छोटी चाची ने उस पे कुछ नही कहा

बड़ी चाची तो चाचा के इस फ़ैसले से खुश नही थी

चाची हर महीने एक एक करके चाचा के साथ रहती थी पर अब बच्चे हो जाने ये करना मुश्किल हो रहा था , बच्चों दूसरे रूम मे चेंज नही कर सकते

अब ये रुटीन बंद हो जाएगा

चाचा के इतने बदलाव से हम सब शॉक्ड थे

चाचा आज दिन भर घर पे ही रुके

दीवान जी ने नया बेड लेकर घर मे सेट किया

चाचा के कपड़े शिफ्ट हो गये

चाचा की प्राइवसी ख़तम हो गयी

चाचा को पिंजरे मे क़ैद कर लिया छोटी चाची ने

चाचा इस से खुश थे

चाचा ने छोटी चाची को बताया कि पेपर 1 महीने मे तैयार हो जाएँगे

चाचा ने दीवाली तक दीवान जी को खेत का काम देखने को कहा

चाचा कुछ दिन घर पे रुकेंगे

मेरा तो सर फट रहा था

चाचा ने सच मे ग़लती की है

या चाचा खुद को गुनहगार समझ कर खुद को जस्टिफाइड नही कर पाए

चाचा का ये बिहेवियर मुझे सोचने पे मज़बूर कर रहा था

एक अजीब सी दुविधा मे था

हमारे रिस्ते बदल रहे थे

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी

आज से विद्या के साथ रात मे मस्ती करना बंद

सब कुछ बिखर गया

बिखरने लगा है

पता नही आगे और क्या होगा

मैं तो दोपेहर मे सो कर खुद को रिलॅक्स करने लगा

शाम मे छोटी चाची ने मुझे जगाया और पढ़ाई करने को कहा

मंडे से मेरी एग्ज़ॅम चालू हो रही थी

मैं शाम मे कोमल के यहाँ चला गया पढ़ाई करने को

कोमल मुझे देख कर खुश हो गयी

और मेरी मदद करने लगी पढ़ाई मे

कोमल के घर से जाने से पहने स्वेता दीदी को देख कर आ गया

पूजा बुआ के ना होने से स्वेता दीदी और सीतल दीदी फ्रीली घर मे घूम रही थी

कोमल के साथ पढ़ाई करके मैं वापस घर आ गया

चाचा बच्चो के साथ खेल रहे थे

चाचा सच मे बदल गये

देखते है चाचा कितने दिन खुद को इस रूप मे रखते हैं

चाची तो चाचा को माफ़ नही करेंगी इतना पक्का है

देखते है ये तनाव कब तक चलता है,

चाचा और चाची मे समझौता होते ही मैं अपने काम मे लग गया

चाचा ने चाची की सारी बातें मान ली

और उस पे अमल करना शुरू किया

पता नही पूनम दीदी और ज्योति बुआ मे क्या बातें हुई होगी

जब पूजा बुआ वापस आएँगी तब पता चलेगा

अभी तो मैं पढ़ाई करने लगा

रात मे रानी से बात की

रानी ने पूछा की क्या हुआ

मैं ने बताया कि चाचा अपनी सज़ा भुगत रहे है

रानी ने चाची की बात का सपोर्ट किया

चाचा ने अपने सज़ा की पहली रात हॉल मे सो कर बिता दी
 
अपडेट 945 सी

कितना कुछ बदल गया 2 दिन मे

चाची के बिहेवियर मे चेंज आ गया

चाचा को अपनी ग़लती का अहसास हुआ

चाचा और चाची मे जो जो समझौता हुआ उस पे अमल करना शुरू हो गया

चाची ने जैसा कहा चाचा वैसा ही कर रहे थे

हॉल मे सोना शुरू किया , प्रॉपर्टी के पेपर बना दिए

हर घंटे खेत से घर आकर कुछ देर रुक कर वापस चले जाते

चाचा के इस तरह बार बार घर आने से बड़ी चाची को अजीब लगने लगा

पर चाचा ने कहा कि वो ज़्यादा से ज़्यादा से अपने बच्चो के साथ रहना चाहते है

जब चाचा घर आते तब वो बच्चो के साथ वक्त बिताते

चाचा अब तो परी को भी अमित और सुमित जितना प्यार करने लगे

छोटी चाची ना होती तो चाचा अमित को प्यार करते

पर छोटी चाची के सामने उनकी हिम्मत ही नही होती अमित को प्यार करने की पर वो कोई ना कोई बहाने से अमित से प्यार कर लेते

चाचा शाम होते ही 6 बजे घर आ जाते

चाचा चाची की मदद करने लगे

घर के कामो मे हाथ बंटाने लगे

घर आते हुए बाज़ार से सब्जिया भी लाते

शहर जाते तब बच्चो के लिए खिलोने लाने लगे

अचानक से चाचा मे बहुत बदलाव आ गया

बड़ी चाची चाचा के इस प्यार से खुश थी

पर चाचा का हॉल मे सोना , छोटी चाची से बात ना करना अच्छा नही लगता

चाचा के जखम धीरे धीरे भरने लगे

पर छोटी चाची के दिल मे जो चोट लगी थी वो भरने मे टाइम था

चाचा रोज खेत का हिसाब दीवान जी से छोटी चाची को दिखाते

चाची को कुछ समझ रहा था कि नही पता नही पर चाचा अपना काम कर रहे थे

मैं एक दिन कोमल के घर जा रहा था कि मुझे चाचा दिखाई दिए

चाचा घर की तरफ जा रहे थे कि सरपंच ने उनको आवाज़ दी

चाचा ने सरपंच की तरफ देखा और बस हाथ दिखा कर जल्दी जल्दी चलना शुरू किया ताकि छोटी चाची ने जो कहा वो पूरा कर सके और अपने दोस्त का सामना ना कर सके

