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Adultery एक कायर भाई

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अच्छा बेटा तो तुम वही हो क्या.... हमारे दमाद जी ने बताया था तुम्हारे बारे में.. बड़े वाले आदमी हो तुम.. इतनी मदद की तुमने हमारे बच्चों की...... आओ कुछ मुंह मीठा कर लो हमारे घर में.. मम्मी ने सुरेश को कहा..

बेटी आओ... सुरेश का मुंह मीठा करवा दो.. मम्मी ने प्रियंका दीदी की तरफ देखते कहा..

मम्मी की आवाज सुनकर मेरी प्रियंका दीदी ने पहली बार सुरेश की तरफ ध्यान दिया... सुरेश की आंखो में वासना की अग्नि देख कर मेरी दीदी भी सहम गई थी.. मेरी प्रियंका दीदी कोई बच्ची तो है नहीं जो मर्द की आंखो में वासना की भूख ना देख सके..... प्रियंका दीदी अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी..

नहीं आंटी जी... मुझे देर हो रही है मुझे जाना है... जल्दी से आप लोग मेरा किराया दे दो...... बहुत प्यास लगी है.. हो सके तो एक गिलास पानी पिला दीजिए... प्यास और पानी की बात कहते हुए उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर थी...

उसकी बात सुनकर मेरी प्रियंका दीदी तुरंत किचन के अंदर गई और पानी लेकर आ गई एक ग्लास... उन्होंने ग्लास सुरेश के हाथ में थमा दिया और अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी... सुरेश ने मेरी दीदी के हाथ से पानी का ग्लास ले लिया और पीने लगा.. पानी पीते हुए भी उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर टिकी हुई थी.. पानी तो वह ऐसे पी रहा था जैसे मेरी दीदी की चूची पी रहा हो...

चंदा.... इस ऑटो वाले भैया को इनका किराया तो दे दो.. मेरी मम्मी ने चंदा भाभी को कहा..

मेरी रूपाली दीदी का हाथ छोड़कर चंदा भाभी अपने बेडरूम में गई.. पैसे लेकर आई.. और उन्होंने पैसे सुरेश के हाथों में थमा दीया..

अपनी चूचियां तान के मेरी चंदा भाभी सुरेश के सामने खड़ी थी..

और क्या सेवा करूं आपकी भैया जी... भाभी ने सुरेश की आंखों में आंखें डाल कर पूछा..

कुछ नहीं दीदी बस अब मैं जाता हूं... सुरेश ने घबराते हुए कहा...

चंदा भाभी के बोल्ड अंदाज को देखकर सुरेश बिल्कुल सकते में आ गया था... उसने किराया लिया और चुपचाप वहां से निकल गया... हमारे घर का माहौल बेहद खुशनुमा था... रात का खाना हम सब ने मिलकर साथ में खाया... चंदा भाभी मेरी रूपाली दीदी को बार-बार इस दौरान छेड़ रही थी.... मेरी रूपाली दीदी के चेहरे पर थकान साफ साफ दिखाई दे रही थी और हो भी क्यों ना.... दिन भर उनके साथ..

गपा गप छपा छप जो हुआ था... रूपाली दीदी की चाल भी बदली हुई लग रही थी.... मेरी दीदी टांगे फैलाकर चल रही थी...
 
रात को जब सोने का टाइम हुआ तो चंदा भाभी ने मेरी रूपाली दीदी का हाथ पकड़ लिया और उनको अपने बेडरूम मे ले गई.... रूपाली दीदी और चंदा भाभी एक ही बेडरूम में एक साथ सोए,.. मुन्नी भी... भाभी के दोनों बच्चे.. यानी मेरे भतीजे गुड्डू और राजू मम्मी के साथ सो गय.... मैं और प्रियंका दीदी एक ही रूम में सोए हुए थे अलग अलग बेड पर......

चंदा भाभी का बेडरूम सटा हुआ था हमारे ही रूम से... उस कमरे में होने वाली सारी आवाजें मुझे साफ-साफ रही थी.......

