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Guest
मून मून होटल शहर के बाहर एक बड़े फार्म हाउस के बीच में बना हुआ पुराने ज़माने का स्ट्रक्चर था जिसे रंग रोगन कर रहने लायक कमरों में तब्दील कर दिया गया था, होटल तक पहुचने के लिए मेन रोड से लगभग आधा किलोमीटर अंदर प्राइवेट रोड पे जाना पड़ता था, और अन्दर जाने वाले हर वाहन को होटल की पर्सनल सिक्यूरिटी चेक पोस्ट से हो कर गुजरना पड़ता था |
होटल के गेट पे पहुचते ही तन्यल सिक्यूरिटी गार्ड पर गुराया – जल्दी से बैरिएर खोल और गाडी को आगे जाने दे |
सिक्यूरिटी गार्ड रजिस्टर लेकर जीप के पास गया और बोला – इंट्री कर दो सर नौकरी का सवाल है |
तेरी तो – पुलिस की इंट्री मांग रहा है, साले नाटक बंद कर और दरवाजा खोल |
सिक्यूरिटी गार्ड तेजी से अपने केबिन में अन्दर गया, और उसी समय होटल की बिजली बंद हो गई |
गार्ड ने कहा – सर बिना लाइट के ये गेट नही खुल सकता, जब तक होटल का जनरेटर चालू नही हो जाता आपको यही रुकना पड़ेगा |
लगता है पुलिस का डर खत्म हो गया है लोगो में – तन्यल ने सोचा और जीप में बैठा बैठा बैचेनी से लाइट के आने का इंतजार करने लगा |
लगभग 10 मिनिट ऐसे ही गुजर गये और तभी उसके दिमाग में ख्याल आया, वो जीप से उतरा और सिक्यूरिटी गार्ड के केबिन में गया, - साले तूने अंदर फ़ोन लगा कर बोल दिया की बाहर पुलिस आई है |
नही साहब यहाँ कोई फ़ोन नहीं है न मेरे पास मोबाइल है आप चाहो तो चेक कर लो |
तो फिर दरवाजा क्यों नही खोल रहा ? जल्दी खोल
तभी लाइट आ गयी और वो जीप में बैठा, अभी जीप थोड़ी दूर ही पहुच पाई थी की सामने से एक बड़ा टेम्पो तेजी से उनकी और आते हुए दिखाई दीया, रास्ता संकरा था और दोनों गाड़िया एक साथ नही क्रॉस हो सकती थी, तन्यल के मुंह से कराह निकल गई, वो जल्दी से जल्दी उन दोनों तक पहुच कर उनको अरेस्ट करना चाहता था, पर एक के बाद एक रूकावटे सामने आती जा रही थी, रात लगभग 8 बजे से शुरू हुआ ये चूहे बिल्ली का खेल थमने का नाम ही नही ले रहा था |
उसने टेम्पो वाले से चिल्ला कर कहा – कहा घुसा चला आ रहा है, गाड़ी पीछे ले बेवकूफ |
टेम्पो वाला भी गुस्से से चिल्लाया – मैं नहीं तुम घुस रहे हो, और तमीज से बात कर, मेरी पहुच बहुत ऊपर तक है |
है भगवान – तन्यल ने मन ही मन कहा, - कल रात से आज सुबह तक उसकी जितनी इज्जत खराब हुई थी इतनी तो उसके पूरी पुलिसिया जीवन में नहीं हुई थी, वो गुस्से से जीप से उतरा और गाड़ी की ड्राइविंग सीट पे पहुचा – बता तेरी गाड़ी मैं क्या है, जल्दी खोल दरवाजा |
और अगर न खोलू तो क्या कर लोगे ?
साले तेरी सारी नेतागिरी थाने की खूंटी पे टांग के रात भर तेरी खाल उधेड़ दूंगा जल्दी खोल गाड़ी मैं कौन है |
ठीक है साहेब नाराज क्यों होते हो देख लो पूरी गाड़ी – और उसने दरवाजा खोल दिया
तन्यल ने टेम्पो में नजर डाली, सीट के निचे देखा, पूरा लोडिंग टेम्पो खाली पड़ा था, अब उसका गुस्सा और भी बढ़ गया, जल्दी पीछे ले नही तो यही चमड़ी उधेड़ दूंगा |
टेम्पो वाले ने कहा मेरी गाड़ी में रिवर्स गियर नही है |
तेरी तो – तन्यल चिल्लाया और अपनी जीप के ड्राईवर को जीप पीछे लेने का इशारा किया जीप पीछे हुई और टेम्पो आगे बढ़ा इस पूरी प्रक्रिया में 15 मिनिट और गुजर गये |
जब तक रास्ता साफ हुआ और तन्यल रिसेप्शन पर पहुचा उसका सब्र का बांध टूट चूका था, आधे किलोमीटर की दुरी तय करने के उसके पुरे 30 मिनिट लग गये थे और मेले से यहाँ तक की 8 किलोमीटर की दुरी तय करने में पूरी रात लग गई थी उसने रिसेप्शन पर बैठे आदमी को देखा और जोर पूछा – क्या यहाँ पर कल रात को कोई लड़का और लडकी आये थे दोनों सैलानी थे, लोकल रेगुलर नही |
कल दो तीन कपल आये तो थे पर वो तो कुछ ही घंटो में रूम खाली कर के चले गये |