चाचा की लाइफ अजीब सी हो गयी थी

फिर भी चाचा खुश थे अब उनको अपने बच्चो को प्यार करने का समय मिल रहा था

देखा जाए तो ये सज़ा किसी भी आंगल से नही लग रही थी

सज़ा मे उनको बच्चो को प्यार करने को मिला घर मे रुकने को मिला

काफ़ी देर तक चाचा बच्चो से खेलते रहते

चाची के साथ बातें करते जिस से उनको भी अच्छा लगने लगा

पर चाचा के साथ अकेले मे किसी भी चाची को वक्त बिताने का चान्स नही मिल रहा था

चाचा मुझसे कम ही बात करते थे और अब भी ज़्यादा बात नही करते

मैं भी चाचा से दूर रहने लगा

चाचा से बात करता तो अजीब सा लगता कि मैं ने सही किया या ग़लत

छोटी चाची मेरी बीवी बन गयी

पर अब भी वो मेरी चाची ही थी

उनको पहले की तरह बात काटना प्यार करना अच्छा लगता था

और मैं उसी तरह चाची से प्यार करने लगा

रानी ने भी छोटी चाची से घंटों बात करके उनके दर्द को कम करने की कोशिस की

रानी और मेरा सपोर्ट मिलने से चाची नॉर्मल होने लगी

पर चाचा के लिए उनका गुस्सा बरकरार था

मैं अपनी पढ़ाई मे लगा हुआ था

इस एग्ज़ॅम मे मुझे 75%+ लेने ही है

उस एग्ज़ॅम से पता चलेगा कि हम फाइनल एग्ज़ॅम के लिए कितने तैयार है

कोमल को भी पता चलेगा कि आरती और उस मे कितना फरक है

कोमल और आरती की शर्त अब तक चालू थी

पर मिसेज़ गुप्ता के पनिश करने के बाद आरती ने कोमल को परेशान करना बंद किया

पर उन दोनो के उपर सबकी नज़र थी

रानी भी शर्त का हिस्सा थी पर सब समझ रहे थे कि शर्त आरती और कोमल मे है

मैं रोज कोमल के साथ पढ़ाई करने लगा

टाइम कम होने से पूरी शाम कोमल के साथ पढ़ाई करने लगा

कोमल अब प्रॅक्टिक्ल्ली स्मार्ट बन गयी थी जिस से उसकी पढ़ाई मे काफ़ी इंप्रव्मेंट हुआ

रानी फोन करके अपने डाउट बताती और हमारे डाउट क्लियर करती

रानी अगर यहाँ होती तो अच्छा होता साथ मे पढ़ाई करते

कविता और लीना भी अपनी कॉलेज लाइफ की पहली एग्ज़ॅम देने को तैयार थी

उनको अच्छे मार्क लेने थे वरना मैं उनकी अच्छा खबर लूँगा और उनकी मस्ती पे पाबंदी लग जाएगी ये उनको पता था

कविता और लीना हमारे साथ पढ़ाई करके अपने डाउट क्लियर करती

हम बिना ट्यूशन वाले स्टूडेंट थे , जिस से हम आपस मे डाउट क्लियर कर देते

मैं ने करीम और पंकज को कॉल करके पूछा तो दोनो दिन रात एक कर रहे थे

पंकज को इस बार मेहनत करके पास होना पड़ेगा

मुझे तो करीम से ज़्यादा मार्क लेने है

घर की प्राब्लम सॉल्व होने से अच्छा होगा कि मुझे टाइम मिल गया

इस बीच मैं पूनम दीदी को भूल ही गया

ना मुझे याद रहा उनको फोन करना और उनको याद रहा कि मुझे कुछ बता कर सलाह ले

पूजा बुआ ने भी फोन नही किया

पूजा ने एक बार फोन करके इतना कहा कि जैसा मैं ने सोचा था वैसा ही हुआ

आक्सिडेंट नॉर्मल लग रहा था पर डॉक्टर ने बॅंडेज ज़्यादा लगा दिए जैसे सेट्टिंग हो डॉक्टर से

मैं ने पूजा बुआ को कहा कि कुछ दिन वही रुके और देखे क़ि क्या हो रहा है

पूजा बुआ 1 हफ़्ता रुकने वाली थी जिस से स्वेता दीदी सीतल दीदी इस फ्रीडम को एंजाय करनी लगी

बिचारा राज , एग्ज़ॅम की वजह से विद्या के साथ पढ़ाई करता रहा

चाचा का प्राब्लम धीरे धीरे सॉल्व होगा

ग़लती करने को एक मिनिट लगता है पर सज़ा ज़िंदगी दे कर पूरी नही होती कभी कभी

चाचा के साथ भी वही हो रहा था

कुछ घंटो की मस्ती की लंबी सज़ा मिलने वाली थी

छोटी चाची फिर से मेरे साथ हसी मज़ाक करने लगी

और फिर मंडे से हमारे एग्ज़ॅम शुरू हो गये

एक हफ़्ता एग्ज़ॅम फिर दीवाली

एग्ज़ॅम की तैयारी की तो ज़्यादा टेन्षन नही होता इंसान

पेपर आते गये और मैं आन्सर लिखता गया

इस बार मुझे एक्सट्रा अंसवेरशीट लग रही थी

मुझे पेपर इस तरह लिखते हुए करीम शोक्ड हो गया

कभी कभी दोस्त भी जलते है

उसी लिए कहते है हर एक फ्रेंड कमीना होता है

और उस कमीने फ्रेंड के उपर ज़िंदगी कुर्बान

एग्ज़ॅम बहुत अच्छे गये

इस बार कोमेल और रानी की तरह मैं भी क्वेस्चन पेपर के बारें मे बात कर रहा था

पहले मैं हँसता था कि क्या पढ़ाकू है पेपर होने के बाद भी उसी के बातें कर रहे है

पर अब मैं भी उनमे से एक हो गया

हमारी एग्ज़ॅम हो गयी तो रानी और मैं हमारे अड्डे पे चले गये

थोड़ी मस्ती और हँसी मज़ाक होता है हमारी पार्टी ने

हमारी पार्टी मे कविता और लीना भी जुड़ गयी

3 से पाँच हो गये

और हम अपनी लाइफ को एंजाय करने लगे

फ्रेंड ग्रूप ने मुझे बताया कि आज वो लीना के यहाँ पार्टी करने वाले है

और नीता बुआ आज नेहा बुआ के यहाँ सो जाएगी

फ्रेंड ग्रूप ने स्वेता दीदी और सीतल दीदी को आने नही दिया तो मुझे कैसे एंट्री मिलती