दिन भर में जो भी घटनाएं हुई थी उनके बारे में सोच कर मेरा लोड़ा बिल्कुल खड़ा था... एक निगाह मैंने अपनी प्रियंका दीदी पर डाली... दीदी बिल्कुल सो रही थी... आश्वस्त होने के बाद मैंने अपना लौड़ा पैंट से बाहर निकाल लिया और हाथ में पकड़ के ऊपर नीचे करने लगा.. बारी बारी से मोटे मोटे लंबे काले औजार के ऊपर में रूपाली दीदी... उनका दूध पीता हुआ जुनैद.... और बड़ी बेरहमी से मेरी दीदी का गांड मारता हुआ असलम..... सारा दृश्य मेरी आंखों के सामने घूम रहा था...

बगल के कमरे से पायल की रुनझुन... चूड़ियों की खन खन.. पलंग की चरर मरर... भाभी और दीदी की खिलखिलाती हंसी.... जरूर चंदा भाभी मेरी दीदी को नंगी करके उनके ऊपर चढ़ गई होगी अपना स्ट्रैप ऑन दिलदो पहन के.. मेरे लोड़े से मलाई निकल गई.... मैंने अपनी पैंट ऊपर की और सो गया.... सुबह जब तकरीबन 8:00 बजे मेरी आंख खुली .. मेरे घर मे मेला जाने की तैयारी चल रही थी...

मेरे गांव का सबसे बड़ा मेला.... आसपास के गांव से भी बहुत सारे लोग आते थे.. इस मेले में... नहाने धोने के बाद मैं बिल्कुल तैयार हो गया था मेला जाने के लिए.....
 
दोपहर के पहले से ही मेले जाने की तैयारियां पूरी हो गई थी....

पहले एक चूड़ी वाली आयी और मेरी दोनो दीदियों और भाभी को कुहनी तक हरी-हरी चूड़ीयां पहनाई...

अच्छा ई बूझो , चुड़िहारिन ने मेरी प्रियंका दीदी की कलाई को गोल गोल मोड़ते हुए पूछा...

" हमरि तुम्हरी कब , अरे हाथ पकड़ा जब।

चीख चिल्लाहट कब , अरे आधा जाये तब।

और मजा आये कब ,.... ?

बात उनकी पूरी की चम्पा भाभी ने ,

"अरे मजा आये कब , पूरा जाए तब और क्या , आधे तीहे में का मजा।

मेरे गाल गुलाल हो गए... उनकी बात सुनकर... प्रियंका दीदी का भी वही हाल था... बगल में खड़ी मेरी मुस्कुरा रही थी मेरी रूपाली दीदी...

" अरी बिन्नो तोहरी ई ननदिया क बिल में बहुत चींटे काट रहे हैं मोटे मोटे , बहुत खुजली हो रही है , एके बात उसको सूझ रही है " चूड़ी वाली बोली.... उसने मुड़ के चंदा भाभी को देखा..

" अरे रानी एकर मतलब , चूड़ी पहिराना। पहले हाथ पकड़ना , फिर शुरू में जब घुसता है अंदर , चूड़ी जाती है रगड़ती कसी कसी तो कुछ दर्द तो होगा ही।... उसने मेरी प्रियंका दीदी को घूरते हुए कहा..

फिर जब भर हाथ चूडी हो जाती है तो कितना निक लगता है , मजा आता है , हैं की नहीं।दो दर्जन से ऊपर एक एक हाथ में , एकदम कुहनी तक ..... दीदी पर नजरें गड़ाए हुए उसने विस्तार से बताया...

और ऊपर से चम्पा भाभी बोलीं , चुड़िहारिन से ," दो दिन बाद फिर आ जाना ".

ये बात न मुझे समझ में आई न चुड़िहारिन को

लेकिन जब चम्पा भाभी ने अर्थाया तो सब लोग हँसते हँसते ,

(सिवाय मेरे , मेरे पास शर्माने के अलावा कोई रास्ता था क्या )

वो बोलीं ...

"अरे एक रात में तो दो दर्जन की एक दर्जन हो जायेगी , और कुछ खेत में टूटेगी कुछ पलंग पे ,कुछ हमरे देवर के साथ तो कुछ गांव के लड़कों के साथ... प्रियंका दीदी शर्म के मारे लाल हो गई... मेरी चंदा भाभी पूरी बेशर्मी के साथ बोल रही थी...

