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हिन्दी नॉवल -ट्रिक ( By Ved Parkash Sharma) complete

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नुसरत तुगलक की हवा शंट । चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थी ।

" अब अपने ' दिमाग के कपाट खोलने के लिए कुछ और बाते सुनो ।” जैकी ने कहा----"यह तो तुम जानते ही होंगे कि मुझे 'जासूसों का देवता' कहा जाता है और वह, जिसका नाम विजय है, मेरा सबसे कविल शिष्य है । इतना काहिल कि वह एक सेकंड के लिए भी कभी तुम्हारे चक्करदार चक्कर में नहीं फंसा । तुम्हारे 'हैरी' को अार्मी हॉस्पिटल में वह देखते ही ताड़ गया था कि वह हैरी नहीं है । उसने फौरन मुझसे संबंध स्थापित किया । बताया---- हैरी को नुसरत… तुगलक ने किडनैप कर लिया है । मैं तुम्हारे पीछे लग गया । मेरे और विजय बीच तय हो गया था कि जब तक में हेैेरी तक न पहुच जाऊं वह वही करता रहेगा जो तुम चाहते हो । सुना तुमने-----" तुम्हारे चक्करदार चक्कर में फंसा होने का नाटक कर रहा था । केवल इसलिए ताकि हैरी को तुम्हारे चंगुल से सुरक्षित निकाला जा सके ।

उसके द्वारा तुम्हारे हैरी (मारकेश) पर हाथ डालने का मतलब था----असली हैरी की जान को खतरा । इसे कहते है शतरंज की असली खिलाडी । मात देने तक सामने वाले की चालों में फंसा होने का नाटक करने वाला । उसने केवल तुमसे कहा है, अभी तक अपने चीफ को ग्रीन सिग्नल दिया नहीं होगा । अब देगा । तब देगा जब उसे पता लग जाएगा कि मैं हैरी को तुम्हारी कैद से निकालने में कामयाब हो गया हू।"

“कामयाब तो तब होंगे प्यारे जासूसों के देवता जब हम होने देगे ।" कहते हुए तुगलक ने गज़ब की फुर्ती के साथ जैकी के रिवांत्वर वाले हाथ में ठोकर मारी ।

कदाचित जैकी को उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी !!

रिवॉल्वर उसके हाथ से निकलकर कांच की दीवार पर जा टकराया ।

मगर , उनका अगला आक्रमण कामयाब नहीं होने दिया जैकी ने ।

उसके हाथ पर जोर से ठोकर तुगलक ने मारी थी और उसके लगभग तुरंत बाद जम्प लगाई । जैकी ने किसी भी तरह उससे बचने की कोशिश नहीं की बल्कि वह कलाई पकडकर उमेठ दी जिसमें रिमोट था ।"

अगले पल रिमोट जैकी के हाथ में था और हल्के -- फुल्के नुसरत को उठाकर उसने तुगलक पर फेक दिया । तुगलक जो खुद भी उस पर जम्प लगाने की कोशिश कर रहा था, उस पर नुसरत जाकर गिरा तो दोनों एक-दूसरे से उलझते-पुलझते फर्श पर जा गिरे ।

"संभलकर नुसरत बहन ।" गिरते-पड़ते तुगलक ने कहा---- वो साला एक बार हावी हो गया तो कच्चा चबा जाएगा हमे देवता ठहरा जासूसों का ।"

"उलझ तो तू रहा है यार मुझसे" । नुसरत ने कहा ।

इधर जैकी, उनसे उलझा भले ही पहली बार हो मगर उसने सुन रखा था वे दोनों मिलकर दुनिया के सबसे की शेतान हैं । वे अक्सर सामने वाले पर हावी हो जाते हैं ओर एक बार अगर वो हावी हो गए तो फिर दुनिया की कोई ताकत उन पर काबू नहीं पा सकती, इसलिए उसने उन्हें कोई भी मैका ना देने का निश्वय कर लिया और रिमोट का आन वाला बटन दबा दिया । पलक झपकते ही कांच की दीवार में मोखला बना ।

तुगलक ने जैकी की हरकत देख ली थी, इसलिए स्वर के बबुए की तरह फर्श से उछलकल चीखा----" अमां क्या कर रहे हो जैकी मियां है इस तरह तो . . . ।"

बावय अधूरा ही रह गया । मौखला पार करके हैरी का जिस्म धाड़ से उसके जिस्म से टकराया । इस बार वह हैरी के साथ उलझता हुआ फर्श पर गिरा ।