पर उनके पार्टी का बन्दो बस्त मुझे ही करना पड़ा

सब ने मस्का लगा लगा कर मेरी जेब खाली कर दी

अच्छा है बॅंक वालो ने एटीएम जैसी सुविधा शुरू की

फ्रेंड ग्रूप की पार्टी मे किसी ने इंटेरफेआर नही किया

नहा बुआ ने भी कोमल को एंजाय करने दिया

कविता और लीना को भी एंजाय करने का पर्मिट मिल गया

दूसरी तरफ स्वेता दीदी को फ्रेंड गरुवप ने एंट्री नही दी जिस से उनका नया ग्रूप बन गया

उनके ग्रूप मे स्वेता दीदी सीतल दीदी , राज और विद्या थी

पर इधर भी जेब मेरी ही खाली हुई

पर इधर भी जेब मेरी ही खाली हुई

पूजा बुआ के ना होने से वो भी खुल के मस्ती करने लगे

मेरी दोनो जेब मेरी बहनो के दो ग्रूप ने खाली की पर मुझे किसी ने इन्वाइट नही किया

मैं तो फॅमिली ग्रूप का मेंबर था

मेरी फॅमिली

मैं चाची के साथ सिंपल तरीके से स्पेशल खाने के साथ एग्ज़ॅम ख़तम होने को एंजाय करने लगा

अगर दो ग्रूप मुझे बुलाते तो मैं कहाँ जाता

अच्छा हुआ किसी भी ग्रूप ने नही बुलाया

चाचा ने तो दोस्तो के साथ मस्ती करना बंद किया

लास्ट टाइम ग्रूप सेक्स ने उनको फसा दिया

ज्योति बुआ को भी ग्रूप सेक्स ने दूसरी बार फसा लिया

पर वो अपने चालक दिमाग़ की मदद से बच गयी

बिचारी पूनम दीदी अपनी माँ की चाल को समझ नही पाई

इसमे पूजा बुआ भी कुछ कर नही पाई

ज्योति बुआ ने पूजा बुआ के सामने बात नही की होगी पूनम दीदी से

अकेले मे पूनम दीदी को मेंटली टॉर्चर किया होगा

पर मैं ने कहा था कि जल्दी ज्योति बुआ की बात पे ध्यान मत देना

पूजा बुआ को भी कहा था कि पूनम दीदी को समझा देना

पूनम दीदी जब मेरी मदद माँगेंगी तब मदद कर दूँगा

किसी ने कहा है बिना माँगे मदद की तो जिसकी मदद करते हो वो अपाहिज हो जाता है

उसे पहले खुद की मदद लेने देना चाहिए फिर मदद करनी चाहिए

पूजा बुआ आएँगी तो मैं पूछ लूँगा

पर जब भी मैं गाँव मे घूमता तो मुझे सरपंच की चाल देख कर हँसी आ जाती

, उनके गंद मे वार ही ऐसा किया था मैं ने

सरपंच तो मुझे गालियाँ देता होगा

पर मेरे इस वार से चाचा की पुरानी दोस्ती मे दरार आ गयी

चाचा ने अपने दोस्तो से बात करना भी बंद किया

सिंपल सी लाइफ जीने लगे चाचा

पर उस मे खुश थे चाचा

और चाची भी खुश थी

बच्चो को अब ज़्यादा प्यार मिलने लगा

ये दीवाली चाचा के लिए नयी सुबह लेके आई

चाचा ने दशहरा मे अपने अंदर के रावण को जला दिया

और ये दीवाली चाची अपने बच्चो और अपनी फॅमिली के साथ मनाने का फ़ैसला किया
 
अपडेट 945डी

एग्ज़ॅम हो गये

मैं फ्री हो गया

एग्ज़ॅम अच्छे गये

फ्रेंड ग्रूप पार्टी कर रही थी, कोमल रानी कविता लीना अपने कॉलेज लाइफ को अच्छे से एंजाय कर रही थी

कोमल और रानी इस साल पढ़ाई के साथ कॉलेज लाइफ को जिस तरह एंजाय कर रही थी वैसा तो मैं भी नही कर रहा था

स्वेता दीदी भी शादी से पहले बचलर लाइफ एंजाय कर रही थी

एक दिन दोनो ग्रूप ने अलग अलग पार्टी की मेरी जेब खाली करके

और वो इतनी मस्ती मे खो गये कि नेक्स्ट डे स्वेता दीदी के यहाँ दोनो ग्रूप . मिल कर पार्टी एंजाय की

दूसरे दिन मैं भी था , और सुबह राजेश के आते वो भी पार्टी मे शामिल हो गया

हम तीन मेल और इतनी सारी फीमेल ,

बहुत मज़ा आया

नाचना गाना , धमाल करना

एक दूसरे को परेशान करना

म्यूज़िक की आवाज़ बड़ी कर देर रात तक एंजाय करना

गेम खेलना , ड्रिंक करना (कोल्डड्रिंक)

मेरे साथ डॅन्स करने को झगड़ा करना

राज राजेश की जुगलबंदी डॅन्स

मेरा कोमल और रानी के साथ कपल डॅन्स

स्वेता दीदी सीतल दीदी के बचलर होने का केक कट करना

रोहन सिहं को रात मे फोन करके डिस्ट्रब करके फिर सॉरी बोलना

फुल तो धमाल किया उस रात

कौन कहता है सिर्फ़ फ्रेंड के साथ ही पार्टी एंजाय कर सकते है

यहाँ तो मैं अपनी भाई बहनों के ऐसी पार्टी एंजाय कर रहा था कि जिस के सामने सब पानी कम हो

हम रात 3 बजे तक पार्टी करते रहे

फिर सुबह देर से उठ कर नेहा बुआ और नीता बुआ की गालियाँ सुनना , यही तो पार्टी की एंडिंग होनी चाहिए

नेहा बुआ और नीता बुआ ने थोड़ा लेक्चर दिया

जैसे उनका बोलना ख़तम हुआ हम सब ने अपने कानो मे जो कॉटन रखा था उसे निकाल कर बुआ को दिखाया