तब तक कामिनी भाभी भी आ गई.... मेरी चंदा भाभी की छोटी बहन... उनका ससुराल भी हमारे गांव में ही था... उम्र में दो-तीन साल छोटी होगी चंदा भाभी से... पर अदाएं उनके जैसी ही....

और मेरी प्रियंका दीदी की श्रृंगार और छेड़ने दोनों में हिस्सा बटाने लगी।

पावों में महावर और हाथों में रच-रच कर मेंहदी तो लगायी ही, नाखून भी खूब गाढ़े लाल रंगे गये, पावों में घुंघरु वाली पाजेब,

कमर में चांदी की कर्धनी पहनायी गयी मेरी प्रियंका दीदी के और रूपाली दीदी को भी....

" ननद रानी ,तुम्हारे गहनों में सबसे जोरदार यही है। ".. चंदा भाभी बोली मेरे प्रियंका दीदी को.. उनकी पैरों में चांदी की पाजेब की तरफ इशारा करते हुए....

मेरे कुछ समझ में नहीं आया , मैं हॉल में बैठा हुआ चुपचाप टीवी देख रहा था... चंदा भाभी और कामिनी भाभी की बातों को सुनकर भी अनसुना और देख कर भी अनदेखा करने का नाटक कर रहा था...

" अरे छैलों के कंधे पे चढ़ के बोलेगी ये , कभी गन्ने के खेत में तो कभी आम के बाग़ में, इसलिए सबसे पहले ये पाजेब ही पहना रही हूँ। " चंदा भाभी ने मेरी प्रियंका दीदी को पीछे से दबोच लिया और कहा. मेरा तो लंड फुल टाइट हो गया उनकी बात सुनकर..... जबकि उन्होंने ऐसी गंदी बात मेरी प्रियंका दीदी के बारे में कही थी..

कामिनी भाभी मेरी रूपाली दीदी को सजाने संवारने में लगी हुई थी... और खूब छेड़छाड़ कर रही थी... खासकर उनके दूध के साथ...
 
कहानी जारी रहेगी।अगला अपडेट जल्दी ही।

कहानी के बारेे में अपनी राय अवश्य लिखे।
 
कामिनी भाभी ने मेरी रूपाली दीदी को अपने हाथों से लाल रंग की लहंगा चोली पहनाई... मेरी दीदी के दोनों बड़े-बड़े रसीले चूचक उनकी चोली में बड़ी मुश्किल से समा रहे थे.. लहंगा भी उनकी नाभि के काफी नीचे बंधा हुआ था... इस दौरान कामिनी भाभी ने मेरी रूपाली दीदी के कामुक अंगो को खूब ... मसला खासकर उनकी गदर आई चुचियों को.. कामिनी भाभी ने मेरी रूपाली दीदी को पीछे से दबोच लिया था और पीछे से झटके दिए जा रही थी जैसे कि मर्द औरत को चोदता है... चंदा भाभी प्रियंका दीदी और बाकी सारी लड़कियां यह नजारा देखकर मुस्कुरा रही थी.. मेरे पेंट में भी तंबू बन गया था.

काले उमड़ते, घुमड़ते बादल, बारिश से भीगी मिट्टी की सोंधी-सोंधी महक, चारों ओर फैली हरी-हरी चुनरी की तरह धान के खेत, हल्की-हल्की बहती ठंडी हवा, मौसम बहुत ही मस्त हो रहा था। हरी, लाल, पीली, चुनरिया, पहने अठखेलियां करती, कजरी और मेले के गाने के तान छेड़ती, लड़कियों और औरतों के झुंड मस्त, मेले की ओर जा रहे थे, लग रहा था कि ढेर सारे इंद्रधनुष जमीन पर उतर आयें हो। और उनको छेड़ते, गाते, मस्ती करते, लम्बे, खूब तगड़े गठीले बदन के मर्द भी…

चंदा भाभी , प्रियंका दीदी, रूपाली दीदी, और कामिनी भाभी और उनके साथ गांव की लड़कियां कजरी, उसकी सहेली, गीता, पूरबी और रमा भी आ गई थीं और उनको घेरे गांव के सारे जवान तगड़े मर्द... दिनेश, सुनील, अजय, रवि और उनके दोस्त मेले की तरफ चल दिए.... मैं अपने दोस्तों के साथ उन सब के पीछे पीछे चल रहा था.... मेरे दोस्तों की निगाहें भी मेरी दीदी और भाभियों की तरफ ही ठीक हुई थी...