नुसरत ने जैकी पर जम्प लगाई । मगर अकेला नुसरत जैकी के लिए कुछ भी नहीं था । ठीक उसी तरह अकेले तुगलक के लिए हैरी काफी था। जैकी और हैेरी ने दोनों को एक साथ मिलकर कोई भी हमला करने का मैका नहीं दिया । जैकी नुसरत को अपने में उलझाए रहा, हैरी तुगलक को ।

बोलते वे फाइटिंग के दरम्यान भी लगातार रहे थे ।

हैरी पर तो मोका मिलते ही मानो जुनून सवार हो गया था । अपने शिकार को संभलने का मोका नहीं दिया। अगर ये कहा जाए तो गलत , नहीं होगा कि तुगलक उस पर एक वार भी नहीं कर पाया था । जबकि उसने उसे घूसों ठोकरों पर रख दिया था । लहू लुहान हो गया था तुगलक !

अंतत बेहोश होकर फर्श पर पड़ा रह गया ।

खूंखार शेर की तरह वह जैेकी और नुसरत की तरफ घूमा ! हालांकि जैकी नुसरत पर हावी था ! मगर जैकी से अभी तक जूझ रहा था ! वह तुगलक की तरह कम से कम बेहेश नहीं हुआ था !

ऐसा देखकर हैरी तुगलक पर झपट पड़ा और उसके बाद उसने तुगलक की जो धूनाई की तो जैकी के पास करने के लिए कुछ रह ही नहीं गया था ! पहले ही निढाल हो चुका तुगलक पाचं सात हाथ भी न झेल सका और बेहोश हो गया मगर हैरी तो उसके बेहोश जिस्म पर ठोकर बरसाता चला जा रहा था !

अंतत जैकी को ही झपटकर उसे पक्रड़ना पड़ा।

उसे तुगलक के वेहोश जिस्म से दूर करता हूआ बोला----"क्या कर रहा है बेटे, अब क्या जान से ही मार डालेगा उसे?"

" हां डैडी !" वह जैकी के बधंनों से निकलने के लिए फड़फडाता हुआ चीखा ---" मैं इन्हें जान से मार डालूंगा !! मुझ पर हाथ डालने की इनकी हिम्मत कैसे हुई ?"

" नहीं बेटे !" जैकी ने शांत स्वर में कहा --- " जसूसों को एक दूसरे से ऐसा सलूक नहीं करना चाहीए !"

" क्या मतलब ?"

"जासूसी के मैदान का पहला सिद्धांत है-प्रतिद्वदी जासूस की जान तब तक मत लो जब तक तुम्हारा काम उसकी जान लिए बगैर निकल सकता है !! हां ! अगर काम जान लिए बगैर निकल ही न रहा हो तो बात दूसरी है !"

"अब उन सिद्धांतों का जमाना नहीं रहा डैडी जिन सिद्धांतो के तहत अाप नए-नए लडकों को जादू के पैत्तरे सिखाते हैं । अब तो सिद्धांत ये है कि दुश्मन को सामने पडते ही मार डालो ।”

"क्यों मार डालो?" इस बार जैकी ऊची आवाज में ब्रोला-'"क्या गुनाह किया है उसने? जो गुनाह उसका है वही गुनाह तुम भी हर रोज, हर कदम पर करते हो । तुम अपने देश के हित में करते हो सामने बाला-अपने देश के हित के लिए । अगर वह जीने का अधिकारी नहीं है तो तुम्हें भी मर जाना चाहिए ।"

हैरी अपने डैडी के भभकते चेहरे को देखता रह गया ।

जैकी ने जागे कहा--"और कौन कहता है कि आज का सिद्धांत दुश्मन देश के जासूसों को देखते ही गोली मार डालने का है । ऐसा था तो इन लोगों ने तुम्हें यहाँ कैद क्यों कर रखा था, मार क्यों नहीं डाला?"

हैरी पर जवाब नहीं था ।

"कुछ भी हो नुसरत तुगलक भी जासूसी के सिद्धांत से वाकिफ थे । इन्होंने सिर्फ तुम्हें कैद'किया, मारा नहीं, इसलिए जिंदा रहने का हक इन्हें भी है । आओ, इन्हें कांच के कमरे में फेंकने में मेरी मदद करो ।"

हैरी को वहीं करना पड़ा जो जैकी ने कहा ।

कुछ देर बाद नुसरत-तुगलक पर ठीक उसी तरह कांच के कमरे में धक्के-लातें पड़ रहे थे । जिस तरह कुछ देर पहले हैरी लड़ रहा था । जैकी ने मोखले की और करके रिमोट अपनी जेब में डाला और हेरी का हाथ पकडकर कांच की दीवार की तरफ बढ़ता चला गया । बोला-----''' अब अंतिम काम विजय को ग्रीन सिंगन्ल देना है ।"