हम तो कुछ सुन ही नही रहे थे

और हमारे इस मज़ाक पे बुआ भी हँसने लगी

उनको भी उनके बचपन की बातें याद आ गयी

फिर बुआ भी अपने बचपन के किस्से सुनाने लगी जिसे हम मज़ा लेते हुए एंजाय करने लगे

ये था लास्ट डे फ्रीडम का

कल पूजा बुआ वापस आएँगी

रात की पार्टी दोपेहर मे ख़तम हुई

रानी के लिए तो 2 दिन की पार्टी थी , 2 दिन बाद वो अपने घर गयी बहुत सारी ख़ुसीया लेकर

मैं ने हमेशा की तरह छोटी चाची को अपनी मस्ती की रिपोर्ट दी , बुआ का पोपट जिस तरह बनाया उसे सुन कर छोटी चाची अपनी हसी रोक ही नही पाई

पेट भर के हँस रही थी उनका जब पेट दर्द करने लगा तब जाके हसना बंद हुआ

कितने दिनो बाद खुलके हस्ते हुए देख कर मुझे अच्छा लगा

5 दिन बाद दीवाली शुरू होने वाली थी

चाचा ने घर को नया कलर देना शुरू किया , मज़दूरो के साथ खुद भी हाथ बटा रहे थे

चाचा पूरे के पूरे बदल गये

मैं भी उनकी मदद करने लगा

चाचा को चाची के कमरे मे एंट्री नही थी तो उस कमरे को कलर मैं ने लगाया

अपने नये कमरे को देख कर छोटी चाची ने सबके सामने मुझे गले लगा कर थॅंक्स कहा

चाचा को बुरा लगा कि पूरे घर को जो उन्होने ने कलर दिया उसकी किसी ने तारीफ नही की , और इसका जवाब चाचा को पता था , जिस से चाचा ने अपनी नाराज़गी को ख़तम किया , पर बाद मे बड़ी चाची ने उनके कलर की बहुत तारीफ की , उनके लिए स्पेशल खाना बनाया , पर छोटी चाची ने सिर्फ़ मेरी तारीफ की

चाचा को उम्मीद थी कि उनको माफी मिल जाएगी एक दिन , क्यूँ कि छोटी चाची का माफ़ करना मतलब बड़ी चाची और सीमा चाची के तरफ से भी माफी मिल गयी ऐसा था

चाचा ने जो डिसाइडेड किया था वो पूरा कर रहे थे

कविता और लीना ने मेरी मदद से एक पूरा दिन उनके फन हाउस पे बिताया , जहा अपने कॉलेज की सहेलियो के साथ पार्टी की , मुझे बुलाया था पर मैं ने माना किया

, मेरे होने से जाविता लीना एंजाय नही कर पाएँगी

और उसी दिन पंकज के भी एग्ज़ॅम ख्तम हो गये

और पंकज करीम ने मिल कर पंकज के पापा के फार्महाउस पे पार्टी करने का प्लान बनाया

पंकज , पंकज की गर्लफ्रेंड , करीम , करीम की गर्लफ्रेंड , तीन जूनियर , एक जूनियर लड़का , और मैं

कविता और लीना को उनके फन हाउस पे ड्रॉप करके मैं अकेला पार्टी मे चला गया

उस पार्टी मे मैं ने किसी की चुदाई नहीं की बस एंजाय किया

पार्टी बहुत हो गयी

सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक पार्टी की , कविता और लीना की पार्टी भी लंबी चली , और हम तीनो वापस घर आ गये जैसे साथ मे घूमने गये हो

इसी बीच पूजा बुआ मुझसे मिलने आ गयी

पूजा बुआ- अवी कहा थे तुम कल दिन भर

अवी- बुआ मैं अपने दोस्तो के साथ घूमने गया था

पूजा बुआ- मुझे तुम्हें कुछ बताना था

अवी- पूनम दीदी के बारें मे

पूजा बुआ- हाँ ,

अवी- क्या हुआ वहाँ पे

पूजा बुआ- ज्योति का आक्सिडेंट हुआ ,, और डॉक्टर ने पूरे बदन को बॅंडेज कर दिया जिसे देख कर पूनम दीदी एमोशनल हो गयी ,

अवी- यहीं से सब कुछ ज्योति बुआ के हाथ मे चला गया

पूजा बुआ- मैं ने कहा था पूनम को कि खुद को संभालना पर वो भी एक औरत है कैसे खुद को पत्थर दिल बनाती , , ज्योति कैसी भी हो थी तो उसकी माँ ना , और माँ की ममता ने पूनम दीदी को कमज़ोर कर दिया

अवी- यही होगा मुझे पता था, ज्योति बुआ ने सही तरीका ईस्तमाल किया , और पूनम दीदी को झूठी कहानी बताई होगी

पूजा बुआ- दोनो मे क्या बातें हुई ये तो मुझे पूनम ने नही बताया

अवी- पूछना चाहिए था

पूजा बुआ- बहुत ट्राइ किया पर कुछ हासिल नही हुआ , पता नही ऐसा क्या कहा कि पूनम सब कुछ भूल कर ज्योति के सेवा करने लगी

अवी- मुझे जान ना था कि क्या बताया होगा ज्योति बुआ ने कि रंगे हाथ पकड़ने के बाद भी पूनम दीदी ने उनको माफ़ किया

पूजा बुआ- तेज दिमाग़ है ज्योति का

अवी- तभी मैं सोचु की पूनम दीदी ने मुझे कॉल क्यूँ नही किया

पूजा बुआ- वो तो हॉस्पिटल मे अपनी माँ की सेवा कर रही थी

अवी- ग़लती ज्योति बुआ ने की और मेवा भी वही खा रही है , बड़ा लोचा होगा

पूजा बुआ- बहुत बड़ा अगर कुछ पता चल जाता तो हम कुछ करते , पर मेरे इतने दिन रुकने के बाद भी कुछ नही बताया पूनम ने

अवी- इसका एक मतलब निकलता है कि ज्योति बुआ ने एक झूठी कहानी बताई और अपनी कसम दी होगी कि आपको ना बताए वरना वो किसी को शकल दिखाने लायक नही रहेगी