हम लोग हँसते खिलखिलाते मेले की ओर चल पड़े। मेले का मैदान एकदम पास आ आया था, ऊँचे-ऊँचे झूले, नौटंकी के गाने की आवाज… भीड़ एकदम बढ़ गयी थी, एक ओर थोड़ा ज्यादा ही भीड़ थी।

मेरे दोस्त ने कहा...“हे उधर से चलें…”

मैं कुछ जवाब देता हूं उसके पहले तब तक भीड़ का एक रेला आया और हम सब लोग उस संकरे रास्ते में धंस गये। मैंने अपने दोस्त का हाथ पकड़ रखा था.. हमारे आगे मेरी रूपाली दीदी ने चंदा भाभी का हाथ पकड़ रखा था और मेले में आगे बढ़ती हुई चली जा रही थी....
 
ऐसी भीड़ थी की हिलना तक मुश्किल था, तभी मेरे बगल से मर्दों का एक रेला निकला और एक ने अपने हाथ से मेरी रूपाली दीदी की चूची कसकर दबा दी। जब तक मेरी दीदी संभलती उसके पहले ही पीछे से एक धक्का आया, और एक लड़के ने मेरी दीदी की गांड के बीच धक्का देना शुरू कर दिया... मैंने बगल में चंदा भाभी की तरफ देखा तो उनको तो किसी मर्द ने पीछे से अच्छी तरह से दबोच रखा था और उनकी दोनों चुचियों को अच्छे से निचोड़ रहा था... चंदा भाभी भी जम के मजा ले रही थी..

मेरी प्रियंका दीदी और कामिनी भाभी भीड़ में आगे चली गयी थीं और उनको तो दो-दो लड़कों ने पकड़ रखा था और वो मजे से अपने जोबन मिजवा, रगड़वा रही हैं।

तभी भीड़ का एक और धक्का आया और हम उनसे छूटकर आगे बढ़ गये।

भीड़ अब और बढ़ गयी थी और गली बहुत संकरी हो गयी थी।

अबकी सामने से एक लड़के ने मेरी रूपाली दीदी की चोली पर हाथ डाला और जब तक मेरी दीदी सम्हलती, उसने दो बटन खोलकर अंदर हाथ डालकर मेरी दीदी की चूची पकड़ ली थी...पीछे से किसी के मोटे खड़े लण्ड का दबाव साफ-साफ अपने गोरे-गोरे चूतड़ों के बीच महसूस कर रही थी मेरी संस्कारी रूपाली दीदी...वह अपने हाथों से मेरी दीदी के दोनों दरारों को अलग करने की कोशिश कर रहा था और मेरी दीदी ने पैंटी तो पहनी नहीं थी, इसलिये उसके हाथ का स्पर्श सीधे-सीधे मेरी दीदी के गाण्ड पर महसूस हो रहा था। तभी एक लड़के ने मेरी रुपाली दीदी की चूत को साड़ी के ऊपर से ही रगड़ना शुरू कर दिया था। चूची दबाने के साथ उसने अब मेरी दीदी के खड़े चूचुकों को भी खींचना शुरू कर दिया था। मेरी दीदी अब मस्ती से दीवानी हुई जा रही थी... चंदा भाभी की हालत भी कुछ वैसी ही थी...

उस छोटे से रास्ते को पार करने में हम लोगों को 20-25 मिनट लग गये होंगे और मेरे रूपाली दीदी ने कम से कम 10-12 लोगों को खुलकर अपना जोबन दान दिया होगा।

बाहर निकलकर मेरी रूपाली दीदी अपनी चोली के हुक बंद कर रही थी कि कामिनी भाभी उनके पास आई और बोली - “क्यों मजा आया हार्न दबवाने में…”

बड़ी बेशर्मी से मेरे रूपाली दीदी ने जवाब दिया.... हां...

साले बहन चोद वह देख तेरी प्रियंका दीदी और चंदा भाभी गन्ने के खेत में जा रही है.. मेरे दोस्त ने मेरे कान में कहा...