क्या उनमे से कोई लाल हैण्ड बेग वाली लडकी थी ? चल बता तेरा रजिस्टर |
अब रिसेप्शनिस्ट समझ चूका था की झूठ बोलने का कोई फायदा नही आज साहब उन दोनों को पकड़ने की कसम ले कर आये है उसने जवाब दिया – हा सर वो 308 रूम मैं है |
होटल के गेट पे पहुचते ही तन्यल सिक्यूरिटी गार्ड पर गुराया – जल्दी से बैरिएर खोल और गाडी को आगे जाने दे |
सिक्यूरिटी गार्ड रजिस्टर लेकर जीप के पास गया और बोला – इंट्री कर दो सर नौकरी का सवाल है |
तेरी तो – पुलिस की इंट्री मांग रहा है, साले नाटक बंद कर और दरवाजा खोल |
सिक्यूरिटी गार्ड तेजी से अपने केबिन में अन्दर गया, और उसी समय होटल की बिजली बंद हो गई |
गार्ड ने कहा – सर बिना लाइट के ये गेट नही खुल सकता, जब तक होटल का जनरेटर चालू नही हो जाता आपको यही रुकना पड़ेगा |
लगता है पुलिस का डर खत्म हो गया है लोगो में – तन्यल ने सोचा और जीप में बैठा बैठा बैचेनी से लाइट के आने का इंतजार करने लगा |
लगभग 10 मिनिट ऐसे ही गुजर गये और तभी उसके दिमाग में ख्याल आया, वो जीप से उतरा और सिक्यूरिटी गार्ड के केबिन में गया, - साले तूने अंदर फ़ोन लगा कर बोल दिया की बाहर पुलिस आई है |
नही साहब यहाँ कोई फ़ोन नहीं है न मेरे पास मोबाइल है आप चाहो तो चेक कर लो |
तो फिर दरवाजा क्यों नही खोल रहा ? जल्दी खोल
तभी लाइट आ गयी और वो जीप में बैठा, अभी जीप थोड़ी दूर ही पहुच पाई थी की सामने से एक बड़ा टेम्पो तेजी से उनकी और आते हुए दिखाई दीया, रास्ता संकरा था और दोनों गाड़िया एक साथ नही क्रॉस हो सकती थी, तन्यल के मुंह से कराह निकल गई, वो जल्दी से जल्दी उन दोनों तक पहुच कर उनको अरेस्ट करना चाहता था, पर एक के बाद एक रूकावटे सामने आती जा रही थी, रात लगभग 8 बजे से शुरू हुआ ये चूहे बिल्ली का खेल थमने का नाम ही नही ले रहा था |
उसने टेम्पो वाले से चिल्ला कर कहा – कहा घुसा चला आ रहा है, गाड़ी पीछे ले बेवकूफ |
टेम्पो वाला भी गुस्से से चिल्लाया – मैं नहीं तुम घुस रहे हो, और तमीज से बात कर, मेरी पहुच बहुत ऊपर तक है |
है भगवान – तन्यल ने मन ही मन कहा, - कल रात से आज सुबह तक उसकी जितनी इज्जत खराब हुई थी इतनी तो उसके पूरी पुलिसिया जीवन में नहीं हुई थी, वो गुस्से से जीप से उतरा और गाड़ी की ड्राइविंग सीट पे पहुचा – बता तेरी गाड़ी मैं क्या है, जल्दी खोल दरवाजा |
और अगर न खोलू तो क्या कर लोगे ?
साले तेरी सारी नेतागिरी थाने की खूंटी पे टांग के रात भर तेरी खाल उधेड़ दूंगा जल्दी खोल गाड़ी मैं कौन है |
ठीक है साहेब नाराज क्यों होते हो देख लो पूरी गाड़ी – और उसने दरवाजा खोल दिया
तन्यल ने टेम्पो में नजर डाली, सीट के निचे देखा, पूरा लोडिंग टेम्पो खाली पड़ा था, अब उसका गुस्सा और भी बढ़ गया, जल्दी पीछे ले नही तो यही चमड़ी उधेड़ दूंगा |
टेम्पो वाले ने कहा मेरी गाड़ी में रिवर्स गियर नही है |
तेरी तो – तन्यल चिल्लाया और अपनी जीप के ड्राईवर को जीप पीछे लेने का इशारा किया जीप पीछे हुई और टेम्पो आगे बढ़ा इस पूरी प्रक्रिया में 15 मिनिट और गुजर गये |
जब तक रास्ता साफ हुआ और तन्यल रिसेप्शन पर पहुचा उसका सब्र का बांध टूट चूका था, आधे किलोमीटर की दुरी तय करने के उसके पुरे 30 मिनिट लग गये थे और मेले से यहाँ तक की 8 किलोमीटर की दुरी तय करने में पूरी रात लग गई थी उसने रिसेप्शन पर बैठे आदमी को देखा और जोर पूछा – क्या यहाँ पर कल रात को कोई लड़का और लडकी आये थे दोनों सैलानी थे, लोकल रेगुलर नही |
कल दो तीन कपल आये तो थे पर वो तो कुछ ही घंटो में रूम खाली कर के चले गये |
क्या उनमे से कोई लाल हैण्ड बेग वाली लडकी थी ? चल बता तेरा रजिस्टर |
अब रिसेप्शनिस्ट समझ चूका था की झूठ बोलने का कोई फायदा नही आज साहब उन दोनों को पकड़ने की कसम ले कर आये है उसने जवाब दिया – हा सर वो 308 रूम मैं है |