पूजा बुआ- यही हुआ होगा

अवी- जाने दीजिए

पूजा बुआ- ऐसे कैसे हँसने दूं वो मेरी बेटी जैसी है , तुम कुछ करो

अवी- आपने दीदी को कहा ना कि नज़र रखे

पूजा बुआ- दिन मे तीन तीन बार कहा

अवी- अच्छा किया इस से उनके दिमाग़ मे ये बात फसि हुई रहेगी और उनके शक होते वो मुझे कॉल करेंगी

पूजा बुआ- नही किया तो

अवी- चोर कितना भी बड़ा साधु बन जाए पर चोरी करना कभी नही छोड़ता , ज्योति बुआ कोई ना कोई ग़लती ज़रूर करेंगी

पूजा बुआ- हम इस ग़लती का इंतज़ार करेंगे

अवी- नही पूनम दीदी के कॉल का इंतज़ार करेंगे , आप टेन्षन मत लो , पूनम दीदी ज़रूर कॉल करेंगी और मैं उनकी मदद करूँगा

पूजा बुआ- अपनी बहन समझ कर मदद करना

अवी- आपके लिए ,दीदी की मदद करूँगा ,

पूजा बुआ- लव यू सन

अवी- लव यू टू मोम

पूजा बुआ ने मुझे एक किस करके दीवाली के कामो मे लग गयी

मैं भी इस दीवाली को नये उमंग के साथ एंजाय करने लगा

छोटी चाची मेरे बीवी बन कर अपनी पहली दीवाली मना रही थी

बड़ी चाची भी चाचा के बदले रूप से खुश होकेर दीवाली मना रही थी

पूरी फॅमिली ने एक साथ दीवाली एंजाय की

बुआ और मेरी बहनों ने मेरी यहाँ आकर दीवाली मनाई

राजेश के साथ होने से लीना खुश थी ,

राज , राजेश और मेरी.मेरी बहनो ने आरती उतार कर दीवाली मे हमसे अच्छे अच्छे गिफ्ट वसूल किए

चाचा ने अपनी बहनों को गिफ्ट के साथ एक अनोका तोहफा दिया , सबको दीदी कह के बुलाया लिया

नेहा बुआ- सूरज कहीं वेस्ट से तो नही निकला

नीता बुआ , आज के दिन का मान रखा है मेरे भाई ने

पूजा बुआ- तेरे मूह से दीदी सुनकर जो गिफ्ट मिला है इस दीवाली को बढ़िया बना देगा

चाचा-बस आज के लिए

नेहा बुआ - तूने दीदी कहा यही बहुत है हमारे लिए

नीता बुआ - बड़े भैया यहाँ होते तो कितना अच्छा होता

मेरे पापा का नाम निकलते ही नेहा बुआ वहाँ से जाने लगी

पूजा बुआ- नीता , इस अच्छे दिन पे नेहा का मूड ऑफ मत करो

नीता बुआ - आज नेहा की पसंद का खाना बनाते है

कोमल - मैं भी मदद करूँगी

डोर की तरफ से आवाज़ आई

रानी की मम्मी- हमें तो भूल ही गये

ब चाची- अरे आप आइए आइए

नहा बुआ - अच्छा हुआ आप आ गये , मैं आपको फोन करने वाली थी

रानी मम्मी - अपने घर मे क्या बुलाना , हम तो बिन बुलाए आ जाते है

रानी- ये दीवाली हम आपके साथ मनाएँगे

कोमल - फिर तो धमाल करेंगे

स्वेता दीदी - अब तो फुल तो मज़ा आएगा

रानी के आने से मेरे लिए भी ये दीवाली अच्छी साबित होगी

रानी के साथ प्यार भरी दीवाली यादगार साबित हो रही थी

रानी के साथ मिल कर पटाखे उड़ाने मे मज़ा आ रहा था

रानी के आते ही मेरी बहनें ज़्यादा मस्ती करने लगती है

रानी और उसकी मम्मी ने हमारे यहाँ आकर सबको सर्प्राइज़ड कर दिया

और हमारी दीवाली और स्पेशल हो गयी

दीवाली के 5 दिन हम सबने फॅमिली के साथ मिलके बहुत मस्ती की

ये दीवाली स्वेता दीदी और सीतल दीदी की स्पेशल थी क्यूँ कि अगके साल तो वो अपने ससुराल मे दीवाली मनाएँगी

ये बात राजेश ने कही जिस से कुछ पल के लिए सब एमोशनल हो गये

लेकिन कविता लीना और सीमा चाची के रहते मस्ती ना हो ये हो ही नही सकता

सीमा चाची ने अपने मज़किया अंदाज़ से फिर से मस्ती स्टार्ट की

चाचा के साथ होने से बड़ी चाची के लिए दीवाली अच्छी लगने लगी

दीवाली के 5 दिन तो कैसे निकल गये पता ही नही चला

हम तो अभी तक मस्ती के मूड मे थे

राजेश ने दीवाली होते ही मुझसे घर2 की की माँग ली

दीवाली के ख़तम होते ही पहले राजेश ने रिया और उसकी माँ की चुदाई की

फिर घर2 मे मस्ती करने लगा

मुझे चलने को कहा था

पर मेरा ये साल इम्पोर्टेंट था

मैं ने दीवाली की छुट्टियों मे पढ़ाई करने का सोचा , रात मे एक चॅप्टर पढ़ कर सोता था

इस साल मैं फाइनल एग्ज़ॅम मे पूरी तैयारी के साथ उतरने वाला था

दिन भर फॅमिली टाइम और रात मे पढ़ाई

स्वेता दीदी और सीतल दीदी अपनी इस दीवाली को खुल के एंजाय कर रही थी

सब ने पूनम दीदी को मिस किया वो होती तो उनका ग्रूप कंप्लीट हो जाता

पर कोई बात नही पूनम दीदी को जल्दी ही उनकी प्राब्लम से छुटकारा दिलवा दूँगा
 
चॅप्टर 946

दिवाली के वो मस्ती वाले 5 दिन तो बीत गये

पर कॉलेज शुरू होने मे टाइम था

दीवाली की छुट्टियाँ और कुछ दिन चलने वाली थी

सबको छुट्टियाँ होने से दिन भर मस्ती कर रहे थे

ऐसे एक दिन सब कुछ नॉर्मल चल रहा था कि पूजा बुआ के घर पे मेहमान आ गये

रोहन और सोहन के माता पिता और संगीता आ गयी

उनके साथ एक और आदमी था जो पंडितजी टाइप का था

अचानक रोहन की फॅमिली के आ जाने से पूजा बुआ को अजीब सा लगा

बिना बताए , रोहन का भी स्वेता दीदी को कॉल नही आया ,ऐसे मे उनके आने से पूजा बुआ हड़बड़ा गयी