अरे यार वह लोग शायद पेशाब करने जा रही होगी... मैंने उसे कहा.

बहन के लोड़े तेरी प्रियंका दीदी और चंदा भाभी गन्ने के खेत में चोदमपट्टी करने जा रही है... वह देख सुनील और अजय भी उनके पीछे-पीछे जा रहे हैं...... तुझे आना है तो आ वरना मैं तो चला तेरी प्रियंका दीदी की ठुकाई देखने.... मेरा दोस्त गन्ने के खेत में घुस गया और मैं भी उसके पीछे पीछे...

मैं और मेरा दोस्त उस जगह पर पहुंच गया गन्ने के खेत में जहां पर वह कांड हो रहा था..... हम दोनों नीचे लेट गए और सामने का नजारा देखने लगे.... हम से कुछ ही दूरी पर मेरी चंदा भाभी सुनील की गोद में बैठी हुई थी और उनके पास ही मेरी प्रियंका दीदी और अजय खड़े थे... जैसे पहरेदारी कर रहे हो...
 
सामने का नजारा अत्यंत कामोत्तेजक था... मेरी चंदा भाभी को सुनील अपनी गोद में उठा रखा था और झटके दे रहा ... भाभी की साड़ी उनकी कमर में थी उनकी पेंटी उनके घुटनों के बीच... सुनील का मोटा लोड़ा उनकी योनि के अंदर.... चंदा भाभी उछल रही थी सुनील के काले मोटे लोड़े पर.... मेरी प्रियंका दीदी और अजय दोनों आंखें फाड़ फाड़ के नजारा देख रहे थे.... मैं और मेरा दोस्त भी..... सुनील ने मेरी चंदा भाभी को नीचे जमीन पर पटक दिया और उनके ऊपर चढ़ गया.... उसने मेरी भाभी की चोली खोल उनका लहंगा ऊपर उठा दिया...सुनील ने भी अपने कपड़े उतार दिये। उफ… कित्ता गठा मस्कुलर बदन था, और जब उसने अपना… वाउ… खूब लंबा मोटा और एकदम कड़ा लण्ड… सुनील ने अपना कड़ा लण्ड एक हाथ में पकड़ा और मेरी चंदा भाभी की खुली हुई टांगों के बीच में आ गया...

उसके लण्ड का चूत पर स्पर्श होते ही चन्दा भाभी सिहर उठी और बोली- - “आज कुछ ज्यादा ही जोश में दिख रहे हो क्या मेरी ननद की याद आ रही है"

“और क्या… जब से उसे देखा है मेरी यही हालत है, एक बार दिलवा दो ना प्लीज…” सुनील अपने दोनों हाथों से मेरी चंदा भाभी के मम्मे जमकर मसल रहा था।

साले तेरी रूपाली दीदी को सुनील चोदने की कह रहा है... लगता है तेरी रूपाली दीदी को भी चंदा भाभी सुनील के लण्ड का स्वाद चख आने का प्लान बना रही है... यह साला सुनील बहुत हरामी है... बहुत बुरी तरह चोदने वाला है तेरी रूपाली दीदी को य... तेरी दीदी का सारा दूध पी जाएगा उसके बाद गांड भी मारेगा थूक लगा लगा के... मेरा दोस्त मेरे कान में बोला... पैंट के ऊपर से ही वह अपने लण्ड को मसल रहा था...

मेरी चंदा भाभी तो जोश से पागल हो रही थी.। वह चूतड़ उठाती हुई बोली-

“हां, हां… दिलवा दूंगी, चुदवा दूंगी उसको भी, पर मेरी चूत तो चोदो, नशे में पागल हुई जा रही हूं…”

सुनील ने मेरी चंदा भाभी की टांगों को उठाकर अपने कंधे पर रखा और कमर पकड़कर एक धक्के में अपना आधा लण्ड चूत में ठेल दिया। मैं अपनी आँख पर यकीन नहीं कर पा रहा था , इतनी कसी चूत और एक झटके में सिसकी लिये बिना, लण्ड घोंट गयी।

अब एक हाथ से सुनील मेरी भाभी की चूची मसल रहा था, और दूसरे से कमर कसकर पकड़े था।

थोड़ी देर में ही, चन्दा भाभी फिर सिसकियां लेने लगी- “रुक क्यों गये… डालो ना प्लीज… चोदो ना… उहुह… उह्ह्ह…”

सुनील ने एक बार फिर दोनों हाथ से कमर पकड़कर अपना लण्ड, सुपाड़े तक निकाल लिया और फिर एक धक्के में ही लगभग जड़ तक घुसेड़ दिया। अब लगा रहा था कि चन्दा भाभी को कुछ लग रहा है..