'ये लो प्यारे ।" गुप्त भवन में पहुंचते ही विजय ने मारकेश को ब्लेक ब्वॉय की तरफ धकेलते हुए कहा---‘संभालो दुनिया के एक ऐसे खूंखार हत्यारे को जिसका निशाना कभी नहीं चूकता ।"

मारकेश के चेहरे पर इस वक्त कोई मेकअप नहीं था ।

वह एक सख्त चेहरे वाला गोरा चिटृटा लड़का था । जबसे वह पक्रड़ा गया था तव से एक भी लफ्ज नहीं बोला था । पाकिस्तान से यहां तक के रास्ते से जबड़े सख्ती के साथ कस रखे थे उसने ।

"नजमा कहां है?" ब्लेक व्बॉय ने पूछा ।

"उसे भी हम अपने साथ भारत ले अाए हैं । अब उसका पाकिस्तान में रहना ठीक नहीं था ।"

"यानी अब मैं गृह सचिव को ग्रीन सिग्नल दे सकता हूं कि वे प्राइम मिनिस्टर महोदय के पाकिस्तान दोरे का प्रोग्राम ज्यों का त्यों रखे । उसमे कोई परिवर्तन न करें ।"

"बस इतना परिवर्तन करें कि उनकी सुरक्षा टीम में मेरा और दिलजले का नाम लिखवा दें ।"

 


ब्लेक ब्वॉय ने एक नजर मारकेश पर डालने के साथ पूछा-" क्या पाकिस्तान में उन्हें अब भी कोई खतरा है?”

"खतरा बाल बराबर भी नहीं है काले लड़के मगर सतर्कता जरुरी है ।"

' "समझ गया ।" ब्लेक बोय ने मारकेश की तरफ इशारा किया…"' इसका क्या करें?"

"कैद में डाल दो और कर भी क्या.....!"

"ताकि फिर कोई इंडियन विमान अपहरण करके कांधार न ले जाया जाए ।" कुछ देर से खामोश विकास ज्वालामुखी की मानिन्द फूट पडा…"ताकिं फिर निर्दोष यात्रियों की जान के बदले में इसे रिहा करने की शर्त्त रखे और फिर सरकार निर्दोष यात्रियों को बचाने के नाम पर - इसे रिहा कर सके ।"

" "कहना क्या चाहते हो दिलजले?"

केवल यह कहना चाहता हूं कि ऐसी बेवकूफी हम करते ही क्यों हैं कि कल कोई इनकी रिहाई की मांग कर सके । जेलों में क्यों डालते हो इन्हें, गोलियां क्यों नहीं मार देते? मारकेश जेसे लोग पागल कुत्ते हैं गुरू, और पागल कुत्तो को गोली मार देनी चाहिए ।"

"ये पटठा तभी से इस बात पर आमादा है जब से 'हेरी' के मारकेश होने का रहस्य खुला है ।" विजय ने ब्लैक व्बॉय से कहा---"बडी मुश्किल से पाजामे में रख पा रहा हू इसे । उधर ये ।" उसने मारकेश की तरफ इशारा किया…" ये भी मरने पर आमादा है । जरा भी ढील दे दी होती तो अब तक आत्महत्या कर का होता ।"

"वही तो कह रहा हूं मैं । जब ये खुद मरना चाहता है क्यों रोका जा रहा है मुझे ।" विकास गुर्राया ---" क्यों हम भविष्य में किसी आतंकवादी को इतना मौका दें कि कल वह इनकी रिहाई की बात कर सके !

क्या अाप भूल गए, जिसे कांधार में छोडा गया कश्मीर विधानसभा के बाहर क्या किया?"

"समझने की कोशिश कर दिलजले, दुनिया में सिद्घात नाम की भी एक चिड़िया है !!!

" भाड में जाएँ गुरु । भाड़ में जाएं आपके सिद्धांत !" कहने के साथ सेचने का किसी को मौका दिए बगैर उसने, जैब से रिवॉल्वर निकाला और......... ।"

" धांय ! "

सीक्रेट सर्विस का आँफिस मारकेश की चीख से गूंज उठा ।

“धत !" विजय ने अपने माथे पर हाथ मारा, कोहनी टेबल पर टिकाई और बोला-----'" नई पौध का सिद्धातों से साला कोई रिलेशन ही नहीं रह गया है ।"



The end
 
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