पूजा बुआ ने राज को सबको बुला कर लाने को कहा

राज भाग भाग कर सबको बुलाने लगा

पूजा बुआ को कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या करे

स्वेता दीदी ने रोहन के माता पिता को मूह हाथ धोने के लिए पानी दिया

सीतल दीदी सोहन को कॉल कर रही थी कि ये अचानक विज़िट किस वजह से हो रही है

सोहन को भी इस के बारे मे पता नही था , वो भी सबकी तरह शॉक्ड था

स्वेता दीदी अपने होने वाले सास ससुर का स्वागत कर रही थी

सीतल दीदी टी नाश्ते का इंतज़ाम करने लगी

राज ने पहले नेहा बुआ को बताया फिर नीता बुआ को

बुआ अपना हाथ का काम छोड़ कर कर पूजा बुआ के घर चली गयी , पीछे का गेट खुला था

कोमल कविता लीना भी स्वेता दीदी की मदद करने के लिए आ गयी

और राज हमारे यहाँ आ गया

राज हमारे यहाँ आते हुए हाँफने लगा

सी चाची- राज क्या हुआ ऐसे भागते हुए क्यूँ आया

राज- मामी वो घर पे

ब चाची- पहले पानी पी फिर बता आराम से

राज- घर पे रोहन जीजू की माँ और पापा आए है

म चाची- ऐसे अचानक , पूजा दीदी ने हमे तो कुछ नही बताया कि वो आ रहे है

राज- माँ को भी नही पता था ,

सी चाची- ऐसे अचानक आने के पीछे कोई बात होगी

ब चाची- हमे चलना चाहिए

म चाची- मैं यही रुकु

सी चाची-समधी आए है तो शाम तक रोकना होगा , खातिर दारी करनी होगी ,

म चाची- तो

सी चाची-आप भी चलिए , कोमल के पास रुकना ताकि हम बच्चो को दूध पिलाने आ सके

ब चाची- मीना ने सही कह रही है , वो तो शाम को जाएँगे

विद्या- चाची आप जाइए हम आराम से पीछे पीछे आते है

ब चाची- चल मीना , उनके ऐसे अचानक आने से पूजा दीदी घबरा गयी होगी

सी चाची- राज तू अपनी मामी की मदद कर फिर आना

राज- जी मामी

और बड़ी चाची और सीमा चाची पूजा बुआ के घर गयी ,

मैं भी तैयार होके सीमा चाची के साथ नेहा बुआ के घर जाने लगा ,

चाचा खेत मे थे तो मैं अकेला मर्द होने से मुझे वहाँ तैयार होके जाना था

पूजा बुआ नेहा बुआ मेहमानो को टी नाश्ता देने लगी

मैं पीछे के गेट से अंदर आया तो नीता बुआ मुझे पे चिल्लाने लगी

नीता बुआ- कहाँ था , जल्दी नही आ सकता था

अवी- वो मैं तैयार हो रहा था

ब चाची- अवी जा , वहाँ जाकर बैठ जा , उनके साथ बातें कर,

सी चाची- बच्चों जैसे बातें मत करना , जो भी बोलना सोच समझ कर बोलना

नीता बुआ- तेरे चाचा आने तक उनसे बातें कर , जा अब

अवी- जी

ये क्या मुसीबत है

जेंटलमॅन बन कर रहना होगा उनके सामने

रोहन की माँ = मधुबाला

रोहन की भाभी =संगीता

और रोहन की भाभी संगीता के साथ तो पूजा बुआ नेहा बुआ और बड़ी चाची बात करने लगी

रोहन के पापा और उस पंडित के साथ मुझे बातें करनी पड़ी

ये मेरे लिए एक टेस्ट था ,

लड़की वाले होने से सोच समझ कर बात करनी पड़ती है

ये राजेश कहाँ चला गया , वो साथ मे होता तो मेरे कॉन्फिडेन्स बढ़ जाता

पूजा बुआ- सफ़र मे कोई परेशानी तो नही हुई

मधुबाला-आपका गाँव बहुत दूर है , थोड़ी परेशानी हुई

बड़ी चाची- परेशानी के लिए क्षमा चाहते है

संगीता- इस मे आप क्यूँ क्षमा माँग रही है ,

मधुबाला- रिश्ता निभाना है तो ये तो करना पड़ता है

पूजा बुआ- जी

संगीता- सीतल दिखाई नही दे रही ,, वो बाहर गयी है

नेहा बुआ- वो अंदर है ,नाश्ता बना रही है

ब चाची- आप इतनी सुबह सुबह आ गये , कोई खबर नही की

संगीता- हम यहाँ से जा रहे थे तो सोचा आप सब से मिल लिया जाए

पूजा बुआ- मिलते रहने से रिश्ते मज़बूत होते है

मधुबाला-वो आप पर डिपंड करता है कि आप खातिरदारी कैसे करती है, अब तक तो जूस भी नही दिया