चंदा भाभी"- “उफ… उह फट गयी… लग रहा है, प्लीज, थोड़ा धीरे से एक मिनट रुक… हां हां ऐसे ही बस पेलते रहो हां, हां डालो, चोद दो मेरी चूत… चोद दो…”

मेरी चंदा भाभी और सुनील दोनों ही पूरे जोश में थे। सुनील का मोटा लण्ड किसी पिस्टन की तरह तेजी से चन्दा भाभी की चूत के अंदर-बाहर हो रहा था। चन्दा भाभी की मस्तियां देख कर मुझे ऐसा लग रहा था कि काश मेरे पास भी सुनील का ये मूसल जैसा लण्ड रहा होता…

गन्ने के खेत में मेरी चंदा भाभी और सुनील की मस्तियां देख कर मैं और मेरा दोस्त दोनों काफी गर्म हो हो चुके थे... मेरे दोस्त ने तो अपना लण्ड भी पेंट से बाहर निकाल लिया था और हाथ से पकड़ कर हिला रहा था.. मुझे शर्म आ रही थी उसकी हरकत देखकर पर मैं कुछ भी बोल नहीं पाया उसे...
 
दूसरी तरफ मेरे प्रियंका दीदी और अजय खड़े-खड़े पूरा नजारा देख रहे थे... अजय की पेंट में तो तंबू बना हुआ था... साफ पता चल रहा था कि उसकी पैंट में एक मोटा लंबा बंबू है.. उसने मेरी प्रियंका दीदी का हाथ पकड़ लिया और अपने लण्ड पर रख दिया पैंट के ऊपर से..

मेरी प्रियंका दीदी अपने मेहंदी लगे हाथ से अपने यार का लण्ड मुठिया रही थी... मेरी दीदी के हाथ में अजय का लण्ड था और उनके हाथ के ऊपर अजय का हाथ.. अजय मुस्कुरा रहा था और मेरी दीदी शर्म के मारे लाल हो गई थी... अजय ने मेरी दीदी के माथे को चुम्मा फिर उनके गालों को... फिर उसने अपने होठों को मेरी दीदी होठों पर टिका दिया और चूसने लगा... प्रियंका दीदी के होठों पर लगी हुई लिपस्टिक अजय के होठों पर भी लगने लगी.. अजय बुरी तरह चाट रहा था मेरी दीदी को... मेरी दीदी भी गर्म हो रही थी उसके लण्ड को पकड़े हुए.. दीदी ने अपनी जीभ बाहर निकाली और अजय के मुंह में डाल दिया.... रसगुल्ले की तरह चूसने लगा दीदी के जीव को वह.... जब चुंबन का दौर टूटा प्रियंका दीदी की आंखें गुलाबी हो गई थी... उनकी आंखो में वासना के लाल डोरे तैर रहे थे... अजय भी बेहद कामुक हो चुका था...

वह मेरी प्रियंका दीदी की चोली खोलने लगा... मेरी दीदी गन्ने के खेत में अपनी चोली खुलवाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी... वह आनाकानी करने लगी.....

प्लीज जानू ऐसा मत करो... समझो मेरी बात को... कोई भी देख लेगा... मत खोलो ना... कुछ तो समझो बात को... मेरी दीदी सिसक रही थी...

पर हरामजादे अजय ने मेरी प्रियंका दीदी की एक ना सुनी.. उसने मेरी दीदी की चोली को उतार कर ही दम लिया और नीचे जमीन पर फेंक दिया... मेरी दीदी ने ब्रा तो पहनी ही नहीं थी सो उनकी चूचियां खुले आसमान के नीचे आजाद हो गई... मेरी दीदी शर्म के मारे पानी पानी हो गई थी... वह अपने दोनों हाथों से अपनी दोनों चुचियों को ढकने का प्रयास कर रही थी... अजय के मुंह से लार टपक रही थी और इस नजारे को घूरते हुए मेरे दोस्त का हाथ भी अपने औजार पर तेजी से ऊपर नीचे होने लगा... अजय ने मेरी प्रियंका दीदी को कमर के ऊपर नंगा कर गया था और नीचे जमीन पर सुनील मेरी चंदा भाभी को चोद रहा था...
 
