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रूपाली दीदी ने मुन्नी को गोद में ले लिया... उन्होंने चोली से अपनी चूची बाहर निकाल के मुन्नी के मुंह में दे दी... और साड़ी के आंचल से अपने सीने को ढक लिया.. वैसे तो ट्रांसपेरेंट साड़ी होने के कारण सब कुछ दिख रहा था... ऑटो की फ्रंट मिरर को एडजस्ट करके सुरेश ने मेरी रूपाली दीदी पर कर दिया था ..आंखों से मेरे दीदी को चोदा था सुरेश... मुन्नी और जोर जोर से रोने लगी... शायद मेरी दीदी की चूची में दूध बचा नहीं था... मुन्नी की दहाड़ सुनकर मेरी दीदी ने अपना मुंह ऑटो के बाहर की तरफ घुमा दिया..... सुरेश से नजर बचाकर मेरी दीदी ने अपनी चूची पकड़ के पंप किया... एक बार ..दो बार ...तीन बार.... दीदी की चूची में दूध तो बचा ही नहीं था तो निकलेगा कैसे... दीदी ने मुन्नी को पलट के अपनी दूसरी चूची से लगा लिया.... वहां भी ऐसे ही सूखा पड़ा हुआ था..
भाभी जी सारा दूध तो गुंडों को पिला कर आई हो... कहां से निकलेगा दूध..... बड़े ही कामुक लहजे में सुरेश ने कहा...
दीदी शरमा गई मैं भी झेप गया...
तुम अपने काम से मतलब रखो.... ज्यादा बकवास मत करो... गुस्से में दीदी ने कहा पर उनकी बातों में आत्मविश्वास की कमी थी... हाय रे तेरे नखरे... छम्मक छल्लो... हाय हाय ... तेरे नखरे से मेरा लौड़ा बेकाबू हो रहा है... जी चाहता है तुझे अभी यहीं पर पटक पटक कर चोद दूँ... छमिया....... दीदी के गुस्से का सुरेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा... बल्कि वह और भी उत्तेजित हो गया था... उसने बीच सड़क पर अपनी ऑटो रोक दी..
सुरेश भाई आपने गाड़ी क्यों रोक दी आप चलो ना प्लीज... हमें घर पहुंचा दो............ मैंने सुरेश से गुहार लगाई... मेरी दीदी चुप हो गई थी... सुरेश ने जिस प्रकार मेरी दीदी को कामुक लहजे में जवाब दिया था... दीदी घबरा गई थी.... मैंने मौके की नजाकत समझते हुए सुरेश की चापलूसी करना ठीक समझा..
बहन चोद तू तो लड़का अच्छा है... पर यह तेरी दीदी बड़े नखरे दिखाती है.... गांड मरवा कर आ रही है... मादरजात... फिर भी इसके नखरे देख.... सुरेश ने पीछे मुड़ के मुझसे कहा... इस रंडी को बोल कि अपनी बच्ची को अच्छे से दूध पिला दे... फिर मैं ऑटो चला लूंगा... वरना हम लोग यहीं खड़े रहेंगे... सुरेश ने मुझे कहा और मेरी दीदी को भी..........
उसकी बात सुनकर दीदी ऑटो से उतर गई... साथ ही साथ सुरेश और पीछे पीछे मैं भी... मेरी दीदी ऑटो के पीछे गई और उन्होंने अपनी चोली खोल दी.... खुले आसमान में मेरी दीदी की दोनों चूचियां बाहर हिल रही थी.... सुरेश और मैं उनके आसपास खड़े देख रहे थे.... दीदी अपनी चूचियों को अपने हाथों से दबा दबा के दूध निकालने का प्रयास कर रही थी... थोड़ा बहुत दूध निकल भी रहा था और मुन्नी पी रही थी... दीदी खूब प्रयास कर रही थी.... अचानक सुरेश ने लौड़ा पेट से बाहर निकाला और पेशाब करने लगा मेरी दीदी के सामने... पेशाब करने के बाद भी उसने अपना लोड़ा पैंट में डालना जरूरी नहीं समझा... और मेरी दीदी के सामने तान के हिलाने लगा... शर्म और हया के मारे मेरी दीदी पानी पानी हो रही थी... बगल में खड़ा मैं भी सब कुछ देख रहा था..... पर मेरी दीदी की मजबूरी थी कि दूध पिलाय मुन्नी को.... दीदी अपने दोनों हाथों से अपनी दोनों चूचियों को नीछोड़कर दूध पिला रही थी मुन्नी को और सामने खड़ा सुरेश अपना लौड़ा हिला रहा था मेरी दीदी को देख कर..
भाभी जी ....ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है.. गांड में.... उस गुंडे ने फाड़ दि.. हाय... सुरेश मेरी दीदी के मजे लेना चाहता था.....
मेरी दीदी ने कोई जवाब नहीं दिया... वह अपने काम में लगी रही...
साली रंडी..... देख मेरा लोड़ा ... सुरेश ने कहा और मेरी दीदी ने तिरछी नजरों से उसके लोड़े को देखा..... पटक पटक के चो दूंगा तुझे साली... रंडी...... सुरेश मेरी दीदी की चूची को निहारते हुए अपना लौड़ा हिला रहा था और बक रहा था...