सी चाची- ये लीजिए जूस , स्वेता ने अपने हाथो से बनाया है

मधुबाला (रोहन की माँ )थोड़ी खाड़ुस टाइप की है

पर छोटी चाची ने सही समय पे एंट्री मारी

नीता बुआ- स्वेता सबको जूस दो

संगीता - स्वेता के हाथ की टी मुझे पसंद है , उसकी जैसी टी कोई बना नही सकती

पूजा बुआ- अभी टी बनाने को कहती हूँ

मधुबाला- हर चीज़ बोलनी पड़ रही है , पता नही आगे क्या होगा

नीता बुआ- टी भी तैयार है , आपने जूस कहा तो जूस आ गया , टी कहती तो टी आ जाती

नीता बुआ भी कुछ कम नही थी

पर ऐसे जवाब देना ठीक नही था

पूजा बुआ- नीता तुम अंदर देखो खाने पीने का

बातों बातों मे बात ना बढ़ जाए उस लिए पूजा बुआ ने नीता बुआ को अंदर भेज दिया

नीता बुआ- देखा तुम ने कितनी खाड़ुस है वो

सी चाची- उस से दूर रहना होगा , बस हाँ मे गर्दन घुमाना उनके सामने

नीता बुआ- शादी के बाद तो स्वेता सीतल पे ऑर्डर चलाती फ़िरेगी

सी चाची- स्वेता सब संभाल लेगी , उसको अच्छे बुरे की समझ है ,

संगीता - आप सब हमारे ऐसे आने से परेशान होंगे

नेहा बुआ -इसमे परेशानी की कोई बात नही है , हमे अच्छा लगा कि दीवाली पे आप हमारे यहाँ आए है

मधुबाला- हम बिना वजह कहीं नही जाते,और ऐसी जगह तो बिल्कुल ही नही जाते

पूजा बुआ- आप कोई ज़रूरी काम से आए थे

संगीता - ज़रूरी काम से एक जगह गये थे , वही से यहाँ आए है

ब चाची- कोई खास काम था

संगीता- उनको देख रही है वो हमारे फॅमिली के पंडित जी है , उनके पास गये थे

पंडित का नाम सुनते ही पूजा बुआ ने सबकी तरफ देखा

बड़ी चाची ने पूजा बुआ का हाथ दबा कर शांत रहने को कहा

इधर मैं बात कर रहा था रोहन के पापा के साथ

अवी- नमस्ते

रोहन के पापा - नमस्ते , पंडितजी ये अवी है , उसको तो आप जानते होंगे

पंडितजी- इसको तो उस ज़िल्ले मे , इस रेगोइन मे हर कोई जानता है , मेले मे इस साल पूजा इसी ने की थी

अवी- जी , पर आप से पहले मुलाकात नही हुई

रोहन के पापा - ये तो घूमते रहते है , अब जाके हमे मिले है , 3 महीने बाद

पंडितजी- ऐसी कोई बात नही है , वो तो पूजा ,पाठ की वजह से जाना पड़ता है बहुत सी जगहों पे

अवी- वो तो है , पर आपका चेहरा किसी से काफ़ी मिलता है , जिसको मैं जानता हूँ

पंडितजी- मेरी बहन की तुम्हारे गाँव के मंदिर के पंडित के साथ शादी हुई है ,

अवी- (ये पंडिताइन का भाई है ) उनको मैं अच्छे से जानता हूँ , मेले मे पूजा करने मे मेरी बहुत मदद की , आपकी बहन मंदिर का ध्यान अच्छे से रखती है , उनके वजह से भक्तों को ज़्यादा परेशानी नही होती

मेरे मूह से अपने बहन की तारीफ सुनकर पंडित खुश हो गया , चाची ने मुझे अंगूठा दिखा कर ऐसे बात करने को कहा

रोहन के पापा - ये हमारे फॅमिली मेंबर जैसे है , हम सब शुभ काम इनकी मर्ज़ी से करते है

अवी- शादी की बात करने गये थे आप

रोहन के पापा - तुम स्मार्ट हो , कौन सी क्लास मे पढ़ते हो

अवी- कॉलेज जाना शुरू किया है एक साल से ,

रोहन के पापा - फिर भी काफ़ी मेच्यूर लगते हो ,

अवी- कसरत करने का असर है

रोहन के पापा - गाँव की बात ही अलग होती है , मैं भी बचपन मे कसरत करता था

अवी- आपका बचपन गाँव मे बीता है , ये सुनकर अच्छा लगा

रोहन के पापा - अब तो गाँव जाने का समय ही नही मिलता , शहर की हवा जाने नही देती

अवी- शादी होते ही आप अपनी ज़िम्मेदारी से मुक्त हो जाओगे , तो आराम के साथ गाँव घूमते रहना ,

रोहन के पापा - तुम्हारी बात पे सोचूँगा ज़रूर

अवी- नाश्ता किया कि नही आपने मैं तो बातों बातों मे पूछना भूल गया

रोहन के पापा - हमारे आते ही नाश्ता स्वेता बेटी ने खिला दिया , बड़ी प्यारी बेटी है

अवी- जल्दी वो आपकी बेटी बनके आपके घर आएगी

रोहन के पापा - वो दिन तय कर लिया

अवी- पंडितजी ने डेट फिक्स की है

रोहन के पापा - हाँ उसी के सिलसिले मे पंडितजी के पास गये थे , और उनको यहाँ लेकर आए हैं

अवी- आप जूस पीजिए मैं एक मिनिट मे आता हूँ

और मैं किचेन मे चला गया

सी चाची- क्या बातें हुई , रोहन के पापा बहुत धीरे बात करते है सुनाई नही दिया

अवी- वो शादी की बात करने आए है , शादी की डेट फिक्स करने आए है ,

नीता बुआ- अभी तो स्वेता की पढ़ाई पूरी नही हुई है

अवी- अभी से बात करके डेट फिक्स कर रहे होंगे

सी चाची- दीदी को ये बात बतानी होगी

नीता बुआ- तेरे चाचा कहाँ रह गये

अवी- वो खेत मे है , आ रहे होंगे

नीता बुआ- ये राजेश भी फोन नही उठा रहा है , मेहमानों के लिए खाना बनाना होगा , नॉनवेज भी नही है