अजय मेरी प्रियंका दीदी के लहंगे के ऊपर से उनकी चूत को रगड़ने लगा.. उसकी मोटी मोटी उंगलियां मेरी दीदी की कुंवारी चूत पर कहर ढा रही थी... दीदी अपने दोनों हाथों से अपनी दोनों चुचियों को ढके खड़ी लाचारी लग रही थी.... मेरी दीदी की मजबूरी को देखते हुए आ जाएगी हिम्मत बढ़ती चली जा रही थी.. उसने मेरी प्रियंका दीदी के लहंगे के अंदर हाथ डाल दिया.. मेरी दीदी घबरा उठी और अपने एक हाथ से अजय के हाथ को पकड़ने की कोशिश करने लगी... यह उनकी सबसे बड़ी गलती थी.. अपनी योनि पर अजय के हाथ को रेंगते रोकने के प्रयास में मेरी दीदी ने अपनी एक चूची पूरी खुली छोड़ दी और अजय को मौका मिल गया... उसने मेरी दीदी की चूची को मुंह में ले लिया और चूसने लगा.... दीदी की आंखें पथरा गई..... लहंगे के भीतर अजय उनकी योनि म अपनी उंगली अंदर बाहर कर रहा था साथ ही साथ उनकी चूची को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था... दीदी की टांगें कांप रही थी खड़े-खड़े..... अजय ने मेरी दीदी के लहंगे में से अपना हाथ बाहर निकल लिया.... उसकी उंगलियां मेरी दीदी की योनि रस से गीली थी.....

साली तू तो पूरी गीली हो गई है.... दीदी की चूची से अपने मुंह को आजाद करते हुए अजय ने कहा....

नहीं जानू प्लीज ऐसा मत करो मुझे बहुत शर्म आ रही है... मेरी दीदी ने शर्माते हुए कहा.....

आज तो तेरी चूत का उद्घाटन जरूर करूंगा बहन की लोड़ी... बोलते हुए अजय न मेरी प्रियंका दीदी की चूची को काट लिया दांतो से.. मेरी दीदी सेसीआने लगी... सिसक सिसक के मेरी दीदी का बुरा हाल हो गया था... अजय ने मेरी दीदी के लहंगे क नाडा खोलना शुरू कर दिया... मेरी दीदी रोने लगी....

प्लीज जानू मैं आपके हाथ जोड़ती हूं ऐसा मत करो मेरे साथ.. दीदी रोते हुए बोलने लगी..

अजय को दया आ गई... उसने कहा- कम से कम चूस चूस के तो मेरे लण्ड का पानी निकाल दे बहन की लोड़ी रंडी कुत्तिया...

मेरी दीदी इसके लिए तैयार हो गई थी...

अजय ने बिना देर किए हुए अपनी पैंट उतार दी और मेरी प्रियंका दीदी का सर पकड़ कर उन्हें नीचे झुका दिया.... अपना 10 इंच का मोटा काला लंबा लण्ड उसने मेरी दीदी के चेहरे पर रख दिया....

मां का भोसड़ा चोदा... रंडी चूस मेरा लौड़ा........ अजय ने जबरदस्ती घुसा दिया मेरे दीदी के मुंह में अपना लण्ड... मेरी दीदी चूसने लगी....... अचानक अजय की नजर मेरे ऊपर पड़ी... मेरे बगल में लेटा हुआ मेरा दोस्त जो अपना लण्ड हिला रहा था उसको भी अजय ने देख लिया था. अजय मुस्कुराने लगा और मेरी दीदी के मुंह में धीरे-धीरे लण्ड अंदर-बाहर करने लगा...