मेरी दीदी ने जी तोड़ मेहनत की और अपनी चूचियां दबा दबा के मुन्नी को दूध पिलाया... भर पेट दूध पीने के बाद सो गई मुन्नी... दीदी ने सोने के बाद मुन्नी को मेरी गोद में दे दिया,...... मैं मुन्नी को गोद में लेकर ऑटो के अंदर जाकर बैठ गया....... मुझे लगा कि मेरी रूपाली दीदी भी पीछे-पीछे मेरे पास आकर बैठ जाएगी...... पर मेरी दीदी के इरादे कुछ और ही थे.....
भाभी जी सारा दूध तो गुंडों को पिला कर आई हो... कहां से निकलेगा दूध..... बड़े ही कामुक लहजे में सुरेश ने कहा...
दीदी शरमा गई मैं भी झेप गया...
तुम अपने काम से मतलब रखो.... ज्यादा बकवास मत करो... गुस्से में दीदी ने कहा पर उनकी बातों में आत्मविश्वास की कमी थी... हाय रे तेरे नखरे... छम्मक छल्लो... हाय हाय ... तेरे नखरे से मेरा लौड़ा बेकाबू हो रहा है... जी चाहता है तुझे अभी यहीं पर पटक पटक कर चोद दूँ... छमिया....... दीदी के गुस्से का सुरेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा... बल्कि वह और भी उत्तेजित हो गया था... उसने बीच सड़क पर अपनी ऑटो रोक दी..
सुरेश भाई आपने गाड़ी क्यों रोक दी आप चलो ना प्लीज... हमें घर पहुंचा दो............ मैंने सुरेश से गुहार लगाई... मेरी दीदी चुप हो गई थी... सुरेश ने जिस प्रकार मेरी दीदी को कामुक लहजे में जवाब दिया था... दीदी घबरा गई थी.... मैंने मौके की नजाकत समझते हुए सुरेश की चापलूसी करना ठीक समझा..
बहन चोद तू तो लड़का अच्छा है... पर यह तेरी दीदी बड़े नखरे दिखाती है.... गांड मरवा कर आ रही है... मादरजात... फिर भी इसके नखरे देख.... सुरेश ने पीछे मुड़ के मुझसे कहा... इस रंडी को बोल कि अपनी बच्ची को अच्छे से दूध पिला दे... फिर मैं ऑटो चला लूंगा... वरना हम लोग यहीं खड़े रहेंगे... सुरेश ने मुझे कहा और मेरी दीदी को भी..........
उसकी बात सुनकर दीदी ऑटो से उतर गई... साथ ही साथ सुरेश और पीछे पीछे मैं भी... मेरी दीदी ऑटो के पीछे गई और उन्होंने अपनी चोली खोल दी.... खुले आसमान में मेरी दीदी की दोनों चूचियां बाहर हिल रही थी.... सुरेश और मैं उनके आसपास खड़े देख रहे थे.... दीदी अपनी चूचियों को अपने हाथों से दबा दबा के दूध निकालने का प्रयास कर रही थी... थोड़ा बहुत दूध निकल भी रहा था और मुन्नी पी रही थी... दीदी खूब प्रयास कर रही थी.... अचानक सुरेश ने लौड़ा पेट से बाहर निकाला और पेशाब करने लगा मेरी दीदी के सामने... पेशाब करने के बाद भी उसने अपना लोड़ा पैंट में डालना जरूरी नहीं समझा... और मेरी दीदी के सामने तान के हिलाने लगा... शर्म और हया के मारे मेरी दीदी पानी पानी हो रही थी... बगल में खड़ा मैं भी सब कुछ देख रहा था..... पर मेरी दीदी की मजबूरी थी कि दूध पिलाय मुन्नी को.... दीदी अपने दोनों हाथों से अपनी दोनों चूचियों को नीछोड़कर दूध पिला रही थी मुन्नी को और सामने खड़ा सुरेश अपना लौड़ा हिला रहा था मेरी दीदी को देख कर..
भाभी जी ....ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है.. गांड में.... उस गुंडे ने फाड़ दि.. हाय... सुरेश मेरी दीदी के मजे लेना चाहता था.....
मेरी दीदी ने कोई जवाब नहीं दिया... वह अपने काम में लगी रही...
साली रंडी..... देख मेरा लोड़ा ... सुरेश ने कहा और मेरी दीदी ने तिरछी नजरों से उसके लोड़े को देखा..... पटक पटक के चो दूंगा तुझे साली... रंडी...... सुरेश मेरी दीदी की चूची को निहारते हुए अपना लौड़ा हिला रहा था और बक रहा था...
मेरी दीदी ने जी तोड़ मेहनत की और अपनी चूचियां दबा दबा के मुन्नी को दूध पिलाया... भर पेट दूध पीने के बाद सो गई मुन्नी... दीदी ने सोने के बाद मुन्नी को मेरी गोद में दे दिया,...... मैं मुन्नी को गोद में लेकर ऑटो के अंदर जाकर बैठ गया....... मुझे लगा कि मेरी रूपाली दीदी भी पीछे-पीछे मेरे पास आकर बैठ जाएगी...... पर मेरी दीदी के इरादे कुछ और ही थे.....