अवी- बुआ वो पंडित है

सी चाची - बाकी का सामना नही है , राजेश को बोल देते शहर से लाने को

अवी- मैं फोन करता हूँ

नीता बुआ- मैं ने दस बार फोन किया है

अवी- बुआ मैं उसका भाई हूँ , वो मेरा फोन ज़रूर उठाएगा

मैं ने राजेश को फोन किया

राजेश ने मेरा फोन उठा लिया , नीता बुआ ये देख कर शॉक्ड हुई

अवी- कहाँ है तू

राजेश- घर2 पे हूँ, धक्के मार रहा हूँ

अवी- वो बंद कर और जल्दी घर आ

राजेश- क्या हुआ भैया

अवी- घर पे मेहमान आए है और बुआ से बात कर उनको कुछ समान चाहिए

मैं ने नीता बुआ से राजेश की बात करवाई

और रोहन के पापा के पास आ गया

और उनसे इधर उधर की , रोहन सोहन की बातें करने लगा

पूजा बुआ- आपने बताया नही आपके आने का कारण

संगीता- पंडितजी को साथ लाए है

ब चाची- मैं तो समझ गयी पर आप एक बार बता देती तो क्लियर हो जाता

मधुबाला- पता नही ये रिश्ता क्यूँ कर रहे है , बच्चों की खुशी के लिए झुकना पड़ता है

संगीता- मम्मी प्लीज़ फिर से वही बात शुरू मत कीजिए

मधुबाला - मेरी तो कोई सुनता ही नही , बाद मे कुछ हुआ तो तेरी खैर नही

पूजा बुआ चुप चाप बात सुन रही थी

उनको पता था कि मधुबाला को ये रिश्ता ज़्यादा पसंद नही है

पर रोहन और सोहन की वजह से उनको हाँ करनी पड़ी और स्वेता दीदी सीतल दीदी के वजह से पूजा बुआ को हाँ बोलना पड़ा

संगीता- हम शादी की बात करने आए है

पूजा बुआ- इतनी जल्दी अभी तो स्वेता की पढ़ाई ख़तम नही हुई

मधुबाला- कॉलेज जाने वाली कैसे घर संभालेगी

संगीता - मम्मी जी मुझे बात करने दीजिए

.संगीता बहुत अच्छी है उनकी वजह से ये रिश्ता हो सका है

संगीता- शादी पढ़ाई पूरी होने के बाद होगी , पर अभी से सब फिक्स हो जाएगा तो अच्छा रहेगा जिस से आपको समय मिलेगा शादी की तैयारी करने को

पूजा बुआ- जी आपकी बात भी सही है

संगीता - तो हम बात शुरू करे

पूजा बुआ- स्वेता के पापा अभी तक आए नही है वो आ जाते तो अच्छा होता

संगीता- शादी की बात हम उनके आने के बाद करेंगे

नेहा बुआ - हम समझे नही

संगीता - शादी मे लेन देन की बात बाद मे मे करेंगे , अभी तो हम सगाई की बात करने आए है

पूजा बुआ- सगाई

संगीता - अभी सगाई कर देते है और शादी बाद मे कर लेंगे

हम.भी यही चाहते थे

सगाई हो गयी तो आधी टेंशन ख़तम.हो जाएगी

वरना शादी होगी कि नही उसकी वजह से बुआ परेशान रहेगी

हम भी तो यही चाहते थे

सब खुश थे सगाई का नाम सुनते ही

ब चाची- सगाई हो जाएगी तो हम भी तैयारी मे लग सकते है

पूजा बुआ- सगाई की डेट कब निकाली है

रोहन के पापा - वो पंडितजी को पता है

पूजा बुआ - फिर भी स्वेता के पापा होते तो

मधुबाला- हम लड़के वाले है

ब चाची- जी हम कुछ करते है

नेहा बुआ- मैं अभी आती हूँ

और नेहा बुआ छोटी चाची को बताने के लिए किचेन मे चली गयी

छोटी चाची को पता चलते ही वो हॉल मे आ गयी

सी चाची- नमस्ते

संगीता- नमस्ते , तो मैं कह रही थी सगाई कर देते है

पूजा बुआ -मीना

सब छोटी चाची की तरफ देखने लगे

रोहन की भाभी को लगा कि छोटी चाची फ़ैसला लेगी

सी चाची- आप तो जल्दी जल्दी मे लग रही है , पहले कुछ खातिरदारी करने दीजिए फिर आराम से बात करते है , हमे मेहमान नवाज़ी को मौका तो दीजिए

संगीता-दे दिया

सी चाची- तब तक एक दूसरे से मिल लेते है , ठाकुरजी आ जाएँगे

ठाकुरजी का नाम सुनते ही पूजा बुआ रिलॅक्स हो गयी

मधुबाला - कौन ठाकुर

सी चाची- आप ठाकुरजी को नही जानते , पूरा एरिया उनका है ,इस रीजन मे हर कोई उनको जानता है

रोहन के पापा - कहीं आप , अरे हाँ , ये उन्ही का तो गाँव है , मेले मे देखा था , उनके बारे मे बहुत सुना है ,

रोहन के पापा की बात सुनते ही मधुबाला को पता लग गया कि हम मामूली नही है

मधुबाला- वो भी यहाँ आएँगे

पूजा बुआ - वो मुझे अपनी बेटी मानते है , उनको बुलाना होगा तभी बात आगे बढ़ेगी

छोटी चाची ने सही गेम खेला

इसी लिए सब छोटी चाची के लास्ट फ़ैसला का इंतज़ार करते थे

एक बॉल पे सबको आउट कर दिया छोटी चाची

ठाकुरजी के आने से रोहन की माँ का मूह बंद रहेगा

संगीता - ये अच्छा रहेगा , उनके आने तक आप ख़ातिरदारी मे लग जाइए

सी चाची-जी , वैसे नॉनवेज या वेज

मधुबाला- ये क्या पूछना पड़ता है जिसे जो लगेगा वो खा लेगा , या फिर आपके यहाँ इतना खाना बनाया नही जाता

ब चाची- पंडितजी की वजह से पूछा था

संगीता - आपको जो अच्छा लगे वो बना लीजिए

सी चाची- मैं नही बनाने वाली , स्वेता और सीतल बनाएँगी

संगीता- ये तो और अच्छा रहेगा ,

और हमारी बातें फिर से शुरू हो गयी

और चाची बुआ खाने की तैयारी करने लगी

नेहा बुआ ने ठाकुरजी को फोन कर दिया

ठाकुरजी कुछ देर मे आ जाएँगे

राजेश के आते ही वो मेरे साथ मेहमानो से बातें करने लगा

चाचा भी आ गये जिस से बातें लंबी चलने लगी
 
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