शर्म के मारे मैं धरती में गड़ा जा रहा था.. मैं अब वहां से भाग भी नहीं सकता था क्योंकि मेरे दोस्त को पता चल जाता कि अजय ने मुझको देख लिया है.... मैंने अपने मन को तसल्ली दी कि जो भी हो मेरे होने वाले जीजु ही तो मेरी दीदी को अपना लौड़ा चूसवा रहे हैं. हर पत्नी तो अपने पति का लण्ड चुस्ती होगी.. अगर मेरी प्रियंका दीदी अपने होने वाले पति का लण्ड चूस रही है तो इसमें बुरा क्या है...

अजय का मन इतने से नहीं भरा उसने मुझे और जलील करना था..
 
उसने अपने लण्ड को मेरी प्रियंका दीदी के मुंह में पूरा डाल दीया और मेरी दीदी के मुंह को जोर जोर से चोदने लगा... मेरी दीदी के मुंह से चुपड़चुपड़ की आवाज आना शुरू हो गई...

अजय ने प्रियंका दीदी को नीचे जमीन पर लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ के उनके मुंह में कड़ा लण्ड पेल दिया.. वह पेल रहा था अपने लण्ड से मेरी दीदी के मुंह को और गंदी गंदी गालियां दिय जा रहा था...

साली रंडी छिनाल तेरे भाई के साथ तुझे चोदूंगा.... तेरे गांडू भाई के सामने मां की लोड़ी.... अजय ने मेरी तरफ देखते हुए मेरी दीदी से कहा..

प्रियंका दीदी ने अजय का लण्ड मुंह से बाहर कर दिया...

तुम कुछ भी बोलते हो... मेरे भाई को बीच में क्यों लाते हो.. वह तो बहुत शरीफ है.... जल्दी करो वरना कोई भी आ सकता है इधर.. बोलते हुए मेरी दीदी ने एक बार फिर अजय का मोटा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी..

दूसरी तरफ सुनील ने मेरी चंदा भाभी की टांगें फिर से जमीन पर कर दीं और वह उसके ऊपर लेट गया, उसका एक हाथ, चंदा भाभी के चूचुक मसल रहा था और दूसरा उसकी जांघों के बीच, शायद उसकी क्लिट मसल रहा था। चन्दा भाभी का एक चूचुक भी सुनील के मुँह में था। अब तो चन्दा भाभी चन्दा नशे में पागल होकर अपने चूतड़ पटक रही थी। उसने फिर दोनों टांगों को उसके पीठ पर फंसा लिया।

सटासट, सटासट… सुनील का मोटा लण्ड… उसकी चूत में अंदर-बाहर… चन्दा भाभी का शरीर जिस तरह से कांप रहा था उससे साफ था कि वो झड़ रही है। पर सुनील रुका नहीं, जब वह झड़ गई तब सुनील ने थोड़ी देर तक रुक-रुक कर फिर से उसके चूचुक चूसने, गाल पर चुम्मी लेना, कसकर मम्मों को मसलना रगड़ना शुरू कर दिया और चन्दा भाभी ने फिर सिसकियां भरना शुरू कर दिया। एक बार फिर सुनील ने उसकी टांगों को मोड़कर उसके चूतड़ों को पकड़ के जमके खूब कस के धक्के लगाने शुरू कर दिये।

क्या मर्द था… क्या ताकत… चन्दा भाभी एक बार और झड़ गयी। तब कहीं 20-25 मिनट के बाद वह झड़ा और देर तक झड़ता रहा। वीर्य निकलकर बहुत देर तक चन्दा भाभी के चूतड़ों पर बहता रहा। अब उसने अपना लण्ड बाहर निकाला तब भी वह आधा खड़ा था।

दूसरी मेरी प्रियंका दीदी के मुंह में अजय ने अपने लण्ड का मक्खन डाल दिया... ना चाहते हुए भी मेरी भोली भाली प्रियंका दीदी अजय के लण्ड की पूरी मलाई चाट गई.... अजय ने मेरी दीदी को मजबूर कर दिया कि वह चाट चाट के उसके लण्ड खूब अच्छी तरह साफ करें... मेरी दीदी ने बिना आनाकानी किए हुए उसकी मर्जी का पालन किया.. चंदा भाभी भी उठकर खड़ी हो गई थी... उनकी गांड पर लगी हुई मिट्टी प्रियंका दीदी ने झाड़ के साफ कर दिया....
 
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